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झारखंड: गिरिडीह में माओवादी जोड़े ने किया आत्मसमर्पण, दोनों पर दर्ज हैं कई मुकदमे

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में 2 माओवादियों ने मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह आत्मसमर्पण पपरवाटांड स्थित नए पुलिस केंद्र में 'नयी दिशा-एक नयी पहल' पहल के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ। उनकी पहचान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) क्षेत्र समिति के सदस्य शिवलाल हेंब्रम उर्फ ​​शिव और दस्ते की सदस्य सरिता हांसदा उर्फ ​​उर्मिला के रूप में हुई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), बोकारो के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अमित कुमार सिंह ने बताया, "दोनों पति-पत्नी हैं। पारसनाथ क्षेत्र की कमान उनके हाथों में थी। उन्होंने अपने पुनर्वास के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 'नयी दिशा-एक नयी पहल' पहल के तहत आत्मसमर्पण किया।" कार्यक्रम के दौरान गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ जिले में 12 से अधिक मामले दर्ज हैं।  

सावधान! हरियाणा सरकार ने चार कंपनियों के कफ सिरप पर लगाया बैन, स्टॉक अब कब्जे में

चंडीगढ़ मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने चार कंपनियों की खांसी की दवा (कफ सिरप) की बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही स्टॉक को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। इनमें गुजरात की रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी के ब्रोमहेक्सिन हाइड्रोक्लोराइड, टरब्यूटेलिन सल्फेट, गुआइफेनेसिन व मेन्थॉल सिरप (रेस्पिफ्रेश टीआर), शेप फार्मा कंपनी के एंब्रॉक्सोल एचसीएल, गुआइफेनेसिन, टरब्यूटेलिन सल्फेट और मेन्थॉल सिरप (रिलाइफ), तमिलनाडु की स्रेशन फार्मा कंपनी के कोल्ड्रिफ सिरप और जयपुर स्थित केसन्स फार्मा का डेक्सट्रोमेथॉर्फन सिरप शामिल हैं। पूरे प्रदेश में इन चारों कंपनियों की दवाओं के सैंपल भरकर लैब में भेजे जा रहे हैं। राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल की ओर से सभी औषधि नियंत्रण अधिकारियों को इन चारों कंपनियों की दवाओं की कड़ी निगरानी, नमूने लेने और यदि दवाएं मिलती हैं तो शेष दवाओं के स्टॉक को तत्काल जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी और शेप फार्मा कंपनी की दवाओं में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (डीआईजी) की मात्रा स्वीकार्य सीमा से अधिक पाई गई है। यह एक जहरीला रसायन है जिससे विशेषकर बच्चों की किडनी फेल हो सकती। न्यूरो संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं और यहां तक मौत भी हो सकती है।

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ली जान: गुमला में नदी में गिरने से 30 वर्षीय युवक की डूबकर मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में गुमला-छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीते बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सीलम नदी में गिर गई। इस हादसे में लोहरदगा थाना क्षेत्र के तिगरा गांव निवासी 30 वर्षीय जुनैद अंसारी की डूबने से मौत हो गई। गुमला: झारखंड के गुमला जिले में गुमला-छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीते बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सीलम नदी में गिर गई। इस हादसे में लोहरदगा थाना क्षेत्र के तिगरा गांव निवासी 30 वर्षीय जुनैद अंसारी की डूबने से मौत हो गई। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पानी में तैरता देखकर उसे सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्कॉर्पियो में मृतक जुनैद अंसारी के साथ चालक अब्दुल रशीद और शमशाद आलम भी सवार थे। दोनों हादसे से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। अब्दुल रशीद ने बताया कि स्कॉर्पियो के सीलम नदी के पास पुल के निकट एक सामने से आ रहे ट्रक को बचाने की कोशिश करते हुए अचानक कार पर नियंत्रण खो गया और वाहन पुल से नीचे नदी में जा गिरा। दुर्घटना के समय तीनों छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के टीन टांगर गांव से वापस लौट रहे थे। हादसे के बाद अब्दुल रशीद ने फुर्ती से ड्राइविंग सीट की खुली खिड़की से बाहर निकलकर खुद को बचाया और शमशाद आलम को भी बाहर निकाला। उन्होंने तब तक जलेब जुनैद को खोजने की कोशिश की, लेकिन वह गाड़ी के पीछे फंसा हुआ था और नजर नहीं आया। पुलिस को सूचना देने के बाद रायडीह थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नदी में तैरते हुए शव को देखा। जुनैद अंसारी विवाहित थे और उनके तीन छोटे बच्चे हैं। हादसे की खबर मिलते ही उनका परिवार अस्पताल पहुंच गया। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।  

सरकार ने जारी किया अलर्ट: पेंशनधारक तुरंत करें ये जरूरी प्रक्रिया, नहीं तो रुक जाएगी रकम!

लुधियाना  एम्प्लाइज प्रोविडैंट फण्ड आर्गेनाईजेशन (ई.पी.एफ.ओ.) लुधियाना रीजनल कार्यालय के अधिकारियों ने अपील करते हुए कहा कि पैंशन धारकों को प्रतिवर्ष अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करवाना अनिवार्य होता है। उन्होंने बताया कि जीवन प्रमाण पत्र जमा न करवाने की दशा में पैंशनर की पैंशन स्वतः ही बंद हो जाती है। इसके साथ ही, उन्होंने ये भी बताया कि पैंशनर की मृत्यु के उपरांत भी परिवार वाले उसकी सूचना ई. पी. एफ. ओ. के संबंधित कार्यालय को समय पर नहीं देते हैं। जिसके कारण विधवाओं व विधुरों को पैंशन प्राप्ति में कठिनाई उत्पन्न और विलंब होती है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पैंशनर अब अपना जीवन प्रमाण पत्र घर बैठे मोबाइल पर आधार फेस रिकॉग्निशन टैक्नोलॉजी के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अपलोड कर सकते हैं। जिसके लिए पैंशनर को आधार फेस आर.डी एप्प गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड एवं जीवन प्रमाण जी.ओ.वी.इन से जीवन प्रमाण फ़ेस एप्लिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। जीवन प्रमाण पत्र अब वर्ष में कभी भी जमा करवाया जा सकता है, जो कि जमा करवाने के बाद एक वर्ष तक मान्य रहता है। अधिकारियों ने सभी पैंशन धारकों से अपील करते हुए कहा कि जिन्होंने अभी तक अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाया है, वह तुरंत जमा करवायें साथ ही पैंशनर के परिवार से भी ये अपील की जाती है कि अगर पैंशनर की मृत्यु हो चुकी है तो इसकी सूचना तत्काल ई. पी. एफ. ओ. के संबंधित कार्यालय को दें। पैंशन धारक कार्यालय में जीवन प्रमाण पत्र पंजीकरण कार्य हेतु प्रतिदिन कार्य समय के दौरान आ सकते हैं।  

CM मोहन यादव का संवेदनशील कदम: कफ सिरप कांड में बीमार बच्चों का हाल जानने पहुंचे नागपुर

भोपाल/ छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 21 तक पहुंच गया है. नागपुर के अस्पताल में भर्ती पांच वर्ष के एक और बच्चे मयंक सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को नागपुर पहुंचे. वे यहां अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ उनके परिजनो से भी मुलाकात करेंगे. अस्पताल में भर्ती बच्चों का हेल्थ अपडेट लेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर में एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर (जीएमसी) में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे. साथ ही उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बात करेंगे. वर्तमान में छिंदवाड़ा के चार बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है इनमें से दो बच्चे एम्स नागपुर में, एक न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती है. इसके पहले सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में भी परिवारों से मुलाकात की थी. इस मौके पर सीएम ने पीड़ित परिवारों से कहा था कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है. आपके बच्चों का दुख मेरा भी है. वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका ध्यान रखा जाए कि ऐसी दुर्घटनाएं फिर न हों. उच्चस्तरीय जांच जारी बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दोषियों को न बख्शने की बात कही है. पीड़ित बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों- उप-औषधि नियंत्रक-नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया है. फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का ट्रांसफर कर दिया गया है. तमिलनाडू से कंपनी का मालिक गिरफ्तार मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है. इस कफ सिरप में 48 फीसदी डायएथिलीन ग्लाईकॉल मिला था. इसी जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की किडनी खराब हुई और 21 बच्चे काल के गाल में समा गए.  

भीड़ हिंसा का मामला: कोर्ट ने 5 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

जमशेदपुर झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने 2017 के भीड़ हिंसा के मामले में 5 लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह घटना 18 मई, 2017 को बागबेड़ा थाना क्षेत्र के नागाडीह में हुई थी। आरोपियों ने बच्चा चोर के संदेह में विकास वर्मा, उनके भाई गौतम वर्मा, उनकी दादी रामसखी देवी और गंगेश गुप्ता नामक व्यक्ति की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना के संबंध में आठ मामले दर्ज किए गए थे और उनमें से एक मामले में 25 सितंबर को पांच लोगों को दोषी ठहराया गया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-1 विमलेश कुमार सहाय की अदालत ने मामले में 20 आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में 29 लोगों को नामजद किया गया था जिनमें से चार अब भी फरार हैं। अदालत ने राजाराम हांसदा, गोपाल हांसदा, रेंगो पूर्ति, तारा मंडल और सुनील सरदार को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 341 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 338 (जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य से गंभीर चोट पहुंचाना), 117 (अपराध के लिए उकसाना) और 149 (समान उद्देश्य से गैरकानूनी जमावड़ा) के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाने के अलावा प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।  

राज्यपाल डेका को ‘प्रारंभ‘ पत्रिका का विशेषांक भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका को आज राजभवन में ‘‘सोसाइटी फॉर एम्पावरमेंट‘‘ द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘‘प्रारंभ‘‘ की प्रति भेंट की गई। विशेष पिछड़ी जनजातियों पर केंद्रित इस विशेषांक का संपादन मानवविज्ञानी एवं राज्यपाल के उप सचिव डॉ. रूपेन्द्र कवि द्वारा किया गया है।           इस विशेषांक में विशेष पिछड़ी जनजातियों समुदायों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक स्थिति पर गहन विमर्श प्रस्तुत किया गया है, तथा इससे नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को उपयोगी जानकारी मिलेगी।         राज्यपाल डेका ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।  उन्होंने इस पहल को जनजातीय समुदायों की जागरूकता एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

सीएम योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रदान किया टूल किट

झांसी में सीएम योगी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को दिए चेक सीएम योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रदान किया टूल किट सीएम ने लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित कर किया प्रोत्साहित सीएम योगी ने नव निर्मित कन्वेंशन सेंटर का भी किया लोकार्पण झांसी जनपद के दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को योजना के चेक प्रदान किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत टूलकिट का वितरण किया। सीएम ने इस अवसर पर लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया। इसी के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने नव निर्मित कन्वेंशन सेंटर का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत हृदयेश पाल को आइसक्रीम विनिर्माण के लिए, संतोष कुमार को टेंट हाउस के लिए, प्रतीक को फोटो फ्रेमिंग और पूजन सामग्री निर्माण के लिए, पवन गौहर को डीजे साउंड सिस्टम के लिए, रीना सोनी को ब्यूटी पार्लर के लिए और रोहित कुशवाहा को फ्लावर डेकोरेशन का काम शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से चेक प्रदान किए। इसके अलावा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को सीएम ने टूल किट प्रदान किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुशबू साहू, आशा देवी, ज्योति, मोनू श्रीवास, समित कुशवाहा और सोनिया कुशवाहा को योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के व्यवसाय से संबंधित टूल किट प्रदान किया। इस मौके पर स्थानीय जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

रायपुर में नर्स की हत्या का रहस्य गहराया, बॉयफ्रेंड और लव ट्रायंगल पर पुलिस की नजर

रायपुर राजधानी रायपुर में नर्स की हत्या होने से शहर में सनसनी फैल गई है. खून से लथपथ युवती की लाश घर के कमरे में मिली है. यह घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के लालपुर पटेल चौक की है. लव ट्रायंगल में हत्या होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. जानकारी के मुताबिक, युवती की दोस्ती दुर्गेश नामक युवक से थी. चिरमिरी के सन्नी नामक युवक से भी पिछले 7 साल से फ्रेंडशिप थी. युवती का बॉयफ्रेंड से विवाद चल रहा था. युवती के सीने में चाकू मारकर मौत के घाट उतारा गया है. मृतका के हाथ में भी चाकू मिला है. कमरे में संघर्ष होने के बाद वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है. चिरमिरी जिले की रहने वाली थी युवती मृतका की पहचान प्रियंका दास (23) के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. जानकारी के मुताबिक, प्रियंका दास पिछले एक माह से पचपेड़ी नाका स्थित किराए के रूम में रह रही थी. वह एमएमआई अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर काम कर रही थी. प्रियंका दास मूलतः चिरमिरी जिले की रहने वाली है. हत्या की वारदात देर रात्रि होने की आशंका जताई जा रही है. मृतका के सीने पर चाकू के वार के निशान आज सुबह जब प्रियंका की रूम मेट उनसे मिलने उसके कमरे पहुंची तो प्रियंका के हत्या की जानकारी सामने आई. मृतका के सीने पर चाकू के तीन वार पाए गए हैं. टिकरापारा पुलिस और फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है.

ASI द्वारा ब्लैकमेल किए जाने पर TI ने की आत्महत्या, दोषी पाई गई महिला ASI को बर्खास्त किया गया

इंदौर  चर्चित टीआई हाकमसिंह पंवार शूट एंड सुसाइड केस में फंसी महिला एएसआई रंजना खांडे को आखिरकार पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में रंजना के खिलाफ गंभीर आरोप साबित हुए हैं। एएसआई पर तत्कालीन टीआई हाकमसिंह का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप था। मामले में रंजना के खिलाफ छोटी ग्वालटोली थाने में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज है। आत्महत्या से पहले टीआई ने की थी फायरिंग मामला जून 2022 का है, जब भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में पदस्थ टीआई हाकमसिंह पंवार ने इंदौर के पुलिस कंट्रोल रूम में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एएसआई रंजना खांडे पर फायर किया था, हालांकि वह बाल-बाल बच गईं थी। टीआई के परिजनों ने रंजना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह हाकमसिंह को अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रही थीं। इसके बाद तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित कर जांच के आदेश दिए थे। एसआईटी की जांच में तीन और नाम आए सामने एसआईटी जांच के दौरान रंजना खांडे के अलावा उसके भाई कमलेश खांडे, टीआई की तीसरी पत्नी रेशमा शेख उर्फ जग्गू, और कपड़ा व्यवसायी गोविंद जायसवाल का नाम भी सामने आया। जांच रिपोर्ट में चारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की सिफारिश की गई। घटना के कुछ ही दिनों बाद रंजना के भाई कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने रंजना और रेशमा को गिरफ्तार किया, जबकि गोविंद जायसवाल ने कोर्ट में सरेंडर किया था। विभागीय जांच में दोषी पाई गईं रंजना मामले में डीसीपी (मुख्यालय) प्रकाश सिंह परिहार ने प्रारंभिक विभागीय जांच की थी। उस समय केवल वेतन वृद्धि रोकने की सजा देकर मामला शांत कर दिया गया था। हालांकि, वर्तमान पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मामले की फिर से जांच करवाई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह ने बुधवार को रंजना को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि रंजना ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल विभाग की छवि धूमिल की, बल्कि अश्लील वीडियो के माध्यम से टीआई को ब्लैकमेल करने जैसी गंभीर हरकत में भी शामिल थीं। पहले भी विवादों में रही एएसआई रंजना खांडे यह पहली बार नहीं है जब एएसआई रंजना खांडे किसी विवाद में फंसी हों। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नवंबर 2013 में उनकी पहली पोस्टिंग डीपीओ धार में हुई थी। वहां उन्होंने अपने ही विभाग के एक कर्मचारी को पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी थी, बाद में मामला समझौते से सुलझा लिया गया। खूब आती रहीं शिकायतें इसके बाद भी उनके खिलाफ कई शिकायतें हुईं। एक शिकायत के चलते जब उसे भोपाल ट्रांसफर किया जा रहा था, तब रंजना ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर इंदौर में पोस्टिंग ले ली। दिसंबर 2021 में रंजना ने रिटायर्ड एसआई यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन वह मामला भी चुपचाप निपटा दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रंजना पहले भी बुरहानपुर में पदस्थ एक पुलिसकर्मी पर आरोप लगा चुकी हैं। लगातार विवादों में रहने के बावजूद वह कई वर्षों तक पुलिस सेवा में बनी रहीं।