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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को  सहन करने की शक्ति प्रदान करे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री गजेन्द्र यादव, श्री टंकराम वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान के तहत सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर पौधरोपण

रायपुर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जहां एक ओर देश में सड़कों का जाल बिछा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजमार्गों के किनारों और डिवाइडर्स पर पौधे लगाकर ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार कर रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत इस साल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर दो लाख 71 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ प्राधिकरण उन्हें 'ग्रीन कॉरिडोर' में भी बदल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान छत्तीसगढ़ में हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो लाख 71 हजार से अधिक पौधे रोपित होना इस बात का प्रमाण है कि सड़क निर्माण केवल विकास की आधारशिला नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और हरित जीवन का भी संकल्प है। राष्ट्रीय राजमार्ग से छत्तीसगढ़ में नागरिकों को तरक्की की राह के साथ ही हरियाली की छांव भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को न केवल यातायात सुविधा में बल्कि पर्यावरणीय संतुलन में भी देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा। उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत इस साल निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण किया है। रायपुर-विशाखापट्टनम (NH-130CD) परियोजना में सर्वाधिक 97 हजार 145 पौधे लगाए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र सीमा-दुर्ग-रायपुर-ओडिशा सीमा (NH-53) पर 46 हजार 141 पौधे, चांपा-कोरबा-कटघोरा (NH-149B) मार्ग पर 23 हजार 020 पौधे, बिलासपुर-कटघोरा (NH-130) मार्ग पर 16 हजार 847 पौधे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव (NH-130A) मार्ग पर 14 हजार 400 पौधे तथा सिमगा-रायपुर-धमतरी (NH-30) परियोजना में 5406 पौधे रोपे गए हैं।  राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडर्स पर मीडियन प्लांटेशन के रूप में पौधे लगाए गए हैं, जबकि किनारों पर एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में पौधरोपण किया गया है। इनमें काफी संख्या में बड़े फलदार और छायादार वृक्ष भी शामिल हैं। नए इलाकों में पौधरोपण के साथ ही पिछले वर्षों में क्षतिग्रस्त हुए पौधों को बदलने के लिए 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन भी किया गया है। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक (15 सितम्बर 2025 तक) कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी (Regional Officer) श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ सिर्फ एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक निवेश है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुन्दर पर्यावरण का भी निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों में इस साल दो लाख दो हजार 959 नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन किया गया है। इस तरह छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल (2025-26 में) अब तक कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे लगाए जा चुके हैं।

किसान की पिटाई पर बवाल, जीतू पटवारी का हमला- ‘मध्यप्रदेश में हो रहा है अन्याय’

शिवपुरी करैरा में शुक्रवार दोपहर खाद के टोकन के लिए लाइन में लगे किसान को नायब तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। तहसीलदार कल्पना शर्मा ने कहा कि किसान व्यवस्था बिगाड़ रहा था। हंगामे के बाद वहां पहुंचे किसान कांग्रेस के नेता मान सिंह फौजी ने पीड़ित किसान की बात मोबाइल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी से करवाई। पटवारी ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तहसीलदार ने डिलीट कराया वीडियो कलेक्टर से शिकायत कर नायब तहसीलदार पर कार्रवाई कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार खाद वितरण केंद्र पर टोकन लेने के लिए किसानों की लाइन लगी थी। आरोप है कि इसी दौरान लाइन में धक्का-मुक्की के दौरान हाथरस गांव निवासी महेंद्र राजपूत को नायब तहसीलदार विजय त्यागी ने थप्पड़ मारा। एक किसान ने इसका वीडियो बना लिया, लेकिन नायब तहसीलदार ने पुलिसकर्मियों की मदद से किसान का मोबाइल छीन कर वीडियो डिलीट करवा दिया।  

2,700 करोड़ रुपए की ठगी करने वाला नेक्सा एवरग्रीन घोटाले का मुख्य आरोपी दबोचा गया

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 57 वर्षीय जुगल किशोर शर्मा को गिरफ्तार किया है। जुगल पर आरोप है कि उसने धोलेरा, अहमदाबाद में प्लॉट और 3 प्रतिशत साप्ताहिक रिटर्न का लालच देकर देशभर के निवेशकों से 2,700 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। जुगल किशोर ने इस दौरान झूठा दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रोजेक्ट के "ब्रांड एंबेसडर" हैं, जिससे लोगों का विश्वास जीता जा सके। यह धोखाधड़ी नेक्सा एवरग्रीन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से की गई। जांच में सामने आया है कि इस मामले में देश भर में 150 से अधिक एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश राजस्थान से हैं। इस मामले में पहले भी दो आरोपी, सुभाष बिजारणिया और ओपेन्द्र बिजारणिया को दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को 98 पीड़ितों की शिकायत मिली थी, जिन्होंने बताया कि कंपनी के निदेशक जुगल किशोर और विनोद कुमार ने उन्हें धोलेरा में प्लॉट देने और प्रति सप्ताह 3 प्रतिशत का भारी रिटर्न देने का आश्वासन दिया था। जुगल निवेशकों को लुभाने के लिए जूम मीटिंग्स करते थे और प्रधानमंत्री के वीडियो दिखाकर झूठा प्रचार करते थे। वे आकर्षक उपहारों जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और रॉयल एनफील्ड बाइक का भी लालच देते थे। जनवरी 2023 से, कंपनी के पदाधिकारी फरार हो गए और उनकी वेबसाइट व मोबाइल ऐप बंद हो गई। इसी पैटर्न पर राजस्थान के सीकर और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी मामले दर्ज हुए हैं। जांच में पता चला है कि पीड़ितों से वसूले गए पैसे नेक्सा एवरग्रीन डेवलपर्स धोलेरा और 9 ओक डेवलपर्स धोलेरा के बैंक खातों में जमा किए गए थे। जुगल किशोर इन फर्मों का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था और दिल्ली के शाहदरा से अपना ऑफिस चला रहा था। पुलिस ने बताया कि अधिकांश पीड़ित सरकारी कर्मचारी हैं। कंपनी ने धोलेरा क्षेत्र में करीब 1,200 बीघा जमीन खरीदने का दावा किया था, हालांकि जांच में 168 एकड़ जमीन की ही पुष्टि हुई है। जुगल किशोर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना घर बेच दिया था और छिप रहा था। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने लोगों को आगाह किया है कि ऊंचे रिटर्न का वादा करने वाली किसी भी योजना में निवेश करने से पहले अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करें। किसी भी कंपनी की वैधता की पुष्टि आरओसी, सेबी या आरबीआई से अवश्य करें।

सीएम योगी ने गाजियाबाद में किया ‘भारतवर्ष की स्वर्णाभा नरेन्द्र मोदी’ पुस्तक का विमोचन

गाजियाबाद में युवाओं से सीएम योगी का आह्वान- एआई और उभरती हुई टेक्नोलॉजी को अपनाएं 'विकसित भारत-विकसित यूपी' थीम पर आयोजित हुआ कार्यक्रम अब गंदगी और गैंगेस्टर नहीं, गाजियाबाद की पहचान शिक्षा और उद्योग से जुड़ चुकी है : मुख्यमंत्री  अफवाह फैलाकर गौतमबुद्ध नगर को बना दिया गया था लूट का अड्डा : योगी आदित्यनाथ वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही यूपी को बनाएंगे 36 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री गाजियाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर द्वारा लिखित पुस्तक 'भारतवर्ष की स्वर्णाभा नरेन्द्र मोदी' का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को आगे बढ़ाने और युवाओं को तकनीक से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लिखना एक साधना है और यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अब तक की उपलब्धियों को संजोने वाली प्रेरणादायी कृति है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और पुस्तकालयों में रखा जाए ताकि नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके। वहीं उन्होंने युवाओं से एआई और उभरती हुई तकनीकी ज्ञान को अपनाने का आह्वान किया।  सीएम ने दोहराया विकसित भारत और यूपी का संकल्प योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने वाला है। उत्तर प्रदेश भी तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। 2017 से पहले यूपी को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन आज यह देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 2016-17 में यूपी की जीडीपी ₹12.75 लाख करोड़ थी, जिसे 2025-26 में ही ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। टेक्नोलॉजी और एआई पर जोर सीएम योगी ने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी रोजगार छीनती नहीं बल्कि नए अवसर पैदा करती है। जिस तरह कंप्यूटर आने पर नई संभावनाएं बनीं, उसी तरह एआई भी कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई दिशा देगा। किसान यदि तकनीक अपनाएंगे तो उनकी उत्पादकता तीन गुना तक बढ़ सकती है। लोगों ने कहा आगरा के सर्किट हाउस में भूत है, मगर मैं वहां भी रात में रुका… मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गाजियाबाद की पहचान 'गंदगी और गैंगेस्टर' से जुड़ी थी। गौतमबुद्ध नगर को अफवाह फैलाकर 'लूट का अड्डा' बना दिया गया था। कहा जाता था कि कोई मुख्यमंत्री यहां नहीं आ सकता, आएगा तो कुर्सी चली जाएगी। यही हाल बिजनौर और आगरा के लिए भी बना दी गई थी। डर और अफवाहें फैला दी गई थीं। उन्होंने कहा, ''मैं बिजनौर में रात में रुका, आगरा के कथित 'भूतिया' सर्किट हाउस में ठहरा और नोएडा भी गया। इसके बावजूद जनता ने दोबारा आशीर्वाद देकर मुझे मुख्यमंत्री बनाया।" अफवाहें फैलाने वालों की सच्चाई जनता के सामने आनी जरूरी थी। आज गाजियाबाद शिक्षा और उद्योग का केंद्र बन चुका है। युवाओं से किया आह्वान सीएम योगी ने कहा कि यूपी का युवा, किसान, नारी शक्ति और उद्यमी हमारी ताकत हैं। उन्होंने सभी से समर्थ यूपी पोर्टल पर अपने सुझाव अवश्य देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर जिले से तीन श्रेष्ठ सुझावों को जनपद स्तर पर और पांच श्रेष्ठ सुझावों को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।  गुलामी की मानसिकता छोड़ने का दिया संदेश मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 'पंच प्रण' की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीयों को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना होगा और अपनी भारतीयता पर गर्व करना होगा। उन्होंने शेर और सियार की कहानी सुनाते हुए कहा कि हम भारतीयों को अपनी दहाड़ पहचाननी चाहिए, विदेशी को श्रेष्ठ मानने की मानसिकता छोड़नी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी के युवा बाहर अपनी पहचान छिपाते थे, जबकि आज गर्व से कहते हैं कि वे यूपी से हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में यूपी देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनेगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मंत्री सुनील कुमार शर्मा, नरेन्द्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, राजकुमार सांगवान, नारायण गिरी जी महाराज, बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिसोदिया, महापौर सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, विधायकण संजीव शर्मा,अजीत पाल त्यागी, नंद किशोर गुर्जर, धर्मेश तोमर, धर्मेन्द्र भारद्वाज, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, जिलाध्यक्ष जयंत पाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी, संयोजक और पुस्तक के लेखक पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल सहित गाजियाबाद के प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा निर्देश

पीएम मोदी के आगमन से पूर्व मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल का भी किया स्थलीय निरीक्षण  सीएम योगी बोले- वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया अभियानों को मिलेगा बढ़ावा  यूपीआईटीएस 2025 में ओडीओपी स्टॉल्स और युवाओं की हो भागीदारीः सीएम  युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच होगा ट्रेड शोः मुख्यमंत्री   सीएम ने खादी व ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित करने और विदेशी बायर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश  लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आगामी उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो (UPITS-2025) की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आयोजन की तैयारी, सुरक्षा, व्यवस्थापन और प्रतिभागियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर और उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया अभियानों को बढ़ावा देगा। उन्होंने सभी जिलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, ODOP स्टॉल्स और शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक ब्रांडिंग पर जोर दिया। इसके अलावा युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने, खादी व ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित करने और विदेशी बायर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। सभी जिलों की होगी सक्रिय सहभागिता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि आगामी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में प्रदेश के प्रत्येक जिले की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक जिले के वन डिस्टिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) से जुड़े उत्पादों के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय हस्तशिल्प, खाद्य, हस्तकला और उद्योग संबंधी उत्पादों को वैश्विक खरीदारों और निवेशकों के सामने प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रदर्शनी नहीं होगी, बल्कि यूपी की विविधता, सांस्कृतिक विरासत और व्यावसायिक प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादकों और उद्यमियों को नई संभावनाओं, व्यापारिक नेटवर्क और निवेश के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश के विकास और युवाओं के रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी। शैक्षणिक संस्थानों में हो व्यापक ब्रांडिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2025) की पहचान को मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों और शैक्षणिक संस्थानों में इसकी व्यापक ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार किया जाए। इसका उद्देश्य युवाओं और छात्रों को आयोजन के महत्व से अवगत कराना और उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत कॉलेज, यूनिवर्सिटी और अन्य शैक्षणिक संस्थान अपने कैंपस में यूपीआईटीएस के पोस्टर, डिजिटल डिस्प्ले और इवेंट जानकारी साझा करेंगे, ताकि छात्र, फैकल्टी और स्थानीय समुदाय सीधे इस आयोजन से जुड़ सकें और युवाओं में उद्यमिता तथा नवाचार के प्रति जागरूकता बढ़े। सीएम योगी ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आयोजन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और रोजगार/उद्यमिता के अवसर मिलेंगे। फैशन शो में खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  के अंतर्गत आयोजित होने वाले फैशन शो में देशभर की फिल्म सिटी से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य खादी, हैंडीक्राफ्ट और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को व्यापक दृश्यता और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस माध्यम से न केवल उत्तर प्रदेश की हस्तकला और पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवा डिजाइनर्स और स्थानीय कारीगर भी नए अवसरों और बाज़ार तक पहुंच बनाने में सक्षम होंगे। फैशन शो में खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों को पेश करने के लिए विशेष कैटवॉक और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिससे इन उत्पादों की गुणवत्ता और सौंदर्य का प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को उद्यमिता, नवाचार और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। वृद्धजन और आगंतुकों को मिले बेहतर सुविधा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि आयोजन में प्रतिभाग करने वाले वृद्धजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। इसके तहत नासा पार्किंग स्थल से शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें सहज और आरामदायक तरीके से आयोजन स्थल तक पहुंचने में मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा और संचालन की पूर्ण जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। किसी भी ई-रिक्शा या वाहन का संचालन नाबालिग चालक द्वारा न किया जाए। इसके अलावा, आगंतुकों के लिए सुरक्षा, मार्गदर्शन और सुविधा संबंधी निर्देश भी स्पष्ट किए जाएं, ताकि सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और स्वागतपूर्ण अनुभव प्राप्त हो। सीएम ने विदेशी बायर्स और मेहमानों की सुरक्षा, आवास, परिवहन और संपूर्ण रहन-सहन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी मेहमानों को सहज, सुरक्षित और स्वागतपूर्ण अनुभव मिलना चाहिए ताकि उत्तर प्रदेश की छवि मजबूत हो। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद रहे। अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई विभाग आलोक कुमार ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री को अब तक की तैयारियों से अवगत कराया। सीएम योगी ने यूपीआईटीएस के आयोजन स्थल का किया स्थलीय निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 से 29 सितंबर के बीच ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे। इसको देखते हुए  मुख्यमंत्री ने पूरे आयोजन स्थल का दौरा किया और अधिकारियों से तैयारियों के विषय में जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इस दौरान अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार ने उन्हें पूरे आयोजन स्थल और वीआईपी मूवमेंट की जानकारी दी। डीएम मेधा रूपम ने भी आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का पूरा ब्यौरा दिया। वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने उन्हें सुरक्षा व्यवस्था से अवगत कराया। मुख्यमंत्री जी ने ई कार्ट में बैठकर पूरे आयोजन स्थल को देखा। इस दौरान उनके साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

हरजोत बैंस का बड़ा ऐलान, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई पहल शुरू

पंजाब  पंजाब के शिक्षा तथा सूचना व लोक सम्पर्क विभाग के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे पंजाब के इलाकों में बरसात के मौसम दौरान बाढ़ के कारण भारी नुकसान हो जाता है। इसका स्थायी हल नदियों को चैनलाइज करके ही हो सकता है, इसलिए केंद्र सरकार को चैनलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। हिमाचल प्रदेश से सटे पंजाब के नीम पहाड़ी इलाके में हुई भारी वर्षा के कारण सरसा नदी और खड्डों में अधिक मात्रा में पानी आने से गांव आसपुर, अवानकोट, रणजीतपुरा, आलोवाल और खरोटा के किसानों के खेतों में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वे पिछले कई हफ्तों से नंगल/श्री आनंदपुर साहिब उपमंडल के दर्जनों गांवों का दौरा कर चुके हैं। 100 से अधिक गांवों का नुकसान हुआ है। इस भारी बरसात ने इन गांवों के किसानों की फसलें और जमीनें बहुत नुकसान पहुंचाया है। पंजाब सी.एम. भगवंत सिंह मान ने 20 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इन गांवों की भी विशेष गिरदावरी के आदेश दे दिए गए हैं जो जल्द ही पूरी की जाएगी। बैंस ने मौके पर पहुंचकर गांव आसपुर के निवासियों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। प्रशासन को तुरंत राहत कार्य शुरू करने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि उनकी टीमें, वालंटियर, पंच, सरपंच और नौजवान लगातार प्रभावित लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और जल्द ही राहत पहुंचाई जाएगी।    इस मौके पर जुझार सिंह मुल्तानी (मैंबर सैणी वैल्फेयर बोर्ड पंजाब), सतनाम सिंह आसपुर, निर्मल सिंह, गुरबख्श सिंह, दयाल सिंह, हरि सिंह, हरजिंदर सिंह नंबरदार, गुरमीत सिंह, पवन कुमार, हरविंदर सिंह आदि मौजूद थे।

भगवंत मान ने जताई प्रतिक्रिया, UP और बिहार के लोगों के खिलाफ फैसलों पर बोले ये शब्द

चंडीगढ़ पंजाब के कई जिलों से ऐसी खबरें आई हैं कि गांवों के सरपंचों समेत कई लोगों की ओर से यूपी और बिहार के मजदूरों को बाहर निकालने के ऐलान किए गए हैं। होशियारपुर जिले के तो 20 सरपंचों का कहना है कि वे पंजाब से बाहर के लोगों को निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं करेंगे। जिले में एक पांच साल के बच्चे के साथ कुकर्म और फिर उसकी दर्दनाक हत्या के बाद ऐसी स्थिति पैदा हुई है। वहीं इससे पहले भी गुरदासपुर समेत कई जिलों में इस तरह के मामले आए हैं। अब इस तरह के ऐलानों के बारे में भगवंत मान से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी को भी देश के किसी भी हिस्से में जाकर काम करने और रहने का हक है। यूपी और बिहार के मजदूरों को पंजाब के गांवों से निकालने के ऐलान पर भगवंत मान ने कहा कि पंजाबी सबसे ज्यादा विदेशों में रहते हैं। मान ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि हमारे यहां के लोग कनाडा जैसे देशों में गए हैं और वहां मंत्री तक बने हैं। दुनिया भर में विरोध चल रहा है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन तक में चल रहा है कि ये लोग क्यों आ गए हैं और उन्हें बाहर निकालो। यदि कोई कानून तोड़े तो उसे सख्त सजा मिले। कानून तोड़ने वाला किसी समुदाय का नहीं होता है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। फास्ट ट्रैक पर सुनवाई होनी चाहिए। मान ने कहा कि छत्तीसगढ़, कोलकाता में पंजाबियों का ही ट्रांसपोर्ट है। मुंबई तो पंजाबियों का बहुत कारोबार है। उन्होंने कहा कि लोगों के दिलों में गुस्सा है तो ऐसा हो सकता है। भगवंत मान ने कहा कि हम सुरक्षा देने को तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला हुआ तो हमने कश्मीरियों को सुरक्षा दी। लेकिन यदि कोई प्रदेश का कानून तोड़ेगा तो सख्त सजा मिलेगी और हमारी उसमें कोई हमदर्दी नहीं है। अपने एक विधायक पर रेप का केस होने और फिर पुलिस के साथ एनकाउंटर होने के मामले में भगवंत मान ने कहा कि हमने तो सारे अच्छे लोग चुने थे, लेकिन कुछ खराब निकल आए तो क्या करें। भगवंत मान ने कहा कि भाजपा के लोगों से यह सवाल पूछिए। वहां तो जिन लोगों के खिलाफ केस होते हैं, यदि वही उनकी पार्टी में आ जाते हैं तो वह सही हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास तो पंजाब में नेता ही नहीं हैं। भाजपा का यहां पर कांग्रेस विंग है। रवनीत बिट्टू, अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ जैसे नेता मुख्य हैं, जो कभी कांग्रेस में हुआ करते थे। इसी तरह मनप्रीत बादल हैं, जो कई दलों से पाला बदलते हुए भाजपा में आ गए हैं।

सेवा सम्मान 2025: केसरी फाउंडेशन ने समाजसेवा की विभूतियों को किया सम्मानित

इंदौर इंदौर प्रेस क्लब परिसर में केसरी फाउंडेशन का पहला स्थापना दिवस और केसरी सेवा सम्मान 2025 का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज सेवा, समर्पण और प्रेरणा का उत्सव बन गया। कार्यक्रम में शरीर से दिव्यांग किंतु हौसलों से बुलंद मोटिवेशनल स्पीकर पूनम श्रोती (भोपाल) ने अपने उद्बोधन से सबका दिल जीत लिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर संध्या अग्रवाल एवं चित्रा वाजपेई को सम्मानित किया गया। वरिष्ठतम पत्रकार उमेश रेखे को पत्रकारिता में छह दशक से अधिक योगदान हेतु लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। कुष्ठ रोगियों एवं बुजुर्गों की सेवा में समर्पित सुधीर भाई गोयल, नाममात्र शुल्क पर गंभीर बीमारियों का आयुर्वेद उपचार करने वाले डॉ. शिवदयाल वर्डे को सम्मानित किया गया। इंदौर की स्वच्छता अभियान की मिसाल बनीं सफाई कर्मी इंदिरा बाई श्यामलाल और महिला सुरक्षा में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पुलिस अधिकारी गौरी तिवारी को भी सेवा सम्मान मिला। इसके अलावा समाजसेवा और जनहित कार्यों में योगदान हेतु जगप्रीत सिंह टुटेजा, बबीता हार्डिया, पायल गिदवानी, रेनू जय सिंघानी, विवेक गावडे, प्रीति बवेजा, हेमंत गट्टानी, हिना नीमा सहित अनेक विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम पूज्य श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नितिन दास जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। विशेष अतिथि के रूप में विधायक गोलू शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार एवं मध्यप्रदेश प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी तथा केंद्रीय गुरुसिंघ सभा मप्र-छत्तीसगढ़ अध्यक्ष हरपाल सिंह मोनू भाटिया उपस्थित रहे। आयोजन की सफलता में केसरी फाउंडेशन की टीम – संजीव मल्होत्रा, लतिका नजान, संजय मिश्रा, मनजीत चावला, मनोज नजान, तेजपाल सिंह चावला, रोहन मल्होत्रा, शालिनी जोशी, मंजूषा नाचन, उपेंद्र जी, प्रीति अजमानी और हरलीन कौर चावला का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फाउंडेशन ने संकल्प लिया है कि समाज सेवा और प्रतिभाओं को मंच देने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

नगर वनों का उचित विकास और रखरखाव हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वनों में स्थित आस्था स्थलों को किया जाए विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगर वनों का उचित विकास और रखरखाव हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नदियों के किनारों पर पौधरोपण को करें प्रोत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के वनांचल में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जिन्हें स्थानीय समुदायों द्वारा सांस्कृतिक या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर पारंपरिक रूप से संरक्षित किया जाता है। आस्था के ये क्षेत्र न केवल आध्यात्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि जैवविविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी संतुलन, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ऐसे स्थलों को देवलोक वनों के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन क्षेत्र में प्रदेश की प्रमुख नदियों के दोनों ओर 5 किलोमीटर क्षेत्र में पौधारोपण गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों के किनारों के अतिक्रमण हटाने में स्थानीय समुदाय का सहयोग लिया जाए। साथ ही स्थानीय समुदाय के आय संवर्धन के लिए पौधारोपण में औषधीय पौधों सहित उपयोगी पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर उज्जैन देवास क्षेत्र को मेट्रोपोलिटन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है, क्षिप्रा नदी के संरक्षण की योजना तदनुसार बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने नगर वनों के उचित विकास और रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया। मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव, जल संरचनाओं के स्वस्थ इकोसिस्टम के लिए जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों और जल संरचनाओं के स्वस्थ ईकोसिस्टम को बनाए रखने में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन नदियों और जल संरचना में यह जीव अधिक संख्या में हैं, वहां से उन्हें शिफ्ट कर अन्य नदियों और जल संरचना में छोड़ा जाए। इसकी शुरुआत नर्मदा और तवा नदी से की जाए। बैठक में वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, लघु वन उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, तेंदूपत्ता बोनस वितरण आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन  अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अम्बाडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।