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कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में CM विष्णु देव साय का सख्त संदेश — जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

राज्य एवं केन्द्र शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए प्रभारी सचिवों और संभागीय आयुक्तों को योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया।  बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग  हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।  मुख्यमंत्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में  सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए। उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों  के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

बिहार चुनाव 2025: एनडीए ने सीट बंटवारा किया, जानें किसे कितनी मिली सीटें

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे का ऐलान हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी ने 101-101 बराबर सीटें अपने पास रखी हैं। वहीं, चिराग पासवान की लोजपा रामविलास को 29 सीटें मिली हैं। उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6 और जीतनराम मांझी की हम (हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा) को भी 6 सीटें मिली हैं। एनडीए में कई राउंड की बैठकों के बाद यह फॉर्मूला निकला है। एनडीए में सीट शेयरिंग फॉर्मूला की घोषणा साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं हुई बल्कि गठबंधन के नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत अन्य नेताओं ने रविवार को ट्वीट कर सीट बंटवारे का आंकड़ा साझा किया। बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग होने के बाद अब घटक दलों की कैंडिडेट लिस्ट आना शुरू हो जाएगी। भाजपा में उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं, रविवार शाम को दिल्ली में हो रही पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर मुहर लगा दी जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में भी कैंडिडेट फाइनल हो चुके हैं। लोजपा (रामविलास) ने भी कल कहा था कि एनडीए में सीट बंटवारा होने के बाद चिराग पासवान कैंडिडेट लिस्ट जारी कर देंगे। कोई बड़ा भाई, कोई छोटा भाई नहीं? पहले कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश की जेडीयू, भाजपा से एक सीट ज्यादा अपने पास रखेगी। मगर दोनों ही दलों ने बराबर सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। दोनों ने साफ संदेश दिया है कि गठबंधन में छोटा या बड़ा भाई फिलहाल कोई नहीं है। फिलहाल एनडीए में कौन-सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी यह ऐलान हुआ है। अब घटक दलों के द्वारा लड़ी जाने वालीं सीटों के नामों का इंतजार है। बता दें कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा का चुनाव दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। दोनों चरणों के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे, नामांकन की प्रक्रिया चल ही है।  

अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने बताया- मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए हैं सर्वाधिक अनुकूल वातावरण

म.प्र. बन गया है उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य भोपाल  मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन पर्यटन की संभावनाओं पर केंद्रित पहले पैनल डिस्कशन में “मध्यप्रदेश: हिडन जेम से ग्लोबल आइकन तक” विषय पर विशेषज्ञों ने माना कि म.प्र. उत्कृष्ट पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ा है। इस सत्र में राज्य की धरोहर, वन्य जीवन, इको-टूरिज्म और उत्सवों पर विचार साझा किए। अपर मुख्य सचिव, पर्यटन व संस्कृति एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य एक ऐसे सशक्त और गतिशील इकोसिस्टम को विकसित करना है जो पर्यटन और व्यापार को एकीकृत करे और ‘फ्रॉम हिडन जेम टू ग्लोबल आइकॉन’ की थीम को साकार रूप दे। राज्य अब एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित हो चुका है, जो विरासत, वन्यजीव, संस्कृति और आतिथ्य के अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। नई नीतिगत रूपरेखा के माध्यम से हम हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की नींव को और मजबूत कर रहे हैं तथा विभिन्न विभागों और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है, इससे निवेशकों और प्रदेश दोनों को समान रूप से लाभ मिल सकेगा। श्री शुक्ला ने बताया कि दो दिनों में एमपीटीएम में लगभग 4 हजार बी-2-बी बैठकें निर्धारित की गई हैं, जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों के मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाती हैं। यह व्यापक सहभागिता राज्य की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है। मध्य प्रदेश निवेश, सहयोग और अनुभवात्मक पर्यटन के लिए तेजी से पसंदीदा स्थल बन रहा है। इस सफलता से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपीटीएम को एक वार्षिक मंच के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है, जहाँ पर्यटन क्षेत्र में निरंतर संवाद, साझेदारी और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।” एयर इंडिया लिमिटेड के हेड ऑफ सेल्स श्री मनीष पुरी ने कहा कि एयर इंडिया सक्रिय रूप से अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और टियर-3 शहरों को जोड़ने के लिए काम कर रही है, जिससे पूरे भारत में निर्बाध यात्रा अनुभव उपलब्ध हो सकें। मध्यप्रदेश के पास जितनी विविध संभावनाएँ हैं, बेहतर कनेक्टिविटी उसके पर्यटन की क्षमता को पूर्ण रूप से उजागर करने और देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कमर्शियल, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री परवीन चंदर कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ हमारी यात्रा को तीन शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है — दृष्टि, संबंध और क्रियान्वयन। आईएचसीएल ने भारत का पहला लग्ज़री सफारी अनुभव यहीं मध्यप्रदेश में स्थापित किया, जो राज्य की पर्यटन क्षमता और आकर्षण का सशक्त उदाहरण है। आज हमारे पास राज्य में नौ संचालित होटल हैं और आठ अन्य निर्माणाधीन हैं। भारत के हृदय में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और वन्यजीव, विरासत, आध्यात्मिकता और संस्कृति जैसे अद्भुत अनुभवों की विविधता प्रदान करता है। सेरेनडिपिटी लेक्स एंड रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. सुश्रुत सुधीर बाबुलकर ने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसे मॉडल का अनुसरण करता है, जहाँ समुदाय विकास उसके प्रयासों का केंद्र है। यही साझा दृष्टिकोण सेरेनडिपिटी और मध्यप्रदेश के बीच एक स्वाभाविक और संभावनाशील सहयोग को जन्म देता है। सभी के सहयोग से स्थानीय क्षमताओं को सुदृढ़ करना, आजीविका बढ़ाना और राज्य के समावेशी विकास में योगदान देना ही हमारा उद्ददेश्य है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के अध्यक्ष श्री रवि गोसाईं ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पिछले कई दशकों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भागीदारी से अपनी मजबूत पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट एक सराहनीय पहल है। विदेशी टूर ऑपरेटर्स को आमंत्रित करना वैश्विक साझेदारियों को और सशक्त करेगा तथा राज्य की पहचान को एक विश्वस्तरीय पर्यटन के रूप में और मजबूत बनाएगा।” एमपी इकोटूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एल. कृष्णमूर्ति ने कहा कि मध्यप्रदेश को भारत का ‘वाइल्डलाइफ स्टेट’ कहा जाता है, जहाँ संरक्षण, सुरक्षा और समुदाय की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। टाइगर रिज़र्व्स और सफारी से प्राप्त राजस्व को पुनः वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास में लगाया जाता है। राज्य ने सफारी के साथ ट्रेकिंग, कयाकिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियाँ भी शुरू की हैं, जिससे पर्यटकों को विविध अनुभव मिल रहे हैं। द पोस्टकार्ड होटल के सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अनिरुद्ध कांडपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश का वन्यजीवन वास्तव में अद्वितीय है। एक लग्ज़री हॉस्पिटैलिटी ब्रांड के रूप में द पोस्टकार्ड होटल राज्य में अल्ट्रा-लक्ज़री वाइल्डलाइफ लॉज स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिसकी शुरुआत कान्हा और पेंच से होगी। यात्रा डॉट कॉम के हेड – होटल्स श्री राकेश कुमार राणा ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी पर्यटन आकर्षणों चाहे वह वन्यजीव, संस्कृति, विरासत या आध्यात्मिक अनुभव हों, इसके लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म सबसे बेहतर विकल्प है। इससे यात्रियों के लिए राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं को एक स्थान से आसानी से खोज पाना संभव होगा।”  

महिलाओं के लिए राहत! लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त जारी, जानें अगली किस्त का नया लाभ

श्योपुर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने श्योपुर से लाड़ली बहना योजना को तहत प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख महिलाओं के खातों में 1541 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए है। योजना की 29वीं किस्त के तहत लाड़ली बहनों को 1250 रुपए के हिसाब पैसे मिले हैं। सीएम ने ऐलान किया कि आज के बाद से मतलब आने वाली किस्त 1500 रुपए की होगी। सीएम ने कहा कि बहनों के लिए सरकार के पास पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कहती थी ये योजना बंद हो जाएगी। हम पैसे दे रहे हैं, कांग्रेस वालों आंखें हो तो देख लो। सीएम ने इसके अलावा 532 करोड़ 39 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया है। सीएम ने कहा कि चीता प्रोजेक्ट हर जगह फेल हुआ है, लेकिन श्योपुर में सफल रहा है। सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार में 32 मेडिकल कॉलेज बने हैं। सिर्फ एक साल में 8 मेडिकल कॉलेज खुले हैं। जल्द ही, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज श्योपुर में बनाए जाएंगे। जयस्तंभ चौक पर भाजपा के पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने सीएम का स्वागत किया। जयस्तंभ चौक पर भाजपा के पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने सीएम का स्वागत किया। ये घोषणा भी की…     सालापुर से मातासूला तक सड़क बनेगी।     ढोढर के कॉलेज विज्ञान और गणित की कक्षाएं प्रारंभ होंगी।     श्योपुर में ट्रांसपोर्ट नगर बनेगा।     सीप नदी और कनवा नदी के घाटाें का सौंदर्यीकरण होगा।     ढोढर में सांदीपनी स्कूल बनेगा। रोड शो में सीएम यादव ने लहराई गदा इससे पहले, सीएम ने रोड शो किया। इस दौरान नगरपालिका कार्यालय पर लोगों ने उन्हें गदा भेंट की। सीएम ने गदा लहराई। मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की। सीएम का हेलिकॉप्टर स्टेडियम ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर उतरा। यहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने अगवानी की। मुख्य कार्यक्रम हजारेश्वर महादेव मेला ग्राउंड में आयोजित किया गया।  

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के बी-2-बी इवेंट और प्रदर्शनी का मुख्य सचिव जैन ने किया शुभारंभ

ग्रामीण परिवेश के होमस्टे संचालकों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय टूर और ट्रैवल ऑपरेटर के साथ संवाद और बिजनेस अवसर उपलब्ध कराना सराहनीय ग्रामीण पर्यटन और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने आज एमवीएम ग्राउंड में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में आयोजित बी-2-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) इवेंट एवं प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ किया। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करना है। साथ ही मुख्य सचिव श्री जैन ने मध्यप्रदेश पर्यटन के पेवेलियन और प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन की जीवंत प्रदर्शनी "विलेज वाइब्स" का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रख्यात अभिनेता श्री रघुवीर यादव तथा अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदेश के स्थानीय ग्रामीण परिवेश को जीवंत प्रदर्शनी "विलेज वाइब्स" के माध्यम से प्रदर्शित करने पर प्रशंसा की। उन्होंने महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षित बालिकाओं से संवाद किया। साथ ही ग्रामीण किचन की प्रतिरूप "मां की रसोई", ब्लॉक प्रिटिंग, सुविनियर शॉप, चंदेरी साड़ी वीविंग, लाइव गोंड पेंटिंग के लाइव डेमो का अवलोकन किया। मुख्य सचिव श्री जैन का परंपरागत ढोल और बांसुरी बजाकर स्वागत किया गया।  मुख्य सचिव श्री जैन ने बी-2-बी इवेंट में विशेष रूप से स्थान दिए गए प्रदेश के ग्रामीण होमस्टे संचालकों से मिले। ग्रामीण परिवेश के होमस्टे संचालकों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय टूर और ट्रैवल ऑपरेटर के साथ संवाद और बिजनेस अवसर उपलब्ध कराने की सराहना की। वनराज होमस्टे, पलाश विला पेंच, ज्यांशी होमस्टे, वेदिका हिल होमस्टे और ग्रैंड नर्मदा होमस्टे सहित विभिन्न होमस्टे संचालकों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उनके सुविनियर उत्पाद देखे और प्रयासों की प्रशंसा की।  मुख्य सचिव श्री जैन ने विदेशी और भारतीय टूर ऑपरेटरों, होटल प्रतिनिधियों और निवेशकों से मुलाकात कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्हें मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में आने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए आग्रह भी किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदर्शनियों और स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं प्रतिभागियों से संवाद करते हुए  प्रदेश की नई पर्यटन नीति, निवेश के अवसरों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। इस अवसर पर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैया राजा टी, अपर प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय और डोमेस्टिक टूर, ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर उपस्थित रहें। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का बी-2-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) इवेंट एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मंच है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के टूर ऑपरेटर्स, होटल मालिकों (विक्रेता) को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ट्रैवल एजेंटों (खरीदार) से सीधे जोड़ना है। इस इवेंट में पूर्व-निर्धारित बैठकों के माध्यम से व्यापारिक समझौते और साझेदारियां की जाती हैं। यह राज्य के विविध पर्यटन स्थलों, जैसे वन्य जीव, विरासत और नए गंतव्यों को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है, जिससे खरीदार आकर्षक टूर पैकेज बना सकें। इसका लक्ष्य राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है।  

24 घंटे तक सुरंग में छिपे रहे चोर: खदान से केबल चोरी की कोशिश नाकाम, 6 आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल कुम्दा सहक्षेत्र स्थित अंडरग्राउंड माइंस में केबल चोरी करते हुए छह आरोपी पकड़े गए हैं. चोरी की भनक लगने पर सुरक्षा कर्मियों ने बाहर निकलने के रास्ते को बंद कर दिया, जिसके बाद सभी आरोपी करीब 24 घंटे तक सुरंग के अंदर ही फंसे रहे. बताया जा रहा है कि इस दौरान चोरों ने सुरक्षा अधिकारी पर हमला करने की भी कोशिश की. दरअसल, सुरक्षा अधिकारी को सूचना मिली कि अंडरग्राउंड कोयले की माइंस के अंदर कई लोग चोरी करने की इरादे से घुसे हुए हैं. जिसके बाद सिक्योरिटी विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर माइंस के अंदर जाने वाले रास्ते को जाली लगाकर बंद कर दिया. सुरक्षा अधिकारी और त्रिपुरा राइफल के जवानों ने चोरों का ढूंढना शुरू किया. जिन्हें देखते ही चोर भागने लगे, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया. सुरक्षा अधिकारी पर कुल्हाड़ी से किया हमला चोरों ने भागने निकलने की कोशिश में सरक्षा अधिकारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया. हालांकि सुरक्षा अधिकारी बाल बाल बचे. इसके बाद सभी चोरों को पुलिस के हवाले कर दिया गया. आरोपियों के पास से हथियार और लाखों रुपए मूल्य का केबल तार बरामद किया गया.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से काष्ठ मूर्ति कलाकार विश्वकर्मा ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री को भेंट की कलाकृति मुख्यमंत्री ने की श्री विश्वकर्मा को पुरस्कार स्वरूप में एक लाख रूपये दिये जाने की घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी श्री बुद्धसेन विश्वकर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को श्री विश्वकर्मा ने स्व-निर्मित काष्ठ कलाकृति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री विश्वकर्मा की कलाकृति का बारीकी से अवलोकन किया और उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने श्री विश्वकर्मा को पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उल्लेखनीय है कि श्री बुद्धसेन विश्वकर्मा द्वारा पारम्परिक लकड़ी की नक्काशी से एक मनोरम चित्र तैयार किया गया है, जिसे "हस्तकला नक्काशी" या "लकड़ी की मूर्तिकला" कहा जाता है। यह काष्ठ शिल्पकला किसी सांस्कृतिक या धार्मिक दृश्य को दर्शाती है, जिसमें नृत्य की विभिन्न भाव-भंगिमाओं या पौराणिक चरित्रों का सुंदर चित्रण किया जाता है।  

ड्रग विभाग ने Gwalior में मारा छापा, नोटिस के साथ कई दुकानदारों पर लगी शिकंजा

ग्वालियर कोल्ड्रिफ सिरप और अन्य प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम कसने के लिए औषधि विभाग की कार्रवाई जारी है। शनिवार को औषधि निरीक्षक अनुभूति शर्मा ने सचिन तेंदुलकर मार्ग, हुरावली रोड और पटेल नगर इलाके की मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण औषधि निरीक्षक शर्मा ने गणेश मेडिकल स्टोर्स सचिन तेंदुलकर मार्ग, कल्पना मेडिकल स्टोर्स, शिव मेडिकल स्टोर्स हुरावली रोड, तस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड व ओम एंटरप्राइज़ेस पटेल नगर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ड्रग सेल लाइसेंस की वैधता, एक्सपायर दवाओं का प्रबंधन, कोल्ड्रिफ़ सिरप व अन्य प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता, दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की उपस्थिति की जांच की गई। इस दौरान कल्पना मेडिकल स्टोर्स और शिव मेडिकल स्टोर्स पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। वहीं दोनों दुकानों पर दवाओं का रिकॉर्ड संधारित नहीं पाया गया। इसलिए नियम उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दस्तावेजों की जांच जारी वहीं गणेश मेडिकल स्टोर्स को सिरप से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। तस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को खरीद-बिक्री का पूरा विवरण कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। ओम एंटरप्राइज़ेस का भी निरीक्षण किया गया, दस्तावेजों की जांच जारी है। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई औषधि निरीक्षक अनुभूति शर्मा ने कहा कि निरीक्षण की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक श्री तिवारी के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधायक, राष्ट्रवादी नेता श्री शंकरलाल तिवारी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व विधायक स्व. श्री तिवारी बचपन से ही संघ से जुड़े थे और बेबाक शैली के लिए जाने जाते थे। स्व. श्री तिवारी आपातकाल में मीसा बंदी के रूप में कारावास में रहे। तीन बार सतना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहकर उन्होंने आमजन के हित में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।  

सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान

 सीएम डैशबोर्ड की सितंबर माह की रिपोर्ट में डीएम हमीरपुर ने पहला, औरेया ने दूसरा और श्रावस्ती ने तीसरा स्थान प्राप्त किया लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले साढ़े आठ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में सीएम डैशबोर्ड अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। सीएम डैशबोर्ड से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में सीएम डैशबोर्ड की सितंबर माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में हमीरपुर ने बेहरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि औरेया ने दूसरा और श्रावस्ती ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की हर माह सीएम डैशबोर्ड से की जाती है समीक्षा सीएम डैशबोर्ड द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट जारी की जाती है। डैशबोर्ड द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। सीएम डैशबोर्ड की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार हमीरपुर ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं औरेया जिले ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि श्रावस्ती ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों, और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।   उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप श्रावस्ती में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि श्रावस्ती पिछले कई माह से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रिपोर्ट में टॉप फाइव जिलों में अपने जगह बनाए हुए है। श्रावस्ती ने विकास एवं राजस्व कार्यों की संयुक्त रैंकिंग में 10 में से 9.28 अंक प्राप्त किए हैं, जिसका रेश्यो 92.80 प्रतिशत है। वहीं, राजस्व कार्यों की श्रेणी में जनपद ने 9.26 अंक (92.60 प्रतिशत) हासिल किये हैं। डैशबोर्ड के अनुसार श्रावस्ती ने 49 विभागों के अंतर्गत 110 कार्यक्रमों की समीक्षा में 96 कार्यक्रमों में ‘ए’ श्रेणी प्राप्त की है, जबकि 52 कार्यक्रमों में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसी तरह मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवे पायदान पर है। वहीं टॉप टेन जिलों में अंबेडकरनगर, कुशीनगर, महराजगंज, कनौज और शाहजहांपुर ने जगह बनायी है।