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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है

पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

मूसलधार बारिश ने बस्तर में मचाई तबाही, कई गांवों में संपर्क बाधित

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले 12 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे नेशनल हाइवे-30 बंद हो गया है। केशलूर के पास सड़क पर 2-3 फीट पानी बह रहा है, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। सुकमा के झीरम नाले में एक कार बह गई, लेकिन ग्रामीणों ने चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया। बीजापुर में भी एक पिकअप वाहन बाढ़ में फंसा, पर सभी यात्री सुरक्षित हैं। इंद्रावती, शंखनी, और डंकनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है, जिससे कई गांव टापू बन गए हैं। मूसलाधार बारिश: चेरपाल में बाढ़ से 100 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा बीजापुर जिले में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते चेरपाल नदी में आई बाढ़ की वजह से करीब 100 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। बाढ़ के कारण आवागमन बंद है। जानकारी के मुताबिक चेरपाल नदी में रपटा पार करते समय एक ग्रामीण के बह जाने की खबर भी सामने आई है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया है। उफनती नदी और लगातार बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया हैं।   नदी के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। एहतियातन नदी के किनारे बसे घरों को खाली करवाया जा रहा है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के आसपास न जाएं। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने और अफवाहों से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है। वही दूसरी ओर इंद्रावती नदी के मरकापाल घाट में फंसे ग्रामीण कृष्णा जुर्री को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू सकुशल निकाल लिया है। बीजापुर जिले में बारिश की स्थिति बीजापुर जिले के विभिन्न तहसीलों में औसत वार्षिक वर्षा की स्थिति पर नजर डाले तो बीजापुर: 74.5% गंगालूर : 80.2% भैरमगढ़: 68.3% कुटरू : 75.2% भोपालपटनम: 50.5% उसूर: 72.7% वही जिले में हुई औसत वर्षा अब तक वर्षा का 70.6% दर्ज किया गया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर वर्तमान जलस्तर: 5.520 मीटर खतरे का स्तर: 12.50 मीटर मापा गया है। सबसे ज्यादा बारिश बारसूर तहसील में, गीदम-बारसूर मार्ग पर पुल हुआ ध्वस्त     दंतेवाड़ा में सोमवार की रात से हो रही लगातार बारिश से दक्षिण बस्तर में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा 2 सेमी बारिश बारसूर तहसील में दर्ज की गई है। इस बारिश की वजह से बारसूर-चित्रकोट मार्ग और गीदम-बारसूर मार्ग जगह-जगह बाधित हो गया है।     गीदम-बारसूर मार्ग पर राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला का पुल घन्टो बाढ़ में डूबा रहा, जिससे पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुल का एक स्पॉन टूटने की वजह से स्टेट हाइवे पर आवाजाही ठप हो गई है।     इसी जगह पर सुबह दंतेवाड़ा से नारायपुर लौट रहा सीएएफ का जवान भूषण सेठिया बाइक समेत नाले में बह गया।     कुछ दूरी पर जाकर उसने एक पेड़ को पकड़ लिया, लेकिन तेज बहाव की वजह से करीब 3 घन्टे तक वहां फंसा रहा। कलेक्टर कुणाल दुदावत को सूचना मिलने पर उन्होंने तत्काल एसडीआरएफ की टीम को रवाना किया। बारसूर थाना की तरफ से भी पुलिस की टीम पहुंची।     एसडीआरएफ व पुलिस के जवानों ने मिलकर बाढ़ में फंसे जवान भूषण सेठिया को बड़ी मशक्कत से सुरक्षित निकाल लिया।     भूषण की पोस्टिंग सीएएफ 9 वीं बटालियन मुख्यालय कारली में है, जहां से वह मंगलवार की सुबह हरितालिका तीज मनाने नारायणपुर जिला स्थित अपने गांव के लिए बाइक पर रवाना हुआ बारसूर-गीदम के बीच राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला में पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिसे पार करने की कोशिश में आरक्षक बाइक समेत नाला के तेज बहाव में बह गया। जिला प्रशासन, पुलिस व एसडीआरएफ की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी। 

विलायती बबूल को हटाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करे: पंचायती राज मंत्री

जयपुर पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विलायती बबूल (प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा) को जड़ सहित हटाने के लिए अध्ययन कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें और इसके उन्मूलन के संबंध में ऐसे विकल्पों को तलाश करें जिससे इस दिशा में सेफ जोन में काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए क्षेत्र चिन्हित कर चरणबद्ध रूप से काम किया जाए। श्री दिलावर ने मंगलवार को पंचायती राज सभागार में राज्य में विलायती बबूल उन्मूलन के संबंध में वन विभाग, ग्रामीण विकास एवं अन्य संस्था प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए।   पंचायती राज मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विलायती बबूल को काटना नहीं, बल्कि उनकी जड़ों को पूरी तरह से खत्म करना है ताकि दोबारा न उगें। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने विलायती बबूल खतरा साबित हो रहा है। प्रदेश में बहुतायत में उग आया विलायती बबूल अब अपने आसपास किसी अन्य वनस्पति को पनपने नहीं दे रहा है, इसलिए इसका प्रभावी उन्मूलन आवश्यक है।  उन्होंने कहा कि इस पेड़़ के कारण खेती की मिट्टी अनुपजाऊ बन जाती है। विलायती बबूल ने चारागाह क्षेत्र को भी नष्ट कर दिया है। इस पेड़ के कारण किसानों को पशु चराने में  बड़ी समस्या से गुजरना है पड़ता है।   विलायती बबूल का एक पौधा उग जाता है तो उसके आसपास बहुत सारे पौधे उगते हैं जो अन्य वनस्पति को विकसित नहीं होने देते हैं। उन्होंने विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए वर्तमान में उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों और नीतियों पर चर्चा की और कहा कि इन विलायती बबूल को हटाने का सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। कुछ अड़चनें हैं, उन्हें दूर कर इनको भी निकालने की कोशिश करेंगे। बैठक में इससे संबंधित उत्पादों ईंधन, चारकोल, पशु आहार आदि के बारे में चर्चा की गई।  बैठक में पंचायती राज के शासन सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम , वाटरशेड निदेशक श्री मोहम्मद जुनैद,  श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु श्री बलराज सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं इस क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

योगी सरकार के जागरुकता कार्यक्रमों से पिछले 8 वर्ष में कृषि क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व उन्नति

त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम को मिली ऊंचाई लखनऊ योगी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में यूपी को अभूतपूर्व प्रगति दी। सरकार के जागरूकता कार्यक्रम और सकारात्मक पहल से उत्तर प्रदेश ने नया अध्याय लिखा है।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कृषि भवन में "सोशल मीडिया की कार्यशाला " का शुभारंभ किया। सोशल मीडिया के कृषि पर  सकारात्मक प्रभाव एवं भविष्य की संभावना पर जोर देते हुए कृषि के क्षेत्र में प्रदेश मे हुए समग्र विकास का ब्योरा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया।  उत्तर प्रदेश मे रबी, खरीफ एवं जायद सीजन में किसानों द्वारा सफलतापूर्वक फसल उत्पादन का कार्य किया जाता है। जिसमें मौसम की विभिन्न स्थितियों के अनुरूप  प्रजातियों/ फसलों की बुआई एवं उनकी विभिन्न विकास की अवस्थाओं पर तकनीकी पहलुओं के साथ साथ कृषि निवेशों की उचित प्रयोग से पहले की अपेक्षा अब कृषि का तेजी से विकास हो रहा है तथा अधिक उत्पादन भी सुनिश्चित हुआ है l इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि से सम्बंधित सूचनाओं के त्वरित गति से सम्प्रेषण का बड़ा योगदान है l कृषि में उत्तर प्रदेश की उपलब्धि  कृषि क्षेत्र का GDP विकास दर में योगदान: वर्ष 2016-17 में कृषि सेक्टर की विकास दर 8.8 प्रतिशत जब कि वर्ष 2024-25 में कृषि सेक्टर की विकास दर 15.7 प्रतिशत हो गयी है,जो कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का परिणाम है।   कृषि GSVA (Gross State Value Added) में योगदान   कृषि GSVA वर्ष 2016-17 के 2.00 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 4.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 118 प्रतिशत वृद्धि को प्रदर्शित करता है l वर्तमान सरकार के प्रयास एवं सघन रूप से चलाये जा रहे कृषि में जागरुकता कार्यक्रमों से प्रदेश के 161 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर वर्ष 2024-25 में कुल 737.20 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ, जो राष्ट्रीय स्तर पर 20.89 प्रतिशत का योगदान है l इसी प्रकार प्रदेश मे कृषि फसलों के आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में भी अद्वितीय वृद्धि हुई है l   फसल आच्छादन खरीफ वर्ष 2016-17 में कुल 91.45 लाख हेक्टेयर कृषि फ़सलों का आच्छादन रहा, जबकि योगी सरकार द्वारा किसानों के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन के उपरांत खरीफ सीजन वर्ष 2024-2025 में आच्छादन 105.93 लाख हेक्टेयर हो गया, जो कि पूर्व से लगभग 14.48 लाख हेक्टेयर अधिक है l कृषि उत्पादन के आंकड़े, सरकार के विजन व उपलब्धियां  चावल वर्ष 2016-17 में चावल का उत्पादन 144.70 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 212.25 लाख मीट्रिक टन हुआ l  गेहूं – वर्ष 2016-17 में गेहूँ का उत्पादन 349.71 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 414.39 लाख मीट्रिक टन हुआl  दलहन वर्ष 2016-17 में दलहन का उत्पादन 23.90 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 36.30 लाख मीट्रिक टन हुआ है l  तिलहन: वर्ष 2016-17 में तिलहन का उत्पादन 12.40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 30.80 लाख मीट्रिक टन हुआ है।  फसल सघनता : कृषि के महत्वपूर्ण इंडिकेटर फसल सघनता जो वर्ष 2016-17 में 163 प्रतिशत  थी, के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में 182 प्रतिशत है, में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई।   योगी सरकार द्वारा कृषकों के हित में जागरुकता के  लिए किए गये ठोस प्रयास  विकसित कृषि संकल्प यात्रा कुल 14170 ग्रामों में आयोजित की गई, जिससे कुल 23.30 लाख कृषकों को ICAR, कृषि विश्वविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा क्षेत्र में जा कर वैज्ञानिक कृषि हेतु प्रोत्साहित/लाभान्वित किया गया l किसान पाठशाला: कृषकों में क्षमता विकास के लिए कुल 76000 ग्रामों में आयोजित किया गया, जिसमे 1.71 करोड़ किसानों को कृषि नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया l  त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम  प्रदेश में मक्का को अधिक उपयोगी एवं उत्पादक बनाए जाने हेतु सरकार द्वारा कृषक हित में  यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह बहुपयोगी फसल के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा चिन्हित है, जिसका इस्तेमाल खाद्यान्न, पशु आहार एवं औद्योगिक (एथनॉल) उद्देश्यों के लिए किया जाता है l वर्ष 2016-17 में  मक्का के क्षेत्रफल 3.06 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में कुल 5.42 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 11.87 लाख मीट्रिक टन है l कृषकों के क्षमता विकास हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय 6510 गोष्ठियां, विकास खण्ड स्तरीय 825 गोष्ठियां, जनपद स्तरीय 75 गोष्ठियां आयोजित की गई कृषि वैज्ञानिकों का क्षेत्र भ्रमण : कृषि विश्वविद्यालय/ICAR /कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों के खेतों का भ्रमण/निरीक्षण कर कृषकों की तकनीकी समस्याओं का समाधान कराया गया, जिससे फसलों के आच्छादन, उत्पादन के साथ कृषकों के कार्य करने के तरीकों में सकारात्मक परिवर्तन हुए और  उत्पादन बढ़ा है l उत्तर प्रदेश: देश के कृषि क्षेत्र मे (उत्पादन में)  ⚫गेहूँ में प्रथम स्थान  ⚫चावल में प्रथम स्थान ⚫गन्ना में प्रथम स्थान ⚫आलू में प्रथम स्थान ⚫बाजरा में दूसरा स्थान ⚫मसूर में दूसरा स्थान  ⚫राई/सरसों में दूसरा स्थान  ⚫दलहन में तीसरा स्थान  कृषि एवं किसान उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में सम्मिलित है जिनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है l इस अवसर पर कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह, सचिव उपकार एके सिंह,एम डी बीज विकास निगम पीयूष शर्मा, अपर कृषि निदेशक प्रसार आरके सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक उर्वरक आशुतोष मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक(ब्यूरो) एके सिंह सहित राजस्थान के कृषि में सोशल मीडिया के विशेषज्ञ पिंटू मीना पहाड़

सरकार ने जारी किया आदेश: होटल और पेट्रोल पंप के टॉयलेट अब आम लोगों के लिए खुलेंगे

भिंड जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) की पहल पर अब नगर निकाय क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंपों में स्थित शौचालय आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस संबंध में डूडा कार्यालय द्वारा नगरीय निकाय को आदेशित किया गया है। अगर इनका उपयोग करने से कोई रोकता है तो संबंधित पर चालानी कार्रवाई भी की जा सकती है। नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान बता दें कि डूडा कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी नगरीय निकायों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीनस्थ वार्डों में संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप आदि पर बने सार्वजनिक शौचालयों को नागरिकों के लिए उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, इन संस्थानों पर स्थित शौचालयों की नियमित सफाई एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। नपा अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था स्वच्छता मिशन एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ और सुलभ शौचालय उपलब्ध होने से लोगों को सुविधा मिलेगी और खुले में शौच की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। साफ-सफाई न रखने पर भी कार्रवाई करने का नियम स्थानीय निकायों को साफ-सफाई की नियमित जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित होटल, रेस्टोरेंट एवं पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश से यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें शहरी सीमा क्षेत्रों में स्वच्छ शौचालयों की सुविधा आसानी से मिल सकेगी। नपा टीम कर रही निरीक्षण शहर में इन दिनों प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया, नरेंद्र गुप्ता के द्वारा शहर में रेस्टोरेंट, होटल व पेट्रोल पंप का सर्वे किया जा रहा है। मंगलवार को नपा टीम के द्वारा शहर के इटावा रोड स्थित पेट्रोल पंप, 17वीं बटालियन सहित अन्य पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया गया। प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिन पेट्रोल पंप पर टॉयलेट नहीं बने हुए हैं या फिर उपयोग करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे टॉयलेट को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित संचालकों को निर्देशित किया जा रहा है। जिन पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट में टॉयलेट नहीं हैं, उनमें टॉयलेट का निर्माण कराए जाने को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं। टॉयलेट में ताला डालकर नहीं कर सकते बंद बाजार व अन्य स्थानों पर संचालित होटल, रेस्टोरंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट के गेट पर ताला डालकर बंद नहीं किया जा सकता। इस टॉयलेट का उपयोग आम नागरिक कभी भी कर सकते हैं। साथ ही टॉयलेट में नियमित साफ-सफाई कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित प्रतिष्ठान की होगी। अगर किसी टॉयलेट में गंदगी मिलती है या ताला डला मिलता है तो उस पर दो हजार या इससे अधिक तक का चालान भी किया जा सकता है। राजीव जैन, स्वास्थ्य अधिकारी, नपा – भिंड  ने बताया- होटल, रेस्टोरेंट व पेट्रोल पंप के टॉयलेट उपयोग करने लायक हैं या नहीं इसके निरीक्षण को लेकर स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है। इनमें से अगर कोई आम लोगों को टॉयलेट का उपयोग करने से रोकता है तो संबंधित के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। 

बोले उप मुख्यमंत्री- एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे

बोले उप मुख्यमंत्री- समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं उप मुख्यमंत्री ने कहा- सपा ने उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था लखनऊ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एमएलसी की 11 सीटों पर दोनों दलों का अलग-अलग चुनाव लड़ना ही इंडी गठबंधन की असलियत को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल अवसरवाद और सत्ता की लालसा पर आधारित है, इसमें न कोई वैचारिक प्रतिबद्धता है और न ही जनता के लिए कोई गंभीर सोच। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास भाजपा और एनडीए के साथ है और यही भारतीय लोकतंत्र की सच्ची ताकत है।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का बयान अंतर्विरोधों से भरा हुआ है। उन्हें कांग्रेस के काले इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। यही कांग्रेस है जिसने देश पर आपातकाल थोपकर पूरे भारत को कैदखाने में बदल दिया था। यही नहीं, कांग्रेस ने अलग-अलग समय पर जनता द्वारा चुनी गई 90 राज्य सरकारों को बर्खास्त कर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है, जिसे देश कभी भूल नहीं सकता।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आत्मावलोकन की आवश्यकता है। प्रदेश की सत्ता में जब-जब सपा रही, गुंडे और माफिया सत्ता के आशीर्वाद से पनपे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पूरा प्रदेश कहता था, "देख सपाई, बिटिया घबराई"। यही नहीं, सपा के लोग नारा देते थे, "समाजवाद का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है।" विधानसभा सत्र के दौरान दर्जनों गाड़ियों में असलहा भरकर माफिया सदन में पहुंचते थे। उस दौर में उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। कांग्रेस और सपा दोनों दल जनता को छलने का काम कर रहे हैं। एक ओर वे गठबंधन की बातें करते हैं और दूसरी ओर एमएलसी की 11 सीटों पर अलग-अलग मैदान में उतरते हैं। इससे साफ हो जाता है कि इंडी गठबंधन केवल दिखावा है। यह गठबंधन जनता को भ्रमित करने का एक और प्रयास है, जिसका पर्दाफाश हो चुका है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सुचिता और पारदर्शिता की राजनीति का उदाहरण बनी है। यही कारण है कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे अवसरवादी दलों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर किडज़ानिया को मिले दो गोल्ड अवॉर्ड्स

म.प्र. टूरिज्म को एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिले दो अवॉर्ड्स भोपाल  अतुल्य भारत का दिल मध्यप्रदेश, ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि नवाचार और आधुनिक मार्केटिंग रणनीतियों के लिए भी जाना जा रहा है। गोवा में आयोजित प्रथम मेडएक्स समिट एवं अवॉर्ड्स 2025 में किडज़ानिया इंडिया के ‘एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर’ को दो श्रेणियों में प्रतिष्ठित गोल्ड अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। बेस्ट एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन की श्रेणी में ये गोल्ड अवॉर्ड्स प्राप्त हुए।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के कुशल निर्देशन में दिल्ली एवं मुंबई किडज़ानिया में स्थापित एमपी एक्सपीरियंस सेंटर को अवार्ड मिला है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर ने यह फिर से परिभाषित किया है कि पर्यटन और अनुभवात्मक ब्रांड कैसे दर्शकों के साथ सार्थक रूप से जुड़ सकते हैं। इसने अतुल्य भारत के दिल को युवा भारत के और करीब लाया है, जिससे वे हमारी प्रकृति के महत्व को समझने के लिए प्रेरित हुए हैं। मेडएक्स में मिला यह सम्मान पूरी तरह से योग्य है और वास्तव में हमारे लिए प्रेरणादायक है। नवाचार, रचनात्मकता ने जीता आगंतुकों का दिल बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर को उनकी नवाचार, रचनात्मकता और प्रभावशाली रूप से इसके क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया गया, जिसने ब्रांड की विज़िबिलिटी और ऑडियंस एंगेजमेंट को नए आयाम दिए हैं। वहीं, बेस्ट एक्सपीरिएंशल मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में यह अवॉर्ड उनकी इमर्सिव स्टोरीटेलिंग और अत्याधुनिक एक्टिवेशंस को मिला, जिसने आगंतुकों के मन में गहरी छाप छोड़ी और ब्रांड कनेक्शन को और मजबूत बनाया। किडज़ानिया में एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, धरोहर और परंपराओं को नवीन तरीकों से प्रस्तुत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। क्या खास है मध्यप्रदेश टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर में दिल्ली और मुंबई में किडजानिया के एमपी टूरिज्म एक्सपीरियंस सेंटर का उद्देश्य बच्चों को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता, नदियों और सांस्कृतिक विरासत से रोचक और रचनात्मक तरीके से जोड़ना है। यह पहल न केवल बच्चों को रोमांचक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उनके माध्यम से पूरे परिवार को भी मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रति आकर्षित करने का कार्य करती है। दिल्ली और मुंबई स्थित किडज़ानिया में इस सेंटर में दो प्रमुख वर्चुअल अनुभव जंगल सफारी और रिवर राफ्टिंग प्रस्तुत किए जा रहे हैं। जंगल सफारी के दौरान बच्चे वर्चुअल जीप सफारी में मध्यप्रदेश के घने जंगलों, राष्ट्रीय उद्यानों और जंगली जानवरों को नजदीक से देखने का अनुभव करते हैं। वहीं, रिवर राफ्टिंग में वे प्रदेश की नदियों की लहरों पर सवारी करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य और जलजीवों को जानने का रोमांच महसूस करते हैं।  इन अनुभवों को और अधिक वास्तविक बनाने के लिए वर्चुअल रियलिटी, मोशन सेंसिंग तकनीक, एनवायरनमेंटल सिमुलेशन और 3डी इफेक्ट्स का प्रयोग किया गया है। सेंटर में बच्चों को हरे रंग की सफारी जैकेट पहनाई जाती है, जिससे वे खुद को एक असली पर्यटक की भूमिका में महसूस कर सकें। हर अनुभव लगभग 10 मिनट का होता है। अनुभव के बाद बच्चों से दस प्रश्न पूछे जाते हैं और सही जवाब देने पर उन्हें एमपी टूरिज्म की ओर से सुविनियर और किडज़ानिया करेंसी (kidZos) इनाम स्वरूप दी जाती है। बच्चों को खुद का पर्सनलाइज्ड पोस्टकार्ड भी डिजाइन करने का अवसर मिलता है, जिसका प्रिंटआउट वे साथ ले जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एमपी टूरिज्म की ओर से विशेष गिवअेज़ जैसे कस्टम स्टिकर्स, बच्चों की डायरी और रंगीन पेंसिल्स भी वितरित की जा रही हैं।

जल संसाधन मंत्री सिलावट कहा- सतत निगरानी के साथ करें सभी सुरक्षात्मक उपाय

भोपाल   जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रदेश में अब तक हुई बारिश से जलसंरचनाओं में जल भराव की स्थिति अच्छी है। विभागीय अधिकारी जल संरचनाओं की सतत निगरानी एवं अनवरत कार्य करते हुए सभी सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। बांधों में पानी छोड़ने की सूचना सभी संबंधितों एवं आमजन को समय से पूर्व उपलब्ध कराएं। मंत्री श्री सिलावट ने मंगलवार को मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय स्थित राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्रदेश में वर्षा और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्य अभियंता बोधी परियोजना, अधीक्षक यंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बारिश की स्थिति अच्छी है. इस मानसून में मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक 905.30 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश में औसत वर्षा से 23 प्रतिशत अधिक है। राज्य के पूर्वी हिस्से में औसत से 25 प्रतिशत अधिक एवं पश्चिमी हिस्से में औसत से 22 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। विगत वर्ष आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में वास्तविक वर्षा 840.70 मिलीमीटर दर्ज हुई थी, जो कि प्रदेश की औसत वर्षा से 14 प्रतिशत अधिक थी। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जल भराव की स्थिति भी अच्छी है। विगत वर्ष आज दिनांक की स्थिति में प्रदेश के प्रमुख बांधों में लगभग 82.23 प्रतिशत औसत जल भराव था, जबकि इस वर्षाकाल में अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के प्रमुख बांधों में 83.65 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। प्रदेश के 17 बांधों के जल द्वार खोले जा चुके हैं। प्रदेश के सभी प्रमुख बेसिन में बांधों के जल ग्रहण क्षेत्र में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी वर्षा के पूर्वानुमान, पानी की आवक और बांधों के गवर्निंग लेवल के दृष्टिगत गेटों का संचालन किया जा रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। रिजर्वायर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित प्रदेश के 286 प्रमुख बांधों में से 145 बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक, 32 बांधों में 75 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक तथा 45 बांधों में 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक जल भराव हो चुका है। इसी प्रकार 27 बांधों में 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक, 14 बांधों में 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक तथा शेष प्रमुख बांधों में 10 प्रतिशत से कम जल भरा हुआ है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के प्रमुख 17 बांधों के द्वार खोले जा चुके हैं। बरगी जबलपुर बांध के 9, बानसुजारा टीकमगढ़ का 1, धोलाबाड़ टैंक रतलाम का 1, बिलगांव डिंडोरी के 2, इंदिरा सागर खंडवा के 12, महान सीधी के 6, कुटनी छतरपुर के 2, महुअर शिवपुरी के 2, मोहिनी पिकअप वियर शिवपुरी के 1, ओंकारेश्वर के 9, पगारा मुरैना के 2, पगरा फीडर सागर का 1, पवई पन्ना का 1, राजघाट अशोकनगर के 3, तवा नर्मदापुरम के 3, थावर मंडला का 2 तथा अपर ककेटो श्योपुर का 1 गेट खोले जा चुके हैं। बाँधों के जल ग्रहण क्षेत्र में वर्षा के पूर्वानुमान एवं जल आवक के अनुसार निकासी की जा रही है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। जल निकासी की निरंतर आमजन और सभी संबंधितों को समय से पूर्व सूचना दी जा रही है। नदी बेसिन में जलभराव की स्थिति         नर्मदा बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में औसत से अधिक वर्षा दर्ज होने से लगभग सभी बाँधों में जल भराव की स्थिति सामान्य से अधिक है। जबलपुर जिले में बरगी बांध 100.16 प्रतिशत, रायसेन जिले में बारना 95.60 प्रतिशत, नर्मदापुरम में तवा बांध 93.87 प्रतिशत, सीहोर में कोलार बांध 69.26 प्रतिशत, खंडवा में इंदिरा सागर बांध 86.1 प्रतिशत एवं ओंकारेश्वर बांध 92.64 प्रतिशत भर चुका है।         प्रदेश के गंगा बेसिन अंतर्गत निर्मित बड़ी परियोजनाओं में शहडोल स्थित बाणसागर में 96.44 प्रतिशत एवं सीधी स्थित महान बांध में 92.03 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बाणसागर बॉध के जलग्रहण क्षेत्र में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई।         वैनगंगा बेसिन अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख बांधो में पेंच छिंदवाड़ा में 85.74 प्रतिशत, संजय सरोवर सिवनी में 83.08 प्रतिशत एवं बालाघाट स्थित राजीव सागर में 44.54 प्रतिशत जल भराव है।         माही एवं ताप्ती बेसिन में प्रमुख बांध पारसडोह 85.03 प्रतिशत, माही मेन और माही सब्सिडरी बांध में क्रमश: 70.87 प्रतिशत एवं 28.25 प्रतिशत जल भराव हुआ है।         बेतवा बेसिन बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधो में भोपाल जिले में स्थित केरवा एवं कलियासोत बांध में क्रमश: 54.70 एवं 63.67 प्रतिशत जल भराव की स्थिति है। सम्राट अशोक सागर हलाली 86.91 प्रतिशत, संजय सागर बांध 93.41 प्रतिशत और राजघाट 81.83 प्रतिशत भर चुके हैं।         चंबल बेसिन में गांधी सागर बांध 58.4 प्रतिशत, मोहनपुरा 91.27 प्रतिशत और कुण्डलिया 60.24 प्रतिशत भर गए हैं।         प्रदेश के शेष बेसिन जैसे सिंध, केन, धसान में भी बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में माह जुलाई में अत्यधिक वर्षा दर्ज हुई है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, निवारी जिलों में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई। धसान बेसिन में बाणसुजारा बांध 77.41 प्रतिशत एवं पन्ना में पवई बांध 62.38 प्रतिशत जलभराव में है।         इसी प्रकार ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया, भिण्ड, शिवपुरी, श्योपुर, एवं अशोक नगर मे भी भारी वर्षा दर्ज की गई। सिंध बेसिन पर स्थित आवदा बांध 100 प्रतिशत, हरसी 104.01 प्रतिशत, अपर काकेटो 76.59 प्रतिशत, काकेटो 101.37 प्रतिशत, मड़ीखेड़ा 90.49 प्रतिशत, मोहिनी पिकअपवेयर 75.59 प्रतिशत जल भराव की स्थिति में हैं।  

नारी-शक्ति का सम्मान ही सनातन संस्कृति, सामाजिक संरचना और कुटुंब परंपरा का मुख्य आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला समानता दिवस की शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारीशक्ति का सम्मान ही सनातन संस्कृति, सामाजिक संरचना और कुटुंब परंपरा का मुख्य आधार है। सहयोग और सहभागिता के साथ महिला को समानता मिल जाए, तो उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बहनों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए बेटियों और माताओं की प्रगति में सभी नागरिकों द्वारा सहयोगी बनने का आह्वान किया है।  

ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड ने विक्रमोत्सव : 2025 को लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के मंत्र पर हो रहा है कार्य भोपाल सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्गत संस्कृति विभाग के अंतर्गत प्रदेश में सम्पन्न सांस्कृतिक प्रकल्प सार्थक सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के मंत्र पर कार्य हो रहा है। इस क्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के आयोजन विक्रमोत्सव: 2025 को 'ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड' ने 'लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर' से सम्मानित किया है। ईमैक्स की टीम भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यह सम्मान प्रदान करेगी। इस वर्ष विक्रमोत्सव को मिलने वाला यह दूसरा अवार्ड है। 'वाउ अवार्ड एशिया 2025' ने भी एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में विक्रमोत्सव को 'गोल्ड अवॉर्ड' दिया है। गत वर्ष विक्रमोत्सव : 2024 को एशिया का 'बिगेस्ट रिलीजियस अवार्ड' मिला था। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव : 2025 का 'ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड' से सम्मानित होना संपूर्ण मध्यप्रदेश और भारतीय संस्कृति के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि उज्जैन की धरती पर आयोजित विक्रमोत्सव केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, गौरव और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का सेतु बन चुका है। विक्रम महोत्सव ने शास्त्र, कला, संगीत, नृत्य और साहित्य को आधुनिक समय से जोड़ा है, जिससे विश्वभर में भारतीय संस्कृति की गरिमा और प्रासंगिकता बढ़ी है। यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पण को समर्पित रहेगा, क्योंकि विक्रमोत्सव ने युवाओं को जड़ों से जोड़ने का कार्य किया है। विक्रमोत्सव ने विदेशी अतिथियों को भारतीय संस्कृति की गहराई से भी अवगत करवाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक विरासत के प्रति लगाव और विकास के पथ पर आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति मध्यरप्रदेश को गौरवान्वित कर रही है। यह सम्मान केवल एक उत्सव का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा का है। आने वाले वर्षों में विक्रमोत्सव को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का सबसे बड़ा मंच बनाया जाएगा। यह उपलब्धि अपनी परंपराओं को आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार के साथ जोड़कर विश्व पटल पर भारत की सांस्कृतिक ध्वजा को और ऊंचा करने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की सराहना नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य नाटक के मंचन और विक्रमोत्सव की गतिविधियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सराहना करते हुए अभिमत दिया था कि महान सम्राट विक्रमादित्य के गौरव और वैभव को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास अनुकरणीय हैं। सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल जन-कल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में यह आयोजन युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़कर आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से परिपूर्ण नागरिक बनाने में सहायक होगा। विक्रमोत्सव : 2025 में हुईं 300 से अधिक गतिविधियाँ विक्रमोत्सव : 2025 के अंतर्गत 300 से अधिक विभिन्न सांस्कृतिक एवं बहुआयामी गतिविधियाँ सम्पन्न हुई हैं। महोत्सव में लाखों लोगों ने भागीदारी की। सोशल मीडिया के माध्यम से भी करोड़ों लोग विक्रमोत्सव से जुड़े। विक्रमोत्सव की बहुआयामी गतिविधियों में मध्यप्रदेश के सभी प्रमुख शिवरात्रि मेलों का आयोजन, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोह्म, आदि-अनादि पर्व समारोह, विक्रम नाट्य समोराह, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन, विक्रम पंचांग, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, 1000 ड्रोन्स की प्रस्तुति और ख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियाँ शामिल हैं।