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CG Transfer News: 19 राज्य प्रशासनिक सेवा अफसरों का ट्रांसफर, इंद्रजीत बर्मन को मिली स्वास्थ्य संचालक की जिम्मेदारी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 अधिकारियों के ताबदले का आदेश जारी किया है. इस फेरबदल में नगर निगमों के आयुक्तों सहित विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है. जारी आदेश के अनुसार अरुण कुमार वर्मा को नगर निगम धमतरी का आयुक्त बनाया गया है. वहीं शशांक पांडे को अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा जी. आर. मरकाम को नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त, विजेंद्र सिंह को नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त और इंद्रजीत बर्मन को संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें में अपर संचालक नियुक्त किया गया है. जिला पंचायतों और नगर निगमों में भी बदलाव इसके अलावा नयनतारा सिंह तोमर को अपर संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, प्रमाकर पाण्डेय को संयुक्त संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, अभिषेक कुमार गुप्ता को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी और विनय कुमार पोयाम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जांजगीर चांपा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। योगेंद्र श्रीवास्तव को जिला पंचायत कोरिया का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह ट्रांसफर आदेश जारी किया है। अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव अरुण कुमार वर्मा: नगर निगम धमतरी का आयुक्त शशांक पांडे: अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन जी. आर. मरकाम: नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त विजेंद्र सिंह: नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त इंद्रजीत बर्मन: संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें में अपर संचालक राजीव कुमार पाण्डेय : अपर संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय भारती चन्द्राकर: अतिरिक्त प्रबंध संचालक, मार्कफेड दिनेश कुमार नागा: छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड में महाप्रबंधक नयनतारा सिंह तोमर: अपर संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय प्रमाकर पाण्डेय: संयुक्त संचालक, खेल एवं युवा कल्याण अभिषेक कुमार गुप्ता: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी विनय कुमार पोयाम: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जांजगीर चांपा योगेंद्र श्रीवास्तव: जिला पंचायत कोरिया का मुख्य कार्यपालन अधिकारी

Punjab Congress Crisis: बघेल की दोटूक- प्रधान नहीं बदलेगा, चन्नी गुट ने फिर किया बैठक का बहिष्कार; हाईकमान से मुलाकात की तैयारी

लुधियाना पंजाब कांग्रेस में बगावत जारी है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की जिद पर अड़े हैं। इस विवाद को सुलझाने के लिए पंजाब प्रभारी एवं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया मगर चन्नी पहले हाईकमान से मिलना चाहते हैं। लिहाजा मंगलवार को उन्होंने बघेल की बैठक से दूरी बनाई रखी। उनके समर्थक विधायक, पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक भी प्रदेश प्रभारी की बैठक में नहीं गए। पार्टी सूत्र बताते हैं कि चन्नी दिल्ली से लौट आए हैं और वे मंगलवार को चंडीगढ़ में ही रहे मगर बघेल से मिलने नहीं पहुंचे। उनके समर्थकों ने यही बताया कि चन्नी जरूरी काम के चलते दो दिन बाद बघेल से मिलेंगे। उधर, सूत्र बताते हैं कि मंगलवार शाम को कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की टीम ने पूर्व सीएम चन्नी से संपर्क साधा है। उनकी मुलाकात जल्द राहुल गांधी से हो सकती है जबकि प्रियंका गांधी की ओर से भेजी गई टीम चन्नी से मिलकर जा चुकी है। हालांकि इस मुलाकात के बाद से पूर्व सीएम चन्नी और उनके समर्थक फिलहाल शांत हैं मगर पंजाब कांग्रेस में जिस तरह से अंदरूनी हालात चल रहे हैं, उस देखते हुए हाईकमान को पार्टी में टूट का डर सता रहा है। चन्नी के एक समर्थक विधायक ने बताया कि मोरिंडा में हुई बैठक में सभी नेताओं ने पूर्व सीएम चन्नी को इस मसले पर हाईकमान से बात करने के लिए अधिकृत किया था, इसलिए सभी नेता चाहते हैं कि प्रदेश प्रभारी से पहले पूर्व सीएम चन्नी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के समक्ष पंजाब के नाराज नेताओं की बात रखें। उनके अनुसार अधिकतर नेता वड़िंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं कर रहे हैं। एक कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष, छह जिला प्रधान नहीं पहुंचे मंगलवार को बघेल ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया जोकि देर शाम तक जारी रहा। पहले प्रदेश प्रभारी बघेल ने नवनियुक्त प्रदेश कार्यवाहक प्रधानों सुखजिंदर सिंह डैनी, राजकुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां को बुलाया था मगर गिलिजियां नहीं पहुंचे। इसी तरह उन्होंने सभी जिला प्रधानों को भी बैठक के लिए बुलाया था, उसमें भी छह जिलाध्यक्ष नहीं पहुंचे।  इससे पहले बघेल ने कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, चुनाव घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता राणा केपी सिंह, चुनाव प्रचार समिति के सह अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा, घोषणा पत्र समिति के सह-अध्यक्ष हरदयाल कंबोज, चुनाव प्रबंधन समिति के सह अध्यक्ष कुलजीत नागरा, ब्रह्म मोहिंद्रा, बलबीर सिंह सिद्धू, शमशेर सिंह दूलों सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक की। नेताओं, कार्यकर्ताओं में एकजुटता   पंजाब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं में एकजुटता है और सभी मिलकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जल्द जुटेंगे। जिनके जो गिले-शिकवे हैं, वे जल्द दूर कर लिए जाएंगे। वे एक-एक कर सभी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। बघेल ने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उद्देश्य और मिशन को लेकर पूरी एकजुटता है। बघेल ने कहा, बैठक में चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।  बदलाव न होने के संकेत पर बढ़ी नाराजगी बघेल ने पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में जिलाध्यक्षों की बैठक के दौरान मौजूदा नेतृत्व में बदलाव न होने के संकेत दिए। जिसके बाद पूर्व सीएम चन्नी के समर्थक और नाराज हो गए हैं। उनका कहना है कि अधिकतर नेता यही मांग कर रहे हैं कि मौजूदा नेतृत्व बदला जाए, यदि ऐसा नहीं होता तो नाराजगी और बढ़ेगी। चन्नी गुट ने आरोप लगाया है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने हाईकमान को गुमराह कर ऐसी नियुक्तियां करवाई हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस पर कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष राज कुमार वेरका ने कहा, बघेल सभी से मुलाकात कर रहे हैं, फिर भी यदि कुछ नेताओं को लगता है कि फिर भी अपनी बात हाईकमान के सामने ही रखनी है, तो भी कोई बात नहीं। उनके अनुसार जल्द सारा विवाद सुलझ जाएगा।  चन्नी को मनाने के बघेल के 3 दांव फेल:-     बाजवा के जरिए कोशिश, बात नहीं बनी: चंडीगढ़ पहुंचते ही भूपेश बघेल ने सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से मुलाकात की। माना गया कि बाजवा के जरिए चन्नी और उनके समर्थकों तक संदेश पहुंचाया जाएगा। बाजवा ने मीडिया में भी विवाद सुलझने की बात कही, लेकिन चन्नी गुट अपने रुख पर कायम रहा।     वेरका ने भी की पहल, फिर भी नहीं हुई मुलाकात: इसके बाद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार वेरका ने भी चन्नी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बघेल से मिलने से पहले वेरका ने चन्नी के साथ बंद कमरे में चर्चा की। राजनीतिक हलकों में इसे दोनों पक्षों के बीच संवाद की कोशिश माना गया, लेकिन इसके बाद भी चन्नी गुट का कोई नेता बघेल से मिलने नहीं पहुंचा।     चाय पर बुलाने का ऑफर, वह भी बेकार: इस बीच प्रभारी भूपेश बघेल ने मीडिया से यह संदेश भी दिया कि "अगर कोई मुझे चाय पर बुलाएगा तो मैं जरूर जाऊंगा।" इसके बावजूद दौरे के दूसरे दिन भी चन्नी गुट ने दूरी बनाए रखी। नए कार्यकारी अध्यक्षों की जिम्मेदारियां तय…     सुखविंदर सिंह डैनी: AICC सचिव सूरज ठाकुर के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में ठाकुर प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। इनके पास 42 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी है।     संगत सिंह गिलजियां: वह AICC सचिव रवींद्र दलवी के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में दलवी प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। 45 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी रहेगी।     राजकुमार वेरका: वह AICC सचिव हिना कावरे के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में हिना कावरे प्रभारी के रूप में कार्य कर रही हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। 30 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी रहेगी। 2 दिन… मीटिंग पर मीटिंग, … Read more

सीएम नायब सैनी बोले, हरियाणा में मजबूत खेल संस्कृति बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है

पंचकूला  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि ऐसी सशक्त खेल संस्कृति का निर्माण करना है, जहां प्रतिभा को अवसर मिले. परिश्रम को सम्मान मिले और प्रत्येक युवा को अपने सपनों को साकार करने का भरोसा हो. उन्होंने कहा कि "सरकार केवल पुरस्कार प्रदान नहीं कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए खेल शक्ति की मजबूत नींव तैयार कर रही है." मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र के लिए यह सभी बातें उस समय कही, जब वह सेक्टर 1 के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, पंचकूला के ऑडिटोरियम में राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित नकद पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित रहे. 20.59 करोड़ की इनाम राशि से सम्मान मुख्यमंत्री ने राज्य के अंर्तराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले व प्रतिभागिता करने वाले 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की नकद इनाम राशि देकर सम्मानित किया. इसमें विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के 117 खिलाड़ियों को 13.75 करोड़ रुपये, पैरा एशियन खेल 2022 के 3 खिलाड़ियों को 2.32 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्तर के 78 खिलाड़ियों को 4.52 करोड़ रुपये की ईनाम राशि शामिल है. उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 16 हजार 984 खिलाड़ियों को 709 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है. वर्तमान राशि जोड़कर यह लगभग 730 करोड़ रुपये है. मुख्यमंत्री ने सम्मानित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "पदक जीतने का क्षण भले ही कुछ मिनटों का होता है लेकिन उस क्षण तक पहुंचने की यात्रा वर्षों की तपस्या से होकर गुजरती है." हरियाणा में खेल संस्कृति मजबूत करने पर जोर चुनौतियां विजेता बनने की निशानी: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की मिट्टी ने ऐसे खिलाड़ी पैदा किए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को सिखाया कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों, यदि इरादे बुलंद हों तो इतिहास बदला जा सकता है. उन्होंने फलाईंग सिख, मिल्खा सिंह, मुरलीकांत पेटकर और मैरी काॅम का उदाहरण देते हुए कहा कि "इन तीनों की जीवन-यात्रा एक ही बात सिखाती है कि चुनौतियां हर किसी के जीवन में आती हैं लेकिन विजेता वही बनता है जो चुनौतियों के सामने झुकता नहीं लड़ता है." सीएम ने कहा कि "उन्हें गर्व है कि हरियाणा ने हमेशा देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने भारत का सिर दुनिया के सामने ऊंचा किया है. देश की आबादी में हरियाणा का हिस्सा भले ही लगभग दो प्रतिशत हो लेकिन भारत के लिए जीते गए पदकों में हरियाणा का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक है. पेरिस ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स हों या कॉमनवेल्थ गेम्स, हर मंच पर हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ी वही होंगे. एआई से खिलाड़ियों की फिटनेस मुख्यमंत्री ने कहा कि "वर्तमान में दुनिया एआई के युग में प्रवेश कर रही है, जिससे खेल भी इससे अछूता नहीं है. आज एआई खिलाड़ियों की फिटनेस का विश्लेषण कर रही है, चोट की संभावना का पहले से अनुमान लगा रही है, विपक्षी टीम की रणनीति समझने में मदद कर रही है और प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बना रही है." उन्होंने कहा कि एआई गति माप सकती है, हृदय गति बता सकती है, तकनीक का विश्लेषण कर सकती है लेकिन जुनून और देशभक्ति को नहीं समझ सकती. एआई कभी उस भावना को नहीं बता सकती, जो तिरंगा कंधों पर लेकर विजय मंच पर खड़े खिलाड़ी की आंखों में दिखाई देती है. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि "तकनीक का उपयोग अवश्य करें लेकिन भीतर के इंसान को जीवित रखें, क्योंकि भविष्य उन्हीं का होगा, जो तकनीक और मानवीय मूल्यों, दोनों को साथ लेकर चलेंगे." 260 खिलाड़ियों को नौकरियां और खेल ग्रेडेशन प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण कदमों बारे मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत 260 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया है, जिससे अब हरियाणा स्टेट गेम्स के खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा. इसके अलावा अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है, जिसके तहत खेलरत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये, और भीम अवॉर्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय मिल रहा है. 2 हजार खेल नर्सरी और मासिक मानदेय मुख्यमंत्री ने कहा कि "हर चैंपियन की शुरुआत गांव की मिट्टी और स्कूल के मैदान से होती है. इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने 2 हजार खेल नर्सरियां खोली हैं, जिनमें 8 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी है, और 25 आवासीय खेल अकादमियों में 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जा रही है. खेल बुनियादी ढांचे पर 12 वर्षों में 1100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और खेल विभाग का बजट 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़कर आज 668 करोड़ 42 लाख रुपये है." उन्होंने कहा कि "पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला ए-स्टार वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है." 'हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा ह इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि "मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा है. बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकें. मिशन 2036 का लक्ष्य खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मिशन-2036 शुरू किया गया है, जिसके तहत हरियाणा ने 36 पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके मद्देनजर खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियमों के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल नीति की पूरे देश में सराहना हो … Read more

हाईकोर्ट की 31 जुलाई समयसीमा पर संकट, राजस्थान में चुनाव टलने के संकेत तेज

जयपुर  राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव तय समय पर कराना अब संभव नहीं लग रहा। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से 31 जुलाई तक चुनाव कराने की समय-सीमा में अब सिर्फ 25 दिन बाकी है, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को साफ बता दिया है कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चुनाव कराने के लिए कम से कम 90 दिन चाहिए। यानी, कोर्ट की मौजूदा समय-सीमा में चुनाव कराना लगभग असंभव है। दिलचस्प यह भी है कि इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट के 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के आदेश का भी पालन नहीं हो पाया था और अब दूसरी बार अदालत की तय समय-सीमा पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका के बाद सरकार और आयोग दोनों सक्रिय हो गए हैं और हाईकोर्ट से समय-सीमा बढ़ाने की रणनीति पर मंथन शुरू हो गया है। 14 अगस्त तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजारः पंचायती राज विभाग ने निर्वाचन आयोग को बताया है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अपनी आरक्षण संबंधी रिपोर्ट 14 अगस्त तक सौंप सकता है। इसके बाद विभाग 31 अगस्त तक सभी वर्गों का आरक्षण तय करने की तैयारी में है। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। दो चरण में निकाय, चार चरण में पंचायत चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि आरक्षण निर्धारण पूरा होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकेगा। आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव में करीब 50 दिन और नगरीय निकाय चुनाव में 40 दिन लगेंगे। नगरीय निकाय चुनाव 2 चरणों में और पंचायत चुनाव 4 चरणों में कराए जाएंगे। आयोग का तर्क है कि नई पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों और वार्डों की संख्या बढ़ने से चुनावी प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि 31 जुलाई की समय-सीमा का पालन व्यावहारिक रूप से संभव नहीं दिख रहा। ऐसे में हाईकोर्ट में समय सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन करने की जरूरत है। मंगलवार को स्वायत्त शासन विभाग और विधि विभाग के अधिकारियों ने इसी मुद्दे पर बैठक कर अदालत में सरकार का पक्ष रखने की रणनीति पर चर्चा की।

उत्तर प्रदेश में लागू होगा नया ओएसएच कोड, दुकानों और प्रतिष्ठानों के नियम बदलेंगे जल्द

लखनऊ यूपी में छह दशक से अधिक पुराना दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम (शॉप एक्ट) जल्द खत्म हो जाएगा। इसका स्थान व्यवसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (ओएसएच) कोड लेगा। इस बदलाव का असर प्रदेश के लाखों दुकान, प्रतिष्ठान, ऑफिस, होटल, रेस्टोरेंट आदि पर पड़ेगा। इन सभी को नये ओएसएच कोड के तहत पंजीकरण कराना होगा। इसमें 10 कर्मचारियों वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए श्रम विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। अभी शॉप एक्ट संशोधन के तहत 20 से कम कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट थी। प्रदेश में शॉप एक्ट 1962 से लागू है। इसके तहत पहले ऐसे सभी दुकानों व प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य था, जहां कोई भी कर्मचारी काम करता हो। इसी साल दो जनवरी को एक्ट में संशोधन को मंजूरी देते हुए एक से 19 कर्मियों वाले प्रतिष्ठानों को श्रम विभाग में पंजीकरण से मुक्त कर दिया गया था। राज्य सरकार ने 20 या उससे अधिक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों के लिए ही पंजीकरण की अनिवार्यता को मंजूरी दी थी। अब देश में नई श्रम संहिताएं लागू हो गई हैं। राज्यों को भी इन्हें लागू करना है। विरोधाभासी परिस्थिति के चलते फैसला नये ओएसएच कोड और शॉप एक्ट संशोधन के बाद मौजूदा व्यवस्था में पंजीकरण की शर्तों को लेकर विरोधाभासी स्थितियां हैं। फिलवक्त 20 से कम कर्मियों पर पंजीकरण की छूट है, मगर ओएसएच एक्ट में 10 कर्मी वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यापारी को दोहरा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में शॉप एक्ट को खत्म करने का फैसला किया गया है। श्रमायुक्त कार्यालय ने इस संबंध में प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। इसकी स्वीकृति होते ही प्रदेश में शॉप एक्ट खत्म हो जाएगा। महिला मजदूरों के बच्चों की देखरेख होगी लखनऊ (शैलेंद्र श्रीवास्तव)। वीबी जीरामजी योजना में काम करने वाली महिला मजदूरों को अब अपने छोटे बच्चों की देखभाल के लिए किसी के सहारे नहीं छोड़ना पड़ेगा। अब वे अपने बच्चों को कार्यस्थल पर लेकर आ सकेंगी और वहीं पर उनके देखभाल की सुविधा होगी। यह व्यवस्था न्यूनतम पांच साल से कम पांच बच्चों के होने पर की जाएगी। महिला मजदूरों में ही किसी को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी और उसके एवज में उसे पूरी दिहाड़ दी जाएगी। वीबी जीरामजी योजना में इसका प्रावधान कर दिया गया है। यूपी में मनरेगा के स्थान पर वीबी जीरामजी योजना शुरू की गई है। गांवों में अभी तक सबसे बड़ी समस्या महिला मजदूरों को लेकर हो रही थी। इसीलिए वीबी जीरामजी में यह सुविधा दी गई है कि पांच साल से छोटे बच्चों को कार्यस्थल पर ही देखभाल की सुविधा होगी। इसके लिए पांच बच्चे होने अनिवार्य होगा। इसमें बच्चों के पीने के लिए साफ पानी व मामूली उपचार के सामान रखे जाएंगे।

CM नायब सैनी की बंजारा समाज को सौगात, 6 मांगें मंजूर, 62 लाख रुपये से बनेगा सामुदायिक भवन

चंडीगढ़. हरियाणा में बंजारा समाज की सभी छह मांगों को सरकार पूरा करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को संत कबीर कुटीर में संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा के राज्य स्तरीय जयंती समारोह में यह भरोसा दिलाया। साथ ही पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला और दतौली के सामुदायिक केंद्र के लिए 31-31 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा इतिहास के दो अमर अध्याय हैं। उन्होंने त्याग को धर्म, सेवा को संस्कार और बलिदान को अपनी पहचान बनाया। ऐसी दोनों महान विभूतियों के चरणों में वे श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला के लिए दी गई जमीन से संबंधित कार्रवाई तेजी से पूरी करने का वादा करते हुए कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना के नाम पर किसी संस्थान का नाम भी रखा जाएगा। 6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट नायब ने कहा कि बाबा मक्खन शाह और बाबा लक्खी शाह का जीवन सेवा, समानता और समर्पण का संदेश देता है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पहचान दी गई है। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15 हजार 250 परिवारों को आवास तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लाट तथा घर निर्माण के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख 56 हजार गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। डा. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के अंतर्गत सहायता राशि 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये की गई है। अब तक 85 हजार 815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 55 हजार से अधिक जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलिंडर  दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के माध्यम से परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर 74 हजार 245 परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को 12वीं तक मुफ्त किताबें, वर्दी और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ डा. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत आठ हजार से 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। कार्यक्रम में बंजारा समाज के पुरोहित हुकुम सिंह, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग और अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान सहित प्रदेशभर से आए लुबाना और बंजारा समाज के गण्यमान्य लोग मौजूद थे।

Nijjar Murder Case: आरोपियों को नहीं मिली राहत, 2028 में शुरू होगी कोर्ट में सुनवाई

चंडीगढ़. कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में न्यायिक शुरू होने में समय लगेगा। ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस के अनुसार इस बहुचर्चित मामले का ट्रायल अब 2028 में शुरू होने की संभावना है। फिलहाल अदालत ने केवल प्री-ट्रायल कार्यवाही का कार्यक्रम तय किया है, जो 2028 की शुरुआत तक जारी रहेगा। ऐसे में हत्या के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपितों को ट्रायल शुरू होने तक हिरासत में ही रहना होगा। ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस की एक्टिंग कम्युनिकेशन काउंसल एन सीमोर ने बताया कि अभी तक ट्रायल की तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि प्री-ट्रायल आवेदनों की सुनवाई 2028 की शुरुआत तक निर्धारित है। मामले में अगली केस मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस 16 जुलाई को न्यू वेस्टमिंस्टर ला कोर्ट में होगी। इन लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप मामले में करण बराड़, कमलप्रीत सिंह, करणप्रीत सिंह और अमनदीप सिंह पर प्रथम श्रेणी हत्या तथा हत्या की साजिश रचने के आरोप हैं। चारों भारतीय नागरिक हैं और फिलहाल अनिवार्य न्यायिक हिरासत में रखे गए हैं। अदालत के आदेश के अनुसार ट्रायल शुरू होने तक वे हिरासत में ही रहेंगे। करण बराड़, कमलप्रीत सिंह और करणप्रीत सिंह को मई 2024 में एडमंटन और उसके आसपास से गिरफ्तार किया गया था, जबकि अमनदीप सिंह पर कुछ दिन बाद आरोप तय किए गए। उस समय वह पील रीजनल पुलिस की हिरासत में था, जहां उसे नवंबर 2023 में अन्य आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे मामले में अदालत ने प्रकाशन प्रतिबंध भी लागू कर रखा है। इसके चलते केस मैनेजमेंट, प्री-ट्रायल कॉन्फ्रेंस और विभिन्न आवेदनों के दौरान अदालत में पेश की गई दलीलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में भारी तनाव आ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में भारतीय एजेंसियों की संभावित संलिप्तता के "विश्वसनीय आरोप" होने की बात कही थी। भारत ने इन आरोपों को शुरू से ही "बेबुनियाद" और "राजनीति से प्रेरित" बताते हुए सिरे से खारिज किया है। अब सबकी नजरें 16 जुलाई की अगली अदालत की सुनवाई और उसके बाद ट्रायल की समय सीमा पर टिकी हैं।

PM Awas Yojana को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा का बड़ा कदम, केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान से की अहम अपील

रायपुर. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है. उन्होंने आवास प्लस 2.0 सर्वे के दौरान आई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख करते हुए सर्वे से छूटे पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल करने का आग्रह किया है. साथ ही भारत सरकार से इस संबंध में आवश्यक निर्णय और पहल करने की अपील की है. राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन का किया उल्लेख उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन की सराहना की. साथ ही उनके प्रति आभार भी व्यक्त किया. पत्र में सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए उस आश्वासन का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहेगा. विजय शर्मा ने इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ में योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया. आवास प्लस 2.0 की सूची में सामने आईं दिक्कतें विजय शर्मा ने पत्र में बताया कि 24 जून को प्रदेशभर की ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की पात्रता सूची प्रस्तुत की गई थी. इस प्रक्रिया के दौरान कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं. उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र परिवार पलायन या अन्य कारणों से अपने गांव में मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उनका सर्वे नहीं हो सका और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो पाया. इसके अलावा कुछ ऐसे परिवार भी रहे, जिनका सर्वेक्षण तो किया गया, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट या प्रदर्शित नहीं हो सकी. परिणामस्वरूप ग्राम सभा में उनकी पात्रता दर्ज नहीं हो पाई, जबकि वे योजना के लाभ के पात्र हैं. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समाधान निकालने का किया आग्रह उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पत्र में कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश के बड़ी संख्या में पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ से वंचित रह गए हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय लिए जाएं और उचित पहल की जाए, ताकि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे. पत्र के अंत में विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूरी तरह साकार करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया. साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए जा रहे निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है.

‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से बदलेगा मध्यप्रदेश, CM डॉ. यादव बोले- देश का अग्रणी राज्य बनेगा MP

मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026' को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— 'गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर' में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें। कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय 'रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल' (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर "मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी" के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।  

सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का किया स्थलीय निरीक्षण 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काल भैरव व काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का किया स्थलीय निरीक्षण  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे वाराणसी  मंदिर में मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकारा, बच्चों को दुलारा एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी,  विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काशी कोतवाल काल भैरव व बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर में आरती के साथ विधि विधान से पूजा कर बाबा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने मंदिर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकार किया और बच्चों को दुलारा। इसके पश्चात सीएम ने काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में गर्भगृह में जाकर षोडशोपचार पूजन कर लोक कल्य़ाण की कामना की। यहां बाबा के दर्शन करने आए भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर 'हर-हर महादेव' का जयकारा लगाया। मुख्यमंत्री वाराणसी में आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के बेटे के विवाह समारोह में भी शामिल हुए। उन्होंने इस मांगलिक वेला पर वर-वधू एवं परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। काल भैरव व बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचने से पहले सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विद्युत सब स्टेशन पर चल रहे कार्य की प्रगति के संबंध में विभाग के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी कार्य समय से पूरा कराए जाने हेतु निर्देशित किया। इस मौके पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।