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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पितृ पक्ष पर पितृजन को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार से प्रारम्भ हुए पितृ पक्ष के अवसर पर सभी पितृजन को सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि सभी को अपने पितृजन का आशीष प्राप्त हो यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के लिए जारी संदेश में कहा कि हमारे पूर्वजों ने तपस्या, त्याग और परिश्रम से सेवा और धर्म का जो मार्ग प्रशस्त किया है, वही आज हमारे जीवन का आधार है। हमारा संकल्प हो कि हम सभी अपने पितरों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए मानव जीवन को पूर्णता प्रदान करें।  

नियुक्ति पत्र पाकर खुश हुए शिक्षक, मुख्यमंत्री योगी ने की प्रेरक बातें

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कुछ चुनिंदा अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया, जबकि सभी जिलों में आयोजित कार्यक्रम में सांसद और विधायक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया। प्रदेश के सभी जनपदों में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां सांसद एवं विधायकगण सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर युवाओं के सपनों को साकार करने के साक्षी बने। उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ निरंतर कार्यरत है। देश के सबसे अधिक युवाओं वाले प्रदेश की युवा आकांक्षाओं को देखते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रोजगार मेलों के माध्यम से भी प्रदेश में 1736 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4.13 लाख से अधिक युवाओं को 2537 कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को अनेक महानुभाव देने वाले प्रदेश को हमने बीमारू राज्य से ‍उबारा। हमने प्रदेश के नौजवानों का साफ सुथरा मंच दिया, जिससे उत्तर प्रदेश की अलग पहचान बनी है। उत्तर प्रदेश वर्ष 2017 से पहले देश के विकास के योगदान देने के मामले में निचली पायदान पर था और अब सभी अग्रणी राज्यों को पीछे छोड़कर लगातार आगे बढ़ रहा है। अब ‍उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन है और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नियुक्त 1510 अनुदेशक ईमानदारी से काम पर प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम करें। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा चयन आयोग की ओर से अनुदेशकों का परिणाम बीते दिनों घोषित किया गया था। इसमें 1510 अनुदेशकों का चयन हुआ। इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह अवसर न केवल चयनित अभ्यर्थियों के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगा। बल्कि, प्रदेश सरकार के इस संकल्प का भी प्रमाण है कि योग्यता के आधार पर पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हर जिले में किया गया। इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डा. हरिओम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री यादव ने मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक भी किया। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से प्रदेश की निरंतर प्रगति और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवकुंड का अवलोकन किया और इसका सौंदर्यीकरण कराए जाने की बात कही। मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार बांकेलाल के शहनाई वादन की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित स्थानीय जन उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि विंध्य की धरा में मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर का विशिष्ट स्थान है। कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने केवल एक रात में एक ही पत्थर से शिव मंदिर का निर्माण किया था। रीवा-बनारस हाईवे पर स्थित देवतालाब शिव मंदिर में साल भर भक्तों की भीड़ रहती है। विंध्य में परंपरा रही है कि बद्रीनाथ और चारोंधाम की यात्रा का फल तभी मिलता है जब देवतालाब में भगवान शिव के दर्शन किए जाएं। चारधाम यात्रा के बाद भी लोग देवतालाब अवश्य जाते हैं।

आपदा पीड़ितों के लिए राहत सामग्री हुई रवाना, मनोहर लाल ने किया शुभारंभ

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदेश के 23 जिलों के सैकड़ों गांव पानी में डूबे हुए हैं। खासकर फिरोजपुर, तरनतारन, मोगा, गुरदासपुर और जालंधर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। खेत-खलिहान, घर और सड़कें पानी में डूबने से लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस त्रासदी की घड़ी में केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ पंजाब सरकार और बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है। इसी क्रम में रविवार को केंद्रीय शहरी विकास, आवास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोनीपत भाजपा कार्यालय से राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन ट्रकों में कपड़े, खाद्य सामग्री, पानी की बोतलें, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान शामिल है, जिन्हें सीधे बाढ़ प्रभावित जिलों में भेजा जाएगा। मनोहर लाल ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हरियाणा के लोग पंजाब के साथ खड़े हैं। भाजपा संगठन और कार्यकर्ता लगातार प्रभावित गांवों में पहुंचकर मदद पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और सहयोग जारी रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर सोनीपत के मेयर राजीव जैन, विधायक निखिल मदान, राई से विधायक कृष्णा गहलोत सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राहत सामग्री चढ़ाने और उसके वितरण की तैयारी में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा प्राकृतिक आपदाओं में देशवासियों की चिंता की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से पंजाब के प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिलेगी और हालात सामान्य होंगे।

भयावह बाढ़ पंजाब में: 13,000 करोड़ से अधिक का आर्थिक और मानविक संकट

पंजाब पंजाब में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। राज्य के 23 जिलों के 1960 गांव बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जहां 1.74 लाख हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुई हैं और 46 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, लाखों लोगों के घर और सामान का नुकसान हुआ है। पंजाब सरकार के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, राज्य को बाढ़ से अब तक 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शनिवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय टीम के सदस्यों के साथ बैठक में यह आंकड़े साझा करते हुए राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। केंद्रीय टीम को बताया गया कि किसानों के पशुधन का भी काफी नुकसान हुआ है। लगभग एक दर्जन जिलों की सड़कें, पुल, बिजली ट्रांसफार्मर, स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान और कई अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर और अमृतसर में हुआ है। अधिकारियों ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के मुआवजा नियमों में संशोधन की मांग भी की, ताकि पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल क्षति के लिए 6800 रुपये प्रति एकड़ के बजाय 50 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाने चाहिए। जनहानि के लिए 4 लाख रुपये के बजाय 8 लाख रुपये दिए जाने चाहिए। इसके अलावा, विकलांगता के लिए 1.5 लाख रुपये और दुधारू पशु की मौत पर 75 हजार रुपये दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की छतें गिर गई हैं, उनके मुआवजे में भी वृद्धि की जानी चाहिए। हालांकि, पंजाब सरकार के विभिन्न विभाग बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं और अंतिम रिपोर्ट बाढ़ खत्म होने के बाद ही तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि केंद्रीय अधिकारियों की एक टीम 4 सितंबर को पंजाब पहुंची थी और उसने दो दिनों तक विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया।    

बाढ़ से बेहाल पंजाब: प्रधानमंत्री मोदी पहुंचेंगे, जानिए किस हद तक होगा मदद पैकेज

पंजाब पंजाब में विनाशकारी बाढ़ ने हाहाकार मचा रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक वह 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। पीएम मोदी गुरदासपुर जाकर जमीनी स्तर पर हालात देखेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े राहत पैकेज का भी ऐलान कर सकते हैं। बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सेना, सीमा सुरक्षा बल, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। पंजाब दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों के उफान के चलते यह स्थिति बनी है। इसके अलावा, हाल के दिनों में पंजाब में हुई भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पोंग बांध का जलस्तर मामूली घटकर 1,394.19 फुट दर्ज किया गया, हालांकि यह अब भी उसकी अधिकतम सीमा 1,390 फीट से चार फुट ऊपर है। शुक्रवार शाम बांध का जलस्तर 1,394.8 फुट था। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को बांध में पानी का प्रवाह 99,673 क्यूसेक था, जो घटकर 47,162 क्यूसेक रह गया, जबकि निकासी 99,673 क्यूसेक पर यथावत बनी रही। भाखड़ा बांध के मामले में शनिवार को जलस्तर 1,678.14 फुट दर्ज किया गया, जो शुक्रवार को 1,678.47 फुट था। सतलुज नदी पर बने इस बांध में पानी का प्रवाह 62,481 क्यूसेक और निकासी 52,000 क्यूसेक रही। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाढ़ को पांच दशकों में सबसे भीषण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में लगातार हुई बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे सभी जिलों के लगभग 2,000 गांव प्रभावित हुए हैं। ताजा बुलेटिन के अनुसार, 3.87 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 46 मौतों की पुष्टि हुई है। एक अगस्त से पांच सितंबर के बीच 14 जिलों से 43 मौतें दर्ज की गई थीं। कुल 23 जिलों के 1,996 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक सात-सात मौतें होशियारपुर और अमृतसर से हुईं। इसके बाद पठानकोट में छह, बरनाला में पांच, लुधियाना और बठिंडा में चार-चार, मानसा में तीन, गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर में दो-दो और पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर से एक-एक मौत दर्ज की गई। पठानकोट में तीन लोग लापता हैं। इसी बीच, फिरोजपुर जिले के तल्ली गुलाम गांव का 50 वर्षीय व्यक्ति उफनती नदी की तेज धारा में बह गया और उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में पानी का स्तर खतरनाक स्तर पर है और लगातार बाढ़ से गांवों में रहने वालों का जीवन कठिन हो गया है। बाढ़ से संबंधित यह आंकड़े एक अगस्त से छह सितंबर तक की अवधि के हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 22,854 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला जा चुका है। चीमा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि क्षेत्र को 18 जिलों में भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे, मकानों और पशुधन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि घग्गर नदी का जलस्तर भी 750 फुट के खतरे के निशान को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने इस अभूतपूर्व बाढ़ पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संवेदनशील रवैया अपनाया है। मंत्री ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जवाबदेही और समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि इस संकट के लिए "राजनीतिक अवसरवाद" के बजाय सहयोगात्मक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। चीमा ने कहा कि तबाही के बावजूद पंजाब सरकार ने तेज और समन्वित तरीके से कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में लगभग 200 राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां 7,000 से अधिक विस्थापित लोगों को शरण दी गई है। एनडीआरएफ की 24 और एसडीआरएफ की दो टीमें, 144 नौकाओं की मदद से राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर शनिवार को निशाना साधते हुए कहा कि वह बाढ़ के लिए नदियों में अवैध खनन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि भाजपा नेता वित्तीय मदद की घोषणा करने के बजाय सिर्फ “फोटो खिंचवाने” के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर पंजाब के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और कहा कि चौहान ने बाढ़ सहायता के लिए “एक पैसा” भी घोषित नहीं किया, जबकि राज्य सरकार ने केंद्र से ‘लंबति’ 60,000 करोड़ रुपये की मांग की है। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं होशियारपुर जिले में टांडा और मुकेरियां उप-विभागों के निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ है, जहां धान, गन्ना और मक्का जैसी फसलों को भारी क्षति हुई है। उपायुक्त आशिका जैन ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा दिया जाएगा और समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वय से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। इस बीच, कपूरथला जिले के उपायुक्त अमित कुमार पंचाल ने बताया कि ब्यास नदी में पानी का प्रवाह 1.72 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। 

अखिलेश यादव का जोरदार हमला: भाजपा के अंदरूनी विवादों पर सियासी तंज

लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मेरठ में जिलाध्यक्षों की क्लास ली. उन्होंने अध्यक्षों को शुचिता और मर्यादा का पाठ पढ़ाया. इतना ही नहीं एमएलसी और पंचायत चुनाव जीतने के गुर बताए. एमएलसी और पंचायत चुनावों की तैयारी की क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि थाने चौकी जैसे सरकारी व्यवस्था से जुड़े कार्यों को सांसद और विधायकों के लिए छोड़ दें. उन्होंने जिलाध्यक्षों को हिदायत देते हुए कहा कि थाना-चौकी छोड़कर जिलाध्यक्ष संगठन को संभालें. इस पर अखिलेश यादव ने चुटकी ली है. अखिलेश यादव ने भाजपा के खात्मे के कई कारण बताए हैं. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि ‘भाजपाइयों को जमीन-कब्जा, भ्रष्टाचार, अंदरूनी लड़ाई और आपसी उठा-पटक से फ़ुरसत मिले तब तो वे संगठन के बारे में सोचें. भाजपा के खात्मे के मूल कारण हैं:       भाजपा की सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नकारात्मक राजनीति     ⁠अकूत पैसे कमाने की महाभ्रष्ट सोच     ⁠किसान, मजदूर, युवा, महिला, नौकरी-कारोबार विरोधी नीतियां     ⁠भाजपाइयों के किसी के सगे नहीं होने के हर दिन बढ़ते उदाहरण     ⁠भाजपाइयों के हर स्तर व हर तरफ से भ्रष्ट-चारित्रिक पतन के आते समाचार व वीडियो     ⁠भाजपा व उनके संगी-साथियों द्वारा संविधान व आरक्षण को पिछले दरवाजे से खत्म करने की साजिश     ⁠भाजपा द्वारा अपने सहयोगी दलों का घोर अपमान, उपेक्षा व तिरस्कार     ⁠पीडीए के लिए भाजपाइयों के मन में कूट-कूटकर भरी दुर्भावना     ⁠पीडीए समाज के उत्पीड़न-शोषण को बढ़ावा देने की वर्चस्ववादी सोच सच तो ये है कि समाज में दरार डालते-डालते भाजपा खुद ही दरारों से भर गई है. भाजपा गई!’

सरकार की बड़ी पहल: हरियाणा को मिलेंगी 450 इलेक्ट्रिक बसें, कम कीमत में सफर

हरियाणा  देशभर में प्रदूषण की समस्या से निपटने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने ‘पीएम-ई-बस सेवा योजना’ के तहत 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हरियाणा को 450 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 100 बसें अकेले गुरुग्राम जिले को आवंटित होंगी। यह निर्णय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने, सार्वजनिक परिवहन को सशक्त बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है। केंद्र की यह पहल न सिर्फ़ प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेगी, बल्कि लोगों को किफायती, आरामदायक और आधुनिक यातायात सुविधा भी प्रदान करेगी। केंद्रीय शहरी विकास, आवास एवं उर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसकी पुष्टि की है। दरअसल, केंद्र ने अगस्त-2023 में इस योजना की शुरूआत की थी। योजना को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता के साथ देशभर में लागू किया जा रहा है। अहम बात यह है कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत बसों का संचालन होगा। केंद्र द्वारा तय शर्तों के तहत 12 मीटर लंबी स्टैंडर्ड बस के लिए 24 रुपये प्रति किमी, 9 मीटर मिडी बस के लिए 22 रुपये तथा 7 मीटर मिनी बस के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर की केंद्रीय सहायता तय की है। चार्जिंग स्टेशन व डिपो के लिए भी मदद साथ ही, चार्जिंग स्टेशन, बस डिपो और अन्य नागरिक ढांचे के निर्माण पर भी केंद्र की ओर से 100 प्रतिशत तक की मदद दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि योजना के तहत हरियाणा को 450 बसों का कोटा मिला है। इनमें से गुरुग्राम को 100 इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी। गुरुग्राम को इसलिए प्राथमिकता दी गई है क्योंकि यहां दिल्ली से सटे क्षेत्रों में वाहनों की संख्या सबसे अधिक है और वायु प्रदूषण भी लगातार चिंता का विषय रहा है। अनुबंध में देरी से लटकी डिलीवरी योजना की घोषणा को दो साल बीत चुके हैं, लेकिन गुरुग्राम में 100 ई-बसों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य परिवहन विभाग और निजी ऑपरेटर के बीच अनुबंध पूरा न होने की वजह से बसों की डिलीवरी अटक गई है। बताते हैं कि अब राज्य सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर हो गई है। जल्द ही इसे सिरे चढ़ाया जाएगा ताकि हरियाणा को उसके हिस्से की सभी बसें मिल सकें। रोजगार के अवसर भी मिलेंगे विश्व संसाधन संस्थान का अनुमान है कि यह योजना देशभर में 45 से 55 हजार नए रोजगार पैदा कर सकती है। वहीं, इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन की रिपोर्ट बताती है कि अब तक चल रही 3,800 से ज्यादा ई-बसों से करीब 1,200 टन नाइट्रोजन ऑक्साइड और 700 टन कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है। इसका सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से नई पीढ़ी को मिला सुनहरा अवसर

अनुदेशक बोले- यह सफलता केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता का भी परिणाम  उत्तर प्रदेश में अब सिफारिश नहीं, बल्कि योग्यता और मेहनत के दम पर हासिल हो रहे हैं रोजगार के अवसर  लखनऊ उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर अब योग्यता और मेहनत के दम पर हासिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने हजारों युवाओं के जीवन को नई दिशा दी है। रविवार को लोकभवन के सभागार में नियुक्ति पत्र पाने वाले नवचयनित अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अब रोजगार के अवसर योग्यता और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को ही मिलेंगे, न कि सिफारिश वालों को। सीएम योगी के इसी मिशन को उनकी टीम धरातल पर उतारने में लगी है।  मेहनत को मिला सही मंच – सीमा, मैनपुरी मैनपुरी की सीमा ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मैंने राजकीय महिला पॉलीटेक्निक, बरेली से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रयास से यह भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी हुई, जिसकी वजह से उनकी मेहनत रंग लाई। बेटियों के सपनों को मिला सहारा – अल्पना श्रीवास्तव, लखनऊ लखनऊ की अल्पना श्रीवास्तव ने फिरोजगांधी पॉलीटेक्निक, रायबरेली से प्रशिक्षण प्राप्त किया और एनएसटीआई कानपुर से सीआईटीएस कोर्स किया। उन्होंने बताया कि समाज की चुनौतियों के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी पढ़ाई में कमी नहीं रखी। उन्होंने बताया कि अनुदेशक की नियुक्ति मिलने पर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने वादा किया कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। उत्तर प्रदेश को उत्तम और कुशल प्रदेश बनाने में सहयोग करूंगी। किसान परिवार का पहला सरकारी रोजगार – श्यामू विश्वकर्मा, गोरखपुर गोरखपुर के श्यामू विश्वकर्मा ने भावुक होकर कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और परिवार में पहले व्यक्ति हैं जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है। यह अवसर उन्हें इसलिए मिल पाया क्योंकि प्रदेश सरकार ने निष्पक्ष भर्ती की परंपरा स्थापित की है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए विश्वास दिलाया कि वह पूरी लगन और मेहनत से काम कर अपने चयन को सार्थक करेंगे।  रोजगार से बढ़ा आत्मविश्वास – पवन कुमार, पीलीभीत पीलीभीत के पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने राजकीय पॉलीटेक्निक पीलीभीत से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया और फिर सीआईटीएस की परीक्षा हैदराबाद से पास की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से सरकारी सेवा तक की उनकी यात्रा आसान नहीं थी। लेकिन सरकार की पारदर्शी प्रक्रिया ने उनके सपनों को पंख लगा दिए। नवचयनित अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस किया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति न सिर्फ उनके लिए गर्व का क्षण है, बल्कि प्रदेश सरकार के युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।

पंजाब बाढ़ संकट: भूपेश बघेल ने किया जमीनी हालात का जायजा, सुनी लोगों की समस्याएं

फिरोजपुर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया. नेताओं ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को समझा. इस दौरान भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान की निंदा करते हुए कहा कि मंत्री का यह दावा कि बाढ़ का कारण खनन है, गैर-जिम्मेदाराना है. उन्होंने सवाल उठाया कि डैम के गेट पहले कब खोले गए और अब कब खोले गए? इतना पानी एक साथ क्यों छोड़ा गया? बघेल ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.   विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी केंद्र और राज्य सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पानी की उचित व्यवस्था समय पर न होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बने. बाजवा ने आरोप लगाया कि नहरों और नालों की सफाई के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. नालों की सफाई नहीं हुई और करोड़ों रुपये का गबन किया गया. उन्होंने इसकी जांच की मांग की. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग ने कहा कि यह स्थिति सरकार की विफलता का नतीजा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी इस मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ी है और राशन, भोजन, पशुओं के लिए चारा और अन्य सुविधाएं प्रदान करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी. भूपेश बघेल ने कहा कि यह बाढ़ केंद्र और राज्य सरकार की लापरवाही का परिणाम है. अगर समय पर डैमों से पानी छोड़ा गया होता, तो यह स्थिति नहीं बनती. उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार अब तक यह रिपोर्ट तैयार नहीं कर सकी कि कितने लोग और पशु मरे, कितने घर क्षतिग्रस्त हुए और कितनी फसलें बर्बाद हुईं.