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चुपचाप मजबूत हुई BJP! पंजाब निकाय चुनाव में सीटों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी

चंडीगढ़  पंजाब शहरी निकाय चुनावों से निकली सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि आम आदमी पार्टी 1000 सीटों के आंकड़े तक पहुंचने में असफल रही है, जबकि भाजपा कई नगर निगमों और नगर परिषदों में मेयर तथा चेयरमैन बनाने की स्थिति में पहुंच चुकी है. अगर पिछले एक दशक के स्थानीय निकाय चुनावों पर नजर डालें, तो पंजाब की राजनीति का बदलता हुआ स्वरूप साफ दिखाई देता है।  2015 स्थानीय निकाय चुनाव शिरोमणि अकाली दल : 1060 भाजपा : 360 कांग्रेस : 356 अन्य : 400+ उस दौर में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन बेहद मजबूत दिखाई देता था, लेकिन इसके बावजूद अगला विधानसभा चुनाव हार गया।  2021 स्थानीय निकाय चुनाव कांग्रेस : 1432 शिरोमणि अकाली दल : 284 भाजपा : 59 आम आदमी पार्टी : 69 निर्दलीय : 364 उस समय कांग्रेस का दबदबा साफ नजर आ रहा था, लेकिन वह भी अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर हो गई।  अब 2026 के नतीजों पर नजर डालिए: (1977 में से 1941 सीटों के परिणाम घोषित) आम आदमी पार्टी : 945 कांग्रेस : 380 शिरोमणि अकाली दल : 191 भाजपा : 169 बसपा : 7 निर्दलीय : 249 पिछले 11 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि पंजाब की सत्ताधारी पार्टी स्थानीय निकाय चुनावों में 1000 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाई. खास बात यह है कि यह स्थिति तब बनी जब चुनाव के दौरान विपक्ष ने लगातार गंभीर आरोप लगाए. विपक्षी दलों का आरोप था कि कई नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द किए गए. 63 वार्डों में AAP उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए क्योंकि विपक्षी उम्मीदवार नामांकन तक दाखिल नहीं कर पाए. कांग्रेस और अन्य दलों ने AAP विधायकों पर विपक्षी समर्थकों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए।  इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग, बूथ कैप्चरिंग और विपक्षी उम्मीदवारों पर हमलों जैसी शिकायतें भी सामने आईं. इसके बावजूद AAP 1000 सीटों का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार नहीं कर सकी. इसे भगवंत मान सरकार के खिलाफ बढ़ती जन नाराजगी और एंटी-इंकम्बेंसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. कांग्रेस अब भी स्पष्ट नेतृत्व और दिशा के संकट से जूझ रही है, जबकि अकाली दल अभी तक पूरी तरह राजनीतिक पुनरुत्थान नहीं कर पाया है।  इस राजनीतिक परिवर्तन के बीच भाजपा का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है. 2021 में भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ते हुए सिर्फ 59 वार्ड जीते थे. 2026 में भी बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ते हुए भाजपा 169 वार्ड जीत चुकी है यानी पांच वर्षों में 110 वार्डों की बढ़ोतरी. बिना सत्ता के समर्थन और बिना किसी गठबंधन के भी भाजपा ने अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया है. पंजाब की राजनीति में परिवर्तन की आहट साफ सुनाई देने लगी है और भाजपा का विस्तार लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। 

बड़ी राहत! हरियाणा में सफाई कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल, मांगों पर बनी बात

पंचकूला. ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के बैनर तले 15 मई से चल रही ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार रात को खत्म हो गई। यूनियन प्रधान व अन्य पदाधिकारी ने हड़ताल खत्म होने की घोषणा की। साथ ही प्रदेश सरकार के मंत्री कृष्ण लाल पंवार और मंत्री कृष्ण बेदी ने यूनियन की 17 मांगों पर सहमति बनने की जानकारी दी। इससे पहले जीटी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्री कृष्ण बेदी और मंत्री कृष्ण लाल पवार के साथ कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी की बैठक हुई। करीब 2 घंटे तक चली बैठक में 17 मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद हड़ताल खत्म होने की घोषणा की गई। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि प्रदेश सरकार कर्मचारी हितकारी है और यूनियन की सभी जायज मांगे मान ली गई है यूनियन प्रधान ने कहा कि हड़ताल में प्रदेश भर के 10500 कर्मचारी शामिल हुए थे। पूरे प्रदेश में गांव में सफाई का काम 15 में से बंद था हम मांगे मान ली गई है। इसलिए सभी कर्मचारी सुबह काम पर लौट आएंगे। इसकी सूचना कर्मचारी तक पहुंचा दी गई है।

पंजाब में पुलिस सुरक्षा पर बड़ा हमला, होमगार्ड जवान को काटकर हथियार और कारतूस लूटे

तरनतारन. तरनतारन जिले के हरिके पत्तन क्षेत्र में शनिवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। जम्मू-कश्मीर-राजस्थान राष्ट्रीय मार्ग पर स्थापित नाके पर ड्यूटी दे रहे पंजाब होम गार्ड के जवान पर दो अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। हमलावर जवान को घायल करने के बाद उसकी सर्विस राइफल और कारतूस छीनकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और आरोपितों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पंजाब होम गार्ड के जवान सुखविंदर सिंह की अन्य कर्मियों के साथ हरिके पत्तन नाके पर ड्यूटी लगी हुई थी। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति नाके के पास पहुंचे। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक मोटरसाइकिल चला रहे व्यक्ति के पीछे बैठे हमलावर ने अचानक तेजधार हथियार से सुखविंदर सिंह पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक था कि जवान को संभलने का मौका नहीं मिला। अन्य कर्मियों ने पहुंचाया अस्पताल हमले में घायल होने के बाद आरोपितों ने जवान के कब्जे से उसकी सर्विस राइफल और कारतूस छीन लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद नाके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने घायल जवान को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पहले उसे जीरा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे फरीदकोट रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही जिला तरनतारन और फिरोजपुर की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही हमलावरों के भागने के संभावित मार्गों पर नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने जांच की शुरू पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि वारदात पूर्व नियोजित थी या फिर हमलावर किसी अन्य आपराधिक उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी से राहत के संकेत, बंगाल की खाड़ी से आई नमी लाएगी बारिश

रायपुर. नौतपा के बीच ही मौसम ने करवट ले ली है. प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधि ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी और हीटवेव से राहत दी है. इन इलाकों के तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि मध्य क्षेत्रों में गर्मी का कहर जारी है. राजनांदगांव में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण आंधी, बारिश होने की संभावना है. अधिकतम तापमान में कमी आ सकती है. छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ स्थानों में बारिश हुई है. सबसे ज्यादा सुकमा में 4 सेमी पानी गिरा. इसके अलावा जगदलपुर, तोंगपाल, दरभा में 3 सेमी, तोकापाल में 2 सेमी और कोंडागांव, कोंटा, भानपुरी, लोहांडीगुड़ा, अंबिकापुर और सरगुजा में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई. आज कुछ स्थानों में बरसेंगे बादल मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने जानकारी दी कि एक द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से अंदरुनी उड़ीसा तक राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर विस्तारित है. एक पश्चिमी विक्षोभ 75 डिग्री पूर्व में स्थित है. बंगाल की खाड़ी से प्रदेश में नमी का आगमन लगातार जारी है. इन मौसम प्रणालियों के कारण शनिवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. सभी संभागों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ और वज्रपात की संभावना है. साथ ही अधिकतम तापमान में गिरावट होने के आसार हैं. बारिश का इन इलाकों में अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30-40 प्रति घंटे रफ्तार) और वर्षा की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर के लिए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है. इसके मुताबिक, शनिवार को शहर में आकाश आंशिक मेघमय रहेंगे. वर्षा, गरज-चमक या अंधड़ चलने की संभावना है. अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

उत्तर प्रदेश में बिजली हुई महंगी, अब हर महीने ज्यादा ढीली होगी जेब

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद बुरी खबर है। प्रदेश में भीषण गर्मी, भारी बिजली कटौती और किल्लत के बीच अब जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ने वाली है। यूपी पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने राज्य में बिजली दरों को महंगा करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। इसके तहत अब उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सीधे 10% का इजाफा होने जा रहा है। ‘ईंधन अधिभार’ के नाम पर वसूला जाएगा अतिरिक्त शुल्क जानकारी के मुताबिक, बिजली दरों में यह बढ़ोतरी ‘ईंधन अधिभार’ (Fuel Surcharge) के नाम पर की जा रही है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को अब अपनी सामान्य बिजली खपत के लिए तय दर से 10% राशि अलग से (अतिरिक्त शुल्क के रूप में) चुकानी होगी। पावर कॉरपोरेशन के इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क बढ़ा सामने आया है कि, अगले महीने से उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने जा रहा है. यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल में 10 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क वसूलने का फैसला किया है. यह राशि फ्यूल सरचार्ज पर बढ़ोतरी के कारण बढ़ी है. जारी आदेश के अनुसार, बढ़ा हुआ शुल्क जून महीने के बिजली बिल के साथ जोड़ा जाएगा. यानी उपभोक्ताओं को अपने नियमित बिजली बिल के अलावा 10 फीसदी अतिरिक्त राशि भी चुकानी होगी।  फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के कारण बढ़ोतरी इस फैसले का असर प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. बिजली विभाग का कहना है कि बिजली उत्पादन और खरीद में आने वाली अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज लगाया जा रहा है. इसके तहत उपभोक्ताओं के बिल में अलग से शुल्क जोड़ा जाएगा।  कई इलाकों में बिजली कटौती से जूझ रहे हैं लोग हालांकि ऐसे समय में बिजली दरों में बढ़ोतरी का फैसला आया है, जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती और आपूर्ति संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही बिजली संकट और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में बिजली बिल में 10 फीसदी अतिरिक्त भार पड़ने से आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।  जून के बिल के साथ जुड़कर आएगी बढ़ी हुई दरें राहत की उम्मीद लगाए बैठे उपभोक्ताओं को यह झटका बहुत जल्द लगने वाला है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली का यह बढ़ा हुआ दाम आगामी जून के बिल के साथ जुड़कर आएगा। यानी जून महीने में आप जो बिजली इस्तेमाल करेंगे, उसका बिल 10% अतिरिक्त शुल्क के साथ आपके हाथ में आएगा। भारी कटौती और किल्लत के बीच जनता को झटका एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस समय भीषण गर्मी के कारण बिजली की भारी किल्लत देखी जा रही है और अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली की दरों में इस तरह की बढ़ोतरी ने आम जनता की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। इस फैसले के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

CM मोहन यादव ने किए माता वैष्णो देवी के दर्शन, श्राइन बोर्ड की व्यवस्था की जमकर तारीफ

भोपाल  मध्य प्रदेश के महाकाल, ओंकारेश्वर जैसे तीर्थ स्थानों पर क्राउड मैनेजमेंट का पूरा प्लान तैयार करने जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर के भीड़ प्रबंधन का अध्ययन किया जाएगा. कटरा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया, " हमारे साथ पूरा एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जो यहां श्रद्धालुओं के दर्शन से लेकर मंदिर ट्रस्ट की सभी व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है. जिस पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आगे मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में इसे लागू किया जाएगा।  माता वैष्णों देवी के दरबार में पहुंचे मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के कटरा पहुंचे. वे यहां पर माता वैष्णों देवी के दर्शन तो करेंगे ही, लेकिन यहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी होगा. उन्होंने बताया कि वे यहां माता वैष्णों के दर्शन के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे. इन चीजों पर अध्ययन करने के लिए उनके साथ प्रतिनिधिमंडल भी है. केवल वैष्णों देवी नहीं देश के अलग-अलग तीर्थ स्थलों में किस तरह के प्रबंध है, ये जानने के लिए इसी तरह के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अन्य प्रतिनिधिमंडल देश के अलग-अलग हिस्सों में भी भेजे हैं।  बताई दौरे की वजह कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है। बताई दौरे की वजह कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है। सीएम यादव ने बताया कि वह अधिकारियों के एक दल के साथ यहां आए हैं ताकि वैष्णो देवी मंदिर की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा सके और इसे मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके राज्य में भी प्रमुख मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सेवाओं और श्रद्धालु सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों का अध्ययन कर एक प्रभावी प्रबंधन मॉडल तैयार किया जा रहा है। वैष्णो देवी मंदिर में बेहतर व्यवस्थाओं और सुचारू दर्शन व्यवस्था की उन्होंने सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्राइन बोर्ड द्वारा यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह का समन्वित मॉडल अन्य मंदिरों में भी लागू करने की योजना है। इससे पहले हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक फैसले का भी उल्लेख किया गया जिसमें एक धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में ऐतिहासिक निर्णय दिया गया था। धार्मिक संस्थानों का होगा अध्ययन मीडिया से बात करते हुएमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, " हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, जिससे महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान व भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके. हाल ही में उच्च न्यायालय ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है. हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए कैसे एक मॉडल तैयार हो सके. जिससे श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाई जा सके।  बाकी तीर्थ स्थलों में भी जनसुविधाओं की लेंगे जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, "देश के अलग-अलग हिस्सों में भी जो दल गए हैं, वे अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट सौपेंगे. उसके हिसाब से मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में प्लान लागू होगा." उन्होंने कहा, "मुझे जानकारी दी गई है कि यहां मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज व अनेक सेवा-प्रधान संस्थाएं भी संचालित की जा रही हैं. हमारी सरकार भी अब रिलीजियस टूरिज्म के नए सर्किट तैयार कर उन्हें विकसित करने पर जोर दे रही है।   

योगी सरकार की पारदर्शी तबादला नीति, स्क्रीन पर चुनकर मिली तैनाती

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तबादला नीति में पारदर्शिता को लेकर विशेष ध्यान दे रही है. सरकार का पूरा प्रयास है कि विभागों में तबादले के दौरान किसी भी तरह का भ्रष्टाचार न हो और कार्मिकों को मेरिट के आधार पर तैनाती मिले. इसके तहत शुक्रवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने एक अनूठी पहल शुरू की. जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में आज ट्रांसफर के इच्छुक सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को मनचाही तैनाती उनके सामने पारदर्शी तरीके से दी गई. इस पूरी प्रक्रिया में 170 अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया गया. प्रक्रिया के दौरान विभाग के राज्य मंत्री दिनेश खटीक, रामकेश निषाद और अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 170 कर्मचारियों और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया. इसमें जल निगम ग्रामीण विभाग के 131, लघु सिंचाई विभाग के 28 और भूगर्भ जल विभाग के 11 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया. इसमें 2 मुख्य अभियंता, 15 अधीक्षण अभियंता, 35 अधिशासी अभियंता, 40 सहायक अभियंता और 78 जूनियर इंजीनियर के तबादले किए गए. पहली बार कार्मिकों से पूछकर दी गई तैनाती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जल निगम ग्रामीण विभाग के हॉल में 8 स्क्रीनों की व्यवस्था की गई थी. इन 8 स्क्रीनों पर संबंधित पदों के लिए रिक्त जिलों की सूची प्रदर्शित की गई. सबसे वरिष्ठ और सक्षम अधिकारियों से क्रमवार उनके तबादले की प्राथमिकता पूछी गई और उनके मनचाहे जिले को लॉक कर दिया गया. कम्प्यूटर का बटन दबते ही कुछ सेकेंड में ही कार्मिकों का ट्रांसफर लेटर उनके मोबाइल में पहुंच गया. इस प्रक्रिया में पूरे प्रदेश के ट्रांसफर के इच्छुक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे. इस दौरान जो कार्मिक किसी कारणवश नहीं आ पाए थे, उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ा गया था, जिससे वो अपनी बात मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रख सकें. वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता को बनाया मानक जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कार्मिकों के वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता को मानक बनाया गया था. जो उनके केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडेक्स) के आधार पर तय होता है. इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी हस्तक्षेप नहीं हो सकता है. इस पूरी प्रक्रिया से सभी कार्मिकों में खुशी की लहर है. इस दौरान अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम हो रहा है. इसी के तहत पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर प्रक्रिया को पूरा किया गया.  

झारखंड के मोहनाद गांव में तनाव, तीन राउंड फायरिंग के बाद तीन हिरासत में

 टुंडी झारखंड के टुंडी की बरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत मोहनाद गांव में शुक्रवार की शाम प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद भारी बवाल मच गया। सैकड़ों आक्रोशित लोगों ने आरोपियों को उनके घर में ही घेर लिया। मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ से आरोपियों को सुरक्षित निकालकर ले जाने के लिए फायरिंग भी करनी पड़ी। तीन राउंड फायरिंग और लाठीचार्ज के बाद भीड़ छंट गई और पुलिस तीनों आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लेकर थाना चली गई। वहां पर तनाव को देखते हुए एसडीएम लोकेश बारंगे ने निषेधाज्ञा लगा दी है। पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों में अशरफ अंसारी, उसके पिता और घर के मालिक सरफुद्दीन अंसारी एवं वाहन चालक मनव्वर अंसारी शामिल हैं। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि मोहनाद में एक तालाब के किनारे मांस फेंका हुआ था। खेलने गए बच्चों ने सबसे पहले इसे देखा। इसके बाद गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई। गांव में फैली सनसनी प्रतिबंधित मांस होने की बात पूरे गांव में फैल गई। इसके बाद ग्रामीण उग्र हो गए। दर्जनों लोग सरफुद्दीन अंसारी के घर के बाहर जुट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां भी मांस फेंका हुआ था, जिसे बाद में हटा लिया गया। ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। इसी बीच सरफुद्दीन अंसारी का पुत्र अशरफ अंसारी एक मालवाहक से अपने घर की ओर आ रहा था। ग्रामीणों ने वाहन रोका। उसमें एक मवेशी लदा था। यह देख ग्रामीण और उग्र हो गए। इधर अशरफ और वाहन चालक मनव्वर अंसारी किसी तरह भीड़ से बचकर अपने घर में घुस गए। क्या बोली पुलिस इस घटना को लेकर जानकारी देते हुए तुंडी के थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि तीन लोगों को इस मामले में हिरासत में लिया गया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। भीड़ से तीनों को सुरक्षित निकालने के लिए तीन राउंड फायरिंग करनी पड़ी है। स्थिति नियंत्रण में है। वहां निषेधाज्ञा लगा दी गई है।

हरियाणा में NEET परीक्षा को लेकर सख्ती, पेपर लीक रोकने खुफिया तंत्र रहेगा एक्टिव

पंचकूला. 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरे मामले को मॉनिटर कर रहे हैं। इसी संबंध में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान की भी समीक्षा की गई।  बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए। बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा केमिस्ट शाप्स के स्टाक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकार्ड की लगातार निगरानी की जाए। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा। प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।

लोगों को बड़ी राहत! चंडीगढ़ में एक ही छत के नीचे होंगे सभी सरकारी काम

चंडीगढ़. प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए यूटी में सिंगल विंडो सिस्टम-यूनिफाइड पोर्टल के प्रभावी तरीके से लागू और सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ में लोगो के लिए सुविधाजनक और आधुनिक प्रणाली विकसित करने पर काम करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार कमेटी का गठन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद किया गया। बैठक में तमिलनाडु सरकार की “सिंपल गव” पहल और डी-रेगुलेशन मॉडल पर चर्चा की गई थी। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डी. कार्तिकेयन, निदेशक आईटी अविकेश गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा नितिश सिंगला और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी विवेक वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया है। कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू सिंगल विंडो सिस्टम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी और चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रोसेस री-इंजीनियरिंग करने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने पर भी काम किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और अधिकतर सेवाओं को एकीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इससे मंजूरियों और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। क्या है तमिलनाडु का मॉडल प्रशासन यदि तमिलनाडु की सिंपल गव और डी-रेगुलेशन नीति लागू करता है तो नागरिक सेवाओं और उद्योगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। इस मॉडल के तहत सिंगल विंडो सिस्टम, आनलाइन मंजूरियां, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और अनावश्यक नियमों में कमी से लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। भवन नक्शा, व्यापार लाइसेंस, एनओसी और विभिन्न प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकती है। इससे भ्रष्टाचार और फाइलों में देरी कम होगी। उद्योगों और कारोबारियों को भी कम समय में मंजूरी मिलने से निवेश बढ़ने तथा “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में सुधार की संभावना है।