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सरकार ने जारी किए 12 करोड़, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी आर्थिक राहत

बीजापुर. तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. जिले में संग्रहण सीजन 2026 के तहत 40 हजार से अधिक संग्राहकों ने तेन्दूपत्ता संग्रहित किया. इसके बदले करीब 36 करोड़ रुपये पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना है. पहले चरण में 12 हजार से अधिक संग्राहकों के खातों में 12 करोड़ रुपये ऑनलाइन भेजे गए हैं. मानसून से पहले भुगतान मिलने से खेती-किसानी की तैयारियों को बल मिलेगा. ग्रामीण परिवार इस राशि का उपयोग कृषि कार्यों और घरेलू जरूरतों में करते हैं. गुडमा, कुटरू, तोयनार और बरदेला समेत कई समितियों के संग्राहकों को भुगतान मिल चुका है. शेष समितियों में सत्यापन और ऑनलाइन प्रविष्टि का काम जारी है. सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया है. सीधे बैंक खातों में राशि पहुंचने से पारदर्शिता भी बढ़ी है. तेन्दूपत्ता आज भी बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है. इस भुगतान से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है.

नक्सल प्रभावित बस्तर में अब NIA स्पेशल कोर्ट, लंबित मामलों पर जल्द होगा फैसला

जगदलपुर. बस्तर संभाग में लंबे समय से लंबित एनआईए मामलों के निपटारे की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने जगदलपुर में एनआईए स्पेशल कोर्ट शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है. यह अदालत बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर और कोंडागांव के मामलों की सुनवाई करेगी. स्पेशल कोर्ट की जिम्मेदारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता नवीन तिवारी को सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि क्षेत्र के 21 मामले विचाराधीन हैं जबकि 100 से अधिक मामले रिमांड स्तर पर हैं. अब इन मामलों की लगातार सुनवाई संभव हो सकेगी. झीरम घाटी हमला और भीमा मंडावी हत्याकांड जैसे चर्चित मामलों की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है. अब तक सुनवाई के लिए रायपुर और अन्य न्यायालयों पर निर्भरता रहती थी. स्थानीय स्तर पर कोर्ट शुरू होने से कानूनी प्रक्रिया को गति मिलेगी. अभियोजन और बचाव पक्ष के लिए भी अलग-अलग अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर दी गई है. जून और जुलाई में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रस्तावित है. इस फैसले को बस्तर में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

भोजशाला को मिलेगी नई पहचान, बनेगा भव्य सरस्वती लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोजशाला में बनेगा भव्य सरस्वती लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना भोजशाला के लिए आंदोलन में शहादत देने वाले शहीदों के परिजन को राज्य सरकार देगी आर्थिक सहायता किसानों को गेहूँ उपार्जन के लिए किया जा चुका है 25 हजार 97 करोड़ रुपए का भुगतान ग्लोबल स्किल पार्क के विद्यार्थियों का हंगरी में रोजगार के लिए हुआ चयन प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम दूध का हो रहा है संकलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी। धार में राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा धार में स्थापित भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। भोजशाला में दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व. बनसिंह, स्व. अंतरसिंह एवं स्व. लक्मण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेंहूँ उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री परिषद के सदस्यों को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे। प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के 3विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 युवाओं को प्लेसमेंट मिला है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है। वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूँ उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूँ के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड-19 को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मीट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूँ का विक्रय किया गया, जो कि गेहूँ विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूँ विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूँ का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है। जल गंगा संवर्धन अभियान … Read more

Amritsar Bomb Threat: धमकी भरे ई-मेल के बाद सुरक्षा कड़ी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

अमृतसर ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले अमृतसर में बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। नगर निगम, मेयर कार्यालय, जिला अदालत, रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरियों को निशाना बनाने संबंधी एक धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ई-मेल में तीन से पांच जून के दौरान नगर निगम कार्यालयों, मेयर कार्यालयों और जिला अदालतों में विस्फोट की धमकी दी गई है, जबकि छह जून को रेलवे स्टेशनों और रेलवे पटरियों पर बम एवं हथगोला हमला करने की चेतावनी दी गई है। संदेश में लोगों को रेल यात्रा न करने की भी चेतावनी दी गई है।  संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई गई सुरक्षा धमकी मिलने के बाद अमृतसर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू कर दी है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सरकारी कार्यालय, न्यायालय परिसर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नगर निगम मुख्यालय में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। मुख्य गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि पीछे का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। बेसमेंट पार्किंग से मेयर कार्यालय की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर भी आवाजाही रोक दी गई है। निगम परिसर में आने वाले वाहनों और आगंतुकों की जांच की जा रही है। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से लागू सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया गया है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी ली जा रही है तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं और सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। धमकी बारे में ईमेल में खालिस्तानी नारे लिखे गए हैं। मेल में लिखा गया है। "ना पंजाब होगा, ना दिल्ली होगी ना हरियाणा होगा, केवल खालिस्तान होगा।"

Khan Sir Coaching Center पर हमले के बाद बड़ा फैसला, ग्लोबल स्टडीज संस्थान बंद

पटना  खान सर ने हमले की घटना के बाद अपने कोचिंग सेंटर को बंद कर द‍िया है. मंगलवार 2 जून 2026 की देर शाम को ब‍िहार की राजधानी पटना के मुसल्‍लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था. तीन से चार राउंड तक गोली चलने की बात कही जा रही है. खान सर का दावा है कि कोचिंग सेंटर में तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट भी गई. गार्ड को इतना पीटा गया कि वह लहूलुहान हो गया. घायल अवस्‍था में उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पटना के एसएसपी, एसपी समेत पुलिस प्रशासन का पूरा अमला दलबल के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचे पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्‍होंने आश्‍वास‍न दिया कि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को बख्‍शा नहीं जाएगा।  पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद खान ग्लोबल स्टडीज को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. घटना के बाद से अब तक कोचिंग में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. इस बीच बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग परिसर के बाहर पहुंच रहे हैं, लेकिन संस्थान की ओर से उन्हें पढ़ाई शुरू होने या कोचिंग खुलने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. जानकारी के अभाव में कोचिंग के बाहर छात्रों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. छात्र अपनी कक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं. गौरतलब है कि हाल ही में कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संस्थान के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल कोचिंग प्रबंधन ने अगली सूचना तक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया है।  सड़कों पर उतरे छात्र खान सर के कोचिंग संस्थान पर देर शाम हुई कथित तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटना के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कोचिंग पढ़ने पहुंचे छात्रों ने संस्थान के बाहर नारेबाजी करते हुए खान सर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई. छात्रों का कहना था कि उनके प्रिय शिक्षक पर हुआ हमला बेहद गंभीर है और प्रशासन को तत्काल उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए. सुबह से ही खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई. देखते ही देखते मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में हजारों छात्र एकत्र हो गए, जिससे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।  खान सर की छात्रों से अपील स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खान सर स्वयं कोचिंग सेंटर की बालकनी में पहुंचे और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने बार-बार छात्रों से सड़क खाली कर अपने-अपने घर लौटने का अनुरोध किया. हालांकि, खान सर की अपील के बावजूद छात्र मौके से हटने को तैयार नहीं दिखे और लगातार नारेबाजी करते रहे. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि जब तक प्रशासन उनकी सुरक्षा संबंधी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोचिंग सेंटर के बाहर माहौल काफी तनावपूर्ण रहा, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी था. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे तथा भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे।  छात्रों में आक्रोश गौरतलब है कि मंगलवार देर रात खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था. इस घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में छात्र खान सर के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ खान सर को सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। 

भगवान देवनारायण का जीवन मानव सेवा और लोककल्याण का संदेश देता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान देवनारायण का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत, उन्होंने मानव सेवा को ही माना अपना धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री उज्जैन के जमालपुरा में चल रहे देवनारायण कथा महोत्सव में वीसी से हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान देवनारायण सिर्फ़ गुर्जर समाज के आराध्य देव ही नहीं, बल्कि न्याय, लोक कल्याण, सेवा और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनका पूरा जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने कर्मों से यह सिद्ध किया कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा और कमजोरों की रक्षा में निहित है‌। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से उज्जैन जिले के ग्राम जमालपुरा में आयोजित देवनारायण कथा महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कथा महोत्सव आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में लगातार छठें वर्ष 7 दिवसीय कथा का आयोजन धर्म प्रेमियों के लिए सोने गर सुहागा की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान देवनारायण लोक देवता हैं। वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उनका ननिहाल उज्जैन है़ वे 12 वर्ष तक उज्जैन में ही रहे। उनका जीवन सदैव जनसेवा और लोक कल्याण को समर्पित रहा। सेवा ही भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा धर्म हैं। हम सबको इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रसिद्ध कथा वाचक पं. ईश्वर सिंह गुर्जर (भगत जी), रामचन्द्र जी, निर्भय सिंह आंजना, वीरेन्द्र आंजना, मानसिंह चौधरी, हीरालाल आंजना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय धर्म प्रेमी उपस्थित थे।  

सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पेयजल आपूर्ति में कोई कमी न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य शासन को मिलेंगे 5 हजार करोड़ रुपये जल स्रोतों के लिए टयूबवेल पर ही न रहें आश्रित, तालाब से जल संग्रहण और रिचार्जिंग दोनों में आसानी मार्च 2028 से पहले जल जीवन मिशन होगा कम्पलीट मध्यप्रदेश बना बोरवेल अधिनियम बनाने वाला देश का पहला राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। गर्मी के मौसम और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की सतत् निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि जहां जैसी आवश्यकता हो, वहां वैसी त्वरित व्यवस्थाएं की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पीएचई की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पत्तिया उइके ने बताया कि विभाग तेजी से अपनी लक्ष्य पूर्ति की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का काम पूरा कर लिया जायेगा। मिशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का शत् प्रतिशत कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शत-प्रतिशत कार्य करने वाले ऐसे गांवों/ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन/सम्मानित किया जाये, जिन्होंने बेहतर तरीके से नल जल योजनाओं का संचालन/संधारण किया। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं/मृत्यु को रोकने के लिए प्रदेश में बोरवेल अधिनियम बनाया गया है। ऐसा अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को अधिक बेहतर बनाने के लिए विभाग के सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। मंत्री श्रीमती उइके बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 में डिंडोरी और मंडला जिले में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस काम को 'कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओर' अवधारणा से जोड़ा जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनात्मक विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन अन्तर्गत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मध्यप्रदेश को यह आवंटन जारी करने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने को कहा जिससे कि सभी नलजल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहे। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल बचाने वाले और इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वालों का राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित करें। बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसमें प्रदेश में एकल एवं समूह नल जल योजना के संचालन एवं प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संर्वधन अभियान के साथ जोड़ने और जल बचाने के लिए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी एवं स्कूलों में स्थापित जल स्रोतों की वाटर टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही हैंडपंपों की जांच एवं नल जल योजना के ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल स्रोतों के लिए पीएचई केवल टयूबवेल जैसे माध्यम पर ही आश्रित न रहे। जल स्रोत के रूप में तालाब सरोवर निर्माण से कई लाभ होंगे। इससे जल संरक्षण के साथ जल स्तर में वृद्धि होगी। क्षेत्र में वॉटर रिचार्जिंग बढ़ेगी। जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ ही नल-जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचना भी उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कार्य में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकास्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ लें। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या की सूचना मिलते ही उसे तत्काल दूर किया जा रहा है। पेयजल से निर्माण कार्य करने वालों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि म.प्र. जल निगम के समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण खर्चे को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही हैं। पीएचई सोलर एण्ड विंड एनर्जी का बल्क यूजर है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि प्रदेश में दिसम्बर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक  क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिये गये, साथ ही 15 हजार 238 नवीन नलकूप/हैंडपंप भी स्थापित किये गये। प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में जल प्रदाय व्यवस्था का शत् प्रतिशत काम पूरा कर इन्हें हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवारों को नल से जल के तहत कवर कर लिया गया है।   म.प्र. जल निगम के प्रबंध संचालक वी.एस. कोलसानी ने बताया कि उज्जैन राजस्व संभाग की एकल ग्राम नल जल योजनाओं के काम पूरे कर लिये गये है। यहां 7 लाख 9 हजार … Read more

विश्व पर्यावरण दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की पोस्टर प्रतियोगिता, युवाओं को मिलेगा मंच

विश्व पर्यावरण दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल आयोजित करेगा पोस्टर प्रतियोगिता प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें विषय पर होगी प्रतियोगिता चार आयु वर्गों में आकर्षक नगद पुरस्कार, 5 जून को होटल बेबिलॉन इंटरनेशनल रायपुर में आयोजन रायपुर  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 5 जून 2026 को प्रातः 10 बजे से होटल बेबिलॉन इंटरनेशनल, वीआईपी रोड, रायपुर में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का विषय प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें रखा गया है। प्रतियोगिता चार आयु वर्गों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम वर्ग 12 वर्ष तक, द्वितीय वर्ग 13 से 17 वर्ष, तृतीय वर्ग 18 से 21 वर्ष तथा चतुर्थ वर्ग दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित किया गया है।           प्रतियोगिता में प्रत्येक वर्ग के लिए पृथक-पृथक आकर्षक नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपये तथा दो सांत्वना पुरस्कार एक -एक रुपये के होंगे।         छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजु अगसिमनि ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम क्लाइमेट एक्शन निर्धारित की गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में आयोजित यह प्रतियोगिता युवाओं एवं आम नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपना पहचान पत्र एवं आयु प्रमाण-पत्र की छायाप्रति साथ लानी होगी। प्रतियोगिता स्थल पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए प्रतिभागियों को प्रातः 9.30 बजे तक उपस्थित होना अनिवार्य होगा।        प्रतियोगिता के विजेताओं को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम, संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने विद्यार्थियों एवं दिव्यांगजनों से अधिक से अधिक संख्या में प्रतियोगिता में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया है।

IPL 2026 में 72 छक्के मारने वाले वैभव सूर्यवंशी पर IIM इंदौर की खास स्टडी, सफलता का राज खोजेगा संस्थान

 इंदौर  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) इंदौर क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी (15) को केस स्टडी में शामिल करने जा रहा है। ‘वैभव मॉडल’ पर देश की पहली मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी होगी। जिसमें खेल-मनोविज्ञान-प्रबंधन के एक्सपर्ट मिलकर छोटी उम्र में बड़ी सफलता का फॉर्मूला खोजेंगे। राजस्थान रॉयल्स के ओपनर वैभव एक सीजन में सर्वाधिक (72) छक्के मारकर क्रिस गेल (59) का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उनकी हैरतंगेज बैटिंग की दुनिया कायल है। ऐसे में आईआईएम इंदौर अब उनके ‘सक्सेस फॉर्मूले’ को डिकोड करने पर काम शुरू कर रहा है। IIM डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने कहा- यह स्टडी वैभव की उपलब्धियों का विश्लेषण करने के साथ उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक व संस्थागत कारकों को भी गहराई से समझेगी जो कम उम्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को आकार देते हैं। वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत प्रो. राय ने कहा कि IIM का मानना है कि वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत है। इसके पीछे व्यक्तिगत क्षमता के अलावा कड़ी मेहनत, परिवार का त्याग, समर्पण, मेंटर का योगदान भी अहम है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा उपहार हो सकती है, पर उसे स्थायी उत्कृष्टता में बदलने के लिए सही मूल्य, संतुलित सोच, मजबूत समर्थन तंत्र व दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। मैनेजमेंट फैकल्टी डॉ. आरती चोपड़ा कहती हैं कि वैभव पर स्टडी भविष्य के प्रबंधकों व नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत मूल्यवान है। 5’7 हाइट और 55 किलो वजन के वैभव अपनी जबर्दस्त बैट स्पीड और टाइमिंग के दम पर गेंद को बाउंड्री पार भेजते हैं। 0.3 सेकंड में डिसीजन बचपन के कोच मनीष ओझा द्वारा तराशे गए वैभव की तकनीक और बैट स्पीड पर अब राजस्थान रॉयल्स के जुबिन भरूचा काम कर रहे हैं। कोच विक्रम राठौर भी इनके बैलेंस के कायल हैं। महज 0.3 सेकंड के डिसीजन टाइम के कारण गेंदबाजों को सेट होने का मौका नहीं मिलता। राहुल द्रविड़ ने जब इन्हें संभलकर खेलने को कहा, तो इनका बेबाक जवाब था- सर, गेंदबाज मुझे देखे। आउट होने के डर से मुक्त इनका शेप प्रेशर में भी नहीं बिगड़ता। रॉय बोले- कॉरपोरेट जगत को टैलेंट का नया मॉडल मिलेगा IIM डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने कहा कि स्टडी में ‘डार्क साइड’ पर भी फोकस होगा। कम उम्र में प्रसिद्धि, करोड़ों के ऑफर व सोशल मीडिया का दबाव टैलेंट को विचलित कर देता है। कई बच्चे मानसिक थकान और अपेक्षाओं के बोझ के कारण पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने कहा कि कोशिश ऐसे सहयोगी तंत्र का ब्लूप्रिंट बनाने की है, जो प्रतिभा को हालिया उपलब्धियों तक सीमित न रखे। इससे कॉरपोरेट जगत को भी ‘टैलेंट मैनेजमेंट’ का नया मॉडल मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस उम्र में जिस आत्मविश्वास, कौशल व परिपक्वता के साथ वैभव खेल रहे हैं, वह असाधारण प्रतिभा ही कर सकती है। ऐसे में समझना जरूरी है कि ऐसे टैलेंट को लंबे वक्त तक कैसे संभालें और वह औरों को कैसे प्रेरित करे। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और 'सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन' का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन' भी चुना गया है। IPL 2026 में वैभव ने ऑरेंज कैप समेत 5 अवॉर्ड जीते वैभव ने 16 पारियों में 48.50 के औसत और 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। वे इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। उन्हें ऑरेंज कैप मिली।

खनिज माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, अवैध परिवहन में लगे चार वाहन पकड़े गए

रायपुर अवैध रेत और ईंट परिवहन मामले में एक माजदा व 3 ट्रैक्टर जब्त राजनांदगांव जिले में खनिजों के अवैध परिवहन के के मामले में खनिज विभाग ने एक माजदा वाहन और तीन ट्रैक्टर जब्त किया हैं। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से ईंट और रेत का परिवहन करते पाए गए वाहनों को संबंधित थानों के सुपुर्द किया गया है। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने जिले के चांदो, बंशीबंजारी, खुज्जी, कुमरदा, साल्हे, छुरिया, बाबूटोला, चिचोला, तुमड़ीबोड़, सुकुलदैहान समेत विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान ग्राम टप्पा में मडियान निवासी घनश्याम वर्मा के स्वामित्व वाले माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08 एल 3103 से अवैध रूप से ईंट परिवहन किया जा रहा था। वाहन को जब्त कर थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द किया गया। इसी प्रकार ग्राम बाबूटोला क्षेत्र में तीन अलग-अलग ट्रैक्टरों से बिना वैध अनुमति रेत का परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। जब्त किए गए ट्रैक्टरों में सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक टेकराम पाल, ट्रैक्टर क्रमांक सीजी एआर 6853 के मालिक एवं चालक मनीष कुमार पाल तथा स्वराज ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक रितेश सिन्हा शामिल हैं। सभी वाहनों को जब्त कर थाना चिचोला को सौंप दिया गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।