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देश और सनातन पर आए संकट में जनजातीय समाज सबसे आगे: योगी आदित्यनाथ

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश या सनातन धर्म के सामने जब कोई चुनौती आई तो भारत का जनजातीय समाज आगे बढ़कर खड़ा हुआ। भगवान राम के वनवास के 12 वर्ष कुशलतापूर्वक संपन्न हुए। उसके बाद माता सीता का अपहरण हो गया। तब राम के पास न तो अयोध्या न ही जनकपुर की सेना थी। तब जनजातीय समाज ने आगे बढ़कर उनका स्वागत और सहयोग किया। भगवान कृष्ण को भी सहयोग मिला। योगी शुक्रवार को वसंत महिला महाविद्यालय में आइसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय बिरसा मुंडा की विरासत आदिवासी सशक्तीकरण और राष्ट्रीय आंदोलन है। योगी ने महाविद्यालय परिवार को बिरसा मुंडा की राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महाविद्यालय के पास भी अपनी एक विरासत है। जिस प्रकार बिरसा मु़ंडा ने छोड़ा है। कृष्णमुर्ति फाउंडेशन इस महाविद्यालय के संचालन में अपनी भूमिका अदा करती है। जो एक विरासत है। उन्होंने एनी विसेंट के योगदान को भी याद किया। मदन मोहन मालवीय को याद करते हुए उनके द्वारा बीएचयू जैसी विरासत को छोड़ने का उल्लेख किया। कहा हम सभी को महापुरूषों की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। महाविद्यालय परिसर की तारीफ करते हुए कहा आप प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। जो जैसा दिखेगा वैसा बिकेगा का उल्लेख करते हुए कहा परिसर में प्रवेश करते ही लगा कि आपने भारत की गौरवशाली गुरुकुल परंपरा की स्मृतियों को ताजा करता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पद्म पुरस्कार विजेता अशोक भगत का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में जीवन जीया। उस क्षेत्र में गए जो लोग पिछड़े थे जहां तक सरकार नहीं पहुंच पाई। इसलिए इनका जीवन जनजातीय समाज की स्थिति, संघर्ष, उनकी विरासत आदि को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल, विधायक डा. नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, एमएलसी धर्मेंद्र राय, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज, सतुआबाबा संतोषाचार्य महाराज, प्रबंधक एसएन दूबे, प्राचार्य अलका सिंह, कार्यक्रम कन्वेनर रंजना सिंह आदि मौजूद रहे। योगी दो दिवसीय काशी दौरे पर थे। वह गुरुवार को विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ ही कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। आज सुबह कुछ विशिष्टजन से मिले। वह दोपहर 12 बजे के करीब हेलीकाप्टर से वापस चले गए।  

बहू बनी पिटाई की वजह: चारपाई से बांधकर ससुर को जमकर जड़े थप्पड़, सोशल मीडिया पर तहलका

इटावा  उत्तर प्रदेश के इटावा से एक शर्मसार करने वाला हादसा सामने आया है। यहां पर एक महिला ने अपने वृद्ध ससुर की जमकर पिटाई की है। उसने ससुर को चारपाई पर लिटाकर दोनों पकड़ लिए और फिर जमकर थप्पड़ मार रही है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।  वीडियो वायरल होने के बाद केस दर्ज  बता दें कि ये मामला थाना बकेवर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम राहतपुर का है। यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला ने बजुर्ग ससुर को चारपाई पर लिटाकर उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और उनपर लगातार थप्पड़ों की बौछार कर दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपने ससुर को जमकर थप्पड़ मार रही है। बहू का पिता भी वहीं खड़ा था और उसका मनोबल बढ़ा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद बहू और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  चारपाई से बांधकर की पिटाई  पीड़ित ससुर ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उनकी बहू सुपत्रा की शादी उनके बेटे धर्मेंद्र के साथ एक साल पहले हुई थी। बहू ने अभी एक महीने पहले ही बच्चे को जन्म दिया है। उसके बाद वह अपने मायके ही रहने लगी। पीड़ित ने बताया कि उसकी बहू उसके बेटे के साथ अब नहीं रहना चाहती। उसने बताया कि वो प्रति महीने खर्च की मांग कर रही है, लेकिन हमारा कहना है कि अगर बहू हमारे घर रहे तो हम उसका खर्च उठाए। अचानक से वह अपने पिता के साथ मेरे घर पहुंची और चारपाई से बांधकर मेरी पिटाई करने लगी। गांव वालों ने आकर मुझे बचाया। वहीं, पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की।  

क्रिकेट की दुनिया में धोखा: युवा खिलाड़ी से रणजी और आईपीएल में जगह दिलाने के नाम पर ठगी

इंदौर  अंडर-19 क्रिकेटर से आईपीएल और रणजी टीम में सिलेक्शन के नाम पर धोखाधड़ी हो गई। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से नजदीकी बताकर एक अन्य क्रिकेट खिलाड़ी ने पीड़ित से 12 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। लसूड़िया पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित ने कई युवाओं से ठगी की है। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक मानसरोवर नगर (इंदौर) निवासी एक क्रिकेटर की शिकायत पर आरोपित अभिषेक गैंगवार निवासी मानसरोवर कॉलोनी मुरादाबाद (उप्र) के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। आरोपित फिलहाल महालक्ष्मी अपार्टमेंट, सचिवालय कॉलोनी, केदारपुर, देहरादून (उत्तराखंड) में रहता है। पीडि़त ने पुलिस को बताया कि आरोपित अभिषेक से क्रिकेट मैच के दौरान नागपुर (महाराष्ट्र) में परिचय हुआ था। उसने प्रैक्टिस देखकर कहा कि तुम्हारा प्रदर्शन अच्छा है। वह आईपीएल और रणजी टीम में सिलेक्शन करवा सकता है। अभिषेक ने सिलेक्शन में खर्च करने का झांसा देकर किस्तों में 12 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। सिलेक्शन न होने और रुपये न लौटाने पर जानकारी निकाली तो पता चला अभिषेक सौराष्ट्र, उप्र, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई युवाओं से ठगी कर चुका है। उसके कोच भी इसी तरह की धोखाधड़ी में गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रीय खिलाड़ियों को वीडियो काल कर ठगता है आरोपित पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह अंडर-19 खेलता था। आरोपित भी क्रिकेट खिलाड़ी है। एक ही टीम में खेलने के दौरान दोस्ती हो गई थी। उसने कोविड के दिनों में कई दिनों तक झांसेबाजी की। वह उसके सामने ही राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट खिलाड़ियों से वीडियो कॉल पर बात करता था। इससे उसकी बातों पर आसानी से भरोसा हो गया। आरोपित ने पीड़ित से ऑनलाइन रुपये उसकी पत्नी आकांक्षा के खाते में जमा करवाए हैं।

फतवे के घेरे में छांगुर बाबा, मौलाना रजवी ने की बहिष्कार की अपील

बरेली धर्मांतरण के धंधेबाज बलरामपुर के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उस जैसे अन्य लोगों के खिलाफ बरेलवी मसलक से जुड़े उलेमा ने फतवा जारी किया है। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाज के लोगों द्वारा पूछे गए सवालों पर जुबानी फतवा जारी किया है। इसमें छांगुर बाबा जैसे लोगों का बहिष्कार करने की अपील की गई है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि छांगुर बाबा का प्रकरण पिछले दिनों से चर्चा में है। छांगुर बाबा ने लालच देकर के धर्मांतरण कराया और संयोजित तरीके से दूसरे धर्म की लड़कियों की दूसरे मजहब के लड़कों के साथ शादी कराता था। साथ ही अपने घर में अपने लिए एक कब्र बनवा रखी थी। उसके पास नोजवानों की एक फौज थी, उसके माध्यम से छांगुर बाबा लोगों पर दबाव बनाता था। इन तमाम बातों पर कई लोगों ने इस्लाम के नजरिए को समझने के लिए फतवा चाहा और प्रशन पूछें है। मौलाना ने बताया है कि इस्लामी दृष्टिकोण से और छांगुर बाबा के सम्बंध में जो चीजें सामने आई है उसके पेशे नजर जुबानी फतवा दिया है। जिसमें कहा है कि इस्लाम धर्म के हिसाब से किसी व्यक्ति के ऊपर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। पैगम्बरे इस्लाम की पूरी जीवनी पढ़ डालिए उन्होंने कभी भी किसी गैर मुस्लिम को लालच नहीं दिया। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी किसी गैर मुस्लिम पर इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए दबाव नहीं डाला। उनकी जीवनी पर लिखी गई हजारों किताबों में एक वक्या भी इस तरह का नहीं मिलेगा। वो मुस्लिमों और गैर मुस्लिमों दोनों के साथ अच्छा व्यवहार और अच्छा सलूक करते थे, वो सभी के मुश्किल समय में सहयोग के लिए खड़े हो जाते थे। धर्म का प्रचार प्रसार करना ठीक, धर्मांतरण कराना गलत मौलाना ने कहा कि धर्म के प्रचार-प्रसार की हर शख्स को इजाजत हासिल है। इस्लाम का प्रचारक अपने धर्म के प्रचार के किसी गैर धर्म के लोगों के सामने इस्लाम की खुबिया बयान तो कर सकता है, लेकिन उसे इस बात की बिल्कुल इजाजत नहीं है कि वो पहले से अपने धर्म पर अमल कर रहे उनका धर्मांतरण कराया जाए। मौलाना ने आगे कहा कि इस्लाम जब्र, दबाव, लालच का धर्म नहीं है बल्कि प्यार और मोहब्बत वाला धर्म है। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने जो कुछ भी किया वो गैर कानूनी तो है ही साथ ही उन्होंने इस्लाम के वसूलों के खिलाफ भी काम किया। उनके द्वारा इस्लाम की छवि को धूमिल किया गया, बहुत सारे समाज के लोग मुसीबतों का शिकार हुए। इसलिए वो इस्लाम की नजर में मुजरिम है और गुनहगार है। मुस्लिम समाज ऐसे लोगों का बहिष्कार करें।

नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त, मुजफ्फरनगर में कांवड़ियों की बाइकें जब्त

मुजफ्फरनगर यूपी के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने बिना साइलेंसर वाली बाइकों का इस्तेमाल करने वाले कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. शहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि बिना साइलेंसर वाली और तेज आवाज करने वाली बाइकों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई है. नियम तोड़ने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.  मुजफ्फरनगर के एसपी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हनी नाम के एक दुकानदार को मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसके पास से 12 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं. वहीं, दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना साइलेंसर वाली 15 से ज़्यादा मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं.  इस बीच देर शाम मुजफ्फरनगर पहुंचे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इसके साथ ही कांवड़ रूट पर हादसे रोकने के लिए पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है. डाक कांवड़ ले जाने वालों और अन्य श्रद्धालुओं को नियमों से अवगत कराया.  मीडिया से बात करते हुए एडीजी ने कहा- सभी श्रद्धालुओं और जनता से अनुरोध है कि वे ट्रैफिक रूल्स और पुलिस-प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें. पुलिस का सहयोग करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुगम और शांतिपूर्ण संपन्न हो सके. फिलहाल, यात्रा के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए स्पेशल ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है. सभी प्रमुख रूटों पर पुलिस की निगरानी है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गई हैं. नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रहेगी. 

राजस्व मंत्री का बड़ा ऐलान: 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक, शहरी क्षेत्र बाहर

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 पारित हो गया है. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विधेयक पेश किया, जिसे चर्चा के बाद पारित किया गया. इस विधेयक में वर्तमान भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें 5 डिसमिस से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री की अनुमति थी. विधानसभा में राजस्व मंत्री वर्मा ने विधेयक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “धारा 70 में पूर्व में भाजपा सरकार में 5 डिसमिल के नीचे की जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद धड़ल्ले से 5 डिसमिल से नीचे की जमीन की रजिस्ट्री करवायी गई, जिसके कारण पूरे प्रदेश में अवैध प्लॉटिंग शुरू हो गई. उन्होंने कहा कि इससे जगह-जगह समस्याएं उत्पन्न हो गई.” अभी धारा में जो संशोधन किया जा रहा है, उसके अनुसार 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी. मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह शहरों में लागू नहीं होगा, क्योंकि शहर वैसे भी कृषि भूमि से बाहर हैं. शहर में डायवर्टेड भूमि जो व्यवसायिक एवं आवासीय होता है, उसकी रजिस्ट्री हो जाती है. धारा 107 में जो संशोधन है, वह जियो रिफरेन्सिंग बेस्ड नक्शे तैयार किए जा रहे हैं. इसके आने से सीमांकन व बटांकन के सारे विवाद समाप्त हो जाएंगे. जियो रिफेरेन्सिंग से बने डिजिटल मैप को मिली कानूनी मान्यता उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में जियो रिफरेन्सिंग का काम चल रहा है, लेकिन विधिक मान्यता नहीं थी. इसलिए विधेयक लाया गया है, इस विधेयक के माध्यम से जियो रिफेरेन्सिंग का डिजिटल मैप को मान्यता मिलेगी, उसके हिसाब से काम होगा, भविष्य में नक्शा बंटाकन में कोई गड़बड़ी नहीं होगी. राजस्व मंत्री वर्मा ने विधेयक के धारा 110 की उपधारा 7 में रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया की जानकारी दी और साथ ही साथ ही दान की भूमि का नए प्रावधान बताए. अब रोड, गार्डन, मंदिर के लिए छोड़ी जमीन नहीं बेच पाएंगे बिल्डर इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि जो कॉलोनी डेवलपर बहुमंजिला भवन बनाते हैं और फ्लैट्स बेचते हैं. फ्लैट तो क्रेता के नाम पर होता है, लेकिन जमीन बिल्डर के नाम पर होती है. इसमें भी संशोधन किया गया है. अब फ्लैट मालिकों के साथ 10 हजार वर्गफुट जमीन भी सामानुपातिक रूप से उन क्रेताओं के नाम पर रहेगी. चाहे वह गार्डन हो, मनोरंजन का स्थान हो, भवन हो, उस एरिया में जितनी जमीन रहेगी, वह सभी समानुपातिक रूप से वहां पर बसने वाले क्रेताओं के नाम पर दर्ज होगी. अब तक रोड, गार्डन के लिए छोड़ी हुई जगह पर कॉम्पलेक्स बना देते थे और रोड को बेच देते थे, यह सभी समस्याएं संशोधन में ठीक हो जाएंगी. पट्टा अधिकार को लेकर हितग्राही की वार्षिक आय में वृद्धि राजस्व मंत्री वर्मा ने भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2025 के अलावा एक और विधेयक छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया, जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया गया. इस विधेयक के तहत बीएलसी के अंतर्गत नगरीय निकाय क्षेत्र में निवासरत पात्र हितग्राही ईडब्ल्यूएस श्रेणी की वार्षिक अधिकतम आय 3 लाख रुपए निर्धारित की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवास व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम 2023 की कंडिका 2(ख) पात्र व्यक्ति की वार्षिक आय ढाई लाख रूपए से अधिक न हो, का प्रावधान है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाए का संशोधन कर रही है.

मेयर पुष्यमित्र का दावा: इंदौर लगातार 9वीं बार बनेगा स्वच्छता चैंपियन

इंदौर  स्वच्छता लीग में शीर्ष अंक हासिल करने के बाद मेयर पुष्य मित्र भार्गव, निगमायुक्त शिवम वर्मा शुक्रवार को दिल्ली से इंदौर लौटे। अवार्ड मिलने की खुशी में इंदौर में जश्न मनाया गया। एयरपोर्ट से राजवाड़ा तक निकली रैली का जगह-जगह स्वागत शहरवासियों ने किया। इस मौके पर राजवाड़ा पर आयोजित कार्यक्रम में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्वच्छता अब हमारा संस्कारों में शामिल हो गई है। हमने सफाई में अष्ठसिद्धि प्राप्त की। अब नौवीं बार भी हम स्वच्छता के शीर्ष पर होंगे। स्वच्छता में अब हम और भी नवाचार करने जा रहे है। शहरवासी एप के माध्यम से कचरा वाहन घर पर बुलवा सकेंगे। मेयर ने कहा कि सफाईकर्मियों के लिए भी सुविधाएं बढ़ाने का काम नगर निगम करेगा। तनख्वाह में एक हजार रुपये की बढ़ौत्री की मांग हमने सरकार से की है। दिल्ली से मिली ट्राॅफी के साथ महापौर परिषद सदस्यों व पार्षदों ने फोटों खिंचावाई। नाचकर मनाया जश्न राजवाड़ा पर नगर निगम कर्मचारी, सफाई मित्रों ने ढोलक की थाप पर नाच कर अपनी खुशी का इजहार किया। इसके अलावा मिठाई भी बांटी गई। एयरपोर्ट से जब मेयर का काफिला निकाला तो कालानी नगर चौराहे पर भी स्वागत हुआ। इसके अलावा अन्य जगह भी मंच लगे हुए थे। राजवाड़ा के बाद दिल्ली से मिले अवार्ड को नगर निगम परिसर में गया। उधर गुरुवार रात को प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी इंदौर आए थे तो उनका भी भाजपा समर्थकों ने राजवाड़ा पर स्वागत किया।  

एक पेड़, एक ज़िंदगी अभियान को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विकास और पर्यावरण संतुलन एक साथ आवश्यक हैं। सुखद, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के पुनीत कार्य में सभी की सहभागिता ज़रूरी है। पौधारोपण व्यक्ति को जीवन और प्रकृति के बीच आत्मीय संबंध की गहरी अनुभूति भी कराता है। प्रदेश में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनचेतना के लिए मीडिया समूह के “एक पेड़, एक ज़िंदगी” अभियान की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहना की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभियान हरियाली बढ़ाने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मीडिया समूह द्वारा जनसामान्य को तुलसी के बीज वितरित कर आयुर्वेदिक परंपरा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच के संबंध को भी सशक्त किया जा रहा है। यह नवाचार न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि प्रेरणादायक भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश में “जल-गंगा संवर्धन अभियान”, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति वृक्षारोपण को अपनी भावनाओं और स्मृतियों से जोड़ता है, तो उसका संरक्षण भी स्वाभाविक रूप से होता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पर्यावरण और विकास विरोधी तत्व नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। जितना आवश्यक अधोसंरचना, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विकास है, उतना ही महत्वपूर्ण स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली को संरक्षित रखना भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों से जुड़ें और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

18 टीमों की छानबीन, 14 ठिकानों पर छापे: छांगुर बाबा के ठिकानों से करोड़ों की बरामदगी

बलरामपुर लखनऊ और बलरामपुर समेत कई जिलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों में बड़ा एक्शन लिया है. छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए ईडी की 18 टीमों ने एक साथ 14 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई सुबह 6 बजे एक साथ शुरू की गई, ताकि किसी को भागने का मौका न मिले. बलरामपुर, उतरौला, लखनऊ, पुणे समेत अन्य स्थानों पर चली इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं. बलरामपुर में कार्रवाई लगभग 13 घंटे तक चली, 100 करोड़ की संपत्तियों की जांच हुई. यहां जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के घरों पर भी दबिश, लेनदेन का ब्योरा जुटाया गया. वहीं लखनऊ के चिनहट में बलरामपुर CGM कार्यालय के बाबू राजेश उपाध्याय के घर भी छापा मारा गया. बलरामपुर के उतरौला में एटीएस ने जहां जांच की थी, उन जगहों को भी ईडी ने खंगाला. कार्रवाई में सोना, नकदी, लग्जरी गाड़ियां और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए.  इसके अलावा दुबई, यूएई और नेपाल से फंडिंग के सुराग भी मिले हैं. ईडी ने नीतू और नवीन की संपत्तियों की भी जांच की है. उतरौला में सुबह 6 बजे से छापेमारी की गई. यहां एक कॉम्प्लेक्स जो नीतू के नाम था, उसमें भी छानबीन की गई. दुकान में रखे सामान, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की गहराई से जांच हुई है. मधपुर स्थित छांगुर के मकान में पुलिस ने कमरों के ताले खुलवाए और अंदर की बारीकी से जांच की गई. प्रशासन द्वारा ढहाई गई कोठी की भी जानकारी ली गई है. पूर्व प्रधान जुम्मन सहित कई लोगों से पूछताछ हुई, जिन्होंने छांगुर से पैसे लिए या जमीन के सौदों में शामिल रहे. बेनामी और नामी संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो इस दौरान कई लोगों की जुबान लड़खड़ाई, माथे पर चिंता की लकीरें दिखीं. ईडी ने किसी को बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी. रेहरामाफी गांव और रफीनगर जैसे स्थानों पर भी छापेमारी की गई और लोगों से पूछताछ हुई. छापामारी सुबह 6 बजे की गई, ताकि कोई भाग न सके. एसटीएफ की टीम ने उतरौला में सबरोज नाम के युवक से पूछताछ की, कोई संबंध नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया. छांगुर के भतीजे सोहराब और उसके सहयोगी रशीद की तलाश में ATS जुटी है. इसके अलावा पुणे के लोनावला में 16 करोड़ की संपत्ति की जांच की जा रही है, जिसमें छांगुर बाबा, नवीन रोहरा और मोहम्मद अहमद के नाम शामिल हैं. संगीता देवी का नाम भी इस संपत्ति से जोड़ा जा रहा है. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत जुटाने में लगी है.

यूपी में डिजिटल अरेस्ट केस में पहली सजा, 7 साल की कैद से शुरू हुआ नया अध्याय

लखनऊ उत्तर प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट मामले में पहली बार सजा सुनाई गई. राजधानी लखनऊ में महिला डॉक्टर से 85 लाख ठगने वाले एक ठग को कोर्ट द्वारा 7 साल की सजा दी गई. आपको बता दें कि खुद को CBI अधिकारी बताकर केजीएमयू की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौम्या गुप्ता से 85 लाख रुपये ठगने वाले साइबर अपराधी देवाशीष को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. यह ऐतिहासिक फैसला स्पेशल सीजेएम कस्टम अमित कुमार ने सुनाया.  मामले की विवेचना साइबर थाना लखनऊ ने की थी और इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव द्वारा कोर्ट में ठोस साक्ष्य पेश किए गए. साइबर क्राइम के इतिहास में यह देश का पहला मामला है जिसमें डिजिटल अरेस्ट के आरोप में 14 महीने के भीतर कोर्ट से सजा सुनाई गई है. जानिए पूरा मामला  अभियोजन अधिकारी मषिन्द्र ने बताया कि 15 अप्रैल 2024 को डॉ. सौम्या गुप्ता केजीएमयू में अपनी ड्यूटी कर रही थीं. तभी आरोपी देवाशीष ने उन्हें कॉल कर खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि वह दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से बोल रहा है. उसने दावा किया कि डॉ. गुप्ता के नाम से एक कार्गो बुक है जिसमें जाली पासपोर्ट, एटीएम कार्ड और 140 ग्राम एमडीएम मिला है. इसके बाद देवाशीष ने कॉल को ट्रांसफर कर खुद को फर्जी CBI अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से बात करवाई, जिसने डॉ. गुप्ता को धमकाया कि उन्हें सात साल की जेल हो सकती है. डर के चलते डॉक्टर ने अपनी पर्सनल जानकारी जैसे- बैंक खाता, पैन नंबर और संपत्ति विवरण साझा कर दिया.  आरोपियों ने डर और धमकी के माध्यम से डॉक्टर को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और अलग-अलग चार बैंक खातों में कुल 85 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. जांच-पड़ताल के क्रम में आरोपी की पहचान देवाशीष के रूप में हुई जिसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उसे सात साल की सजा और जुर्माना भी लगाया. देवाशीष आजमगढ़ के अजमतगढ़ क्षेत्र के मसौना गांव का रहने वाला है.