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राज मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा- पंजाब के साथ केंद्र कर रहा सौतेला व्यवहार

पंजाब  लगातार भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति के संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में पुली पर पानी की निकासी का जायज़ा लिया। इस मौके पर उनके साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर खन्ना शिखा भगत, उपमंडल मजिस्ट्रेट खन्ना डॉ. बलजिंदर सिंह ढिल्लों, ड्रेनेज विभाग से एसडीओ जसकरण सिंह सेखों सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि पानी की निकासी के लिए पुली की सफाई करवाई जाए। तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया लोगों से करोड़ों रुपये टोल टैक्स के रूप में वसूलने के बावजूद टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाती। कैबिनेट मंत्री सौंद ने कहा कि पंजाब का सीमावर्ती इलाका बाढ़ की मार झेल रहा है। इंसान प्रकृति के साथ की गई छेड़छाड़ का खामियाजा भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सभी मंत्री, विधायक और नेता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नेपंजाब के साथ हमेशा ही सौतेली मां जैसा व्यवहार किया है।

हनुमान बेनीवाल ने अग्निवीर योजना को बताया युवा विरोधी, कांग्रेस-भाजपा दोनों पर बरसे

नागौर नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने जोधपुर में बड़ा बयान देते हुए कहा कि आरएलपी जल्द ही अग्निवीर योजना को लेकर बड़ा आंदोलन करेगी। बेनीवाल बाड़मेर की सभा के बाद जोधपुर पहुंचे और सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एसआई भर्ती रद्द होने सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सड़क पर संघर्ष के बाद ही सब इंस्पेक्टर भर्ती रद्द हुई। जबकि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मंत्री जोगाराम पटेल लगातार कहते रहे कि भर्ती रद्द नहीं हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान के बाद भी इन नेताओं ने सच्चाई स्वीकार नहीं की। बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में वास्तविक संघर्ष सिर्फ आरएलपी कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच बारी-बारी से सत्ता का खेल अब राजस्थान में नहीं चलेगा। अग्निवीर को लेकर दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किरोड़ीलाल मीणा के साथ हुए विवाद को लेकर उन्होंने रात गई, बात गई कहकर बात को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह चलता रहा तो सीएम भजनलाल शर्मा की विदाई निश्चित है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर आरोप लगाया कि दोनों ने ईडी और सीबीआई के डर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चार सीटें “गिफ्ट” कर दीं। बेनीवाल ने कहा कि 2028 का चुनावी रण अलग होगा और उस समय आरएलपी के साथ अन्य पार्टियां भी आएंगी। हम दमखम के साथ राजस्थान में चुनाव लड़ेंगे।  

लाठीचार्ज का विरोध: ABVP के समर्थन में सपा छात्र सभा मैदान में उतरी

बाराबंकी  यूपी में बाराबंकी के रामस्वरूप विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) छात्रों पर लाठी चार्ज का मुद्दा गर्माता जा रहा है। इसी बिरोध में समाजवादी पार्टी की छात्र सभा कूद पड़ी है। लखनऊ के राजभवन के ठीक सामने समाजवादी छात्र सभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में छात्र राजभवन के पास पहुंचे। यहां प्रदर्शन के दौरान उनकी पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ने की कोशिश की, छात्र माने नहीं, वहीं लेट गए। इस पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इससे पहले एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पुलिस की ओर से हुए लाठीचार्ज के खिलाफ कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कुछ कार्यकर्ता विधानभवन के सामने पहुंच गए। एक दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कैसरबाग स्थित एबीवीपी अवध प्रांत कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि रामस्वरूप विवि में पुलिस के बीच गुंडे घुसे थे। पहले उन्होंने मारा। उनका जब छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस ने जानलेवा हमला कर दिया। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। लॉ डिग्री की मान्यता नहीं है। ऐसे में लॉ छात्रों के साथ धोखा किया गया है। 2022 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्धता के बारे में जानकारी जब ली गई तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। अगर इन सब मामलों पर रिपोर्ट नहीं आती है तो प्रदर्शन और उग्र किया जाएगा। इसके बाद पुलिस कार्यकर्ताओं को खींचकर इको गार्डन ले गई। इस दौरान कई भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस के लाठीचार्ज को गलत ठहराया। एनएसयूआई का मिला साथ एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आर्यन मिश्रा ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध किया। आर्यन की अगुवाई में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं का हाल जाना। साथ ही कहा कि राजनीतिक विचारधारा भले ही अलग हो, पर छात्र होने के नाते घायल छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं। कांग्रेस सांसद ने छात्रों से मुलाकात की बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने ट्रामा सेंटर में भर्ती घायल छात्रों का हाल जाना। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की भर्त्सना की तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बर्रबर कार्रवाई करार देते हुए दोषियों को दंडित करने की मांग उठाई। पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पत्रकारों से बाचतीत में कहा कि जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठीचार्ज करना निरंकुशता और दमनकारी शासन का परिणाम है। यह शर्मनाक, निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कहना, विरोध दर्ज कराना कहीं से भी गलत नहीं इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रुद्रदमन सिंह, शहर अध्यक्ष शहजाद आलम मौजूद थे। सपा नेता ने घायल छात्रों का हाल जाना समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंगलवार दोपहर को लाठी चार्ज से घायल छात्रों का हाल जाना। वह ट्रामा सेन्टर में कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। फखरुल ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया और लाठी चार्ज की निंदा की। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह उनकी लड़ाई में साथ है। छात्रों का दर्द उनका दर्द है। उनकी पार्टी का दर्द है। उन्होंने छात्रों का उचित इलाज कराने की मांग के साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने को कहा।  

जमीन सौदों पर लगी पाबंदी खत्म : रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर फिर से शुरू होगी रजिस्ट्री

रायपुर रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ सड़क को टू से फोरलेन करने की प्रकिया तेज हो गई है. नेशनल हाइवे ने सड़क का एलाइनमेंट जिला प्रशासन को सौंप दिया है. इसके बाद रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के करीब 35 गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर लगी दो महीने पुरानी रोक हटा दी गई है. अब सड़क चौड़ीकरण के तहत दोनों ओर 100 मीटर छोड़कर बाकी जमीन की खरीदी-बिक्री की जा सकेगी. एनएच की टीम ने तहसील कार्यालय से जमीन के दस्तावेजों का मिलान पूरा कर लिया है. दस्तावेजों के अध्ययन में पता चला कि इस रोड के किनारे ज्यादातर जमीन नेशनल हाइवे की है. इसलिए महज 10 प्रतिशत जमीन ही नेशनल हाइवे को अधिग्रहण करनी पड़ेगी. सड़क चौड़ीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने का काम अंतिम चरण में है. डीपीआर फाइनल होते ही नेशनल हाइवे जल्द ही इसका टेंडर जारी करेगा. 186 किमी नई सड़क बनेगी रायपुर-बलौदाबाजार और सारंगढ़ तक करीब 186 किलोमीटर तक सड़क का चौड़ीकरण होना है. एनएच प्रथम चरण में रायपुर से धनेली 0 प्वाइंट से 53.1 किलोमीटर तक फोरलेन का काम होना है. दूसरे चरण में 53.1 किलोमीटर से 85.6 किलोमीटर तक तथा तीसरे चरण में 85.6 से 186 किलोमीटर तक फोरलेन सड़क चौड़ीकरण होना है. सड़क चौड़ीकरण से लोगों को मिलेगी राहत फोरलेन सड़क निर्माण होने से इस मार्ग में परिवहन सुविधा सुगम हो जाएगी. अभी टू लेन सड़क होने से बड़ी गाड़ियों की आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी. रोक हटाई गई रायपुर एडीएम कीर्तिमान राठौर ने जानकारी दी कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण के लिए कुछ गांवों की जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक थी. नेशनल हाइवे ने एलाइन्मेंट दे दिया है. अब सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर छोड़कर जमीन की खरीदी बिक्री हो सकेगी. इसके लिए आदेश जारी हो गया है.

पंजाब में बाढ़ से हाहाकार, शिक्षा ठप, राहत-बचाव में जुटा प्रशासन

पंजाब  पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात इतने बिगड़े कि राज्य सरकार को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक संस्थान 7 सितंबर तक बंद करने का आदेश जारी करना पड़ा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी सक्रियता दिखाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पंजाब भेजने का फैसला किया है। चौहान गुरुवार को प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे और किसानों की स्थिति का जायजा लेंगे। प्रदेश में अब तक 30 लोगों की मौत और चार लोगों के लापता होने की पुष्टि हो चुकी है। साढ़े तीन लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में हैं। भारी बारिश और नदियों के उफान ने राज्य के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया है। पंजाब सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे राज्य को प्राकृतिक आपदा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।   मुख्यमंत्री-राज्यपाल का दौरा मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू कर दिया है। दोनों नेता राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद भी उन्होंने किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत कार्यों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर ताजा हालात की जानकारी ली है। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब के लोगों को इस आपदा में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। चौहान ने बताया कि उन्होंने पंजाब के राज्यपाल और कृषि मंत्री से फोन पर बातचीत कर विस्तृत रिपोर्ट ली है। वे बृहस्पतिवार को पंजाब आकर हालात देखेंगे। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से जो भी मदद ज़रूरी होगी, उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा संस्थान 7 सितंबर तक बंद शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहले तीन सितंबर तक छुट्टियां घोषित की गई थीं, लेकिन हालात बिगड़ने पर इन्हें 7 सितंबर तक बढ़ाना पड़ा। उन्होंने सभी संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है। हालांकि, परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और कॉलेज स्तर पर दाखिला लेने वाले युवाओं में इसे लेकर चिंता है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अकादमिक कैलेंडर प्रभावित न हो, इसके लिए विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। फसल और पशुधन को बड़ा नुकसान राज्य सरकार ने माना है कि बाढ़ से लगभग 3.75 लाख एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जिनमें से अधिकांश धान की खड़ी फसल थी। कटाई से पहले ही फसल का जलमग्न होना किसानों पर दोहरी मार साबित हो रहा है। साथ ही पशुधन के नुकसान से ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह आपदा लंबे समय तक आर्थिक असर छोड़ सकती है। सरकार ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।   आगे और बिगड़ सकते हैं हालात मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में राज्य सरकार को राहत और बचाव कार्यों को और तेज करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि नदियों का जलस्तर और बढ़ता है तो अधिक गाँवों के डूबने का खतरा है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, वार फुटिंग पर सेवाएं मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती हैं। सभी विभागीय कर्मचारी सातों दिन और चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। किसी को भी अनुपस्थित रहने की छूट नहीं होगी। डीसी को आपदा कानून के तहत अधिकार जिला उपायुक्तों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2025 की धारा 34 के तहत अधिकार दिया गया है कि वे तत्काल ज़रूरी आदेश जारी कर सकें। इसका मकसद यह है कि राहत और बचाव कार्यों में कोई देरी न हो और फैसले सीधे ज़मीनी स्तर पर लागू किए जा सकें। सभी विभागों पर कड़ी निगरानी आदेश में कहा गया है कि सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने आपातकालीन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें। पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को तुरंत सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया गया है। वहीं टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल और लैंडलाइन नेटवर्क सुचारु बनाए रखने को कहा गया है। पंचायतों और शहरी निकायों की भूमिका पंचायत राज संस्थान और शहरी निकायों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने का दायित्व सौंपा गया है। सरकार ने साफ कहा है कि स्थानीय निकाय ही सबसे पहले प्रभावित लोगों तक पहुँचेंगे और उन्हें जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार से पूरा सहयोग मिलेगा।

युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आरंभ होंगे रोजगारपरक पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों को मिलेगी बस सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आईटी रिसोर्स सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का किया भूमिपूजन पीएम-उषा परियोजना अंतर्गत होगा निर्माण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के बदलते दौर में सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए दुनिया में मिसाल कायम कर रहे हैं। वे दिन गए जब भारत किसी बड़े देश के पीछे चलकर पहचान बनाता था। हमें गर्व है कि आज भारत किसी पर निर्भर नहीं है। भारत के बदलते समय का विश्वविद्यालय के छात्र पूरा उपयोग करें। हमारे युवा बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए देश को आगे ले जाने का सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए परिश्रम करें। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ है। हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में सभी नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरंभ करने और विद्यार्थियों को आवागमन के लिए नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल और इंक्यूबेशन सेंटर तथा एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट व कन्या छात्रावास का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम उषा परियोजना के भूमिपूजन और दीक्षारंभ कार्यक्रम में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष एवं सरस्वती माता को नमन करते हुए अपना संबोधन आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के सभी क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है। इसके साथ भोपाल के पास मेट्रो और अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए बीईएमएल की इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है। भारतीय रेल के हाईस्पीड कोच भी इस कारखाने में बनाए जाएंगे। भोपाल को पर्यटन के क्षेत्र में भी एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। अब बड़ी झील में कश्मीर की तर्ज पर शिकारे चलाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर, जबलपुर और रीवा के लिए नए ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा का निर्माण हो रहा है। हमारे किसानों द्वारा उत्पादित कपास की मांग दुनिया में है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट के नए उद्योग शुरू हों, इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योग घरानों को आज चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। भविष्य में मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी बनें, इसके लिए राज्य सरकार निश्चित कार्ययोजना बना रही है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बदलाव का बीड़ा उठाया है। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस विजन से कार्य किया, उसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। प्रदेश में गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए जा रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो बड़े निर्णय किए हैं। इसके अंतर्गत अब डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और प्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालयों में देश की विभिन्न भाषाओं को क्रेडिट के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाया जाना शामिल है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रही यह अभिनव पहल पूरे देश को संदेश देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दोनों नवाचारों के लिए हमें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में नवाचार करते हुए देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने बताया कि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के नए विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह भी हो रहा है। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, कुलगुरु प्रो. एस.के जैन सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का उद्देश्य उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता में सुधार लाना है। इस योजना में राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 565 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत 55 करोड़ रूपए की लागत के कार्य होंगे।  

वंचित और गरीबों के लिए मददगार बनें, राज्यपाल पटेल ने दी प्रेरक सलाह

अपने अनुभव और प्रयासों से वंचित और गरीबों की मदद करें : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से केन्द्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की भेंट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अधिकारी अपने अनुभव को जनकल्याण के कार्यों में लगाए। हमेशा प्रयास करें कि आमजन की समस्याएं दूर हो। उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची जनसेवा है। यह पुण्य का काम है। राज्यपाल पटेल सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित 89वें ई-मिड-कैरियर प्रशिक्षण के तहत केंद्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, वरिष्ठ अवर सचिवों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के वेंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र से ही विकसित भारत का निर्माण होगा। हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुँच रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा जैसे विशेष कार्यक्रमों से जनजाति कल्याण की दिशा में अभूतपूर्व कार्यों हो रहे हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनकल्याणकारी राज्य के लिए सचिवालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका विशिष्ट होती है। सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है, वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर समाज और देश का सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आप जब भी दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में जाए तो ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को देखे, समझे और आत्मीयता से सुने। सरकारी धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें और इसके ख़र्च में मितव्ययिता का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारी समय-समय पर विकास कार्यों की प्रभावी मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें। राज्यपाल पटेल का संयुक्त निदेशक और कोर्स डॉयरेक्टर दीपक कुमार बिष्ट ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। बिष्ट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से सुनील कुमार ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। विनोद बिहारी सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।  

इंदौर के MY अस्पताल में चूहों का कहर, दूसरे नवजात की भी हुई मृत्यु

इंदौर  इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के NICU में चूहों के काटने से दोनों बच्‍चो की मौत हो गई है. ये दोनों बच्‍चे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे. अब इस पूरे मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. MY हॉस्पिटल में हुई नवजात बच्ची की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल को नोटिस भेजा है. नोटिस भेज कर MY हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन से इस पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल प्रबंधन से साफ पूछा कि आखिर नवजात बच्चे की मौत कैसे हुई? बच्चों को चूहों ने कैसे कुतरा? इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार कौन-कौन है? चूहे पीडियाट्रिक सर्जिकल वार्ड (NICU) तक कैसे पहुंच गए? 3 दिन के नवजात बच्चे की मौत रैट बाइट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. 3 दिन के नवजात बच्ची की मौत पर मानवाधिकार भी सख्त है. अब अस्पताल प्रबंधन को इस पूरे मामले को लेकर 1 महीने में अपना जवाब देना होगा. सुरक्षा पर उठे सवाल अस्पताल सूत्रों की मानें तो NICU में लंबे समय से चूहे घूम रहे थे, लेकिन किसी ने रोकथाम नहीं की. रविवार को एक नवजात के हाथ पर चोट आई और सोमवार को दूसरी घटना हुई. दोनों मामलों के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फौरन पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा के लिए कदम उठाए. मेडिकल कॉलेज के डीन ने मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स को निलंबित कर दिया. इसके साथ ही HOD और एमवाय अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. नर्सिंग अधीक्षक को भी हटाया गया है और पांच डॉक्टरों की टीम मामले की जांच करेगी. अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मरीजों के परिजन वार्ड में खाने-पीने का सामान ले आते हैं, जिससे चूहों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले लगभग पांच सालों में अस्पताल में कोई बड़ा पेस्ट कंट्रोल नहीं हुआ था. इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन को नोटिस दिया है। मामला सामने ने पर दो नर्सिंग अधिकारियों ने डीन ने निलंबित कर दिया था। इससे नर्सिंग स्टाॅफ में नाराजगी है। उनका कहना है कि अस्पताल में ठीक से सफाई न होने से चूहे अस्पताल में घूमते है। चूहों की संख्या पर नियंत्रण करने के लिए पेस्ट कंट्रोल कंपनी का स्टाॅफ भी तैनात रहता है। यदि वह ठीक से काम करें तो चूहे अस्पताल में नजर नहीं आएंगे। परिसर में बना रखे है चूहों ने बिल एमवाय अस्पताल के परिसर में चूहों के सैकड़ों बिल है। कई चूहे तो आधा एक किलो के है। वे अस्पताल के वार्डों में नहीं बल्कि आईसीयू, एनआईसीयू में भी नजर आते है। कई बार वायर भी काट देते है। उधर एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों के कुतरने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने अस्पताल अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए है। उन्हें जल्दी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। उधर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना पर कहा है कि अस्पताल में चूहों के मानव अंगों को कुतरने का मामला नया नहीं है। कई बार घटनाएं छुपाई जाती है। भाजपा के 22 साल का असली चेहरा इस तरह की घटनाएं है। प्लेग के समय चलाया था अभियान 30 साल पहले सूरत में प्लेग फैलने के मामला सामने आया था तो इंदौर के एमवाय अस्पताल को भी चूहों से मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। पेस्ट कंट्रोल कंपनियों ने हजारों की संख्या में चूहों का सफाया किया था, लेकिन अब फिर चूहों की बढ़ती संख्या परेशानी की वजह बन गई है।

शाही खानदानों का झगड़ा सुलझा, कात्यायनी को तलाक में मिलेंगे 2.25 करोड़ रुपए

ग्वालियर  2019 में शुरु हुआ सिंधिया राजघराने की कात्यायनी आंग्रे और इंदौर राजघराने के अर्जुन काक का विवाद अब खत्म हो गया है। 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अर्जुन, कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देंगे और आंग्रे परिवार से मिले सारे गिफ्ट वापस करेंगे। यह झगड़ा 7 साल पहले शुरू हुआ था, जब अर्जुन ने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कात्यायनी ने दहेज के लिए परेशान करने का मामला दर्ज कराया था। कौन हैं कात्यायनी और अर्जुन कात्यायनी आंग्रे, ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के सरदार आंग्रे की पोती हैं। अर्जुन काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अर्जुन काक को 30 नवंबर 2025 तक कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया गया है। अर्जुन ने 25 अगस्त को 1 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट दे दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अर्जुन, आंग्रे परिवार से मिले सभी गिफ्ट वापस करेंगे। लेकिन अर्जुन की ओर से दिए गए गिफ्ट कात्यायनी के पास ही रहेंगे। इसके बाद दोनों का कोई संबंध नहीं रहेगा। 2018 में हुई थी शादी कात्यायनी और अर्जुन की शादी 2018 में हुई थी। अर्जुन के पिता अनिल काक रिटायर्ड कर्नल हैं। उनकी मां मंगेश काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। इसलिए यह शादी बहुत खास मानी जा रही थी। शादी 18 अप्रैल 2018 को ऋषिकेश, उत्तराखंड में हुई थी। 2019 में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायत अर्जुन काक ने 2019 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। अर्जुन ने हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की थी। उन्होंने ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी शादी के सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने माना कि सर्टिफिकेट गलत तरीके से जारी किया गया था। इसलिए कोर्ट ने सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया। 2021 में कात्यायनी ने दर्ज कराया केस 2021 में कात्यायनी ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन और उसके परिवार वाले रॉल्स रॉयस कार और मुंबई में फ्लैट मांग रहे थे। हाई कोर्ट ने कहा कि कात्यायनी शादी के कुछ महीने बाद ही तलाक मांग रही हैं। 2021 में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा रही हैं। ऐसा लगता है कि अर्जुन द्वारा दर्ज कराई गई FIR का जवाब देने के लिए दहेज का मामला दर्ज कराया गया है। 2023 में भी की गई थी मामला सुलझाने की कोशिश अगस्त 2023 में भी इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं रही। कोर्ट ने कहा था कि कात्यायनी और अर्जुन के बीच विवाद को सुलझाने के रास्ते खत्म हो गए हैं। हाई कोर्ट ने मध्यस्थता का मौका खत्म करते हुए मामले को सक्षम बेंच में भेजने का आदेश दिया था। मध्यस्थता के दौरान अर्जुन हर महीने 1.5 लाख रुपये देने को तैयार थे। लेकिन कात्यायनी ने 36 करोड़ रुपये और संपत्ति में हिस्सा मांगा था। इसलिए सुलह नहीं हो पाई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं डोल ग्यारस पर्व की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मोक्षदायिनी जलझूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रदेश के कल्याण एवं लोकमंगल के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीहरि सभी पर अनवरत सुख-समृद्धि की वर्षा करते रहें और जीवन में आरोग्यता प्रदान करें, यही मंगलकामना है।