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शहीद हुए 2 जवान, झारखंड पुलिस ने कड़ा कदम उठाया, 6 माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई

पलामू झारखंड के पलामू में पुलिसकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ के संबंध में तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति समिति (टीएसपीसी) के छह सदस्यों के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गये और एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, टीएसपीसी के स्वयंभू जोनल कमांडर शशिकांत गंझू, कार्यकर्ता मुखदेव यादव, उमेश सिंह खरवार, रोहिणी गंझू, कुलदीप और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव में बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 12 बजे सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित टीएसपीसी संगठन के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में कांस्टेबल संतन मेहता और सुनील राम शहीद हो गए जबकि एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसका मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज जारी है। लेस्लीगंज अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) मनोज कुमार झा ने बताया कि मनातू थाना प्रभारी निर्मल उरांव के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, “मुठभेड़ के बाद इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। मनातू और तरहसी थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और टीएसपीसी सदस्यों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।”

गयाजी में पितृपक्ष मेले में कहां मिलेगा मुफ्त ठहराव, जानें

गयाजी 6 सितंबर 2025 से शुरू हो रहे पितृमुक्ति के महापर्व पितृपक्ष मेले को लेकर गया जिला प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष, मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जो अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए गया की मोक्ष भूमि पर आते हैं। पितृपक्ष मेले के महत्व को देखते हुए बिहार सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। पितृपक्ष की अवधि में हर तिथि का धार्मिक महत्व अलग-अलग होता है, और इन विशेष तिथियों पर संबंधित पिंडदान वेदियों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। पितृपक्ष मेले से संबंधित कुल 55 पिंडदान वेदियाँ हैं, जिनमें से 45 गया में और एक पुनपुन (पटना जिले) में स्थित है। इसके अलावा, 9 तर्पण स्थल भी गया में हैं। महत्वपूर्ण सरोवरों में ब्रह्म सरोवर, रुक्मिणी तालाब, पितामहेश्वर, रामशिला, वैतरणी, सूर्यकुंड, गोदावरी और प्रेतशिला शामिल हैं। साथ ही, चार महत्वपूर्ण घाट—देवघाट, गजाधर घाट, ब्राह्मणी घाट और सीढ़ियां घाट—भी तैयारियों का हिस्सा हैं। तीर्थयात्रियों के लिए आवासन और सुविधाएं देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए जिला प्रशासन ने ठहरने की व्यापक व्यवस्था की है। सरकारी 64 आवासों में 18,000 तीर्थयात्रियों के लिए निःशुल्क ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा, पर्यटन विभाग ने गयाजी के गांधी मैदान में 2500 लोगों की क्षमता वाला एक टेंट सिटी भी बनवाया है, जहाँ तीर्थयात्रियों को निःशुल्क ठहराया जाएगा। इन आवास स्थलों पर शौचालय, स्नानागार, पीने के पानी, साफ-सफाई, प्रकाश, सुरक्षा, खाना बनाने की सुविधा और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष भी गांधी मैदान टेंट सिटी में यात्रियों के लिए गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। महाकुंभ की तर्ज पर साफ-सफाई पितृपक्ष मेले के दौरान घाटों, मंदिरों, वेदियों, तालाबों, आवास स्थलों और पूरे शहर की साफ-सफाई महाकुंभ की तर्ज पर की जा रही है। शहर को 4 जोन और 54 सेक्टरों में बाँटकर आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई कराई जा रही है। वहीं, नगर निगम ने 30,000 अतिरिक्त सफाईकर्मियों को पाली (शिफ्ट) के अनुसार तैनात किया है। फल्गु नदी की निरंतर साफ-सफाई के लिए ट्रैश क्लीनिंग बोट का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य और पेयजल की व्यवस्था तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल के लिए 96 स्थानों पर 299 हैंडपंप, 43 प्याऊ और 620 नल लगाए गए हैं। इसके अलावा, 20 पानी के टैंकर और 4 वाटर एटीएम से भी जलापूर्ति की जाएगी। 94 स्थानों पर 633 स्थायी शौचालयों की मरम्मत की गई है, और 240 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय तथा 131 स्नानागार बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में 125 चिकित्सकों और 178 पैरामेडिकल स्टाफ की सहायता से 70 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। गयाजी के प्रमुख अस्पतालों में 125 बेड, मगध मेडिकल कॉलेज में 100 बेड, प्रभावती अस्पताल में 10 बेड, जयप्रकाश नारायण अस्पताल में 5 बेड और एम्स में 5 बेड आरक्षित रखे गए हैं। मेले के लिए 12 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस, 2 शव वाहन (मॉर्चरी वैन) और 5 मोबाइल टीमें भी गठित की गई हैं। सुरक्षा और तकनीक का उपयोग प्रकाश व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र में 49 हाईमास्ट लाइट, 34 मिनी हाईमास्ट लाइट, 3500 स्ट्रीट लाइट और 7500 तिरंगा रोप लाइट लगाई गई हैं। देश-दुनिया के तीर्थयात्रियों को घर बैठे मेले से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए www.pinddaangaya.bihar.gov.in वेबसाइट का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, पिंडदान गया नामक एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है, जिसमें आवास, स्वास्थ्य शिविर, पुलिस शिविर, बस स्टैंड, वेदियाँ, घाट, सरोवर, बैंक एटीएम, पेट्रोल पंप आदि की जानकारी दी गई है।

पुलिस पर हमला, आइसक्रीम विवाद हुआ हिंसक; थानाध्यक्ष सहित 4 घायल

वैशाली बिहार के वैशाली जिले में बीती रात आइसक्रीम खाने के पैसे को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। राजापाकर थाना क्षेत्र के भलुई कल्याणपुर गांव में असामाजिक तत्वों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में महुआ थानाध्यक्ष राजेश रंजन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और पिस्टल व रायफल भी छीन ली, जिन्हें बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया। फकीर टोला में आइसक्रीम बेचने वाले और स्थानीय युवकों के बीच पैसे को लेकर विवाद हुआ। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, जिस पर युवकों ने हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर क्यूआरटी टीम और महुआ थानाध्यक्ष दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपियों को पकड़ने लगे। इसी दौरान असामाजिक तत्वों ने फिर से पुलिस पर हमला बोल दिया, जिसमें थानाध्यक्ष सहित चार जवान घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। महुआ एसडीपीओ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर कैंप कर रहा है और हालात नियंत्रण में हैं। वैशाली एसपी ललित मोहन शर्मा ने बताया कि आइसक्रीम खाने के बाद पैसे नहीं देने को लेकर विवाद बढ़ा और इसी से बवाल शुरू हुआ। फिलहाल घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है और स्थिति सामान्य है।

दो साल से काम कर रही कंपनी पर संकट, इंदौर में पेस्ट कंट्रोल ठेका बदलने की कवायद

इंदौर इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात बच्चियों के शरीर चूहों द्वारा कुतरे जाने और उनकी मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर जिम्मेदारी डाल रहा है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीनने की तैयारी की जा रही है। एलाइजा कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस बार अस्पताल के बजट में कंपनी को 11 करोड़ रुपये देने की तैयारी थी, लेकिन अब उस पर भी संकट गहरा गया है। आमतौर पर काम प्रभावित न हो, इसलिए अलग-अलग एजेंसियों को हायर किया जाता है, लेकिन एमवाय अस्पताल प्रबंधन एक ही कंपनी पर मेहरबान था। उसे सफाई, पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। बताया जाता है कि कंपनी ने स्टाफ भी काफी कम रखा था, जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। डेटा एंट्री ऑपरेटर कम होने से कई बार पर्चियां बनाने के लिए अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती थीं। कंपनी अस्पताल बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में ही पेस्ट कंट्रोल करती थी, जबकि परिसर में हजारों की संख्या में चूहों के बिल हैं। परिसर से चूहों को भगाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पेस्ट कंट्रोल से पहले कंपनी ने कभी वार्डों को भी खाली नहीं कराया। आपको बता दें कि "चूहाकांड" के बाद एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग की है।  

बिहार राजनीति: तेजस्वी यादव ने जनता को दिया संदेश, भाजपा-जदयू से पूछें ये अहम सवाल

पटना नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी पर फिर से निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया इन दोनों नेताओं की तस्वीर का इस्तेमाल कर एक पोस्टर के जरिए 10 सवाल पूछे। जनता से अपील करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जनता अगर वोट मांगने आए तो यह 10 सवाल जरूर पूछिएगा। तेजस्वी ने कहा कि दो पीढ़ियों का जीवन बर्बाद करने वाली 20 वर्षों की नीतीश-मोदी और 11 वर्षों की डबल इंजन सरकार से ये महत्वपूर्ण सवाल जरूर पूछना। उन्होंने सवालों के नीचे यह भी लिखा कि इन सवालों में से एक का भी जवाब नीतीश सरकार के विधायक या मंत्री नहीं दे पाएंगे। तेजस्वी ने पूछे यह सवाल…     बिहार सबसे गरीब राज्य क्यों है?     बिहार में महिलाएं असुरक्षित क्यों हैं?     बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था बेकार क्यों है?     बिहार में इतना अपराध क्यों है?     बिहार में इतना भ्रष्टाचार क्यों है?     बिहार में इतनी बेरोज़गारी क्यों है?     बिहार में पलायन की मजबूरी क्यों है?     बिहार में स्कूल भवन क्यों नहीं बने?     बिहार में नए उद्योग-धंधे क्यों स्थापित नहीं हुए?     बिहार की शिक्षा व्यवस्था चौपट क्यों है?

पुराने केस की गुत्थी: शारिक मछली और क्लीन चिट देने वाला टीआई अब जांच के दायरे में

भोपाल  भोपाल में लव और ड्रग्स जिहाद के आरोपों में घिरे मछली कारोबारी शारिक मछली के खिलाफ नौ साल पुराने मारपीट के मामले में पुलिस पूरक चालान पेश करने जा रही है। वर्ष 2016 में अशोका गार्डन निवासी राजेश तिवारी की शिकायत पर शारिक मछली, तारिक मछली, रिजवान और शोएब के खिलाफ धारदार हथियार से हमला, मारपीट और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी ने दी थी क्लीन चिट इस मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी अनूप उइके ने की थी। उन्होंने शारिक और तारिक मछली को क्लीन चिट देते हुए सिर्फ रिजवान और शोएब के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। पुलिस ने चालान पेश करने में दो साल का समय लगा दिया। वहीं, जिन दो आरोपियों पर चालान पेश हुआ, वे भी करीब आठ साल से पेशी पर नहीं जा रहे हैं। न्यायालय द्वारा कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद थाना पुलिस शारिक मछली के दबाव में आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं कर रही थी। इस मामले में लापरवाही और आरोपियों को बचाने के आरोपों को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने अनूप उइके को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो विभागीय जांच की जाएगी। पीड़ित ने लगाए नए आरोप, दोबारा शुरू हुई जांच पीड़ित राजेश तिवारी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर शारिक मछली पर अपहरण, फार्महाउस में बंधक बनाने, मारपीट और अड़ीबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त और अशोका गार्डन थाना में भी की थी। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने इस पर पुरानी फाइलों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। थाना पुलिस ने अब वर्ष 2016 के केस की पुरानी फाइल खंगालना शुरू कर दी है और जल्द ही शारिक मछली के खिलाफ पूरक चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।

रायपुर रेलवे स्टेशन: पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान अफसर, बिना लाइसेंस फीस के चल रहा ठेका

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी का नया पार्किंग ठेका हुआ है. लेकिन ठेका अलॉट होने और हेंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक लाइसेंस फीस जमा नहीं की है. जबकि नियमों के मुताबिक पहले लाइसेंस फीस और एडवांस जमा किए जाने का प्रावधान है. सूत्रों के मुताबिक टेंडर नियमों में तीन महीने का एडवांस लाईसेंस फीस जमा किया जाना है, लेकिन बिना टेंडर फीस के रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग हेंडओवर कर दी. नया पार्किंग ठेका अनुराग साहू विनायक इंटरप्राइजेस को अलॉट हुआ है. ठेकादर के मुताबिक उसका जीएसटी डीबार हो गया था, इसलिए उन्होंने लाईसेंस फीस जमा नहीं कराई है, ये लाईसेंस फीस कितनी है ये पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी गोपनीय है और वे नहीं दे सकते. रेलवे के सूत्र बताते है कि उक्त ठेकेदार द्वारा 4 लाख रूपए एडवांस जमा कराया गया है और सिर्फ उसी के आधार पर टेंडर शर्तों से बाहर जाकर रेलवे अफसर पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान नजर आ रहे है. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से उनका पक्ष लेने फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.   बता दें कि इससे पहले भी रेलवे का पार्किंग ठेका लेने के बाद ठेकेदार ने लाईसेंस फीस रेलवे की नहीं दी, जिससे रेलवे के राजस्व को नुकसान हो चुका है.

कर्मचारियों की पदोन्नति याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट का अहम फैसला

बिलासपुर सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 में किए गए संशोधन को संवैधानिक मानते हुए कर्मचारियों की ओर से दाखिल सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति कर्मचारियों का मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल विचार किए जाने का अवसर है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की डीबी में हुई। दरअसल, राज्य सरकार ने 14 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी के पदों पर पदोन्नति के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य कर दी थी। इस संशोधन को मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी, असिस्टेंट ग्रेड-1 समेत अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी कि सेवा के अंतिम चरण में नियम बदलना अनुचित है। वे वर्षों से फीडर पदों पर काम कर रहे हैं, कई तो सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उनका तर्क था कि यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है और सरकार ने अतिरिक्त योग्यता अनिवार्य करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब में कहा कि उच्च पदों पर अधिक जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए स्नातक डिग्री जैसी न्यूनतम योग्यता जरूरी है। पदोन्नति कर्मचारियों का अधिकार नहीं है, बल्कि केवल नियमों के आधार पर अवसर है। नियमों में संशोधन करना उसका विशेषाधिकार है और यह न तो मनमाना है और न ही अवैध। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत कठिनाई से कोई कानून असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। पदोन्नति का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। स्नातक डिग्री को अनिवार्य करने वाला संशोधन न भेदभावपूर्ण है और न ही संविधान का उल्लंघन।

गणेश विसर्जन 2025: भोपाल में चल समारोह के साथ बदल रही ट्रैफिक व्यवस्था

भोपाल राजधानी भोपाल में शनिवार को छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा इसके साथ ही शहर में चल समारोह भी निकलेगा। शनिवार सुबह 9 बजे से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रेमपुरा घाट, कमलापति घाट, बैरागढ़ और हथाईखेड़ा डैम पर किया जाएगा। शाम 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होगा और रानी कमलापति घाट पर पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई मार्गों से गुजरेगा। इसी के चलते पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। शनिवार सुबह 8 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, इस्लाम नगर, रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड, अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। प्रेमपुरा घाट, खटलापुरा घाट, शाहपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, रानी कमलापति घाट शहर के प्रमुख घाट हैं। जहां सुरक्षा के खास इंतेजाम किए गए हैं। मुख्य चल समारोह का रूट शाम 7 बजे से मुख्य बल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेतघाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता बौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की और यातायात बंद कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस ने अपील की है कि नागरिक असुविधा से बचने के लिए निर्धारित मार्गों का पालन करें। आज ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था, रास्ते डायवर्ट रहेंगे सुबह 8 बजे से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, जगदीशपुर रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड और अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। शाम 6 बजे से मंगलवारा, दयानंद चौक और जुमेराती क्षेत्र से किसी भी वाहन को बस स्टैंड की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। रात 8 बजे से तीन मोहरा से भारत टॉकीज की ओर जाने वाले वाहन इस्लामी गेट और सिंधी कॉलोनी होकर ही निकल सकेंगे। अल्पना टॉकीज से नादरा की ओर जाने वाले वाहन संगम टॉकीज मार्ग से डायवर्ट होंगे। बैरागढ़ क्षेत्र में विसर्जन जुलूस सीहोर रोड से निकलेगा। इस दौरान भोपाल-इंदौर मार्ग पर डायवर्जन रहेगा। इंदौर- देवास की ओर जाने वाले वाहनों को लालघाटी से एयरपोर्ट तिराहा होते हुए बायपास का उपयोग करना होगा। वहीं, रेलवे स्टेशन, रोशनपुरा और न्यू मार्केट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम, जेल मुख्यालय, कोर्ट चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर ओवरब्रिज से होकर यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। उधर, इंदौर और सीहोर से आने वाली बसें हलालपुरा बस स्टैंड पर ही समाप्त होंगी। आईएसबीटी से चलने वाली बसें भारत टॉकीज और प्रभात चौराहा मार्ग से नहीं गुजर पाएंगी, उन्हें बायपास से निकाला जाएगा। गुना और ग्वालियर की बसों का संचालन भी हलालपुरा से ही होगा। बैरसिया की बसें बेस्ट प्राइज तिराहा तक ही आ पाएंगी। रात 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमैराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेत घाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता चौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की ओर यातायात बंद कर दिया जाएगा। 

चंबल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी, राजस्थान के 5 जिलों में आज रेड अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप में नजर आ रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान की सीमा पर बने वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम के कारण राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि चित्तौड़गढ़, राजसमंद, झालावाड़, सिरोही और जालोर में ऑरेंज अलर्ट और कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। राजधानी जयपुर में शुक्रवार रात भर रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। शहर में कई जगह मुख्य चौराहों पर सड़क धंस गई जिससे लोगों को आवा जाही में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।भीलवाड़ा में नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। अजमेर में बोराज तालाब की पाल टूटने से शहर के कई इलाकों में पानी घुस गया। करीब 1000 घरों में पानी भर गया, जिससे लोगों को छतों पर जाकर जान बचानी पड़ी। मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रही है, वहीं दौसा के लालसोट में एनीकट की पक्की दीवार टूटने से जलप्रलय जैसे हालात हैं। उदयपुर में सेल्फी लेते समय एक युवक उदयसागर झील में गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल जैसलमेर से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है, जिससे 8 सितंबर तक उदयपुर, जोधपुर, कोटा और आसपास के जिलों में भारी से अति भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं और बचाव दल अलर्ट पर हैं। जनता से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जलमग्न इलाकों में न जाएं। 1155 व्यक्तियों का सकुशल रेस्क्यू एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें दिन-रात सक्रिय रहकर प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। मानसून के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने अब तक 1155 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया है। वर्तमान में पूरे राज्य में एसडीआरएफ की 62 टीमें, एनडीआरएफ की 7 टीमें और सिविल डिफेंस की टीमें कार्यरत हैं। साथ ही, 21,000 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। वायुसेना के हेलिकॉप्टर से जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित आश्रय तक पहुंचाया भी जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ जल और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। फसल नुकसान के आकलन के लिए गिरदावरी प्रदेश में खरीफ 2025 में अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान के आकलन के लिए 1 अगस्त, 2025 से गिरदावरी शुरू की गई है। सरकार का कहना है कि गिरदावरी के उपरांत जिन जिलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराब हुई है, वहां प्रभावित किसानों को केन्द्र सरकार के एसडीआरएफ नॉर्म्स के अनुसार कृषि आदान-अनुदान सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत हेतु एसडीआरएफ नॉर्म्स के अंतर्गत विभिन्न जिलों से मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त किए गए हैं। इन कार्यों में सड़क, पुल, विद्यालय भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के कार्य शामिल हैं। प्रदेश के 12 जिलों में अब तक 180.67 करोड़ रुपए के 8,867 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 4,183 विद्यालय भवनों के लिए 83.66 करोड़ रुपए, 930 आंगनबाड़ी भवनों के लिए 21.89 करोड़ रुपए, 165 पंचायत भवनों के लिए 3.57 करोड़ रुपए, 106 चिकित्सालय भवनों के लिए 2.08 करोड़ रुपए, 170 लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 3.94 करोड़ रुपए, 3,128 सड़कों के लिए 64.34 करोड़ रुपए और 184 पुलियों के लिए 1.14 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।  इसी तरह, राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी जिलों को बचाव उपकरणों के लिए 19.45 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। सभी संभागीय मुख्यालय वाले जिलों को 20-20 लाख रुपए तथा अन्य जिलों को 10-10 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। साथ ही, अतिवृष्टि के दौरान जिलों की मांग के अनुसार अतिरिक्त आवंटन किए जा रहे हैं। सामान्य से 62.50 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज राज्य में दक्षिण-पश्चिमी मानसून में अब तक वास्तविक वर्षा 608.65 मिमी रही, जो सामान्य से 62.50 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में प्रदेश के 22 जिलों में वर्षा असामान्य श्रेणी में दर्ज की गई, जिनमें अजमेर, बूंदी, कोटा, टोंक, नागौर, सवाई माधोपुर, सीकर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर, जोधपुर और करौली जैसे जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं। जनता के लिए अपील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, बहते हुए पानी और जलाशयों के निकट न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें। प्रशासन की टीमें सजग और तत्पर हैं।