samacharsecretary.com

मोबाइल से करें महाकाल के दर्शन, भक्तों के लिए लॉन्च हुई सुविधा

उज्जैन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महादेव के भक्तों के लिए अब नई प्रोटोकॉल दर्शन की प्रक्रिया बदली जा रही है। पहले यहां प्रवेश के लिए टोकन जारी किए जाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के अनुसार भक्तों को मोबाइल लिंक के जरिए बुकिंग करनी होगी। इस बदलाव के तहत अब कोई भी व्यक्ति या अधिकारी सीधे टोकन लेकर दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर समिति की ओर से मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से बुकिंग पूरी होगी और तभी प्रोटोकॉल दर्शन का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था इसलिए लागू की जा रही है ताकि महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़ नियंत्रण रही और वह दर्शन का पूरा लाभ उठा सके। इस कदम से न केवल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि इससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और भक्तों का समय बचेगी। 

किसानों की आवाज़: बाढ़ के नुकसान के बीच क्या जवाब देगा प्रशासन?

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुए बड़े नुकसान के बाद किसानों ने राज्य और केंद्र सरकार से 40,000 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण न केवल फसलें बर्बाद हुई हैं, बल्कि घरों, पशुओं और जमीन पर भी गंभीर असर पड़ा है। किसानों ने साफ किया कि वे केवल खेती का नुकसान ही नहीं, बल्कि खेत मजदूरों और जमीन-बेरोजगार परिवारों के लिए भी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उनकी मांग है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए, फसलों के नुकसान की भरपाई की जाए और जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही घरों की मरम्मत, पशुधन हानि और भू-खनन से हुए नुकसान को भी राहत पैकेज में शामिल किया जाए। किसानों ने आपदा प्रबंधन में सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रशासन समय रहते कदम उठाने में नाकाम रहा, जिससे नुकसान और बढ़ गया। उनका कहना है कि अगर राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तेजी से पूरी नहीं हुई, तो ग्रामीण इलाकों में गुस्सा और असंतोष फैल सकता है। यह मामला राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। एक ओर किसानों की उम्मीदें सरकार से जुड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के सामने चुनौती है कि राहत पैकेज समय पर और निष्पक्ष तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचे।

फाइनल से पहले भोपाल में सुरक्षा कड़ी, 1500 जवान तैनात – हर गली पर रखी जा रही नजर

 भोपाल  भोपाल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप फाइनल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. यह हाई वोल्टेज क्रिकेट मैच रविवार, 28 सितंबर 2025 को खेला जाएगा. 41 साल बाद पहली बार एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी. इस बड़े मुकाबले के दौरान फेस्टिव सीजन होने के कारण भोपाल पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. 41 साल बाद पहली बारभारत और पाकिस्तान पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि भोपाल में करीब 1500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें 500 अतिरिक्त जवान शामिल होंगे. सभी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी और शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा. इसके अलावा, पुलिस कंट्रोल रूम में बैठा स्टाफ सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखेगा. मैच के दौरान किसी भी तरह की अशांति से बचने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसी भी जगह पर भीड़ को इकट्ठा होने नहीं दिया जाएगा. जहां-जहां बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाने की व्यवस्था होगी, वहां अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मैच का आनंद ले सकें. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी. यह मैच न केवल खेल का एक बड़ा आयोजन है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने के कारण यह भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है. भोपाल में लोग इस मैच को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है. शहर के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस की इस सतर्कता से यह उम्मीद है कि भोपाल में लोग शांतिपूर्ण ढंग से इस ऐतिहासिक मैच का आनंद ले सकेंगे.

पैकेट में कम निकला नमकीन, उपभोक्ता फोरम ने हल्दीराम को 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका

उमरिया जागो ग्राहक जागो नारा आपने कई बार सुना होगा, आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जागरूकता और आपके जेब की सेहत से जुड़ी है, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में उपभोक्ता न्यायालय ने देश की नामचीन पैकेजिंग फूड कंपनी हल्दीराम के ऊपर एक लाख की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। दरअसल पूरा मामला नगर के एक उपभोक्ता कैंप निवासी राकेश दर्दवंशी से जुड़ा है जिसने उमरिया के एक दुकानदार से हल्दीराम नमकीन की 400 ग्राम का पैकेट खरीदा जिसमे मात्रा में कमी का अंदेशा हुआ और उसने उसका वजन कराया तो पैकेट में दर्ज 400 ग्राम की अपेक्षा नमकीन की मात्रा महज 333 ग्राम मिली। नमकीन कम निकलने पर ग्राहक ने दुकानदार, हल्दीराम कंपनी के डीलर और कंपनी को मेल कर जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की लेकिन सबने चुप्पी साध ली,लेकिन ग्राहक ने हार नहीं मानी और खरीदी के बिल सहित शिकायतों के सभी दस्तावेज लेकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता कोर्ट पहुंच गया। उपभोक्ता फोरम में महीनों सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के ऊपर जो फैसला दिया वह हर नजीर बन गया है और हर ग्राहक को जागरूक करने वाला है, उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष ने फैसले में हल्दीराम कंपनी नागपुर को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी माना और पैकेट में दर्ज बैच नंबर के आधार पर देश भर के 24230 उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का करना माना,और एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का फैसला दिया है। शिकायतकर्ता ने पूरी राशि को कर दिया दान  इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ग्राहक ने क्षतिपूर्ति की रकम जो उसे हासिल होनी थी उसे लेने से इनकार करते हुए किसी सामाजिक संस्था को दान देने का लिखित आवेदन किया जिसके बाद न्यायालय ने अपने आदेश में क्षतिपूर्ति की राशि वृद्धाश्रम को को दान करने का आदेश पारित किया गया। फैसला आम नागरिक के लिए एक संदेश उमरिया में उपभोक्ता की जागरूकता ने एक बड़ी कंपनी की चोरी को पकड़ा और उसे उचित सजा दिलवाने तक लड़ाई लड़ी इस देश के हरेक आम नागरिक के लिए एक संदेश है कि कंपनियों द्वारा बाजार में बेचे जाने जाने वाले किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को जांच परख कर ले ताकि किसी प्रकार की चोरी का शिकार होने से बचे रहें।

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर से मिलेगी ज्यादा राशि, सीएम मोहन यादव का ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त अक्टूबर में जारी की जाएगी। इस बार लाभार्थियों को ₹1,250 के बजाय ₹1,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिवाली के अगले दिन यानी भाई दूज से योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। राशि में बढ़ोतरी लाड़ली बहना योजना के तहत अब लाभार्थियों को प्रति माह ₹1,500 मिलेंगे। अगस्त में भी कुछ लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,500 आए थे, जिसमें ₹1,250 की मूल राशि और ₹250 अतिरिक्त राखी के शगुन के रूप में शामिल थे। भविष्य में और बढ़ोतरी सरकार ने यह भी कहा है कि 2028 तक राशि बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दी जाएगी। योजना की शुरुआत ₹1,000 मासिक भुगतान के साथ हुई थी, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया था। यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके माध्यम से 12.7 मिलियन से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है।  भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए का एलान  मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों हाथ खड़े करो, जिन जिनको पैसे मिल रहा है. आप बताओ बहन को भी मिल रहा है और भाई को भी मिल रहा है. हमारे पास कोई पैसे की कमी नहीं है, किसानों की जिंदगी जितनी बेहतर कर सकते हैं, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बहनों चिंता मत करो. ये कांग्रेसी कुछ भी कहें, लेकिन इसी दिवाली के बाद भाईदूज से आपको भी 1500 रुपए महीने मिलना चालू हो जाएगा. मोहन यादव बोले- हमारे पास पैसे की कमी नहीं हम अपने किसान भाईयों और लाड़ली बहनों को किसी तरह की कमी नहीं आने देंगे. किसान भाईयों को केंद्र और राज्य सरकार की किसान सम्मान निधि मिलेगी, तो लाड़ली बहनों के लिए दीपावली के बाद भाईदूज को 1500 रुपए मिलेंगे.

खजुराहो में अगले दशक में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, 2000 करोड़ होंगे खर्च

खजुराहो  भारत सरकार अब यूनेस्को की मान्यता प्राप्त खजुराहो को अगले दस सालों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार कर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने दो माह पहले ही इसका खाका तैयार कर लिया है। मप्र पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी के अनुसार, सरकार चुनिंदा पर्यटन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में है। इसके लिए केवल खजुराहो में अगले 10 वर्षों में 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि से वहां रोड़ कनेक्टिविटी, पर्यटक गाइडिंग, सिटी ऐप व 'वन टूरिज्म कार्ड' जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खजुराहो को क्यों चुना खजुराहो पहले से ही दुनियाभर में अपने मंदिरों की विशिष्ट वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। केंद्र सरकार की योजना यूनेस्को की सूची में शामिल चुनिंदा स्थलों को विश्वस्तरीय बेंचमार्क पर विकसित करने की है. जिसके लिए खजुराहो का चयन किया गया है। खजुराहो हवाई अड्डे श्रेष्ठ एयरपोर्ट में भी शामिल है। टिकाऊ विकास पर होगा फोकस     प्रोत्साहन लैंड, व अनुदानः सब्सिडी, राज्यग ग्रांट और इंसेंटिव्स उपलब्ध कराएगी, ताकि निजी निवेश आकर्षित हो सके।     स्वच्छता और पर्यावरणः सफाई और सफाई सेवाओं पर 2 सफाई विशेष जोर, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से हरित मानकों का पालन होगा। ये होगा खास     आधुनिक सुविधाएं: सड़क मार्ग, रेल-हवाई संपर्क बेहतर होगा. पाथवेज, एकोमोडेशन, पर्यटक सुविधा केंद्र, सिविक एमेनिटीज आदि पिक सीजन को ध्यान में रखते हुए बनेंगे।     सांस्कृतिक और कलात्मक केंद्रः मध्य प्रदेश और भारत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक ऐतिहासिक, पुरातात्विक और भव्य कला केंद्र बनाया जाएगा।     वन टूरिज्म कार्डः सभी प्रकार की बुकिंग के लिए एक वन टूरिज्म कार्ड बनेगा, जिससे बुकिंग आसान होगी। इसी कार्ड से होटल, म्यूजियम, मंदिर, बस, ट्रेन, एयरपोर्ट आदि पर भी पेमेंट कर सकेंगे।     आधुनिक होटलः दुनिया के 20 से अधिक चर्चित होटलों को बनाया जाएगा, जिसका पूरा इंफास्ट्रक्चर आधुनिक, कला और तकनीक से परिपूर्ण होगा। यह हमारे लिए ऐतिहासिक अवसर है कि खजुराहो को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए। इस निवेश योजना से न केवल ठोस बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कलाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएंगे। – शिव शेखर शुक्ला, एसीएस, पर्यटन विभाग

स्वच्छता की जंग शुरू! हरियाणा के शहरों में मुकाबला, कौन मारेगा बाज़ी?

करनाल जिला सचिवालय सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत स्वच्छ शहर जोड़ी-समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया गया जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। स्वच्छता के प्रति मार्गदर्शन के लिए करनाल नगर निगम की ओर से प्रदेश के 5 शहरों की नगर पालिकाओं के साथ एमओयू किया गया। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन व शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल सोनीपत से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देश की विभिन्न निकाय संस्थाओं से जुड़े और स्वच्छ शहर जोड़ी पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हम हरियाणा के शहरों के बीच भी स्वच्छता की प्रतियोगिता आयोजित करेंगे। हमने हरियाणा के शहरों की रैंकिंग भी तय की है। उसके लिए कुछ पैरामीटर भी तय किए हैं। नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि प्रदेश साफ – सुथरा हो, शहर स्वच्छ हों, हरे भरे हों, उसे साकार किया जा सके। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वच्छता में बेहतर रैंकिंग पाने वाले शहरों ने आज पांच-पांच अन्य शहरों को गोद लिया है ताकि भविष्य में इन्हें भी स्वच्छ बनाया जा सके। पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में करनाल के साथ-साथ सोनीपत ने भी बेहतर रैंक प्राप्त किया था। आज सोनीपत ने होडल, नारनौल, पटौदी मंडी, फर्रूखनगर व कुंडली को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में शुरू किए गए स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं। एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि धान की खरीद जारी है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगें। मंडियों में धान की खरीद सही तरीके से हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने एक अधिकारी की नियुक्ति मंडी में धान खरीद की व्यवस्था की निगरानी के लिए की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय में तो फसल नुकसान की भरपाई नहीं होती थी। किसान सहायता के लिए ताकता रहता था, एक-दो रुपये का चेक भेजा जाता था। जबकि हमारी सरकार ने फसलों के हुए नुकसान का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया है। इस बार भी क्षति-पूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को जल्दी ही जांच के बाद मुआवजा राशि दी जाएगी। इस मौके पर करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक डॉ. पंकज, उपायुक्त उत्तम सिंह, मेयर रेणुबाला गुप्ता तथा विभिन्न नगर पालिकाओं के अधिकारी मौजूद रहे।

विकास बनाम आरोप: गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

पटना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम से देशभर में आईआईटी पटना, बीएसएनएल 4जी और विभिन्न विकास योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने करीब 60 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात दी। गिरिराज सिंह ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “कर्मवीर अवतरित पुरुष” बताते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी भारत को विश्वगुरु बनाने के प्रयास में जुटे हैं। साथ ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस और तेजस्वी यादव झूठ का सहारा ले रहे हैं, जबकि एनडीए सरकार बिहार के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।” केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मौके पर कहा कि 23 में से 8 आईआईटी में लगभग 11 हजार करोड़ रुपए खर्च कर विस्‍तार की योजना बनाई गई। इसमें पटना आईआईटी का नाम भी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंजीनियर रहे हैं, इसलिए पटना में सड़क और भवनों की बेहतर संरचना उनके विजन का परिणाम है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार बिहटा को ग्रोथ जोन केंद्र बनाएगी, जहां सेमीकंडक्टर, टाइल्स परीक्षण और फूड प्रोसेसिंग जैसी प्रमुख इकाइयां स्थापित होंगी। वहीं, उत्तर प्रदेश में “आई लव मोहम्मद” विवाद को लेकर गिरिराज सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि “कांग्रेस देश में गृह युद्ध कराना चाहती है। नेपाल और बांग्लादेश में जब विवाद हुआ था तब आरजेडी ने भी यही विषय उठाया था। नेपाल और लेह की घटनाओं के लिए राहुल गांधी की भड़काऊ राजनीति जिम्मेदार है। कांग्रेस, तेजस्वी यादव, ओवैसी और महबूबा मुफ्ती जैसे लोग विकास की राह में रोड़े अटका रहे हैं और सत्ता की भूख में देश को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।”

बरेली विवाद में बड़ा मोड़: 8 आरोपी जेल में, पुलिस ने दर्ज की 10 एफआईआर

बरेली  बरेली में शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद पुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज की हैं। मामले में 39 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। बरेली पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को भी गिरफ्तार किया, जिन्हें अब 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। डीआईजी के अनुसार, हंगामे को लेकर तौकीर रजा के संगठन के कुछ लोगों का नाम भी सामने आया है। उनके खिलाफ कुछ सबूत भी हैं। इन लोगों के नाम एफआईआर में भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की घटना के संबंध में अब तक कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। डीआईजी ने यह भी बताया कि घटनास्थल से हथियार, खाली खोखे, कुछ बोतलें और घटना में इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री बरामद की गई है। कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जुमे की नमाज के बाद कुछ जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किया गया। हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एफआईआर को लेकर एसएसपी ने बताया कि घटनाओं को लेकर थाना कोतवाली में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि थाना बारादरी में दो और किला, प्रेम नगर और कैंट पुलिस थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि कुल 8 अपराधियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। इसमें मौलाना तौकीर रजा भी शामिल हैं। कोर्ट के आदेश के बाद सभी 8 आरोपियों को जेल में भेजा गया है।

रेलवे ने यात्रियों के लिए किया बड़ा ऐलान, अब सफर में होंगे कई फायदे

पटियाला शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी ओर से विशेष ट्रेनों की मांग के लिए लिखे गए पत्र पर कार्यवाही करते हुए रेलवे विभाग ने नई ट्रेनों को मंजूरी दी है। इससे न केवल पंजाब बल्कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को भी विशेष सुविधा प्राप्त होगी। प्रो. बडूंगर ने बताया कि 10 दिसम्बर 2024 को उन्होंने पत्र लिखकर मांग की थी कि पंजाब और इसके साथ लगते प्रांतों में रेल संपर्क की भारी कमी है। इस कारण यात्रियों और व्यापारियों को सड़क मार्ग (बसों द्वारा) यात्रा करनी पड़ती है, जिसमें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खास तौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है इसलिए राजपुरा से चंडीगढ़, राजस्थान और बठिंडा को जोड़ने वाली विशेष ट्रेनों की जरूरत थी। उनका कहना था कि राजपुरा–चंडीगढ़, पटियाला–समाना–पातड़ां, टोहाना और जाखल होते हुए राजस्थान तक रेल लिंक बनने से लोगों को सुविधा के साथ व्यापार में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा, इन ट्रेनों के चलने से धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों जैसे – गुरुद्वारा बुढ़ा जोहड़ (अनूपगढ़-सूरतगढ़), हनुमानगढ़, मंडी डबवाली, रामामंडी (गुरुद्वारा दमदमा साहिब), सिरसा, जाखल, गुरुद्वारा धामधन साहिब, खनौरी, समाना, पटियाला (गुरुद्वारा दूख निवारण साहिब, काली माता मंदिर), राजपुरा, फतेहगढ़ साहिब, आनंदपुर साहिब, कीरतपुर साहिब, नैना देवी और चंडीगढ़ आने-जाने में यात्रियों को बड़ी सुविधा होगी। प्रो. बडूंघर ने यह भी बताया कि 1977 से 1980 के बीच उन्हें रेलवे यूजर्स बोर्ड में सदस्य के रूप में सेवा करने का अवसर मिला था। उस समय उन्होंने केंद्र सरकार के पास रेल लिंक का प्रोजेक्ट तैयार करवाकर भेजा था। इस प्रोजेक्ट में पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह जी द्वारा 1932 में करवाए गए सर्वे को भी शामिल किया गया था, लेकिन अंग्रेज सरकार ने उसे मंजूरी नहीं दी। साथ ही, उस समय केंद्र सरकार गिरने के कारण प्रोजेक्ट पर काम नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के पिछड़े इलाकों को रेल लिंक से जोड़ रही है और पंजाब भारत का एक अहम राज्य है, जिसे महत्वपूर्ण रेल संपर्क की बहुत जरूरत थी। इस मंजूरी से पंजाब और राजस्थान दोनों के यात्रियों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी।