samacharsecretary.com

टीकमगढ़ के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल दो युवतियों एवं एक युवक को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल टीकमगढ़ जिले के थाना दिगौड़ा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से सड़क दुर्घटना में घायल दो युवतियों एवं एक युवक को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। 05 जून  को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना दिगौड़ा क्षेत्र अंतर्गत मेन रोड बर्माताल के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटर साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें दो युवतियाँ एवं एक युवक घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही दिगौड़ा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ सउनि  कल्याण सिंह यादव एवं पायलट  आशीष यादव ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी घायलों को तत्काल डायल 112 वाहन की सहायता से जिला चिकित्सालय, टीकमगढ़ पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

​जरौद समाधान शिविर में मंत्री ने 106 हितग्राहियों को वितरित की विभिन्न सामग्रियां व चेक

​रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने और ग्रामीणों की समस्याओं के मौके पर ही निपटारे के लिए शनिवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम पंचायत जरौद में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में  शामिल हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने विभागीय स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया और कुल 106 हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सामग्री, चेक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए। ​आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, आवेदकों को दी जाए प्रगति की जानकारी                ​शिविर में पहुंचे राजस्व मंत्री  वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने  निर्देशित करते हुए कहा कि जनता से प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरतापूर्वक और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जिन आवेदनों में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल उच्च कार्यालयों को प्रेषित करें और इसकी पारदर्शी जानकारी संबंधित आवेदकों को भी दी जाए। ​सुशासन तिहार का लक्ष्यक- सीधे जनता के द्वार पहुंचे शासन और प्रशासन      ​         आम जनता को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि यह लगातार दूसरा साल है जब राज्य में सुशासन तिहार के जरिए एक कल्याणकारी राज्य की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। सुशासन का असली मतलब यही है कि लोगों का काम बिना किसी भटकाव के, समय पर हो जाए। आज पूरा का पूरा प्रशासनिक अमला खुद चलकर गांवों तक पहुंच रहा है, इसलिए ग्रामीणों को इन शिविरों का भरपूर लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनना चाहिए। ​मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय सरकार के वादे हो रहे पूरे             ​ सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने पद की शपथ लेते ही चुनाव के दौरान किए गए सभी प्रमुख वादों को पूरा करना शुरू कर दिया है। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। राज्य में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से वर्तमान में लगभग 26 लाख (प्रगतिशील व नए मिलाकर) आवासों का निर्माण तेजी से जारी है। अकेले जरौद ग्राम में ही 210 आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस महायज्ञ में हर नागरिक का योगदान जरूरी है। ​1.06 करोड़ के कार्यों के चेक समेत विभिन्न सामग्रियों का वितरण              समाधान शिविर के दौरान राजस्व मंत्री के हाथों बड़ी संख्या में हितग्राही लाभान्वित हुए, जिसमें मुख्य रूप से ​12 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत स्वीकृत 1.06 करोड़ रुपए के कार्यों का चेक,​कक्षा 10वीं और 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मान पत्र,​स्वास्थ्य विभाग द्वारा श्रवण यंत्र, श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड और ग्रामीणों को जॉब कार्ड,​ हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, राशन कार्ड, नैनो यूरिया और पर्यावरण संरक्षण के लिए फलदार पौधे वितरित किये गए।

कोरिया को 3-0 से हराकर भारतीय टीम ने जीता पदक, मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की खिलाड़ियों का रहा अहम योगदान; नौशीन नाज़ 12 गोल के साथ बनीं टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर

भोपाल  जापान के काकामिगाहारा शहर में आयोजित महिला U-18 एशिया कप 2026 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक मुकाबले में भारत ने कोरिया को 3-0 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया। भारतीय टीम की इस उल्लेखनीय सफलता में मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की चार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों— महक परिहार, स्नेहा दावड़े, नम्मी गीता और नौशीन नाज़— ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को पदक दिलाने में अहम योगदान दिया। नौशीन नाज़ बनीं टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की होनहार खिलाड़ी नौशीन नाज़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम के लिए 12 गोल दागे और टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया। मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपनी आक्रामक खेल शैली और गोल करने की क्षमता से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच दिखाया दम 29 मई से 6 जून 2026 तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की शीर्ष महिला अंडर-18 हॉकी टीमों ने भाग लिया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। कांस्य पदक मुकाबले में कोरिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 3-0 की जीत ने भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और कौशल को दर्शाया। प्रदेश के लिए गर्व का क्षण मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की चार खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वहीं नौशीन नाज़ का टूर्नामेंट की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी बनना इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाता है। इन खिलाड़ियों की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि मध्यप्रदेश खेल प्रतिभाओं को निखारने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में अग्रणी राज्यों में शामिल है। मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम को कांस्य पदक जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश और मध्यप्रदेश दोनों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की खिलाड़ियों महक परिहार, स्नेहा दावड़े, नम्मी गीता एवं नौशीन नाज़ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन बेटियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से प्रदेश का मान बढ़ाया है।  सारंग ने नौशीन नाज़ के टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर बनने पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये खिलाड़ी भविष्य में भी भारत और मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करती रहेंगी। खेल विभाग ने दी शुभकामनाएं खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश ने भारतीय टीम तथा सभी खिलाड़ियों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मध्यप्रदेश की इन बेटियों की उपलब्धि न केवल प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि महिला हॉकी के विकास को भी नई दिशा देने वाली है। भारत के लिए जीता गया यह कांस्य पदक और नौशीन नाज़ का टॉप स्कोरर बनना प्रदेश के खेल इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।  

विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड रहेंगे डिजिटल रूप से सुरक्षित, प्रदेश में अपार आईडी (APAAR-ID) निर्माण के लिए विशेष अभियान शुरू

भोपाल  प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा अपार दिवस का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश में 1 करोड 39 लाख से अधिक स्‍कूली विद्यार्थियों की बनेगी अपार आईडी स्‍कूल शिक्षा के आंकडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अब तक 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण हो चुका है। शेष 44 लाख 47 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण आगामी 30 जून तक पूरा जाएगा। प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकिंत हैं। इनमें शासकीय स्‍कूलों के 70 लाख 09 हज़ार 516 विद्यार्थी तथा अशासकीय स्‍कूलों के 69 लाख 28 हज़ार 218 विद्यार्थी शामिल हैं। प्रत्‍येक शनिवार स्‍कूलों में  मेगा अपार दिवस का आयोजन प्रदेश की सभी स्कूलों में "मेगा अपार दिवस" का 30 जून तक आयोजन किया जाएगा। यह प्रत्येक शनिवार को होगा। इसी कडी में आज 6 जून को स्कूलों में पहले अपार दिवस का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों ने अपना अपार पंजीयन कराया। अपार आईडी के लाभ अपार आईडी किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन भर की डिजीटल शैक्षणिक पहचान होती है। इसमें विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक रिकॉर्डस एक जगह सुरक्षित रहते हैं। यह एक डिजीटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्‍टम है। अपार आईडी, छात्रवृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी होगी है। विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्मित करवाने के लिए आयुक्‍त लोक शिक्षण और संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने मई माह में संयुक्‍त हस्‍ताक्षर से सभी जिला कलेक्‍टर्स को पत्र प्रेषित किया था। जिसके अनुक्रम में इन शिविरों में अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले एवं विकासखंड-वार “अपार" आईडी विहीन विद्यार्थियों” की विद्यालयवार सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों को उपलब्‍ध कराई गई है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र/ बैंक/ डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। जिससे आधार के अभाव में इस अपार आईडी के निर्माण में कोई बाधा ना आए। विद्यार्थियों के आधार नामांकन में अथवा UDISE+ पोर्टल पर नाम की भिन्नता, आधार सीडिंग त्रुटि अथवा पालक/ अभिभावक की सहमति संग्रहण में विलंब जैसी बाधाओं को पहचान कर तत्काल दूर करने के निर्देश भी स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए गए हैं। जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर  विशेष व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के लिए जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विद्यार्थी निर्धारित मेगा दिवस इन स्थलों पर पहुंचकर अपनी आईडी बनवा सकते हैं। अपार आईडी निर्माण के लिए स्कूल के प्रधानाध्‍यापक होंगे उत्‍तरदायी विद्यार्थियों को अपार आईडी पंजीयन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए भारत सरकार द्वारा अपार पोर्टल पर विद्यार्थी के पंजीयन के अधिकार संबंधित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापकों को प्रदान किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी शाला के प्राचार्य से संपर्क कर अपनी अपार आईडी तैयार करवा सकते हैं। स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि  शालावार शत प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाने के लिए स्कूल के प्राचार्य ही उत्‍तरदायी होंगे। क्‍या है अपार आईडी अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह छात्र के शैक्षणिक जीवन का डिजिटल पहचान पत्र है। विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। मार्कशीट, डिग्री, वैज, पुरस्कार, प्रमाणपत्र एवं उपलखियों का डिजिटल संग्रह करती है। भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की APAAR-ID (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है। इस के लिये मध्‍यप्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा तेजी से कार्य करते हुए स्‍कूलों में अपार दिवस का आयोजन किया जा रहा है।  

शिवाजी महाराज के आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत – राज्यपाल डेका

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने आज महाराष्ट्र मंडल रायपुर में  छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक समारोह दिवस में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, स्वाभिमान, सुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता है।               राज्यपाल ने कहा कि 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में हुआ शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजतिलक नहीं, बल्कि स्वतंत्र “हिंदवी स्वराज” की स्थापना का ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने पराक्रम, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से स्वराज की मजबूत नींव रखी तथा करोड़ों भारतीयों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने शिवाजी महाराज को कुशल प्रशासक, प्रजावत्सल शासक और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित अष्टप्रधान व्यवस्था, संगठित नौसेना तथा जनकल्याणकारी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं।              राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल की 91 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक प्रकल्प समाज सेवा की उत्कृष्ट मिसाल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र मंडल भविष्य में भी समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।             डेका ने कार्यक्रम  में शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले चार बच्चों को पांच -पांच हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की तथा महाराष्ट्र मंडल को एक एंबुलेंस प्रदान करने की भी घोषणा की। इस अवसर पर महापौर मती मीनल चौबे, महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष  अजय मधुकर काले सहित अन्य पदाधिकारी एवं महाराष्ट्रीयन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने उज्जैन में संभागीय समीक्षा में दिए निर्देश

भोपाल  कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने खरीफ की आगामी फसलों के संबंध में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार की मांग आधारित फसलों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। इन सामूहिक प्रयासों से किसानों को बेहतर गुणवत्ता के साथ अच्छी फसल मार्केट में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और किसानों की आय भी बढ़गी। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए।  बर्णवाल शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय उज्जैन के सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी पी आहूजा, सचिव किसान कल्याण  निशांत बरबडे, आयुक्त उज्जैन  आशीष सिंह, सचिव उद्यानिकी  जान किन्सली ए आर, आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी  अरविंद कुमार दुबे, प्रबन्ध संचालक सहकारिता  अभिजित अग्रवाल, पंजीयक सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबन्ध संचालक मंडी बोर्ड  कुमार पुरुषोत्तम और संभाग के जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ के साथ ही सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कारोबार को दोगुना करने के लक्ष्य पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक, खेती के साथ नवाचार, उद्यम के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही बीज की उन्नत खेती के लिए भी प्रेरित करें। पूसा अरहर फसल की जानकारी देकर किसानों को बताएं कि पूसा अरहर का उत्पादन भी बहुत अधिक है। उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि उद्यानकी विभाग और खाद्य प्रसंस्करण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाएं। उद्यानिकी फसलों से किसानों को नगद राशि प्राप्त होती है और उनकी आय भी बेहतर हो जाती है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उद्यानिकी की एक दो फसलों को फोकस कर जिले में बेहतर तरीके से उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करे। साथ ही उन्हीं फसलों से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और उनकी मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाए। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उज्जैन कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए फूलों की खेती के लिए रकबा बढ़ाने और करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती कराने के लक्ष्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के पहले फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए रकबा बढ़ाने के साथ ही किसानों को प्रोत्साहित कर लाभ दिलाया जाएगा। संभाग के अन्य जिलों के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के नवाचार को लेकर जानकारी ली गई। जिलों के कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ ने उद्यानिकी फसलों को लेकर किए जा रहे नवाचार के साथ ही आलू, सतंरा, अश्वगंधा, शतावरी, धनिया, प्याज, ड्रेगन फ्रूट, खीरा, तरबूज, चिया सीड्स जैसे खाद्य फसलों रकबा बढ़ाने के साथ विक्रय के लिए मार्केट उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी। कृषि उत्पादन आयुक्त  बर्णवाल ने निर्देश दिए कि कोल्ड स्टोरेज, राइजनिंग चैंबर की क्षमताओं को बढ़ाएं। सभी जिलों में कम से कम एक राइजनिंग चैंबर आवश्यक रूप से हो जिससे फसलों को पकाने के लिए सही तरीके का उपयोग हो सके। फूड प्रोसेसिंग यूनिट को भी बढ़ाने के प्रयास करें। साथ ही किसानों को उद्यानकी योजनाओं की जानकारी देने के लिए जिलों मे शिविर भी लगाएं। सहकारिता की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि सहकारिता से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में ऋण उपलब्ध कराने और समय पर खाद-बीज देने से उनकी आय बेहतर होगी। किसानो को खेती, उपकरण, के लिए पूंजी उपलब्ध कराना सहकारिता का प्रमुख काम है। प्रमुख सचिव  डी पी आहूजा ने सहकारिता से सम्बन्धित गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि जिलों में सहकारी समितियों से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। पैक्स के माध्यम से किसानों को जोड़कर उनको बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा जा रही है। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध समीक्षा बैठक मे कृषि कल्याण विभाग के सचिव  निशांत बरबडे ने बताया कि प्रदेश में यूरिया और एनपीके का पर्याप्त मात्रा में भंडारण है। किसी भी जिले में कोई कमी नही है। किसानों की मांग के अनुसार उन्हे खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीयन के साथ ही किसानों को खाद उपलब्ध होगी और लगातार किसान इससे खाद ले सकेंगे ।  बर्णवाल ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद्य वितरण केंद्रो पर व्यापक इंतजाम हो। किसानों के बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, छांव की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। इसके लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए है कि व्हाट्सएप के माध्यम से किसानों को फसल अनुसार खाद की उपयोगिता की सूचना दें और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर किसानों को खाद उपलब्धता की सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराए। साथ ही सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि खाद भंडारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो। इसके लिए अभी से व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। सहकारिता के माध्यम से ऋणी और अऋणी किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए।  बर्णवाल ने कहा कि फसल बीमा से संबंधित किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। कोई भी जिले में शिकायतें पैंडिग नही रहे। साथ ही अवैधानिक रूप से खाद्य विक्रय कर रहे पेस्टिसाइड्स का निर्माण और बिक्री और गलत बीजों के विक्रय पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए हैं ।  बरबड़े ने भी किसानों से संबंधित चल रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार से खाद-बीज की कमी नही होने दी जाएगी। खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उद्यानिकी विभाग के आयुक्त सह संचालक  अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि उद्यानिकी फसलों का अलग से पंजीयन किया जाए और गिरदावरी के समय भी इन फसलों का अलग से उल्लेख हो जिससे की वास्तविक आंकड़े उपलब्ध रहे। साथ ही किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोडऩे के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार करने के संबंध में भी कलेक्टर को निर्देशित किया गया। फसलों को पकाने के लिए राइजिंग चैंबर हर जिले मे बनाया … Read more

हेल्पलाइन बनी बड़ा सहारा, एक फोन कॉल पर दूर हो रहीं दिव्यांगजनों की समस्याएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के दिव्यांगजन भी योगी सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं। उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1995 प्रभावी माध्यम के रूप में उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में विभाग ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान कुल 7,707 शिकायतें प्राप्त हुईं थी, जिनमें से 7,428 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है। इस प्रकार कुल 96.38 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया गया है। शिकायत निस्तारण का यह उच्च प्रतिशत राज्य सरकार की संवेदनशीलता, जवाबदेही और दिव्यांगजनों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों में विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित मामले शामिल हैं। इनमें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (पेंशन) योजना से संबंधित 7,281 शिकायतें, स्वावलंबन कार्ड से संबंधित 52 शिकायतें और दुकान निर्माण एवं संचालन योजना से संबंधित 67 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके अतिरिक्त शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना से संबंधित 23 शिकायतें, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना से संबंधित 69 शिकायतें और अन्य विषयों से जुड़ी 215 शिकायतें दर्ज की गईं थी। कृत्रिम अंग, स्वावलंबन कार्ड समेत अन्य शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण इसमें स्वावलंबन कार्ड, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना और अन्य कई महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि सरकार की दिव्यांगजन हितैषी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक तंत्र का प्रमाण है। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक दिव्यांगजनों की पहुंच को मजबूत कर रही हैं। साथ ही शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी दिव्यांगजन को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।  एक फोन कॉल पर दिव्यांगजनों की समस्या हो रही दूर हेल्पलाइन व्यवस्था ने दिव्यांगजनों और शासन-प्रशासन के बीच एक प्रभावी संवाद स्थापित किया है, जिसके माध्यम से लाभार्थी अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं। दिव्यांगजन अपनी समस्याओं, शिकायतों और योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-1995 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। दिव्यांगजनों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर रहा विभाग इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त कुल शिकायतों में से 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया गया है। विभाग का सतत प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर, पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध हो तथा उनकी समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके, ताकि किसी भी दिव्यांगजन को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।

“प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें” विषय पर हुई प्रतियोगिता के परिणाम घोषित

रायपुर  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित “प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें” विषयक चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने सम्मानित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों एवं दिव्यांग प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी रचनात्मक सोच को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रथम आयु वर्ग (12 वर्ष तक) में कृष्णा पब्लिक स्कूल, सरोना की छात्रा कु. सिद्धी वर्मा ने प्रथम, होली क्रॉस गर्ल्स स्कूल रायपुर की कु. काव्या विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा कृष्णा पब्लिक स्कूल, डुण्डा की कु. के. तेजस्विनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार कु. प्रत्युषा शुक्ला, कु. अर्पिता लहर एवं कु. दितिप्रिया चौधरी को प्रदान किया गया। द्वितीय आयु वर्ग (13 से 17 वर्ष) में सेजेस स्कूल, अभनपुर के छात्र हितेश यादव प्रथम, शिवोम विद्यापीठ रायपुर की कु. हेमा साहू द्वितीय तथा द एशियन एकेडमी के छात्र प्रियांशु साहू तृतीय स्थान पर रहे। सांत्वना पुरस्कार भावेश प्रजापति, मौसमी साहू एवं छवि साहू को प्रदान किया गया। तृतीय आयु वर्ग (18 से 21 वर्ष) में साइंस कॉलेज रायपुर की छात्रा कु. तन्नू जंघेल ने प्रथम, स्वामी आत्मानंद बी.डी. स्कूल खरोरा के छात्र चिराग पसारी ने द्वितीय तथा कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के छात्र सचिन जंघेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार मौसमी दिवान एवं प्रिन्स विश्वकर्मा को दिया गया। दिव्यांग श्रेणी में शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैंप की छात्रा कु. लवली खुटियारे प्रथम, छात्र अनमोल पटेल द्वितीय तथा छात्रा कु. डॉली शिवारे तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार पुनाराम निषाद, कु. पूजा एवं कु. आयशा खान को प्रदान किया गया। इस अवसर पर मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बच्चों और युवाओं की रचनात्मक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकती है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम

लखनऊ केंद्रीय योजनाओं को योगी सरकार उत्तर प्रदेश में बेहतर तरीके से कार्यान्वित कर रही है। इसी क्रम में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सोलर दीदियों के सशक्तीकरण के लिए योगी सरकार ने कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित एमएनआरई सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित सोलर दीदियों को ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा नियुक्ति पत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।  इस कार्यक्रम के दौरान सोलर दीदियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया। इस अवसर पर हनुमंत रिन्युवल कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि कंपनी चयनित सोलर दीदियों को ₹14,156 प्रतिमाह मानदेय प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक चयनित सोलर दीदी को कंपनी द्वारा निःशुल्क 2 किलोवाट रूफटॉप सोलर संयंत्र तथा इंडक्शन स्टोव भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वच्छ ऊर्जा को अपने जीवन में अपनाने के साथ-साथ समाज में इसके प्रचार-प्रसार की प्रभावी भूमिका निभा सकें।  इस कार्यक्रम में उपस्थित एमएनआरई कैप कंसल्टेंट उपकारी नाथ ने बताया कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के ”सौर ऊर्जा युक्त भारत एवं महिला सशक्तीकरण” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सोलर दीदियां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, रूफटॉप सोलर स्थापना तथा अन्य सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी एवं सहायता प्रदान करेंगी। इनके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा अधिकाधिक परिवार स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा से जुड़ सकेंगे।    उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के अंतर्गत सोलर दीदियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिसका संचालन संबंधित नगर निगमों के माध्यम से किया जाएगा। यह कार्यक्रम महिलाओं को हरित ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार उपलब्ध कराने का एक अभिनव प्रयास है। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण, हरित रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार को नई गति प्रदान करेगी। सोलर दीदियां घर-घर जाकर नागरिकों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी तथा ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।    इस कार्यक्रम में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार, यूपीनेडा के निदेशक रविन्दर सिंह, वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त  हिमांशु नागपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पांच महीनों से निरंतर मिल रहा नल जल, दुगनपाल में जल व्यवस्था का किया गया निरीक्षण

रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा बस्तर संभाग में निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं के गहन निरीक्षण का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। कांकेर और कोंडागांव में 5 जून को निरीक्षण और बैठक के बाद आज उन्होंने बस्तर जिले में जगदलपुर नगर निगम के विभिन्न कार्यों, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 48 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है।  साव ने पुल निर्माण की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी इसके अधूरे निर्माण पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रहे 5 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों को भी देखा। चित्रकोट रोड पर 27 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।  साव ने बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क के ड्रेनेज का काम अभी तक पूरा नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बारिश के पहले इसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में केशलूर-जगदलपुर रोड पर किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यहां भी काम में लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने को कहा। दुगनपाल में कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर देखी पानी की धार  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम दुगनपाल जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने गांव की महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर जल जीवन मिशन से आ रहे पानी की धार देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से पानी बचाने, वर्षा जल के संचय और वृक्षारोपण की अपील की। दुगनपाल में जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग कर हर घर नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। यहां के सभी 131 घरों में घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। ग्रामीणों को रोज तीन घंटे भरपूर पेयजल मिल रहा है।