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बागेश्वर सरकार पर टिप्पणी कर घिरे प्रोफेसर, धार्मिक भावनाएं आहत करने पर FIR

छतरपुर  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर महिला तस्कर कहने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर के बमीठा थाना में FIR दर्ज की गई है।   सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व ट्विटर) पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर जिले के बमीठा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला तब शुरू हुआ जब पुलिस ने छतरपुर में एक एम्बुलेंस को रोका, जिसमें कुछ महिलाएं सवार थीं। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं अपनी असली पहचान छिपाकर बागेश्वर धाम में रह रही थीं और उन पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह जताया गया। इस घटना से जुड़े वीडियो को प्रोफेसर रविकांत ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक विवादास्पद पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है!" इस टिप्पणी में उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को "महिला तस्कर" कहा, जिससे विवाद खड़ा हो गया। प्रोफेसर की इस पोस्ट के विरोध में बागेश्वर धाम सेवा समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर ने बमीठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर रविकांत की टिप्पणी से हिंदू धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और धार्मिक सौहार्द बिगड़ा है। इसी आधार पर उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट को साक्ष्य के रूप में संकलित किया जा रहा है।  विदेश यात्रा से लौटे बागेश्वर महाराज  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी 20 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटकर आज सुबह बागेश्वर धाम पहुंचे। उनकी इस धार्मिक यात्रा में लंदन, ओमान और दुबई में कथा और आशीर्वचन कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। बागेश्वर धाम प्रशासन के अनुसार, बागेश्वर महाराज 4 अगस्त से 11 अगस्त तक धाम परिसर में दिव्य दरबार का आयोजन करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होंगे। बागेश्वर महाराज ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' और अन्य माध्यमों से एक वीडियो साझा कर इस दिव्य दरबार की जानकारी पहले ही अपने अनुयायियों को दी थी। दिव्य दरबार के दौरान श्रद्धालुओं को आशीर्वचन, समाधान और परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। धाम प्रशासन ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों का अनुमान है कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बागेश्वर धाम पहुंच सकते हैं।  

सीएम योगी की सौगात: रक्षाबंधन पर बहनों को मिलेगी मुफ्त रोडवेज यात्रा की सुविधा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर कानून व्यवस्था अन्य प्रकार की विभागीय समीक्षा को लेकर बैठक कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने त्योहारों के महीनों में मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल को विशेष निगरानी करने के लिए निर्देशित किया। मिलावट को लेकर दिए कड़े निर्देेश इस दौरान सीएम योगी ने रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के मद्देनजर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने खाद्यपदार्थों में मिलावट न हो इसके लिए जांच टीमोंं को सक्रिय करने के आदेश दिए। उन्होंने भाई बहन के त्योहार रक्षाबंधन को लेकर बहनों को उपहार दिया है। सीएम योगी अपने सरकारी आवास से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सभी प्रकार की बस सेवाओ को 8 अगस्त की सुबह से लेकर 10 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक बसों की निःशुल्क यात्रा की सौगात दिया है। इस दौरान बहनों को एसी और नॉन एसी की सभी बसों जिसमे यूपीएसआरटीसी और उससे अनुबंधित बसों की यात्रा निःशुल्क रहेगी।

एमपी में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, 76% बारिश पूरी – इंदौर सबसे पीछे, ग्वालियर आगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। राज्य के उत्तरी हिस्से के ग्वालियर-छतरपुर समेत आठ जिलों में सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में रविवार को बारिश भी हुई। हालांकि राज्य में बारिश का मजबूत तंत्र नहीं दिखाई दे रहा है, जिसके चलते बीते कुछ दिनों से राज्य में हल्की-फुल्की बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से के ऊपर से एक ट्रफ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी जारी है। इसका असर राज्य में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से सोमवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग द्वारा कल जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं के चलने की भी आशंका जताई गई है। बीते दिनों की बात करें को गुना, नर्मदापुरम, छतरपुर, रीवा, टीकमगढ़ , सागर, सतना, सीधी, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई थी। इससे पहले की बात करें तो बीते सप्ताह तो राज्य में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। ऐसी स्थिति वाले इलाकों में राज्य का पूर्वी हिस्सा- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर शामिल था, जहां मॉनसून झमझमाकर बरसा था। इसके चलते लोगों को कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा था। बीते दिन सबसे ज्यादा तापमान इन हिस्सों में दर्ज किया गया। ग्वालियर में 27 डिग्री, दतिया में 26.4, पृथ्वीपुर में 26.3, मुरैना में 26.2, श्योपुर में 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अगर कम तापमान वाले इलाकों की बात करें तो, नरसिंहपुर में 19, खरगौन में 20, राजगढ़ में 20.6 और खंडवा में 21 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। मध्यप्रदेश में कोटे की 76% बारिश मध्यप्रदेश के 9 जिले-ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मुरैना में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। सबसे ज्यादा पानी गुना में 45.8 इंच गिरा है। भोपाल, जबलपुर की तस्वीर भी बेहतर है, लेकिन इंदौर फिसड्‌डी है। प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 28.4 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 19 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 9.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मानसून सीजन (1 जून) से जोड़े तो दो महीने बीत चुके हैं। इस दौरान प्रदेश में सामान्य की 76 प्रतिशत बारिश हो गई है। मानसून को अभी करीब दो महीने बचे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अगस्त में ही बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। बता दें कि मौसम विभाग ने अबकी बार सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हो रही है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। इस वजह से 9 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर गया। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 में से 6 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है। 3 जिले सागर और भोपाल संभाग के है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग में सिस्टम की एक्टिविटी कम देखने को मिलीं।  पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए। एमपी में अब तक 28 इंच से ज्यादा बारिश मध्यप्रदेश के ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। यहां सामान्य से 50% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। गुना, टीकमगढ़-निवाड़ी में सबसे ज्यादा बारिश हुई है, जबकि इंदौर में सबसे कम पानी गिरा है। उज्जैन संभाग की तस्वीर भी ठीक नहीं है। वहीं, भोपाल और जबलपुर में सीजन की आधी बारिश हुई है। प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 28.4 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 19 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 9.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मानसून सीजन (1 जून) से जोड़े को दो महीने बीत चुके हैं। इस दौरान प्रदेश में सामान्य की 76 प्रतिशत बारिश हो गई है। गुना में सबसे ज्यादा 42 इंच पानी गिरा इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। मंडला में 44 इंच, टीकमगढ़ में करीब 44 इंच निवाड़ी में 43 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है। इन जिलों की अच्छी-बुरी स्थिति विदिशा, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, पन्ना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम और उमरिया में 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में सबसे कम 11 इंच, बुरहानपुर में 11.1 इंच, बड़वानी में 11.5 इंच, खरगोन में 11.8 इंच ओर खंडवा में 12.8 इंच पानी ही गिरा है। ऐसे समझें बारिश का गणित… 40 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और रायसेन। 30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     ग्वालियर, विदिशा, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, पन्ना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम और उमरिया। 20 से 30 इंच तक बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, झाबुआ, अलीराजपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दतिया, दमोह, शाजापुर, नीमच, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, हरदा, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर। 10 से 19 इंच बारिश वाले जिले     इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा।

बूढ़ेश्वर महादेव: क्यों खास है छत्तीसगढ़ का यह 600 साल पुराना शिव मंदिर?

रायपुर सावन का आज चौथा सोमवार है। ऐसे में शिव मंदिरों में सोमवार सुबह से भक्तों की भीड़ लगी हुई है। रायपुर के शिलालयों में दर्शन करने के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। रायपुर के प्राचीन बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में लोग भगवान भोले को जलाभिषेक किए। बात रायपुर के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की करें, तो यहां पांच सौ वर्ष पूर्व बूढ़ातालाब के किनारे शिवलिंग की पूजा की जाती थी। मान्यता है कि शिवलिंग पर हमेशा सर्प लिपटे रहते थे। श्रद्धालु तालाब में स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करते थे। करीब 75 वर्ष पहले पुष्टिकर ब्राह्मण समाज ने यहां पर भव्य मंदिर बनवाकर शिवलिंग को प्राण प्रतिष्ठित की। रायपुर का बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, आदिवासी समाज के कुल देवता बूढ़ादेव के नाम पर बूढ़ातालाब का निर्माण हुआ था। इसी तालाब के किनारे स्थित शिवलिंग को बूढ़ेश्वर शिवलिंग कहा जाने लगा। बाद में मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर की विशेषता मंदिर परिसर में प्राचीन कुआं है। इस कुएं के जल से ही शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। कुएं के सामने भोलेनाथ के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा खुले आसमान में विराजित है। इस प्रतिमा का सोने, चांदी के बर्क से अगहन माह की अष्टमी तिथि पर विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश, कार्तिकेय, पार्वती, नंदीदेव भी प्रतिष्ठापित हैं। एक बड़े हाल के बीच छोटा सा गर्भगृह बना है और चारों ओर अनेक देवी-देवता विराजित हैं। राधा-कृष्ण, श्रीराम-सीता के मंदिर है।   हर सोमवार को श्रृंगार पुजारी पंडित महेश पांडेय ने बताया कि मंदिर में सावन के हर सोमवार को किया जाने वाला श्रृंगार प्रसिद्ध है। यहां पर विविध सामग्री से शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है। अलग-अलग रूपों में भोलेनाथ को सजाया जाता है। जलाभिषेक की व्यवस्था की जाती है। पुराने वटवृक्ष से लोगों की आस्था जुड़ी है। मंदिर में दर्शन करने की विशेष महत्व है। फेमस है भस्म आरती यहां महाशिवरात्रि और सावन महीने में दर्शन करने के लिए रायपुर सहित आसपास के जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि भव्य तरीके से मनाई जाती है। महाशिवरात्रि पर सुबह शिवलिंग पर भस्म आरती की जाती है। बनारस, उज्जैन और रामेश्वर ज्योतर्लिंग से भस्म मंगवाकर उसी भस्म का लेपन किया जाता है। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक होता है। शाम को भांग, धतूरा, चांदी, मालीपाणा के बर्क से श्रृंगार किया जाता है। 200 साल पुराना वटवृक्ष बूढ़ेश्वर मंदिर के 200 साल पुराना वटवृक्ष है। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र इस वृक्ष के नीचे वट सावित्री व्रत पूजा करने सैकड़ों महिलाएं पहुंचती हैं। इसी वृक्ष के नीचे ही नृसिंह जयंती पर नृसिंह लीला का भव्य मंचन किया जाता है, जो पूरे प्रदेशभर में मशहूर है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के ऊपर गुंबद नहीं बनाया गया है। भैरव अष्टमी पर मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।  

रेल नेटवर्क का मेगा प्रोजेक्ट: इटारसी से नागपुर के बीच 37 स्टेशन और 415 पुल के साथ नई लाइन

इटारसी रेल मंत्रालय ने देश के सबसे व्यस्त रेल गलियारों में से एक इटारसी से नागपुर के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना 297 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत 5,451 करोड़ बताई गई है। यह रेल मार्ग दिल्लीचेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा होगा और नागपुर में मुंबई-हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क से भी जुड़ेगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रेलवे की क्षमता बढ़ाना, यात्री और मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना तथा देश की लॉजिस्टिक संरचना को और मजबूत बनाना है। किन क्षेत्रों को होगा लाभ इस परियोजना से मुख्य रूप से 2 राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें महाराष्ट्र का नागपुर जिला, मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम (होशंगाबाद), बैतूल और पांढुरना शामिल है। उल्लेखनीय है कि ये सभी इलाके औद्योगिक और कृषि दोनों दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं। रेल लाइन का विस्तार इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास को रफ्तार देगा। वर्तमान रेल परिचालन चुनौतियों का समाधान इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन परियोजना न केवल रेलवे की वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करती है बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर एक मजबूत और टिकाऊ आधार भी तैयार करती है। इससे यात्री सुविधा, औद्योगिक विकास, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक समृद्धि को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। परियोजना की ये हैं मुख्य विशेषताएं -कुल 297 किमी की दूरी और 339 किमी ट्रैक लंबाई। -37 स्टेशन, 36 बड़े और 415 छोटे पुल, 2 रोड ओवरब्रिज (आरओबी), 74 रोड अंडरब्रिज (आरयूबी), 4 सुरंगें और 2 रेल ओवरब्रिज। -इस मार्ग से हर साल 1 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी। -इसके माध्यम से लगभग 1,206 करोड़ रुपए की लॉजिस्टिक लागत की बचत होगी।

रफ्तार बनी काल: थार की टक्कर से महिला की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

पटना रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुआं पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने सड़क किनारे खड़े चार लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 3 वर्षीय बच्ची समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृत महिला की पहचान इंदू देवी पत्नी हृदयानंद पंडित के रूप में की गई है। घायलों में मोहम्मद सलीमुद्दीन, मोहम्मद सलीम और पवन शामिल हैं। यह भीषण हादसा पास के पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक महिला सड़क के काफी किनारे चल रही थी, जबकि तीन अन्य लोग पेट्रोल पंप के पास स्कूटी खड़ी कर आराम कर रहे थे। तभी तेज गति से आई थार ने सभी को कुचल दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बिक्रमगंज-डेहरी मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर दिया। इससे पहले उन्होंने थार के चालक और उसके साथ सवार दो अन्य लोगों को पकड़कर जमकर पिटाई की और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तीनों नशे की हालत में थे। सूचना मिलते ही काराकाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि जाम हटाने और प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।

डिजिटल MP की ओर कदम: DL और रजिस्ट्रेशन कार्ड अब मिलेंगे नई टेक्नोलॉजी के साथ

भोपाल  मध्यप्रदेश परिवहन विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दिसंबर महीने से विभाग के द्वारा वाहनों के लिए कॉन्टैक्ट-लेस डिजिटल रजिस्ट्रेशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे। आरसी और लाइसेंस को आप सीधा अपने स्मार्टफोन से इसका पूरा डेटा देख सकेंगे। वर्तमान में आरसी कार्ड को रीड करने के लिए पीओएस या दूसरी मशीनों की जरूरत पड़ती है। दिसंबर से मिलेंगे डिजिटली डीएल और रजिस्ट्रेशन साल 2024 के सितंबर महीने में ही स्मार्ट कार्ड बनाकर देने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड को पीडीएफ में भेजा जा रहा था। अब लोगों को दिसंबर से नई तकनीक वाले डिजिटल स्मार्ट कार्ड बनाकर दिए जाएंगे। 200 रुपए से कम होगी फीस कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड बनवाने के लिए 200 रुपए से कम फीस ली जाएगी। अगर किसी व्यक्ति के पास पुराना कार्ड है और वह नया कार्ड बनवाना चाहते हैं तो उन्हें आरटीओ ऑफिस में जाकर आवेदन करना होगा। कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड से क्या होगा फायदा कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड होने के कारण इसे स्मार्टफोन से रीड किया जा सकेगा। जिसके जरिए फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। कार्ड डिस्पैच होने के बाद इसकी ट्रैकिंग की जा सकेगी। जिसकी जानकारी मैसेज के जरिए प्राप्त होगी। लाइसेंस प्रिंट होने के बाद सीधा आवेदक के घर पहुंचेगा। 

‘आपके भूलने से क्या होगा?’ – गहलोत के बयान पर राठौड़ ने कसा तंज, पायलट का किया जिक्र

जयपुर राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी की लहरें लगातार उठती रहती हैं। अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मानेसर प्रकरण को भूलने की बात पकड़ी है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि गहलोत भूलने की बात कर रहे हैं लेकिन उनके भूलने से क्या फर्क पड़ेगा, जब सचिन पायलट को वह सब कुछ आज भी याद है। राठौड़ ने कहा कि पायलट जब भी उस वक्त को याद करेंगे जब उन्हें नाकारा, निकम्मा कहा गया था, तो उनके मन में गुस्सा और निराशा ही आएगी। उन्होंने कहा कि गहलोत जैसे सीनियर और समझदार नेता को ऐसे हल्के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगर गहलोत वाकई में भूलना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे पायलट से कहें कि भूल जा भाई, मुझसे गलती हुई। भाजपा नेता ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गुटबाजी के कारण कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है। लोकतंत्र में मजबूत सरकार के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत भूल सकते हैं, पर फर्क तभी पड़ेगा जब पायलट भी भूलने को तैयार हों। उन्होंने कहा कि गहलोत कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, उन्होंने जो जहर घोला है, वो अपना असर दिखाएगा।

दिल्ली में बढ़ा अपराध: कांग्रेस सांसद की सुबह-सुबह चेन लूटी, FIR दर्ज

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में अब नेता भी सुरक्षित नहीं दिख रहे। कांग्रेस सांसद सुधा रामकृष्णन की आज सुबह दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में चेन छीन ली गई। सांसद तमिलनाडु भवन में रहती हैं। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। ये घटना तब हुई जब सुधा रामकृष्णन सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर गई थीं। इस दौरान बदमाश आए और उनकी चेन छीन फरार हो गए। तमिलनाडु के मयिलादुथुराई से सांसद रामकृष्णन ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब वह अपनी साथी सांसद डीएमके की रजती के साथ चाणक्यपुरी के पोलिश दूतावास के पास टहल रही थीं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इसमें बताया कि स्कूटर पर सवार एक शख्स ने उनकी चेन छीन ली। उसने हेलमेत से अपना चेहरा छिपाया हुआ था। उन्होंने बताया कि घटना सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट के आसपास की है। बदमाश विपरीत दिशा से उनके पास आया और सोने की चेन छीनकर फरार हो गया। गर्दन पर चोट, कपड़े भी फट गए उन्होंने बताया कि बदमाश काफी धीमे-धीमे उनकी तरफ आ रहा था, इसलिए वह अंदाजा भी नहीं लगा पाईं कि वो कुछ ऐसा करने वाला है। इस घटना में उनकी गर्दन पर चोट आई है और उनका चूड़ीदार भी फट गया।

भारी बारिश से तबाही: 46 जिलों में अलर्ट, अब तक 9 मौतें, कई शहरों में स्कूल बंद

 लखनऊ यूपी में मानूसन पूरी तरह से सक्रिय है। प्रदेश में नदियों से सटे हुए 17 जिलों में बारिश का कहर है। रविवार को अलग-अलग जिलों में बारिश की वजह से नौ मौतें हुईं। सोमवार की सुबह सीतापुर जिले में दीवार गिरने से दो किशोरियों की मौत हो गई। यह संख्या जोड़ लें तो 24 घंटे में प्रदेश में बारिश से 11 मौतें हो गई है। भारी बारिश को देखते हुए राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और राहत विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे हैं, ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। टीम-11 में शामिल मंत्रियों ने भी बाढ़ प्रभावित जिलों का रविवार को निरीक्षण किया। वर्तमान में प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों की 37 तहसीलें और 402 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के जवान चौबीसो घंटे पेट्रोलिंग कर रहे हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 17 जिलों में कुल 84392 लोग प्रभावित हैं, जिनमें से 47906 लोगों को राहत सामग्री दी गई है। बाढ़ की वजह से 2759 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 343 लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 327 लोगों को सहायता राशि मिल चुकी है। प्रदेश में 4015 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 493 नावों और मोटरबोट की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन इलाकों में अब तक 6536 खाद्यान्न पैकेट और 76632 लंच पैकेट बांटे गए हैं। 29 लंगरों के जरिये पीड़ितों को भोजन की सुविधा दी जा रही है।    ये मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों में करेंगे रात्रि विश्राम – नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’- प्रयागराज, मिर्जापुर व बांदा – स्वतंत्र देव सिंह और संजय गंगवार- जालौन – स्वतंत्र देव सिंह और प्रतिभा शुक्ला- औरैया – रामकेश निषाद- हमीरपुर – जयवीर सिंह- आगरा – सुरेश खन्ना- वाराणसी – संजय निषाद- कानपुर देहात – धर्मवीर प्रजापति- इटावा – अजीत पाल-फतेहपुर – दयाशंकर ''दयालु''- बलिया आज 46 जिलों में बारिश का अलर्ट यूपी में मानसून पूरी तरह से प्रभावी है। आज के लिए प्रदेश के तराई और आगरा मंडल के 15 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 31 अन्य जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है और 64 जिलों में गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी ट्रफ लाइन अभी भी प्रदेश के तराई इलाकों की ओर है। आज तराई व आगरा क्षेत्र में भारी बारिश के आसार हैं। कल रविवार को तराई, पूर्वांचल समेत विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली। तराई के कई जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। लखीमपुर खीरी और भदोही में सर्वाधिक 120 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं चित्रकूट और प्रतापगढ़ में 110 मिमी, अलीगढ़ में 100 मिमी, वाराणसी, बलिया, प्रयागराज, मिर्जापुर में 90 मिमी बारिश हुई। रविवार की देर शाम गोंडा, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई। यहां है भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मथुरा, हाथरस, आगरा, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।   यहां है भारी बारिश का यलो अलर्ट संतकबीरनगर, बस्ती, महाराजगंज, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, जालौन व आसपास के इलाकों में।   लखनऊ सहित कई जिलों में अवकाश लखनऊ में रविवार से हो रही भारी बारिश के चलते एक से लेकर 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश पांडेय के द्वारा यह अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो बच्चे स्कूल के लिए रवाना कर दिए गए हैं उन्हें वापस बुला लिया जाए। आदेश के देर से आने से कई स्कूलों के बच्चे रवाना हो गए थे। मालूम हो कि लखनऊ में बारिश रविवार से लगातार हो रही थी। अन्य जिलों में भी अवकाश घोषित लखनऊ के अलावा रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बहराइच और अंबेडकर नगर में भी अवकाश घोषित किया गया है। डीएम के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।