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वन विभाग का अभियान: शहर से बंदरों का पकड़ा-धकड़ी अभियान जारी

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती तादाद लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बनी हुई थी. आए दिन लोग इनके आतंक से परेशान रहते थे. कभी ये बंदर घरों में घुस जाते, तो कभी खेतों में नुकसान पहुंचाते थे. कई बार तो राहगीरों और बच्चों पर हमला करने की भी शिकायतें आती थीं. इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेंद्रगढ़ के डीएफओ मनीष कश्यप को अभियान चलाने के निर्देश दिए. 35 बंदरों को गुरु घासीदास पार्क में छोड़ा गया वन विभाग की टीम ने अब तक 35 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से गुरु घासीदास पार्क में छोड़ा है. वहां उनके लिए प्राकृतिक माहौल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है. विभाग की इस पहल से न सिर्फ शहरवासियों को राहत मिली है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का भी संदेश गया है. डीएफओ मनीष कश्यप ने स्पष्ट किया कि किसी भी वन्य जीव को नुकसान पहुंचाए बिना इस अभियान को अंजाम दिया जा रहा है. उनका कहना है कि वन्य जीव भी प्रकृति का हिस्सा हैं और उनका संरक्षण करना विभाग की जिम्मेदारी है. प्रशासन की कार्रवाई से चिरमिरी में राहत स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब वन विभाग ने इतनी बड़ी समस्या पर ठोस कदम उठाया है. लोगों ने डीएफओ मनीष कश्यप और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयास से चिरमिरी में राहत का माहौल है. इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि अगर जिम्मेदारी और गंभीरता से पहल की जाए तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है. वन विभाग का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जल्द ही चिरमिरी को बंदरों की समस्या से पूरी तरह निजात मिलने की उम्मीद है. यह पहल न केवल लोगों की सुविधा के लिए कारगर है बल्कि पर्यावरण संतुलन और वन्य जीव संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.

जोधपुर में महंतस्वामी महाराज के सान्निध्य में 10 दिवसीय मंदिर महोत्सव का मंगल शुभारंभ

जोधपुर, राजस्थान के जोधपुर में भक्ति और सेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। जोधपुर के कालीबेरी में स्थित बीएपीएस स्वामिनारायण मंदिर में मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अपने चरम पर हैं, जिसमें प्रकट ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज के जोधपुर आगमन ने भक्तों और स्वयंसेवकों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है। यह 10 दिवसीय मंदिर महोत्सव आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक अद्भुत संगम है, जिसका मुख्य आकर्षण 25 सितंबर को होने वाली मूर्ति प्राणप्रतिष्ठा है। इस भव्य समारोह में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। इस भव्य मंदिर का निर्माण हजारों भक्तों के निस्वार्थ समर्पण और सेवा का परिणाम है। इस कार्य में सभी आयु वर्ग और समुदायों के लोगों, विशेषकर महिलाओं और बाल युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है। रसोई की सेवा से लेकर मंदिर की साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था तक, हर एक व्यक्ति ने किसी न किसी रूप में अपना योगदान दिया है। कालीबेरी और उसके आसपास के क्षेत्रों से कई परिवारों ने एकजुट होकर इस महान कार्य में अपनी सेवाएं अर्पित की हैं, जो निस्वार्थ भक्ति और समर्पण की एक मिसाल है। 19 सितंबर को ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज के आगमन के बाद वरिष्ठ संतों और भक्तों ने उनका पुष्पमाला के साथ स्वागत किया। उनके सान्निध्य में भक्तों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सत्संग का लाभ मिल रहा है। महोत्सव के दौरान 21 सितंबर को स्वागत सभा और 22 सितंबर को सत्कार सभा का आयोजन किया जाएगा, जहां भक्तों को पूज्य स्वामीजी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह भव्य मंदिर सभी आम जन नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। मंदिर के उद्घाटन के साथ ही, यहां नियमित रूप से आध्यात्मिक और शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन होगा, जिसमें हर रविवार को विभिन्न आयु वर्गों के लिए साप्ताहिक सत्संग सभाएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का संचार करने के लिए बाल सभाएं होंगी। युवाओं को सही दिशा और प्रेरणा प्रदान करने के लिए युवा सभा का आयोजन किया जाएगा। वरिष्ठ लोगों और परिवारों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और पारिवारिक शांति के लिए संयुक्त रवि सभाएं होंगी। युवाओं को नशे जैसी बुरी लतों से दूर रखने और उनका व्यक्तिगत, सामाजिक, आध्यात्मिक और कौशल विकास हो, इसके लिए समय-समय पर युवा शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा। उम्मीद है कि जोधपुर का बीएपीएस स्वामिनारायण मंदिर न सिर्फ एक आस्था का स्थल केंद्र होगा, बल्कि आने वाले समय में यह एक ऐसा केंद्र बनेगा, जहां मानवता की सेवा, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ावा मिलेगा। यह जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक धरोहर साबित होगा।  

छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा का महासमुंद दौरा

महासमुंद, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा सोमवार 22 सितंबर को महासमुंद जिले के दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 9:00 बजे रायपुर से प्रस्थान करेंगे एवं महासमुंद पहुंचेंगे, जहां वे आंगनवाड़ी केंद्र,पीडीएस, मध्याह्न भोजन, छात्रावास आदि का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के पश्चात दोपहर 2:30 बजे वे कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। बैठक के पश्चात शाम 4.30 बजे श्री शर्मा रायपुर के लिए रवाना होंगे।

इंटरव्यू में CM भगवंत मान ने बताया पंजाब में बाढ़ की पीछे का कारण

पंजाब  पंजाब में आई बाढ़ और उसके बाद पैदा हुए हालातों को लेकर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इंटरव्यू में विस्तृत जानकारी दी है. सीएम भगवंत मान ने कुछ विदेशी मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है कि सिंधु जल समझौता रद्द किए जाने की वजह से ही पंजाब में बाढ़ आई. भगवंत मान का कहना है कि अभी पानी रोकने में काफी वक्त लगेगा. पंजाब में बाढ़ का पानी ऊपर (हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर) से आया है. पंजाब के सीएम ने कहा कि सिंधु जल समझौते का पानी अभी कहां रोका गया है. उसे रोकने में काफी समय लगेगा. झेलम का पानी सीधे पाकिस्तान जाता है. हमारे यहां पानी ऊपर से बहुत आया है. दरिया अपना रास्ता खुद बनाते हैं, उन्हें कैसे रोक सकते हैं. हरियाणा के साथ हमारा 100 क्यूसिक पानी का झगड़ा था और भाखड़ा डैम में रोजाना डेढ़ लाख लीटर पानी आ रहा था. पंजाब सीएम ने कहा कि अभी भी भाखड़ा में 80 हजार क्यूसिक पानी आ रहा है. इसके साथ ही पोंग डैम और रणजी सागर डैम को हमने सुरक्षित रखा लेकिन ऊपर से पूरे पहाड़ ही बहकर आ गए. उत्तराखंड में भारी नुकसान हुआ है.   भगवंत मान ने कहा कि पीएम ने हमें 1600 करोड़ दिया है और 2300 गांव हमारे डूबे हैं. गांव वालों को अगर घर के पैसे भी देने हों तो वो भी पूरा नहीं होगा. ये मजाक करके गए हैं. हमारा अनुमान है कि 13800 करोड़ का नुकसान हुआ है और उसमें 1600 करोड़ रुपये मिले हैं. ये क्या मजाक है? सीएम का कहना है कि SDRF में 5012 करोड़ आए हैं, उसमें से 3800 रुपये खर्च हुए हैं. उसमें सिर्फ 1200 का ही गैप है. ये जीरो लगाकर 12 हजार बना रहे हैं. SDRF के अनुसार, बाढ़ से बर्बाद हुए घर का 6800 रुपये, भैंस के लिए 1500 रुपये मिलते हैं. क्या भैंस की कीमत 1500 रुपये ठीक है?  

2400 घरों के सर्वे में 550 मरीज, इंदौर में वायरल फीवर की बढ़ती चिंता

इंदौर मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियां काफी बढ़ रही हैं। अभी शहर में वायरल का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ रहा है। लगभग सभी घरों में कोई न कोई व्यक्ति बीमार मिल रहा है। इसके अलावा वर्षा के मौसम में डेंगू, मलेरिया के मरीजों की भी संख्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छरजनित बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए लार्वा सर्वे किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सितंबर में अब तक कुल 2431 घरों का सर्वे किया गया, जिनमें से 75 घरों में लार्वा पाया गया। इसी प्रकार कुल 14551 कंटेनर की जांच की गई, जिसमें से 79 में लार्वा पाया गया। सर्वे के दौरान यह पाया गया कि करीब 550 लोग बीमार हैं। इनमें डेंगू, मलेरिया के लक्षण पाए जाने पर जांच करवाई गई, लेकिन रिपोर्ट सामान्य आई। यह सभी लोग वायरल फीवर से पीड़ित थे, जिन्हें विशेषज्ञों ने इलाज करवाने की सलाह दी।   अधिकारियों के अनुसार प्रजापत नगर में तेज बारिशके चलते जलजमाव की स्थिति बनी थी। इसके चलते प्रजापत नगर सहित आसपास के क्षेत्र में इसके लिए विशेष सर्वे किया गया। क्योंकि इन क्षेत्रों में कई दिनों तक पानी भरा हुआ था। इसके कारण मच्छरजनित सहित अन्य बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। दूषित पानी के कारण बढ़ रही बीमारियां शहर में दूषित पानी के कारण भी बीमारियां बढ़ रही हैं। एमवाय अस्पताल की ओपीडी में पेट संबंधित समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में दूषित की आशंका के चलते अब तक पानी के 75 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 14 में पानी दूषित मिला है। विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित पानी के कारण टायफाइड, हेपेटाइटिस ए, डायरिया आदि बीमारियां बढ़ रही हैं। हमेशा पानी को उबालकर ही पीना चाहिए। डेंगू के 46 मरीज मिले मलेरिया विभाग के अनुसार इस वर्ष अब तक डेंगू के 46 और मलेरिया के नौ मरीज मिल चुके हैं। हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार मरीजों की संख्या काफी कम है। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए हमें घर और घरों के आसपास पानी एकत्रित होने से रोकना होगा।

लालू परिवार में सोशल मीडिया पर बवाल: रोहिणी आचार्य ने परिवार से बनाई दूरी, बोलीं- आत्मसम्मान सबसे ऊपर

पटना आत्मसम्मान पर चोट से आहत लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार के सभी सदस्यों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अनफॉलो कर दिया है। रोहिणी का ये कदम लालू परिवार में बढ़े आपसी विवाद के बडे संकेत दे रहा है। वर्तमान में रोहिणी आचार्य अपने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर सिर्फ तीन अकाउंट को ही फॉलो कर रही हैं।       रोहिणी जिन्हें वर्तमान पर फॉलो कर रही हैं उनमें राहत इंदौरी और द स्ट्रेट्स टाइम्स का अकाउंट है। इसके अलावा तीसरा अकाउंट उनके पति समरेश सिंह का है, जिसे आचार्य फॉलो कर रही हैं। गौर करने वाली बात ये है कि समरेश सिंह अभी भी एक्स पर लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी को फॉलो कर रहे हैं, जबकि रोहिणी आचार्य ने परिवार के सभी सदस्यों को अनफॉलो कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय यादव पर टिप्पणी के बाद से ही रोहिणी आचार्य पर उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर विशेष अभियान चलने लगा था। रोहिणी आचार्य पर राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण संजय यादव पर टिप्पणी का आरोप लगने लगा था। जिसके बाद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लालू को अपने दिए किडनी को लेकर एक मार्मिक वीडियो शेयर किया और परिवार को लेकर दी गई अपनी कुर्बानी को भी लोगों को याद दिलानी पडी। साथ ही ये भी लिखा कि उन्हें कोई राजनीति महत्वाकांक्षा नहीं है। उनके लिए आत्म सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं।  

देखिए भारत में पहली बार: गोलगप्पों के सागर में विराजती मां दुर्गा, मनोहर पंडाल का अनोखा अंदाज

बिलासपुर संस्कारधानी के हृदय स्थल मसानगंज में इस साल दुर्गा पूजा का रंग कुछ हटकर होगा। नवयुवक दुर्गोत्सव समिति अपने 57वें साल में मां दुर्गा का दरबार पांच लाख गुपचुप से सजा रही है। पंडाल ही नहीं, देवी की प्रतिमा भी गुपचुप पर विराजमान होंगी। कोलकाता से आए कारीगर इस अनोखे पंडाल को तैयार करेंगे। पांच दिनों तक भोग-प्रसाद के रूप में भक्तों को गुपचुप ही परोसा जाएगा। मसानगंज की नवयुवक दुर्गोत्सव समिति हर साल नए-नए प्रयोगों के लिए जानी जाती है। पिछले साल यहां दो लाख चाकलेट से माता का रूप और पंडाल सजाया गया था, जिसने भक्तों का दिल जीत लिया था। इस बार समिति ने और भी बड़ा प्रयोग किया है।  

चित्तौड़गढ़ की बड़ी सादड़ी में झमाझम, 74 मिमी बरसात से मौसम सुहाना

जयपुर राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर से वापसी की है। मौसम विभाग की ओर से रविवार और सोमवार को चित्तौड़गढ़, राजसमंद,सिरोही, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की ओर से इन जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में बारिश की स्थिति की बात करें तो शनिवार दोपहर बाद चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर में घने बादल जाए और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जिलों में मौसम साफ रहा और तेज धूप निकली। जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग का मनना है कि अगले 4 दिनों तक बारिश का दौर और जारी रह सकता है। बीते 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश चित्तौड़गढ़ जिले की बड़ी सादड़ी में 74 मिमी रिकॉर्ड की गई। वहीं निम्बाहेड़ा में 60 मिमी, डूंगरपुर के सागवाड़ा में 19, प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी में 17, उदयपुर के वल्लभनगर में 45, खेरवाड़ा में 26 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर से प्रदेश में मौसम शुष्क हो सकता है, यानी बारिश की गतिविधियां थम सकती हैं। प्रदेश में अधिकतम तापमान की बात करें तो सर्वाधिक तापमान पिलानी में 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सीकर में 35.5 डिग्री, अजमेर में  34.7, भीलवाड़ा में 31.2, अलवर में 35.5, जयपुर में 33.9,  कोटा में 30.3, चित्तौड़गढ़ में 32.3, बाड़मेर में 36.4, जैसलमेर में 37.2, जोधपुर में 34.9, चूरू में 39.1, पाली में 32.1, और जालोर में 34.1 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला में बोले सीएम योगी

आज प्रदेश के हर सेक्टर में दिख रहा विकास : मुख्यमंत्री विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लिए पीएम मोदी के पंच प्रण से जुड़ना होगा : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ पर काम कर रही है। इसमें सरकार द्वारा निर्धारित 12 सेक्टर्स में से किसी भी क्षेत्र में अपने सुझाव देकर राज्य का हर व्यक्ति यूपी को विकसित बनाने में योजक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति सरकार द्वारा जारी ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ के क्यूआर कोड को मोबाइल में स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दे। सीएम योगी रविवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर एमजीयूजी के ऑडिटोरियम में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्व और वर्तमान दशा का विस्तार से उल्लेख किया और भावी दशा के लिए एक रोडमैप सबके सामने रखा। सीएम ने कहा कि आजादी मिलने के बाद 1947 के देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 प्रतिशत था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती गई। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद इसमें सुधार आना शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12 लाख 36 हजार करोड़ रुपये थी। इस वर्ष के अंत तक सरकार इसे 36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने जा रही है। यानी नौ सालों में तीन गुने की वृद्धि। इसी तरह राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी नौ सालों में 45000 रुपये से बढ़कर 1 लाख 20000 रुपये पर पहुंच रही है। आज प्रदेश में हरेक सेक्टर में विकास देखने को मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ ‘अमृत महोत्सव’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए जो पंच प्रण दिए हैं, हम सभी को उसके साथ आगे बढ़ना होगा। हमें उन पंच प्रणों, गुलामी की मानसिकता को सर्वथा समाप्त करना, विरासत का सम्मान करना, सेना, अर्धसेना और यूनिफॉर्मधारी जवानों का सम्मान व उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना, जाति, क्षेत्र या किसी भी तरह के वाद से मुक्त होकर समतामूलक समाज के लिए एकता के सूत्र में बंधना और नागरिक कर्तव्यों का पालन करना अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। विकसित भारत के लिए यूपी ने उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने पितृ विसर्जन के पावन पर्व पर आजादी दिलाने वाले देश के पूर्वजों को याद करते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सपना था कि भारत दुनिया की एक ताकत बने। पितृ विसर्जन पर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के लिए आयोजित यह कार्यशाला पूर्वजों के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पीएम के आह्वान के तीन साल बाद जब किसी और जगह से आवाज नहीं आई तो विकसित भारत के लिए आवाज उठाने की शुरुआत यूपी ने की। बताया कि अगस्त माह में विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक विजन बनाने को विधानसभा और विधान परिषद में लगातार 24 घण्टे चर्चा हुई। इस चर्चा ने उस धारणा को बदल दिया है जिसमें कहा जाता था कि विधायिका में काम नहीं होता है। और, उस चर्चा के बाद अब आमजन से सुझाव लेकर कार्ययोजना बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेशभर में इस तरह की चर्चा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने हेतु यूपी में तीन सौ से अधिक बुद्धिजीवियों जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस, कुलपति, शिक्षक, चिकित्सकों, उद्यमियों की सहभागिता है, को प्रदेश के सभी जिलो में भेजा जा रहा है। ये बुद्धिजीवी प्रदेश के विभिन्न अकादमिक संस्थाओं में जाकर विकसित उत्तर प्रदेश के विजन पर छात्रों व अन्य लोगों से चर्चा कर रहे है। अब तक प्रदेश के 110 से अधिक अकादमिक संस्थाओं में भ्रमण कर ये बुद्धजीवी छात्रों से, जनता से संवाद कर चुके हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बहुमूल्य विचारों को भी आमंत्रित कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं है। यदि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का विचार सामने आया है तो मूर्त रूप अवश्य लेगा। इसी विश्वास के साथ आज हम सब आगे बढ़ रहे हैं।  पीएम मोदी द्वारा दिए संकल्पों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण के साथ 9 संकल्प की भी बात की थी। ये संकल्प बहुत छोटे हैं और हमारी दिनचर्या के हिस्से के रूप में भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के लिए संकल्प की बात की है। एक संकल्प पर्यावरण संरक्षण है जिसमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने तीसरा संकल्प स्वच्छता का दिया। स्वच्छता न होने के कारण ही पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस बीमारी फैलती थी। आज यह क्षेत्र गंदगी मुक्त हुआ तो यहां इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हुआ। बताया कि 1977 से 2017 तक 50 हजार बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस से हुई थी। 2017 के बाद सरकार के प्रयासों के बाद इसे समाप्त करने में सफलता पाई गयी। आज इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नही होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता का संकल्प हमें दिया है। इसके लिए हमें स्वदेशी मॉडल को अपनाना होगा। समय व मांग के अनुरूप हमें उसके मॉडल में परिवर्तन करना होगा। हमें वोकल फार लोकल की दिशा में आगे बढ़ना होगा।  भारत में आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने देश दर्शन का दिया है। हमारे यहां 4 धाम, 51 शक्ति पीठ, 12 ज्योर्तिलिंग आदि आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र हैं। हेरिटेज टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत सम्पन्न है। भारत ने आक्रान्ताओं के खिलाफ एक लम्बी लड़ाई लड़ी है। टूरिज्म के लिए हम विदेश क्यों जाएं, जब हमारे पास इतना वैभवपूर्ण टूरिज्म क्षेत्र है। इससे हमारा पैसा भी अपने देश में खर्च होगा। पीएम के संकल्पों को याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। रासायनिक उर्वरको से कैंसर जैसे अनेक रोग होते है। मधुमेह के रोगियों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती … Read more

आसमान में देशभक्ति का नज़ारा! हरियाणा के पहले एयर शो में जाबाज़ पायलटों की धांसू परफ़ॉर्मेंस

हिसार हरियाणा के हिसार में आज महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम रोमांचक एयर शो पेश कर रही है। इस एयर शो का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है ताकि वे आने वाले समय में भारतीय वायुसेना और पायलट बनने का सपना देख सकें। 13 पायलटों वाली टुकड़ी अपने विमान के साथ तीन घंटे तक हैरतअंगेज करतब दिखाएगी। सिरसा और अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से ये विमान उड़ान भरते हुए करतब दिखाएंगे। आकाश में कभी सभी विमान एक साथ फॉर्मेशन बनाएंगे, तो कभी अलग-अलग टीमों में बंटकर एयरोबेटिक शो करेंगे। इन करतबों के दौरान विमान 150 किमी प्रति घंटे से लेकर 650 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेंगे। वहीं हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी इस एयर शो में मौजूद है। रिहर्सल के दौरान 9 जहाज एक साथ करतब दिखाएंगे। प्रशासन की ओर से पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें नियुक्त की गई हैं।हरियाणा के पहले एयर शो को देखने हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचे है।    देश के कई हिस्सों में हो चुके एयर शो सूर्यकिरण वायु सेना की 52वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा है, जिसकी स्थापना 1996 में हुई थी। यह टीम भारतीय वायु सेना की एरोबेटिक्स प्रदर्शन टीम है। इस टीम में 13 पायलट हैं। इनमें से केवल 9 ही एक साथ उड़ान भरते हैं। इसके लिए केवल लड़ाकू विमान के पायलटों का चयन किया जाता है। उनके पास किरण विमान संचालन का 1,000 घंटे और लड़ाकू उड़ान का लगभग 2,000 घंटे का अनुभव होता है। पायलटों के अलावा, इस टीम में एक फ्लाइट कमांडर, एक प्रशासक और योग्य उड़ान प्रशिक्षक शामिल हैं। यह टीम देश के कई हिस्सों में एयर शो के जरिए हवाई करतब दिखा चुकी है। यह टीम कर्नाटक के बीदर वायुसेना स्टेशन पर स्थित है। इसने कई प्रस्तुतियां दी हैं। सूर्य किरण टीम ने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 15 सितंबर, 1996 को कोयंबटूर स्थित वायुसेना प्रशासनिक महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में दिया था। इस एयर शो का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है ताकि वे आने वाले समय में भारतीय वायुसेना और पायलट बनने का सपना देख सकें। 13 पायलटों वाली टुकड़ी अपने विमान के साथ तीन घंटे तक हैरतअंगेज करतब दिखाएगी। आकाश में कभी सभी विमान एक साथ फॉर्मेशन बनाएंगे, तो कभी अलग-अलग टीमों में बंटकर एयरोबेटिक शो करेंगे। इन करतबों के दौरान विमान 150 किमी प्रति घंटे से लेकर 650 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेंगे।