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गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया मदद का हाथ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM  CM विष्णु देव साय का बड़ा कदम: 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की मदद रायपुर जीवन में किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। इलाज के खर्चे जब लाखों में पहुँच जाते हैं तो आमजन के लिए यह बोझ असहनीय हो जाता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना बड़ी राहत देती है, जिसके तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है, लेकिन जब बीमारी का खर्च इस सीमा से भी अधिक हो जाता है, तब मरीज और परिवार चिंता में घिर जाते हैं। इसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदनशील पहल करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए 2 करोड़ 85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इस राशि से मरीजों को कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल व महंगे उपचार कराने में मदद मिली। समय पर सहायता पहुँचने से मरीजों का जीवन सुरक्षित हो सका और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत मिली। मरीजों और परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम के लिए आभार जताया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है। आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराया जाना है, वहां से जारी प्राकलन (स्टिमेट) रिपोर्ट देना जरूरी  है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

DVC ने उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू किए, स्मार्ट मीटर विवाद में मिली राहत

बेरमो स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर चल रहे विरोध और आंदोलन के बीच डीवीसी प्रशासन ने उपभोक्ताओं को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। डीवीसी ने स्पष्ट किया है कि संविदा श्रमिकों, बैंक कर्मचारियों, डाकघर कर्मचारियों, विद्यालयों के कर्मचारियों, डीवीसी के पेंशनरों और अन्य केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को अब एलटी बिजली आपूर्ति प्रीपेड मीटर प्रणाली के तहत मिलेगी। जारी आदेश के अनुसार, 1 सितंबर 2025 से प्रीपेड बिलिंग व्यवस्था लागू होगी। इस व्यवस्था के आरंभ में उपभोक्ता का खाता शून्य शेष राशि से शुरू होगा। वहीं, उपभोक्ताओं पर पूर्व में बकाया बिल की राशि को संबंधित एचओपी के स्तर पर सामंजस्य स्थापित करने के बाद छह समान मासिक किस्तों में वसूला जाएगा। डीवीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस अचानक खत्म हो जाता है तो उसकी बिजली आपूर्ति तत्काल बाधित नहीं होगी। उपभोक्ताओं को (-) 200 रुपये तक का अतिरिक्त उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, यदि इस अवधि में खाता रिचार्ज नहीं किया गया तो आपूर्ति अस्थायी रूप से काट दी जाएगी। डीवीसी का कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को समय पर रिचार्ज करने का पर्याप्त अवसर देने के लिए की गई है। इसके अलावा, सभी एचओपी को निर्देश दिया गया है कि वे पूर्व बकाया राशि की वसूली पर अपने स्तर से सामंजस्य स्थापित करने के बाद मासिक एमआईएस रिपोर्ट डीवीसी मुख्यालय को भेजें। प्रशासनिक स्तर पर यह भी कहा गया है कि उपभोक्ताओं को जानकारी देने के लिए नोटिस चिपकाए गए हैं और लोगों से सहयोग की अपील की गई है।  

रसोई में बरतें सावधानी! कीटनाशक स्प्रे और सिलेंडर पर पानी डालना पड़ सकता है भारी

संत हिरदाराम नगर खाना बनाते समय सतर्क रहना चाहिए। रसोई गैस का उपयोग सुरक्षा मापदंड के अनुरूप ही करना चाहिए। कीटनाशक स्प्रे के प्रयोग से भी आग लग सकती है।  संत हिरदाराम कॉलेज में आयोजित फायर ड्रिल एवं इवैक्यूएशन कार्यशाला को संबोधित करते हुए अग्निशमन विशेषज्ञ साजिद खान ने यह बात कही। खान ने छात्राओं को आग लगने की विभिन्न परिस्थितियों विशेष रूप से एलपीजी गैस और पेट्रोल से उत्पन्न अग्निकांड से निपटने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि रसोई में खाना बनाते समय या कीटनाशक स्प्रे के प्रयोग से भी आग लग सकती है, और ऐसे हालात में क्या सावधानियां अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एलपीजी से लगी आग को पानी से नहीं बुझाना चाहिए। आग बुझाने के लिए अग्निशामक यंत्र का ही प्रयोग करना चाहिए। आग बुझाते समय घबराएं नहीं खान ने कहा कि आग बुझाते समय घबराएं नहीं। उन्होंने लेक्ट्रिक शाक से बचाव के उपायों, अग्निशामक यंत्रों के विभिन्न प्रकारों तथा उनके उपयोग की जानकारी भी व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से दी। उन्होंने नागरिकों से सुरक्षा के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान भी किया। प्राचार्य डालिमा पारवानी ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि हमें जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा मिली है। इस मौके पर एनसीसी इकाई की प्रभारी शांति शर्मा सहित अनेक लोग मौजूद थे।  

इंडिया टुडे–MOTN सर्वे: छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% लोगों ने बताया संतुष्ट — बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर

रायपुर  इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज से अपने गृह राज्य में 41.9% उत्तरदाता अगस्त 2025 में संतुष्ट बताए। यह आंकड़ा फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया है — यानी हालिया सर्वे में उन के प्रति संतुष्टि में लगभग 2.9 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई। बड़े राज्यों के वर्ग में यह दूसरा स्थान बताता है; पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं। बड़े राज्यों के संदर्भ में प्रदर्शन: बड़े राज्यों के समूह में साय का 41.9% अंक दूसरे स्थान की पुष्टि करता है — इससे पता चलता है कि गृह राज्य में उनकी स्वीकार्यता कई अन्य बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बराबर-ऊपर है।

वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण 2023-24 के नतीजों में कारखानों से लेकर जीवीए तक हर मोर्चे पर यूपी नंबर वन

उत्तर प्रदेश ने तोड़े सभी रिकार्ड, उद्योग वृद्धि में बना देश का चैम्पियन राज्य वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण 2023-24 के नतीजों में कारखानों से लेकर जीवीए तक हर मोर्चे पर यूपी नंबर वन प्रदेश के जीवीए में हुई 25.03% की ऐतिहासिक वृद्धि, अखिल भारतीय औसत से दोगुने से भी अधिक प्रदेश में कारखानों की संख्या में 15.91% की वृद्धि, राष्ट्रीय औसत से लगभग 7 गुना अधिक कार्यरत कर्मियों की संख्या में भी 9.37% की वृद्धि जो देश की औसत वृद्धि 5.9% से बेहतर योगी सरकार के विज़न के चलते यूपी में शुरू हुआ औद्योगिक क्रांति का युग सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की नई औद्योगिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) भारत सरकार द्वारा जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2023-24 के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश ने कारखानों की संख्या, कार्यरत कर्मियों और सकल मूल्य संवर्धन (GVA) – तीनों ही मोर्चों पर देश के सभी बड़े औद्योगिक राज्यों को पछाड़ दिया है।  औद्योगिक विकास के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब देश की नई औद्योगिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है। जीवीए वृद्धि दर में उत्तर प्रदेश ने तोड़ा रिकॉर्ड वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2023-24 रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश का सकल मूल्य संवर्धन (GVA) वर्ष 2022-23 के ₹1.34 लाख करोड़ से बढ़कर 2023-24 में ₹1.67 लाख करोड़ हो गया, यानी इसने 25.03% की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। यह दर अखिल भारतीय औसत (11.9%) से दोगुने से भी अधिक है। इस तरह उत्तर प्रदेश इस मामले में देश में प्रथम स्थान पर है। कारखानों और रोजगार की संख्या में अभूतपूर्व उछाल रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश में कारखानों की संख्या 19,102 (2022-23) से बढ़कर 22,141 (2023-24) हो गई है, जो 15.91% की वृद्धि दर्शाती है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत (2.7%) से लगभग 7 गुना अधिक है। इसी तरह, कार्यरत कर्मियों की संख्या भी 14.86 लाख से बढ़कर 16.26 लाख तक पहुंच गई है, यानी 9.37% की वृद्धि जो देश की औसत वृद्धि (5.9%) से बहुत आगे है। योगी सरकार के प्रयासों का असर उद्योग वृद्धि में उत्तर प्रदेश के इस उल्लेखनीय प्रदर्शन में योगी सरकार की औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन और बेहतर कानून-व्यवस्था को मुख्य कारण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के चलते उत्तर प्रदेश आज देश का औद्योगिक हब बनने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है। यह उपलब्धि निवेशकों के विश्वास, श्रमिकों की मेहनत और सरकार की पारदर्शी नीतियों का परिणाम है।  टेबल अन्य राज्यों से तुलना में यूपी सबसे आगे राज्य, कारखानों की संख्या, कुल कर्मियों की संख्या, जीवीए उत्तर प्रदेश 15.91% 9.37% 25.03% कर्नाटक 3.27% 1.36% 18.76%  तमिलनाडु 1.15% 7.55% 11.16% महाराष्ट्र 0.35% 6.79% 9.27% गुजरात 7.35% 9.63% 7.51% भारत 2.7% 5.9% 11.9%

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सतत मॉनीटरिंग के बाद प्रभारी मंत्रियों को सौंपी राहत कार्यों की कमान

यूपी में बाढ़ : इस साल 43 जनपदों पर नदियां हुईं नाराज़, योगी सरकार बनी ढाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सतत मॉनीटरिंग के बाद प्रभारी मंत्रियों को सौंपी राहत कार्यों की कमान   इस वर्ष यूपी के 43 जिले बाढ़ से रहे हैं प्रभावित, फिलहाल 18 जिलों में बाढ़ की स्थिति इस वर्ष 9.55 लाख से अधिक जनसंख्या आई बाढ़ की चपेट में, अब केवल 2.46 लाख जनता, जिनका सरकार रख रही पूरा ध्यान   1273 मेडिकल टीमों ने अबतक निभाई सक्रिय भूमिका, 1796 बाढ़ चौकियों ने पहुंचा प्रभावितों को राहत   3579 नावें और मोटरबोट ने बचाव कार्य में लगकर बचाई जिंदगियां   अबतक 43 जनपदों के लिए 1391 शरणालय बनाए गए थे, वर्तमान में 18 जनपदों के लिए 557 संचालित लखनऊ  बढ़ते जलवायु परिवर्तन के इस दौर में नदियों का कोप बढ़ने लगा है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान बरसात और नदियों के प्रकोप ने प्रदेश के 43 जिलों को प्रभावित किया। बावजूद इसके योगी सरकार अपनी जनता के लिए ढाल की तरह खड़ी रही। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अबतक 116 तहसीलें, 2673 ग्राम और 123 वार्ड जलभराव से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की चपेट में कुल 9,55,654 से अधिक लोग आए हैं। इस आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत और बचाव कार्य तेज़ी से संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों को लगातार निर्देशित कर रहे हैं। बीते दिन उन्होंने सभी प्रभारी मंत्रियों को आदेशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में बाढ़ राहत कार्यों की कमान खुद संभालें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस संकट की घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी के मुताबिक अब तक प्रदेश में 1796 बाढ़ चौकियां स्थापित की गईं हैं और 1273 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। 3579 नाव एवं मोटरबोट बचाव कार्य में लगाए गए। वहीं, 1391 बाढ़ शरणालय बनाए गए जिनमें से 557 वर्तमान में संचालित हैं, जहां 79,958 लोग आश्रय लिए हुए हैं। अब तक 1,00,404 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। सरकार ने प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब तक 1,82,216 खाद्यान्न पैकेट और 10,30,534 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 774 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से 637 को सहायता राशि दी गई है, बाकियों को भी जल्द से जल्द सहायता राशि प्रदान करने की कवायद चल रही है। पशुओं के लिए 14,740 क्विंटल भूसा, पीने के पानी की शुद्धता के लिए 92,020 क्लोरीन टैबलेट और स्वास्थ्य की दृष्टि से 3,58,555 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विषैले जीव-जंतुओं से बचाव के लिए एंटी स्नेक वैनम और एंटी रैबिज टीकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि “आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”  इस वर्ष बाढ़ प्रभावित जिलों में…  बलिया, बहराइच, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोंडा, गाजीपुर, हरदोई, कानपुर नगर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, उन्नाव, वाराणसी, मऊ, औरैया, अमरोहा, बस्ती, बांदा, बाराबंकी, कन्नौज, हापुड़, बिजनौर, संभल, संत कबीर नगर, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर, मुरादाबाद, कानपुर देहात, फतेहपुर, अयोध्या, जालौन, आगरा, इटावा, चित्रकूट, हमीरपुर, भदोही, मथुरा और श्रावस्ती समेत 43 जिले शामिल रहे। आज तक की स्थिति फिलहाल प्रदेश में बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 18 रह गई है, इनमें- बलिया, बहराइच, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोंडा, गाजीपुर, हरदोई, कानपुर नगर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।  अब तक के आंकड़े साफ बताते हैं कि योगी सरकार ने हर स्तर पर तत्परता दिखाते हुए जन-जीवन की रक्षा की है।

आपदा मित्रों को होमगार्ड स्वयंसेवकों के रूप में तैनाती देने के लिए जनपदवार कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्डों के रिक्त पदों पर नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए आपदा मित्रों को होमगार्ड स्वयंसेवकों के रूप में तैनाती देने के लिए जनपदवार कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष एनरोलमेंट के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड की मदद से गठित होगा नया बोर्ड: मुख्यमंत्री एनरोलमेंट नियमों में बदलाव पर मुख्यमंत्री का जोर, अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष करने और लिखित परीक्षा की व्यवस्था पर बल आपदा प्रबंधन का अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को होमगार्ड एनरोलमेंट में मिलेगी प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाये रखने, यातायात नियंत्रण तथा आपदा की स्थिति में होमगार्डों की कर्तव्य परायणता सराहनीय: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होमगार्डों के रिक्त पदों पर नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया तत्काल प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। बदलते समय और बढ़ते दायित्वों को देखते हुए होमगार्ड एनरोलमेंट से जुड़े नियमों में संशोधन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष एनरोलमेंट सुनिश्चित करने के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड के सहयोग से नया बोर्ड गठित करने के भी निर्देश दिए हैं। गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा आपदा की परिस्थितियों में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना की। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,18,348 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 71,155 होमगार्ड सक्रिय हैं। अगले दस वर्षों में लगभग 38,000 स्वयंसेवक सेवानिवृत्त होंगे, जबकि मौजूदा बल में पचास वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 51 प्रतिशत से अधिक स्वयंसेवक कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अधिक अवसर देने और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पात्रता, परीक्षा और चयन से संबंधित प्रावधानों में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बल को और अधिक युवा स्वरूप देने के लिए एनरोलमेंट की अधिकतम आयु 30 वर्ष हो। साथ ही, चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा अनिवार्य की जाए, पात्रता मानकों को समयानुकूल बनाया जाए और परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई एनरोलमेंट व्यवस्था शीघ्र तैयार की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिक्तियों की पूर्ति से उत्तर प्रदेश का होमगार्ड संगठन और अधिक प्रशिक्षित, सक्षम और जनसेवा के प्रति समर्पित स्वरूप में सामने आएगा। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि होमगार्ड्स की सेवाएं पुलिस प्रशासन, यातायात प्रबंधन, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, खनन, नगरीय निकायों, दूरदर्शन, आकाशवाणी, एफसीआई और विकास प्राधिकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में ली जा रही हैं। हाल ही में हुए लोकसभा व विधानसभा चुनावों, विभिन्न राज्यों के निर्वाचन कार्य तथा महाकुंभ-2025 जैसे आयोजनों में भी होमगार्ड्स ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विभाग की समस्त प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। ड्यूटी आवंटन, भत्तों का भुगतान, अनुग्रह राशि और पेंशन जैसी व्यवस्थाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी हैं। होमगार्ड मित्र ऐप जैसी पहल ने कार्यप्रणाली को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया है। प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान और 12 मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय हैं, जहां प्रतिवर्ष 15,000 से अधिक स्वयंसेवकों को नियमित और उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नई नामांकन व्यवस्था लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश का होमगार्ड बल और अधिक पेशेवर बनेगा तथा जनता की सेवा में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेगा।

छत्तीसगढ़ में गूंजेगी निशानों की गूंज, 24वीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ

24वीं राज्य निशानेबाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ  छत्तीसगढ़ में गूंजेगी निशानों की गूंज, 24वीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य निशानेबाजी संघ के तत्वाधान में 24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता की हुई शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निशानेबाजी संघ के तत्वाधान में 24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता की शुरुआत 28अगस्त को हुई। माना स्थित चौथी बटालियन के शूटिंग रेंज में इसकी शुरुआत की गई। ये प्रतियोगिता लगातार पिछले 23वर्षों से सफलता पूर्वक जिंदल समूह के सौजन्य से आयोजित की जा रही है प्रतियोगिता की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री अरुण देव गौतम पुलिस महानिदेशक छ. ग शासन द्वारा की गई उन्होंने सभी रेंज को गौर से देखा और उन्होंने शूटिंग ट्रायल से प्रतियोगिता की शुरुआत की।उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन के इस आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी और कहा कि यूथ को शूटिंग को भी एक नेचुरल स्पोर्ट्स की तरह देखना चाहिए और यूथ को इसमें आगे आना चाहिए ऐसे आयोजन से निश्चित तौर पर छत्तीसगढ़ की खिलाड़ियों को एक नई दिशा मिलेगी। वही विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर टी. एस.बावा कोसा कमांडर ने जिंदल के इस शूटिंग आयोजन के लिए उनकी सराहना की साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में टैलेंट की कमी नहीं हैं हमें जरूरत हैं उन प्रतिभाओं को निखारने और सामने लाने की । इस आयोजन से छत्तीसग़ढ राज्य के खिलाड़ी राज्य में ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय के लिए भी अपनी तैयारी कर सकेंगे। इस आयोजन में श्री विक्रम सिसोदिया सेक्रेटरी जनरल छ .ग़ ओलंपिक संघ एवं श्री पुष्कर शर्मा भी मुख्य अतिथि शामिल हुए  साथ ही जिंदल स्टील के प्रेसिडेंट श्री प्रदीप टंडन,श्री उदय प्रताप सिंह व छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन के अधिकारी मौजूद रहे। ये प्रतियोगिता आगामी 6 सितंबर तक चलेगी। जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए शूटर्स इसमें भाग ले रहे हैं। इसमें 50मीटर,25मीटर और 10मीटर की रायफल शूटिंग के अलावा पिस्टल की प्रतियोगिताये भी आयोजित की जाएंगी। जिसमें महिला, पुरूष दोनों वर्गों में ये प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत, महिलाओं के लिए 2100 रुपए की सुविधा

हरियाणा  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मिटिंग के बाद प्रेस कॉन्फेंस की। प्रेस कॉन्फेंस में सीएम सैनी ने बड़ी घोषणा की कि महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 25 सितंबर से मिलेगा। कैबिनेट मीटिंग में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए "लाडो लक्ष्मी योजना" को लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का शुभारम्भ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर 25 सितंबर 2025 से होगा।    23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ  इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 25 सितंबर 2025 को हरियाणा की 23 वर्ष आयु या उससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों ही तरह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगा। इस योजना में आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य आय समूह को भी शामिल किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होने चाहिए।    परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं इस योजना के तहत एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो उन तीनों महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही ऐसी 9 योजनाओं, जिनमें आवेदिका को पहले से ही अधिक राशि की पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्टेज 3 और 4 कैंसर पीड़ित मरीजों (महिलाओं), सूचीबद्ध 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसिलमिया और सिकल सेल से पीड़ित मरीज़ों पहले से पेंशन मिल रही है। पहले चरण में लगभग 20 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ- सीएम सैनी इन महिलाओं को इस योजना का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। जिस दिन कोई अविवाहित लाभार्थी 45 वर्ष की आयु पूरा करेगी उस दिन वे ऑटोमैटिक विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्र हो जाएंगी। जिस दिन लाभार्थी महिला 60 वर्ष की आयु की होगी, उस दिन वे ऑटोमैटिक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाएगी। पहले चरण में इस योजना का लाभ लगभग 19-20 लाख महिलाओं को मिलेगा। आज की कैबिनेट के बाद आने वाले 6 या 7 दिनों में हम न केवल योजना की गजट नोटिफिकेशन कर देंगे, वरन एक ऐप भी लॉन्च करेंगे।

अनुराग जैन एक साल के लिए और मुख्य सचिव बने रहेंगे, सरकार के द्वारा एक्सटेंशन दिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल गया है. यानी उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने उन्हें बधाई दी . मुख्य सचिव इसी महीने की आखिरी तारीख यानी 31 अगस्त को रिटायर होने वाले थे, लेकिन अब वह एक साल और इस पद पर बने रहेंगे. अनुराग जैन ने सितंबर 2024 में ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव में पदभार संभाा था. सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई सीएम ने लिखा, मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन आपको कार्यकाल के एक वर्ष बढ़ाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आपके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, नवाचारों और सतत् प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रा निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करे, मेरी मंगलकामनाएं. सीएम डॉ मोहन यादव ने बुलाई थी आज सर्वदलीय बैठक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें सभी दलों ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर सहमति जताई है. ओबीसी को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है. बैठक बुलाने के बाद सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण के मामले को लेकर भोपाल निवास पर सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि इस मामले में सभी दल एकजुट होकर एक फोरम पर आएंगे. इस मामले में विभिन्न पक्षों के अधिवक्तागण भी 10 सितंबर तक एक साथ बैठकर बात करेंगे. यह भी तय किया गया कि चयन प्रक्रिया में विभिन्न न्यायिक आदेशों के चलते नियुक्ति आदेश जारी किए जाने से वंचित शेष 13% अभ्यर्थियों को उनके नियुक्ति पत्र जारी किए जाने हेतु एकजुट होकर सभी फोरम, जिसमें विधायिका, न्यायपालिका एवं कार्यपालिका सम्मिलित हैं, पर इसे क्रियान्वित करने के लिए मिलकर प्रयास करेंगे. इकबाल सिंह को दो बार मिला था एक्सटेंशन पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में इकबाल सिंह बैंस को केंद्र सरकार ने दो बार एक्सटेंशन दिया था। उन्हें 6-6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। जिससे वह 2022 में रिटायर होने के बाद नवम्बर 2023 तक सेवा में रहे। इसके बाद वीरा राणा तो मुख्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें भी 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। जिसके बाद वह 30 सितम्बर 2024 को रिटायर हुई थीं। सीएम मोहन यादव ने दी बधाई सीएम डॉ मोहन यादव ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन जी, आपको कार्यकाल के एक वर्ष बढ़ाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, नवाचारों और सतत् प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रा निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करे, मेरी मंगलकामनाएं। सीएम मोहन यादव को आवंटित हुआ सरकारी बंगला गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को दिल्ली में अशोक रोड पर सरकारी बंगला आवंटित हुआ है। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ पहुंचकर गृह प्रवेश किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आवास में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। अनुराग का आना अहम दरअसल, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जबलपुर के कार्यक्रम के बाद दिल्ली रवाना हुए। उनके साथ ही सीएम डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे। इस बीच सीएस अनुराग जैन(Chief Secretary Anurag Jain) अलग से दिल्ली पहुंचे। अभी तक सीएस को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन सीएम डॉ. मोहन इस मामले में शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर चुके हैं। अनुराग को 1 अक्टूबर 2024 को सीएस बनाया गया था। सिंहस्थ-28 पर भी मंथन दिल्ली में गृह मंत्री शाह, नड्डा, सीएम समेत अन्य केंद्रीय नेतृत्व के साथ प्रदेश के विकास पर मंथन हुआ। इसमें अहम विषय सिंहस्थ का रोडमैप था। इस पर कई पहलुओं पर चर्चा हुई। बताते हैं, सरकार ने सिंहस्थ से जुड़े काम की रिपोर्ट दी। नए काम की योजना बताई। इसमें भीड़ प्रबंधन, लोक परिवहन पर जोर दिया गया। सुरक्षा से जुड़े मसले पर बातचीत हुई। मोदी की पसंद के अफसर हैं अनुराग जैन आपको बता दें कि अनुराग जैन पीएम मोदी की टीम में काम कर चुके हैं। वह पीएम की पसंद के अधिकारी हैं। दूसरी ओर यह चर्चा है कि अगर मुख्य सचिव जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो उन्हें केंद्र में या प्रदेश में नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अगर जैन को विस्तार नहीं मिला तो अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा सीएम के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं।