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भरतपुर में सड़क सुरक्षा वाद-विवाद प्रतियोगिता संपन्न, विजेताओं को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा की महत्ता पर जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2025 को स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल भरतपुर के ऑडिटोरियम हॉल में विकासखंड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भरतपुर विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 24 प्रतिभागियों ने “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने प्रभावशाली विचार रखे। निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों में सेजेस भरतपुर के शिवेन्द्र तिवारी ने प्रथम स्थान, न्यू लाइफ इंग्लिश स्कूल जनकपुर के आर्जव जैन ने द्वितीय तथा वंदना शिक्षा निकेतन जनकपुर की कु. नव्या गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के लिए सेजेस भरतपुर के हंसल शर्मा, कन्या उ.मा.वि. जनकपुर की कु. अर्पिता तिग्गा तथा उ.मा.वि. कंजिया के अरविन्द कुमार वर्मा का चयन किया गया। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्र को ₹2500, द्वितीय को ₹2000, तृतीय को ₹1500 तथा सांत्वना पुरस्कार पाने वाले तीनों विद्यार्थियों को ₹1000-₹1000 के चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मो. इस्माइल खान, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक देवेंद्र गुप्ता, नगर पंचायत जनकपुर उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा, सी.ए.सी. भरतपुर अभिषेक दुबे, सेजेस भरतपुर के प्राचार्य दीपक सिंह बघेल सहित शिक्षकगण एवं स्टाफ मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में सुशील कुमार सिंह, देवानीश टोप्पो और श्रीमती शिल्पी सिंह परिहार शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन अतुल कुमार सिंह ने किया। वक्ताओं ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का मूल मंत्र है। विद्यार्थियों के विचार निश्चित रूप से समाज को जागरूक बनाने में सार्थक सिद्ध होंगे।

रेवाड़ी में स्कूल सुरक्षा बढ़ाई, नियम तोड़े तो मिलेगी सख्त सजा

रेवाड़ी  जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) दीपिका यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी प्ले स्कूलों, निजी और सरकारी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बाल सुरक्षा से संबंधित अनिवार्य व्यवस्थाओं का सख्ती से पालन किया जाए। यह कदम हाल ही में सामने आई एक गंभीर घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें विद्यालय परिवहन सेवा से जुड़े एक कर्मचारी पर नाबालिग बच्ची के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित विद्यालय ने न तो अपने स्टाफ का पुलिस सत्यापन कराया था और न ही स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे या महिला अटेंडेंट की व्यवस्था की गई थी। DCPO के आदेशों के अनुसार, ''सभी ड्राइवर, कंडक्टर और गैर-शिक्षण स्टाफ का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। प्रत्येक स्कूल बस/वैन और स्कूल परिसर में CCTV कैमरे लगाए जाएं और रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाए। प्रत्येक स्कूल वाहन में महिला अटेंडेंट या एस्कॉर्ट की नियुक्ति अनिवार्य होगी। स्कूलों में चाइल्ड प्रोटेक्शन पॉलिसी (Child Protection Policy) लागू की जाए और शिकायत पेटी व हेल्पलाइन नंबर की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। किसी भी घटना की सूचना तुरंत पुलिस, बाल कल्याण समिति (CWC) और DCPO को दी जाए। सभी प्ले स्कूलों का पंजीकरण NCPCR के सरल पोर्टल पर अनिवार्य किया जाए। DCPO दीपिका यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना की गई, तो उसके खिलाफ POCSO एक्ट, जेजे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल इन सुरक्षा मानकों का पालन करें और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की अनदेखी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है और दोषी संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की हेल्थ अपडेट: डॉक्टरों ने क्या दी हिदायत?

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की हालत में अब सुधार है। मेडिकल टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। पिछले साल भी इन्हीं दिनों में मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक संक्रामक बीमारी ने घेर लिया था। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में नियमित जांच के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि हुई थी। यह बीमारी गंदे पानी की वजह से फैलती है। गौरतलब है कि पंजाब के 23 जिलों में इन दिनों बारिश और बाढ़ के कारण तबाही फैली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने वाले थे, तबीयत को देखते हुए मुख्यमंत्री मान ने आज का दौरा रद्द कर दिया है। अरविंद केजरीवाल सुलतानपुर लोधी के दौरे पर रहेंगे। बीते दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भी पंजाब की बाढ़ को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।   बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएम मान ने मांगा था सहयोग बीते दिन 3 सितंबर को मुख्यमंत्री मान ने एक्स अकाउंट पर ट्वीट शेयर कर पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग मांगा था। मुख्यमंत्री मान ने लिखा था कि हर मुश्किल घड़ी में पंजाब हमेशा दूसरों के साथ खड़ा रहा है। आज पंजाब में आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सभी को इसके साथ खड़े होने की जरूरत है। आइए एक-दूसरे का सहारा बनें। बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए चल रहे राहत कार्यों में अपना योगदान दें। आप इसके लिए तस्वीर में दिए गए मुख्यमंत्री राहत कोष के QR कोड को स्कैन करके या फिर दिए बैंक खाते में राशि भेज सकते हैं। समय कठिन ज़रूर है, लेकिन एक-दूसरे के साथ से यह भी बीत जाएगा। पंजाब में पोंग ओर भाखड़ा डैम में बढ़ा जलस्तर गौरतलब है कि पंजाब के मैदानी इलाके और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते पोंग ओर भाखड़ा डैम में पानी का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा।जिस कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ से पूर्ण रूप से प्रभावित है।वही लगातार डैमो से हजारों लाखों क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। डैमो से छोड़े जा रहे पानी से पंजाब के मैदानी इलाकों में बाढ़ की स्थिति ज्यों की त्यों ही है।आज पोंग डैम से 99 हजार 673 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा तो दूसरी ओर भाखड़ा डैम से 80 से 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। पोंग ओर भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़ने के कारण सतलुज ओर ब्यास दरिया का पानी ओर उफान पर चढ़ जाएगा।जिसे लेकर प्रशासन ने दरिया के किनारों से लोगों को दूर रहने के निर्देश दिए है।

जश्नें ईद मिलादुन्नबी क्यों मनाई जाती है?

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ईद मिलादुन्नबी मुसलमानों का एक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन हमारे प्यारे नबी हज़रत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश (आमद) की खुशी में मनाया जाता है। हज़रत मोहम्मद ﷺ का जन्म 12 रबीउल अव्वल को मक्का शरीफ़ में हुआ था। इसीलिए इस दिन को बड़ी अकीदत और मोहब्बत के साथ पूरी दुनिया के मुसलमान मनाते हैं। इस दिन लोग नबी ﷺ की महान शिक्षाओं और उपदेशों को याद करते हैं। आपने इंसानियत को बराबरी, भाईचारा, इंसाफ और सच्चाई का रास्ता दिखाया। अंधकार और बुराइयों से निकालकर लोगों को रोशनी और हिदायत का पैग़ाम दिया। इसलिए आपको रहमतुल्लिल आलमीन यानी सारी दुनिया के लिए रहमत कहा गया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मस्जिदों को सजाया जाता है, जुलूस निकाले जाते हैं, दरूद और सलाम पढ़े जाते हैं तथा सीरत-ए-नबी ﷺ के जलसे आयोजित किए जाते हैं। लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं और खैरात बाँटते हैं। ईद मिलादुन्नबी हमें यह संदेश देती है कि हम सिर्फ जश्न न मनाएँ बल्कि नबी ﷺ की बताई हुई राह पर चलें। उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें, तभी सच्ची मोहब्बत और अकीदत साबित होगी। ईद मिलादुन्नबी का असली मकसद यह है कि हम नबी ﷺ की पैदाइश की खुशी मनाते हुए उनके बताए रास्ते पर चलें और दुनिया में अमन, भाईचारा और इंसाफ का पैग़ाम फैलाएँ।

झारखंड के कई जिलों में तेज बारिश का अनुमान, अलर्ट पर प्रशासन

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के तीन जिलों के लिए आज यानी बृहस्पतिवार को भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिन तीन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, उनमें गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिले शामिल हैं। आईएमडी ने सात जिलों- गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, खूंटी, सरायकेला खरसावां और पूर्वी सिंहभूम के लिए बारिश का ‘येलो अलर्ट' (सावधानी बरतना) जारी किया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, ‘‘ आज यानी बृहस्पतिवार को पूरे झारखंड में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। कम दबाव प्रणाली के प्रभाव के कारण कुछ जिलों में इस अवधि के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।'' जानकारी हो कि झारखंड में एक जून से तीन सितंबर तक 26 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान राज्य में 823.7 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 1034.9 मिमी वर्षा हुई है। राज्य में सबसे ज्यादा सरायकेला-खरसावां जिले में 65 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है, इसके बाद रांची में 54 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पाकुड़ और देवघर में एक जून से तीन सितंबर के बीच क्रमशः 19 प्रतिशत और नौ प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।  

GST केस में फंसे विधायक संजय पाठक, ब्याज और पेनल्टी समेत भरना होगा टैक्स

भोपाल  पूर्व मंत्री और विधायक संजय पाठक के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। उनसे जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि अवैध खनन के मामले में विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ की वसूली हो सकती है। यह मामला जबलपुर के सिहोरा तहसील के अलग-अलग गांवों में लौह अयस्क खदानों से जुड़ा है। जहां पर अवैध उत्खनन के मामले में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की जानी है। अवैध खनन में 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी के केस में हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन पर सीधे अप्रोच करने वाले विजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। जस्टिस मिश्रा की ऑर्डर शीट सामने आने व केस से खुद को अलग कर लेने के बाद खनिज विभाग ने विधायक पाठक और पारिवारिक फर्मों पर शिकंजा कसा है। तय मात्रा से अधिक आयरन और खनन पर लगाई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी की राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की। खनिज विभाग ने विधायक से जुड़ी फर्मों को इस संबंध में मांग पत्र जारी कर दिए हैं। उक्त राशि के साथ जीएसटी और ब्याज की राशि भी भरनी होगी। जांच दल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आसपास स्थित विधायक पाठक से जुड़ी आयरन ओर की खदानों में अवैध खनन की शिकायत की गई थी। इसकी जांच के लिए राज्यशासन ने दल का गठन किया था। दल ने मौके पर खनन और दस्तावेजों में स्वीकृत अनुमति के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सरकार को दी थी। शासन के पत्र के आधार पर खनिज विभाग ने पेनल्टी की वसूली की कार्रवाई शुरू की है। मां और पुत्र के नाम से संचालन जिन खदानों पर पेनल्टी की वसूली कार्रवाई शुरू की गई है। उनमें से कुछ फर्में सीधे विधायक संजय पाठक, मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर हैं। इसी तरह एक अन्य फर्म में उनकी 50% भागीदारी है। किस फर्म से कितनी वसूली फर्म का पूरा नाम – वसूली योग्य राशि 1-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 234.51 2-निर्मला मिनरल्स – 126.79 3-पेसेफिक एक्सपोर्ट – 81.79 4-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 20.02 अब तक क्या-क्या – 26 अगस्त को जिला खनिज कार्यालय को पत्र मिला। – 443 करोड़ रुपए की मांग भेजी। – विभाग ने आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन पर दो बार, निर्मला मिनरल्स, पैसिफिक एक्सपोर्ट पर पेनल्टी ठोंकी। – 1 सितंबर को शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर सुनवाई – जज ने विधायक के अप्रोच करने की बात ऑर्डर में लिख दी। 443 करोड़ की पैनल्टी वसूलने की कार्यवाही शुरू राज्य शासन से मिले निर्देशों के अनुसार सिहोरा की खदानों में तय मात्रा से ज्यादा खनन के प्रकरण में लगाई गई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की गई है। फर्मों के संचालकों को इसके लिए मांग पत्र जारी किए गए हैं। – -एके राय, खनिज अधिकारी, जबलपुर।

नाबालिग पीड़िता को आरोपी के घर भेजा, फिर हुई दरिंदगी – पन्ना DPO समेत 10 के खिलाफ केस

छतरपुर/पन्ना   पन्ना जिले की बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के स्टाफ ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की जिंदगी से खिलवाड़ किया. दरअसल, पन्ना जिले की नाबालिग को एक युवक भगाकर ले गया. बाद में नाबालिग को छतरपुर जिले से बरामद किया गया. दुष्कर्म के आरोपी को जेल भेज दिया गया. पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर पर रखा गया. जब आरोपी जेल से छूटकर आया तो पीड़िता को जिम्मेदारों ने उसी के घर भेज दिया. इसके बाद आरोपी ने नाबालिग को लगातार हवस का शिकार बनाया. जांच के बाद छतरपुर पुलिस का एक्शन इस मामले का खुलासा होने पर पन्ना जिला प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया. इसके बाद हुई जांच के आधार पर छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति पन्ना के अध्यक्ष, समिति के पांचों सदस्य, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के तीनों कर्मचारी और एक अन्य महिला के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस ने जांच में पाया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बाल कल्याण समिति ने घोर लापरवाही की. 15 साल की लड़की को साथ ले गया युवक छतरपुर के जुझारनगर थाने में पन्ना के डीपीओ सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मामले के अनुसार पन्ना जिले के एक गांव में रहने वाली 15 साल की नाबालिग 16 जनवरी 2025 को स्कूल जाने के लिए घर से निकली, फिर लौटी नहीं. परिजनों ने थाना में गुमशुदुगी दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग को 17 फरवरी 2025 को छतरपुर जिले के एक गांव से दस्तयाब किया. नाबालिग को भगा ले जाने वाले आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया. पीड़िता को आरोपी के ही घर भेजा नाबालिग को बाल कल्याण समिति पन्ना के समक्ष प्रस्तुत किया गया. बाल कल्याण समिति ने अस्थाई आश्रय के लिए वन स्टॉप सेंटर पन्ना भेज दिया. बताया गया कि बच्ची के परिवार वाले उससे नाराज थे. इस कारण उन्होंने अपने साथ ले जाने से मना कर दिया. इसलिए उसे महिला बाल विकास की समिति और वन स्टॉप सेंटर को सौंप दिया. इसी बीच बाल कल्याण समिति ने 29 मार्च 2025 को पीड़िता को आरोपी के घर भेज दिया. जनसुनवाई में मामला पहुंचने से हड़कंप कुछ दिनों बाद नाबालिग के परिजनों ने बेटी को सुपुर्द करने कलेक्ट्रेट पन्ना जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई. कलेक्टर ने शिकायत को संज्ञान में लेकर बाल कल्याण समिति को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने निर्देश दिए. गलत और मनमाने निर्णय का खुलासा न हो, इसलिए नाबालिग को 29 अप्रैल 2025 को दोबारा वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया. वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग में खुलासा हुआ कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ. एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश इस मामले में छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भानुप्रताप जड़िया पिता मनीराम जड़िया निवासी किशोरगंज पन्ना, सदस्य अंजली भदौरिया पति योगेंद्र भदौरिया निवासी सिविल लाइन पन्ना, आशीष बॉस पिता एनएन बॉस निवासी सिविल लाइन पन्ना, सुदीप श्रीवास्तव पिता सरमन लाल श्रीवास्तव निवासी किशोरगंज पन्ना और प्रमोद कुमार सिंह पिता मोहन सिंह निवासी ललार जिला पन्ना के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के तहत कायमी की है. छतरपुर पुलिस ने आशीष बॉस को गिरफ्तार किया है. बाकी आरोपियों के घर पुलिस ने दबिश दी जा रही है. इनके खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कविता पाण्डेय, काउंसलर प्रियंका सिंह, केस वर्कर शिवानी शर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत अपराध कायम किया गया है. जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21, एससीएसटी एक्ट की धारा 4, बीएनएस की धारा 199, 239 सहित एक अन्य महिला अंजली कुशवाहा के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 82 के तहत अपराध दर्ज किया गया है. इस मामले में लवकश नगर SDOP नवीन दुबे ने बताया "मामले को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पहली गिरफ्तारी महिला बाल कल्याण समिति के सदस्य आशीष बॉस की हुई है. उसे जेल भेज दिया गया है. बाकी सदस्य अभी फरार हैं. जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा."  

एके शर्मा फिर भड़के अफसरों पर, चेताया- अब होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ  यूपी में योगी सरकार में मंत्री एके शर्मा बिजली विभाग के अफसरों के बाद अब नगर विकास के अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने अफसरों को लापरवाही कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। दरअसल, प्रदेश के 10 जिलों में पीएम आवास के आवेदन निस्तारण की स्थिति खराब है। ऊर्जा और नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के सभी शहरी पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना-दो का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए वार्ड-वार कैंप आयोजित कर सभी पात्र परिवारों के आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन के निस्तारण में तेजी लाएं और 15 दिनों के बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। मिशन मोड में काम कर लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। निदेशक सूडा को शिकायतों व सुझावों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीबों की सेवा करने का इससे अच्छा रास्ता कोई और नहीं हो सकता। यह योजना गरीबों के सपनों और आशाओं से जुड़ी है, इसलिए हर पात्र व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में निदेशक सूडा अपूर्वा दुबे ने बताया कि इस योजना में उत्तर प्रदेश में अभी तक 2,52,605 आवास केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। पोर्टल पर 22 लाख से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं। कुशीनगर मिर्जापुर, प्रतापगढ़, गोरखपुर, बरेली, महाराजगंज, मेरठ, संत कबीर नगर, मऊ व सहारनपुर में सर्वाधिक मामले लंबित हैं। इन जिलों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। गाजियाबाद, फिरोजाबाद, बिजनौर, अलीगढ़, झांसी आदि जिलों में प्रगति बेहतर है।  

CBI की कार्रवाई: घूसखोरी में रंगे हाथ पकड़े गए BCCL के दो कर्मचारी

धनबाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने धनबाद स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के लोदना क्षेत्र के दो कर्मचारियों राम आश्रय गरेडिया और राजकुमार सिंह को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने बीसीसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी जगदीश साव से उनके क्वाटर्र का एनओसी देने के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जगदीश साव ने इस मामले की शिकायत सीबीआई से की थी। शिकायत सही पाए जाने पर सीबीआई की टीम ने बुधवार को जाल बिछाया और जब दोनों कर्मचारी पैसे ले रहे थे, तब उन्हें पकड़ लिया। सीबीआई ने मौके से 20,000 रुपये नकद बरामद किए। दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

हर साल की तबाही नहीं, चाहिए स्थायी उपाय : डॉ. बलबीर सिंह

राजपुरा पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को सराला हेड और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर घनौर का दौरा कर घग्गर नदी के बहाव और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की मार केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी हालात गंभीर हैं। इसलिए केंद्र सरकार को सभी राज्यों को साथ लेकर इसका स्थाई समाधान निकालना चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रभावित इलाकों में पंजाब सरकार हर समय लोगों के साथ खड़ी है। घनौर समेत आसपास के अस्पतालों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आपातकालीन हालात से निपटने के लिए अतिरिक्त डॉक्टर और स्टाफ तैनात किए गए हैं। पीने के पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं, वहीं मोबाइल मेडिकल टीमें और रैपिड रिस्पांस टीमें भी सक्रिय हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरी दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी कर रहा है। इस मौके पर पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के वाइस चेयरमैन मनिंदरजीत विक्की घनौर, एसडीएम राजपुरा अविकेश गुप्ता, ड्रेनेज विभाग के एसई रजिंदर घई और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।