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पूर्व मंत्री पर कार्रवाई की संभावना, पंजाब में जारी नोटिस

चंडीगढ़ पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। दरअसल, राज्य सरकार ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका पर आशू को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस कदम से एक बार फिर आशू के खिलाफ चर्चाएं तेज हो गई हैं क्योंकि हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफ.आई.आर. को रद्द कर दिया था। इस एफ.आई.आर. में 2 जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी और एक ठेकेदार भी सह-आरोपी बनाए गए थे। सरकार का दावा है कि 2020-21 की पंजाब फूडग्रेन लेबर एंड कार्टेज पॉलिसी में मनमाने तरीके से संशोधन कर पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया और रिश्वत लेकर टेंडर बांटे गए। वहीं, हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नीति संशोधन को पहले ही डिवीजन बेंच द्वारा सही माना जा चुका है और ठेकों को कैबिनेट और वित्त विभाग की मंज़ूरी भी प्राप्त थी। इसलिए केवल मंत्री को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले के नए पहलू सामने आने की उम्मीद है, जो न सिर्फ़ आशू की राजनीतिक साख बल्कि सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी दावेदारी के लिए भी बड़ी कसौटी साबित हो सकता है।  

धार्मिक मंच पर विवाद: अविमुक्तेश्वरानंद ने रामभद्राचार्य को सुनाई खरी-खोटी

लखनऊ  तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा स्वामी प्रेमानंद को लेकर दिए गए बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एक मंच से नाम लिए बिना रामभद्राचार्य पर कटाक्ष किया है। साथ ही संत प्रेमानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आपको दिखाई नहीं देता तो क्या सुनाई भी नहीं दे रहा है। प्रेमानंद दिनभर संस्कृत ही बोलते रहते हैं। ज्योर्तिमठ नाम के इंस्टाग्राम आईडी ने जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का वीडियो शेयर किया। जिसमें वह कह रहे हैं, “वो एक पीले कपड़े वाले महात्माजी है वृंदावन में प्रेमानंद जी, कह रहे हैं कि उनको एक अक्षर संस्कृत नहीं आती। उनको संस्कृत आने की जरूरत क्या है? वो तो भगवान के नाम का प्रचार कर रहे हैं और भगवान का नाम संस्कृत में ही हैं। भगवान का नाम किस भाषा में है बताएं आप?” अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा, “जो दिन भर राधे-राधे, कृष्ण-कृष्ण, हे गोविंद, हे गोपाल बोल रहे हैं और लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि नाम का स्मरण करो, हमें बताएं कि भगवान का नाम ये किस भाषा के शब्द हैं? क्या ये संस्कृत भाषा के शब्द नहीं है. क्या ये संबोधन की विभक्ति संस्कृत भाषा की नहीं है। वो तो दिन भर संस्कृत बोल रहा है, जो भगवान के नाम का उच्चारण कर रहा है। आपको नहीं दिखाई नहीं देता, लगता है आपको सुनाई भी नहीं देता।” प्रेमानंद से ईर्ष्या नहीं लेकिन चमत्कार को नहीं मानते; उत्तराधिकारी ने दी सफाई उधर, संत प्रेमानन्द महाराज को चुनौती देने वाले पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद बखेड़ा खड़ा होता देख जगदगुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास ने उनके हवाले से सोमवार को बयान में सफाई दी। जगद्गुरु ने कहा कि प्रेमानंदजी से कोई ईर्ष्या नहीं, लेकिन चमत्कार को नहीं मानता। प्रेमानंद महाराज के बिना किडनी जीवन जीने को चमत्कार मानने के सवाल पर जगद्गुरु ने कहा था कि यह कोई चमत्कार नहीं है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – साहित्यकार ही संस्कृति और परंपरा के असली संरक्षक

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के साहित्यकारों का किया सम्मान भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि साहित्य समाज का आईना होता है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से संस्कृति, परंपरा, संवेदना और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। विंध्य की यह गौरवशाली परंपरा है कि यहां के साहित्यकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि विंध्य की साहित्यिक धरती की सामूहिक उपलब्धि है। यह गौरव पूरे प्रदेश का है और साहित्यकारों के इस योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों को मंत्रालय भोपाल में सम्मानित किया। उन्होंने डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र, डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ एवं डॉ. विवेक द्विवेदी का शॉल और श्रीफल प्रदान कर अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि विंध्य क्षेत्र के 6 साहित्यकार/लेखकों को प्रतिष्ठित मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहला अवसर है जब विंध्य क्षेत्र के 6 लेखकों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इनमें से 4 लेखक रीवा के निवासी हैं। डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र को ‘रिश्तन केर निबाह’ बघेली कहानी संकलन के लिए विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार वर्ष-2023 से सम्मानित किया गया है। डॉ. चंद्र ने 8 निबंध संग्रह, 1 कविता संग्रह और 2 बघेली कहानी संकलन की रचना की है। डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को ‘मेरा परिचय-मेरी कविता’ गीत संग्रह के लिए वर्ष-2023 का वीरेन्द्र कुमार मिश्र साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डॉ. विवेक द्विवेदी को ‘सुनो कावेरी’ कहानी संकलन पर सुभद्रा कुमारी चौहान साहित्य एकेडमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डॉ. द्विवेदी ने 9 उपन्यास और 10 कहानी संग्रह लिखे हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. प्रमोद जैन को लघु कथा संग्रह ‘सेल्फी’ पर जैनेन्द्र कुमार पुरस्कार और मैहर निवासी सीताशरण गुप्त को बघेली कविता संग्रह ‘जगन्नाथ केर प्रसाद’ के लिए वर्ष-2022 का विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बाल साहित्य पर पाणि पंकज पांडे को वर्ष-2022 का हरिकृष्ण देवसरे मध्यप्रदेश साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जापान यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-जापान संबंध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर कहा कि “हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।

निक्की को जिंदा जलाने के पीछे दहेज ही नहीं, रील्स और ब्यूटी पार्लर की खींचतान भी

नोएडा  यूपी के ग्रेटर नोएडा में हुए निक्की भाटी हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। निक्की की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद से उसकी मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ इस मामले में निक्की के ससुराल वालों को हिरासत में लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर रील्स पोस्ट करना और अपना ब्यूटी पार्लर फिर से खोलना भी निक्की की मौत की वजह बना है।  दरअसल, निक्की और उसकी बहन कंचन सोशल मीडिया पर रील और वीडियो अपलोड करती थी जो विपिन भाटी और उसके भाई रोहित भाटी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर निक्की के घर में झगड़ा हुआ था। जिसके बाद दोनों बहनें मायके चली गईं थीं। बाद में पंचायत बुलाकर फैसला लिया गया कि अब दोनों बहनें वीडिया नहीं बनाएंगी। हालांकि ससुराल वापस आने के बाद उन्होंने फिर से वीडियो बनाया था।   बताया गया कि निक्की ने अपना पार्लर भी दोबारा शुरू कर दिया था जिससे उसका पति विपित भाटी नाराज चल रहा था। इसके चलते वह उस पर दबाव डाल रहा था और अंत में उसने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। निक्की के पिता का कहना है कि दोनों दामाद काम-धंधा नहीं करते थे। सिर्फ पैसों की डिमांड करना और दबाव बनाना उनकी आदत थी। यहां तक कि बेटियों के पार्लर से भी चोरी करने लगे थे।   

CM साय करेंगे ‘बिहान’ की दीदियों से संवाद, 31 अगस्त से शुरू होगा नया रेडियो कार्यक्रम

रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सफलता की कहानियों को नए मंच पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक अनोखी पहल करने जा रही है। 'दीदी के गोठ' नाम से नया रेडियो कार्यक्रम 31 अगस्त 2025 से शुरू होगा। पहला प्रसारण दोपहर 12:15 बजे आकाशवाणी के सभी केंद्रों से किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री विजय शर्मा सीधे बिहान की दीदियों से संवाद करेंगे। 'दीदी के गोठ' में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से पाई हुई उपलब्धियों और प्रेरणादायी कहानियों को साझा करेंगी। इन कहानियों से न केवल अन्य समूहों को दिशा मिलेगी बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगी। बिहान के कार्यों का होगा प्रसार कार्यक्रम के जरिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत चल रहे कार्यों, महिलाओं की उपलब्धियों और आजीविका संवर्धन से जुड़े नवाचारों की जानकारी पूरे प्रदेश में प्रसारित होगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को नई ऊर्जा देगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह में और मजबूत बनाएगी। 

शराब पीकर वाहन चलाना पड़ा भारी, रायपुर पुलिस ने 1200 से अधिक चालकों को पकड़ा

रायपुर  नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर रायपुर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर सिर्फ पिछले एक हफ्ते में 90 से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई की है। वहीं जनवरी 2025 से अब तक 1200 से अधिक चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा चुकी है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पुलिस शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर बेरिकेटिंग कर ब्रीथ एनालाइज़र मशीन से जांच कर रही है। नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने पर मौके पर ही वाहन ज़ब्त कर चालान बनाकर कोर्ट पेश किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में कार्रवाई के आंकड़े     मोटरसाइकल/स्कूटी : 20     कार : 56     टाटा एस/पिकअप : 08     ट्रक : 02     ट्रैक्टर : 02     ई-रिक्शा : 02 भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन न्यायालय में पेश किए जाने पर इन चालकों पर 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी की जाती है। त्योहारी सीजन में विशेष अभियान त्योहारों के दौरान अपराध और सड़क हादसों पर रोकथाम के लिए पुलिस रोज़ाना रात 11 बजे से तड़के 2 बजे तक विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। पुलिस की अपील पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि नशे की हालत में वाहन न चलाएं। ऐसा करने पर चालक न सिर्फ खुद की बल्कि दूसरे लोगों की जान को भी खतरे में डालता है। पकड़े जाने पर वाहन ज़ब्त करने के साथ ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां भारी जुर्माने से दंडित होना तय है। 

पानीपत में बढ़ा प्रदूषण संकट, रंगाई-छपाई उद्योग से बिगड़ी हवा और पानी की सेहत

पानीपत आज हरियाणा का पानीपत किसी परिचय का मोहताज नहीं है, क्योंकि इसने विश्व स्तर पर 'टेक्सटाइल सिटी' के रूप में अपनी पहचान बना ली है। विश्व मानचित्र पर शायद ही कोई ऐसा देश हो जहाँ पानीपत में बने उत्पादों का निर्यात न होता हो। हालांकि, एक कपड़ा औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने के साथ-साथ, पानीपत देश के गंभीर रूप से प्रदूषित शहरों में से एक बन गया है।  वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, पानीपत औद्योगिक क्षेत्र को गंभीर प्रदूषण क्षेत्रों (CPAs) में सूचीबद्ध किया गया है। नालियों में खुलेआम बहता अनुपचारित औद्योगिक अपशिष्ट एक आम दृश्य बन गया है। CPCB कपड़ा उद्योग को सबसे अधिक प्रदूषणकारी श्रेणियों में से एक मानता है, क्योंकि यह जल और वायु प्रदूषण दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, ब्लीचिंग इकाइयों की अवैध रूप से बढ़ती संख्या इस क्षेत्र में भूजल प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। पानीपत का वार्षिक कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मात्र 90 किलोमीटर दूर, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर स्थित, विश्व स्तर पर 'टेक्सटाइल सिटी' के रूप में विख्यात, पानीपत का वार्षिक कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये है। इसमें से लगभग 20,000 करोड़ रुपये निर्यात कारोबार से और 40,000 करोड़ रुपये घरेलू बाजार से आते हैं। लगभग 400 छोटे और बड़े निर्यातक अमेरिका, यूरोपीय देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में कालीन, कुशन, चादरें, बेड कवर, कंबल, पर्दे, बाथ मैट, फर्श कवर और तौलिये जैसे उत्पाद बेचते हैं। इसके अलावा, पानीपत दुनिया के सबसे बड़े रीसाइक्लिंग उद्योग का केंद्र बनकर उभरा है, जहाँ विभिन्न देशों से लाए गए बेकार कपड़ों से बिना रासायनिक रंगों या पानी की बर्बादी के धागा बनाया जाता है। शहर इस रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिदिन 30 लाख किलोग्राम से अधिक धागा तैयार करता है। हर गली या घर में 20,000 से अधिक छोटी और बड़ी इकाइयाँ संचालित पानीपत की हर गली या घर में 20,000 से अधिक छोटी और बड़ी इकाइयाँ संचालित होती हैं, जबकि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) पोर्टल पर केवल 800 औद्योगिक इकाइयाँ ही पंजीकृत हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से सात अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की सूची में हैं, 450 लाल श्रेणी में, लगभग 100 हरित श्रेणी में और लगभग 300 नारंगी श्रेणी में सूचीबद्ध हैं।   413 इकाइयों ने सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित किया दिसंबर 2021 और अप्रैल 2022 के बीच, सीपीसीबी ने अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों (जीपीआई) की पहचान के लिए राज्य भर में 924 औद्योगिक इकाइयों का सर्वेक्षण किया। पाया गया कि जीपीआई के रूप में पहचानी गई 413 इकाइयों ने सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित किया। रिपोर्टों से पता चला कि पानीपत स्थित 45 प्रतिशत उद्योग सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित कर रहे थे, इसके बाद गुरुग्राम में 25.2 प्रतिशत, फरीदाबाद में 15.2 प्रतिशत और सोनीपत में 10.2 प्रतिशत प्रदूषक उत्सर्जित हो रहे थे। कुल 413 जीपीआई में से 181 पानीपत में, 100 गुरुग्राम में और 32 फरीदाबाद में स्थित थे।   पानीपत में चल रही सैकड़ों अवैध रंगाई और ब्लीचिंग इकाइयाँ सूत्रों के अनुसार, पानीपत में 350 से ज़्यादा रंगाई इकाइयाँ पंजीकृत हैं, लेकिन सैकड़ों अवैध रंगाई और ब्लीचिंग इकाइयाँ भी चल रही हैं, जिनमें से कई इन नालों के पास स्थित हैं। हालाँकि सभी उद्योगों को अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ईटीपी) लगाना और उनका उचित संचालन करना अनिवार्य है, फिर भी कई उद्योगों ने बिजली की लागत बचाने के लिए इन्हें बंद कर दिया है और ट्रैक्टर-टैंकरों की मदद से बिना उपचारित रासायनिक अपशिष्टों को ड्रेन-2 में बहा दिया है। प्रदूषण बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पानीपत के वायु और जल प्रदूषण के कई कारण बताए: पुराने औद्योगिक क्षेत्र में सीईटीपी का न होना, निर्माण के बाद से ड्रेन 1 और 2 में गाद निकालने का काम न होना, सेक्टर 29 पार्ट-2 में सीईटीपी का संतृप्त होना, वायु शोधन टावर परियोजना में देरी और अवैध ब्लीचिंग की मौजूदगी।  

छत्तीसगढ़ के वीरों को बड़ा सम्मान, नक्सल ऑपरेशन में बहादुरी पर मिलेगा शौर्य चक्र

बस्तर छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन ने नक्सलियों की बीते महीनों में कमर तोड़ कर रख दी है। कुछ ने या तो सरेंडर कर दिया या मौत के घाट उतार दिए गए। सुरक्षाबलों को उनके इस पराक्रम के लिए अब पुरस्कृत भी किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के दो बहादुर इंस्पेक्टर, केवट और देशमुख को नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों का नेतृत्व करने और उग्रवादियों को खत्म करने के लिए शौर्य पदक से सम्मानित किया जाएगा। दोनों को केंद्र सरकार की ओर से शौर्य पदक के लिए नामित किया गया है। शौर्य चक्र के लिए चुने जाने पर टीआई पाखनजुर लक्ष्मण केवट ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने की समय सीमा तय की है। इसे ध्यान में रखते हुए हम नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं। मुझे छह बार राष्ट्रपति का वीरता पदक मिल चुका है और अब मुझे शौर्य चक्र भी मिला है। हम इस समय सीमा को पूरा करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं और मुझे विश्वास है कि मार्च 2026 से पहले ही नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा। ” दूसरे शौर्य मेडल के लिए नामित किए जाने पर टीआई भानुप्रतापुर रामेश्वर देशमुख ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह वाकई मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि मुझे हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा शौर्य चक्र के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि साल 2012 से मैं नक्सल विरोधी अभियान में शामिल रहा हूं। मेरे नेतृत्व में करीब 50 माओवादियों को मौत के घाट उतारा गया। मुझे दो बार वीरता पदक और एक दक्षता पदक भी मिल चुका है।

बी. सुदर्शन रेड्डी को अखिलेश का समर्थन, कहा- न्याय की जंग के सच्चे योद्धा

लखनऊ  उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। रेड्डी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा, "न्याय के हिमायती लोग अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करें। सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी से बेहतर प्रत्याशी कोई नहीं हो सकता।" बी. सुदर्शन रेड्डी ने भी सपा की तारीफ की। उन्होंने कहा, "लोहिया जी और अन्य नेताओं से हमने बहुत कुछ सीखा। हम साउथ इंडिया से हैं और हिंदी में भाषण देने की कोशिश कर रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के बाहर के दल भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। यह अखिलेश जी की मदद के बिना संभव नहीं था। मैं कल अरविंद केजरीवाल से भी मिला। उपराष्ट्रपति पद कोई राजनीतिक पद या मुद्दा नहीं है। यह गैर-राजनीतिक पद है। सभी दलों से अनुरोध है कि वह मेरा समर्थन करें। संवैधानिक संस्थाओं पर संकट के बादल हैं।" सपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों के लोग रहे मौजूद ताज होटल में बी सुदर्शन रेड्डी व अखिलेश यादव सपा-कांग्रेस सांसदों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, आनंद भदौरिया, अफजाल अंसारी, एसपी सिंह, जियाउर रहमान बर्क, जया बच्चन, प्रिया सरोज, इकरा हसन, इमरान मसूद अवधेश प्रसाद,सनातन पांडे पहुंचे। 9 सितंबर को होगा राष्टपति पद के लिए चुनाव देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव आगामी नौ सितंबर को होगा जिसके लिए विपक्ष ने रेड्डी को साझा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। बता दें कि उपराष्ट्रपति का पद जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ है।