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औचक निरीक्षण के दौरान हंगामा: मंत्री आरती राव के कमांडो ने अस्पताल का शीशा तोड़ा

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने लोकनायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महिला वार्ड में टॉयलेट पर ताला लगा देख मंत्री नाराज हो गईं। 2 बार चाबी मांगने पर भी ताला नहीं खुला तो मंत्री के कहने पर उनके कमांडो ने शीशा तोड़कर स्थिति का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने एक्स-रे रूम का निरीक्षण किया और रात में एक्स-रे व सीटी स्कैन की सुविधा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से उपचार और दवा उपलब्धता पर प्रतिक्रिया मांगी। अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन भवन में फैले सामान को लेकर भी मंत्री ने नाराजगी जताई और PWD अधिकारियों से जवाब तलब किया।   मीडिया से बातचीत में आरती राव ने कहा कि जल्द ही राज्य में 500 नए डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

नशामुक्ति केंद्रों में अब होगी सख्त जांच! सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने दिए निर्देश

सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने नशामुक्ति केंद्रों की जाँच के दिये निर्देश राज्य स्तरीय कार्यक्रम कर दिव्यांगों की प्रतिभा को मंच देने के निर्देश भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने प्रदेश में संचालित समस्त शासकीय नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित कर केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने यह निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में दिये। इसके साथ ही दिव्यांगों के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर मेडिकल बोर्ड के शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। मंत्री कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" देशव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति के क्षेत्र में प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नशा मुक्त समाज के लिए सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ विभाग द्वारा जो कार्यक्रम और योजनाएं संचालित की जा रही है, उनका प्रभावी क्रियान्वयन मैदानी स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे से पीड़ित लोगों के लिए प्रदेश में 13 नशा मुक्ति-सह-पुनर्वास केन्द्र, सात आउट रिच एंड ड्रॉप इन सेंटर, तीन कम्युनिटी बेस्ड पियर-लेड इन्टरवेशन सेंटर तथा 8 जिला मुख्यालय पर डीडीआरसी संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी संस्थानों के सुव्यवस्थित संचालन की नियमित समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के लिए चलाए जा रहे "सुगम भारत अभियान" की भी नियमित समीक्षा की जाए। मंत्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें प्रदेश भर के दिव्यांगजन जो गायन, वादन, नृत्य, अभिनय और खेलकूद में रुचि रखते हैं, उनको प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हो सके। इसके लिए विभाग कार्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रस्तुत करे। प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सामाजिक न्याय विभाग द्वारा लगातार जन-जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गांधी जयंती 2 अक्टूबर को विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन भी कराया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचने के लिए छात्रावास स्तर पर नशा मुक्ति समितियों का गठन किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। बैठक में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभाग की अधिकारी उपस्थित थे।

भोजपुर-रोहतास के बीच सफर होगा और आसान, आरा-सासाराम रूट पर शुरू हुई डबल रेल लाइन

रोहतास  डेढ़ दशक से लंबित आरा-सासाराम रेललाइन के दोहरीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है. रेल मंत्रालय ने पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार में 12 परियोजनाओं के फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को मंजूरी दे दी है. इसमें 97 किलोमीटर लंबी आरा-सासाराम रेललाइन का दोहरीकरण शामिल है, इसमें लिए लगभग 232.8 लाख रुपये की लागत का सर्वे किया जाएगा. साथ ही इस रेलखंड को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) से जोड़ने की योजना को भी मंजूरी मिल गई है.  इस दोहरीकरण से सासाराम-आरा मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा. फिलहाल यह लाइन सिंगल ट्रैक पर चल रही है जिसके कारण ट्रेनों को विपरीत दिशा से आने पर स्टेशन पर रुकना पड़ता है. इससे यात्रियों का समय बर्बाद होता है और ट्रेनों की आवाजाही भी धीमी हो जाती है. दोहरीकरण के बाद ट्रेनें समय पर चलेंगी और मार्ग पर ट्रेनों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी.  डबल होगा रेलवे लाइन रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना भोजपुर और रोहतास जिलों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी. आरा-सासाराम मार्ग दोनों जिलों के व्यापार और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है. दोहरीकरण के पूरा होने से मालगाड़ियों की आवाजाही भी सुगम होगी, जिससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.  12 परियोजनाओं को हरी झंडी पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि बिहार में रेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कुल 1051 लाख रुपये से अधिक की लागत वाली 12 परियोजनाओं के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी गई है. आरा-सासाराम रेलखंड का दोहरीकरण इनमें प्रमुख परियोजना है. 2009 में आरा तक हुआ था विस्तार सासाराम-आरा ब्रॉड गेज रेललाइन का निर्माण चरणबद्ध ढंग से हुआ. 2007 में सबसे पहले सासाराम से बिक्रमगंज तक ट्रेन सेवा शुरू हुई. इसके एक साल बाद 2008 में इसे पीरो तक बढ़ाया गया और 2009 में आरा तक रेललाइन पूरी तरह चालू हुई. तब से यह रेलखंड सिंगल ट्रैक पर ही संचालित हो रहा है. फाइनल लोकेशन सर्वे के दौरान मार्ग का सटीक निर्धारण, भू-तकनीकी अध्ययन, मिट्टी और क्षेत्र की संरचना की जांच, लागत का अनुमान और नक्शों की तैयारी की जाती है. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि निर्माण सुरक्षित और स्थायी हो.  व्यापारिक गतिविधि होगी तेज रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि दोहरीकरण के पूरा होने से न केवल यात्रियों को तेज और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा, बल्कि डीएफसी से जुड़ने के बाद मालगाड़ियों की आवाजाही भी आसान होगी. इस परियोजना से भोजपुर और रोहतास जिलों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी मजबूती मिलेगी. 

एग्रीस्टेक और एकीकृत किसान पोर्टल में होगा किसानों का पंजीकरण

पंजीकृत किसानों से होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आयोजित रायपुर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति निर्धारण से संबंधित निर्णय लेने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी तथा राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा उपस्थित थे। बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के लिए समुचित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ वर्ष 2025-26 में किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में किया जाएगा। किसान पंजीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में संपन्न करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि किसानों को उनके द्वारा समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान का भुगतान समय पर प्राप्त हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएँ। धान उपार्जन के लिए आवश्यक नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था समयानुसार सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। धान की रिसाइक्लिंग रोकने हेतु प्रभावी प्रबंध करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जाँच दल गठित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, उपार्जित धान की मिलिंग हेतु आवश्यक तैयारियाँ करने पर भी बल दिया गया। इस अवसर पर बैठक में सचिव खाद्य विभाग श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव वित्त विभाग श्री मुकेश बंसल, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग श्री रजत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव कृषि विभाग श्री राहुल देव तथा प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री के. एन. कांडे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की

विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर:गांव-गांव तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों में हितग्राही मूलक कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने नक्सल प्रभावित जिलों में मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, जनधन खाता, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आधार कार्ड सहित अन्य हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में लगभग 99 प्रतिशत से अधिक लोगों का आधार पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार लगभग 28 लाख 18 हजार 616 किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पंजीकरण कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 26 लाख 21 हजार 491 हितग्राहियों के बैंक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 35 लाख 66 हजार 409 हितग्राहियों को गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं। क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न बैंकों और डाकघरों की शाखाएं खोली जा रही हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राशन कार्ड बनाए गए हैं। बैठक में प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी पात्र मनरेगा हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु उनका जॉब कार्ड अवश्य प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत शेष हितग्राहियों का शीघ्र सर्वे कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास योजना के तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाए। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की भवन-विहीन शालाओं के भवन शीघ्र निर्मित किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में हों। वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आयुक्त बस्तर संभाग तथा पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सहित बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल थे।

उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग को मिला FSAI का सर्वोच्च सम्मान

महाकुंभ-2025 में उत्कृष्ट कार्यों की गूंज देश से विदेश तक पहुंची FSAI ने एडीजी पद्मजा चौहान के नेतृत्व में कार्यरत टीम को ब्रेवरी एवं सुपर हीरो ऑफ फायर सर्विसेज अवार्ड से नवाजा नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान मिला सर्वोच्च पुरस्कार सीएम योगी के मार्गदर्शन में विभाग ने आयोजन के दौरान गंभीर से गंभीर अग्निकांड पर त्वरित नियंत्रण किया पूरे 45 दिन में शून्य जनहानि का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया लखनऊ नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन हॉल में FSAI (Fire and Security Association of India) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में महाकुंभ-2025 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को "ब्रेवरी एवं सुपर हीरो ऑफ फायर सर्विसेज अवार्ड" से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार विभाग की एडीजी पद्मजा चौहान (IPS) के नेतृत्व में टीम को प्रदान किया गया। महाकुंभ-2025 की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुरुआत से ही “सुरक्षित महाकुंभ” का संकल्प लिया था। उनकी दूरदृष्टि और निरंतर निगरानी के चलते न सिर्फ फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज को अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण उपलब्ध कराए गए, बल्कि बड़े स्तर पर संसाधनों और जनशक्ति की भी तैनाती की गई। यही कारण रहा कि इतने विशाल आयोजन में आगजनी की किसी भी घटना से जनहानि नहीं हुई और महाकुंभ का समापन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक हुआ। शून्य जनहानि का लक्ष्य हासिल एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विभाग ने गंभीर से गंभीर अग्निकांड पर भी त्वरित काबू पाया और पूरे 45 दिन के आयोजन में शून्य जनहानि का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। इस दौरान 185 अग्निकांड और 24 बड़ी आग की घटनाओं पर काबू पाते हुए लगभग 16.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को सुरक्षित बचाया गया। टीम के अधिकारी भी हुए सम्मानित सम्मान पाने वालों में प्रमुख रूप से प्रमोद शर्मा (नोडल ऑफिसर महाकुंभ मेला), अंकुश मित्तल (सीएफओ), रमेश तिवारी (सीएफओ), संजीव कुमार (फायर ऑफिसर) और अमित कुमार (सेकंड फायर ऑफिसर) शामिल रहे। प्रमोद शर्मा ने बताया कि फायर डिपार्टमेंट ने आयोजन से पहले जो युद्धस्तर की तैयारियां की थीं, ये उसी का नतीजा है कि आयोजन के दौरान हमारी टीम ने दिन रात अग्निजनित घटनाओं का पूरी बहादुरी से सामना किया और शून्य जनहानि का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया अत्याधुनिक उपकरणों और तैनाती का असर उन्होंने बताया कि महाकुंभ-2025 में 25 सेक्टरों में 54 फायर स्टेशन और 27 चौकियां स्थापित की गईं। 1500 प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मियों की तैनाती की गई। 351 फायर टेंडर और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर, क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल, ATV, फायर मिस्ट बाइक, रोबोट और फायर फाइटिंग बोट जैसी तकनीक का उपयोग किया गया। इन व्यवस्थाओं की वजह से बिना जनहानि के सभी घटनाओं को नियंत्रित किया जा सका। गोवा सीएम ने भी किया था सम्मानित महाकुंभ से पूर्व, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने भी एडीजी पद्मजा चौहान और नोडल अधिकारी प्रमोद शर्मा को सम्मानित किया था तथा यूपी फायर सर्विसेज की तैयारियों की सराहना की थी। सुरक्षित महाकुंभ का संकल्प हुआ साकार महाकुंभ-2025 में 66.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद यूपी अग्निशमन विभाग ने योगी सरकार के सुरक्षित महाकुंभ के संकल्प को साकार किया। इस उपलब्धि की गूंज पूरे देश-विदेश तक पहुंच रही है।  

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का 31वाँ स्थापना दिवस

"साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार विषय पर होगा आयोजन लोकायुक्त श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह होंगे शामिल भोपाल  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का 31वाँ स्थापना दिवस समारोह "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर शनिवार 13 सितम्बर को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में प्रात: 11 बजे होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से न्यायमूर्ति श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह लोकायुक्त और मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री राजीव कुमार टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जायेगी। मानव अधिकार आयोग की स्मारिका का विमोचन और आयोग की नवीन वेबसाइट www.hrc.mp.gov.in का लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में निदेशक राजीव गाँधी साइबर लॉ सेंटर एनएलआईयू भोपाल प्रो. श्री अतुल पाण्डे, कार्यकारी निदेशक पीडब्ल्यूसी इण्डिया हैदराबाद श्री कृष्ण शास्त्री पेड्ंयाला, वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली सुश्री एन.एस. नप्पिनाई, मानव अधिकार आयोग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश चंद गुप्ता, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, विधि संकाय के प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे। 

प्रदेश के 9300 हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में मनाया गया उमंग दिवस

भोपाल "उमंग है तो जिंदगी में रंग है… उमंग है तो प्रगति में संग है'' इस थीम पर आधारित उमंग दिवस का आयोजन शुक्रवार को प्रदेश के 9 हजार 300 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में हुआ। इस कार्यक्रम में 20 लाख से अधिक बच्चों की भागीदारी रही। भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में उमंग कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम में समग्र शिक्षा अभियान की अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेंतिया, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के राज्य प्रमुख श्री सुनील जैकब, कार्यक्रम अधिकारी श्री अनुराग सोनवलकर, डीईओ श्री नरेन्द्र अहिरवार और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उमंग के नोडल अधिकारी श्री अंकुश वर्मा ने भाग लिया। मोटिवेशनल स्पीकर श्री वर्मा ने बताया कि उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम बच्चों के जीवन कौशल शिक्षा आधारित एक ऐसा करिकुलम जो खुद से खुद की पहचान करना सिखाता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों को नजरों से नजरें मिलाकर मिलना सिखाता है। बच्चों को यह सिखाता है कि प्रत्येक बच्चे की प्रकृति अलग है। बच्चों को हर परिस्थिति में सामंजस्य बनाने और प्रगति की ओर बढ़ते रहने की उमंग को मजबूत करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित 10 जीवन कौशलों से परिचित करवाना है। कार्यक्रम की जीवन कौशल सलाहकार सुश्री तबस्सुम खान ने बच्चों को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने के बारे में जानकारी दी। उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस प्रोग्राम है, जिसे स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और यूनाइटेड नेशन्स पापुलेशन फण्ड की बराबर भागीदारी से मिलकर चलाया जा रहा है। राज्य में अब तक 19 हजार शिक्षकों को उमंग के लिये प्रशिक्षित किया जा चुका है।  

सावधान! पंजाब के इस जिले में 7 नवंबर तक लागू हुई सख्त प्रतिबंध, देखिए पूरी लिस्ट

होशियारपुर  होशियारपुर की जिला मेजिस्ट्रेट-सह-डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में विभिन्न पाबंदी जारी की हैं। जारी आदेशों के तहत जिले में बिना लाइसेंस के प्रीगैबलिन कैप्सूल रखने, अनुमत मात्रा से अधिक रखने/बेचने और डॉक्टर के पर्ची के बिना इस दवा की बिक्री पर रोक लगाई गई है। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक अन्य आदेश के अनुसार, जिले में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक समारोहों, धार्मिक स्थलों, शादी-पार्टियों, मैरिज पैलेस या अन्य आयोजनों में हथियार नहीं ले जा सकेगा और सार्वजनिक/सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही हथियारों या हिंसा को बढ़ाने वाले गाने बजाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर उचित क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मैरिज पैलेसों के मालिक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति मैरिज पैलेसों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान हथियारों का इस्तेमाल न करे। इसी प्रकार, जिले के सभी गांवों के सरपंचों को रात के समय गांवों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शरारती तत्व किसी भी घटना को अंजाम न दे सकें। इसके अलावा, जिले की सीमा में अवैध हुक्का बार चलाने पर प्रतिबंध रहेगा क्योंकि ऐसे हुक्का बारों में तंबाकू, सिगरेट और मानव शरीर के लिए हानिकारक केमिकलों का इस्तेमाल किया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित होते हैं और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसी प्रकार, होशियारपुर जिले में वीर्य के अनाधिकृत भंडारण, परिवहन, उपयोग या बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यह पाबंदी पशुपालन विभाग के सभी पशु चिकित्सा संस्थानों, जिनमें पशु अस्पताल/औषधालय और पॉलीक्लिनिक, पशुपालन विभाग पंजाब, मिल्कफेड और पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, गडवासू, लुधियाना का कृत्रिम इनसेमीनेशन केंद्र, कोई और भी आर्टीफिशियल इनसेमीनेशनल सेंटर जो पशुपालन विभाग, पंजाब द्वारा संसाधित और आपूर्ति किए गए बोवाइन सीमन का उपयोग करने वाले, प्रोग्रेसिव डेयरी फार्म्स एसोसिएशन, पंजाब के सदस्य, जिन्होंने केवल अपने पशुओं के उपयोग के लिए बोवाइन सीमन (वीर्य) का आयात किया है, पर लागू नहीं होगा। ये सभी आदेश 7 नवंबर 2025 तक लागू रहेंगे।

17 सिंतबर को बदनावर जिला धार मे होगा प्रधानमंत्री श्री मोदी का आगमन

मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बदनावर जिला धार में 17 सितंबर को आगमन को लेकर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने शुक्रवार को मंत्रालय में विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में प्रधानमंत्री के मिनिट-टू-मिनिट कार्यक्रम अनुसार न्यू ब्लु बुक अनुसार सुरक्षा को लेकर निर्देश-दिये गये। बैठक में स्वागतकर्ताओं की सूची, हेलीपेड की व्यवस्था, फायरब्रिगेड, एम्बुलेंस एवं फ्यूल की व्यवस्था, वाहन व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग, मंच व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, अस्पताल व्यवस्था, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी व्यवस्था और मीडिया पास पर चर्चा की गयी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णबाल, श्री संजय कुमार शुक्ल, श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री सुखवीर सिंह, श्री संदीप यादव, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक सिंह, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना उपस्थित थे। इंदौर पुलिस कमिश्नर एवं कलेक्टर जिला धार वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।