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नशे के खिलाफ पुलिस का प्रहार, 7 महीने में 155 तस्करों को भेजा जेल

दुर्ग दुर्ग पुलिस ने नशा तस्करों के चेन को तोड़ते हुए अब तक 71 मामले में केस दर्ज कर कुल 155 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है. इसमें 21 महिलाएं भी शामिल है जो नशा बेचते हुए पकड़ायी है. पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई सूखा नशा गांजे पर कार्रवाई की है. वहीं हेरोइन, ब्राउन शुगर, टेबलेट और सिरप भी जब्त की है. दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के मुताबिक पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी को रोकते हुए नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. अभियान के तहत 1 जनवरी से 31 जुलाई तक जिले में नशा तस्करों के खिलाफ 71 मामले दर्ज करते हुए 155 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. उन्होंने बताया कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की है. मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई अच्छी खासी रही. एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष मात्र 7 महीनों में बीते वर्ष की गिरफ्तारियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. एसएसपी विजय अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है. श्री अग्रवाल के मुताबिक जिले के साथ-साथ बाहरी राज्यों के नशा कारोबारियों और तस्करों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है. पुलिस थानों सहित क्राइम ब्रांच की टीम को भी इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश हैं.

‘शैतान’ शब्द को लेकर कांग्रेस का बवाल, CM बोले- मैंने किया था कर्नल शैतान सिंह का जिक्र

हरियाणा हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। लेकिन जैसे-जैसे कार्यवाही आगे बढ़ी, सत्ता पक्ष और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले सदन में 'शैतान' शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने यह शब्द किसके लिए कहा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब में कहा कि उन्होंने 'कर्नल शैतान सिंह' का जिक्र किया था, जो देश की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है और देश के वीरों का अपमान कर रहा है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री जी, आप मेरे लिए बाप समान हैं, लेकिन अगर 'शैतान' मेरी औलाद होगी तो मैं क्या करूंगा?" मुख्यमंत्री सैनी ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा है और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा, "मैंने कोई अभद्र भाषा नहीं बोली, बल्कि विपक्ष ने ही मर्यादाएं तोड़ी हैं।" हुड्डा ने भी नाराजगी जताते हुए कहा, "आप पांच-छह और गाली दे दीजिए।" कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि मुख्यमंत्री अपने शब्दों को वापस लें। हालांकि, स्पीकर ने कहा कि यह विषय यहीं समाप्त माना जाए।

फर्जी वोटरों की होगी पहचान! कांग्रेस ने सभी जिलाध्यक्षों को दिया मतदाता सूची जांचने का आदेश

रायपुर वोट चोरी को लेकर कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है. अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस फर्जी वोटरों को ढूंढेगी. प्रदेश में मतदाता सूची के परीक्षण के लिए कांग्रेस ने आदेश जारी कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिलाध्यक्षों को पत्र लिखकर हर विधानसभा की मतदाता सूची का परीक्षण कर चार बिंदुओं में जानकारी पीसीसी में जमा करने कहा गया है. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के 2023 विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में हेराफेरी का संदेह जताया है. इसके चलते अब कांग्रेसी प्रदेशभर में अभियान चलाकर फर्जी वोटरों की पहचान करेगी.

CM सैनी का बयान: क्यों हटाए गए लाखों परिवार BPL लिस्ट से

हरियाणा  हरियाणा विधानसभा में बीपीएल कार्ड के मुद्दे पर भी काफी बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान गरीब परिवारों को लुभाने के लिए बड़े पैमाने पर बीपीएल लिस्ट में नाम डाले और चुनाव के तुरंत बाद लाखों परिवारों को बाहर कर दिया। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने सरकार से पूछा कि पहली जनवरी, 2024 से 31 जुलाई, 2025 के बीच कितने नए बीपीएल कार्ड बने और कितने काटे गए। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि बीपीएल कार्ड बंद करने का आधार क्या रखा गया। सरकार की ओर से सदन में जवाब देते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि इस अवधि में लाखों परिवार बाहर हुए हैं तो करीब उतने ही बीपीएल कैटेगरी में शामिल भी हुए हैं। पंवार ने सदन में आंकड़े रखते हुए कहा कि इस अवधि में 8,73,507 परिवार जोड़े गए। वहीं 9,68,506 परिवार बाहर किए गए। 31 मार्च, 2025 को बीपीएल परिवारों की संख्या 52 लाख 37 हजार 671 थी जो अब छंटनी के बाद घटकर 41 लाख 93 हजार 669 रह गई है। यह आंकड़ा 22 अगस्त तक का है। केहरवाला ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों में फायदा लेने के लिए भाजपा ने बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ाई। नतीजों के बाद फिर से कम कर दिए।   विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने गुपचुप सर्वे करवाकर गरीब परिवारों को योजनाओं से वंचित कर दिया। विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि विपक्ष ने चुनाव के दौरान बीपीएल के नाम पर जनता को गुमराह किया। सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई, पोर्टल पर लोगों ने खुद अपनी आय घोषित की। उन्होंने कहा कि जो परिवार सालाना 1.80 लाख रुपये से ज्यादा कमाते थे, वे स्वेच्छा से बीपीएल लिस्ट से बाहर हो गए।

ट्रंप के टैरिफ से पानीपत की टेक्सटाइल पर संकट, हरियाणा को भारी नुकसान

पानीपत ट्रंप के पचास प्रतिशत टैरिफ का असर  अंबाला की साइंस इंडस्ट्री और पानीपत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर पड़ने लगा है। पानीपत से अमेरिका में 12 हजार करोड़ का निर्यात होता है। क्रिसमिस सीजन पर 1,500 करोड़ का निर्यात होता है। ऐसे में अमेरिकी ग्राहक उद्यमियों से छूट मांग रहे हैं। लगभग 30 प्रतिशत आर्डर अटक गए हैं।  उद्यमी बोले- अब बड़ा नुकसान होना तय है, नई मंडी तलाशनी होगी। वहीं, अंबाला में करीब चार मिलियन डालर का साइंस उपरकणों का एक्सपोर्ट अमेरिका के कई हिस्सों में होता है, इससे कई ऑर्डर रद हो गए हैं। 1500 करोड़ के आर्डर तैयार, आनाकानी कर रहे पानीपत के उद्यमी लगभग 1500 करोड़ के क्रिसमिस के आर्डर तैयार करके बैठे हैं। अब अमेरिकन इनको लेने में आनाकानी कर रहे हैं। इस सीजन में अमेरिका में सबसे अधिक कुशन कवर, बाथमैट, तौलिये, सोफे कवर, परदे व दरियां जाती है। अब अमेरिका से आर्डर मिलने की संभावना न के बराबर है। अमेरिकन इन आर्डर को बांग्लादेश, पाकिस्तान व वियतनाम में शिफ्ट कर सकते हैं।

अब बिहार की खेतों में भी लहलहाएंगे अंजीर, किसान उठा रहे दोगुना लाभ

* प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए तक का अनुदान पा सकते हैं किसान * वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए है कर सकते हैं किसान आवेदन * योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन  * बिहार में अंजीर की खेती को बढ़ावा दे रही है राज्य सरकार   पटना बागवानी फसलें किसानों को आर्थिक लाभ दिलाने में मददगार साबित होती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने 2025-2026 और 2026-2027 के लिए अंजीर फल विकास योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत अंजीर की खेती करने वाले किसानों को भारी अनुदान दिया जा रहा है। सरकार इस अनुदान से जहां एक ओर राज्य में अंजीर की खेती को बढ़ावा दे रही है वहीं दूसरी ओर किसानों की आय को बढ़ाने की भी कोशिश कर रही है।       अंजीर फल विकास योजना के तहत इसकी खेती पर वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए प्रति हेक्टेयर 1.25 लाख रुपये की लागत तय की गई है। इसकी खेती करने वाले किसानों को सरकार उनकी लागत का 40 प्रतिशत अर्थात 50 हजार रुपए का अनुदान देगी। 2025-26 में यह कुल अनुदान का  60 प्रतिशत यानि कि 30 हजार रुपए और 2026-27 में 40% अर्थात 20 हजार रुपए किसानों को मिलेगा। ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन  अंजीर फल विकास योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की वेबसाइट http://horticulture.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। किसान अनुदान से संबंधित विशेष जानकारी के लिए जिला उद्यान पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इन 32 जिलों के किसान उठा सकते हैं लाभ अंजीर फल विकास योजना के तहत बिहार के 32 जिलों में चलाई जा रही हैं। जिसमें अरवल, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, जहानाबाद, लखीसराय, मधेपुरा, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, अररिया, औरंगाबाद, बेगुसराय, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, जमुई, खगड़िया, किशनगंज, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, गया, रोहतास, पूर्णिया, समस्तीपुर, वैशाली और पश्चिम चम्पारण शामिल है।        कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह योजना न सिर्फ बिहार के किसानों को आर्थिक लाभ दिलाने में मददगार साबित होगी बल्कि इससे बिहार में अंजीर फल के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आर्थिक लाभ के लिए खाद्यान्न फसलों पर किसानों की निर्भरता कम होगी।

राजस्व महाअभियान: अब सीएससी ऑपरेटरों के हाथों में होगा डिजिटल कामकाज

कल से सीएससी के ऑपरेटर संभालेंगे राजस्व महा–अभियान शिविरों का डिजिटल कामकाज राजस्व महाअभियान: अब सीएससी ऑपरेटरों के हाथों में होगा डिजिटल कामकाज राजस्व महाअभियान में नई पहल: सीएससी ऑपरेटर करेंगे डिजिटल कार्यप्रवाह ऑनलाइन पंजीकरण से लेकर आवेदन संधारण तक की जिम्मेदारी, गुरुवार से तैनात रहेंगे शिविरों में पटना राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा–अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों का डिजिटल प्रबंधन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ऑपरेटर करेंगे। ये व्यवस्था गुरुवार से लागू हो जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद विभाग के स्तर पर संविदा कर्मियों की हड़ताल से निपटने के लिए पुख्ता व्यवस्था बनाकर अभियान को सफल बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी अंचलाधिकारी को पत्र जारी कर आदेश दिया है कि प्रत्येक शिविर में चार कम्प्यूटर ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे। ये ऑपरेटर शिविर में मिले सभी आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत करेंगे और फिर संबंधित राजस्व कर्मचारी को उपलब्ध कराएंगे। एक अंचल में अधिकतम 28 ऑपरेटरों की व्यवस्था की जा सकेगी। इसके निगरानी की व्यवस्था भी तय की गई है। अंचल स्तर पर एक सुपरवाइजर और जिला स्तर पर दो डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सीएससी की ओर से लगाए जाएंगे, जो शिविरों में तैनात ऑपरेटरों की उपस्थिति और कामकाज पर नजर रखेंगे। सचिव श्री सिंह ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत सीएससी के जिला प्रबंधक/समन्वयक से समन्वय स्थापित करें, ताकि शिविरों में पंजीकरण और प्रपत्र संधारण की प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हो सके। सभी अंचलाधिकारी को जिला प्रबंधक/समन्वयक तथा अंचल समन्वयक का नाम एवं नंबर उपलब्ध करा दिया गया है। सीएससी के कर्मी कल यानी गुरुवार से शिविरों में तैनात रहेंगे।

लघु जल संसाधन विभाग की कुल 2,507 योजनाओं में 2,297 उतर चुकी हैं धरातल पर

जल-जीवन-हरियाली अभियान से बिहार के 2,41,782 हेक्टेयर खेतों तक पहुंचा सिंचाई का पानी लघु जल संसाधन विभाग की कुल 2,507 योजनाओं में 2,297 उतर चुकी हैं धरातल पर  राज्य में 2,70,697 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित करने का है लक्ष्य   साथ ही, कुल 993 लाख घनमीटर जल संचयन क्षमता का किया गया है  पुनर्स्थापन  पटना लघु जल संसाधन विभाग द्वारा "जल-जीवन-हरियाली अभियान" के तहत राज्यभर में 2,41,782 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता विकसित करने के साथ ही कुल 993 लाख घनमीटर जल संचयन क्षमता का पुनर्स्थापन कर लिया गया है। लघु जल संसाधन विभाग ने परंपरागत जल स्त्रोतों के पुनरूद्धार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए अबतक कुल 2,507 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें अबतक 2,297 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। इन सभी 2507 योजनाओं को पूर्ण कर राज्य में 2,70,697 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापन करने का लक्ष्य तय किया गया है।  यहां उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में व्यापक जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप वर्षापात में कमी एवं भूगर्भ जल के अत्यधिक दोहन के फलस्वरूप भूगर्भ जलस्तर में उत्तरोत्तर कमी आने के कारण बिहार के विभिन्न जिलों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन की इस विषम स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2019 में "जल-जीवन-हरियाली अभियान" की शुरूआत की है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत क्रियान्वित योजनाओं में गुणवत्ता युक्त कार्य सम्पन्न कराते हुए जहां एक ओर राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित किये गये हैं, वहीं दूसरी ओर जलस्त्रोतों में जल संचयन एवं सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जल स्त्रोतों में जल संग्रह के फलस्वरूप भूगर्भ जलस्तर में व्यापक सुधार हुआ है। आहर-पईनों एवं तालाबों व पोखरों के मेढ़ पर वृक्षारोपण किये जाने से हरित क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है।

खरीफ की फसल हो गई बर्बाद? चिंता न करें किसान, बस कर दें ये काम

खरीफ की फसल हो गई खराब! राज्य फसल सहायता योजना का उठाएं लाभ  खरीफ की फसल हो गई बर्बाद? चिंता न करें किसान, बस कर दें ये काम  खरीफ 2025: खरीफ की फसल हो गई खराब? जल्‍द कीजिए आवेदन   खरीफ किसानों को दी बड़ी राहत! 10000 रुपये तक सीधे देगी सरकार  नगर पंचायत से गांव तक, खरीफ किसानों को मिला सरकार का सुरक्षा कवच पटना  बिहार के किसानों को मौसम की मार से घबराने की जरूरत नहीं है। खरीफ की फसल बोने वाले किसानों की इस समस्‍या का बिहार सरकार ने समाधान कर दिया है। किसानों के लिए सुरक्षा कवच तैयार कर दिया है। बिहार सरकार ने खरीफ 2025 के लिए किसानों को बड़ी राहत दी है।  सीधे मिलेगी आर्थिक मदद, सरकार ने मांगे आवेदन जिन किसानों की फसल मौसम की मार से खराब हो गई है। उनके लिए सरकार फसल सहायता योजना लेकर आई है। सहकारिता विभाग की ओर से बिहार ‘राज्य फसल सहायता योजना’ के तहत इसके लिए ऑनलाइन आवेदन  मांगे गए हैं। किसान 31 अक्टूबर, 2025 तक निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत किसानों को फसल नुकसान होने पर सीधे मदद देगी। ये किया गया है प्रावधान जिन किसानों की खरीफ फसल 20 फीसद तक खराब हो गई है, सरकार ने ऐसे किसानों को 7500 रुपये प्रति हेक्‍टेयर क्षतिपूर्ति के रूप में देगी। 20 फीसद से अधिक के नुकसान पर सरकार ने 10000 रुपये प्रति हेक्‍टेयर देने का ऐलान किया है। यह सहायता अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही दी जाएगी। नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों के किसान भी इस योजना के लिए पात्र होंगे। साथ ही, रैयत, गैर-रैयत और आंशिक रूप से रैयत-गैर रैयत किसान भी आवेदन कर सकेंगे। मंत्री ने क्या कहा? सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि यह योजना पूरी तरह निशुल्क है। इसमें किसानों से किसी प्रकार का कोई शुल्‍क या प्रीमियम नहीं लिया जाता। उनका कहा, प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसल को क्षति होने पर सरकार सीधे उनके खाते में वित्तीय सहारा देती है। योजना को और पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में लगातार काम चल रहा है। आवेदन कैसे करें? कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत किसान सीधे आवेदन कर सकते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े रैयत किसान केवल रैयत या आंशिक रैयत-गैर रैयत श्रेणी में आवेदन कर पाएंगे। आवेदन करते समय किसानों को फसल व बुआई क्षेत्र की जानकारी देनी होगी। सीधे बैंक खाते में जाएगी राशि बताते चलें कि कटाई के बाद प्रयोग आधारित उपज दर के आधार पर योग्य पंचायतों का चयन किया जाएगा। इसके बाद चुने गए किसानों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सत्यापन के बाद राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेज दी जाएगी। झूठी या गलत जानकारी देने वाले किसानों के आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे। इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सहकारिता विभाग की वेबसाइट से भी ली जा सकती है।

विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने देश के नागरिकों को स्वदेशी अपनाने का किया आव्हान

गोपालसिंह इंजीनियर का संदेश – स्वदेशी ही है भारत की आत्मनिर्भरता की कुंजी विधायक कार्यालय में भगवान गणेश जी की हुई स्थापना श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान गणेश जी की,की भक्ति, आष्टा   आज गणेश चतुर्थी के शुभ दिवस पर आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के कार्यालय पर रिद्धिसिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की गई । आज दोपहर में भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी की उपस्थिति में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने विधि विधान के साथ भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की एवं सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने मिलकर भगवान श्री गणेश जी की आरती की । भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की विधि उमेश शर्मा ने पूर्ण कराई । इस अवसर पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने दस दिवसीय गणेशोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर सभी नागरिकों से आव्हान किया की वे अपने दैनिक जीवन मे उपयोग में आने वाली वस्तुएं स्वदेशी ही खरीदे ।  देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की जनता से स्वतंत्रता दिवस पर जो आव्हान किया कि हम सब देशवासी भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दैनिक जीवन के उपयोग में जो वस्तुएं आती है,जब आप बाजार में उक्त वस्तुएं खरीदने जाये तो वे वस्तुएं स्वदेशी ही हो,स्वदेशी ही खरीदे । हम सब जब  दैनिक उपयोग की वस्तुओं में जितना ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओं का क्रय करेंगे,उसका उपयोग करेंगे  ताकि हमारा देश विदेशी वस्तुओं पर निर्भर न होकर स्वदेशी वस्तुओं के द्वारा आत्मनिर्भर बने और भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हो । विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने कहा कि हम अपने स्थानीय उद्योगों को भी ऐसे ही स्वदेशी अपनाने के आवाहन के तहत बढ़ावा दे सकते हैं । विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी से भी आव्हान किया कि वह भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर नागरिकों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करें विधायक कार्यालय में भगवान श्री गणेश जी की स्थापना के अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता,पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि आदि उपस्तिथ थे ।