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जगदलपुर में शिक्षा सुधार की पहल, शिक्षकों को विनोबा ऐप अपनाने की सलाह

जगदलपुर : शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु शिक्षक उपयोग करें विनोबा एप्प-सीईओ जैन शिक्षकों को विनोबा ऐप के उपयोग का सुझाव, शिक्षा गुणवत्ता में आएगा सुधार : सीईओ जैन जगदलपुर में शिक्षा सुधार की पहल, शिक्षकों को विनोबा ऐप अपनाने की सलाह शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश जगदलपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के दृष्टिकोण से सोमवार को जिले के शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन द्वारा ली गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जैन ने कहा कि सभी शिक्षक विनोबा एप्प के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी नियमित तौर पर प्रदान करें। जिला स्तर से सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी और बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही अवंती फाउंडेशन के माध्यम से जिले के प्रतिभावान बच्चों को जेईई की तैयारी के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए मेघावी बच्चों के चयन की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होने कहा कि जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाने हेतु लक्ष्य के पूर्ति हेतु शिक्षकों को आवश्यक प्रयास करने के संबंध में निर्देशित किया गया है। इसे मद्देनजर रखते हुए बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने सहित उत्कृष्ट नतीजे हासिल करने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करें।      बैठक के दौरान मासिक टेस्ट एवं परीक्षा, यु-डाईस प्रोग्रेशन, शाला त्यागी के प्रवेश, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत संमीक्षा की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा अखिलेश मिश्रा, एपीसी राकेश खापर्डे एवं जयनारायण पाणीग्राही, विनोबा ऐप की जिला समन्वयक नीलिमा, अवंती फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित जिले में पदस्थ खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्त्रोत समन्वयक एंव प्राचार्य उपस्थित थे। शिक्षा में बदलाव और सीखने के प्रयासों में सुधार लाने हेतु व्यापक डिजिटल मंच है विनोबा एप्प            विनोबा ऐप ओपन लिंक फाउंडेशन द्वारा विकसित की गई है ऐप का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शैक्षिक सहायता प्रदान करना है। जो शिक्षण सामग्री की उपलब्धता के साथ ही यह शिक्षकों को दैनिक एवं साप्ताहिक योजनाएँ, गतिविधियां, वर्कशीट और वीडियो सहित विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री प्रदान करती है। इससे शिक्षक अपनी कक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं और बच्चों को रुचिकर तरीके से पढ़ा सकते हैं।        विनोबा ऐप शिक्षकों को अपने काम को सुविधाजनक बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करता है। दूरस्थ अंचलों के स्कूलों में जहां शिक्षकों की कमी होती है, वहां ऑडियो-वीडियो माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सहायता मिलती है। शिक्षक अपनी कक्षागत गतिविधियों, स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों, फोटो और वीडियो को ऐप पर साझा कर सकते हैं। यह शिक्षकों को एक-दूसरे के काम से सीखने, सर्वोत्तम उदाहरण को अपनाने और एक जीवंत शिक्षक समुदाय बनाने में मदद करता है। ऐप के माध्यम से स्कूलों की गतिविधियों और शिक्षकों के प्रदर्शन की निगरानी की जा सकती है। संकुल, ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारी स्कूलों की गतिविधियों को देख सकते हैं और आवश्यक निर्देश या मार्गदर्शन दे सकते हैं। यह दैनिक और मासिक छात्र उपस्थिति की निगरानी में भी योगदान देता है, जिससे शीर्ष प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की पहचान की जा सकती है। यह डेटा विश्लेषण के आधार पर त्वरित उपाय और मार्गदर्शन प्रदान करने में मदद करता है। शिक्षा अधिकारी स्कूल दौरों, स्कूल गतिविधियों और कक्षाओं पर अपने अनुभव और टिप्पणियों को आसानी से रिकॉर्ड और साझा कर सकते हैं। यह ऐप विभिन्न डेटा संग्रह चैनलों जैसे फॉर्म, एक्सेल शीट, ओएमआर शीट आदि के माध्यम से शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से जानकारी एकत्र करने में मदद करता है। साथ ही अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और स्कूलों की पहचान की जाती है। ऐसे शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है, जिससे अन्य शिक्षकों को प्रेरणा मिलती है। यह ऐप समग्र शिक्षा अकादमिक कार्यक्रमों जैसे मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान, जीवन कौशल कार्यक्रम जैसे कविता पाठ, कहानी सुनाना, विज्ञान क्लब, पर्यावरण क्लब, किचन गार्डन, स्पोकन इंग्लिश इत्यादि को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता प्रदान करता है। विनोबा ऐप ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा में बदलाव लाने और सीखने के परिणामों में सुधार लाने के लिए एक व्यापक डिजिटल मंच है, जो शिक्षकों को सशक्त बनाता है और संचार को सुव्यवस्थित करता है।    

बोट क्लब पर ट्रैफिक प्रतिबंध: सुबह 5 से 9 तक नहीं मिलेगी एंट्री, 26 जुलाई तक लागू

भोपाल  15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के चलते मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक के मार्ग पर सुबह 5 से 9 बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन नहीं गुजर सकेंगे।15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के कारण मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक का मार्ग सुबह 5 से 9 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही नहीं हो सकेगी। वन विहार जाने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटक और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की व्यवस्था की है। ऐसे में वन विहार घूमने की सोच रहे लोग सीधे इस वैकल्पिक गेट का उपयोग करें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस की अपील, नियमों का पालन करें यातायात पुलिस भोपाल ने आम जनता से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर सुबह के समय अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटकों और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऐसे लोग जो वन विहार जाना चाहते हैं, उन्हें गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की सलाह दी जाती है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर अनावश्यक रूप से सुबह के समय यात्रा से बचें। किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करने पर यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

विवादित वीडियो से मचा बवाल, कांवड़ यात्रा को लेकर शिक्षक पर दर्ज हुई प्राथमिकी

बरेली बरेली जिले की बहेड़ी थाना पुलिस ने कथित तौर पर कांवड़ यात्रा को लेकर एक विवादित गीत का वीडियो सामने आने पर एक इंटर कॉलेज के शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एमजीएम इंटर कॉलेज के शिक्षक रजनीश गंगवार द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर विवादित गीत गाने पर मामला पंजीकृत कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो में शिक्षक गंगवार को कॉलेज में बच्चों के सामने गीत गाकर कांवड़ न लाने और ज्ञान का दीप जलाने की बात कहते सुना जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जतायी है। महाकाल सेवा समिति के पदाधिकारियों, एक सभासद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पुलिस से मिलकर शिक्षक के ख़िलाफ़ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। थाना बहेड़ी के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संजय तोमर ने बताया कि शिक्षक रजनीश गंगवार के खिलाफ सोमवार की रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को आधी रात जारी एक बयान में कहा कि थाना बहेडी क्षेत्र के तहत आने वाले एमजीएम इंटर कॉलेज के अध्यापक का एक वीडियो सार्वजनिक होने के संबंध में पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, बरेली के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो के बारे में जांच कराई गई और इसमें शिक्षक से भी स्पष्टीकरण लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की मंशा खराब नहीं है, वीडियो पहले का है और किसी ने तूल देने के लिए जानबूझकर सावन के दिनों में इसे प्रसारित किया है। पुलिस से इस मामले में शिकायत करने वालों में भाजपा नेता राहुल गुप्ता, महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता, नगर पालिका सभासद दिनकर गुप्ता, महंत धर्मेंद्र रस्तोगी और कई अन्य लोग शामिल हैं।  

बीजापुर में शिक्षा दूत की हत्या, शिक्षा दूतों का नक्सलियों पर पुलिस मुखबिर होने के शक में हत्या का

बीजापुर  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहे दो शिक्षादूतों की बीती रात नक्सलियों ने अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी. मृतक शिक्षादूतों की पहचान पिल्लूर निवासी विनोद मड्डे (32 वर्ष) जो कोंडापड़गु प्राथमिक शाला में पदस्थ थे. दूसरे शिक्षा दूत की पहचान सुरेश मेटा (28 वर्ष) के रूप में हुई है जो प्राथमिक शाला, टेकमेटा में पदस्थ थे. दोनों के शव गांव के पास जंगल में फेंके गए मिले हैं. जबरन घर से उठाकर नक्सलियों ने की हत्या: ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात अज्ञात नक्सलियों ने दोनों को जबरन घर से उठाया, उनसे पूछताछ के बाद कुछ ही घंटों बाद उनकी हत्या कर दी. यह घटना फारसेगढ़ थाना क्षेत्र की है, परंतु इलाके में फैले डर के कारण ग्रामीण अब तक पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवा सके हैं.  इससे पहले, बीजापुर में नक्सलियों ने 15 दिनों में मुखबिरी के शक में 6 लोगों की हत्या की थी। जिसमें 4 ग्रामीण और 2 छात्र शामिल हैं। नक्सलियों ने पिछले 25 साल में 1821 लोगों का मर्डर किया है। 17 जून को 3 लोगों की हुई थी हत्या इससे पहले, 17 जून 2025 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले के एक गांव में 3 ग्रामीणों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इनमें एक 13 साल का 7वीं और दूसरा 20 साल का कॉलेज का छात्र और तीसरा ग्रामीण युवक शामिल है। पूरा मामला पेद्दाकोरमा गांव का है। गांववालों का कहना था कि, 17 जून की शाम करीब 70 से 80 की संख्या में हथियार बंद नक्सली पहुंचे थे। उन्होंने छात्र सोमा मोड़ियाम (20), अनिल माड़वी (13) समेत एक अन्य ग्रामीण को घर से उठा लिया था।सोमा इसी साल 12वीं पास कर कॉलेज में दाखिल हुआ था, जबकि अनिल 7वीं का छात्र था। नक्सली गांव के 10 से ज्यादा लड़कों को बंधक बनाकर अपने साथ लेकर गए। हालांकि, उनकी बेदम पिटाई करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। पुलिस के एक्शन से बौखलाए नक्सली अब स्कूल और कॉलेज के बच्चों का कत्ल कर रहे हैं। सरेंडर नक्सली के रिश्तेदारों की हत्या दरअसल, मारे गए सभी ग्रामीण DVCM कैडर के सरेंडर नक्सली दिनेश मोड़ियम के रिश्तेदार थे। नक्सलियों ने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने उसे सरेंडर करने के लिए उकसाया, उससे पैसे लिए। इसी वजह से इनकी हत्या कर मौत की सजा दे दी। 22 जून को भी 2 लोगों को मार डाला इसके बाद बीजापुर जिले में 22 जून को नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर समैय्या और वेको देवा की हत्या की थी। समैय्या पहले नक्सली था। उसने 2025 में आत्मसमर्पण किया है। वहीं वेको देवा ग्रामीण है। दोनों नक्सल प्रभावित गांव सेंड्राबोर और एमपुर के रहने वाले थे। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। कौन है शिक्षा दूत: विनोद मड्डे और सुरेश मेटा, दोनों ही शिक्षादूत योजना के तहत नक्सल प्रभावित बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने की मुहिम में लगे थे. गृहमंत्री विजय शर्मा कुछ समय पहले जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में पहुंचे थे, उस दौरान इन शिक्षादूतों की सराहना भी की थी, जो विषम हालात में भी बच्चों को शिक्षा देने के कार्य में जुटे थे. इन शिक्षकों को राज्य सरकार की ओर से 10,000 से 12,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है. जिले में इस समय लगभग 350 शिक्षादूत कार्यरत हैं, जो दुर्गम इलाकों में जाकर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं. परिवार में रो रोकर बुरा हाल: शिक्षादूत विनोद मड्डे के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जबकि सुरेश मेटा अब तक अविवाहित थे. उनके परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पिल्लूर और टेकमेटा गांव में मातम छाया हुआ है. गांववाले इस क्रूर घटना से सदमे में हैं और लगातार सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. मुखबिरी के शक में अबतक हुई हत्याएं     2 जुलाई 2025: बीजापुर के उसूर में युवक की हत्या, मुखबिरी का आरोप     20 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर दो लोगों की नक्सलियों ने की हत्या     4 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा के ककाड़ी के रहने वाले हड़मा हेमला की हत्या, पुलिस मुखबिरी का आरोप     21 दिसंबर 2024: बीजापुर में नक्सलियों ने कथित जनअदालत लगाकर एक ही परिवार के 2 लोगों की हत्या की     11 दिसंबर 2024: बीजापुर के फरसेगढ़ में युवक पर मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या     6 दिसंबर 2024: बासागुड़ा थाना इलाके के तिम्मापुर गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या     8 दिसंबर 2024: मद्देड़ इलाके के लोदेड़ गांव में 40 साल की महिला की हत्या     12 नवंबर 2024: बीजापुर में ग्रामीण माड़वी दुलारू की हत्या, पुलिस मुखबिर का आरोप     29 अक्टूबर 2024: बीजापुर में 35 साल के ग्रामीण दिनेश पुजार की हत्या     23 अक्टूबर 2024: सुकमा में ग्रामीण को अगवा कर उसकी हत्या की थी.     19 अक्टूबर 2024: सुकमा में पुलिस मुखबिरी के शक में युवक की हत्या     25 सितंबर 2024: सुकमा के भंडारपदर गांव में 50 साल के ग्रामीण पीट पीटकर हत्या     12 सितंबर 2024: बीजापुर के जप्पेमरका में 2 ग्रामीणों का अपहरण कर फांसी पर लटकाया     28 अगस्त 2024:बीजापुर के मिरतुर में 27 साल के युवक की तिमनार गांव में हत्या     28 अगस्त 2024: भैरमगढ़ में नक्सलियों ने की युवक की हत्या     23 अगस्त 2024: गंगालूर थाना इलाके के पूसनार गांव के जमींदार की हत्या     11 अगस्त 2024: कोंटा में उप सरपंच की हत्या     11 जुलाई 2024: सुकमा में नक्सलियों ने की युवक की हत्या 25 साल में 1821 लोगों की हत्या बता दें कि, नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से लेकर अब तक यानी पिछले 25 सालों में बस्तर के अलग-अलग जिलों में कुल 1821 लोगों की हत्या की है। इनमें आम नागरिक समेत जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्या बीजापुर जिले में ही हुई है।  

मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट भू-अभिलेख सुधार, डिजिटल सर्वे और राजस्व न्यायालयों में मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें। केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है। श्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सपनों जैसा आशियाना: 140 करोड़ के इस फ्लैट में मिलती हैं ये रॉयल सुविधाएं

गुरुग्राम नोएडा से गुरुग्राम तक एनसीआर के रियल स्टेट सेक्टर में इन दिनों खूब बूम है। लोग यहां अपना ठिकाना बनाने के लिए बड़ी से बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हैं। इस बीच गुरुग्राम में बिके एक फ्लैट की कीमत सुनकर हर कोई हैरान है और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर उस सोसाइटी में क्या सुविधाएं दी जा रही हैं, जहां एक फ्लैट के लिए कोई 50 करोड़ से ज्यादा भी खर्च कर सकता है। दरअसल, जोमेटो के को-फाउंडर दीपांकर गोयल ने तीन साल पहले यहां 52.3 करोड़ रुपये में 6BHK फ्लैट बुक किया था, जिसकी अब रजिस्ट्री कराई है। कंपनी के मुताबिक अब यहां शुरुआती कीमत 70 करोड़ रुपये है। प्रॉजेक्ट में 4 BHK, 5BHK और 6BHK के फ्लैट (पेंटहाउस) हैं। हाल में गोयल ने गुरुग्राम में डीएलएफ के 'द कैमेलियास' प्रॉजेक्ट में अल्ट्रा लग्जरी अपार्टमेंट की रजिस्ट्री कराई है। उन्होंने इसे तीन साल पहले 52.3 करोड़ रुपये की कीमत पर बुक कराया था। बताया गया है कि मार्च में रजिस्ट्री कराई गई है जिसके लिए 3.66 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी पर खर्च किए गए। उन्होंने अगस्त 2022 में सीधे रियल स्टेट कंपनी डीएलएफ से इसकी खरीद की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक गोयल का फ्लैट टावर-1 में पांचवीं मंजिल पर है। अब ऐसे फ्लैट की कीमत 140 करोड़ डीएलएफ फेज-5 में स्थित अल्ट्रा लग्जरी अपार्टमेंट्स की कीमत पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, ब्रोकर्स का कहना है कि जिस फ्लैट को गोयल ने 52.3 करोड़ में खरीदा है उस साइज के अपार्टमेंट की कीमत अब 140 करोड़ से ज्यादा है। कितना बड़ा अपार्टमेंट है? रियल स्टेट पर नजर रखने वाले जैपकी की ओर से बताया गया है कि यह अपार्टमेंट 10.813 स्क्वायर फीट में बना हुआ है, जिसमें 5 पांच पार्किंग स्पेस शामिल है। 7 स्टार होटल जैसी सुविधाएं और फील 17.5 एकड़ जमीन पर बने इस प्रॉजेक्ट में की कीमत जितनी ऊंची है, सुविधाएं भी उतनी शानदार हैं। इन अपार्टमेंट्स को विजिट करने वाले कहते हैं कि यहां रहना ऐसा है जैसा कि आप साल के 365 दिन और चौबीसों घंटे 7 स्टार होटल में रह रहे हों। अंदर आपको ऐसे शानदार नजारे मिलेंगे। क्या-क्या सुविधाएं हैं ⦁ कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक यहां लगभग सभी तरह के इंडोर-आटडोर खेलों की वर्ल्ड क्लास व्यवस्था है। ⦁ क्लब हाउस और पार्टी लॉन्स की व्यवस्था की गई है। ⦁ स्विमिंग पूल का आनंद लिया जा सकता है तो फिटनेस के लिए जिम की व्यवस्था है। शानदार क्लब हाउस ⦁ बच्चों के लिए डे केयर की व्यवस्था की गई है। ⦁ ऑफ सेफ को कॉल करके बुला सकते हैं और अपने लिए लजीज व्यंजन तैयार करवा सकते हैं। वाई-फाई कनेक्टिविटी और चौबीसों घंटे सुरक्षा के बेहतरीन इतंजाम किए गए हैं। 

गुडिया लौट आओ नाटक की भव्य प्रस्तुति

भोपाल   स्थानीय रविन्द्र भवन सभागार में यूनाइटेड अवेयरनेस मिशन के तत्वावधान में भोपाल शहर के दसवी एवं बारहवी कक्ष के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान मैं एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के  नागरिको ने शिरकत की जिस में मुख्य अतिथि MLA मध्य विधान जनाब आरिफ़ मसूद साहब एवं पूर्व पार्षद जनाब शावर मंसूरी साहब शिरकत की इस कार्यक्रम में "दिशा वल्फेयर एवं कल्चरल सोसायटी समिति द्वारा नाटक" गुडिया लौट आओ" का मंचन किया गया ! उक्त नाटक में यह संदेश देने का प्रयास दिया गया कि हमारे बच्चों और  नौ जवाने को अपने माता पिता वं बुजुर्गों की दी हुई सीख को अपनाने की जरूरत है। एक गलत कदम आपका भविष्य तबाह कर सकता है। कुदरत ने हमे जो जीवन प्रदान दिया है वह अनमोल है इसलिए इस जीवन मैं हमारे लक्ष्य एसे होने चाहिये कि हम परिवार, समाज एवं देश का भविष्य संवार सके! उक्त नाटक के निर्देशक शकील चाँद लेखक उमर असलम, मंच पर  एस.एम अली , नाएमा अली काज़मी, फ़िरोज़, नोया नूर अंसारी मंच परे मंच व्यवस्थापक फीरोज, संगीत एवं मंच सज्जा जावेद खान, लाइट शावेज़ सिकंदर इस पर स्तुति को भव्यता प्रदान की गई ।

राज्य में 1 लाख 79 हजार बॉटल नैनो डीएपी भंडारित, निरंतर आपूर्ति जारी

मोहला : छत्तीसगढ़ में खाद की कोई कमी नहीं डीएपी की कमी को पूरा करने एनपीके, एसएसपी और नैनो डीएपी का भरपूर स्टॉक राज्य में 1 लाख 79 हजार बॉटल नैनो डीएपी भंडारित, निरंतर आपूर्ति जारी           मोहला राज्य में रासायनिक उर्वरकों की कोई कमी नहीं हैं। खरीफ सीजन 2025 के लिए सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरक सहकारी समितियों एवं निजी विक्रय केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वैश्विक परिस्थिति के चलते डीएपी खाद के आयात में कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरकों की भरपूर आपूर्ति एवं वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।         राज्य में डीएपी की आपूर्ति में कमी से किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में 1 लाख 79 हजार बॉटल नैनो डीएपी, एनपीके उर्वरक का लक्ष्य से 25 हजार मेट्रिक टन अधिक तथा एसएसपी का निर्धारित लक्ष्य से 50 हजार मेट्रिक टन का अतिरिक्त भंडारण किया गया है। पोटाश के निर्धारित लक्ष्य 60 हजार मेट्रिक टन के विरूद्ध अब तक 77 हजार मेट्रिक टन से अधिक म्यूरेट ऑफ पोटाश का भंडारण किया गया है। नैनो डीएपी जो कि ठोस डीएपी के विकल्प के रूप में बीज/थरहा, जड़ उपचार एवं बोआई/रोपाई के पश्चात खड़ी फसल में छिड़काव के लिए उपयोगी है। नैनो डीएपी की निरंतर आपूर्ति राज्य में सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है।         चालू खरीफ सीजन के लिए डीएपी उर्वरक के निर्धारित 3.10 लाख मेट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 1 लाख 63 मेट्रिक टन से अधिक का भंडारण हो चुका है। डीएपी की आपूर्ति निरंतर जारी है। अभी जुलाई माह में 48 हजार मेट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति राज्य को होगी। राज्य के सहकारी क्षेत्र में उर्वरकों का भंडारण प्राथमिकता के आधार पर कराया गया है। राज्य के सहकारी क्षेत्र में डीएपी उर्वरक की उपलब्धता राज्य की कुल उपलब्धता का 62 प्रतिशत है।         कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक कुल 13.18 लाख मेट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है, जो गत वर्ष इसी अवधि में भंडारित 12.79 लाख मेट्रिक टन से लगभग 38 हजार मेट्रिक टन अधिक है। इस वर्ष एनपीके और एसएसपी का लक्षित मात्रा से क्रमश: 25 हजार 266 मेट्रिक टन एवं 71 हजार 363 मेट्रिक टन अधिक भंडारण किया गया है, जो डीएपी के विकल्प के रूप में उपयोग किया जा रहा है। राज्य में यूरिया 6 लाख मेट्रिक टन अधिक का भंडारण हुआ है। जुलाई एवं आगामी माह में यूरिया के शेष मात्रा की आपूर्ति होगी।            यहां यह उल्लेखनीय है कि धान में यूरिया का उपयोग तीन बार किया जाता है। प्रथम बार बोआई/रोपाई के समय में, दूसरी बार कंसा निकलने के समय में बोआई/रोपाई से तीन चार सप्ताह बाद एवं तीसरी बार गभोट अवस्था में बोआई/रोपाई के 7 से 8 सप्ताह बाद, इस प्रकार यूरिया का सितम्बर माह के मध्य तक उपयोग किया जाता है। डीएपी उर्वरक का 1.63 लाख मेट्रिक टन भंडारण हुआ है। जुलाई माह के सप्लाई प्लान के अनुसार राज्य को 48 हजार 850 मेट्रिक टन डीएपी और मिलेगी।         कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलाई माह में 25 हजार टन एनपीके की आपूर्ति संभावित है। एनपीके की अतिरिक्त आपूर्ति को मिलाकर कुल अतिरिक्त एनपीके 50 हजार 266 मेट्रिक टन से 22 हजार मेट्रिक टन डीएपी प्रतिपूर्ति होगी। इसी तरह एसएसपी की कुल अतिरिक्त आपूर्ति 1.47 लाख मेट्रिक टन से 50 हजार मेट्रिक टन डीएपी की प्रतिपूर्ति होगी। इस प्रकार राज्य में एनपीके और एसएसपी के अतिरिक्त आपूर्ति से 72 हजार मेट्रिक टन डीएपी की प्रतिपूर्ति सुनिश्चित होगी।         मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे- नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है।

भारतीय एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच, डीपी वर्ल्ड और जाफजा अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘भारत मार्ट’ को बताया वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और निर्यात का हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम भारतीय एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच, डीपी वर्ल्ड और जाफजा अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के तीसरे दिन डीपी वर्ल्ड और जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA) के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर “भारत मार्ट” परियोजना और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक्स संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत मार्ट को “वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार” बताते हुए कहा कि यह आधुनिक व्यापार केंद्र भारतीय उत्पादों, विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, कृषि और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों की मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप जैसे बाजारों तक सीधी पहुँच उपलब्ध कराएगा। भारत मार्ट 2026 में परिचालन में आएगा और ‘लोकल से ग्लोबल’ की नीति को नई दिशा देगा। “भारत मार्ट” भारत और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों का प्रतीक भारत मार्ट, जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA), दुबई में लगभग 2.7 मिलियन वर्ग फुट में विकसित किया जा रहा एक बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र है। इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा फरवरी 2024 में संयुक्त रूप से रखी गई थी। यह केंद्र डीपी वर्ल्ड द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसमें 1500 से अधिक शोरूम, अत्याधुनिक गोदाम और कार्यालय सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना भारतीय एमएसएमई को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए तैयार की जा रही है, जिससे वे अपनी गुणवत्ता युक्त वस्तुओं का निर्यात आसानी से कर सकें। भारत मार्ट, वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को बढ़ाने वाला एक मजबूत स्तंभ बनेगा। मध्यप्रदेश से भारत मार्ट तक निर्बाध लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी बैठक में विशेष रूप से मध्यप्रदेश में डीपी वर्ल्ड द्वारा प्रस्तावित रेल टर्मिनल और उज्जैन–नागदा रूट को भारत मार्ट तक निर्बाध माल आपूर्ति का एक निर्णायक माध्यम बताया गया। यह लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी भारत से दुबई तक तेज़, किफायती और सुगम माल परिवहन सुनिश्चित करेगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “हमारी सरकार इस यात्रा को केवल व्यापार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक भविष्य की नींव मान रही है। भारत मार्ट के ज़रिये हमारा प्रदेश वैश्विक आपूर्ति शृंखला में एक मज़बूत कड़ी बनेगा।” डीपी वर्ल्ड: भारत और मध्यप्रदेश के लिए संभावनाओं से भरा साझेदार डीपी वर्ल्ड, दुबई स्थित एक अग्रणी वैश्विक लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला समाधान प्रदाता है, जो 78 से अधिक देशों में 100 से अधिक टर्मिनलों और पोर्ट्स का संचालन करता है। प्रति वर्ष 70 मिलियन TEU कंटेनर हैंडल करने वाली यह कंपनी विश्व की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटरों में गिनी जाती है। भारत में संचालन डीपी वर्ल्ड भारत के मुंबई, मुंद्रा, कोचीन, चेन्नई और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर छह टर्मिनलों का संचालन करती है। साथ ही यह कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट सेवाओं का भी प्रबंधन करती है। म.प्र. में ड्राय पोर्ट के विकास में दिखाई रूचि डीपी वर्ल्ड ने मध्यप्रदेश में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD), मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), कृषि-लॉजिस्टिक्स हब और ड्राय पोर्ट के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। यह राज्य की लॉजिस्टिक्स और निर्यात नीति के अनुरूप है, और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास को मजबूती देने वाला कदम है।  

CG में रहने वाले अवैध बांग्लादेशियों को भेजा जा रहा बांग्लादेश, पुलिस प्लेन से बॉर्डर तक ले जाएगी

 रायपुर  छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को देश से बाहर निकालने की कार्रवाई तेज हो गई है। रायपुर पुलिस आज 30 बांग्लादेशी नागरिकों को देश की सीमा तक लेकर जाएगी। रायपुर एयर से गुवाहाटी एयरपोर्ट में छोड़ा जाएगा ।वहां उन्हें बीएसएफ के सुपुर्द किया जाएगा, जो आगे की प्रक्रिया पूरी कर बांग्लादेश भेजेगी। इन बांग्लादेशी नागरिकों को प्रदेश के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर और रायगढ़ जिलों से पकड़ा गया था। सभी लोग अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर यहां वर्षों से रह रहे थे। इनकी धरपकड़ के बाद अब इन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है। इस विशेष अभियान का नेतृत्व रायपुर के सीएसपी राजेश देवांगन कर रहे हैं। उनकी अगुवाई में गठित पुलिस टीम इन बांग्लादेशियों को लेकर आज सीमा क्षेत्र के लिए रवाना होगी। सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए लोगों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं। राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार इस तरह के मामलों पर निगरानी रख रही हैं और आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं।  जानकारी के मुताबिक, घुसपैठियों को रायपुर पुलिस BSF के सौंपेगी, फिर असम से बांग्लादेश बॉर्डर पर BSF के जरिए डिपोर्ट प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह सारी प्रकिया आज ही पूरी होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, घुसपैठियों के संदर्भ में एक एसटीएफ (विशेष कार्य बल) का गठन किया गया है। एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। जहां भी घुसपैठी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रायपुर-दुर्ग, राजनांदगांव और रायगढ़ से पकड़े गए लोगों किया गया डिपोर्ट इस डिपोर्ट प्रक्रिया में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और रायगढ़ जिलों से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों को गुवाहाटी ले जाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि, यह छत्तीसगढ़ राज्य की पहली औपचारिक डिपोर्ट कार्रवाई है, जो केंद्र सरकार की मंजूरी से की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूरे राज्य में हुई छापेमारी और पहचान के बाद 30 लोगों को अभी तक पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक होने के तौर पर चिन्हित किया है. जिन्हें बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई शुरू की जा रही है. जानकारी के अनुसार इन सभी लोगों को रायपुर पुलिस, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के हवाले करेगी. उसके बाद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स उन्हें बांग्लादेश को सौंप देंगे. रायपुर में पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार जो भी बांग्लादेशी अभी तक डीटेन किए गए हैं. उन सभी लोगों को भेजने की प्रक्रिया चल रही है. जानकारी के अनुसार उन्हें आज बांग्लादेश के लिए भेजा जाएगा. सभी लोगों को हवाई जहाज के माध्यम से बॉर्डर तक ले जाया जाएगा. उसके बाद उन्हें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के हवाले कर दिया जाएगा.  भारत से बात करते हुए रायपुर पश्चिम के ASP दौलत राम पोर्ते ने बताया कि जो भी बांग्लादेशी पकड़े गए हैं, उनको बांग्लादेश भेजना है. जो भी सरकार के नियम निर्देश हैं, उसके तहत यह कार्रवाई की जा रही है. जो भी बांग्लादेशी अब तक पकड़े गए हैं, उन सभी लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत भेजा जा रहा है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इन सभी लोगों को किस समय बांग्लादेश के लिए रायपुर से भेजा जाएगा.  क्यों उठाया गया ये कदम ? राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान पिछले कुछ सालों में इंटेलिजेंस इनपुट और स्थानीय शिकायतों के आधार पर की गई थी। रायपुर समेत कई जिलों में ऐसे नागरिकों को पकड़ा गया था जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। भारत-बांग्लादेश की बॉर्डर पर बीएसएफ तैनात भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ तैनात है। बॉर्डर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी है, इसलिए केंद्र सरकार ने उन्हें ही जिम्मेदारी दी है। साथ ही बांग्लादेश दूतावास से भी चर्चा चल रही है। उन्हें इस संबंध में जानकारी भी भेजी गई है। जिन पर केस, उनको बाद में भेजा जाएगा बताया जा रहा है कि जिनके खिलाफ केस दर्ज है। उन्हें मामले की सुनवाई पूरी होने तक यहीं रहना होगा। कोर्ट के फैसले के बाद ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा। रायपुर में 6 बांग्लादेशियों के खिलाफ केस दर्ज है। इसमें तीन भाई, एक दंपती और उसकी नाबालिग बेटी शामिल हैं। दुर्ग में भी 7 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज है। राजनांदगांव में चोरी के मामले में बांग्लादेशी बंद है, जबकि रायपुर में 10 बांग्लादेशियों पर केस दर्ज नहीं किया है। उन्हें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल में रखा गया है।