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मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा माउथ कैंसर, गुटखा-तंबाकू बने बड़ी वजह; मरीजों में 40% इजाफा

भोपाल   मध्यप्रदेश में जुगाड़ का गुटखा मुंह के कैंसर के मामलों में हर साल बढ़ोत्तरी कर रहा है. मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्यप्रदेश में करीबन 14 साल पहले गुटखा की बिक्री पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इसके बाद पाउच का स्थान 'जुगाड़ के गुटखे' ने ले लिया. तंबाकू-चूने और जुगाड़ के गुटखे के चलते देश में सबसे ज्यादा मुंह के कैंसर के मरीज मध्य प्रदेश में सामने आ रहे हैं. मध्यप्रदेश में साल 2025 में 48 हजार 694 कैंसर के मरीज मिले थे, जिनमें से करीबन 40 फीसदी मरीज ओरल कैंसर के थे।  भोपाल में सबसे ज्यादा मुंह का कैंसर नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम इंवेस्टीगेटर की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मुंह के कैंसर के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं. राजधानी भोपाल में 1 लाख लोगों की आबादी में 41 लोग मुंह के कैंसर से पीड़ित मिल रहे हैं. इसके अलावा प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में भी मुंह के कैंसर से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में मिल रहे हैं।  गुटखे पर पाबंदी तो जुगाड़ वाला गुटखा चला कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल के मुताबिक, '' मुंह के कैंसर पर रोक लगाने के लिए ही 1 अप्रेल 2012 को मध्यप्रदेश में तंबाकू पाउच की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन इसके बाद जुगाड़ का पाउच आ गया. अब एक पाउच में सादा गुटखा होता है, और दूसरे में तंबाकू, चूना आदि. इस सबको मिलाकर यह वहीं तंबाकू का गुटखा बन जाता है, जिस पर प्रतिबंध लगाया गया था. यही वजह है कि प्रदेश में मुंह के कैंसर के रोगी कम होने के स्थान पर बढ़ गए हैं।  अब युवाओं में आ रहे कैंसर के मामले, एमपी में सबसे तेज डॉ. श्याम अग्रवाल कहते हैं, '' अब मुंह के कैंसर के मरीजों के मामले में एक अहम बदलाव आया है. कुछ साल पहले तक मुंह के कैंसर के मरीज की औसत उम्र 50 साल और उससे अधिक ही होती थी, लेकिन अब 20-25 साल की नई उम्र के युवा भी कैंसर मरीज बन रहे हैं. कारण सिर्फ तंबाकू का सेवन है. पूरे विश्व में भारत, पाकिस्तान सहित कुछ देशों में ही मुंह के कैंसर के मरीज सामने आते हैं, इसमें भी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा. मध्यप्रदेश में कैंसर के मरीजों की संख्या में हर साल 10.55 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो रही है, जबकि इसमें मुंह के कैंसर के मरीज 40 फीसदी बढ़ रहे हैं।  जानकारी देते कैंसर विशेषज्ञ  भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान के अनुसार मध्यप्रदेश में साल 2021 से 2025 के दौरान कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।  40 फीसदी मामले माउथ कैंसर के ही प्रदेश में मुंह के कैंसर के मामले औसत कैंसर के मामलों से ज्यादा बढ़ रहे हैं. देश में भी मिलने वाले कैंसर के कुल मामलों में 40 फीसदी सिर्फ मुंह के कैंसर के मामले होते हैं. भोपाल स्थिति जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल के आंकड़ों को देखें तो हॉस्पिटल में साल 2012 में मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या 1836 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 2614 तक पहुंच गई हैं. यहां इलाज कराने के लिए प्रदेश के कई जिलों से मरीज पहुंचते हैं. मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़त देखी जा रही है, जो खतरनाह है।  साल 2020 में हॉस्पिटल में 2118 ओरल कैंसर के मरीज मिले थे, जो साल 2021 में बढ़कर 2519 हो गए. साल 2022 में यहां 2492 मरीज इलाज कराने पहुंचे. वहीं, साल 2023 में 2566 मरीज, 2024 में 2743 और साल 2025 में 2614 ओरल कैंसर के मरीज सामने आए हैं।  मुंह में सफेद, लाल दाग तो सर्तक हो जाएं जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल भोपाल के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विजय भार्गव कहते हैं, '' गुटखा, पाउच, तंबाखू खाने और सिगरेट पीने वाले लोग मुंह में होने वाले शुरुआती लक्षणों को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें. यदि धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो जाए या मुंह में किसी तरह के लाल-सफेद धब्बे बन जाएं तो तुरंत तंबाकू, गुटखा खाना बंद कर दें और चैकअप कराएं. शुरुआती स्तर पर ही जांच और दवा के जरिए गंभीर बीमारी को टाला जा सकता है।  तंबाकू और गुटखा मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण डॉक्टर आगे कहते हैं, ''लगातार तंबाकू, गुटखा खाने वालों और सिगरेट पीने वालों के मुंह में सफेद या लाल धब्बे बन जाते हैं, यह एक तरह की चेतावनी होती है, जो शरीर आपको देता है. ऐसी स्थिति में तुरंत तंबाकू-पाउच खाना बंद करना चाहिए. कई बार लोग तर्क देते हैं कि सिर्फ तंबाकू और चूना खाने से कुछ नहीं होता, लेकिन जब तंबाकू को चूना के साथ मिलाया जाता है तो यह निकोटीन को खून में तेजी से घोलता है और इससे तंबाकू की लत को और मजबूत करता है, इसके साथ ही और मुंह में छाले बनाता है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बन जाता है। 

ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने की राह हुई आसान, योगी सरकार ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन केंद्रित, पारदर्शी और तकनीक आधारित सुशासन के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश में राजस्व सेवाओं को और सरल एवं नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। राजस्व परिषद ने ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए ईडब्ल्यूएस पोर्टल व भूमि अभिलेखों को अधिक स्पष्ट और सटीक बनाने के लिए सरलीकृत खतौनी का शुभारंभ किया है। राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने शुक्रवार को राजस्व परिषद के आंबेडकर सभागार में दोनों सुविधाओं की शुरुआत की। इनके साथ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत भूमि विभाजन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने वाला पोर्टल भी शुरू किया गया। ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे अनावश्यक चक्कर ईडब्ल्यूएस पोर्टल के शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिकों के लिए प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होगी। अब नागरिक ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन आगे लेखपाल और तहसीलदार स्तर पर ऑनलाइन भेजा और निस्तारित किया जा सकेगा। आवेदन किस स्तर पर पहुंचा है और उसकी क्या स्थिति है, इसकी जानकारी भी डिजिटल माध्यम से दर्ज और देखी जा सकेगी। इस व्यवस्था से कागजी कार्यवाही कम होगी और नागरिकों को बार-बार तहसील या संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ेगी। साथ ही आवेदन के निस्तारण में जवाबदेही और समयबद्धता बढ़ेगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी डिजिटल माध्यम से होने के कारण पारदर्शिता भी मजबूत होगी। योगी सरकार की तकनीक आधारित व्यवस्था का यह कदम खास तौर पर उन नागरिकों के लिए राहत देने वाला है, जिन्हें प्रमाण-पत्र बनवाने में अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ती थी। सरलीकृत खतौनी से भूमि का रिकॉर्ड समझना होगा आसान सरलीकृत खतौनी के जरिए भूमि अभिलेखों को आम नागरिक के लिए अधिक स्पष्ट, सहज और उपयोगी बनाया गया है। अब खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल छह दशमलव स्थानों तक प्रदर्शित किया जाएगा। इससे भूमि के क्षेत्रफल की जानकारी पहले से अधिक सटीक रूप में सामने आएगी। खतौनी में अभिलेखागार से संबंधित पुराने आदेशों और पुराने बंधक आदेशों की जानकारी को भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे नागरिकों और राजस्व अधिकारियों को भूमि के स्वामित्व से जुड़े पुराने अभिलेखों और आदेशों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इससे भूमि संबंधी रिकॉर्ड को समझने में सुविधा होगी और पुराने दस्तावेजों की जानकारी जुटाने में होने वाली कठिनाई भी कम होगी। धारा 116 पोर्टल से भूमि विभाजन की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत सह-खातेदार द्वारा भूमि के विभाजन का वाद किया जा सकता है। अब इस प्रक्रिया को भी तकनीक से जोड़ते हुए नया पोर्टल शुरू किया गया है। नागरिक भूमि विभाजन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद नोटिस और उद्घोषणा की प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से संचालित और निगरानी में रखा जा सकेगा। संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट पोर्टल पर उपलब्ध होगी। भूमि की वास्तविक भौगोलिक स्थिति को देखने के लिए मानचित्र की सुविधा भी दी गई है। इससे न्यायालय और मौके पर होने वाली कार्यवाही के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। परिणामस्वरूप भूमि विभाजन के मामलों का निस्तारण अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से करने में मदद मिलेगी। तकनीक के साथ संवेदनशीलता पर जोर राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने कहा कि राजस्व प्रशासन का सीधा संबंध आम नागरिक और उसके भूमि संबंधी अधिकारों से है। इसलिए तकनीक और नए प्रयोगों का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का सरल, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जनसेवा की भावना के साथ काम करने व तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के लिए। पीसीएस प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद कार्यक्रम के दौरान पीसीएस प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद भी आयोजित किया गया। उन्हें राजस्व परिषद की कार्यप्रणाली और क्षेत्र स्तर पर राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराया गया। साथ ही रोवर तकनीक के माध्यम से आधुनिक एवं सटीक भूमि मापन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने राजस्व प्रशासन, तकनीक के उपयोग और क्षेत्र स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर अधिकारियों के साथ संवाद किया।

सेवा संकल्प अभियान को लेकर योगी सरकार की बड़ी तैयारी, जनसेवा और स्वच्छता को मिलेगा नया विस्तार

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में स्वच्छता, जनसेवा और जनभागीदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर सेवा संकल्प अभियान एवं जन सेवा पर्व आयोजित करने जा रही है। अभियान को प्रभावी और जनकेंद्रित बनाने के लिए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में संगम भवन, लखनऊ में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अंतरविभागीय बैठक हुई। बैठक में अभियान की तैयारियों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित कर मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश नगर विकास मंत्री ने कहा कि यह एक बहुजनपदीय एवं बहुविभागीय कार्यक्रम है, जिसमें सभी विभागों की प्रभावी सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग में एक नोडल अधिकारी नामित करें तथा उसका मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें, जिससे कार्यक्रमों के दौरान विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों को निर्देश दिए गए कि उनके पास उपलब्ध छोटे-बड़े सभागार एवं अन्य संसाधनों को एक माह तक चलने वाले कार्यक्रमों के लिए यथासंभव उपलब्ध कराया जाए। 15 सितंबर से पहले सभी पार्षदों की बैठक आयोजित कर उन्हें अभियान की विस्तृत जानकारी दी जाए, ताकि वार्ड स्तर तक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। डिजिटल बोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी और सेवा सेतु कैंप के माध्यम से योजनाओं का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार मंत्री एके शर्मा ने निर्देश दिए कि नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में उपलब्ध डिजिटल बोर्डों पर संस्कृति विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो चलाए जाएं, जिनके माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए। जहां नगर निकायों अथवा ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित हैं, वहां भी विशेष प्रचार-प्रसार किया जाए। सभी नगर निकायों में सेवा सेतु के अंतर्गत कैंप लगाकर पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलन, घाटों एवं प्रमुख भवनों को सजाने के निर्देश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर योजना तथा अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को 17 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएं एवं अपना आशीर्वाद देने के लिए प्रेरित किया जाए। नगरों में स्थित स्कूल, कॉलेज, बड़े अस्पताल एवं प्रमुख सरकारी एवं सार्वजनिक भवनों को प्रकाश व्यवस्था से सजाया जाए। सभी सरकारी कार्यालयों को स्वच्छ एवं सुंदर रखा जाए। 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा अनवरत सफाई अभियान बैठक में निर्देश दिए गए कि वाराणसी से वडनगर, गुजरात तक प्रस्तावित यात्रा के मार्ग में आने वाले सभी जिलों में स्वच्छता एवं साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर उन्हें स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जाए। 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अनवरत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। सभी विभागों एवं स्थानीय निकायों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की डिजिटल रिकॉर्डिंग कर अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता एवं जनभागीदारी को बढ़ावा मिले। मंत्री एके शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं एवं अधीक्षण अभियंताओं को अन्य विभागों के साथ समन्वय कर विद्युत संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्ट्रीट लाइटों के संचालन की नियमित निगरानी करने तथा दिन के समय अनावश्यक रूप से स्ट्रीट लाइटें चालू न रहने देने के निर्देश दिए।

युवा वकीलों के लिए नई योजना, 22-32 साल की उम्र वालों को मिलेगा मासिक भत्ता

 पटना  बिहार सरकार युवा वकीलों को हर महीने 5000 रुपये स्टाइपेंड देने जा रही है। वकीलों को 3 साल तक यह राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस योजना की शुरुआत इसी महीने करने वाले हैं। बिहार के महाधिवक्ता एसडी संजय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 के बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकृत हुए सभी नए वकील, जो स्टाइपेंड योजना की शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह नई योजना है। इसलिए शुरुआती दौर में समस्या सामने आ सकती है। सरकार 22 से 32 साल की उम्र के वकीलों को स्टाइपेंड योजना का लाभ देगी। सरकार ने वकीलों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं की हैं। ई लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 या उसके बाद नामांकित नए वकीलों को 3 साल तक 5000 रुपये मासिक भत्ता के साथ ही अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये की सहायता भी मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार, बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये दे चुकी है। इसके अलावा, महिला वकीलों के लिए शौचालयों की सुविधा और चेंबर में सुधार की योजना भी शामिल है। 5000 रुपये पाने के लिए वकीलों को देने होंगे ये दस्तावेज स्टाइपेंड योजना का लाभ लेने के लिए वकीलों को 100 रुपये रुपये का फॉर्म खरीद कर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ मैट्रिक परीक्षा का प्रमाण पत्र, वकील के रूप में पंजीकृत प्रमाण पत्र, अनुभव और सक्रिय प्रैक्टिस प्रमाण पत्र, माता/पिता का आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, एआईबीई प्रमाण पत्र, आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं होने का शपथ पत्र, वकालत पेशा के अलावा किसी दूसरे व्यवसाय में नहीं होने का शपथ पत्र और रद्द चेक आदि दस्तावेज भी जमा कराने होंगे महाधिवक्ता ने बताया कि आवेदन पर एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव का हस्ताक्षर जरूरी होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्टी कमेटी के कन्वेनर पटना में नहीं होने के कारण उनका हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं है।

सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे सवाल-जवाब? मास्टरमाइंड अभय तिवारी से पूछताछ जारी

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता और सेटिंग के मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने गुरुवार को बोकारो के दो अधिकारियों का बयान दर्ज किया। सीआईडी ने दोनों अधिकारियों को समन कर गवाही और क्रास वेरिफिकेशन के लिए बुलाया था। दोनों अपना बयान दर्ज कराने के बाद वापस बोकारो लौट गए। बोकारो ले जाकर सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर सीआईडी को पूर्व में छानबीन के क्रम में जानकारी मिली थी कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को बोकारो ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। इन अभ्यर्थियों में मामले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी के भी शामिल होने की बात सामने आई थी। बोकारो से जुड़े कुछ अन्य आरोपित भी सीआईडी के रडार पर हैं। इनके संबंध में सीआईडी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। अभय कुमार तिवारी दो दिनों की रिमांड पर इसी मामले में मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी को सीआईडी ने दो दिनों की रिमांड पर लिया है। उसकी रिमांड शुक्रवार को समाप्त होगी। इसके बाद उसे पुन: न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। रिमांड के दौरान सीआईडी उससे परीक्षा में कथित सेटिंग, अभ्यर्थियों तक प्रश्न-उत्तर पहुंचाने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जेपीएससी घोटाला: खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन रिमांड पर दूसरी ओर, जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के दो कर्मियों प्रदीप और संजय को गुरुवार को तीन-तीन दिनों की रिमांड पर लिया है। तीनों आरोपितों से जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। धर्मेंद्र पर वसूली एजेंट के रूप में काम करने का आरोप धर्मेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह एल. खियांग्ते के वसूली एजेंट के रूप में काम करता था। परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल और एल. खियांग्ते के बीच वित्तीय लेन-देन की मुख्य कड़ी के रूप में धर्मेंद्र के काम करने की बात जांच में सामने आई है। आरोप है कि परीक्षा संचालन का ठेका दिलाने, अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने और भुगतान में कमीशन लेने सहित कई तरह की अनियमितताओं में वह शामिल था। सीआईडी इन सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। आत्मसमर्पण करने वाले कोचिंग संचालक रवि को रिमांड पर लेने की तैयारी जेपीएससी मेधा घोटाला केस के आरोपित पतंजलि आइएएस एकेडमी नामक कोचिंग के संचालक रवि कुमार उर्फ रविशंकर प्रसाद ने पिछले दिनों सीआईडी की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। अब उसे रिमांड पर लेने के लिए सीआईडी ने कोर्ट में अर्जी दी है। सिंडिकेट और अभ्यर्थियों की सेटिंग को लेकर होगी पूछताछ सीआईडी रवि कुमार को रिमांड पर लेकर जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता में शामिल सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाएगी। रवि कुमार पर आरोप है कि वह अभ्यर्थियों की जेपीएससी परीक्षाओं में सिंडिकेट से सेटिंग कराता था। पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी के बयान में रवि कुमार का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही सीआईडी उसकी तलाश कर रही थी। सीआईडी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रवि कुमार ने कितने अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई, किससे कितने रुपये वसूले, वसूली गई राशि को कहां-कहां पहुंचाया, किस तरह परीक्षा में सेटिंग कराई गई और इसमें किस-किस का सहयोग मिला। इन सभी बिंदुओं पर रवि कुमार से पूछताछ की जानी है।

एच.डी. शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के शिक्षक दिवस समारोह में सम्मानित हुए शिक्षक, पियून और रसोइये

बिलासपुर, छत्तीसगढ़  शिक्षक दिवस के अवसर पर एच.डी. शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में सीओसीएमआई परिसर, कुडुदंड में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शहर के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिक्षकों के साथ विद्यालयों में कार्यरत पियून, रसोइयों और संडे स्कूल शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पास्टर निखिल पॉल की आशीष प्रार्थना से हुआ। फाउंडेशन के निदेशक संजय विल्सन ने संस्था की गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए शिक्षकों से AI एवं नई तकनीकों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उन्हें जीवनभर सीखने के लिए प्रेरित करने तक है। कोडक्राफ्ट के संस्थापक अप्रतिम सैमुएल ने बताया कि फाउंडेशन के अंतर्गत कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से बिलासपुर जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में इस शैक्षणिक सत्र से निःशुल्क AI साक्षरता कक्षाएं संचालित करने की योजना है। उन्होंने भविष्य में कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र, ‘ई-टेक्नो स्कूल’ तथा स्टार्टअप एवं इनोवेशन इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की जानकारी दी। साथ ही दक्षिण कोरिया एवं इज़राइल की टेल अवीव यूनिवर्सिटी के साथ स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही। केन मेमोरियल स्कूल के प्राचार्य एरिक जोसेफ ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए Integrity और निरंतर मेहनत के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में नूतन सैमुएल, प्रमोद कुजूर, अहरलिश पॉल, आलोक विल्सन, हेमंत लाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह के अंत में फाउंडेशन ने भविष्य में भी शिक्षकों के उत्साहवर्धन के लिए ऐसे आयोजन जारी रखने तथा राज्य स्तरीय टेक एवं स्टार्टअप समिट आयोजित करने की घोषणा की।

थाना क्षेत्र के निगरानी एवं गुंडा बदमाशो की थाना कोतमा पुलिस द्वारा कराई गई परेड*

 आगामी त्यौहार जैसे गणेश चतुर्थी ,नवरात्रि आदि त्योहारों को मद्देनजर रखते हुए आज थाना कोतमा परिसर में थाना प्रभारी महोदय श्री रत्नांबर शुक्ल एवं थाना कोतमा पुलिस टीम द्वारा थाना थाना के लिस्टेड निगरानी एवं गुंडा बदमाशो को थाना लाकर उनकी परेड करायी गई एवं उनसे उनके जीवन यापन से सम्बन्धित पूछताछ भी की गई। थाना प्रभारी  कोतमा द्वारा इन सभी निगरानी एवं गुंडा बदमाशो  को अपराधों से दूर रहने एवं अपना जीवन यापन सही ढंग से करने के बारे में समझाईश दी गई।

छात्रों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अलर्ट, शुरू हुई स्कूल बसों की सघन जांच, 8 की फिटनेस निरस्त, 11 वाहन थाने में कराए खड़े

कटनी जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल वाहनों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान कुल 38 स्कूल बसों एवं स्कूल वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान कई वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया। 8 स्कूल बसों में आपातकालीन द्वार पर सीट लगी हुई मिली, वहीं इन वाहनों में VLTD (पेनिक बटन) भी सुचारू रूप से कार्यरत नहीं पाया गया। परिवहन विभाग ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित 8 स्कूल बसों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी। बरही थाने में खड़े कराए 11 वाहन कार्रवाई के दौरान कुल 11 स्कूल वाहनों को सुरक्षार्थ बरही थाने में खड़ा कराया गया, ताकि आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना इनका संचालन न किया जा सके। जांच के दौरान सुधा स्मृति स्कूल की बस क्रमांक MP21P03029 और MP21P0409, SSS गुरुकुल स्कूल की बसें MP21P0316, MP21P0318, MP21GP0120 और GJ18AX8254 तथा RC स्कूल की बसें MP19P0734, MP19P0735 और MP19P0652 का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा सरस्वती स्कूल के एक टाटा मैजिक सहित एक अन्य स्कूल वाहन MP20BA8286 की भी जांच की गई। सुरक्षा मानकों पर विशेष नजर परिवहन विभाग की टीम ने स्कूल वाहनों में फिटनेस, आपातकालीन द्वार, VLTD, पेनिक बटन सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। अधिकारियों के अनुसार आपातकालीन द्वार पर सीट लगी होने से दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थिति में बच्चों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकालने में परेशानी हो सकती है। इसी तरह पेनिक बटन और VLTD का सुचारू रूप से काम करना भी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने स्पष्ट किया कि स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिले में स्कूल वाहनों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों से अपने वाहनों की नियमित जांच कराने तथा सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों को पूरा रखने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।

पर्वों से पहले यूपी की सड़कें होंगी दुरुस्त, योगी ने 681 प्रमुख मार्गों को दी प्राथमिकता

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खस्ताहाल सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं। अपने सरकारी आवास पर शुक्रवार को मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों ने मौजूदगी में उन्होंने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा की और सख्त निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी है। शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और ऐसे अन्य स्थानों, जहां आमजन का आवागमन अधिक रहता है, वहां की सड़कों को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मार्गों पर तत्काल काम शुरू कराया जाए और जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां बिना देरी किए सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन के योग्य बनाने और बरसात के बाद जरूरत के अनुसार उनका नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि बारिश अभी जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और बारिश से नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी सर्वे कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पर्वों से पहले आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण के काम पूरे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति का काम केवल पैचवर्क तक सीमित न रहे। जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां उसे अभी मोटरेबल बनाया जाए और बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए। समीक्षा बैठक में उनको बताया गया कि अतिवृष्टि के साथ ही एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग, रेलवे आदि की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित कर गड्ढामुक्ति के विभागवार लक्ष्य तय किए जाएंगे। आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। साथ ही मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि गड्ढामुक्ति अभियान में नौ विभागों के मार्ग शामिल हैं। इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। वर्तमान लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है, जिसमें अब तक करीब 5,751 किलोमीटर पर काम पूरा किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त मार्गों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए करीब 5 हजार किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। अब तक नवीनीकरण में करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत में करीब 700 किलोमीटर की प्रगति बताई गई। बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास विभाग जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद तथा राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम उपस्थित रहे।

जिले के विकास में प्रशासन के साथ नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक- कलेक्टर

अनूपपुर  मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत अनूपपुर की ग्राम पंचायत बदरा स्थित आईटीआई परिसर में जनसमस्याओं के निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रामलाल रौतेल ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण करना है। शासन की मंशा समाज के अंतिम छोर पर बैठे प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। शासन और प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलता है, जिससे प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर  रत्नाकर झा ने कहा कि जिले के विकास में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और आमजन विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर उनका समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि धरातल स्तर पर शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन तथा आमजन के बीच योजनाओं की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। कलेक्टर ने जिले के समग्र विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने तालाबों के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान विकसित करने, विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने तथा विद्यालयों एवं छात्रावासों में बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित इन्फ्लुएंसर संवाद के दौरान कलेक्टर  रत्नाकर झा ने स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से संवाद कर उनके द्वारा वर्तमान में किए जा रहे कार्यों, तैयार किए जा रहे कंटेंट एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स द्वारा किस प्रकार का कंटेंट तैयार किया जा रहा है, इसकी जानकारी लेते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं प्रशासन की जनहितकारी गतिविधियों को सरल एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाने के संबंध में चर्चा की। कार्यक्रम में राजस्व, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, खाद्य, नगरीय प्रशासन, कृषि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं मिलने वाले लाभों से अवगत कराया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जानकारी एवं सेवा संबंधी स्टॉलों के माध्यम से भी आमजन को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान नागरिकों की जिज्ञासाओं एवं योजनाओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान भी किया गया। शिविर में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई। योजना के तहत विनय कुमार गुप्ता को 5 लाख रुपए तथा रोहित कुमार पटेल को 1 लाख 50 हजार रुपए की ऋण राशि के प्रतीक स्वरूप चेक प्रदान किए गए। इसी प्रकार मुद्रा लोन योजना के अंतर्गत मती उर्मिला सिंह एवं रोशनी सिंह को 1-1 लाख रुपए, पूजा सिंह को 1 लाख 50 हजार रुपए तथा भानू पनिका एवं कलावती को 2-2 लाख रुपए की ऋण राशि के प्रतीक स्वरूप चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर हितग्राहियों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में कुल 92 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सु प्राशी अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जगन्नाथ मरकाम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर  रवि ग्वाल, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष  रामदास पुरी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।