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सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा और एमपी की ओबीसी आरक्षण नीति: सरकार ने दी सफाई

भोपाल  OBC- मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर नित नए विवाद हो रहे हैं। अब इससे संबंधित मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे पर बवाल मच गया है। प्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। प्रकरण में राज्य सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दिया है। इसका उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया में कई कमेंट और सामग्री वायरल हो रहीं हैं जिसे सुप्रीम कोर्ट में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पेश हलफनामे का अंश बताया जा रहा है। इससे उठते विवाद पर अब राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल की जा रहीं टिप्पणियों और सामग्रियों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। राज्य सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि वायरल की जा रही सामग्री का मध्यप्रदेश सरकार के हलफनामे से कोई लेना देना नहीं है। ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया में वायरल कथित सामग्रियों पर राज्य के जनसंपर्क विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए इस स्पष्टीकरण में वायरल सामग्रियों को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। सरकार ने कहा ​है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर ओबीसी आरक्षण से संबंधित निराधार सामग्रियां वायरल की जा रहीं हैं। सोशल मीडिया पर टिप्पणियां, सामग्री यह कहते हुए वायरल की जा रही हैं कि ये सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है। सरकार का कहना है कि इनका हलफनामे से तनिक भी संबंध नहीं है।   राज्य सरकार ने वायरल सामग्रियों का परीक्षण भी कराया। इसके आधार पर दावा किया कि प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वायरल की जा रही सामग्री वस्तुतः मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। राज्य सरकार ने कहा कि उक्त आयोग का गठन 17-11-1980 को किया गया था जबकि आयोग ने अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य सरकार को 22-12-1983 को भेजा था। महाजन आयोग ने 35 प्रतिशत आरक्षण की अनुशंसा की थी गौरतलब है कि महाजन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 35 प्रतिशत आरक्षण की अनुशंसा की थी जबकि राज्य सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।  

नई रेल परियोजना: Punjab से Jammu तक यात्रा होगी आसान, जानें कौन-कौन से जिले होंगे लाभान्वित

जम्मू कश्मीर रेलवे द्वारा जालंधर कैंट-पठानकोट कैंट-जम्मू तवी रेलमार्ग की व्यस्तता को कम करने के लिए अध्ययन शुरू कर दिया है। बता दें कि इस रेलमार्ग पर रेलवे यातायात का प्रबंधन अप और डाउन लाइनों वाली दो पटरियों पर किया जा रहा है। अब यहां पर तीसरी रेल लाइन भी बिछने वाली है जो कि  216 किलोमीटर लंबी होगी।  इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा बैठक की गई है जिसकी अध्यक्षता डीसी आयुषी सूदन ने की है। इसमें हितधारकों और लाइन विभागों के साथ विचार-विमर्श किया।  इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए रेल मंत्रालय ने ट्रेनों की मौजूदा पटरियों पर एक्सल लोड कम करने के लिए एक अतिरिक्त तीसरी लाइन बिछाने के लिए अध्ययन शुरू किया है। उन्होंने सभी विभागों और हितधारकों से समस्याओं के समय पर समाधान और परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए कहा है। सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। अगले 10 दिनों में डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाएगा।  

WhatsApp हुआ आउट! 170 MP कॉलेजों में शुरू होगा ‘अरत्तई’ ऐप का इस्तेमाल

ग्वालियर वॉट्सएप की जगह स्वदेशी 'अरत्तई' एप लेने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संगीत एवं कला के एक मात्र शैक्षणिक संस्थान ग्वालियर स्थित राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध लगभग 170 कॉलेजों में यह बदलाव किया जा रहा है। इसके मूल में केंद्र सरकार का स्वदेशी अपनाने का आह्वान है। अब कॉलेज स्तर पर की जाने वाली सूचना के आदान प्रदान के लिए सिर्फ 'अरत्तई' एप का उपयोग किया जाएगा। यह निर्णय संस्थान के कुलसचिव अरुण चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद लिया है। अब संस्थान में होने वाले आधिकारिक सूचना व दस्तावेजों का आदान प्रदान, छात्रों के मार्गदर्शन के लिए ग्रुप बनाना यह सभी काम पूरी तरह से इसी एप पर होंगे। छात्रों से जुड़ी हर अपडेट को अरत्तई पर बने ग्रुप में ही साझा किया जाएगा इस लिहाज से भी छात्र इसका उपयोग शुरू करेंगे। प्रबंधन का कहना है कि किसी अन्य एप से दस्तावेजों का आदान प्रदान स्वीकार नहीं किया जाएगा।   क्या है 'अरत्तई' अरत्तई भारतीय मैसेजिंग एप है, जिसे जोहो कॉर्पोरेशन ने 2021 में लान्च किया था। अरत्तई एक तमिल शब्द है, जिसका अर्थ है बातचीत या गपशप। यह वाट्सएप के भारतीय विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसमें टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो, दस्तावेज शेयरिंग, साथ ही वाइस और वीडियो कालिंग की सुविधा मिलती है। ग्रुप चैट, स्टिकर्स और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी विशेषताएं इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाती हैं। सबसे खास बात, इसका डेटा भारत में ही स्टोर होता है, जिससे यूजर्स को अधिक प्राइवेसी और भरोसा मिलता है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा स्वदेशी अपनने के क्रम में विश्वविद्यालय यह बदलाव पूरे प्रदेश के स्तर पर करने जा रहा है। वॉट्सएप के उपयोग को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा। – अरुण चौहान, कुलसचिव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय।

पांच साल का इंतजार खत्म! छत्तीसगढ़ में 20 अक्टूबर तक होगी बारिश की संभावना

रायपुर देश के कई इलाकों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार इसकी वापसी एक सप्ताह देर से होगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 20 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। बीते पांच वर्षों में मानसून आमतौर पर 12 अक्टूबर के आसपास विदा होता रहा है। इस बार लौटने में देरी से मौसम का मिजाज भी बदला-बदला रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 अक्टूबर से नार्थ ईस्ट मानसून सक्रिय होगा। इसके बाद ही धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी। बरसात की यह बढ़ी हुई अवधि धान की फसलों के लिए राहत मानी जा रही है। खेतों में नमी बने रहने से फसल अच्छी तरह पक सकेगी। हालांकि लगातार वर्षा से कटाई में देरी हो सकती है।   इस बार समय से पहले आया था मानसून छत्तीसगढ़ में 28 मई को बस्तर से मानसून की दस्तक होती है। पूरे देश में अब बारिश अंतिम दौर में है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक मानसून पूरी तरह से विदा हो जाता है। इस बार विदाई तक कई जिलों अच्छी बारिश हो सकती है। बीते पांच वर्षों के आंकड़े देखें तो 10 से 12 अक्टूबर तक मानूसन की वापसी होती है। हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के साथ सक्रिय है, जो अगले 12 घंटे में अवदाब और बाद में गहरा अवदाब बनकर तीन अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र तट पार कर सकता है। इसके असर से दो को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। तीन को दक्षिण अंचल में भारी से अति भारी बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। चार को मध्य भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।

रेलवे भर्ती 2025: मध्यप्रदेश के लिए 1149 पदों पर आवेदन की प्रक्रिया जारी

ग्वालियर रेलवे में नौकरी का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पूर्व मध्य रेलवे ने अप्रेंटिस के 1149 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस भर्ती में न तो लिखित परीक्षा होगी और न ही इंटरव्यू। आवेदन की शुरुआत हो चुकी है। अंतिम तिथि 25 अक्टूबर रखी गई है। ओबीसी और जनरल को ₹100 फीस देनी होगी। वहीं एससी, एसटी, महिला, पीडब्ल्यूबीडी के निश्शुल्क रखा गया है। किन ट्रेड्स में भर्ती होगी फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन एंड एसी मैकेनिक, फार्जर एंड हीट ट्रीटर, कारपेंटर, इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक, पेंटरइलेक्ट्रीशियन, वायरमैन। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित ट्रेड में आइटीआइ डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 24 साल तय की गई है। वहीं ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को तीन साल की छूट, एससी, एसटी उम्मीदवारों को पांच साल की छूट और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को श्रेणी अनुसार 10 से 15 साल तक की आयु छूट दी जाएगी।   चयन प्रक्रिया इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों के 10वीं कक्षा और आईटीआई में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। स्टाइपेंड चयनित उम्मीदवारों को अप्रेंटिस अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹7700 से ₹8050 तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध: किसान ट्रैक्टर रैली लेकर सड़कों पर उतरेंगे

इंदौर इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के खिलाफ किसानों का विरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर सड़क निर्माण के लिए नहीं देंगे। पहले चरण में कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद अब किसान सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। आठ अक्टूबर को हातोद से इंदौर के कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। इसमें एक हजार से अधिक ट्रैक्टर शामिल होंगे। किसान कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे और योजना को स्थगित करने की मांग करेंगे।   इस सड़क का निर्माण 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए किया जाना है, लेकिन स्थानीय किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सड़क निर्माण के कारण कई किसानों की पूरी जमीन जा रही है और इसके बदले मिलने वाले मुआवजे में आसपास के दस किमी में कहीं भी जमीन नहीं मिल रही है। मुआवजा गाइडलाइन के अनुसार दोगुना दिया जाएगा, जबकि बाजार भाव पांच गुना तक पहुंच चुका है। किसान नेता बबलू जाधव और कैलाश सोनगरा का कहना है कि सरकार बिना किसी आकलन और सर्वे के योजना लागू कर देती है, जिससे प्रदेश के अन्नदाता के साथ अन्याय हो रहा है। इस विरोध को लेकर किसान अब ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय ले चुके हैं, जिसमें इंदौर और उज्जैन जिले के सभी प्रभावित किसानों के अलावा अन्य किसान भी शामिल होंगे। इंदौर जिले के 20 गांव प्रभावित इस परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव और उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। कुल 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन इस सड़क में जाएगी। कहीं पूरी जमीन छिन रही है तो कहीं बीचों-बीच से सड़क गुजरेगी, जिससे किसान पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान का कहना है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा बाजार भाव से बेहद कम है। ऐसे में न तो जमीन के बदले जमीन मिल पाएगी और न ही किसान अपनी जीविका सुरक्षित रख पाएंगे। पहले से कई मार्ग, उन्हें करें चौड़ा यह सड़क इंदौर के पितृपर्वत से निकलकर उज्जैन बायपास चिंतामन गणेश तक जाएगी। सरकार इसे सिंहस्थ के लिए उपयोगी बता रही है, लेकिन किसान इसका विरोध कर रहे हैं। रतनखेड़ी के राहुल पटेल और मगरखेड़ी के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उज्जैन जाने के लिए पहले से कई मार्ग हैं, जिन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए। इससे किसानों की जमीन भी बच जाएगी। गांव-गांव में जुटा रहे जनसमर्थन बीते रविवार को किसानों की बैठक रतनखेड़ी में आयोजित हुई थी। इसमें ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय लिया गया। अब रैली की तैयारी को लेकर किसानों ने गांव-गांव संपर्क और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। आठ अक्टूबर को सड़कों पर उतरने और अपनी जमीन बचाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। अन्य मांगें भी शामिल रैली में किसान ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध करने के साथ ही अपनी फसलों की समस्याओं को भी सामने रखेंगे। किसान नेता बबलू जाधव ने बताया कि किसान सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने की मांग का ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपेंगे।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: बिहार में अगले 5 दिन भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के कई जिलों में तेज हवा, मध्यम बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य भर में मौसम बिगड़ा रह सकता है। मौसम विभाग ने 3 से 7 अक्टूबर तक पूरे बिहार में लगातार बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने राज्य के दक्षिण- पश्चिम हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य, जबकि शेष क्षेत्रों में सामान्य से कम रह सकता है।  केंद्र ने जिन जिलों के लिये अलर्ट जारी किया है उनमें औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया जी, नालंदा, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, बेगूसराय और मधुबनी शामिल हैं। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, मध्यम वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं दो अक्टूबर को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में बारिश हो सकती है। अक्टूबर में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पटना का तापमान दो अक्टूबर को अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस, तीन अक्टूबर को अधिकतम 31 डिग्री सेल्सिअस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस और चार अक्टूबर को अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस  रहेगा।

राजनीतिक तनाव: हिंसा प्रभावितों से मिलने से रोके गए चंद्रशेखर आजाद

सहारनपुर आई लव मोहम्मद विवाद को लेकर बरेली में हुई हिंसा सुर्खियों में है। सहारनपुर पुलिस ने गुरुवार को लोकसभा में नगीना संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद चंद्रशेखर आजाद को हिंसा पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए बरेली जाने से रोक दिया। यहां तक कि उन्हें घर के ही अंदर रहने के लिए कहा गया। सहारनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन के अनुसार, सांसद चंद्रशेखर बुधवार देर रात छुटमलपुर के हरिजन कॉलोनी स्थित अपने आवास पर पहुंचे। पुलिस ने कथित तौर पर उनसे बरेली न जाने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि आजाद के आगमन की सूचना मिलने पर, उनके आवास के आसपास रात भर पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात कर दी गई और बैरिकेड्स लगाकर उन्हें घर के अंदर ही रहने को कहा गया। चंद्रशेखर आजाद ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि वह बरेली में पीड़ित परिवारों से मिलना चाहते हैं। इसके बाद प्रशासन हाई अलर्ट हो गया। उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अगर बरेली में कुछ भी गलत नहीं हुआ है, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। वहीं, उनके समर्थकों ने इस कदम पर निराशा व्यक्त की। भीम आर्मी ने एक बयान में पीड़ितों की आवाज दबाने और सामाजिक न्याय के संघर्ष को रोकने के प्रयासों की निंदा की और कहा कि वे समाज के साथ मिलकर न्याय के लिए लड़ते रहेंगे। अपने पोस्ट में, चंद्रशेखर ने लोकतंत्र का कथित तौर पर गला घोंटने के प्रयास के लिए अधिकारियों की आलोचना की और हाशिए पर पड़े समुदायों को न्याय दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पूछा कि अगर वहां मुस्लिम नागरिकों के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, तो राज्य सरकार उन्हें बरेली जाने से क्यों रोक रही है। बता दें कि बरेली में 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' घटना और हिंसा को लेकर हुए विवाद के बाद तनाव जारी है। इससे पहले बुधवार को, सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद और विधायक शाह नवाज़ खान को भी पुलिस ने उनके आवास पर रोक दिया था, जब वे बरेली जाने की योजना बना रहे थे।  

मध्यप्रदेश के कटनी जिले में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबकर दो भाइयों ने गंवाई जान

कटनी रीठी थाना अंतर्गत भरतपुर गांव में बच्चों के साथ नहाने गए दो सगे भाइयों का तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना से दशहरा पर्व के दिन गांव में मातम छा गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। जानकारी के अनुसार छोटा बरहटा रीठी निवासी सुशील पटेल के बेटे शिवांश लोधी 8 साल और देवांश लोधी 10 साल दशहरा पर अपने मामा के गांव भरतपुर गए हुए थे। लगभग 11 बजे दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ गांव के बाराती तालाब में नहाने गए थे और गहरे पानी में जाने से दोनों डूब गए। आसपास के लोगों को बच्चों ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए और दोनों बच्चों की तालाब में खोजबीन की गई और पुलिस को भी सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से तालाब में एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को खोज लिया गया और स्वजनों उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी लेकर पहुंचे।   यहां दोनों को चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही बरेहटा गांव में मातम छा गया तो वहीं हृदय विदारक घटना से भरतपुर में भी मातम छाया रहा। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं और मामले की जांच कर रही है।

प्यार में दरिंदगी: दूसरी दोस्ती से नाराज युवक ने पेट्रोल पंप पर महिला पर बरसाए 40 वार

अंबिकापुर अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित श्री कृपा फ्यूल्स पेट्रोल पंप में गुरुवार की सुबह महिला कर्मचारी की चाकू से गोद-गोद कर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपित को लोगों ने पकड़ पुलिस को सौंप दिया है। बीच-बचाव कर रहे पेट्रोल पंप का एक कर्मचारी भी घायल हुआ है। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ पाया गया है। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम मगाजी शाहपुर निवासी भारती टोप्पो, अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित कृपा फ्यूल्स में सेल्स गर्ल का काम करती थी। गुरुवार सुबह वह अन्य कर्मचारियों के साथ काम पर लगी थी। सुबह लगभग पौने बारह बजे मोटरसाइकिल से एक युवक पेट्रोल पंप में पहुंचा। महिला कर्मचारी के नजदीक ही उसने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की। महिला कर्मचारी कुछ समझ पाती इसके पहले ही युवक ने अपने पास रखे चाकू से उस पर वार करने का प्रयास किया।   जान बचाने के लिए भागती रही युवती वहां से भागी तो आरोपित ने चाकू लेकर उसे पेट्रोल पंप परिसर में ही दौड़ाना शुरू कर दिया। युवती भागने का प्रयास करती रही लेकिन आरोपित ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। एक के बाद एक चाकू के वार को सहते हुए युवती भागती रही। समूचे परिसर में खून के छींटे गिरते रहे। बीच-बचाव कर रहे संतोष नामक कर्मचारी पर भी युवक ने चाकू से हमला किया। इसी बीच एक चाकू युवती के सीने से पीठ की ओर घुस गया। युवती वहीं औंधे मुंह गिर पड़ी। इसके बाद भी आरोपित ने उस पर चाकू से कई प्रहार किए। चाकू के करीब 40 वार के कारण युवती बेहोश हो गई। तब तक हो हल्ला मच गया। नजदीक में ही दुकान संचालित करने वाले गुरुदेव सिंह ने आरोपित को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपित ने उसका भी गला दबाने की कोशिश की। एयरगन से उसने फायर भी किया। आरोपित ने अपने पास एक लोहे का रॉड भी रखी थी। घटना के बाद आरोपित वहां से तेजी से गली के रास्ते भागने लगा। लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वो उन्हें भी डराने लगा। चोपडापारा में रहने वाले ठेकेदार अरुण सिंह किरना ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपित को धर दबोचा। उसी रास्ते से एक कार में पुलिस अधिकारी गुजर रहे थे। ठेकेदार ने उसी कार में आरोपित को बैठाकर गांधीनगर थाने पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पहुंची। घटनास्थल पर आरोपित की मोटरसाइकिल, बैग, चश्मा, चप्पल बरामद किया गया है। युवती को नजदीक के मिशन अस्पताल ले जाया गया था,जहां उसकी मौत हो गई। प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपित योगेंद्र पैकरा, मूलतः मगाजी कुसमी का रहने वाला है। वह पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल पंप में आ रहा था। युवती से उसका प्रेम संबंध था। संबंधों में दरार आ जाने के कारण उसने घटना का अंजाम दिया। पकड़ में आने के बाद वह बोल रहा था कि युवती को उसने काफी समझाया था, लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थी। दो दिन पहले उसका मोबाइल भी तोड़ दिया था, इसके बाद भी उसने किसी दूसरे युवक से बातचीत जारी रखा थी। उसने यह भी बोला कि युवती तो अब नहीं रही और उसका जीवन भी बर्बाद हो गया। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए स्पष्ट है कि आरोपित पूरी तैयारी के साथ हत्या की नीयत से ही पेट्रोल पंप पहुंचा था।