samacharsecretary.com

प्रमोशन एंड रेग्युलेशन आफ आनलाइन गेमिंग बिल हुआ पास

अब आनलाइन गेमिंग, फैंटेसी गेमिंग में रोक एवं इनके विज्ञापनों पर भी रोक  लगेगी, इस जनहितकारी बिल के लिए केन्द्रीय सरकार का हार्दिक धन्यवाद :- रेणुका सिंह एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आनलाइन गेमिंग से लोगों का पैसा बर्बाद हो रहा था, युवाओं में इसकी लत नशे की तरह लग चुकी है वे अपना कामकाज छोड़कर आनलाइन गेमिंग, फैंटेसी गेमिंग में लगे हुए हैं जिससे उनका पैसा, स्वास्थ्य खराब हो रहा है, परिवार में विघटन की स्थिति बन गई है यहां तक कि इसके नशे की गिरफ्त में जकड़े युवा अपराध की ओर उन्मुख हो रहे हैं, टीन एजर अपने ही घरों में चोरी कर रहे हैं वे पढ़ाई लिखाई से विमुख होकर काल्पनिक दुनिया में खो गए हैं लेकिन अब यह नहीं होगा।     भरतपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि गत 21 अगस्त, गुरुवार को प्रमोशन एंड रेग्युलेशन आफ आनलाइन गेमिंग बिल पास हो गया है जिससे अब आनलाइन गेमिंग, फैंटेसी गेमिंग में रोक लगेगी और इनके विज्ञापनों पर भी रोक लगेगी। इस जनहितकारी बिल के लिए केन्द्रीय सरकार का हार्दिक धन्यवाद।

योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी

दलित युवाओं के सपनों को पंख दे रही योगी सरकार, बन रहे अधिकारी  योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी लखनऊ से गोरखपुर तक 8 कोचिंग केंद्रों के जरिए SC/ST अभ्यर्थियों को मिल रहा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 में योगी सरकार ने SC/ST युवाओं के लिए किया है बड़े बजट का प्रावधान  लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित कोचिंग केंद्र दलित बेटियों के सपनों को दे रहा नई उड़ान लखनऊ योगी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी के युवाओं को सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत किया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत इन वर्गों के अभ्यर्थियों को उच्चस्तरीय कोचिंग प्रदान की जा रही है, ताकि वे आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। योगी सरकार की इस योजना के अंतर्गत सिविल सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में 701 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है।  वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 11.24 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो योगी सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभ्यर्थियों को मिल रहा है आधुनिक पाठ्यक्रम और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन योगी सरकार की इस योजना का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षण प्रदान करना है, बल्कि अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इन केंद्रों में प्रशिक्षण का स्तर अत्यंत उच्च है, जहां विषय विशेषज्ञ आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नवीनतम पाठ्यक्रमों के आधार पर अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देते हैं। चाहे वह प्रारंभिक परीक्षा हो, मुख्य परीक्षा हो या साक्षात्कार की तैयारी, इन केंद्रों में हर चरण के लिए व्यापक कोचिंग प्रदान की जाती है। विशेष रूप से, लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित केंद्र महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का अहम कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार जोर दिया है कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं को न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है, बल्कि वे देश की प्रशासनिक सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सशक्त हो रहे हैं। इन केंद्रों ने कई युवाओं को आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है।  अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर  योगी सरकार की यह पहल न केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इन प्रशिक्षण केंद्रों से निकले युवा न केवल अपने परिवारों, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। सरकार की यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक बाधाएं किसी की प्रतिभा को रोक न सकें। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना से 6784 अभ्यर्थी लाभांवित हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत अबतक संघ/राज्य लोक सेवा आयोग में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। इसके अलावा अन्य परीक्षाओं में 653 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यही नहीं कोविड संक्रमण काल में इसे ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसके फलस्वरूप 81 अभ्यर्थी राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक के रूप में चयनित हुए। उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए आठ केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में आठ परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को आधुनिक और परिवर्तित पाठ्यक्रमों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। ये केंद्र विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं। इन केंद्रों में शामिल हैं: •    श्री छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ। •    आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (बालिका), अलीगंज, लखनऊ। •    न्यायिक सेवा पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, प्रयागराज। •    संत रविदास आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, वाराणसी। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, अलीगढ़। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, आगरा। •    आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, निजामपुर, हापुड़। •    राजकीय आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, गोरखपुर। इन केंद्रों में अनुसूचित जाति और जनजाति के उन अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।

बसों की लोकेशन अब लाइव ट्रैक होगी, हरियाणा रोडवेज ने लॉन्च किया नया एप

हिसार  हरियाणा रोडवेज ने बसों की लाइव ट्रैकिंग की शुरुआत कर दी है। लोकेशन ट्रैक करने के लिए तैयार की गए एप में अभी कई बदलाव और सुधार किए जाएंगे। लाइव ट्रैकिंग में अभी बस कहां पहुंची है यह आसानी से पता लगाया जा सकता है। हरियाणा रोडवेज की इस एप के माध्यम से यात्री लंबी दूरी के लिए संचालित होने वाली वॉल्वो और हीटिंग, वेंटिलेशन व एयर कंडीशनिंग (एचवी-एसी) बसों के ऑनलाइन टिकट भी बुक करा सकते हैं। इसके साथ ही हैप्पी कार्ड के लिए आवेदन भी एप के माध्यम से यात्री कर सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक एचआर (हरियाणा रोडवेज) एप से फिलहाल रोडवेज की सिरसा, नारनौल, मनाली, हिसार, गुरुग्राम, दिल्ली आईएसबीटी कश्मीरी गेट, दिल्ली डोम एंड आईजीआई एयरपोर्ट, चंडीगढ़ आईएसबीटी-17, चंडीगढ़ आईएसबीटी-43 और अमृतसर के लिए संचालित होने वाली एचवी-एसी बसों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग होगी। हरियाणा परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव टीएल सत्य प्रकाश का कहना है कि हाल ही में एक एप तैयार कराकर बसों की ट्रैकिंग सहित तीन ऑनलाइन सेवाएं इससे जोड़ी गई हैं। इस तरह से बसों की लाइव ट्रैकिंग कर सकेंगे एचआर एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। एप के पेज पर तीन सेवाएं दिखेंगी। लंबी दूरी की बसों के लिए टिकट बुकिंग, लाइव ट्रैकिंग के अलावा हैप्पी कार्ड बनवाने के लिए भी यात्री आवेदन कर सकेंगे। जो बस प्रतिदिन रूट पर संचालित होती हैं उन्हें ट्रैक किया जा सकता है। एप के होम पेज पर पहुंचकर बस ट्रैकिंग के लिए बस का नंबर डालना होगा फिर बस कहां है यह पता चल सकेगा। बसों की ट्रैकिंग के लिए व्यक्ति को एंड्रॉयड फोन के माध्यम से अपना पंजीकृत नंबर डालना होगा। नंबर डालने के बाद जब ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा तो उसे भरना होगा। बाद में चार अंकों का पिन नंबर तैयार करना होगा। आने वाले दिनों में गांवों के रूट पर संचालित होने वाली बसों की भी लोकेशन ट्रैक करने की योजना पर काम हो रहा है। जल्द ही सभी डिपो व सब डिपो की बसों की ट्रैकिंग और रूट के अनुसार ट्रैकिंग पर भी काम जारी है। जल्द ही सभी बसों के टिकट ऑनलाइन बुक हो सकेंगे फिलहाल लंबी दूरी की वोल्वो और एचवी-एसी बसों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग हो रही है। कुछ माह के अंदर ही सभी रोडवेज बसों के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। एप को अधिक सुलभ और सरल बनाने के लिए अभी काम जारी है। 

कानूनी झटका: करोड़ों की जमीन का स्टे अंबाला मंडलायुक्त ने किया खारिज

अंबाला  पंचकूला के बीड़ फिरोजड़ी में करोड़ों की जमीन पर लगे स्टे हटाने के फैसले को अंबाला मंडलायुक्त ने रद्द कर दिया है। पिछले साल पूर्व मंडलायुक्त रेनु फुलिया ने एक तरफा फैसला देते हुए इस जमीन पर 20 साल पुराने स्टे को रद्द कर दिया था।  जमीन से स्टे हटने के कुछ महीने बाद उनके पति व बेटे ने पांच एकड़ जमीन खरीद ली थी। जमीन खरीदने के मकसद से ही स्टे को हटाया गया था। जब इस मामले की जानकारी राज्य सरकार के पास पहुंची तो इस जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई। पूरे मामले की जांच के लिए आईएएस अधिकारियों की एक कमेटी कर रही है। अंबाला मंडलायुक्त संजीव वर्मा की ओर से दिए आदेश में दाखिल-खारिज को रद्द कर दिया है। साथ ही यह भी आदेश दिया है कि पटवारी फर्द  बदर तैयार कर राजस्व में दर्ज प्रवष्टियों को सही करे। दाखिल खारिज के अतिरिक्त यदि कोई अन्य राजस्व प्रविष्टियां बदली गई हैं तो उसे भी रद्द किया जाए। इस आदेश की एक कॉपी मुख्य सचिव को भी भेजी गई है।  मंडलायुक्त की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह जमीन राज्य की है। राज्य इसमें पार्टी है। पूर्व मंडलायुक्त ने स्टे हटाने के दौरान न तो राज्य को कोई सूचना दी और न ही निचली अदालत का कोई रिकॉर्ड मंगवाया। केवल याचिकाकर्ता के वकील की सुनवाई के बाद 18 सितंबर 2003 के आदेश को रद्द कर दिया। 2003 में भी इस जमीन को खरीदने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद 18 सितंबर 2003 को जमीन की खरीद फरोख्त पर स्टे लगा दिया गया था। आदेश में यह भी लिखा है कि राज्य की ओर से अभिलेख में प्रस्तुत सामग्री से स्पष्ट है कि तत्कालीन मंडलायुक्त इस मामले में व्यक्तिगत रुचि थी। उन्होंने जिस याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला दिया था, फैसला देने से पहले ही उनसे जमीन खरीदने का समझौता जून 2023 में कर लिया था, जबकि याचिका अगस्त 2023 में डाली गई थी। इस जमीन के संभावित विक्रेता तत्कालीन मंडलायुक्त के पति व बेटे थे। याचिका दायर होने के एक महीने के बाद उन्होंने आदेश पारित कर दिया। मौजूदा मंडलायुक्त ने आदेश में यह भी लिखा है कि इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि जब 20 साल पहले जब स्टे लग गया था तो इतने साल बाद क्यों आवेदन किया गया। इसके अलावा दूसरे पक्ष को सुने बिना कोई भी आदेश पारित नहीं किया जा सकता। इसलिए सितंबर 2023 के आदेश को रद्द किया जाता है। यह था मामला पंचकूला के बीड़ फिरोजड़ी समेत सात गांवों में करीब 1396 एकड़ जमीन राजा भगवंत सिंह की थी। उसके बाद यह जमीन राज्य के पास चली गई। 2002 में पूर्व आईएएस सुनील गुलाटी व उनकी बहन शशि गुलाटी ने राजा के वारिसों से करीब 14 एकड़ जमीन खरीद ली। जब वे जमीन का इंतकाल दर्ज कराने गए तो उस दौरान प्रशासन को इस जमीन की खरीद-फरोख्त के बारे में पता चला। तत्कालीन उपायुक्त ने इस जमीन पर स्टे लगा दिया, ताकि कोई इसे खरीद न सके। 20 साल बाद अंबाला की तत्कालीन मंडलायुक्त रेनु फुलिया ने इस स्टे को रद्द कर दिया। स्टे हटते ही जमीन खरीदने पर लगी रोक हट गई। उसके उसके कुछ महीने बाद ही शशि गुलाटी ने 12 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री के लिए पंचकूला के राजस्व अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने यह जमीन करीब सवा पांच करोड़ में चार लोगों को बेची है। इनमें सें पांच एकड़ जमीन रेनु फुलिया के पति पूर्व आईएएस एसएस फुलिया व उनके बेटे ने खरीदी। जब सरकार को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने इस जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी।   

गजेंद्र यादव बने नए शिक्षा मंत्री, दूधाधारी मंदिर में टेका माथा, महंत से मिले आशीर्वाद

रायपुर छत्तीसगढ़ के नए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आज मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले परंपरागत तरीके से दूधाधारी मठ जाकर पूजा-अर्चना की और महंत राम सुंदर दास का आशीर्वाद लिया. शपथ ग्रहण के बाद पहली बार मंत्रालय पहुंचने से पहले मंत्री यादव ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में कहा – “आज पूजा-पाठ कर अपने बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया है. शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करेंगे. बच्चों से भी मुलाकात हुई, वे काफी उत्साहित हैं. आने वाले समय में और भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.” इसके बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में पूजा-अर्चना कर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया. कार्यभार संभालते ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाने की घोषणा की.

माओवादियों का हमला! हजारीबाग में CCL की संपत्ति को भारी नुकसान, 6 गाड़ियों को फूंका

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में कथित तौर पर माओवादियों से अलग हुए एक समूह ने कोयला खनन में जुटे कम से कम 6 वाहनों को आग लगा दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना शनिवार रात चरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के तापिन नॉर्थ कोल माइनिंग परियोजना स्थल पर हुई। पुलिस को इस घटना में तृतीय प्रस्तुति समिति (टीपीसी) की संलिप्तता का संदेह है, क्योंकि घटनास्थल के पास इस संगठन का एक पर्चा मिला है। बिष्णुगढ़ के एसडीपीओ बी एन प्रसाद ने कहा, ‘‘नौ से दस लोगों ने तीन अर्थमूवर समेत छह वाहनों को आग के हवाले कर इस घटना को अंजाम दिया। घटनास्थल से कुछ दूरी पर टीपीसी का एक पर्चा मिला है। मामले की जांच जारी है।'' हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंजनी अंजन ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।  

कालीसिंध नदी में बड़ा हादसा: कार सहित बहे चार, दो के शव बरामद

झालावाड़ जिले के गागरोन स्थित चगेरी पुलिया पर रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। कालीसिंध नदी पर पुलिया पर पानी भरा होने के बावजूद कार सवार चार युवक कार निकालने लगे। स्थानीय लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और समझाया कि पुलिया पर पानी का बहाव तेज है, लेकिन युवकों ने उनकी बात अनसुनी कर दी। जानकारी के मुताबिक कार सवार युवक पुलिया पर रुककर फोटो भी खींच रहे थे। इसी दौरान बीच पुलिया पर पानी का बहाव और तेज हो गया और कार सहित चारों युवक नदी में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही मडावर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक दो युवकों के शव बरामद हो चुके हैं, जिनकी पहचान गंगानगर निवासी नीरज सिंह और सुकेत के कुदायला निवासी हरिबल्लभ के रूप में हुई है। दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं दो अन्य युवकों सांभर लेक निवासी शिक्षक वेणुगोपाल और चालक लेखराज की तलाश एसडीआरएफ की टीम द्वारा नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए लगातार की जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक और लापता युवक गंगानगर से गागरोन की ओर आए थे और कोलाना एयरपोर्ट की तरफ कार से नदी पार कर रहे थे। बारिश के कारण नदी ऊफान पर थी और पुलिया पर करीब डेढ़ फीट से ज्यादा पानी बह रहा था। स्थानीय लोगों ने बार-बार उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन युवकों ने अनसुना कर दिया और यह हादसा हो गया।

ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति: मंत्री पटेल

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में वायब्रेंट ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम सभा केवल औपचारिकता न होकर गाँव की वास्तविक सरकार है, जो जनता के बीच बैठकर उनके लिए निर्णय लेती है। इस दृष्टि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभाओं को नियमित, सुव्यवस्थित और सहभागितापूर्ण बनाने के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की जवाबदेही होगी सुनिश्चित निर्देशों के अनुसारप्रत्येक ग्राम सभा में विकास कार्यों की समीक्षा और अनुमोदन अनिवार्य होगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति से योजनाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। सभी बैठकों का ऑनलाइन पंजीकरण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को मिलेगी गति मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वायब्रेंट ग्राम सभा इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो गाँव-गाँव में लोकतंत्र को सशक्त कर रही है। श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों को गति प्रदान करेगी और आत्मनिर्भर ग्राम की दिशा में ठोस कदम साबित होगी।  

1500 नहीं, 5000 रुपए तक लाभ मिलेगा लाडली बहनों को, CM मोहन का आदेश

भोपाल   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने लाडली बहना योजना को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को न सिर्फ़ 1500 रुपये मिलेंगे, बल्कि अगर वे उद्योगों में कार्यरत हैं तो 5000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे. उन्होंने गोविंदपुरा स्थित लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में यह घोषणा की. सीएम ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है. बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये करने की तैयारी कर रही है, ऐसे में इस घोषणा से लाडली बहनें बेहद खुश हैं. लघु उद्योग भारती कार्यक्रम में किया ऐलान दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गोविंदपुरा में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उद्योग और रोजगार को लेकर बड़े ऐलान किए। सीएम ने कहा कि उद्योगों में काम करने वाली ‘लाड़ली बहनों’ को सरकार 5 हजार रुपए अतिरिक्त देगी। प्रदेश की समृद्धि केवल इंदौर-भोपाल तक सीमित नहीं रहेगी, छोटे जिलों में भी उद्योग बढ़ाए जाएंगे। सीएम ने मॉर्टगेज ड्यूटी, फायर एनओसी और मल्टी-स्टोरी इंडस्ट्रियल प्लांट जैसी समस्याओं के समाधान की भी घोषणा की।  सीएम बोले- 1500 या 3000 रुपए नहीं, बल्कि 5000 रुपए दिए जाएंगे सीएम ने कहा, ‘अभी तक लाडली बहना योजना में महिलाओं को घर बैठे 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। लेकिन हमने तय किया है कि केवल यही पर्याप्त नहीं है। यदि लाडली बहना उद्योगों में काम करेगी तो उसे 1500 या 3000 रुपए नहीं, बल्कि 5000 रुपए प्रतिमाह सरकार की ओर से दिए जाएंगे। ताकि वे रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को सरकार 5 हजार रुपए देगी। अगर उद्योगपति 8 हजार रुपए देंगे, तो महिला श्रमिक को कुल 12 से 13 हजार रुपए मिलेंगे। आत्मनिर्भरता की ओर कदम.. सीएम यादव ने राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि हमारी बहनें सिर्फ मदद की मोहताज न रहें, बल्कि रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं उद्योगों से जुड़ें और बेहतर आमदनी हासिल करें।” अब हर महीने 12-13 हजार तक की आय मुख्यमंत्री ने समझाया कि यदि किसी उद्योगपति द्वारा महिला को ₹8,000 वेतन दिया जाता है, तो सरकार की ओर से मिलने वाले ₹5,000 अतिरिक्त के साथ लाड़ली बहन की कुल मासिक आय 12-13 हजार रुपए तक पहुंच जाएगी। यह महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण देगा बल्कि परिवार की जरूरतों को भी पूरा करेगा। रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा कार्यक्रम में सीएम यादव ने यह भी बताया कि रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमओयू साइन किए जा रहे हैं। जल्द ही प्रदेश में 10-20 छोटी इकाइयां लगाई जाएंगी, जिनमें 100 से लेकर 7,000 तक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। CM मोहन ने लाडली बहनों के लिए किया बड़ा ऐलान दरअसल, सीएम मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. इनमें सीएम मोहन यादव ने 'लाडली बहना' योजना को लेकर अहम घोषणा करते हुए कहा कि सरकार अब केवल 1500 रुपये मासिक सहायता नहीं देगी, बल्कि उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रुपये अतिरिक्त प्रदान किए जाएंगे. सीएम ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया है.  1500 नहीं, हर महीने खाते में आएंगे इतने एक्स्ट्रा रुपये मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 'अब तक लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को घर बैठे 1500 रुपए दिए जा रहे थे, लेकिन यह राशि अब पर्याप्त नहीं मानी जा रही.  यदि लाड़ली बहनें उद्योगों में काम करती हैं, तो उन्हें 1500 या 3000 रुपए नहीं  5000 रुपए दिए जाएंगे'.  सीएम ने कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. यदि उद्योगपति महिला कर्मचारियों को 8 हजार रुपए वेतन देंगे, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि मिलाकर उन्हें कुल 12 से 13 हजार रुपए मासिक आय प्राप्त होगी.  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्योग और रोजगार को लेकर कई अहम घोषणाएं भी कीं.

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने स्वतंत्रता सेनानी श्री हरिभाऊ उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी, साहित्यकार श्री हरिभाऊ उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के गौरव, स्वतंत्रता सेनानी श्री उपाध्याय का साहित्य के साथ मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पण वंदनीय है। उल्लेखनीय है कि श्री उपाध्याय ने 'बापू के आश्रम में, ' सर्वोदय की बुनियाद जैसी कृतियों से साहित्य को समृद्ध किया।