samacharsecretary.com

डबरा फर्जी पासपोर्ट सिंडिकेट का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, 200 पासपोर्ट पर STF की नजर

ग्वालियर मध्यप्रदेश में डबरा के सिमरिया टेकरी से शुरू हुए फर्जी पासपोर्ट कांड की जड़े अब देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जा पहुंची हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी जॉय चौधरी से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में देश की सुरक्षा को हिला देने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों ने 130 और नए संदिग्ध पासपोर्ट को अपने रडार पर ले लिया है। इस सिंडिकेट का सबसे खतरनाक पहलू यह उजागर हुआ है कि मास्टरमाइंड ने इन दस्तावेजों में स्थायी पता मध्य प्रदेश के बैतूल का और स्थानीय पता पाकिस्तान सीमा से सटे गुजरात के कच्छ के एक गांव का दर्ज कराया था। इसके अलावा डबरा के सिमरिया (वार्ड-1) का पता भी दर्जनों पासपोर्ट में धड़ल्ले से खपाया गया। अब तक 200 पासपोर्ट की संख्या हो गई है। इस अंतरराष्ट्रीय लिंक के सामने आते ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी मुस्तैद हो गई हैं। वहीं, आंख मूंदकर वेरिफिकेशन करने वाले डबरा, भोपाल और बैतूल के 15 पुलिसकर्मियों और नगर निगम कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें सोमवार को एसटीएफ द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब जाली दस्तावेज वाले रडार पर दस्तावेज सत्यापन, जाली मार्कशीट, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने में स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले कुछ शिक्षकों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। चंद रुपयों के लालच में इन शिक्षकों ने घुसपैठियों के दस्तावेज तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। एसटीएफ अब कमेटियों के पुराने रिकॉर्ड, संदिग्ध शिक्षकों के बैंक खातों और कच्छ बॉर्डर से जुड़े पतों के बीच की कड़ियों को खंगाल रही है। सिमरिया के बुद्ध विहार में जुटते थे संदिग्ध, भंते बने थे ढाल डबरा नगर पालिका के वार्ड-1 स्थित सिमरिया टेकरी, तथागत बुद्ध विहार और अंबेडकर पार्क के पते पर थोक में पासपोर्ट जारी कराने के पीछे सोची-समझी रणनीति थी। अज्ञात चेहरों का जमावड़ा: ग्रामीणों के अनुसार, धार्मिक आयोजनों के नाम पर यहां अक्सर बाहरी अनुयायी और संदिग्ध भिक्षु आकर ठहरते थे, लेकिन वे मूल रूप से कहां के रहने वाले थे, इसकी तस्दीक किसी के पास नहीं थी। गयाप्रसाद और गुलाबराय की भूमिकाः बुद्ध विहार में रह रहे संघप्रिय भंते ने बताया कि मास्टरमाइंड रियाज सीधे सामने नहीं आता था। पुराबनवार निवासी गयाप्रसाद (जो भंते बनकर सक्रिय था) और माधौनगर निवासी गुलाबराय लगातार इन गतिविधियों में आगे रहते थे। आशंका है कि रियाज इन्हीं चेहरों को मुखौटा बनाकर सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था।

महंगाई का असर, चीका में दूध-घी के नए रेट तय; मिलावट पर ₹5100 जुर्माना

गुहला-चीका  हरियाणा में दूध और घी के रेट बढ़ाने की मुहिम अब गुहला-चीका तक पहुंच गई है। हिसार, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र के बाद चीका में भी पशुपालकों ने पंचायत कर दूध के नए रेट तय कर दिए हैं। महंगाई के कारण पशुपालक व डेयरी संचालक दूध के रेट बढ़ाने की तैयारी में हैं। चीका में डेयरी संचालकों व पशुपालकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक अक्टूबर से शहर व गांव में भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर तथा गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाएगा। रविवार को पटियाला रोड स्थित किसान भवन सर छोटूराम जनकल्याण ट्रस्ट चीका में डेयरी संचालकों व पशुपालकों की बैठक चौधरी महा सिंह डेयरी के संचालक हरवंस सीड़ा की अध्यक्षता में हुई। सर्वसम्मति से लिया गया फैसला बैठक में बढ़ती महंगाई और डेयरी कारोबार में बढ़ रही लागत को लेकर चर्चा की गई। डेयरी संचालकों व पशुपालकों ने सर्वसम्मति से दूध और घी के नए भाव निर्धारित करने का निर्णय लिया। हरवंस सीड़ा ने कहा कि पिछले कुछ समय से पशुओं के चारे और अन्य सामान के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। भैंसों को खिलाई जाने वाली खल का कट्टा पहले करीब 1800 रुपये में मिलता था। अब इसके भाव बढ़कर करीब 3000 रुपये प्रति कट्टा हो गए हैं। सरसों के तेल सहित पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य आहार की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 1 अक्टूबर से जारी होंगे नए रेट बढ़ती लागत के कारण डेयरी संचालकों व पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है। बैठक में डेयरी संचालकों ने विचार-विमर्श के बाद एक अक्टूबर भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर और गांव के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर निर्धारित करने का निर्णय लिया। वहीं, भैंस के घी का भाव 1500 रुपये और गाय के घी का भाव 2200 रुपये प्रति लीटर करने पर सहमति बनी। पशुपालकों ने दूध और घी की गुणवत्ता को लेकर भी सामूहिक नियम बनाया। तय मानकों का उल्लंघन करने अथवा दूध या घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 5100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इस मौके पर किसान भवन के प्रधान रतिराम सीड़ा, बलकार बल्लू, देवी दयाल, अमर सिंह, हरभजन सिंह, स्वर्ण सिंह, हरभजन सिंह बिक्रम सिंह, जगमेल सिंह, मोहित कुमार, जगदीप, बलकार सिंह भी मौजूद रहे।  

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर हर अंत्योदय परिवार को मिलेंगे दो मुफ्त दीये, कुम्हारों की बढ़ेगी कमाई

चंडीगढ़  हरियाणा में इस बार 17 सितंबर को जलने वाला दीया सिर्फ घरों को रोशन नहीं करेगा, बल्कि प्रदेश के कुम्हारों के चाक को भी रफ्तार देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत घर-घर मिट्टी के दीये जलाने की तैयारी है। अभियान से जुड़े प्रचार में इसे ‘आशीर्वाद का दीया’ कहा जा रहा है। हरियाणा सरकार ने इस आयोजन में एक दिलचस्प कड़ी जोड़ी है। दीयों की खरीद किसी बड़े सप्लायर या बाहर के बाजार से नहीं, बल्कि संबंधित जिले के स्थानीय कुम्हारों से ही की जाएगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशालय ने सभी जिलों को दीयों की खरीद और वितरण के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। यानी सरकारी अभियान की रोशनी का सीधा लाभ उस पारंपरिक कारीगर तक पहुंचाने की कोशिश है, जिसका चाक बदलते बाजार में लगातार धीमा पड़ता जा रहा है। हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंजूरी देने के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। परिपत्र में कहा गया है कि निर्धारित संख्या में दीयों की खरीद समय रहते पूरी की जाए, ताकि वितरण में किसी तरह की देरी न हो। दीयों की गुणवत्ता, आकार और उपयोग योग्य स्थिति का ध्यान रखने को कहा गया है। साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि खरीद स्थानीय स्तर पर इस तरह की जाए कि अधिक से अधिक कुम्हार परिवारों को इसका लाभ मिल सके। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को केवल खरीद तक सीमित नहीं रहने, बल्कि दीयों को संबंधित लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं खरीद और वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने पर भी जोर है। अधिकारियों को अभियान की गतिविधियों का समुचित रिकार्ड रखने और उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है। रोशनी के साथ स्थानीय हुनर को सहारा इस पहल का सबसे अहम पहलू यह है कि सरकारी आयोजन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। सामान्यतः बड़े आयोजनों में सामान की खरीद केंद्रीकृत तरीके से होती है, लेकिन यहां जिले के कुम्हार को ही प्राथमिकता देने से सरकारी मांग सीधे उसके घर तक पहुंचेगी। एक तरफ हजारों घरों में परंपरागत मिट्टी के दीये जलेंगे, दूसरी तरफ कुम्हार परिवारों को दीवाली के सीजन से पहले ही बड़ा काम मिलेगा। परिपत्र में जिलों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्धारित मात्रा की खरीद और वितरण अभियान की भावना के अनुरूप हो। इस लिहाज से 17 सितंबर की शाम जलने वाला दीया महज प्रतीकात्मक रोशनी नहीं होगा, बल्कि ‘स्थानीय से खरीदो और स्थानीय को मजबूत करो’ का संदेश भी देगा। प्रत्येक को मिलेंगे दो दीये मुफ्त, 79.52 लाख दीये बंटेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को प्रदेश के हर अंत्योदय परिवार को दो-दो दीये निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। विभाग ने प्रति दीया एक रुपये की दर निर्धारित की है। प्रदेश में कुल 39 लाख 76 हजार 273 राशन कार्ड हैं। इनके लिए कुल 79 लाख 52 हजार 546 दीये आवंटित किए जाने हैं, जो कि निशुल्क होंगे। हिसार में सबसे ज्यादा 5 लाख 76 हजार 608 दीये दिए जाएंगे।

अप्रैल-मई 2027 में पंचायत चुनाव संभव, 19 अक्टूबर की मतदाता सूची से तय होगा वोटिंग अधिकार

 रांची झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई माह में होना है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इसे लेकर जिलों में तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत मतदान केंद्रों का निर्धारण किया जा रहा है। हालांकि पंचायत चुनाव ट्रिपल टेस्ट के बाद ही होना है। ट्रिपल टेस्ट के माध्यम से ओबीसी श्रेणी को चुनाव में आरक्षण प्रदान किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को दी जाएगी। वर्ष 2022 में पंचायत चुनाव ओबीसी को आरक्षण दिए बिना ही संपन्न हुआ था। इसपर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर ट्रिपल टेस्ट कराकर ओबीसी को आरक्षण देते हुए पिछले वर्ष नगर निकाय चुनाव संपन्न कराया था। ऐसे में पूरी संभावना है कि अगले वर्ष होनेवाले पंचायत चुनाव में भी ओबीसी को आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग को कैबिनेट से स्वीकृति लेनी होगी।ट्रिपल टेस्ट कराने में दो-तीन माह का समय लग सकता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर माह तक सरकार इसपर निर्णय ले लेगी। 19 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि से हो सकता चुनाव चूंकि राज्य में पंचायत चुनाव अगले वर्ष होना है, इसलिए पूरी संभावना है कि यह चुनाव 19 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि से हो। इस तिथि तक मतदाता बननेवाले नागरिक पंचायत चुनाव में मतदान कर सकेंगे। दरअसल, एसआइआर के तहत 19 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होना है। इसके बाद तय हो जाएगा कि राज्य में मतदाताओं की संख्या कितनी है। मतदाता सूची के प्रकाशन होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग भारत निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची का आंकड़ा देने का अनुरोध कर सकता है। यह आंकड़ा मिलने के बाद पंचायत स्तर पर मतदाता सूची का विखंडन किया जाएगा। फैक्ट फाइल     झारखंड में पंचायतों की संख्या : 4,345     ग्राम पंचायतों के सदस्यों की संख्या : 53,479     मुखिया के पद : 4,345     पंचायत समिति सदस्य के पद : 5,341     जिला परिषद सदस्य के पद : 536  

उप मुख्यमंत्री ने भोरमदेव शक्कर कारखाना में 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण का किया शुभारंभ

रायपुर देश में लगातार दो वर्षों तक सर्वाधिक रिकवरी का गौरव हासिल करने वाले भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने किसानों को एक और बड़ी सौगात दी है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर 50 किलो शक्कर वितरण का शुभारंभ किया। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री  रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा को नेशनल को ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन,नई दिल्ली के द्वारा सर्वोच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में एफिशिएंसी अवार्ड प्राप्त होने पर क्षेत्र वासियों, शेयर धारक किसानों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किसानों की सुविधा के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह कारखाना किसानों का अपना कारखाना है और इसकी मजबूती किसानों की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में लगातार तीसरे वर्ष किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण की शुरुआत की गई है। इस वर्ष 4 हजार 686 नए किसानों को शेयरधारी बनाया गया है। इस प्रकार अब लगभग 28 हजार शेयरधारी किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को यह लाभ सहकारिता की भावना और कारखाने से उनके जुड़ाव का महत्वपूर्ण परिणाम है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कारखाने में 2 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस वर्ष इसे बढ़ाकर 4 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कारखाने से अनुबंध करें और गन्ना उपलब्ध कराएं, ताकि कारखाना निरंतर सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से ही कारखाना आगे बढ़ेगा और इसका लाभ भी किसानों तक पहुंचेगा। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला  विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल,  मनीराम साहू,  भुनेश्वर चंद्राकर,  रामकिंकर वर्मा,  खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।  देश में सर्वाधिक रिकवरी का लगातार दो वर्षों का गौरव   उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने वर्ष 2024–25 और 2025–26 में पूरे देश में सर्वाधिक रिकवरी प्राप्त करने वाले कारखाने के रूप में गौरव हासिल किया है। इसके लिए कारखाने को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर रिकवरी केवल कारखाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का परिणाम है। किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण गन्ने और उनके परिश्रम से ही कारखाना उच्च स्तर पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, कारखाना प्रबंधन की कार्यक्षमता और सहकारिता की भावना मिलकर भोरमदेव शक्कर कारखाना को नई पहचान दे रही है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें होने वाला लाभ सभी सदस्यों के बीच साझा होता है। यही कारण है कि सहकारिता किसानों के लिए उपयोगी और लाभकारी व्यवस्था है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कारखाने से जुड़कर शेयरधारी बनें और गन्ना अनुबंध के माध्यम से इसकी गतिविधियों को और मजबूत करें। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन दिया। कवर्धा के किसानों की मेहनत ने प्रदेश को दिलाई नई पहचान –मंत्री  रामविचार नेताम  कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। तीजा पर्व और गणेश चतुर्थी की तैयारियों के बीच किसानों को शक्कर का वितरण किया जाना खुशी की बात है। त्योहारों में प्रसाद और पकवानों के लिए मिठास की आवश्यकता होती है, ऐसे समय में किसानों को रियायती दर पर शक्कर मिलने से त्योहार की खुशियों में और मिठास बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश और उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों से किसानों के हित में शक्कर वितरण की व्यवस्था फिर शुरू हुई है। कवर्धा के किसानों की मेहनत और परिश्रम ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। बेहतर गन्ना उत्पादन और शक्कर की अच्छी रिकवरी किसानों की मेहनत का परिणाम है। मंत्री  नेताम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गन्ना उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और गन्ने का उत्पादन और बढ़े। किसानों के हित में बोनस बढ़ाने के लिए भी सरकार आवश्यक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार शक्कर आज त्योहार के अवसर पर उनके घरों तक पहुंच रही है और इससे खुशियों में मिठास बढ़ेगी।

कृषक हित में संचालित हैं कई कल्याणकारी योजनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना महाराजा छत्रसाल और भगवान श्री जुगल किशोर की नगरी है। यह एकमात्र धरती है, जहां हीरा मिलता है, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पन्ना नेशनल पार्क में बाघ पुनर्स्थापना की बदौलत बाघों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को पन्ना में आयोजित प्रदेश के 28वें बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र को केन बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य बड़ी सौगातें मिली हैं। इससे क्षेत्र में खुशहाली और नागरिकों के जीवन स्तर में बदलाव आएगा। आज लाड़ली बहना योजना की महिला लाभार्थियों को 40वीं किस्त भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितम्बर से एक माह तक संचालित होने वाले सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ होगा। आगामी 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी बतौर कुशल प्रशासक 25 वर्ष पूर्ण करेंगे। यह हम सब के लिए गौरव और गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन से विश्व में भारत का मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है। आज केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा किसान हित में कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बलराम महोत्सव के आयोजन से किसानों को बहुत लाभ मिलेगा। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक कृषि सहित नवाचार तकनीकों की जानकारी से बड़ी संख्या में किसान लाभांवित होंगे। पवई बांध, मझगांय और रुंझ सहित कई लघु सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से वृहद स्तर पर किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यानिकी खेती अपनाने की अपील करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहन देने की अपील की। उन्होंने किसानों से अतिरिक्त आय के अवसर के रूप में पशुपालन और अन्य गतिविधियां अपनाने पर जोर दिया। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का जिक्र करते हुए गौशाला की राशि में बढ़ोत्तरी की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान में ग्रामीण जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। भविष्य में इस योजना को नगरीय क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत होम-स्टे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात भी कही। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। उपस्थित किसानों से किसान सम्मान निधि के लाभ संबंधी जानकारी भी ली। प्रगतिशील किसानों से संवाद कर की कार्यों की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। ग्राम शाहपुर खुर्द की महिला कृषक कविता रानी ने बताया कि वे 2019 से निरंतर प्राकृतिक खेती कर रही हैं। वर्तमान में 6 गांव के लोगों को प्रशिक्षण के जरिए उन्नत खेती के गुर भी सिखा रही हैं। इसके अलावा कृषि में कम लागत से आय बढ़ोत्तरी के तरीके भी बताती हैं। महिला कृषक ने कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना से निरंतर मिले सहयोग और मार्गदर्शन की जानकारी भी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान लगाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी चाही। धामी मोहल्ला पन्ना निवासी राजकमल शर्मा ने कृषि क्षेत्र में शुरू किए गए स्टार्ट-अप की जानकारी दी। जरूआपुर के प्रगतिशील कृषक सुब्रत मलिक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उद्यानिकी खेती के जरिए आय में बढ़ोत्तरी की जानकारी दी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के हितग्राही नत्थू प्रसाद यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना अंतर्गत मुर्रा भैंस क्रय कर सफलतापूर्वक डेयरी व्यवसाय गतिविधि करने के बारे में अवगत कराया। जनप्रतिनिधियों से भी की चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की। कार्यक्रम में पन्ना विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्यों की जानकारी दी। साथ ही गौशालाओं के विकास और दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्य में बढ़ोत्तरी का आग्रह किया। गुन्नौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने ग्राम श्यामरडाडा में जैविक खेती के बारे में बताया। साथ ही अतिवर्षा से फसल हानि का सर्वे कर मुआवजा वितरण की बात कही। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संतोष यादव, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत श्री रविराज यादव, नपाध्यक्ष श्रीमती मीना पांडेय सहित अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह यादव एवं किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री प्रदीप अवस्थी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिला कलेक्टर को अतिवर्षा प्रभावित क्षेत्र में फसल सर्वे और किसानों की अन्य समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में संचालित जन विश्वास अभियान में शिविरों के माध्यम से भी आम जनता को लाभांवित किया जा रहा है। कृषि महोत्सव का आयोजन ऐतिहासिक निर्णय : प्रभारी मंत्री उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के हित में बलराम कृषि महोत्सव ऐतिहासिक निर्णय है। इससे कृषि एवं किसान के जीवन में व्यापक बदलाव एवं परिवर्तन आएगा। मध्यप्रदेश सरकार कृषक हितैषी और किसानों के हित में कल्याणकारी नीति व योजनाओं को लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य है। प्रभारी मंत्री एवं मुख्य अतिथि श्री परमार को प्रतीक स्वरूप हल भेंट किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें विभिन्न नवाचार और जागरूकता गतिविधियों के जरिए किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी भी मिल रही है। सहकारिता के माध्यम से रबी और खरीफ फसल के लिए ऋण प्रदान करने सहित ऋण चुकाने की सराहनीय पहल भी की गई है। उन्होंने सभी किसानों से बलराम कृषि महोत्सव को धूमधाम से मनाने की अपील की। इस अवसर पर अध्यक्ष किसान मोर्चा श्री जयपाल सिंह चावड़ा सहित, श्री सदानंद गौतम, कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार, जिला पंचायत सीईओ श्री उमराव सिंह मरावी सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, किसान संघ के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे। उत्कृष्ट कृषक एवं मेधावी … Read more

एक व्यक्ति और एक परिवार की कीमत चुकाता था पूरा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गलती एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है। ठीक वैसे ही एक व्यक्ति और एक परिवार की कीमत उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट, कानून व्यवस्था के भीषण संकट, अराजकता और भ्रष्टाचार के रूप में चुकानी पड़ती थी। कृत्य एक व्यक्ति गलत करता था और कीमत पूरा प्रदेश चुकाने को मजबूर होता था। आज पारदर्शिता और शुचिता के साथ आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश के लोग कहीं भी सीना तानकर कह सकते हैं कि वे उत्तर प्रदेश के हैं।   मुख्यमंत्री योगी रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।   साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख सरकारी नौकरियां मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया जितनी पारदर्शी होगी, परिणाम उतने ही फलदायी होंगे। अच्छे लोगों का चयन नहीं होगा, चयन प्रक्रिया में विसंगति, भेदभाव और शुचिता का अभाव होगा तो उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ेगी। पिछले साढ़े नौ वर्ष में प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। कोई यह नहीं कह सकता कि नियुक्ति में उसके साथ भेदभाव हुआ या किसी प्रकार का लेनदेन हुआ। प्रदेश में लगभग 16 लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जिनमें 9.5 लाख वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भर्ती हुए हैं। यह युवा कार्यबल प्रदेश की प्रगति को नई गति दे रहा है।   अंग प्रत्यारोपण यूनिट समेत कई सुविधाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान में तैयार मुख्य चिकित्सा अंग प्रत्यारोपण यूनिट सहित कई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। इनमें 40 बेड का इमरजेंसी वार्ड, मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 100 मरीजों की क्षमता वाला वेटिंग हाल, रेडिएशन आंकोलाजी विभाग में 4डी-सीटी सिम्युलेटर, पेट-सीटी मशीन, स्पेक्ट-सीटी मशीन, 1.5 टेस्ला एमआरआइ तथा पीएमआर विभाग में नेविगेटेड आरटीएमएस मशीन शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का भी विमोचन किया।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण यूनिट से किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची कम करने में मदद मिलेगी। बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द शुरू होने जा रही है। संस्थान रोबोटिक सर्जरी, गामा नाइफ, एआइ आधारित डायग्नोस्टिक, एडवांस इमेजिंग, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 10 जिलों में वर्चुअल आइसीयू का संचालन किया जा रहा है।   अब चुनौती पैसे की नहीं, वेटिंग सूची कम करने की मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला अस्पतालों में 10-10 बेड पर निश्शुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा और मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से जरूरतमंदों के उपचार के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। आज समस्या पैसे की नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती किडनी ट्रांसप्लांट सहित गंभीर उपचार के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करने की है।   20 बेड से 1,400 बेड का सुपर स्पेशियलिटी संस्थान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में यह प्रश्न था कि यहां अस्पताल रहेगा या इसे संस्थान बनाया जाएगा। सरकार ने इसे संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। कभी 20 बेड के छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में शुरू हुआ परिसर आज 1,400 बेड के सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में बदल चुका है। पहले यहां की शिकायतों से समाचार पत्र रंगे रहते थे, अब शिकायतें कम आती हैं। जनता की संतुष्टि ही किसी संस्थान की सफलता की कसौटी है। संस्थान में 1,010 बेड का नया अस्पताल और 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी प्रस्तावित है।   41 से बढ़कर 85 हुए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 41 मेडिकल कॉलेज थे, आज 85 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक और पीजी की सीटें 3,564 से बढ़कर 5,067 हो गई हैं। पहले केवल दो नर्सिंग कॉलेज थे, अब 26 बन चुके हैं और 33 निर्माणाधीन हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की संख्या 1,227 से बढ़कर 3,438 हो गई है।   पिछली सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने से किया था इनकार पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले चरण में उत्तर प्रदेश के लिए 17 मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर एम्स स्वीकृत किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने से इनकार कर दिया। गोरखपुर एम्स के लिए ऐसी भूमि उपलब्ध कराई गई जिस पर सुप्रीम कोर्ट का स्थगन था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद नई भूमि उपलब्ध कराई गई और आज गोरखपुर एम्स सफलतापूर्वक संचालित है। रायबरेली एम्स की समस्याओं का भी समाधान किया गया।   अपने मेडिकल डाटा पर खुद करें शोध मुख्यमंत्री योगी ने चिकित्सा संस्थानों से उपचार के साथ शोध, नवाचार और तकनीक को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे ही डाटा पर पश्चिमी देश शोधपत्र प्रस्तुत करते हैं, जबकि हम अपने डाटा को संरक्षित नहीं कर पाते। अपने मेडिकल डाटा को संरक्षित कर भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करनी होंगी। आइआइटी कानपुर के साथ मेडटेक सेंटर आफ एक्सीलेंस, एसजीपीजीआइ में सेंटर आफ एक्सीलेंस, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। एआइ भी चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।   100 वर्ष बनाम नौ महीने का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जापान ने इंसेफेलाइटिस की वैक्सीन 1905 में विकसित कर ली थी, लेकिन उसे भारत आने में 100 वर्ष लग गए। वहीं कोविड महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केवल नौ महीने में दो वैक्सीन विकसित कर दीं। भारत ने अपने नागरिकों को नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराने के साथ करीब 100 मित्र देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीमारी का पैटर्न बदल रहा है, इसलिए चिकित्सा संस्थानों को समय से 10 कदम आगे सोचने की जरूरत है। हीलिंग, लर्निंग और डिस्कवरी एक साथ चलेंगी तभी कोई संस्थान वास्तविक सेंटर आफ एक्सीलेंस बन सकेगा।   लोहिया संस्थान से चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल आने की उम्मीद : ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा … Read more

शिक्षक बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं और उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं : मुख्यमंत्री साय

रायपुर   शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, उन्हें संस्कार और सही दिशा देते हैं तथा उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, फल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। हमारी यह समृद्ध ज्ञान परंपरा आज भी हमें प्रेरणा देती है। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना हमारा संकल्प मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार – हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहरों और गांवों में बेहतर अधोसंरचना का निर्माण विकास की गति को तेज करने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा। “मोर गांव मोर पानी” अभियान के उल्लेखनीय कार्यों का हुआ सम्मान समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने जल संरक्षण को भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में किए गए प्रयासों की सराहना की। समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया। जनकल्याण और सुशासन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वहीं तकनीक के उपयोग से शासन की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का … Read more

सिंधी समाज के महापुरुषों राजा दाहिर, संत कंवरराम और शहीद हेमु कालानी की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल कर राज्य सरकार ने निभाया अपना वादा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंधी समाज समाज की जीवटता, कर्मठता और अपने स्वभाव से सबका दिल जीतने की क्षमता प्रशंसनीय है। सिंधी समाज का पिछला 80 वर्ष का समय कठिनाईयों और संघर्ष से भरा रहा। समाज ने विभाजन की विभिषिका झेली, जन्मभूमि-घर और कारोबार छोड़ा पर समाज बंधुओं का हौसला, धर्म और संस्कार कभी नहीं छूटे। चुनौतियों को अवसर में बदलकर अपनी पहचान और गौरव को बनाये रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंधी समाज में फिनिक्स पक्षी के समान पुन: उठ खड़े होने की क्षमता है। समाज ने अपनी इसी क्षमता के आधार पर ही अपने लिए नए अवसरों का सृजन किया है। सिंधी समाज के महापुरुषों जैसे राजा दाहिर, संत कंवर राम और शहीद हेमु कालानी की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कर हमने अपना वादा निभाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सिंधु भवन में आयोजित प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सांसद  शंकर ललवानी, विधायक  भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश सिंधु भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष  राजेन्द्र मनवानी, प्रांतीय सिंधी सम्मेलन के कार्यक्रम संयोजक  ईश्वर झामनानी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे। राज्य सरकार सिंधी समाज के अधिकारों के संरक्षण और सिंधी भाषा व संस्कृति के संवर्धन के लिए सदैव तत्पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज के पास व्यापारिक कुशलता और बिजनेस माइंडसेट होने के साथ-साथ समाज सेवा, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में नवाचार करने की क्षमता है, समाज के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। राज्य सरकार सिंधी समाज के अधिकारों के संरक्षण, सिंधी भाषा व संस्कृति के संवर्धन के लिए सदैव तत्पर है। हमारी सरकार संवाद से समस्याओं के समाधान में विश्वास रखती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के मास्टर प्लान के संबंध में कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा के प्रति सजग है, जो भी श्रेष्ठम समाधान होगा वह किया जाएगा। प्रधानमंत्री  मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर से आरंभ होगा सेवा से संकल्प अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बतौर कुशल प्रशासक 25 वर्ष पूर्ण होने पर उनके जन्म दिवस 17 सितम्बर से प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 50 लाख लोगों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करने का कार्य संपूर्ण प्रदेश में हो रहा है। इस प्रक्रिया में स्टाम्प डयूटी राज्य सरकार द्वारा भरी जाएगी। यह राशि लगभग 5 हजार करोड़ रुपए होगी। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान के अंतर्गत प्रथमत: ग्रामीण आबादी को उनकी सम्पत्ति की रजिस्ट्री कर राजस्व विभाग के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले चरण में शहरी क्षेत्र के भू-खण्डों की रजिस्ट्रीयां की जाएंगी। कानून से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर नहीं होगा बर्दाश्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह सख्त है। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं लापरवाही और अपराध पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। प्रधानमंत्री  मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में बालाघाट आज पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। सागर की घटना में आरोपियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। सागर शराब कांड के दूसरे आरोपी का भी आज शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। हर अपराधी के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम को इंदौर सांसद  शंकर लालवानी तथा प्रांतीय सिंधी सम्मेलन के कार्यक्रम संयोजक  ईश्वर झावनानी ने भी संबोधित किया।  

राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह

रायपुर  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक खूबसूरती, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर अपनी अलग पहचान दर्ज कराई है। विशाखापट्टनम में आयोजित 41वें इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के वार्षिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की संभावनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई। देशभर से जुटे पर्यटन विभागों, यात्रा संचालकों और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ की विविधतापूर्ण पर्यटन क्षमता को सामने रखने का अवसर मिला। सम्मेलन के दौरान प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए जाने के साथ छत्तीसगढ़ को ‘Best Emerging Tourist Destination’ के प्रतिष्ठित सम्मान से भी नवाजा गया। विशाखापट्टनम स्थित नोवोटेल  वरुण बीच में 10 से 13 सितंबर तक आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन की मुख्य विषय-वस्तु  ‘भारत—विश्व के पर्यटन अवसरों का अगला बड़ा केंद्र’ रही। सम्मेलन में देश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने तथा पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया। इस राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ ने अपनी पर्यटन विविधता और संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया। पर्यटन विकास के विजन को मिला राष्ट्रीय मंच सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की दिशा, प्रदेश की विशेषताओं और यहां मौजूद पर्यटन अवसरों को प्रमुखता से रखा गया। प्राकृतिक सौंदर्य से लेकर इतिहास, धर्म, संस्कृति और जनजातीय जीवन तक छत्तीसगढ़ की विविध पहचान को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया। प्रदेश की पर्यटन संपदा को प्रभावशाली वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से देशभर से आए ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स के सामने प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, आदिवासी संस्कृति, वन्यजीव, जलप्रपात, पुरातात्विक धरोहर और साहसिक पर्यटन स्थलों की आकर्षक झलक दिखाई गई। प्रस्तुति के दौरान देशभर से आए ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स को छत्तीसगढ़ को अपनी नई यात्रा इटिनरी में शामिल करने तथा इसे एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित किया गया। साथ ही पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए की जा रही पहलों और नई पर्यटन संभावनाओं की जानकारी भी साझा की गई। प्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री सहित देशभर के पर्यटन प्रतिनिधि हुए शामिल सम्मेलन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री * किंजरापु राम मोहन नायडू, आंध्र प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं छायांकन मंत्री  कंदुला दुर्गेश, आंध्र प्रदेश सरकार के विशेष मुख्य सचिव  शमशेर सिंह रावत सहित पर्यटन और यात्रा उद्योग से जुड़े अनेक प्रमुख प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा ने भी सम्मेलन में सहभागिता की। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुए संवाद में उन्होंने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखा। सम्मेलन के दौरान  नीलू शर्मा को सम्मानित भी किया गया। झरनों, जंगलों और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध है छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है। प्रदेश में प्रकृति के साथ इतिहास, अध्यात्म, संस्कृति और जनजातीय जीवन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। बस्तर के मनमोहक जलप्रपात और घने वन, सिरपुर की प्राचीन ऐतिहासिक विरासत, दंतेवाड़ा की धार्मिक आस्था और प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एवं लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को देश के अन्य पर्यटन राज्यों से अलग पहचान देती हैं। इसी विविधता को पर्यटन विकास की बड़ी ताकत के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रकृति आधारित पर्यटन के साथ धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनजातीय पर्यटन को एक साथ विकसित करने की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की विविध पर्यटन संपदा को एक समग्र अनुभव के रूप में देशभर के पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने और स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं को भी महत्वपूर्ण माना गया। पर्यटन कारोबार के लिए बना संवाद और संपर्क का मंच सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के पवेलियन में ट्रैवल ट्रेड की उल्लेखनीय उत्सुकता देखने को मिली। बड़ी संख्या में ट्रैवल एजेंट्स एवं टूर ऑपरेटर्स ने पवेलियन पहुंचकर पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स और पर्यटन प्रतिनिधियों के साथ बी-टू-बी बैठकें कीं तथा प्रदेश के पर्यटन पैकेज, डेस्टिनेशन और इटिनरी पर विस्तार से चर्चा की। इन बैठकों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को नए साझेदारी अवसर तलाशने, पर्यटन स्थलों की जानकारी साझा करने और पर्यटकों को आकर्षित करने की नई योजनाओं पर विचार करने का अवसर मिला। सम्मेलन के साथ 11 और 12 सितंबर को भारतीय पर्यटन मेला भी आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों, यात्रा संचालकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच प्रत्यक्ष व्यावसायिक बैठकें तथा संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस आयोजन ने विभिन्न राज्यों के पर्यटन प्रतिनिधियों और ट्रैवल ट्रेड के बीच संवाद को मजबूत करने तथा पर्यटन कारोबार के नए अवसर तलाशने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। ‘Best Emerging Tourist Destination’ सम्मान से बढ़ा छत्तीसगढ़ का गौरव सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि भी सामने आई। 13 सितंबर को आयोजित सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ को “Best Emerging Tourist Destination” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने मंच पर यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। यह सम्मान राज्य की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन क्षेत्र में हो रहे नवाचार, सतत विकास और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का प्रमाण है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देशभर के ट्रैवल एजेंट्स, टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच प्रदेश के पर्यटन स्थलों की बढ़ती चर्चा से छत्तीसगढ़ के लिए नए पर्यटन अवसरों के द्वार खुलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में पर्यटन निवेश को आकर्षित करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के प्रयासों को भी बल मिल सकता है। पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा 41वें इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के वार्षिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को प्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर … Read more