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केंद्र सरकार की 12 वर्ष की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी, जनकल्याण योजनाओं का प्रदर्शन

 जयपुर केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ब्यावर जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शनी "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" का राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने शुक्रवार को शुभारंभ फीता काटकर किया। कलेक्ट्रेट में आयोजित हो रही इस 3 दिवसीय प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों, अभियानों तथा विकास कार्यों को फोटो पैनलों एवं प्रदर्श सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों से अवगत कराना है। श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के चलते आज भारत विश्व में बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है, दुनिया में देश का मान—सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी आमजन को योजनाओं एवं सरकारी उपलब्धियों से अवगत कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी आमजन को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से इसका अधिकाधिक अवलोकन करने की अपील की मसूदा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह कानावत ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। यह प्रदर्शनी देश की विकास यात्रा को दर्शाती है। उन्होंने  जिलावासियों से परिवार सहित प्रदर्शनी का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को आकर्षक एवं तथ्यात्मक तरीके से प्रदर्शित किया गया है, जिससे नागरिक योजनाओं की उपयोगिता को समझ सकें। जिला कलक्टर ने जिले के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे कलेक्ट्रेट में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवश्य अवलोकन करें और अपने परिचितों को भी प्रदर्शनी देखने के लिए प्रेरित करें। प्रदर्शनी रविवार तक आमजन के लिए नि:शुल्क अवलोकन हेतु खुली रहेगी। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा, जिला जनसंपर्क अधिकारी महिपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि,सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में बताई सरकार की उपलब्धियां प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने  मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश एवं प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों एवं जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है सांसद  ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता एवं जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा एवं वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा है। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, किसान सम्मान निधि, डिजिटल इंडिया एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद ने कहा कि सरकार की नीतियों एवं योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वय के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही हैं। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि सरकार जनविश्वास, पारदर्शिता एवं सेवा भाव के साथ कार्य कर रही है तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला की मौत पर बड़ी कार्रवाई कायम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी को मिली कोर्ट की मंजूरी

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने दायित्वों में लापरवाही को इस आधार पर नहीं छिपा सकती कि संबंधित महिला का हाव-भाव देखकर उसे गर्भवती होने का आभास नहीं हुआ था। अदालत ने गर्भवती महिला की मौत के मामले में सेवा से हटाई गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए उसकी अपील खारिज कर दी। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि अपीलकर्ता द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण उसकी सेवाओं में गंभीर कमी को उजागर करता है। ऐसे में उसकी संविदात्मक नियुक्ति समाप्त करने के प्रशासनिक निर्णय में खामी नहीं पाई जा सकती। क्या है मामला? मामले के अनुसार, पंचकूला निवासी कौशल्या देवी अपने निर्धारित क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत थी। उसकी जिम्मेदारी क्षेत्र के घरों में जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान करना, उनकी निगरानी करना तथा आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाओं से जोड़ना था। इसी दौरान उसके कार्यक्षेत्र में रहने वाली एक गर्भवती महिला की मृत्यु हो गई। हैरानी की बात यह रही कि महिला की गर्भावस्था के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की ओर से कोई रिपोर्ट या सूचना विभाग को नहीं दी गई थी। खंडपीठ ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि इससे पहले एकल पीठ भी सेवा समाप्ति आदेश में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर चुकी थी। एकल पीठ का मानना था कि कार्यकर्ता अपनी सेवा में कमी के लिए कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। मृतक परिवार ने नहीं दी जानकारी: अपीलकर्ता सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने दलील दी कि मृतक के परिवार ने उसे गर्भावस्था के बारे में कुछ जानकारी नहीं दी थी। उसने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा था कि घर के दौरे के दौरान उसने महिला को छत पर तेजी से जाते और गीला भारी कंबल उठाकर घरेलू काम करते देखा था। उसके अनुसार महिला के हाव-भाव से ऐसा प्रतीत नहीं होता था कि वह गर्भवती है। इस दलील पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्टीकरण पूरी तरह अविश्वसनीय और वास्तविकता से परे है। अदालत ने कहा कि यह जवाब स्वयं दर्शाता है कि अपीलकर्ता अपने कर्तव्यों का निर्वहन अपेक्षित स्तर पर नहीं कर रही थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का दायित्व केवल परिवार से सूचना मिलने का इंतजार करना नहीं, बल्कि सक्रिय रूप से क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की पहचान और निगरानी करना है। खंडपीठ ने कहा कि जब सेवाओं में इतनी गंभीर कमी सामने आई और कारण बताओ नोटिस देने के बाद ही संविदात्मक नियुक्ति समाप्त की गई, तो इस कार्रवाई में कोई कानूनी त्रुटि नहीं मानी जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने अपील को खारिज करते हुए सेवा समाप्ति के आदेश को बरकरार रखा।

Vande Bharat Express के यात्रियों के लिए अहम खबर, 16 जून से रूट में बड़ा बदलाव

जालंधर. जालंधर के रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रैस का मार्ग बदल दिया गया है और अब यह ट्रेन जालंधर सिटी व ब्यास के बजाय गुरदासपुर और बटाला होकर संचालित होगी। रेलवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार संशोधित व्यवस्था 16 जून से अमृतसर तथा 17 जून से कटड़ा से लागू हो जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन का नॉन-रनिंग डे भी बदल दिया गया है। अब यह ट्रेन मंगलवार के बजाय शनिवार को संचालित नहीं होगी। रेलवे के इस फैसले से जालंधर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को झटका लगा है, क्योंकि वर्तमान में यह वंदे भारत एक्सप्रैस जालंधर सिटी स्टेशन पर ठहरती थी। मार्ग परिवर्तन के बाद जालंधर सिटी और ब्यास स्टेशन इस ट्रेन के रूट से बाहर हो जाएंगे। रेलवे के आधिकारिक आदेश में मार्ग परिवर्तन के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन रेलवे सूत्रों का कहना है कि जालंधर सिटी स्टेशन से ट्रेन को अपेक्षित संख्या में यात्री नहीं मिल पा रहे थे। रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं सूत्रों के अनुसार कई फेरों में सीटों की ऑक्यूपेंसी उम्मीद से कम रही, जबकि गुरदासपुर और बटाला क्षेत्र से लंबे समय से इस ट्रेन की मांग की जा रही थी। माना  जा रहा है कि बेहतर यात्री संख्या और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह बदलाव किया है। हालांकि इस संबंध में रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नए शेड्यूल के अनुसार ट्रेन संख्या 26406 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रैस सुबह 6.40 बजे कटड़ा से रवाना होकर जम्मूतवी, पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला होते हुए दोपहर 11.40 बजे अमृतसर पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 26405 अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा वंदे भारत एक्सप्रैस शाम 4.40 बजे अमृतसर से रवाना होकर बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मूतवी के रास्ते रात 9.45 बजे कटड़ा पहुंचेगी। मार्ग परिवर्तन के बाद पहली बार गुरदासपुर और बटाला क्षेत्र के यात्रियों को वंदे भारत एक्सप्रैस की सीधी सुविधा मिलेगी। दूसरी ओर जालंधर, कपूरथला और आसपास के इलाकों के यात्रियों को इस ट्रेन का लाभ लेने के लिए अन्य स्टेशनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

सक्ती की दूरपती की सफलता की कहानी, बिहान योजना के सहारे सिलाई से कमाए 1.20 लाख रुपये

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां गढ़ रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले के ग्राम कुसुमझर की निवासी दूरपती सिदार को जनसमस्या निवारण शिविर में ‘लखपति दीदी’ के रूप में सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत खुरघटी में आयोजित समाधान शिविर में दूरपती को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। आर्थिक तंगी से जूझ रहीं दूरपती ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से प्राप्त आरएफ और सीआईएफ राशि से सिलाई मशीन खरीदी और अपना व्यवसाय शुरू किया। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने बैंक से ऋण लेकर व्यवसाय का विस्तार किया। आज वह सिलाई कार्य के जरिए प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी इस सफलता ने उन्हें गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया है। दूरपती सिदार का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें रोजगार के साथ आत्मविश्वास और सम्मान भी दिया है। अब वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

माता मंदिर में ऊर्जा मंत्री तोमर की जन चौपाल, पौधरोपण और स्वच्छता अभियान से दिया खास संदेश

माता मंदिर में रात्रि विश्राम के दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने लगाई जन चौपाल एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौध-रोपण झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में चल रहे महाअभियान के तहत उप नगर ग्वालियर के वार्ड नंबर 5 आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क माता मंदिर परिसर में  रात्रि विश्राम के दौरान जन चौपाल के जरिए स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर नागरिकों ने जनसुविधा से जुड़े कई मुद्दे उठाए, जिन पर ऊर्जा मंत्री तोमर ने सकारात्मक पहल और समाधान का आश्वासन दिया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने संकल्प लिया कि क्षेत्र के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और हर गली-मोहल्ले तक विकास पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उनकी बात सुनना जनसेवक का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। रात्रि विश्राम के उपरांत शुक्रवार सुबह ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क में संचालित जिम में स्थानीय निवासियों के साथ संवाद करते हुए उनका हालचाल पूछा। तदोपरान्त पार्क और मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान में शिरकत की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने संगठन के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान में शामिल होकर पौध-रोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को पर्यावरण से जोड़ना और व्यक्तिगत स्तर पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम' अभियान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और अपनी माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी पौधरोपण अभियान है। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क आनंद नगर में क्रिकेट खेला।  

‘हमें अब भी इंसाफ का इंतजार’ : राजा रघुवंशी के परिवार ने दोहराई CBI जांच की मांग, सोनम पर जताई चिंता

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। उनका तर्क है कि यह मामला भी बेहद चर्चित है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। ऐसे में राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून पर शिलांग गए थे। आरोप है कि वहां सोनम ने अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया। घटना के बाद वह फरार हो गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने सोनम सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है। ऐसे में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। लड़के के मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं? विपिन का कहना है कि इस मामले में जल्द से जल्द सीबीआई जांच होनी चाहिए। क्योंकि सोनम जमानत पर बाहर है और वह सबूतों को नष्ट कर सकती है। हमारी राज्य सरकार से यही मांग है कि इस मामले की भी सीबीआई जांच कराई जाए। सीबीआई जांच होने पर हमारे भाई राजा को जल्द न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है, लेकिन यदि मामले की गहन जांच होती है तो सच्चाई सामने आएगी। विपिन ने कहा कि भोपाल में एक युवती की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जा रही है, जबकि राजा की हत्या के मामले में अब तक सीबीआई जांच नहीं हुई है। जबकि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। विपिन का कहना है कि सरकार को इस मामले में भी सहयोग करना चाहिए था। इतना बड़ा मामला होने के बावजूद यदि सोनम को जमानत मिल गई है, तो यह उनके परिवार के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि राजा को अभी तक न्याय नहीं मिला है और परिवार अब भी इंसाफ का इंतजार कर रहा है।

डॉग लवर संस्था नहीं मिली, नगर निगम ने लिया बड़ा फैसला; चाकुलिया भेजे जाएंगे आवारा कुत्ते

 धनबाद  धनबाद के आवारा कुत्तों का आश्रय गृह अब चाकुलिया होगा क्योंकि धनबाद में डॉग लवर नहीं है और न हीं ऐसी कोई संस्था जो आवारा कुत्तों के लिए कार्य करती है। नगर निगम ने ऐसी संस्था को ढ़ूढने के लिए खूब पसीना बहाया पर न केवल जिले बल्कि आस-पास के जिलों में भी ऐसी कोई संस्थान नहीं मिली। जिसके बाद नगर निगम ने शहर के आवारा कुत्तों को चाकुलिया के डॉग सेल्टर होम में भेजने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य है कि आवश्यकता अनुसार आवारा कुत्तों के लिए सेल्टर होम में भेजने से उपचार एवं देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो पाएगी। नगर निगम धनबाद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण, डॉग बाइट की घटनाओं में कमी तथा रेबीज उन्मूलन के उद्देश्य से एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से कर रहा है। नगर निगम ने अब तक लगभग 32,046 आवारा कुत्तों का बंध्याकरण (स्टरलाइजेशन) कर उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन दे चुका है। इसके साथ ही प्रतिदिन औसतन 25 कुत्तों को विभिन्न क्षेत्रों से पकड़कर उनका बंध्याकरण एवं टीकाकरण कराया जा रहा है। एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम, 2023 एवं निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप आवारा कुत्तों का बंध्याकरण, टीकाकरण एवं उपचार किया जा रहा है तथा उन्हें उनके मूल स्थान पर सुरक्षित छोड़ा जा रहा है। डॉग बाइट के मामलों में कमी लाने हेतु पोस्ट बाइट एंटी रेबिज वेक्सिनेशन व्यवस्था सुदृढ़ रूप से संचालित किया जा रहा है। साथ ही प्रीवेंशन एंटी रेबिज वेक्सिनेशन अभियान भी चलाया जा रहा है। 55 स्थलों को फीडिंग जोन के रुप में किया है अधिसूचित नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों के सुव्यवस्थित प्रबंधन हेतु कुल 55 स्थलों को फीडिंग जोन के रूप में अधिसूचित किया गया है। जहां ही डॉग फीडिंग की व्यवस्था की गई है। यह वीडियो भी देखें इन स्थलों पर स्वच्छता एवं व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि चिह्नित फिडिंग जोन के अतिरिक्त अन्यत्र डॉग फीडिंग किए जाने पर झारखंड नगर पालिका अधिनियम 2011 के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान सतत प्रक्रिया है। जिसकी नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि शहर में आवारा कुत्तों से संबंधित समस्याओं का प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। सेल्टर होम में आवारा कुत्तों का उपचार एवं देखभाल की समुचित व्यवस्था है। धनबाद में काफी प्रयास के बाद भी डॉग लवर संस्था नहीं मिला। शहर के नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए आवारा कुत्तों को चाकुलिया डॉग सेल्टर होम भेजने का निर्णय लिया गया है। आशीष गंगवार, नगर आयुक्त

“हाव-भाव देखकर गर्भ का अंदाजा नहीं लगा” दलील पर HC की कड़ी टिप्पणी, अपील खारिज

 चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने दायित्वों में लापरवाही को इस आधार पर नहीं छिपा सकती कि संबंधित महिला का हाव-भाव देखकर उसे गर्भवती होने का आभास नहीं हुआ था। अदालत ने गर्भवती महिला की मौत के मामले में सेवा से हटाई गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए उसकी अपील खारिज कर दी। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि अपीलकर्ता द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण उसकी सेवाओं में गंभीर कमी को उजागर करता है। ऐसे में उसकी संविदात्मक नियुक्ति समाप्त करने के प्रशासनिक निर्णय में कोई खामी नहीं पाई जा सकती। क्या है मामला? मामले के अनुसार, पंचकूला निवासी कौशल्या देवी अपने निर्धारित क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत थी। उसकी जिम्मेदारी क्षेत्र के घरों में जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान करना, उनकी निगरानी करना तथा आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाओं से जोड़ना था। इसी दौरान उसके कार्यक्षेत्र में रहने वाली एक गर्भवती महिला की मृत्यु हो गई। हैरानी की बात यह रही कि महिला की गर्भावस्था के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की ओर से कोई रिपोर्ट या सूचना विभाग को नहीं दी गई थी। खंडपीठ ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि इससे पहले एकल पीठ भी सेवा समाप्ति आदेश में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर चुकी थी। एकल पीठ का मानना था कि कार्यकर्ता अपनी सेवा में कमी के लिए कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। मृतक परिवार ने नहीं दी जानकारी: अपीलकर्ता सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने दलील दी कि मृतक के परिवार ने उसे गर्भावस्था के बारे में कुछ जानकारी नहीं दी थी। उसने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा था कि घर के दौरे के दौरान उसने महिला को छत पर तेजी से जाते और गीला भारी कंबल उठाकर घरेलू काम करते देखा था। उसके अनुसार महिला के हाव-भाव से ऐसा प्रतीत नहीं होता था कि वह गर्भवती है। इस दलील पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्टीकरण पूरी तरह अविश्वसनीय और वास्तविकता से परे है। अदालत ने कहा कि यह जवाब स्वयं दर्शाता है कि अपीलकर्ता अपने कर्तव्यों का निर्वहन अपेक्षित स्तर पर नहीं कर रही थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का दायित्व केवल परिवार से सूचना मिलने का इंतजार करना नहीं, बल्कि सक्रिय रूप से क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की पहचान और निगरानी करना है। खंडपीठ ने कहा कि जब सेवाओं में इतनी गंभीर कमी सामने आई और कारण बताओ नोटिस देने के बाद ही संविदात्मक नियुक्ति समाप्त की गई, तो इस कार्रवाई में कोई कानूनी त्रुटि नहीं मानी जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने अपील को खारिज करते हुए सेवा समाप्ति के आदेश को बरकरार रखा।

दिल्ली में हर घर में स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर अनिवार्य करने की सिफारिश

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाओं पर काबू पाने के लिए दिल्ली फायर डिपार्टमेंट ने हर घर में स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर लगाना अनिवार्य करने की सिफारिश की है। विभाग का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो आग से हो रही मौतों पर 97 फीसदी तक काबू पाया जा सकता है। फायर डिपार्टमेंट ने आग से निपटने के लिए अगले 25 साल की तैयारियों के लिए मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है। विवेक विहार की घटना के बाद सीएम ने खुद संभाली थी कमान फायर विभाग के सूत्रों की मानें तो अगले एक-दो दिन में इसे होम डिपार्टमेंट के पास भेज दिया जाएगा। बता दें कि विवेक विहार की घटना के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने विभागों के साथ बैठक कर आग से निपटने के लिए फायर मास्टर प्लान बनाने का निर्देश दिया था। फायर डिपार्टमेंट की माने तो अगर यह दावा लागू हुआ तो 97 फीसदी तक मौत का आंकड़ा घट जाएगा। दिल्ली के चीफ फायर ऑफिसर ए. के. मलिक के मुताबिक एक-दो दिन में इस मास्टर प्लान को होम डिपार्टमेट के पास भेज दिया जाएगा और मालवीय नगर जैसी घटनाओं में आग से होने वाली मौत को रोकने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे। उसी को लेकर हमने सरकार को कुछ सिफारिशें भेजी हैं, जिससे आग से हो रही मौतों में 97 फीसदी की कमी लाई जा सकती है। दिल्ली के हर घर में स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर अनिवार्य करने पर जोर इसके लिए सबसे पहले हर घर में स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर अनिवार्य करने के साथ-साथ विल्डिंग में सीढ़ियों के आस-पास बिजली के मीटर लगाने और बिल्डिंग के बेसमेंट या स्टिल्ट पार्किंग में एग्जिट गेट के पास EV चार्जिग पॉइंट पर रोक लगानी होगी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर आग की घटनाएं बिजली मीटर के या EV चार्जिंग पॉइंट के साथ हो रही है। इससे आग लगने के बाद लोग बाहर नहीं निकल पाते है। उन्होंने कहा कि पहले से बने घरों में स्मोक डिटेक्टर लगाने के लिए सरकार को प्रोत्साहित करने के लिए भी योजना लानी चाहिए। स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर हो तो लोग आग फैलने से पहले खुद को बचा सकते हैं। इससे कैजुएलटी पर काबू पाया जा सकता है। दिल्ली में अभी आग से हर साल करीब 100 लोगों की मौत हो जाती है। इस साल ही जनवरी से जून में अब तक 66 से अधिक लोगों की आग के कारण मौत हो चुकी है।  

बिहार राजनीति में हलचल: सम्राट चौधरी की सीमांचल यात्रा से बढ़ा सियासी तापमान

 पूर्णिया  भाजपा की अगुवाई में बिहार में बनी पहली सरकार के मुखिया की यह पहली सीमांचल यात्रा है। पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे इस इलाके का राजनीतिक समीकरण कुछ अलग है। बड़ी मुस्लिम आबादी फिर बांग्लादेश व नेपाल की सीमा से जुड़ाव से यहां का राजनीतिक गणित अलग है। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यात्रा की प्रबल संभावना से राजनीतिक गलियारों की नजर भी सजग हो गई है। उनकी यात्रा 16 जून् को प्रस्तावित है। वे सहयोग शिविर के माध्यम आम लोगों को मिल रही राहत को देखने पहुंचेंगे। शिविर का उद्देश्य धरातल पर कितना सफल हो रहा है, इसका फीडबैक वे लेंगे। उनकी यह यात्रा धमदाहा प्रखंडके रंगपुरा दक्षिण पंचायत से शुरू होगी। धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह जीत दर्ज करने वाली बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह के चुनाव प्रचार के दौरान के भी उनका आगमन हुआ था। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में उनके विकास की सराहना भी की थी। इस यात्रा से एक बड़ा संदेश भी देना है। मुख्यमंत्री की डायरी में भी विकास ही प्राथमिकता है। सीमांचल विधानसभा चुनाव के पूर्व से ही केंद्र सरकार की प्राथमिकता में रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यहां तीन दिवसीय प्रवास पर रहे थे। देश की सुरक्षा के लिए भी यह इलाका अहम है और केंद्र की मंशा को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता भी। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पूर्व ही इलाके में आयोजित सभा के दौरान अगले मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का नाम बता चुके थे। यह राजग के राजनीतिक समीकरण को साधने की कला भी थी। निश्चित रूप से सीमांचल में पूर्व मुख्यमंत्री की छवि विकास पुरुष के रूप में थी। सामाजिक समीकरणों को साध राजग की लगातार बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। राजनीति की उसी ट्रैक में उनकी भी गाड़ी बढ़ सकती है, यह संभावना पहले से बनी हुई है। प्रशासनिक अमला अपनी तैयारी में है। सहयोग शिविर के मायने की झलक जमीन पर दिखे, यह प्रयास किया जा रहा है। आम लोग भी उत्साहित हैं। इस शिविर के माध्यम उनकी ऐसी समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ी है, जिनके लिए वे सरकारी दफ्तर की दौड़ लगा रहे थे। कार्यकर्ता मुख्यमंत्री में देखते हैं पूर्व मुख्यमंत्री की छवि: आशीष कुमार बब्बू जदयू के प्रदेश महासचिव आशीष कुमार बब्बू ने कहा कि मुख्यमंत्री के धमदाहा आगमन की संभावना बनी है। यह एक सरकारी कार्यक्रम है। निश्चित रूप से उनके आने की सूचना से कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। कार्यक्रम सरकारी है और इसलिए उनका शेड्यूल तय होगा। इन स्थितियों के बीच राजग कार्यकर्ताओं में उनके आने की सूचना मात्र से काफी उत्साह है। कार्यकर्ता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि देखते हैं। मुख्यमंत्री का एक मात्र उद्देश्य बिना विभेद क्षेत्र के साथ-साथ जन-जन का कल्याण है। धमदाहा इलाके से उनका पुराना नाता रहा है। कई घरों में उनका पूर्व से आना-जाना रहा है। बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह से भी पारिवारिक रिश्ता रहा है। धमदाहा से उनकी यात्रा की शुरुआत से जदयू के साथ-साथ भाजपा, लोजपा आर, रालोसपा सहित हर घटक दल के कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है।