samacharsecretary.com

छतरपुर के चार परिवार नेपाल से सकुशल लौटने निकले, पीएम मोदी से मदद की थी अपील

छतरपुर नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर के जो चार परिवार फंस गए थे, वह दूसरे दिन गुरुवार को छतरपुर के लिए निकल पड़े हैं। नेपाल में भड़कती हिंसा और आगजनी को देख सभी लोगों ने चार गाड़ियां की और उनसे निकल पड़े हैं। नेपाल से निकलते समय छतरपुर के चार परिवारों में शामिल निर्देश अग्रवाल ने वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि नेपाल में हालात खराब हैं और हम सभी हिम्मत जुटाकर अपनी गाड़ियों से भारत के लिए निकल पड़े हैं। पीएम मोदी से लगाई थी मदद की गुहार वह भारत नेपाल की सीमा से करीब आठ किमी दूर थे, तब उन्होंने वीडियो जारी किया और नेपाल से लौटने की जानकारी दी। इन परिवारों ने नेपाल में फंसे होने के दौरान पीएम मोदी से मदद की गुहार की गुहार लगाई थी और वीडियो जारी कर मदद मांगी थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जल्द फंसे लोगों को भारत लाने की बात कही थी।   चार परिवार में कुल 14 लोग शामिल आपको बता दें कि नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने वाले व्यापारी राजीव कुमार, पप्पू मातेले पुत्र स्व.सुक्कू मातेले, निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पुत्र जयनारायण अग्रवाल एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ शामिल हैं, जो नेपाला के काठमांडू में फंस गए थे। इन चार परिवारों में करीब 14 लोग शामिल हैं जिनमें बच्चे भी हैं।

योगी सरकार का विजन : आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार बनेंगे यूपी में निवेश और डिफेंस इंडस्ट्रीज़ सेक्टर

 यूपी में अबतक 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 15 लाख करोड़ धरातल पर  निवेश से 60 लाख युवाओं को नौकरी, लाखों परिवारों को मिला स्वरोजगार  हरदोई-कानपुर में मेगा लेदर क्लस्टर, गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क की स्थापना  यूपी बना देश का सबसे बड़ा एमएसएमई हब, 96 लाख इकाइयां सक्रिय  डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अबतक 28 हजार करोड़ से अधिक का निवेश  लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण शुरू, प्रदेश को डिफेंस इंडस्ट्री सेक्टर में मिल रही नई पहचान लखनऊ, उत्तर प्रदेश अगले 22 वर्षों में एक नए औद्योगिक और सामरिक अवतार में ढलने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'विकसित यूपी @2047' के अंतर्गत प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें निवेश और रक्षा उद्योग दो ऐसे स्तंभ हैं, जो न केवल प्रदेश की समृद्धि बल्कि पूरे देश की आत्मनिर्भरता का आधार बनेंगे। 2017 से पहले की स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की स्थिति बेहद सीमित थी और रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी लगभग नगण्य थी। न तो निवेशकों को सुरक्षित वातावरण मिलता था और न ही पर्याप्त नीति समर्थन। निवेश की धार : बदलती तस्वीर बीते साढ़े आठ साल में यूपी ने निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग लगाई है। प्रदेश को अब तक 45 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक को धरातल पर उतारा जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और लाखों परिवारों को स्वरोजगार मिला है। फरवरी 2024 में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान ही 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन शुरू हुआ। यूपी ने उद्यमियों के लिए 33 सेक्टरल नीतियां लागू कीं और ‘निवेश मित्र’ जैसे डिजिटल प्लेटफार्म को शुरू किया, जो देश का सबसे कुशल सिंगल विंडो पोर्टल बन चुका है। प्रदेश में टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक, परफ्यूम, केमिकल और फार्मा पार्क तेजी से विकसित हो रहे हैं। हरदोई-कानपुर में लेदर क्लस्टर, गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क और कन्नौज में परफ्यूम पार्क प्रदेश को उद्योग का नया हब बना रहे हैं। आज यूपी देश का सबसे बड़ा एमएसएमई केंद्र है, जहां 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। रक्षा की दीवार : आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला फरवरी 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर ने यूपी को सामरिक मजबूती का केंद्र बना दिया है। आगरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में स्थापित छह नोड्स पर तेजी से काम हो रहा है। यूपी में अब तक 170 से अधिक एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे 28 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश और 4600 से अधिक रोजगार का वादा है। इनमें अदाणी, एआर पॉलिमर, वैरिविन डिफेंस, एमिटेक इंडस्ट्रीज़ और ब्रह्मोस जैसी नामचीन डिफेंस सेक्टर की कंपनियां कार्य शुरू कर चुकी हैं। जैसे, कानपुर में बुलेटप्रूफ जैकेट और आधुनिक सैन्य सामग्री का उत्पादन हो रहा है। अलीगढ़ में स्मॉल आर्म्स और राडार तकनीक पर काम चल रहा है। सबसे बड़ी उपलब्धि है, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन, जो प्रदेश को वैश्विक स्तर पर रक्षा उत्पादन का हब बनाएगा। मिशन 2047 : लक्ष्य और रणनीति सरकार ने रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू से समझौता किया है। यह संस्थान रक्षा निवेशकों को अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन और नई तकनीक उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि यूपी को मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट और एफडीआई में देश में प्रथम स्थान दिलाना है। 2047 तक यूपी में फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की कम से कम 5 कंपनियां मुख्यालय स्थापित करें, इसके लिए रणनीतिक स्तंभ तय किए गए हैं, इनमें एयरोस्पेस, डिफेंस प्रोडक्शन, अपैरल, ईवी और सेमीकंडक्टर सेक्टर को सबसे अधिक वरीयता दी जा रही है। 6 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की राह फिलहाल यूपी की जीएसडीपी करीब 353 बिलियन डॉलर है। लक्ष्य है कि 2030 तक इसे वन ट्रिलियन डॉलर, 2036 तक दो ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचना है। इसके लिए प्रदेश को 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इसमें निवेश और रक्षा उद्योग दोनों प्रमुख आधार स्तंभ होंगे।

झारखंड पुलिस की कार्रवाई से डकैती का प्रयास नाकाम, 4 आरोपी गिरफ्तार

मेदिनीनगर  झारखंड के पलामू जिले में डकैती के प्रयास में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान छतरपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी रंजन ओरांव (19), मंजीत कुमार (22), विकेश कुमार (19) और छोटू कुमार (22) के रूप में की गई। मेदिनीनगर पुलिस अधीक्षक (एसपी) आर. रमेशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल, एक रिवाल्वर, दो कारतूस, एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, एक वाहन और चार वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं।'' पुलिस ने बताया, ‘‘वे कथित तौर पर छतरपुर थाना क्षेत्र में एक विशिष्ट स्थान पर डकैती की साजिश रच रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और उन्हें पकड़ लिया।''  

डाॅग स्क्वाड यूनिट के लिए नई पहचान, दिल्ली पुलिस ने जारी किया के-9 का प्रतीक चिह्न

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस का डॉग स्क्वाड (के-9 यूनिट) क्राइम ब्रांच के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक यूनिट है। इस यूनिट के उच्च प्रशिक्षित श्वानों को राजधानी में अपराध का पता लगाने, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान करने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया जाता है। इस दस्ते का अब तक कोई प्रतीक चिह्न नहीं था। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डॉग स्क्वाड के आधिकारिक प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह नया प्रतीक चिह्न डाॅग स्क्वाड की विशिष्ट स्थिति और समर्पित सेवा को दर्शाता है। आगे चलकर इसे श्वान दस्ता के कर्मियों की वर्दी, जैकेट और गियर पर प्रदर्शित किया जाएगा।  

छत्तीसगढ़ मुठभेड़: गरियाबंद में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 10 माओवादी, भारी हथियार भी कब्जे में

गरियाबंद जिले के मैनपुर इलाके में शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर मनोज उर्फ माडेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर मारा गया है। साथ ही 40 लाख का इनामी उड़ीसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाड़न्ना भी ढेर हो गया। 10 माओवादियों के शव बरामद मुठभेड़ में अब तक 10 माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। जवानों को घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिला है। इसमें एके-47, इंसास, एसएलआर और बड़ी संख्या में विस्फोटक शामिल हैं। जानकारी के अनुसार एसटीएफ, ई-30 और कोबरा बटालियन के जवान मैनपुर के मटाल जंगल में सुबह से सर्चिंग अभियान चला रहे थे।   अभी भी जारी है मुठभेड़ इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस ने पुष्टि की है कि इलाके में माओवादियों की बड़ी संख्या मौजूद थी। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि अभी भी रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। वे लगातार मौके पर मौजूद जवानों से संपर्क बनाए हुए हैं।

हिमस्खलन में शहीद हुए जवान को राज्यपाल और CM हेमंत ने दी श्रद्धांजलि

देवघर लद्दाख के सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के जवान नीरज चौधरी का पार्थिव शरीर बीते बुधवार को उनके गृह राज्य झारखंड लाया गया। अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर अग्निवीर नीरज चौधरी को श्रद्धांजलि दी। चौधरी और दो अन्य सैनिकों के शव मंगलवार को मिले थे। लद्दाख में 12 हजार फुट की ऊंचाई पर सियाचिन बेस कैंप में हिमस्खलन के बाद ये लोग वहां फंस गए थे। गंगवार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने सियाचिन में झारखंड के एक जवान को खो दिया। मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'' सोरेन ने कहा, ‘‘अग्निवीर नीरज चौधरी ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी और हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनके परिजन को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिले।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लगभग एक वर्ष पहले निर्णय लिया था कि शहीद होने वाले अग्निवीरों के निकटतम परिजनों को नौकरी दी जाएगी। नीरज के चाचा संतोष चौधरी ने कहा कि जवान का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को देवघर स्थित उनके पैतृक गांव कजरा में किया जाएगा। संतोष चौधरी ने कहा, ‘‘नीरज 2022 में सियाचिन में तैनात हुआ था और वह बचपन से ही देश की सेवा करना चाहता था।''  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: नमो भारत RRTS कॉरिडोर पूरी तरह शुरू होने को तैयार, दिल्ली-मेरठ सफर होगा आसान

मेरठ  राजधानी दिल्ली से मेरठ तक की बहुप्रतीक्षित रेलवे परियोजना नमो भारत दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर जल्द ही पूरी तरह खुलने जा रहा है। फिलहाल इसके 55 किलोमीटर का हिस्सा अभी चल रहा है, जिसमें दिल्ली के अशोक नगर स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रियों के लिए इसे चालू किया गया है। इस रेलवे लाइन की बची हुई 27 किलोमीटर की भी शुरुआत जल्द होने वाली है। यह जानकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने दी है। इस कॉरीडोर के पूरी तरह खुलने के बाद एनसीआर में 8 और कॉरीडोर को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। इस मामले की जानकारी देते हुए शलभ गोयल ने बताया कि जून में पूरे 82 किलोमीटर लंब रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का सफल ट्रायल किया गया था। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही इसे आम यात्रियों के लिए भी खोल दिया जाएगा। शलभ ने बताया कि पूरा कॉरीडोर उद्घाटन के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी इस कॉरीडोर के माध्यम से करीब 60 हजार यात्री हर महीने यात्रा कर रहे हैं। पूरी तरह से खुल जाने के बाद इस रास्ते पर करीब 1 लाख से ज्यादा कारों को सड़कों से हटाने में कामयाबी मिलेगी। इससे सड़कों पर लगने वाला जाम कम हो जाएगा। दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर में चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इस तरह अब दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी 1 घंटे से कम समय में पूरी हो जाएगी। इस कॉरीडोर के पूरी तरह से खुल जाने के बाद दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में लगने वाले भीषण जाम से भी हल्की राहत मिल जाएगी। बता दें कि नमो भारत परियोजना पर कुल 30 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसे मेरठ के साथ ही आसपास के कई शहरों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इसके बाद जल्द ही दिल्ली-अलवर कॉरीडोर को मंजूरी मिलने की संभावना है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद गुरुग्राम होते हुए यह कॉरीडोर 106 किलोमीटर तक जाएगा। दिल्ली-पानीपत कॉरीडोर को भी इसी साल स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इस तरह एनसीआर में कुल मिलाकर 8 नमो भारत आरआरटीएस कॉरीडोर बनाए जाएंगे, जिससे आसपास के शहरों तक की यात्रा आसान हो जाएगी और सड़कों पर से ट्रैफिक की समस्या भी कम हो जाएगी।  

इंदौर मेट्रो को बड़ी तकनीकी मदद, MP ट्रांसको ने पूरी की 13 किमी की कम्पोज़िट लाइन

इंदौर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है किमध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन का निर्माण कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। अब मेट्रो के एम.आर.-10 सब स्टेशन को 132 के.व्ही. डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. जैतपुरा सब स्टेशन से प्राप्त होगी। एमपी ट्रांसको इंदौर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.के. अग्रवाल ने बताया कि जैतपुरा से एम.आर.-10 सब स्टेशन तक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण घने आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरने के कारण चुनौतीपूर्ण रहा। इस कारण एम.पी. ट्रांसको मुख्यालय जबलपुर के विशेषज्ञों द्वारा विशेष डिजाइन तैयार कर 12.77 किमी लंबी कम्पोज़िट लाइन का निर्माण कराया गया।  इस लाइन में परंपरागत टावर के स्थान पर कम जगह मे लगने वाले नैरोबेस टावर,मोनोपोल टावर और 132 के.व्ही. अंडरग्राउंड केबल तीनों तकनीकों का समावेश किया गया। कुल 38 नैरोबेस टावर, 14 मोनोपोल तथा 0.777 किमी लंबी भूमिगत केबल का उपयोग कर लाइन तैयार की गई। इसके साथ ही जैतपुरा 220 के.व्ही. सब स्टेशन में 160 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया है, इससे मेट्रो को सतत और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।  

शहरी सहकारी बैंक अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कार्य करें : राज्यपाल

शहरी सहकारी बैंक अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कार्य करें : राज्यपाल जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के शहरी बैंक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त करने को अपना ध्येय बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यवसायी देशभर में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। आर्थिक रूप से सुदृढ़ सभी लोग सहकारिता से जुड़े। इसी से राष्ट्र और प्रदेश के विकास में  तेजी आएगी। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों के जरिए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभान्वित किए जाने पर भी विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीब, जरूरतमंद को मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से सहकारी बैंक कार्य करेंगे तभी सही मायने में सबका साथ सबका विकास को हम साकार कर पायेंगे। राज्यपाल बागडे गुरुवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में सहकार भारती एवं सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के राष्ट्रीय अधिवेशन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉपरेटिव बैंक न केवल हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह लाखों लोगों को, उनके परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत स्रोत भी है। राज्यपाल ने कहा कि सहकार में अपने लिए नहीं सबके विकास की सोच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डेनमार्क में सहकारिता से कृषि और डेयरी का जो विकास हुआ है, वह प्रेरित करने वाला है। राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता से सभी का समान आर्थिक विकास, रोजगार जनन और सामूहिक विकास संभव है। उन्होंने राजस्थान में अधिकाधिक सहकारी बैंक स्थापित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान में सरस की सहकारी गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि डेयरी के साथ अन्य उत्पादों का भी सहकारिता की सोच से प्रभावी विपणन किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने सहकारिता में भारत के तेजी से आगे बढ़ने की चर्चा करते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन में विश्वभर में हमारा देश पहले स्थान पर है। सहकारिता को प्रभावी गति देने से इस क्षेत्र के माध्यम से हम सर्वांगीण विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने  सहकारिता के इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे यहाँ सबसे पहले सयाजीराव गायकवाड़ जी ने बड़ोदा में एक अर्ध-सहकारी कारखाना स्थापित किया था। इसके बाद विखे पाटिल और धनंजयराव गाडगिळ ने 1949 में प्रवरा सहकारी चीनी कारखाना की स्थापना की।

पूर्व सीएम बघेल ने साधा निशाना: अपराध बढ़ रहे, गृहमंत्री पीछे नहीं हट रहे, फिल्म देख रहे

रायपुर राजनांदगांव में हुई तीन हत्याओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर निशाना साधा है. बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि गृहमंत्री इस्तीफा दें. राजनांदगांव में एक ही दिन में तीन हत्याएं हो गई है. ‘गृहमंत्री’ एक घटिया फिल्म देखने और उसके प्रमोशन में व्यस्त हैं. भूपेश बघेल ने कहा है कि राजनांदगांव की ‘फाइल्स’ देखने का समय गृहमंत्री के पास नहीं है. प्रदेश में भय का वातावरण बना हुआ है. जगह-जगह हत्याएं, चाकूबाजी हो रही है और गृहमंत्री फिल्म देखने में व्यस्त हैं.