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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सबके साथ, सबके विकास के लिए सबके प्रयासों एवं सबको विश्वास में लेकर बढ़ रहे हैं आगे

प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचाएंगे पर्यटकों को कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, असामाजिक तत्वों का करेंगे सफाया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है। प्रदेश को और आगे ले जाना है। हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कान्क्लेव में मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चाकर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं। इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना हो रही है। इससे हमारे युवाओं को रेाजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है। इससे पहले बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा हैं। प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है। वर्ष 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है। बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं। उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी हैं। हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे। लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

इन रूटों पर दौड़ेंगी नई मिनी बसें, नोएडा-ग्रेनो के यात्रियों को बड़ी राहत

नोएडा  उत्तर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब जल्द ही मिनी बसें दौड़ती नजर आएंगी. नोएडा शहर को इसी महीने 10 मिनी बसें मिलने वाली हैं. ये मिनी बसें शहर के 10 रूटों पर चलेंगी. ये बसें जिन रूटों पर चलेंगी उनका निर्धारण किया जा चुका है. इन 10 मिनी बसों के चलने से शहर और गांवों की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी. उत्तर प्रदेश परिवाहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इसी महीने में ही 10 मिनी बसें निगम को मिलने जा रही हैं. शहर में कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के मकसद के साथ ये मिनी बसें लाई जा रही हैं, ताकि लास्ट माइल तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके. इन 10 मिनी बसों के चलने से जिले की करीब दो करोड़ की आबादी को फायदा मिलेगा. मिनी बसों के लिए रूटों का निर्धारण किया जा चुका है. इन रूटों पर चलेंगी मिनी बसें ये 10 मिनी बसें नोएडा-ग्रेटर नोएडा-रुबुरपूरा-झांझर-रन्हैरा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-जेवर कट-जहांगीरपुर-लौदाना, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-बिलासपुर-दनकौर-झाझर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-झुप्पा, नोएडा-परिचौक-रबुपुरा-तिर्थली-कौली-गोविंदगढ़-कोठरा-झुप्पा, नोएडा-खेड़मोड़-तकीपुर-अनवरपुर-चांदपुर-मोहद्दीनपुर, नोएडा-सुरजपुर-दादरी-महावर, नोएडा-बदौली-सुरजपुर-दादरी-कलौंदा, नोएडा-डेहरा-झाल और नोएडा-छायसा तक संचालित की जाएंगी. लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण लोगों की जेबों पर असर बता दें कि लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण ही ग्रामीण इलाकों के लोग विशेषतौर पर या तो प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा उनकी निर्भरता ऑनलाइन कैब, बाइक और टैक्सी चालकों पर होती है. ये सब ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए महंगे होते हैं. इसका सीधा असर लोगों की जेबों पर दिखाई देता है. हालांकि इनमें से कुछ रूटों पर निगम अपनी बसें चलाता था. गौरतलब है कि यूपी में कई जिलों में मिनी बसें चल रही हैं.

रेड अलर्ट जारी: हरियाणा में मूसलधार बारिश, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, बच्चों को मिली राहत

चण्डीगढ़/हरियाणा हरियाणा में भारी बारिश ने कहर मचा रखा है। प्रदेश में यमुना, घग्गर, टांगरी सहित अधिकतर नदियां उफान पर है। इसी बीच मौसम विभाग का ताजा अपडेट सामने आया है। IMD ने मंगलवार को प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश को देखते हुए प्रदेश के तीन जिलों में स्कूलों की छुट्टी भी रहेगी। इसके अलावा प्रशासन ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। 5 जिलों में स्कूलों की छुट्टी प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को लेकर प्रशासन ने 5 जिलों में यमुनानगर, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, सिरसा और पंचकूला में स्कूलों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा गुरुग्राम में सभी कंपनियों ने बारिश को लेकर अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया है।  गुरुग्राम में फ्लाईओवर में रिसाव गुरुग्राम में तेज बारिश के कारण फ्लाईओवर में रिसाव हो गया, जिसमें सिग्नेचर टॉवर चौक अंडरपास पानी से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मंगलवार शाम से पुराने रेलवे पुल को भी बंद कर दिया गया है। 18 जिलों में अलर्ट किया जारी मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक पंचकूला, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद,करनाल, जींद, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, पलवल, गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और चरखी दादरी में भारी बारिश हो सकती है। किसानों की फसल हुई तबाह भारी बारिश के कारण प्रदेश में जगह-जगह जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे 40 हजार किसानों की करीब ढाई लाख एकड़ से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस और अधिकारियों को मुख्यालय पर बने रहने के निर्देश जारी किए है। इसके अलावा 5 सितंबर तक कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिए है।

नई ग्रीनफील्ड सड़क से पटना-देवघर मार्ग पर मिलेगी बड़ी राहत, लागत 481 करोड़

शेखपुरा शेखपुरा जिला मुख्यालय में जाम की समस्या से निजात दिलाने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सरमेरा-भदौस-पचना ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। पथ निर्माण विभाग ने बताया कि इसकी निविदा इसी माह प्रकाशित होगी और 21 सितंबर को टेंडर खुलेगा। पथ निर्माण के कार्यपालक अभियंता देवकांत कुमार ने जानकारी दी कि यह सड़क 9.27 किलोमीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी होगी। यह सड़क नालंदा के सरमेरा से शुरू होकर लखीसराय की सीमा से होते हुए शेखपुरा के भदौस और पचना तक पहुंचेगी। इस सड़क से पटना से लखीसराय, जमुई और देवघर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। शेखपुरा नगर के जाम से छुटकारा मिल जाएगा और यात्रा सुगम हो जाएगी। यह सड़क शेखपुरा के डीहकुसुंभा, धाटकुसुंभा, पुरैना, मेहुस, पाली गांवों की सड़कों से जुड़ेगी जिससे घाटकुसुंभा और लखीसराय के बड़हिया टाल क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा प्रदान करेगी।इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान की थी। पथ निर्माण विभाग ने बताया कि जिले में अन्य सड़कों पर भी तेजी से काम चल रहा है। जखराजस्थान से हुसैनाबाद सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि शेखपुरा-बरबीघा रोड में नेमदारगंज से रमजानपुर होकर नालंदा के कोनन मोड़ तक सड़क निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। सड़क से जुड़ी कुछ अहम बातें     सड़क की लंबाई 9.27 किलोमीटर होगी।     कुल लागत 481 करोड़ रुपये अनुमानित है।     सड़क 10 मीटर चौड़ी बनेगी।     21 सितंबर को टेंडर खुलेगा।  

बिना चीरा, बिना दर्द : एसएमएस मेडिकल कॉलेज में होगा अत्याधुनिक रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट

जयपुर राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज का यूरोलॉजी विभाग एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। यहां जल्द ही रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है।जिसके बाद sms देश के उन चुनिंदा मेडिकल इंस्टीट्यूट में शामिल हो जाएगा जहाँ रोबोट द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट किया जा रहा है, SMS मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शिवम प्रियदर्शी का कहना है की हमारे यहाँ रीनल यानि किडनी  ट्रांसप्लांट हालात पिछले 20-25 वर्षों से लगातार किया जा रहा है और वर्ष 2015 से कैडेवर ट्रांसप्लांट भी हो रहे हैं, इसी बीच अगले कुछ दिनों बाद में पहला रोबॉटिक किडनी ट्रांसप्लांट करने की भी तैयारी चल रही है, डॉक्टर शिवम का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी तकनीक से मरीजों को और अधिक सुरक्षित, सटीक और कम तकलीफ़देह उपचार मिलेगा। बिना चीरा लगाए किडनी ट्रांसप्लांट डॉ. शिवम के अनुसार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग में रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करना राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। उन्होंने बताया कि पहले किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान पेट में बड़ा चीरा लगाया जाता था, लेकिन इस नई तकनीक में बिना बड़े चीरे के किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा, जिससे मरीज को कम दर्द होगा। इस प्रक्रिया में डॉक्टर सीधे ऑपरेशन नहीं करते, बल्कि रोबोटिक आर्म्स की मदद से 3-डी विजन और हाई-डेफिनिशन कैमरे द्वारा सर्जरी की जाती है। पारंपरिक तरीकों की तुलना में इसमें केवल छोटे-छोटे चीरे लगते हैं, जिससे रक्तस्राव, दर्द और संक्रमण का खतरा कम होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है। मरीजों के लिए लाभ:     ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर मरीज चल-फिर सकता है।     अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम हो जाती है।     बड़ी सर्जरी के निशान नहीं रहते, जिससे दिखने में भी सुधार होता है।     मरीज जल्द सामान्य जीवन में लौट पाता है।     सटीकता में वृद्धि     डॉ. शिवम के अनुसार, रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट जटिल सर्जरी को भी सुरक्षित और कुशल तरीके से करने में मदद करता है। पारंपरिक ट्रांसप्लांट में नसों और रक्त वाहिकाओं को जोड़ने में अधिक समय और जोखिम रहता है, लेकिन रोबोटिक तकनीक से यह प्रक्रिया अधिक सटीक और सरल हो जाती है। वर्तमान में यह सुविधा देश के कुछ चुनिंदा बड़े निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध है। ऐसे में सरकारी स्तर पर इस तकनीक का आरंभ होना मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।

अब यूपी के इस जिले में बिजली के लिए करना होगा ये काम, 74 हजार स्मार्ट मीटरों में प्री-पेड शुरू

गजरौला बिजली उपभोक्ताओं के लिए खास खबर है। क्योंकि अब विभाग ने घरों पर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों में प्री-पेड व्यवस्था भी लागू कर दी है। गजरौला जोन में करीब 74 हजार स्मार्ट मीटरों में अब सितंबर माह से रिचार्ज का काम शुरू होगा। पहले मोबाइल से रिचार्ज करना होगा, फिर घर की बत्ती जलेगी। जहां-जहां मीटर लग चुके हैं। यह व्यवस्था वहां पर लागू हुई है। जहां पर मीटर लग चुके हैं। विभागीय अधिकारी भी मौके पर जाकर उपभोक्ताओं को समझा रहे हैं। अभी तक घर, दुकान और नलकूपों पर बिजली विभाग की रीडिंग से निकलने वाले बिल के मीटर लगे हुए हैं। लेकिन,बिजली विभाग द्वारा इन मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का कदम बढ़ाया है। इन स्मार्ट मीटरों में रिचार्ज होगा और जितना रिचार्ज किया जाएगा। उतना ही बिजली का उपयोग होगा। इस मीटर के लगने से कई बिजली विभाग को बिल बकाया, चोरी इत्यादि समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी और उपभोक्ताओं की कम बिजली उपयोग करने पर अधिक बिल निकलना या फिर अधिक रीडिंग निकालने जैसी शिकायतें भी खत्म होगी। खास बात यह है कि पहले विभाग ने उपभोक्ताओं से कहा था कि रिचार्ज वाली व्यवस्था स्मार्ट मीटर का काम पूरा होने के बाद लागू होगी मगर, अब विभाग अपने इस वायदे से पलट गया और बिना काम पूरा किए ही रिचार्ज की व्यवस्था लागू कर दी। गजरौला जोन के आंकड़ों की बात करें तो यहां पर लगभग 11 लाख उपभोक्ताओं के यहां पर स्मार्ट मीटर लगेंगे। जिनमें अमरोहा व बिजनौर जिले में अब तक 74 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। जो, मीटर लग चुके हैं। उनमें रिचार्ज की व्यवस्था लागू कर दी जा रही है। गजरौला जोन में अमरोहा व बिजनौर जिले के यह डिवीजन हैं शामिल गजरौला जोन में अमरोहा-बिजनौर जनपद के 12 डिवीजन शामिल हैं। जिनमें अमरोहा प्रथम, अमरोहा द्वितीय, गजरौला प्रथम, गजरौला द्वितीय, बिजनौर प्रथम, बिजनौर द्वितीय, चांदपुर प्रथम, चांदपुर द्वितीय, धामपुर प्रथम, धामपुर द्वितीय, नगीना और नजीबाबाद हैं। बकराएदारी पर एक क्लिक से कटेगा कनेक्शन अभी तक क्या होता है कि बिजली विभाग के लोग बकाएदारों के घर पर जाकर सीढ़ी लगाते हुए कनेक्शन काटते हैं लेकिन, जब स्मार्ट मीटर पूरी तरह लग जाएंगे तो फिर इस कार्य से भी मुक्ति मिलेगी। फिर बिजली विभाग तकनीकी उपयोग से ही कनेक्शन काट देगा यानी कम्प्यूटर में ही एक क्लिक करेंगे और बिजली गुल हो जाएगी। मीटर ही नहीं चलेगा। अत्याधुनिक तकनीक से लैस मीटर, ऐसे होगा उपयोग स्मार्ट प्रीपेड मीटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। घरों में इस मीटर के लगाए जाने के बाद बाइपास बिजली, मीटर से छेड़छाड़ आदि बिजली चोरी से जुड़े कार्य नहीं किए जा सकेंगे। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करने का प्रयास भी करेगा तो मीटर से सीधे इससे संबंधित मैसेज विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। मीटर से ठीक वैसे ही उपभोक्ता बिजली का लाभ उठाएंगे, जैसे मोबाइल रिचार्ज कराकर बातचीत करने या इंटरनेट सेवा का लाभ उठाते हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के सीधे मोबाइल से जुड़ा होगा।  

सरकार ने दी राहत: NPS से UPS में स्विच की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2025

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने एक अहम आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार राज्य के सभी अखिल भारतीय सेवा (IAS/IPS/IFS) अधिकारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत एक विकल्प के रुप में एकीकृत पेंशन योजना (UPS) चुनने की सुविधा दी गई है। यह आदेश केंद्र सरकार के हालिया निर्णय और वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुरूप है। बता दें कि इससे पहले NPS के अंतर्गत UPS का विकल्प प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 जून 2025 थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दिया गया है। नामांकन प्रक्रिया UPS का विकल्प चुनने वाले राज्य के सभी अखिल भारतीय सेवा अधिकारी अपने चयन को सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अन्वेष धृतलहरे से इस नंबर पर 9958838344 संपर्क किया जा सकता है। देखें वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश गौरतलब है कि वित्त विभाग ने इस कदम को कर्मचारियों की पेंशन सुरक्षा और विकल्प की सुविधा बढ़ाने के लिए उठाया है। 20 जुलाई तक लगभग 31,555 केंद्रीय कर्मचारी UPS का विकल्प चुन चुके हैं। अब शेष अधिकारी अपने विकल्प जमा कर 30 सितंबर 2025 तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

जमीन अधिग्रहण की खबर से खरीदारों को झटका, पश्चिम रिंग रोड का नया विवाद

इंदौर प्रस्तावित पश्चिम रिंगरोड में नया पेच आ गया है। 64 किमी लंबे पश्चिमी रिंगरोड के लिए जमीन अधिग्रहण करते हुए जिम्मेदारों ने एक वैध कालोनी को भी अधिग्रहण की सूची में शामिल कर लिया। कॉलोनी की जमीन को कृषि भूमि मानकर अवार्ड की तैयारी भी कर ली गई। कॉलोनी के प्लाटधारकों को नोटिस जारी हुआ न ही उनका पक्ष सुना गया। मंहगे दाम पर प्लाट खरीदने वालों को कॉलोनी की जमीन अधिग्रहण की जानकारी लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए न्याय की गुहार लगाई। 70 से ज्यादा याचिकाएं हाई कोर्ट में दायर हुईं। सोमवार को इन सभी में एक साथ सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।   मामला देपालपुर तहसील के मोहना और बेटमाखुर्द गांव में आने वाली नेचुरल वैली कॉलोनी का है। इस कॉलोनी में प्लाट खरीदने वालों के संघर्ष की कहानी भी अजीब है। कॉलोनी विकासकर्ता और उनके मार्केटिंग एजेंट ने लोगों से प्लाट के पैसे तो लिए लेकिन वे रजिस्ट्री से मुकर गए। प्लाट खरीदने वालों ने न्यायालय में याचिकाएं दायर की। लंबी जद्दोजहद के बाद इन प्लाटों की रजिस्ट्रियां हो सकीं। शासन ने रजिस्ट्री के वक्त प्रति वर्गफीट के हिसाब से स्टाम्प शुल्क भी खरीदारों से वसूला। रजिस्ट्री के बाद खरीदार यह सोचकर खुश थे कि आखिर उनका संघर्ष अंजाम तक पहुंच गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, दूसरी परेशानी उनका इंतजार कर रही थी। प्लाटों की रजिस्ट्री के कुछ दिन बाद ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पश्चिम रिंग रोड के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमियों के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। नेचुरल वैली कॉलोनी को भी अधिग्रहण की जाने वाली सूची में शामिल किया गया। विडंबना यह कि प्लाट मालिकों को भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना में स्वामी ही नहीं माना गया बल्कि उस विकासकर्ता को जिसने रजिस्ट्री खरीदारों के नाम की थी उसे स्वामी माना गया।   आवासीय कॉलोनी को प्राधिकरण मान रहा कृषि भूमि प्लाट खरीदारों की ओर से हाई कोर्ट में पैरवी कर रहे एडवोकेट अमित दुबे ने बताया कि यह वैध आवासीय कालोनी है। विधिवत अलग-अलग विभागों से अनुमति प्राप्त की गई थी, बावजूद इसके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कालोनी की जमीन को कृषि भूमि मान रहा है। जिम्मेदारों ने यह तक पता लगाने की कोशिश नहीं की कि अधिग्रहित की जा रही भूमि आवासीय या कृषि। प्लाट स्वामियों ने प्राधिकरण के समक्ष आपत्ति भी जताई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली। यह है पश्चिम रिंगरोड प्रस्तावित पश्चिम रिंगरोड 64 किमी लंबा है। यह शिप्रा से पीथमपुर नेट्रेक्स तक बनया जाना है और इसका निर्माण दो हिस्से में करने की योजना है। एक हजार करोड़ रुपये मुआवजा पश्चिम रिंगरोड में इंदौर और धार जिलों की जमीन आ रही है। इंदौर जिले की तीन तहसील और धार जिले की एक तहसील इसमें शामिल है। पश्चिम रिंगरोड की जद में आ रही जमीनों के लिए केंद्र शासन करीब एक हजार करोड़ रुपये की मुआवजा राशि तय कर चुका है। इंदौर जिले में 795 करोड़ और धार जिले में 200 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना है। इंदौर जिले में 998 किसानों की जमीन पश्चिम रिंगरोड की जद में आ रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद MP में सख्ती, HSRP नहीं लगवाई तो गाड़ी से जुड़ी सेवाएं ठप

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सभी नए पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और व्हीकल रजिस्ट्रेशन कार्ड सहित ड्राइविंग लाइसेंस से वाहन मालिक का एक्टिव मोबाइल नंबर अपडेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपके वाहन के साथ ये सुविधाएं अपडेट नहीं हैं तो, जल्द ही आपको परिवहन विभाग की सभी सेवाओं से वंचित कर दिया जाएगा। भोपाल में 18.5 लाख वाहन रजिस्टर्ड भोपाल जिले में इस वक्त 18.5 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं जिनमें से 40 प्रतिशत के पास अभी भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। ऐसे वाहन मालिक फिलहाल घर बैठे ही सुविधाओं को अपडेट करवा सकते हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (High Security Number Plate) मंगवाने और मोबाइल नंबर को अपडेट करने के लिए आरटीओ के वाहन पोर्टल या सारथी एप के जरिए आवेदन किए जा सकेंगे। ओटीपी के आधार पर मोबाइल नंबर गाड़ी की डिटेल्स के साथ लिंक हो जाएगा। एचएसआरपी नंबर प्लेट नजदीकी डीलर के यहां से फिट करवा सकेंगे। मध्यप्रदेश में 15 साल पुराने वाहन कार-88,529 मोपेड – 20,162 जीप – 21,607 ट्रैक्टर -74,794 आटो रिक्शा – 46,999 गुड्स ट्रक -72, 502 बस – 14,813 टैक्सी -1,098 बाइक -2,08054 स्कूटर -76,188 इसलिए जरूरी मोबाइल नंबर ये मुहिम इसलिए चलाई जा रही है क्योंकि बड़े पैमाने पर व्हीकल रजिस्ट्रेशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड में दर्ज नंबर में भिन्नता पाई जा रही थी। ऐसी स्थिति में किसी भी गाड़ी को किसी भी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर आसानी से करवाया जा सकता था। कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें असल गाड़ी मालिक ने बगैर अनापत्ति प्रमाण पत्र के जबरन दूसरे पक्ष पर गाड़ी अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लेने के आरोप भी लगाए। मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद अब जब तक आवेदक वन टाइम पासवर्ड नहीं बताएगा तब तक किसी भी प्रकार के आवेदन पर कार्रवाई पूरी नहीं मानी जाएगी।

सुनहरा मौका! मध्य प्रदेश में मिलेगी मात्र 1 रुपए/㎡ जमीन, सरकार ने दी 2100 करोड़ प्रोजेक्ट को हरी झंडी

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में बन रहे पीएम मित्रा (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क में बड़े निवेशकों को आकर्षित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए एमपीआइडीसी ने निवेशकों से 11 सितंबर तक प्लॉट लेने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।   दिल्ली में होगा निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव सेशन सरकार ने 3 सितंबर को दिल्ली में निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव सेशन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें उद्योग विभाग के अधिकारी निवेशकों को पार्क में निवेश की संभावनाओं, उद्योग नीति, इंसेंटिव और राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे। संभावना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस बैठक में निवेशकों से चर्चा करें। भूमि आवंटन की नई पॉलिसी पार्क के लिए अलग से भूमि आवंटन पॉलिसी जारी की गई है। इसके तहत 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर के प्रीमियम पर प्लॉट का आवंटन किया जाएगा और 120 रुपए प्रति वर्ग फीट विकास शुल्क तय किया गया है। निवेश प्रस्ताव और आवेदन प्रक्रिया एमपीआइडीसी ने निवेश के लिए ऑनलाइन एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट की प्रक्रिया 11 सितंबर तक खोली है। इससे पहले करीब 35 निवेशकों ने ऑफलाइन 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए थे। अब उन्हें भी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देने के लिए कहा गया है। आवेदन आने के बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 2100 करोड़ के डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी धार जिले के भैंसोला गांव में 2158 एकड़ में बन रहे इस पार्क के लिए केंद्र सरकार ने 2100 करोड़ रुपये के डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी दी है। पार्क में 60 मीटर चौड़ी 6 लेन एप्रोच रोड, 220 किलोवाट लाइन, 20 एमएलडी वाटर सप्लाई, 60 और 45 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क, पार्किंग और लॉजिस्टिक बे विकसित किए जा रहे हैं। प्लग एंड प्ले यूनिट्स और आवास की सुविधा पार्क में प्लग एंड प्ले यूनिट्स का विकास किया जा रहा है ताकि कंपनियां तुरंत काम शुरू कर सकें। साथ ही यहां काम करने वाले लोगों के लिए पार्क के भीतर ही आवास की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं के लिए सुविधाएं होंगी।