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बिजली विभाग ने बढ़ाया नया कनेक्शन शुल्क, उपभोक्ताओं को लगा तगड़ा करंट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ऊर्जा विभाग बिजली दरों को बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है. हालांकि विभाग की इस पहल पर कोई फैसला होता, उससे पहले ऊर्जा विभाग ने नए कनेक्शन लेने वाला चार्ज बढ़ा दिया है. यानी कि दिवाली से पहले गरीबों को बड़ा झटका लगा है. यानी कि अब किसी को 1KW का कनेक्शन लेना होगा तो 1032 रुपये की जगह 6400 रुपए देने होंगे. जबकि केंद्र सरकार के निर्देश पर RDSS योजना के तहत प्रीपेड मीटर फ्री में लगने वाले थे. ऊर्जा विभाग के इस मनमाने आदेश से लाखों गरीब-मध्यम परिवार की मुसीबतें बढ़ गई हैं. 37 हजार उपभोक्ता नहीं ले पा रहे कनेक्शन वहीं ऊर्जा विभाग के फैसले को लेकर UP उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि 10 सितंबर से 1 लाख 74 हजार 878 बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन आए हैं. जिनमें से  56 हजार 251 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया गया है और 34737 आवेदन अभी विचाराधीन है. वहीं 23192 उपभोक्ताओं को पैसा देने के बाद भी कनेक्शन नहीं मिला है और बिजली कनेक्शन के 6251 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है. 37 हजार 43 लोग कनेक्शन के लिए आवेदन देने के बाद पैसे जमा नहीं कर पाए हैं. 1032 रुपये से सीधा 6400 रुपये में मिलेगा कनेक्शन प्राप्त जानकारी के मुताबिक पहले 872 रुपए के मीटर सहित 1032 रुपए में 1KW कनेक्शन मिलता था. अब 6061 रुपए के प्रीपेड मीटर समेत 1KW कनेक्शन के लिए 6400 रुपए देने होंगे. नए कनेक्शन के साथ प्रीपेड मीटर का शुल्क 6 गुना से अधिक वसूला जा रहा है. ऊर्जा विभाग ने बीते 10 सितंबर को आदेश दिया था. UP में 37 हजार गरीब 6 गुना पैसा नहीं जमा कर पा रहे हैं. बिना नियामक आयोग की अनुमति के कनेक्शन के साथ मीटर शुल्क अनिवार्य किया गया है. ‘रोकी जाए अवैध वसूली’ उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा विभाग के इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर 6061 की अवैध वसूली रोकी जाए. ऊर्चा विभाग के इस आदेश से सरकार की छवि धूमिल हो रही है. PM, CM और ऊर्जामंत्री के क्षेत्र में भी 6 गुना अधिक पैसा दे पाने में लोग असमर्थ दिख रहे हैं.  

श्यामा को मिली नई पहचान, सेंट्रिंग प्लेट के व्यवसाय से हर महीना 50 हजार की आय

आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर: रायपुर की श्यामा सिंह बनीं ‘लखपति दीदी’, बनीं कई महिलाओं की रोल मॉडल रायपु कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत नवानगर की श्रीमती श्यामा सिंह आज अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आज ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। बिहान योजना के माध्यम से लखपति दीदी श्रीमती श्यामा सिंह ने अपने जीवन में आर्थिक संबल की नई राह बनाई है।          हर बहन-बेटी अच्छी तरह जानती है कि जब वो कमाने लगती है तो कैसे उसका अधिकार बढ़ जाता है। घर-परिवार में उसका सम्मान बढ़ जाता है। जब किसी बहन की कमाई बढ़ती है तो परिवार के पास खर्च करने के लिए पैसे भी ज्यादा जुटते हैं। एक बहन का भी लखपति दीदी बनना, पूरे परिवार का भाग्य बदल रहा है।  श्रीमती श्यामा की लखपति दीदी सफर          सरगुजा जिले की श्रीमती श्यामा, विकास महिला स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं, जो महामाया आजीविका संगठन और रोशनी आजीविका संघ, दरिमा क्लस्टर के अंतर्गत कार्यरत है। वे बताती हैं कि पहले उनके पास कोई काम नहीं था, न ही स्थायी आमदनी का कोई साधन था। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला जिससे आर्थिक सशक्तिकरण की राह भी खुली। इस योजना के तहत उन्हें समूह बैठकों और प्रशिक्षण शिविरों में विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसी दौरान उन्हें सेंट्रिंग प्लेट के व्यवसाय के बारे में भी बताया गया, श्यामा ने अपने समूह से 95 हजार रुपए का ऋण लेकर 30 सेंट्रिग प्लेट के साथ व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआत में काम छोटा था, पर मेहनत और लगन से आज उन्होंने इस कार्य को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया है। श्रीमती श्यामा की हर महीने 50 हजार रुपए आमदनी          आज उनके पास पांच रूम का पूरा सेटअप जिसमें 152 सेंट्रिग प्लेट है। लखपति दीदी श्रीमती श्यामा सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृत आवासों में सेट्रिंग प्लेट किराए पर दिया जा रहा है, जिससे हर महीने लगभग उन्हें 50 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है। उनका कहना है कि पहले मेरे पास कोई भी रोजगार नहीं था। बिहान योजना से जुड़ने के बाद मुझे प्रशिक्षण मिला, आत्मविश्वास बढ़ा और मैंने खुद का काम शुरू किया। आज मैं अपने परिवार का सहारा बन चुकी हूँ। उन्हें  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में आवास की भी स्वीकृति मिली, जो कि निर्माणाधीन है, जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। महिला सशक्तिकरण मिसाल          लखपति दीदी श्रीमती श्यामा सिंह का यह सफर न केवल उनके आत्मविश्वास और मेहनत की कहानी है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की सशक्तिकरण यात्रा का सजीव उदाहरण है। बिहान योजना के माध्यम से ऐसी हजारों महिलाएं अपने गांवों में स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं, जिससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर रही है बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है।

दीपावली यात्रा के लिए हवाई किराए में 100% से अधिक की वृद्धि, बेंगलुरु-चेन्नई की वापसी भी महंगी

लखनऊ दीपावली मनाने के लिए अपने घरों को आने वाले यात्रियों की वापसी भी मुश्किल भरी होगी। दीपावली बाद मुंबई सहित सभी बड़े नगरों का विमान किराया महंगा हो गया है। सबसे अधिक मांग 26 अक्टूबर को लखनऊ से कई शहरों के विमान के टिकट की हो रही है। इस कारण लखनऊ से मुंबई का 26 अक्टूबर का विमान का किराया 25 हजार रुपये तक पहुंच गया है। दीपावली 20 अक्टूबर को है, ऐसे में 17 और 18 अक्टूबर को मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद व चेन्नई सहित कई शहरों से लखनऊ आने वाली ट्रेनें अधिक वेटिंग लिस्ट के कारण स्थिति रिग्रेट हो चुकी हैं। ट्रेनों में जगह नहीं मिलने का असर विमानों के किराए पर पड़ रहा है। इस बार विमान का किराया पिछले साल की अपेक्षा अधिक हो गया है। लखनऊ आने के बाद 26 अक्टूबर की वापसी के लिए विमानों का किराया पांच से छह गुणा महंगा हो चुका है। एयरलाइन सेक्टर के जानकारों के मुताबिक ट्रेनों में वेटिंग रिग्रेट की स्थिति के कारण विमान कंपनियों के टिकट पिछले साल की अपेक्षा 10 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं। अगले दो दिनों में इसमें और वृद्धि संभव है।   ट्रेनों से वापसी भी मुश्किल दीपावली के बाद वापसी के लिए 26 अक्टूबर की ट्रेनों में सबसे अधिक वेटिंग है। इस कारण कारपोरेट सेक्टर की ट्रेन तेजस एक्सप्रेस की एसी चेयरकार श्रेणी में लखनऊ से नई दिल्ली की वेटिंग 122 पहुंच गई है। इसी तरह वंदे भारत एक्सप्रेस की एसी चेयरकार की वेटिंग 138, शताब्दी एक्सप्रेस में 164 तक हो गई है। आनंद विहार डबल डेकर की वेटिंग 89 और गोमती एक्सप्रेस की सेकेंड सीटिंग क्लास में वेटिंग 85 है।   गोमतीनगर पनवेल में सीटें खाली रेलवे 25 अक्टूबर को लखनऊ से पनवेल के लिए स्पेशल ट्रेन चलाएगा। ट्रेन नंबर 05037 गोमतीनगर से 25 अक्टूबर को सुबह 5:25 बजे छूटेगी। इस ट्रेन में 25 अक्टूबर को स्लीपर में 339, एसी थर्ड में 454 और एसी सेकेंड में 55 सीटें खाली हैँ।  

विदेश जाने से पहले हरियाणा के नेताओं को करना होगा ये खास काम, प्रशासन ने कसा पहरा

हरियाणा हरियाणा सरकार ने मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश दौरों को लेकर नई आचार संहिता जारी की है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों और विधायकों की विदेश यात्राओं के संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अतिरिक्त अब वित्त विभाग से पूर्व में वित्तीय स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। नए नियम ग्रुप ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ के सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ हरियाणा से जुड़े अखिल भारतीय सेवा (आईएएस, आईपीएस, आईएफएस आदि) अधिकारियों पर भी लागू होंगे। वित्त विभाग के अनुसार, अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में केवल एक आधिकारिक और एक निजी विदेश यात्रा की अनुमति मिलेगी। दोनों यात्राओं की कुल अवधि तीन सप्ताह से अधिक नहीं हो सकेगी।   सरकारी खर्च पर विदेश दौरे के प्रस्तावों को संबंधित विभाग ‘चेकलिस्ट’ के साथ मुख्यमंत्री की स्वीकृति प्राप्त कर वित्त विभाग (एफआर शाखा) को भेजेगा। विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विदेश यात्रा भत्ता हेतु बजट का पर्याप्त प्रावधान मौजूद है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी स्वयं के व्यय पर विदेश यात्रा करना चाहता है, तो उसे भी हर वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक निजी यात्रा की अनुमति मिलेगी। प्रस्तावों को संबंधित अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित ‘चेक-लिस्ट’ के साथ मुख्यमंत्री की स्वीकृति प्राप्त कर वित्त विभाग को भेजना अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि विदेश यात्रा भत्ता हेतु बजट का पर्याप्त प्रविधान विभाग के पास उपलब्ध है। हरियाणा के वित्त सचिव के नाते मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विदेश दौरों के संबंध में नई आचार संहिता जारी की है। नये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और पूर्व में सभी आदेशों को निरस्त समझा जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी नये निर्देश ग्रुप ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ एवं ‘डी’ के सरकारी कर्मचारियों के साथ ही हरियाणा से जुड़े अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों पर भी लागू होंगे। व्यक्तिगत कारणों से स्वयं के व्यय पर विदेश यात्रा के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में केवल एक निजी यात्रा की अनुमति दी जाएगी।   इस स्थिति में उस देश का नाम अनुमोदन पत्र में स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा, जहां की यात्रा की जानी है। यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध अपराध से जुड़ा कोई मामला लंबित है या मुख्य दंड हेतु आरोप पत्र जारी किया गया है, तो ऐसे मामलों में अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से कहा गया है कि यदि निजी यात्रा का खर्च सरकारी विभाग से जुड़ी किसी निजी संस्था द्वारा वहन किया जा रहा है तो अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी परिस्थिति में विदेश यात्रा के लिए एक्स-पोस्ट फैक्टो अप्रूवल प्रदान नहीं की जाएगी। बिना पूर्व अनुमति के विदेश जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, विदेश में रहने के दौरान अधिकारी-कर्मचारी को बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी प्रकार का कार्य (नौकरी) करने या निर्धारित अवधि से अधिक रुकने की अनुमति नहीं होगी। हरियाणा सरकार ने कहा है कि जहां कार्यभार सौंपने या ग्रहण करने की व्यवस्था लागू है, वहां अधिकारी-कर्मचारी को विदेश जाने से पूर्व अपना कार्यभार अपने वैकल्पिक अधिकारी-कर्मचारी को सौंपना होगा। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विभाग द्वारा हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम 2016 के अंतर्गत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन दिशा-निर्देशों की व्याख्या, संशोधन या इनमें का अधिकार केवल वित्त विभाग (एफआर शाखा) के पास रहेगा।

कोहरे के कारण 66 दिन तक नहीं चलेगी सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों को झटका

रायपुर  उत्तर भारत में ठंड के मौसम में घने कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस को तीन महीनों में कुल 66 दिन रद्द करने का फैसला लिया है।यह ट्रेन 1 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक अलग-अलग तिथियों में दोनों दिशाओं से नहीं चलेगी। इससे प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाले यात्रियों की यात्राएं प्रभावित होंगी, क्योंकि यह ट्रेन उन मार्गों की प्रमुख कनेक्टिविटी मानी जाती है। उत्तर पूर्व रेलवे ने 15159 (छपरा-दुर्ग) और 15160 (दुर्ग-छपरा) सारनाथ एक्सप्रेस की सेवाएं कोहरे के पूर्वानुमान के आधार पर स्थगित करने का निर्णय लिया है। निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में यह ट्रेन सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलती रहेगी। इन तारीखों पर नहीं चलेगी ट्रेन छपरा से दुर्ग आने वाली सारनाथ एक्सप्रेस (15159) – दिसंबर: 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 – जनवरी: 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 – फरवरी: 2, 4, 7, 9, 11, 14 दुर्ग से छपरा जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस (15160) – दिसंबर: 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 – जनवरी: 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 – फरवरी: 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15 रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा की योजना बनाते समय इन तिथियों की जांच अवश्य करें। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ट्रेनों की बुकिंग समय पर करा लें, ताकि यात्रा में बाधा न आए।

दीपावली स्पेशल: मुरादाबाद में जगमगाहट का अनोखा नजारा, ड्रोन और लाखों दीपों के साथ

मुरादाबाद  अयोध्या की भव्य दीपावली की तर्ज पर अब मुरादाबाद भी रोशनी और भव्यता से जगमगाने जा रहा है. नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि दीपावली, छठ पूजा और देव दीपावली को लेकर नगर निगम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सजावट के विशेष प्रबंध किए गए हैं. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में चल रहे विकास कार्यों को भी दुरुस्त कर दिया गया है, ताकि त्योहार के दौरान कोई दिक्कत न हो. सदन से भावदीप उत्सव प्रस्ताव पारित होने के बाद मुरादाबाद में दीपावली इस बार ऐतिहासिक रूप से मनाई जाएगी. बुद्धि विहार मैदान में 11 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है, जो मुरादाबाद को प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल करेगा. इसके साथ ही 1,500 ड्रोन के भव्य शो से आकाश में अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा. अयोध्या की तरह मुरादाबाद में भी धार्मिक और सांस्कृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम दिखाई देगा. शहर के छह प्रमुख स्थानों पर फूलों से बने धार्मिक मॉडल लोगों को आकर्षित करेंगे. नगर आयुक्त ने कहा कि मुरादाबाद की यह दीपावली न सिर्फ रोशनी का पर्व होगी, बल्कि शहर की संस्कृति, सौंदर्य और एकता का प्रतीक भी बनेगी. गली-मोहल्लों तक सफाई अभियान नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि दीपावली, छठ पूजा और देव दीपावली के पर्व को देखते हुए नगर निगम द्वारा शहर में सफाई और प्रकाश व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया है. मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक सफाई अभियान चलाया गया है. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए स्मार्ट लाइट, फव्वारों और डेकोरेटिव पोलों की मरम्मत और सजावट का कार्य पूरा कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस बार मुरादाबाद की दीपावली अयोध्या की दीपोत्सव परंपरा से प्रेरित होगी. सदन से पारित भावदीप उत्सव योजना के तहत बुद्धि विहार मैदान में 11 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है. नगर निगम और जिला प्रशासन मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं. आयोजन स्थल पर सफाई, सुरक्षा, यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं.   दिखेगी राम की अयोध्या वापसी की कथा आयुक्त ने बताया कि इस दीपोत्सव में तकनीक और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. 1,500 ड्रोन के माध्यम से आसमान में प्रकाश का शानदार शो प्रस्तुत किया जाएगा, जो भगवान राम की अयोध्या वापसी की कथा और मुरादाबाद की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगा. यह ड्रोन शो शहरवासियों के लिए पहली बार का अनुभव होगा. इसके अलावा मुरादाबाद में छह प्रमुख स्थानों पर फूलों से भव्य धार्मिक मॉडल बनाए जा रहे हैं. इन मॉडलों में भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप आकर्षण का केंद्र होंगे. नगर निगम द्वारा प्रमुख चौराहों, पार्कों और धार्मिक स्थलों पर रंगीन लाइटें और झूमर लगाए जा रहे हैं, ताकि पूरा शहर रोशनी से नहा सके. नगर आयुक्त ने अपील की कि सभी नागरिक इस पर्व को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद की दीपावली इस बार न केवल रोशनी और खुशियों का पर्व होगी, बल्कि यह शहर की संस्कृति, स्वच्छता और सौंदर्य का प्रतीक भी बनेगी. अयोध्या की तरह अब मुरादाबाद भी जगमग रोशनी से इतिहास रचने को तैयार है.  

राजस्थान का तापमान हाल: दिन का पारा बढ़ा, रात में ठंडक, बाड़मेर और सीकर के रंग फरक

जयपुर राजस्थान में इन दिनों मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दिन के तापमान में जहां मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं रात में हल्की सर्दी का अहसास अब भी बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहा और दिन भर धूप खिली रही, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य का सबसे गर्म इलाका बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जैसलमेर में भी तेज गर्मी महसूस की गई और यहां अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बीकानेर में भी पारा 35 से 36 डिग्री के बीच रहा, जिससे दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस हुआ। हालांकि, दिन की गर्मी के बाद भी रात के समय मौसम में ठंडक बनी हुई है। खासकर शेखावाटी अंचल के शहरों में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। सीकर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जालोर में यह 14.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। दिन में तेज धूप और गर्मी बनी रहेगी, जबकि रात में हल्की ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। तापमान में यह उतार-चढ़ाव अक्टूबर महीने के अंत तक जारी रहने की संभावना है।

सेमरा में 23-24 अक्टूबर को जिला स्तरीय पशु-पक्षी प्रदर्शनी और प्रतियोगिता का आयोजन

गौरेला पेंड्रा मरवाही पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के सौजन्य से जिला स्तरीय पशु पक्षी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन ग्राम सेमरा में स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास 23 और 24 अक्टूबर को सुबह समय 10 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। प्रतियोगिता में सभी कृषको एवं पशुपालको से आग्रह किया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। 23 अक्टूबर को प्रदर्शनी का उद्घाटन, वतस्य एवं कृषकों से परिचर्चा होगी। 24 अक्टूबर को विभिन्न प्रजाति, नस्ल, आयु समूह तथा उपयोगिता आधारित पशु पक्षी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दुधारू गाय भैंस प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, उन्नत बछिया प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, स्वस्थ बछड़ा बछिया प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, सांड प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, बैल भैंस प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, मुर्गी बतख, जापानी बटेर पक्षी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, उन्नत बकरा बकरी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, उन्नत सूकर प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता और विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार  विजेताओं को वितरण किया जाएगा।

गोवर्धन पर्व: प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और समग्र विकास का पर्व – डॉ. मोहन यादव

गोवर्धन पर्वः प्रकृति से सह-अस्तित्व और समग्र विकास का उत्सव डॉ. मोहन यादव भोपाल आप सभी को दीपोत्सव, गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव की शुभकामनाएं और बधाई… दीपावली के उत्सव की श्रृंखला में आरोग्य, आर्थिक समृद्धि, परिवार एवं समाज समन्वय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश है। दीपावली के अगले दिन होने वाला गोवर्धन पर्व प्रकृति, पर्वत और गौ-वंश संरक्षण की भारतीय प्राचीन परंपरा का प्रतीक है। इस परंपरा का साक्षात दर्शन हमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण करने से मिलता है। मानवता की रक्षा के इसी पावन स्मृति में गोवर्धन पूजन किया जाता है। इस पर्व में गौ-धन के संवर्धन की प्रेरणा है जो भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें भारतीय समाज की वह जीवनदृष्टि समाहित है, जिसमें प्रकृति, पशु, मनुष्य और देवत्व का संतुलन देखने को मिलता है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हम प्रदेशभर में गोवर्धन पर्व का आयोजन कर रहे हैं। यह पर्व सभी जिलों में लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जा रहा है। आयोजन में पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नवाचार करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया जायेगा। इस अवसर पर पशुपालन, कृषि और सहकारिता विभाग की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ लोगों को जोड़ने और ग्रामीण आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन और वृंदावन ग्राम योजना के विस्तार की गतिविधियों का संचालन शुरू किया गया है। हमारे पर्व-परंपराओं में प्रकृति से सह-अस्तित्व और समग्र विकास का भाव है। इसी कड़ी में गोवर्धन पर्व प्रकृति और प्राणियों के बीच समन्वय और संरक्षण से जुड़ा है। इस दिन गोबर से पर्वत का प्रतीक बनाकर उसकी पूजा की जाती है। पर्वत का प्राकृतिक संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान है। पर्वत जल संरक्षण, संवर्धन और ऋतुओं के संतुलन का समन्वय करते हैं। इससे नदी, तालाब तथा अन्य जलस्रोत सुरक्षित रहते हैं। गोवर्धन पूजन में पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संकल्प भी है। हमारा प्रयास है कि इस पर्व के माध्यम से प्रकृति और पशुधन का महत्व नई पीढ़ी तक पहुंचे। मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ गौ-वंश से समृद्ध है। गौ-माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। हमने वर्ष 2024-25 को गौ-संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया। हम पशुपालक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रयासरत हैं। देश के दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत मध्यप्रदेश में होता है इसे 20 प्रतिशत तक करना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश के गांव-गांव में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत घर-घर जाकर पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के टीकाकरण, स्वास्थ्य रक्षा, संतुलित पशु आहार, पशु पोषण आदि के बारे में तकनीकी और व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है। इन सभी प्रयासों से हम मध्यप्रदेश को दुग्ध केपिटल बनायेंगे। मुझे इस बात का संतोष है कि मध्यप्रदेश सरकार गौ-पालन, गौ-संवर्धन के लिए संकल्पित है। हमने गौ-शालाओं के लिए अनुदान को 20 रुपये प्रति गौ-वंश प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौ-वंश प्रतिदिन किया है। गौ-वंश के भरण-पोषण के लिए दो वर्ष पहले बजट 90 करोड़ रुपये था, जिसे 250 करोड़ रुपये किया गया और अब यह राशि बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ग्वालियर में देश की पहली आधुनिक और आत्मनिर्भर गौ-शाला परिसर में कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्र की स्थापना की गई है। प्रदेश में नवीन गौ-शालाओं का निर्माण, प्रति गाय अनुदान राशि बढ़ाने, गौ-उत्पादकों को प्रोत्साहन, गोबर से सीएनजी निर्मित करने वाले आधुनिक प्लांट की स्थापना तथा नेशनल डेयरी विकास बोर्ड के साथ करार जैसे नवाचार किये गये हैं। हमारे लिए खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश में किसानों और पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिये 2900 गौ-शालाएं हैं। मुख्यमंत्री गौ-सेवा योजना के अंतर्गत 2203 गौ-शालाओंका संचालन हो रहा है। विगत एक वर्ष में एक हजार से अधिक नवीन गौ-शालाएं प्रारंभ की गई हैं। गौ-वंश के आश्रय एवं भरण-पोषण के लिए नगर पालिक निगम ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में गौ-शालाएं खोली गई हैं। भोपाल में 69.18 एकड़ भूमि पर 10 हजार गौ-वंश क्षमता की गौ-शाला का निर्माण किया जा रहा है। गौ-अभयारण्य अनुसंधान एवं उत्पादन केन्द्र, सालरिया, जिला आगर-मालवा में वर्तमान में 6500 गौ-वंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गौ-वंश का संवर्धन दुग्ध उत्पादन से रोज़गार और स्वरोज़गार का बड़ा स्रोत होगा। महिलाओं की आत्मनिर्भरता में भी दुग्ध व्यवसाय का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में जिस तरह खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिये किसानों को प्रोत्साहित किया गया और हमारे किसान भाइयों ने उपज का भंडार भर दिया, उसी तरह दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे प्रदेश में गौ-वंश पालन बढ़ेगा, कृषि की पारंपरिक व्यवस्था को आधार प्राप्त होगा और प्राकृतिक खेती को सहयोग मिलेगा। रसायन रहित पौष्टिक अन्न तथा अन्य वस्तुओं का उत्पादन जहां स्वास्थ्य के लिये लाभदायी होगा, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गौ-संवर्धन रोज़गार सृजन के साथ समाज को सांस्कृतिक मजबूती प्रदान करता है और सु-संस्कृत, स्वस्थ और सबल समाज का निर्माण करता है, जिससे सतत और समर्थ अर्थव्यवस्था का विकास संभव है। यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि यहां विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत की विपुल वन संपदा है। प्रदेश की समृद्धि और आत्मनिर्भरता पर्वतों और गौ-वंश के संरक्षण से जुड़ी है, जो मध्यप्रदेश और देश की प्रगति का आधार है। मुझे प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार गौ-सेवा, जैविक कृषि और दुग्ध उत्पादन से ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। गोवर्धन पर्व के अवसर पर मेरा प्रदेश की जनता से आग्रह है कि हम सब मिलकर गोवर्धन पर्व-परंपरा के संकल्प को आत्मसात करें और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सहभागी बनें।    

दीपावली के दिन भी नहीं मिली राहत, जेल से छूटते ही अनूप शुक्ला को गिरफ्तार किया गया

कानपुर दीपावली के एक दिन पहले जेल से बाहर आए अनूप शुक्ला को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। तीन माह पूर्व रंगदारी के मामले में जेल गए दीनू गैंग के सदस्य अधिवक्ता अनूप शुक्ला को रविवार को नौबस्ता पुलिस ने जेल से छूटते ही फिर से गिरफ्तार कर लिया। नौबस्ता पुलिस ने यह कार्रवाई कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी,धमकाने और रंगदारी के मामले में की है। आरोपित अधिवक्ता ने मामले में कोर्ट में पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर किया था। सीसामऊ से रंगदारी के मुकदमे में फरार चल रहे अधिवक्ता अनूप शुक्ला के घर की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 20 अगस्त को कुर्की की थी। इस दौरान पुलिस को चकमा देकर अधिवक्ता ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया गया जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। रविवार सुबह करीब आठ बजे अधिवक्ता अनूप शुक्ला को जेल से जैसे ही रिहा किया गया नौबस्ता पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी,धमकाने और रंगदारी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपित अधिवक्ता को जेल गेट से गिरफ्तार किया गया है उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएग।