samacharsecretary.com

तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, इसमें मातृशक्ति के प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बहनों संग साझा की पर्व की खुशियां तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, इसमें मातृशक्ति के प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित : मुख्यमंत्री साय प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहीं, 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी – मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का दिखा भव्य संगम, पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल हुईं माताएं-बहनें चोरहादेवरी गांव अब ‘रामदेवरी’ के नाम से जाना जाएगा, मुख्यमंत्री ने की घोषणा बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए देने की घोषणा रायपुर तीजा तिहार के उल्लास के बीच आज बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में सराबोर नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा तिहार की खुशियां साझा कीं और उन्हें पर्व की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की। बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है, जिसमें हमारी माताओं-बहनों का प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। इस पर्व पर विवाहित बेटियों के मायके आने और परिवार के साथ पर्व मनाने की हमारी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। हमारी माताएं और बहनें भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ परिवार और समाज के आत्मीय रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं। मुख्यमंत्री साय आज बहतराई स्टेडियम में आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सम्मान का सर्वोच्च स्थान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुविधा सुनिश्चित हुई है। राशन कार्ड महिलाओं के नाम पर बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। यह आर्थिक सहायता बहनों को अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार में उनकी भूमिका को और मजबूत कर रही है। प्रदेश की 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल शासकीय योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा की सक्रिय भागीदार बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर हमारी बहनें विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ हमारी बहनें आधुनिक तकनीक को अपनाकर भी आगे बढ़ रही हैं। ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। कहीं महिलाएं सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से जुड़ी हैं तो कहीं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बस्तर से लेकर बिलासपुर तक हमारी माताएं-बहनें अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास से सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को उद्यमिता और उद्योगों से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दे रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की हर बहन को अपनी क्षमता और हुनर के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार तथा प्रदेश की समृद्धि में सहभागी बने। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है तथा यहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संभावनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और विकास की सुविधाएं गांव तथा लोगों के घर के नजदीक उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का हमारा संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने में प्रदेश की मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब हमारी बहनें शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार मजबूत होंगे और प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ेगा। चोरहादेवरी गांव का नाम होगा ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए मिलेंगे 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगातें भी दीं। उन्होंने बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। हमारी संस्कृति और सामाजिक आत्मीयता को सहेजता है तीजा : उप मुख्यमंत्री साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित तीजा मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ समाज में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व महिलाओं के जीवन में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही … Read more

नशा, अपराध और भ्रष्टाचार के बीच चुनावी मुद्दा बनेगा कर्मचारियों का बकाया DA, पंजाब में बढ़ेगी सियासी गर्मी

चंडीगढ़  पंजाब के विधानसभा चुनाव में इस बार नशे, अपराध और भ्रष्टाचार के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के बकाया डीए का मुद्दा भी खूब उछलेगा। इस मुद्दे पर सियासत खासी तेज है। विरोधी सियासी दल जहां इसे भुनाते हुए खुद को कर्मचारियों की सबसे हितैषी पार्टी बताने की होड़ में हैं। वहीं, मान सरकार इस विवाद को संभालते हुए चुनाव से पहले इसे हर हाल में खत्म कर कर्मचारियों को साधना चाहती है। पंजाब में करीब सवा तीन लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि चार लाख पेंशनर हैं। सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरों का डीए विवाद वर्ष 2016 से लंबित बकाये से जुड़ा है। छठे वेतन आयोग के तहत करीब 14191 करोड़ रुपये की देनदारी थी। सरकार ने फरवरी 2025 में पांच वित्त वर्षों में भुगतान के लिए लिक्विडेशन प्लान बनाया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का दावा है कि इसके तहत सरकार करीब 4500 करोड़ रुपये कर्मचारियों का बकाया चुका चुकी है। अब करीब 9691 करोड़ रुपये बाकी हैं। दूसरी ओर, 1 जुलाई 2021 के बाद की डीए/डीआर (महंगाई भत्ता व महंगाई राहत) की किस्तों पर भी विवाद है। हाईकोर्ट ने इसी साल तीन अगस्त को लिक्विडेशन प्लान खारिज कर पूरा बकाया 15 दिन में चुकाने, देरी पर छह प्रतिशत ब्याज और गैर-जरूरी खर्च रोकने का आदेश दिया था। सरकार ने इसे वित्तीय रूप से और वैधानिक तौर पर असंभव बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। मुद्दा रहेगा असरदार यह मुद्दा चुनाव में खासा असरदार रहेगा। राजनीतिक मामलों के जानकार हरबंस सिंह बताते हैं कि यह मामला सीधे पंजाब के करीब सवा सात लाख सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों से जुड़ा है। यह बड़ा और निर्णायक मतदाता वर्ग है। अभी विरोधी दल कर्मचारियों के आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं। यदि मान सरकार ने इसे जल्द नहीं निपटाया तो विरोधी पार्टियां निश्चित तौर पर इसे अपने-अपने घोषणा पत्रों में शामिल करेंगी।  

अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन जैसी संदिग्ध वस्तुओं से हड़कंप, 7 उड़ानों का बदला रूट

अमृतसर  अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे के आसपास रविवार रात संदिग्ध ड्रोन देखे गए। इसके बाद एहतियात के तौर पर अमृतसर आने वाली सात उड़ानों को डायवर्ट किया गया। ड्रोन की गतिविधि सामने आने के बाद सीआईएसएफ, पंजाब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। रात करीब 10 बजे एयरपोर्ट के आसपास संदिग्ध ड्रोन उड़ते दिखाई दिए। जानकारी के मुताबिक, ये ड्रोन गांव रुढ़ाला की तरफ से एयरपोर्ट की ओर आते नजर आए और कुछ समय तक रनवे व आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में मंडराते रहे। सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने अलर्ट जारी कर दिया। पहले जानिए, क्या था पूरा मामला रविवार रात करीब 10 बजे अमृतसर एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया में संदिग्ध ड्रोन जैसे उड़ते ऑब्जेक्ट्स दिखाई दिए। कुछ देर तक ऑब्जेक्ट्स रनवे और आसपास के संवेदनशील इलाके में मंडराते रहे। रनवे के आसपास संदिग्ध गतिविधि नजर आते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत अलर्ट जारी किया। एहतियात के तौर पर अमृतसर आने वाली सात उड़ानों की लैंडिंग रोक दी गई। अमृतसर भारत-पाक इंटरनेशनल बॉर्डर से बेहद करीब स्थित होने के कारण इस घटना को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया। अलर्ट मिलते ही सीआईएसएफ, पंजाब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एयरपोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। वहीं, यात्रियों और विमानों की सुरक्षा को देखते हुए एटीसी ने तत्काल कई उड़ानों के रूट बदल दिए। अब जानिए, पुलिस की जांच में क्या निकला अमृतसर के थाना राजासांसी पुलिस की जांच में पता चला है कि एयरपोर्ट के पास दिखाई दिया ड्रोन किसी संदिग्ध गतिविधि का हिस्सा नहीं थे। एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर स्थित एक गांव में खेल टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा था। टूर्नामेंट की वीडियोग्राफी करने के लिए एक व्यक्ति द्वारा ड्रोन उड़ाया गया था। SHO बोले- पाबंदी के बावजूद कैसे उड़ाए, जांच कर रहे इस बारे में थाना राजासांसी के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने बताया कि ड्यूटी अधिकारी एएसआई निरंजन सिंह ने एयरपोर्ट के बाहरी क्षेत्र में पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान इसकी पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट के करीब 8 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद ड्रोन उड़ाए जाने के मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली और चंडीगढ़ डायवर्ट की गईं उड़ानें  कुआलालंपुर से अमृतसर आ रही मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान एमएच-118 को दिल्ली डायवर्ट किया गया। शारजाह से आ रही इंडिगो की उड़ान 6ई-1428 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान आईएक्स-138 को भी दिल्ली भेजा गया। मुंबई से अमृतसर आ रही इंडिगो की उड़ान 6ई-5028 और दिल्ली से आने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई-2045 को चंडीगढ़ भेजा गया। वहीं दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की उड़ान एआई-479 और एआई-855 को वापस दिल्ली भेज दिया गया।  ड्रोन की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय ड्रोन दिखाई देने की सूचना के बाद एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन की गतिविधि का पता लगाने के लिए निगरानी शुरू कर दी। सीमा क्षेत्र के नजदीक एयरपोर्ट की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रोन कहां से आए और उनका उद्देश्य क्या था। 

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर यूपी के कई जिलों में लगे पोस्टर, सियासत तेज

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर यूपी के कई जिलों में लगे पोस्टर   पोस्टरों पर लिखा- ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’, फिर चर्चा में आया 2013 का दंगा   लखनऊ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, सहारनपुर और शामली समेत कई शहरों में लगे पोस्टर   दंगों में 60 से अधिक लोगों की गई थी जान, 50 हजार से ज्यादा लोगों को छोड़ना पड़ा था घर   दंगों के बीच सैफई महोत्सव को लेकर भी घिरी थी अखिलेश सरकार, विपक्ष ने उठाए थे सवाल   कुछ जिलों में पोस्टर लगाने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं से झड़प, गरमाई सियासत  मुजफ्फरनगर  मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर रविवार को प्रदेश के कई जिलों में लगाए गए पोस्टरों ने एक बार फिर 2013 की हिंसा और तत्कालीन सपा सरकार की भूमिका को राजनीतिक चर्चा में ला दिया है। लखनऊ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, सहारनपुर और शामली समेत कई शहरों में लगे पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है, ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे।’   पोस्टर लगाए जाने के दौरान कुछ जिलों में विवाद की स्थिति भी बनी। पोस्टरों का विरोध करने पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं और इन्हें लगाने वाले लोगों के बीच कहासुनी और झड़प की बात सामने आई है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। पोस्टरों और उनके विरोध ने दंगों की बरसी पर प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।   सात सितंबर 2013 को मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 60 से अधिक लोगों की जान गई थी, जबकि 50 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि हिंसा पर नियंत्रण के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी थी।   उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार थी। कानून-व्यवस्था संभालने और समय रहते हिंसा रोकने में नाकामी को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठे थे। सपा सरकार पर दंगाइयों को राजनीतिक संरक्षण देने के आरोप भी लगे थे, जिन्हें पार्टी खारिज करती रही है।   दंगों के बाद राहत शिविरों और विस्थापित परिवारों की स्थिति को लेकर भी तत्कालीन सरकार विपक्ष के निशाने पर रही थी। वहीं, उस दौर में सैफई महोत्सव को लेकर भी अखिलेश सरकार की आलोचना हुई थी। विपक्ष ने इसे दंगा पीड़ितों के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता से जोड़कर सवाल उठाए थे।   अब 13 साल बाद दंगों की बरसी पर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में लगे पोस्टरों और उन्हें लेकर हुई झड़पों ने मुजफ्फरनगर दंगों को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

रायपुर में 8वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का भव्य समापन, छत्तीसगढ़ बना उपविजेता

रायपुर में 8वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का भव्य समापन, छत्तीसगढ़ ने हासिल किया उपविजेता का खिताब महाराष्ट्र ने जीता खिताब, मेजबान छत्तीसगढ़ उपविजेता, उत्तर प्रदेश ने हासिल किया तीसरा स्थान; देशभर के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम रायपुर  राजधानी रायपुर में आयोजित 8वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2026 का भव्य एवं सफलतापूर्वक समापन हो गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के मंडपम हॉल में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों ने सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्गों में अपना दमखम दिखाया। दो दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। प्रतियोगिता के समापन पर महाराष्ट्र की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि मेजबान छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता रही। उत्तर प्रदेश ने तीसरा स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र ने मारी बाजी, छत्तीसगढ़ ने हासिल किया दूसरा स्थान चैंपियनशिप में विभिन्न आयु वर्गों और श्रेणियों में खिलाड़ियों के बीच मुकाबले आयोजित किए गए। खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, गति, शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पूरी प्रतियोगिता में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर महाराष्ट्र की टीम शीर्ष पर रही और उसे विजेता टीम का खिताब मिला। मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का स्थान हासिल किया। वहीं उत्तर प्रदेश की टीम तीसरे स्थान पर रही। देशभर से पहुंचे खिलाड़ी 8वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश के विभिन्न हिस्सों से खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेल से जुड़े पदाधिकारी रायपुर पहुंचे। प्रतियोगिता में बॉयज एवं गर्ल्स खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चैंपियनशिप में सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों के बीच मुकाबले कराए गए। अलग-अलग आयु वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता ने उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर दिया। उद्घाटन समारोह में बृजमोहन अग्रवाल रहे मुख्य अतिथि चैंपियनशिप का उद्घाटन समारोह 5 सितंबर को सुबह 10 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मंडपम हॉल में आयोजित किया गया था। उद्घाटन अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं आनंद निषाद, प्रभात मिश्रा और प्रहलाद रजक विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद रहे। थाई बॉक्सिंग के प्रमुख पदाधिकारियों की रही मौजूदगी चैंपियनशिप के आयोजन में थाई बॉक्सिंग इंडिया फेडरेशन और छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन के दौरान थाई बॉक्सिंग इंडिया फेडरेशन के अध्यक्ष पासा अतार, महासचिव सैयद इमरान, चेयरमैन सैयद आलम तथा छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के संरक्षक सेन्सई गिरी राव सहित संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। दीपक प्रसाद के नेतृत्व में हुआ आयोजन इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक प्रसाद के नेतृत्व में किया गया। आयोजन में थाई बॉक्सिंग इंडिया फेडरेशन और छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन ने समन्वय के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों का उद्देश्य थाई बॉक्सिंग को प्रदेश में बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराना रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों में खेल भावना, एकता, अनुशासन और आत्मविश्वास को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया। लड़कियों और महिलाओं की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह चैंपियनशिप में केवल पुरुष खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि गर्ल्स वर्ग की खिलाड़ियों को भी बराबर अवसर दिया गया। विभिन्न आयु वर्गों में महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। थाई बॉक्सिंग जैसे कौशल और तेजी पर आधारित खेल में खिलाड़ियों को शारीरिक क्षमता के साथ तकनीकी दक्षता, अनुशासन और मानसिक मजबूती की आवश्यकता होती है। राष्ट्रीय स्तर की ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव देने के साथ भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। छत्तीसगढ़ में थाई बॉक्सिंग को मिलेगा बढ़ावा रायपुर में आयोजित इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप ने छत्तीसगढ़ को देशभर के थाई बॉक्सिंग खिलाड़ियों और खेल जगत से जुड़े लोगों के साथ जोड़ने का अवसर दिया। मेजबान छत्तीसगढ़ का उपविजेता रहना प्रदेश के लिए भी गौरव की बात रही। महाराष्ट्र के विजेता, छत्तीसगढ़ के उपविजेता और उत्तर प्रदेश के तीसरे स्थान पर रहने के साथ 8वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2026 का सफल समापन हुआ।

CM डॉ. यादव का दुबई दौरा: सोमवार को निवेशकों से संवाद और वैश्विक कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को निवेश और वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में करेंगे सहभागिता एआईएम कांग्रेस 2026 में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की प्रस्तुति, वैश्विक नेताओं और यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व से होगा संवाद मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन और ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ निवेश सत्र रहेगा प्रमुख आकर्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम सत्र को करेंगे संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चार दिवसीय दुबई प्रवास का दूसरा दिन मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। सोमवार, 7 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेंगे और विभिन्न देशों के राजनीतिक एवं शासन-स्तरीय प्रतिनिधियों, निवेशकों तथा यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ संवाद करेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक साझेदारी के अवसरों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। दूसरे दिन मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। एआईएम कांग्रेस के मंच पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक शक्ति, निवेश अवसरों और प्रदेश में उपलब्ध अनुकूल कारोबारी वातावरण को वैश्विक निवेश समुदाय के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संयुक्त अरब अमीरात के संघीय सर्वोच्च परिषद के सदस्य एवं रास अल खैमाह के शासक महामहिम शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से शिष्टाचार भेंट भी करेंगे। यह मुलाकात मध्यप्रदेश और यूएई के बीच निवेश एवं आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी। एआईएम कांग्रेस के लीडर्स सेशन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों की उपस्थिति में संबोधित करेंगे। वैश्विक नेतृत्व के इस महत्वपूर्ण मंच पर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश की विकास यात्रा, निवेश की संभावनाओं और राज्य में उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल इकोसिस्टम को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष रखेंगे। इसी मंच पर इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रण भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की तातारस्तान गणराज्य, रूस के गवर्नर के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक मध्यप्रदेश और रूस के बीच औद्योगिक एवं निवेश सहयोग की संभावनाओं पर संवाद का महत्वपूर्ण अवसर होगी। दिवस का एक प्रमुख कार्यक्रम ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश, इंडिया’ निवेश सत्र होगा। इस सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के समक्ष मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, प्रमुख सेक्टरों, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री का संबोधन प्रदेश को एक विश्वसनीय और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर केंद्रित रहेगा। इसके बाद यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबोधित करेंगे। यह संवाद भारत-मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री महामहिम अब्दुल्ला बिन तौक अल मरी के साथ बैठक भी होगी। बैठक में निवेश, व्यापार, पर्यटन और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी के साथ बैठक होगी। दुबई प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री की लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक यूसुफ अली एम.ए. के साथ बैठक भी महत्वपूर्ण होगी। लूलू ग्रुप के साथ संवाद के माध्यम से मध्यप्रदेश में निवेश एवं व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। दिवस के समापन पर दुबई के महावाणिज्य दूत द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता रहेगी।  

तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और कृषि परंपरा का प्रतीक : सीएम विष्णुदेव साय

तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपरा के प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने कबीर नगर में सर्व समाज भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की मुख्यमंत्री साय मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के कबीर नगर स्थित दशहरा मैदान में मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक हैं। तीजा हमारी माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों से जुड़ा पर्व है, वहीं पोरा हमारे अन्नदाता किसानों, खेती और पशुधन के सम्मान का पर्व है। ऐसे लोकपर्व हमारी संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने के साथ समाज में आत्मीयता और समरसता को भी मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने मोर माटी सांस्कृतिक संगठन की मांग पर कबीर नगर में सर्व समाज भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया और माताओं-बहनों को तीजा पर्व के अवसर पर साड़ी भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने सभी को तीजा-पोरा तिहार की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा हर वर्ष इस पर्व को भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें सभी समाजों की सहभागिता और समरसता का भाव है। हमारे तीज-त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ एक-दूसरे के और करीब लाते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है— ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।’ तीजा तिहार माताओं-बहनों के त्याग, तप और परिवार के प्रति उनके समर्पण का पर्व है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना के साथ व्रत रखती हैं, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं तथा कथा श्रवण और रात्रि जागरण करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत तीज-त्योहारों का देश है और छत्तीसगढ़ की संस्कृति में इन पर्वों की विशेष महत्ता है। एकादशी और करमा तिहार सहित हमारे अनेक पर्वों के पीछे सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश निहित हैं। ये परंपराएं हमारे पूर्वजों की अमूल्य विरासत हैं। इन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के महत्व को समझें और उनसे जुड़ी रहें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। बीते दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवास बन चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं के लिए यह राशि आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। महिलाएं इस राशि का उपयोग किराना एवं सब्जी दुकान जैसे छोटे व्यवसाय शुरू करने, सिलाई मशीन खरीदने और बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने जैसे कार्यों में कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास की राह में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बनाई गई प्रभावी रणनीति और हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 15 हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए अलग से आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है तथा शासकीय प्रक्रियाओं को तेजी से डिजिटल और ऑनलाइन बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए चार स्तरों पर लगभग 8 हजार कर्मचारियों को जोड़ा गया है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं नागरिकों को मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा रहे हैं और अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के बुजुर्गों को देश के चयनित 31 तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू सहित रमेश सिंह ठाकुर, भगतराम हरबंस, चंद्रशेखर शुक्ला, टेकेश्वर चंद्रा, धीरेन्द्र परगनिहा, देवा साहू, ओमप्रकाश मरावी, मनोज जोशी, मैक मिलन साहू, मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई में मध्यप्रदेश के वैश्विक निवेश मिशन की प्रभावशाली शुरुआत मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले दिन प्रवासी भारतीय समुदाय, राजनयिक नेतृत्व और वैश्विक निवेश नेटवर्क से हुआ सशक्त संवाद दुबई में मध्यप्रदेश की शिल्प कला से जुड़ रहा वैश्विक समुदाय भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के प्रथम दिवस की शुरुआत विभिन्न उच्चस्तरीय गतिविधियों और महत्वपूर्ण संवादों के साथ की। इस दौरे का उद्देश्य मध्यप्रदेश को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), वैश्विक औद्योगिक साझेदारियों तथा दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के लिए एक अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितम्बर 2026 तक आयोजित एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेकर राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश अवसरों और विकास दृष्टि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भारतीय मिशन के अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके पश्चात होटल फॉर्च्यून एट्रियम में संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में लगभग 50 प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीय समुदाय को राज्य के विकास और वैश्विक ब्रांडिंग में महत्वपूर्ण साझेदार बताया। ओडीओपी एवं जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का किया उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताज दुबई, बिजनेस बे में आयोजित मध्यप्रदेश के ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) एवं भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कला विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में राज्य के छह विशिष्ट विरासत उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी तथा ग्वालियर कारपेट शामिल हैं। ये उत्पाद मध्यप्रदेश के पारंपरिक कौशल, सांस्कृतिक विविधता और निर्यात क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना, अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों से जोड़ना तथा कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित करना है। भारतीय राजनयिक नेतृत्व के साथ रणनीतिक विचार-विमर्श मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल तथा दुबई एवं नॉर्थ अमीरात के भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में यूएई में कार्यरत भारतीय मिशन की भूमिका, निवेश आकर्षण की संभावनाएं तथा मध्यप्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान राज्य में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, निवेशक-अनुकूल नीतियों, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं तथा औद्योगिक अवसंरचना को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही यूएई के संप्रभु निवेश कोषों, प्रमुख कॉर्पोरेट समूहों, व्यापारिक संगठनों और संस्थागत निवेशकों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिये भारतीय मिशन के सहयोग का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने राजदूत और महावाणिज्य दूत को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सक्रिय भागीदारी के लिए भी आमंत्रित किया। अरब संसद के अध्यक्ष के साथ उच्चस्तरीय संवाद प्रथम दिवस की एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि अरब संसद के अध्यक्ष महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष दोपहर भोज रहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही तथा उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश का दौरा करने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। बैठक के दौरान खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन अवसंरचना, कृषि लॉजिस्टिक्स तथा दीर्घकालिक निर्यात सहयोग की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने जीआईएस-2027 के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के अनेक देशों के संसदीय नेताओं एवं संसद अध्यक्षों को महामहिम यामाही द्वारा विशेष आमंत्रण प्रेषित किए। आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों में अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, संयुक्त अरब अमीरात तथा यमन के संसदीय प्रमुख शामिल हैं। इन आमंत्रणों के माध्यम से मध्यप्रदेश और पश्चिम एवं अफ्रीकी देशों के बीच निवेश, व्यापार, उद्योग, अवसंरचना विकास, नवाचार तथा आर्थिक सहयोग को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के संसदीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना और जीआईएस-2027 के माध्यम से उपलब्ध वैश्विक साझेदारी के अवसरों से अवगत कराते हुए सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया। वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत हुई मध्यप्रदेश की विकास दृष्टि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में मध्यप्रदेश की औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, पर्यटन तथा लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की सिंगल विंडो प्रणाली, त्वरित स्वीकृति तंत्र, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों तथा राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण बताया। एआईएम कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ कार्यक्रम में सहभागिता दुबई दौरे के प्रथम दिवस का समापन एआईएम कांग्रेस 2026 के विशेष आमंत्रण-आधारित उच्चस्तरीय नेटवर्किंग कार्यक्रम ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता के साथ हुआ। यह कार्यक्रम एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी की मेजबानी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वैश्विक कॉर्पोरेट नेतृत्वकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लेकर वैश्विक निवेश एवं आर्थिक सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर महामहिम इंजीनियर सुल्तान अहमद बिन सुलेयम अल मंसूरी, अध्यक्ष, दुबई चैंबर्स; महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दुबई चैंबर्स; महामहिम जासेम मोहम्मद अलबुदैवी, महासचिव, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC); महामहिम अब्दुल्ला बिन आदेल फखरो, उद्योग … Read more

मध्य प्रदेश में कचरे के पहाड़ होंगे साफ, 30 से अधिक डंपिंग साइटों पर जमा 12 लाख टन कचरे का निपटारा

भोपाल  मध्य प्रदेश में वर्षों पुराने कचरे के ढेर आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं। राज्य सरकार ने तय किया है कि वर्ष 2027 तक कचरे के ढेर का शत-प्रतिशत निपटान किया जाएगा। प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इसका हलफनामा भी दिया गया है। दरअसल, प्रदेश में वर्षों पुराने लैंडफिल, खुले मैदानों पर बिना किसी वैज्ञानिक प्रबंधन के जमा हुए कचरे के पुराने ढेर हैं। प्रदेश की 30 से अधिक डंपिंग साइटों पर 12 लाख टन से ज्यादा कचरा इकट्ठा होने की जानकारी सामने आई है। सरकार का दावा है कि इसका थर्ड पार्टी सत्यापन भी कराया जा रहा है। वर्षों से लैंडफिल या अन्य स्थानों पर जमा हो गए कचरे से पर्यावरण पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसे प्रतिबंधित करने के लिए बायोरेमेडिएशन, जैव-खनन (बायोमाइनिंग), और स्थिरीकरण जैसी विधियों का उपयोग किया जाता है। यह एक चुनौती है लेकिन इसे संसाधित करके भूमि को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे में राज्य सरकार ने तय किया कि अगले वर्ष तक शहरों से ऐसे कचरे ढेर साफ किए जाएंगे। बता दें, जून 2026 तक लीगेसी वेस्ट (वर्षों पुराने कचरे के ढेर) का अनिवार्य रूप से निपटान करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। इसके लिए बकायदा निकायों को यह भी घोषणा पत्र देने के निर्देश दिए गए थे कि उनके शहर में लीगेसी वेस्ट नहीं है। अब वर्ष 2027 के अंत तक कचरे के ढेर के निपटान का लक्ष्य रखा गया है। एक ओर मप्र के शहर स्वच्छता के सिरमौर, दूसरी तरफ वर्षों पुराना कचरा निपटान चुनौती मध्य प्रदेश के शहर स्वच्छता में देश में लगातार नंबर वन बने हुए है। आठ बार से इंदौर सबसे स्वच्छतम शहर बना हुआ है, दूसरे नंबर पर भोपाल है तो निकायों ने भी स्वच्छता में अपनी एक अलग जगह बनाई है। इन सबके बावजूद प्रदेश के शहरों में वर्षों से जमा कचरे का निपटान चुनौती बना हुआ है। यह कचरे का ढेर प्रदेश के स्वच्छता मिशन पर बट्टा लगा रहा है। ऐसे में लीगेसी वेस्ट प्रोजेक्ट को लेकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने समस्त आयुक्त एवं संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया है कि निकाय स्तर पर शत-प्रतिशत स्रोत पृथकीकरण एवं प्रतिदिन संग्रहित होने वाले कचरे का नियमित पूर्ण प्रसंस्करण हो। जिन नगरीय निकायों में लीगेसी वेस्ट डंपसाइट रेमेडिएशन का कार्य प्रगतिरत है। उनकी समीक्षा कर वर्ष 2027 तक कार्य पूर्ण करें।

इंदौर बनेगा नई परिवहन नीति का केंद्र, 11-12 सितंबर को होगा यात्री परिवहन विजन समिट

 इंदौर मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन की तस्वीर बदलने की तैयारी है। प्रदेश सरकार इंदौर में 11 और 12 सितंबर को यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित करने जा रही है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाली दो दिवसीय समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में यात्री परिवहन को केवल बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित न रखते हुए इसे आधुनिक तकनीक, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सुविधाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी से जोड़ा जाए। निजी बस ऑपरेटर से लेकर टेक्नोलॉजी कंपनियां होंगी शामिल समिट में निजी बस ऑपरेटर, बस निर्माता, परिवहन विशेषज्ञ, नीति निर्माता, निवेशक, टेक्नोलॉजी कंपनियां और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की भविष्य की परिवहन व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। खास बात यह है कि सरकार पीपीपी मॉडल के जरिए यात्री बसों के संचालन को बढ़ावा देने की दिशा में भी रोडमैप तैयार करेगी। इससे निजी क्षेत्र को परिवहन व्यवस्था में बड़े स्तर पर भागीदारी का मौका मिलेगा।  बस सेवा से लेकर एआई तक पर होगी चर्चा समिट में यात्री परिवहन से जुड़े कई आधुनिक क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इनमें इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन मोबिलिटी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई और डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और मोबिलिटी फाइनेंस प्रमुख हैं। सरकार का जोर ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें यात्री को बस की जानकारी, टिकटिंग और यात्रा से जुड़ी सुविधाएं डिजिटल माध्यम से आसानी से मिल सकें।  12 क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं समिट में मोबिलिटी सेक्टर के 12 संभावनाशील क्षेत्रों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। इनमें बस निर्माण, इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन मोबिलिटी, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई एवं एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस और परिवहन वित्त जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के लिए मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के नए अवसर तलाशे जाएंगे।  सरकार और उद्योग के बीच सीधे संवाद पर जोर समिट की एक खास बात सरकार और उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद को माना जा रहा है। इसमें शामिल कंपनियों को प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठक का अवसर भी मिलेगा। कंपनियां अपने तकनीकी समाधान और बिजनेस मॉडल प्रस्तुत कर सकेंगी। इसके जरिए पायलट प्रोजेक्ट, निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी। मोबिलिटी विजन-2030 का रोडमैप होगा तैयार यात्री परिवहन विजन समिट से प्रदेश के लिए मोबिलिटी विजन-2030 को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम होगा। इसमें पीपीपी मॉडल को गति देने, डिजिटल-फर्स्ट मोबिलिटी फ्रेमवर्क तैयार करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और सरकार-उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। समिट में छह प्रमुख विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। इनमें पीपीपी आधारित मोबिलिटी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वित्तीय स्थिरता, स्वच्छ मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और बेहतर यात्री अनुभव शामिल हैं।