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अवैध संबंध बना पुजारी की मौत की वजह, आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र मे हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अवैध संबध ही हत्या का कारण बना। फिलहाल, पुलिस जांच कार्रवाई में जुटी है। दरअसल, रविवार तड़के मंदिर में पूजा करने वाले पुजारी की हत्या से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस सभी एन्गल से जांच में जुटी इस दौरान पता चला कि मृतक जागेश्वर पाठक, पाठ बाबा मंदिर का पुजारी था। मंदिर के सामने खेत में अधिया खेती के दौरान आरोपी सुरेश धुरी की पत्नी के साथ उसका प्रेम संबंध हो गया था। जिससे आरोपी और एवं उसकी पत्नी का 6 महीने पहले सामाजिक तलाक भी हो गया था। आरोपी मृतक से इसी अवैध संबंध के कारण बैर रखना था और शनिवार रात में सही समय देखकर अपने दोस्तों आरोपी हेमकुमार धुरी पिता हरिराम धुरी उम्र 26 वर्ष साकिन डढहा वार्ड 10 बोदरी थाना चकरभाटा,आरोपी धनराज बंदे पिता जवाहर लाल बंदे उम्र 21 वर्ष बनाक चौक माता चौरा के पास सिरगिट्टी,आरोपी मुकेश धुरी पिता चंद्रप्रकाश धुरी उम्र 23 वर्ष निवासी अमौरा थाना जरहा गांव जिला मुंगेली के साथ मोटरसाइकिल की पूजा करने के बहाने उसे बाहर बुलाया और ईट और वाहन के सस्पेंशन पाइप से वार कर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देकर सभी वहां से फरार हो गए। बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह, एएसपी ग्रामीण अर्चना झा और एसडी ओपी कोटा और थाना प्रभारी तखतपुर साथ ही ACCU की टीम हत्या की गुत्थी सुलझाने जुटी हुई थी। पुलिस की सक्रियता से 12 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पंजाब में लागू हुई कड़ी पाबंदियां, मुश्किल हालात में नागरिकों के लिए आदेश जारी

फाजिल्का जिला मैजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पुरानी सीआरपीसी 1973 की धारा 144) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिले में अलग-अलग पाबंदियों के आदेश जारी किए हैं। ये पाबंदियां 31 अक्तूबर 2025 तक लागू रहेंगी और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पाबंदियों के अनुसार जिले फाजिल्का में शाम को सूरज डूबने के बाद और सुबह सूरज चढ़ने से पहले गौवंश की ढुलाई पर पूरी तरह रोक रहेगी। आदेश में कहा गया कि जिन लोगों के पास गौवंश है, उन्हें पशुपालन विभाग में रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य होगा। ज़िला मैजिस्ट्रेट के आदेशों के अनुसार किसी भी रेस्टोरेंट या हुक्का बार में ग्राहकों को हुक्का नहीं पिलाया जा सकेगा। जिले के सभी गांवों और नगर कौंसलों की सीमा में यह आदेश लागू रहेंगे। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय दंड विधान की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज़िला मैजिस्ट्रेट ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और सीमा सुरक्षा तार के बीच तथा तार से भारत की ओर 70 से 100 मीटर क्षेत्र में ऊँची फसलें जैसे बीटी नरमा, मक्का, ग्वारा, ज्वार, गन्ना, सरसों, तोरिया, सूरजमुखी और ऐसी ही 4.5 फुट से ऊँची फसलों की बुवाई पर रोक लगा दी है। बीएसएफ अधिकारियों द्वारा ध्यान में लाया गया कि कुछ किसान इन फसलों की बुवाई कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा कारणों से यह पाबंदी लगाई गई है। एक अन्य आदेश के तहत फाजिल्का जिले में पतंगबाजी के लिए चीनी डोर बेचने, स्टोर करने और इस्तेमाल करने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह डोर सूती की जगह सिंथेटिक/प्लास्टिक की होती है, जो बेहद मजबूत और न गलने वाली होती है। इसके इस्तेमाल से हाथ-उंगलियां कटने, साइकिल चालकों का गला या कान कटने और पक्षियों के पंख फँसकर मरने जैसी घटनाएं होती हैं। यह डोर इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए घातक मानी गई है। आदेश में फाजिल्का जिले के मैरिज पैलेसों में हथियार लाने और हवाई फायरिंग पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र से लगे 4 किलोमीटर क्षेत्र में पाकिस्तानी सिम कार्ड रखने और इस्तेमाल करने पर भी रोक लगाई गई है। इसी तरह इस क्षेत्र में क्वाडकॉप्टर/ड्रोन कैमरे उड़ाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। आदेश के तहत जिले की सभी सरकारी इमारतों और पानी की टंकियों पर आम जनता, व्यक्तियों और प्रदर्शनकारियों को चढ़ने से सख्त मनाही कर दी गई है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 घंटे के लिए चौकीदार/कर्मचारी की ड्यूटी लगाएं, ताकि किसी भी जथेबंदी द्वारा विरोध प्रदर्शन को रोका जा सके। आदेशों के अनुसार फाजिल्का जिले के बॉर्डर नज़दीकी गांवों में शाम 5 बजे के बाद डीजे (म्यूजिक सिस्टम), पटाखे चलाने और लेज़र लाइटों का इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी। उल्लेखनीय है कि बॉर्डर पार से रात को ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिश होती है और डीजे की ऊँची आवाज़ में सीमा पर ड्यूटी कर रहे जवानों को ड्रोन की गूंज सुनाई नहीं देती, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

डेंगू का प्रकोप बढ़ा, हरियाणा में सैकड़ों केस, पानीपत में पहली मौत दर्ज

हरियाणा  हरियाणा में डेंगू के मामलों में इस साल तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। 31 अगस्त 2025 तक प्रदेश में डेंगू के कुल 367 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पानीपत जिले में डेंगू से पहली मौत की पुष्टि हुई है। मृतक एक बच्चा था, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का निवासी था। पिछले साल की तुलना में मामलों में भारी बढ़ोतरी पिछले साल 3 सितंबर 2024 तक डेंगू के 212 मामले दर्ज किए गए थे, जो 11 दिनों में बढ़कर 390 तक पहुंच गए थे। उस दौरान पंचकूला डेंगू का सबसे बड़ा हॉट-स्पॉट बना था, जहां 15 सितंबर 2024 तक सबसे ज्यादा 390 मामले दर्ज किए गए थे। डेंगू से निपटने को लेकर प्रशासन सतर्क प्रदेश के सभी जिलों में डेंगू से निपटने के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों की टीमें फील्ड में कार्यरत हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे सैंपलिंग और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। अधिकारियों के अनुसार, डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर केवल 400 मीटर की सीमा तक ही उड़ सकता है, लेकिन यह वाहनों या मनुष्यों के साथ दूर-दराज इलाकों तक भी पहुंच सकता है। यह मच्छर खासतौर पर दिन में और दोपहर के समय काटता है, और अंधेरे तथा ठंडी जगहों, जैसे कि घरों के कोने या कारों में, छिपकर बैठता है। जिलावार डेंगू के आंकड़े (31 अगस्त 2025 तक)     रेवाड़ी-    106     गुरुग्राम-    51     करनाल-    29     सोनीपत-    25     रोहतक-    23     झज्जर-    15     पंचकूला-    18     पानीपत-    14     यमुनानगर-    14     चरखी दादरी-    9     हिसार-    9     कैथल-    8     फरीदाबाद-  8     महेंद्रगढ़-    8     नूंह-    7     कुरुक्षेत्र-    5     अंबाला-    4     सिरसा-    3     फतेहाबाद-    2 डेंगू से बचाव के लिए जलभराव न होने दें, कूलर और पौधों के गमलों की नियमित सफाई करें, और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

एमपी के IAS अफसर मोदी सरकार में बने प्रशासनिक रीढ़, अब नौ मंत्रालयों में लीडरशिप

भोपाल  पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की केंद्र सरकार में उत्तर भारतीय राज्यों के वरिष्ठ नौकरशाहों को बोलबाला है। मोदी सरकार (Modi Government) के चुस्त व नतीजे देने वाले प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले मंत्रालयों के सचिव पदों का जिम्मा मध्यप्रदेश सहित बिहार के आला अफसर संभाल रहे है। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में जहां दक्षिण भारतीय अधिकारी प्रमुख मंत्रालयों की कमान संभाले हुए थे वहीं मोदी के शासन संभालने के बाद धीरे-धीरे ट्रेंड बदला है और मौजूदा दौर में उत्तर भारत की नौकरशाही प्रभावी है। अब मध्यप्रदेश के आइएएस अफसर सबसे आगे निकल गए है। फिलहाल 9 केंद्रीय मंत्रालयों की कमान मध्यप्रदेश और 7 मंत्रालयों की कमान बिहार के आइएएस अफसरों के पास है। वहीं उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के 6 आइएएस अफसर केंद्रीय मंत्रालयों का नेतृत्व कर रहे है। राजस्थान के भी चार अफसर सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। सचिव स्तर के अधिकारियों की संख्या में सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात जैसे बड़े राज्यों के अफसर पीछे हैं। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन तमिलनाडु व गृह सचिव गोविंद मोहन सिक्किम काडर के आइएएस अफसर हैं। ये संभाल रहे जिम्मेदारी मध्यप्रदेश के IAS और उनके मंत्रालय     IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी- कारपोरेट मामलात     IAS विवेक अग्रवाल- संस्कृति     IAS अलका उपाध्याय- पशुपालन एवं डेयरी     IAS वीएल कांताराव- खनन     IAS पंकज अग्रवाल- ऊर्जा     IAS नीलम शमीराव- टैक्सटाइल     IAS हरि रंजन राव– खेल     IAS पल्लवी जैन गोविल, युवा कल्याण     IAS मनोज गोविल, सचिव समन्वय राजस्थान     IAS रजत कुमार मिश्रा, रसायन एवं उर्वरक     IAS तन्मय कुमार, पर्यावरण, वन व क्लाइमेट चेंज     IAS वी श्रीनिवास, प्रशासनिक सुधार एवं कार्मिक     IAS नरेशपाल गंगवार, पशुपालन डेयरी व मत्स्य छत्तीसगढ़     IAS अमित उठावाल, फार्मास्यूटिकल्स परफार्मेस की कद्र केंद्र में बेहतर परफार्मेंस की कद्र हो रही है। तो ये अच्छा है। एमपी के अफसर बेहतर परफार्मेंस वाले हैं इसलिए उनकी संख्या बढ़ रही रही है। -एसपीएस परिहार, पूर्व केंद्रीय सचिव

मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी में 48 घंटे बारिश से तबाही, कई जिलों में खतरे की चेतावनी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में रुक रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  2 सितंबर को भी होगी भारी बारिश  मौसम विभाग ने 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण 2 सितंबर तक भारी बारिश की आशंका है। लखनऊ सहित कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसूनी रेखा उत्तर की ओर खिसकी है। इस कारण दो सितंबर तक कहीं भारी तो कहीं अत्यधिक भारी बारिश होगी।  इन जिलों में अलर्ट जारी विभाग के अनुसार, राज्य के लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मीरजापुर, भदोही, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, फरुर्खाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी व आसपास के इलाकों में भी अधिक बारिश के आसार हैं। 

मौसम विभाग की चेतावनी: छत्तीसगढ़ के जिलों में यलो-ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश के आसार

रायपुर  छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आज फिर जमकर बारिश होगी. मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 घंटों के अंदर प्रदेश के कुल 24 जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं. IMD ने 18 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट: मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सूरजपुर और कोरिया में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है. वहीं, यलो अलर्ट वाले जिलों में नारायणपुर, कोंडागांव, रायगढ़, जशपुर, सुरगुजा और बलरामपुर शामिल हैं. इन इलाकों में भी मध्यम दर्जे की बारिश की आशंका है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-झरने जैसी जगहों पर सावधानी बरतने की अपील की है।

एमसीबी में सड़क सुरक्षा सप्ताह: मनेंद्रगढ़ में वाद-विवाद प्रतियोगिता के जरिए युवाओं ने दिखाई जागरूकता

एमसीबी : मनेंद्रगढ़ में सड़क सुरक्षा सप्ताह पर जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई संपन्न नव्या गुप्ता ने हासिल की प्रथम स्थान एमसीबी सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मनेंद्रगढ़ में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायकों द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान नव्या गुप्ता (वीएसएसएन विद्यालय भरतपुर), द्वितीय स्थान शिवेंद्र तिवारी (सेजेस भरतपुर) तथा तृतीय स्थान साक्षी सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा) को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए मृत्यु दर के आंकड़े प्रस्तुत किए और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विस्तार से सुझाव दिए। उन्होंने सड़कों पर बैठे आवारा पशुओं, जगह-जगह गड्ढों और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया तथा दुर्घटना पीड़ितों को बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्रा को 7000 रुपए, द्वितीय स्थान को 5000 रूपये। और तृतीय स्थान को 3000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, वहीं सांत्वना पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी छात्र-छात्रा को 2000 रुपए का चेक दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे, पुष्कर तिवारी, अनीता फरमानिया, अभिषेक पांडे, नीलम दुबे, मधुमिता चौधरी, रामाश्रय शर्मा, डॉ. विनोद पांडेय, द्वारिका मिश्रा और सूर्याेदय सिंह सहित अनेक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। आभार प्रदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया।

आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है – विधायक अग्रवाल

महासमुंद : तीन दिवसीय प्रशिक्षण का विधायक सम्पत अग्रवाल ने किया शुभारम्भ आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है – विधायक अग्रवाल जिले में 308 ग्रामों में क्रियान्वित किया जाएगा आदि कर्मयोगी अभियान – जिला सीईओ नंदनवार महासमुंद जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु “आदि कर्मयोगी” नामक नई पहल की गई है। इस अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ आज बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय सहित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक श्री सम्पत अग्रवाल ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है। जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास दूरदर्शी आव्हान का प्रतीक है तथा विकसित भारत के व्यापक रूपरेखा है। उन्होंने कहा कि आज ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण जिसमें जिले के जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ और उनकी समस्याओं को नजदीक से जानने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निश्चित ही यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजाति कार्यक्रम में अब योजनाएं उनके समग्र विकास के लिए बनेंगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि पहले योजनाएं ऊपर से नीचे की ओर आती थी। इस कार्यक्रम में अब योजनाएं धरातल पर बनेगी और इसका क्रियान्वयन के लिए जनसमुदाय भी आगे आएंगे। उन्होंने बताया धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए रणनीति बनाई गई। जिसमें जनजाति समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिले में इस अभियान की सफल क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य योजना तैयार की जा रही है।   ज्ञात है कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान प्रेरणादायक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इसके पूर्व जिले की 6 अधिकारियों को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण 1 से 3 सितम्बर तक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के लिए 9 अलग अलग मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्यों से संतृप्ति का कार्य किया जा रहा है। जनमन योजना अंतर्गत जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार के 77 बसाहटों के 940 परिवारों (3306 जनसंख्या) को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता, जाति प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही सामुदायिक उत्थान हेतु प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। वहीं धरती आबा अभियान अंतर्गत जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। अभियान के तहत विकास कार्यों को तीन स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना। इनमें राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी,  वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन निर्देशानुसार करने कहा है।

भारतीय सेना में रीवा की बेटी आयुषी वर्मा का चयन, लेफ्टिनेंट पद पर मिली सफलता

रीवा  मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली छात्रा आयुषी वर्मा ने जिले का नाम रोशन कर दिया है। यूपीएससी सीडीएस की परीक्षा में उन्होंने देशभर में 24वीं रैंक हासिल की है। छात्रा का सिलेक्शन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हुआ है। यूपीएससी सीडीएस का रिटेन एग्जाम देने बाद उनके 5 इंटरव्यू हुए जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की। आयुषी वर्मा ने स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही सेना में जाने का मन बना लिया था। पोस्टर देखकर किया सेना में जाने का फैसला आयुषी वर्मा ने कहा कि जब मैं स्कूल जाती थी उसे समय रीवा की रहने वाली अवनी चतुर्वेदी का सिलेक्शन भारतीय वायुसेना में हुआ था। उनके सिलेक्शन के बाद पूरे शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए थे। इस होर्डिंग्स और पोस्टर को देखकर ही मैंने सोचा था कि मैं भी सेना में जाऊंगी। आयुषी वर्मा ने बताया कि वह ट्रेनिंग के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद संभालेंगी। रीवा में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए इंदौर गईं। इंदौर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने सीडीएस का एग्जाम दिया और उसमें सफलता हासिल कर भारतीय सेना में शामिल हुई हैं। आयुषी ने बताया कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही सीडीएस की तैयारी शुरु कर दी थी। वह अपना ज्यादातर वक्त किताबों के साथ ही गुजारती थीं। कैसा है फैमिली बैकग्राउंड आयुषी वर्मा के पिता रमेश वर्मा एक विद्यालय में सपोर्ट टीचर हैं। उन्होंने कहा कि आयुषी बचपन से ही पढ़ने लिखने में काफी तेज थी। पढ़ाई के अलावा वह जूडो-कराटे की भी अच्छी खिलाड़ी है। उसने अपना एक लक्ष्य निर्धारित किया और जमकर पढ़ाई की और मेहनत का परिणाम है कि वह सीडीएस जैसी परीक्षा उत्तीर्ण कर सेना में लेफ्टिनेंट बन गई है। आयुषी की मां का नाम ममता वर्मा है और वह गृहणी हैं। मां ममता वर्मा ने कहा कि मेरा बेटा भी सेना में जाना चाहता था। उसने भी सीडीएस की परीक्षा पास कर ली थी लेकिन कुछ मेडिकल कारणों के वजह से नहीं जा पाया। आज बेटी ने उन सपनों को साकार कर दिया है।

प्रत्यय अमृत ने संभाला मुख्य सचिव का पदभार, नीतीश कुमार ने जताया विश्वास

पटना बिहार के नए मुख्य सचिव के रूप में 1991 बैच के आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत ने पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा को भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में दोनों अधिकारियों के परिवारों के साथ बिहार सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रत्यय अमृत ने अब तक राज्य में विकास आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मौके पर प्रत्यय अमृत को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। गौरतलब है कि 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अमृतलाल मीणा 31 अगस्त को नियत आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद 1 सितंबर से प्रत्यय अमृत ने औपचारिक रूप से मुख्य सचिव का पदभार संभाल लिया है।