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कलेक्टर ने व्हीसी के माध्यम से की बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा

राजस्व अधिकारी अतिवृष्टि बाढ़ से प्रभावित परिवारो का सर्वे कर समय पर कराये राहत राशि का वितरतण :  शुक्ला   सिंगरौली जिले में हो रही भारी बारिस को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला ने व्हीसी के माध्यम से राजस्व अधिकारियो के साथ बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले ऐसे परिवार जिन्हे अतिवृष्टि बाढ़ के कारण जान माल की क्षति हुई ऐसे परिवारो का सर्वे कर उन्हे निर्धारित समय सीमा के अंदर राहत राशि का वितरण कराये।      कलेक्टर शुक्ला ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो की लगातार मानीटरिंग करते रहे। अपना सूचना तंत्र मजबूत रखे ताकि बाढ़ आपदा के समय हर पल की जानकारी लगातार मिलती रहे। उन्होने उपखण्ड अधिकारी चितरंगी को सोन नदी के आस पास वाले गावो की लगतार निगरानी रखने के साथ अपादा के दौरान नगारिको को सुरंक्षित स्थानो पर ले जाने के लिए सभी तैयारिया रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बाढ़ आकाशीय बिजली , सर्प दंश सहित अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओ से पिड़ित व्यक्तियो के परिजनो को शासन के नियामनुसार तत्काल राहत राशि का वितरण कराये। निचले क्षेत्रो वाले बस्तियो गावो की जानकारी हर समय मिल सके इस हेतु ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित गाव में रहने वाले कम से कम चार लोगो का मोबाईल नम्बर अपने पास रखे। कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ के समय जो पुल पुलिया जलमग्न हो जाती है उन्हे चिन्हित कर उनके दोनो किनारो में बोर्ड लगाकर  संदेश लिखवाये कि जलमग्न होने पर पुल या पुलिया से आवागमन बिलकुल न करे साथ ही जानकारी प्राप्त होते पुल पुलियो के दोनो ओर बैरिकेंटिग भी कराये।  कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि अपने अपने क्षेत्रो के विद्यालय भवनो सहित शासकीय भवनो का सर्वे कराये कि वे जर्जर हालत मे तो नही यदि भवन जर्जर हालत में मरम्मत कराने योग्य नही है तत्काल उनको डिसमेंटल करने की कार्यवही करे। साथ ही ऐसे स्थल जहा पर जल भराव की समस्या बनी रहती है ऐसे स्थलो को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि बाढ़ आपदा के दौरान अपने क्षेत्रो में होने वाली जानमाल के क्षति की जानकारी से प्रत्येक दिवस शांय के समय दिया जाना सुनिश्चित करे। बैठक के दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, एसडीएम सिंगरौली सृजन बर्मा, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र द्विवेदी, तहसीलदार सविता यादव, जान्हवी शुक्ला सहित अन्य राजस्व अधिकारी व्हीसी के माध्यम से बैठक में शामिल रहे।

गरीब रथ के इंजन में भीषण आग, लोको पायलट ने समय रहते रोक ली बड़ी दुर्घटना

जयपुर राजस्थान में शनिवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया जबकि गरीब रथ एक्सप्रेस (12216) के इंजन में अचानक आग लग गई। यह घटना 19 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे सेंदड़ा (ब्यावर) रेलवे स्टेशन के पास हुई, जब ट्रेन मुंबई के बांद्रा स्टेशन से दिल्ली के सराय रोहिल्ला जा रही थी। जानकारी अनुसार ट्रेन में उस वक्त 500 से अधिक यात्री सवार थे। लोको पायलट को इंजन के पिछले हिस्से से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ट्रेन को रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेल अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई और राहत कार्य शुरू कर दिए गए। रेलवे प्रवक्ता के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से हो सकता है। राहत की बात यह रही कि आग डिब्बों तक नहीं पहुंची और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसी के साथ रेल प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। साथ ही, प्रभावित इंजन को हटाकर ट्रैक को साफ किया जा रहा है। रूट को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य ट्रेनों को कम गति से वहां से निकाला गया है। गौरतलब है कि यह गरीब रथ एक्सप्रेस रात 11:30 बजे आबू रोड से रवाना होकर सुबह 3:45 बजे अजमेर पहुंचती है। सेंदड़ा स्टेशन ट्रेन का आधिकारिक स्टॉप नहीं है, लेकिन घटना के समय ट्रेन की रफ्तार कम होने के चलते लोको पायलट ने सूझबूझ से बड़ा हादसा टाल दिया। रेलवे विभाग ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और इंजन में लगी आग की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी।  

AI साफ्टवेयर का उपयोग कर मां शारदा देवी मंदिर में ब्लास्ट की झूठी अफवाह फैलाने वाला भेजा गया जेल

मैहर पुलिस अधीक्षक मैहर सुधीर कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन एवं चंचल नागर अपुअ, महेन्द्र सिंह चौहान सीएसपी मैहर के मार्गदर्शन में निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर के नेतृत्व में मिली सफलता वीडियो वायरल होने के महज 12 घंटों के अंदर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। विवरण – दिनांक 18.07.2025 को विभिन्न व्हास्ट्सप ग्रुपों एवं सोशल मीडिया में मां शारदा देवीजी मंदिर मैहर में प्रवेश द्वार पर आतंकवादी हमला (ब्लास्ट) होने एवं कुछ श्रद्धालुओं के हताहत होने की वीडियो वायरल होने पर करीबन 40 लाख से अधिक सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा वीडियो देखा गया तथा उक्त कथित भ्रामक वीडियो के संबंध में लोगों में काफी आक्रोश देखा गया जिस पर कार्यालय अधीक्षक मां शारदा देवी मंदिर मैहर द्वारा थाना मैहर मे अज्ञात व्यक्ति के द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट से उक्त झूठी ब्लास्ट होने की वीडियो वायरल किये जाने व लोगो की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर थाना कोतवाली मैहर मे अपराध धारा 192, 299, 351(1) बीएनएस का पंजीबद्ध कर आरोपी द्वारा वीडियों वायरल हेतु उपयोग किये गये फेसबुक अकाउंट के संबंध में जांच की गई जो आरोपी दीपांशु गुप्ता निवासी सीधी का पाये जाने पर आरोपी उपरोक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक मैहर द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा 12 घंटे के अंदर पकड़ा गया जिसने पूंछताछ पर AI साफ्टवेयर का उपयोग कर देवीजी शारदा मंदिर में ब्लास्ट की झूठी वीडियो बनाकर वायरल करना बताया। जिस पर आरोपी का वीडियो वायरल में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी को गिरफ्तार कर पेश न्यायालय किया गया है। जप्ती विवरणः- भ्रामक वीडियो बनाने एवं वायरल करने में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन कीमती 15 हजार रु. नाम पता गिरफ्तार आरोपीः- दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी सराहनीय भूमिकाः- निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर, सउनि अरविन्द दिवेदी, सउनि पुष्पेन्द्र सिंह, प्रआर पुष्पेन्द्र वर्मा, आर. आशुतोष यादव, संजय तिवारी, शिवम तिवारी एवं सायवर सेल मैहर से आर. संदीप सिंह, सुशील दिवेदी की रही है।

मिशन हॉस्पिटल मामला: कोर्ट ने याचिका खारिज कर सरकार को दी बड़ी जीत

बिलासपुर मिशन हॉस्पिटल मामले में हाईकोर्ट ने शासन के पक्ष में बड़ा से फैसला सुनाया है. मामले में सुनवाई के बाद 24 अप्रैल 2025 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. कोर्ट ने आज फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है. 1885 में लीज पर मिली थी 11 एकड़ जमीन दरअसल, मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी. मिशन अस्पताल के लिए सेवा के नाम से 11 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी. इसके लिए क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर, तहसील व जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को जमीन आवंटित की थी. यह मोहल्ला चांटापारा शीट नंबर 17, प्लाट नंबर 20/1 एवं रकबा 382711 एवं 40500 वर्गफीट है. 1966 में लीज का नवीनीकरण कर साल 1994 तक लीज बढ़ाई गई थी. जिसकी अवधि 31 अप्रैल 1994 तक के लिए थी. जिसमें मुख्य रूप से निर्माण में बदलाव एवं व्यवसायिक गतिविधियां बिना कलेक्टर की अनुमति के न किए जाने की शर्त थी. डायरेक्टर का कारनामा, शर्तों के विरुद्ध बनाई चौपाटी लीज पर जमीन लेकर डायरेक्टर रमन जोगी ने इसे चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया था. एक रेस्टोरेंट का कैम्पस में संचालन किया जा रहा था. लीज की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक उपयोग करने पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण की नजर पड़ी. लीज की अवधि बढ़ाने के समय इसमें कई शर्तें भी लागू की गई थी. पर शर्तों का उल्लंघन कर न केवल इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. साथ ही किराए पर अन्य प्रतिष्ठानों को देकर इसे कमाई का माध्यम बना लिया गया था. 1994 को लीज खत्म होने के बाद 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं करवाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता ने कहा था कि नितिन लॉरेंस प्रत्येक याचिका में अपना पद बदल रहे हैं और विभिन्न संस्थाओं की पॉवर ऑफ अटॉर्नी प्रस्तुत कर रहे है. अदालत को गुमराह किया जा रहा है. यह कानूनी रूप से गलत है. जस्टिस प्रसाद ने अपने फैसले में लिखा है कि अधिकारियों ने पट्टे को नवीनीकृत करने से इनकार करके और पट्टे को वापस लेने में अपने अधिकारों और अधिकार क्षेत्र के भीतर काम किया. भूमि पर पुनः कब्ज़ा प्राप्त करने के लिए कदम उठाएँ. उनके निर्णय में कोई त्रुटि या अवैधता नहीं है, जिसके लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 या 227 के अंतर्गत इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो.

राजस्थान में मानसून का जलवा, मंत्री ने कहा – गिरिराज महाराज का आशीर्वाद बरसा

जोधपुर राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल राज्य में लगातार हो रही बारिश से खुश हैं। राजस्थान में इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है। जलस्रोतों में बहाव लौट आया है, नदियां-नाले उफान पर हैं और किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने अच्छी बरसात पर अपनी खुशी जाहिर की है। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बारिश को ‘गिरिराज महाराज की कृपा’ बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रार्थना को गिरिराज महाराज ने स्वीकार किया है, जिसकी बदौलत इस बार प्रदेश में मानसून जल्दी और जोरदार आया है। जोधपुर प्रवास के दौरान मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, “इस बार इंद्रदेव राजस्थान पर मेहरबान हैं। जब राज्य में पानी की समस्या रही, तब गिरिराज महाराज से प्रार्थना की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गुहार को गिरिराज महाराज ने सुना। गिरिराज महाराज की कृपा हुई और इस बार मानसून 9-10 दिन पहले आया। लगभग पूरे राजस्थान में यह बारिश देखने को मिली है। पहले के मुकाबले इस बार जुलाई में 170 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज हुई है।” इस दौरान मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रदेश की जनता से भी खास अपील की। उन्होंने कहा, “पूरे प्रदेश में नदी-नाले उफान पर हैं। मैंने लूणी और पाली विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। लोगों से आग्रह है कि वे इन उफनती नदियों और नालों के पास न जाएं और पूरी सावधानी बरतें। हाल ही में अरना झरना क्षेत्र में एक जनहानि भी हो चुकी है। सभी लोग सावधानी बरतें। पशुओं की भी सावधानी रखें।” राज्य में कुछ जगह जलभराव की समस्याओं पर मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि जलभराव की समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम और जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) लगातार प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मंत्री पटेल ने जोधपुर के दो प्रमुख नालों (बनाड़ नाला और भैरव नाला) के निर्माण कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इन नालों का निर्माण पूरा होने के बाद जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।” उन्होंने बताया कि उन्होंने बनाड़ क्षेत्र का दौरा किया, जहां जलभराव की स्थिति सामान्य थी और थोड़ी ही देर में पानी निकल गया। फिर भी प्रशासन का प्रयास है कि स्थायी समाधान किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने एम्स जोधपुर में आयोजित एक विशेष वर्कशॉप का जिक्र किया जिसमें यह बताया गया कि मरीजों के अटेंडेंट्स से किस तरह व्यवहार किया जाए।  

कावड़ियों की सुरक्षा व ट्रैफिक को देखते हुए सोमवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित

 जबलपुर जबलपुर से गुजरने वाली कावड़ यात्रा को मद्देनदजर रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 21 जुलाई सोमवार को सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ये आदेश सभी शासकीय, निजी सीबीएसई, आईसीएसई सभी स्कूलों पर लागू होगा। जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि, 21 जुलाई को जबलपुर में निकलने वाली कावड़ यात्रा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कावड़ यात्रा के दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़क पर आने की वजह से शहर के कई मार्गों पर जाम लग जाता है, ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। घंटों स्कूली बच्चे और उनके परिजन ट्रैफिक में फंसना पड़ता है, लिहाजा 21 जुलाई को असुविधा से बचने के लिए सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की जाती है। नर्मदा का जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं श्रद्धालु आपको ये भी बता दें कि, जबलपुर में कांवड़ यात्रा के दिन लाखों श्रद्धालु नर्मदा से जल लेकर करीब 35 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करते हुए खमरिया घाना स्थित शिवालय पहुंचते हैं। वहीं, पर नर्मदा जल अर्पित कर कर बाबा भोले की पूजा अर्चना करते हैं। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर, हाईवे पर रूट डायवर्जन सावन के दूसरे सोमवार और आगामी शिवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी अव्यवस्था न हो। जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शिवभक्तों की आस्था और सुरक्षा दोनों प्राथमिकता में हैं, इसलिए आम नागरिक भी रूट डायवर्जन और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सूचना जारी कर दी है। यात्रा चरम पर, प्रशासन की बड़ी चुनौती हर साल की तरह इस बार भी अमरोहा में कांवड़ यात्रा का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों के आने-जाने से जहां आस्था का माहौल है, वहीं ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी का निर्णय इस चुनौती को कम करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर खास नजर: राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की वार्डवार समीक्षा

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विभिन्न वार्डों में संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा की राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्डों का दौरा कर निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत परखी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर खास नजर: राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की वार्डवार समीक्षा शहर विकास की रफ्तार पर फोकस, राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किए निर्माण कार्यों का निरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हटाए जाएं अतिक्रमण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निकाय अधिकारी अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से करें। दर्जनों कॉलोनियों को मिलेगी सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट्स राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इच्छापूर्ण महादेव मंदिर, सोनागिरी ए-सेक्टर में रोड, नाली, शेड और पार्क की बाउंड्रीवाल का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। आनंद नगर मल्टी का कार्य नवंबर तक पूर्ण करने और उसका नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का सुझाव दिया। विभिन्न कॉलोनियों में सीवेज चैंबर की सफाई, सीसी रोड एवं स्ट्रीट लाइटों के लिए इस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। अमृत 2.0 योजना से जुड़ेंगे सीवेज, अतिक्रमण हटेगा इंद्रपुरी ए-सेक्टर में रोड निर्माण, मंदिर की छत और फ्लोरिंग, सीवेज लाइन सुधार के निर्देश दिए। नवोदा कैंसर हॉस्पिटल के पास गंदगी फैलाने पर नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। अमृत 2.0 योजना से सीवेज लाइन जोड़ने, पार्कों की सफाई, गड्ढों की मरम्मत व अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया गया। तेज़ी से पूरे करें विकासकार्य: राज्यमंत्री श्रीमती गौर इंद्रपुरी सी-सेक्टर में दुकानदारों द्वारा किए गए 10-10 फीट तक के अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए और कार्यवाही के दौरान पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। सतनामी नगर, अर्जुन नगर, रोजवुड कॉलोनी आदि में नाले और सड़कों के निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने और स्ट्रीट लाइट कार्य में तेजी लाने के आदेश भी दिए गए। बैठक में लवकुश यादव, पार्षद श्रीमती ममता विश्वकर्मा, श्रीमती छाया ठाकुर, संतोष ग्वाला सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।  

UP Weather Alert: अगले दो दिन भारी बारिश का कहर, इन राज्यों में भी अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है, जिसकी वजह से कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया है कि उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर राजस्थान के आसपास के इलाकों में दबाव के असर की वजह से आज दक्षिण पश्चिम राजस्थान में भारी से बहुत भारी और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश व उत्तरी गुजरात में बहुत भारी बरसात होने वाली है। वहीं, अगले छह से सात दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने वाली है, जबकि 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में कुछ जगहों पर अत्यधिक बरसात का अलर्ट है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में कल और परसों बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों की बात करें तो 19 जुलाई को दक्षिण पश्चिम राजस्थान में बहुत ही ज्यादा बरसात होगी। 20-24 जुलाई के दौरान जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में और 20 व 21 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 20-22 और 24 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, 19 जुलाई को दक्षिण पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 20-22 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में, 21 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 21 व 22 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, 22 जुलाई को जम्मू कश्मीर में बहुत भारी बारिश होने वाली है। अगल सात दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर गरज के साथ अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। पश्चिम भारत की बात करें तो 19-25 जुलाई के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, 19 जुलाई को उत्तरी गुजरात में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 20 जुलाई को सौराष्ट्र व कच्छ में भारी बरसात का अलर्ट है। अगले पांच दिनों के दौरान कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होगी। दक्षिण भारत के राज्यों की बात करें तो 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में अलग अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होन की संभावना है। 19-25 जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना में, 19 और 20 जुलाई को लक्षद्वीप और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।  

छात्रा की जान गई, शारदा यूनिवर्सिटी में बवाल; परिजनों का आरोप, दो शिक्षक गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में बीडीएस कोर्स की एक छात्रा द्वारा कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। खुदकुशी से पहले छात्रा द्वारा लिखे एक सुसाइड नोट में दो टीचरों द्वारा उसे प्रताड़ित और अपमानित करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना नॉलेज पार्क थाना अंतर्गत शारदा यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल के रूम में बीडीएस की एक छात्रा ने शुक्रवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के विरोध में मृतक छात्रा के परिजनों और अन्य छात्रों ने यूनिवर्सिटी में जमकर हंगामा किया। यूनिवर्सिटी स्टाफ पर छात्रा को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम की रहने वाली 21 वर्षीय छात्रा ज्योति, शारदा यूनिवर्सिटी से बीडीएस की पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार की रात छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। छात्रा के कमरे से मिले सुसाइड नोट में यूनिवर्सिटी स्टाफ को जिम्मेदार ठहरा गया है। छात्रा ने सुसाइड नोट में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर शुक्रवार की रात यूनिवर्सिटी में जमकर हंगामा हुआ। छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा– ''मेरी मौत के जिम्मेदार महेंद्र सर और शार्ग मैम हैं। इन्होंने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, अपमानित किया।'' ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि छात्रा के परिजनों द्वारा थाना नॉलेज पार्क पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर यूनिवर्सिटी के स्टाफ के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें 2 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। छात्रा के परिजनों व यूनिवर्सिटी के छात्रों में शारदा यूनिवर्सिटी प्रशासन के विरुद्ध आक्रोश है, जिसे पुलिस अधिकारियों द्वारा वार्ता कर शांत कराया गया है। मौके पर फिलहाल शांति है। अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।  

एक करोड़ की रिश्वत डील: नारकोटिक्स अधिकारी और दलाल CBI के हत्थे चढ़े

चित्तौड़गढ़ सीबीआई की टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले के एक अफीम किसान से रिश्वत के मामले में नारकोटिक्स के एक अधिकारी सहित दलाल को गिरफ्तार किया है। सीबीआई जयपुर टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एक किसान को झूठे तथ्यों के आधार पर डोडा चूरा तस्करी में फंसाने के नाम पर एक करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की थी। किसान की शिकायत पर नारकोटिक्स के अधिकारी और दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया क्षेत्र में अंजाम दी गई है। सीबीआई की दर्ज एफआईआर के अनुसार गत 15 जुलाई को डूंगला तहसील के आलाखेड़ी गांव के किसान मांगीलाल पुत्र ऊंकार लाल गुर्जर निवासी सांगरिया ने शिकायत दी थी। इसमें बताया कि डूंगला तहसील के आलाखेड़ी निवासी जगदीश मेनारिया ने नारकोटिक्स के अधिकारी महेन्द्र सिंह से संपर्क करने के लिए सूचित किया था। जगदीश मेनारिया से जब किसान ने संपर्क किया तो उसने बताया कि नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्रसिंह ने उसकी कृषि भूमि से 400 किलो डाेडा चूरा जब्त किया है। जगदीश मेनारिया के माध्यम से ही महेन्द्र सिंह ने बताया कि उसके परिवार के सदस्यों को मादक पदार्थ के मामले में नहीं फंसाने के लिए एक करोड़ रुपए देने होंगे। रिश्वत नहीं दिए जाने पर आपराधिक मामलों में फंसा कर उसे जेल भेज दिया जाएगा। नारकोटिक्स अधिकारी ने नशीले पदार्थों के मामले में प्रार्थी व उसके परिवार को न फंसाने के एवज में 9 लाख रुपए भी प्राप्त कर लिए। इसी मामले में गुरुवार रात को आलाखेड़ी निवासी दलाल जगदीश मेनारिया काे एसीबी ने गिरफ्तार किया। इसके बाद नारकोटिक्स के अधिकारी महेन्द्रसिंह को भी गिरफ्तार कर मंडफिया लेकर आए। यहां शुक्रवार को स्वास्थ्य केंद्र पर उसका मेडिकल कराया गया। इस मामले में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 7A के साथ धारा 61 (2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। 44 लाख दिए फिर भी नहीं पसीजा दिल प्रार्थी मांगीलाल गुर्जर ने शिकायत में बताया कि सीकर निवासी व नीमच में कार्यरत नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्र सिंह उसके सांगरिया स्थित निवास पर पहुंचा। 27 मार्च को जगदीश मेनारिया से सम्पर्क करने की बात कही थी। जगदीश मेनारिया ने अपने नम्बर भी दिए। इसी दिन जगदीश मेनारिया ने वाट्सएप कॉलिंग कर बताया कि महेन्द्र सिंह ने उसके खेत से 400 किलो डोडा चूरा जब्त किया है। प्रार्थी ने बताया कि उसके खेत पर कोई डोडा चूरा नहीं था। लेकिन जगदीश मेनारिया ने कहा कि एक करोड़ रुपए देने होंगे, नहीं तो जेल जाना पड़ेगा। प्रार्थी ने शिकायत में बताया कि जगदीश मेनारिया के मार्फत 44 लाख रुपए की राशि 2-3 माह में 3 किश्ताें में दी। बाद में उसे सीबीआई के शिकायत नम्बर मिले। इधर, 13 जुलाई को जगदीश मेनारिया ने गांव में आकर उससे 9 लाख रुपए की और मांग की। परेशान होकर उसने सीबीआई को पत्र लिखा और उसके बाद सीबीआई ने जाल बिछा बीती रात उसे गिरफ्तार किया है। अवैध सम्पत्तियों की होगी जांच प्रार्थी मांगीलाल गुर्जर ने शिकायत में बताया कि महेन्द्र सिंह नारकोटिक्स का भ्रष्ट अधिकारी है। इसने जयपुर, सीकर और नीमच में बहुत सम्पत्तियां बनाई है और प्रदेश में कई स्थानों पर एजेन्ट बना रखे है। इसके माध्यम से वह रिश्वत की राशि लेता है। 15 जुलाई को हुई शिकायत के बाद सीबीआई के पुलिस अधीक्षक ने अधिकारी को नियुक्त किया और उसके बाद टीम बना कार्यवाही की गई है। पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी जांच सीबीआई ने अपनी एफआईआर में नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्र सिंह व दलाल जगदीश मेनारिया को गिरफ्तार करने का हवाला देते हुए मामले की जांच जयपुर सीबीआई के भ्रष्टाचार अनुभाग के पुलिस उपाधीक्षक कमलेश चन्द्र तिवारी को सौंपी है। गौरतलब है कि नारकोटिक्स विभाग में पूर्व में भी भ्रष्टाचार के मामलाें में सीबीआई कार्यवाही कर चुकी है और कई अधिकारियों को धर लिया गया है। पहले भी लगे लूट के आरोप नारकोटिक्स विभाग में फैले भ्रष्टाचार और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध झूठी कार्यवाही करने के मामले में पहले भी कई आरोप लगे है। पिछले दिनों रूद गांव में एक किसान के खेत से एक केटली से अफीम निकाल कर मुकदमा बनाने के मामले में किसानों ने प्रदर्शन किया था और पूरा मामला झूठा बताया था। अब सीबीआई ने कार्यवाही किए जाने के बाद नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों की पोल खुल कर सामने आ गई है।