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पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव: मध्य प्रदेश के कई IPS अफसर इधर से उधर

भोपाल. मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग मंत्रालय द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई है। इसमें बुरहानपुर में पुलिस अधीक्षक के पद पर नवीन पद स्थापना हो गई है।  मध्य प्रदेश भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों की स्थानांतरण सूची राकेश सगर 2010: उप पुलिस महानिरीक्षक सेनानी दूसरी वाहिनी विसबल ग्वालियर से उप पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल।  आशुतोष बागरी 2015: सेनानी 17वीं वाहिनी विसबल भिंड से पुलिस अधीक्षक जिला बुरहानपुर।  विधाता डागर 2021: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला ग्वालियर से सेनानी दूसरी वाहिनी विसबल ग्वालियर।  

अब परिवार से वीडियो कॉल पर जुड़ेंगी महिला कैदी, मदर्स डे पर शुरू हुआ नया सिस्टम

रायपुर. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा अनुरूप आज 10 मई को मदर्स डे के अवसर पर महिला जेल, रायपुर में प्रिजन इनमेट वीडियो कालिंग सिस्टम का शुभारंभ किया गया। इस सिस्टम से महिला बंदिनी अपने परिवार जन एवं अधिवक्ता से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात कर सकेगी। यह सिस्टम जेल विभाग एवं BSNL के मध्य संपादित हुए MoU के अंतर्गत स्थापित किया गया है। कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र से किया सम्मानित साथ ही निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 38 महिला बंदिनियों को कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरण कर सम्मानित किया गया। बच्चों को किये गए उपहार वितरित इस अवसर पर महिला बंदिनियों के साथ जेल में रह रहे 14 बच्चों को जेल विभाग की और से उपहार वितरित किये गए। इस दैरान हिमांशु गुप्ता (डीजी जेल), योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), विजय छबलानी (बीएसएनएल), सुश्री गरिमा पांडेय (महिला जेल प्रभारी) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। 

राजधानी भोपाल में टॉयलेट संकट, जगह की कमी से स्वच्छता मिशन पर लगा ब्रेक

भोपाल. स्वच्छता सुविधाएं बढ़ाने के लिए नगर निगम द्वारा शहर के 85 वार्डों में 160 सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन निगम प्रशासन के लिए इन शौचालयों के लिए जगह निर्धारित करना चुनौती बन गया है। कई स्थानों पर स्थानीय नेताओं और रहवासियों की आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य अटक गया है। यही वजह है कि अभी तक 70 स्थानों पर ही निर्माण शुरू हो सका है। दरअसल, नगर निगम को केंद्र सरकार से अमृत 2.0 परियोजना के तहत 160 सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए राशि जारी की गई है। एक शौचालय के निर्माण पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर के सभी 85 वार्डों में ऐसे स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं, जहां सार्वजनिक शौचालयों की जरूरत अधिक है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक, एक शौचालय को 160 वर्ग फीट में तैयार करना है। 160 में से अभी तक 106 शौचालयों के लिए ही जगह चिह्नित की जा सकी है। हालांकि, इनमें से भी अभी तक करीब 70 स्थानों पर ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। वहीं, 30 से अधिक शौचालय रहवासियों के विरोध और नेताओं की आपत्ति के चलते अधर में लटके हुए हैं।रहवासी भी कर रहे हैं विरोधवहीं, कई इलाकों में स्ट्रक्चर खड़े करने के बाद भी विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सफाई और मेंटनेंस नहीं हुआ तो आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलने लगेगी। शहर में पहले से संचालित कई सुलभ और सार्वजनिक शौचालय निजी केयरटेकर एजेंसियों के जरिए संचालित हो रहे हैं, लेकिन नए बनने वाले शौचालयों की देखरेख को लेकर स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है। शौचालयों निर्माण के लिए जगह को लेकर हो रहा विवाद शौचालयों के निर्माण के लिए जगह को लेकर विवाद की स्थिति भी बनने लगी है। कई मामलों में जमीन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर आपत्तियां न्यायालय तक पहुंच गई हैं। अब तक चार मामले न्यायालय में पहुंच चुके हैं। विवाद से बचने के लिए निगम पहले चयनित स्थानों पर प्रारंभिक खुदाई करवा रहा है और आपत्ति नहीं आने पर आगे का निर्माण शुरू किया जा रहा है। वहीं, ऐशबाग क्षेत्र में बाग उमराव दूल्हा क्षेत्र में बनाए जा रहे एक शौचालय के लिए जाने वाले रास्ते पर रेलवे ने दीवार खड़ी कर दी है। अब इस जगह को लेकर निगम प्रशासन ने रेलवे को पत्र लिखा है। शहर में यूरिनल निर्माण के लिए 106 जगह चिह्नित की गईं थीं। इनमें से करीब 70 जगह निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, अन्य जगह भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।- आरआर जारोलिया, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।

पीएम जन-मन के तहत प्रदेश को मिली 261 करोड़ लागत वाली 384 किमी सड़क परियोजनाएं, 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को मिलेगा सीधा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री  कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा। रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। बताया गया … Read more

सरकार की आवास योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति को राहत, 33 हजार आवास मंजूर और 21 हजार पूर्ण

रायपुर राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक  राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे। सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।  जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

पटना में नया संपर्क मार्ग तैयार, मंदिरी नाले पर बनी 1289 मीटर सड़क का उद्घाटन आज

 पटना  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को 115 करोड़ की लागत से मंदिरी नाले पर बनी सड़क का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले रविवार की शाम पटना पहुंचने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का एयरपोर्ट पर कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। बांकीपुर विधायक रहते विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में नवीन ने मंदिरी नाले पर सड़क निर्माण की पहल की थी। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्कता की बात करें तो नाले के ऊपर पथ निर्माण से नेहरू पथ से जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ, डबल डेकर, पीएमसीएच तक जाने के लिए स्थानीय नागरिकों को एक नई कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। इस पथ के निर्माण से प्रमुख रूप से वार्ड संख्या 25, 26, 27 समेत उतरी बिहार जाने वाले लाखों की आबादी को सुगम सड़क संपर्कता मिलेगी। साथ ही पटना के नेहरू पथ पर लगने वाले जाम एवं ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी। वर्ष 2004 में उनके पिता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा ने मंदिरी नाले की इस महत्वाकांक्षी योजना को तैयार करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा, आज जब यह परियोजना पूर्ण होकर जनता को समर्पित हो रही है, तो मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मुझे अपने पिताजी का सपना साकार करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बतौर बांकीपुर विधायक मुझे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में इस योजना का शिलान्यास करने का अवसर मिला था। और आज उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनना मेरे लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है। स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ बांकीपुर क्षेत्र के विकास एवं जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा लगातार कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा एवं बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है। मंदिरी नाले का निर्माण भी इसी संकल्प का परिणाम है, जिससे हजारों स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी और आने वाले समय में भी सड़क, नाला, पेयजल एवं अन्य जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उल्लेखनीय हो कि पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा मंदिरी नाले का जीर्णोद्धार का काम किया जा रहा है। इस पथ की कुल लम्बाई 1289 मीटर है। पथ की प्रशासनिक स्वीकृति की राशि ₹115.08 करोड़ मात्र है। कार्य प्रारंभ की तिथि सितम्बर 2023 एवं कार्य समाप्ति की तिथि 25 मार्च 2026 है। पथ की चौड़ाई 5.5m x 2 Lane है एवं इसके अतिरिक्त सर्विस रोड 3.5 मीटर एवं ड्रेन की चौड़ाई 01 मीटर रख गया है। वहीं, मंदिरी नाला में मिलने वाले नालों में एसपी वर्मा रोड, मीठापुर, गर्दनीबाग, बाबूबजार, धोबीघाट, इकोपार्क 1, इकोपार्क 2, इकोपार्क 3, छज्जुबाग, एमएलए फ्लैट एवं सिचाई भवन शामिल है । इसके साथ ही पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा मंदिरी नाले पर 1289 मीटर लम्बी सड़क बनाई गई है। नाले के जीर्णोद्धार के साथ ही इसे ढक कर उसके उपर सड़क का निर्माण किया गया है। इस योजना के तहत नेहरू पथ (बेली रोड) पर आयकर चौराहा से दानापुर-बांकीपुर पथ के बांस घाट तक 1289 मीटर संपर्क पथ का निर्माण किया गया है।

दस्यु प्रभावित क्षेत्र अब प्रगति से बना रहा है नई पहचान गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए लेंगे केन्द्र सरकार का सहयोग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है। उद्योग खुलने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा : केंद्रीय मंत्री  सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डा. यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है। केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया।  सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे गुना के युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त :  प्रणव अदाणी उद्योगपति  प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमेन  गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा।  अदाणी ने मध्यप्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे। खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तीव्र गति से घूम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग वर्ष के बाद कृषि वर्ष में प्रदेश में समृद्धि के प्रयास तेज किए हैं। परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद 78 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों को उनकी मेहनत की पूरी कीमत दी जा रही है। कार्यक्रम में जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। रोड शो में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  सिंधिया के गुना आगमन पर रोड-शो में नागरिकों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिक जिनमें युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों का अभिवादन किया।  

​नई दिल्ली में आयोजित ‘विजनरी डॉक्टरेट अवार्ड्स’ में शामिल हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप

जगदलपुर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 'विजनरी डॉक्टरेट अवार्ड्स' कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस प्रतिष्ठित समारोह में देशभर से पहुंचे उन प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा, विज्ञान, कला और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले महानुभावों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सांसद महेश कश्यप ने अपने हाथों से पुरस्कार वितरित करते हुए सभी सम्मानित व्यक्तियों के प्रयासों की सराहना की।इस ​अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार और उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम हैं। जब हम प्रतिभाओं का सम्मान करते हैं, तो इससे आने वाली पीढ़ी को भी राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।​सांसद श्री कश्यप ने सभी सम्मानित महानुभावों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा आप सभी सम्मानित विभूतियों से आशा है कि भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ समाज के उत्थान और देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। ​

बीजेपी में बड़ी तैयारी: राजस्थान में बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों की पहली सूची जल्द संभव

जयपुर राजस्थान में जल्द राजनीतिक नियुक्तियों की पहली सूची आ सकती है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बाद सत्ता और संगठन में हलचल तेज हो गई है. सीएम ने दिल्ली में बीजेपी संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की. इन बैठकों को राजस्थान में सत्ता-संगठन से जुड़े बड़े फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा लंबे समय से अटकी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हुई. नियुक्तियों पर होमवर्क पूरा बताया जा रहा है कि भाजपा संगठन और राज्य सरकार ने बोर्ड, निगम, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर पूरा होमवर्क कर लिया है. अब सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी बाकी है. चर्चा है कि चुनाव हारने के बाद हाशिए पर गए करीब एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. इसके साथ ही लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी एडजस्ट करने की तैयारी है. इन नेताओं का नाम दौड़ में सबसे आगे राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, राजपाल सिंह शेखावत, डॉ. रामप्रताप, अभिषेक मटोरिया, कनकमल कटारा, मोहनलाल गुप्ता, निर्मल कुमावत, नारायण पंचारिया, अजयपाल सिंह, चंद्रकांता मेघवाल, संतोष अहलावत जैसे नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष से संगठन को मजबूत करने पर चर्चा मुख्यमंत्री ने आज (10 मई) दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई दी. इस अवसर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई. किसी भी वक्त मिल सकती है हरी झंडी भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. साथ ही चुनाव हार चुके नेताओं को नई भूमिका देकर कार्यकर्ताओं में राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी मानी जा रही है. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद शुरू हो सकती है.

रात में एक्शन मोड में दिखे ऊर्जा मंत्री तोमर, अस्पताल और बिजली केंद्रों का किया निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार देर रात अचानक निरीक्षण के लिए निकल पड़े। विद्युत उपकेन्द्र मोतीझील और बहोड़ापुर पहुंचे जहां उन्होंने विद्युत वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मेंटेनेंस, विद्युत सप्लाई और शिकायतों के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र कार्यालय का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों से बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हालात सुधार लें अन्यथा अगली बार सिर्फ चेतावनी नहीं दूंगा, सीधे कार्यवाही होगी। ऊर्जा मंत्री  तोमर रात में ही अचानक सिविल अस्पताल हजीरा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में गर्मी के बीच एसी बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन को एसी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने दो टूक कहा कि अति-संवेदनशील वार्डों में इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है। उन्होंने मौके से ही अस्पताल प्रभारी डा. प्रशांत नायक को फोन लगाकर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने केवल मशीनों का ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन का भी जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर से सवाल किया कि रात के समय अस्पताल में कितना स्टाफ तैनात रहता है। इमरजेंसी में बैकअप की क्या तैयारी है। क्या सभी जरूरी जीवन रक्षक दवाएं स्टाक में उपलब्ध हैं। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सिविल अस्पताल एवं प्रसूति गृह बिरला नगर का भी औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और उपस्थित चिकित्सकों व स्टाफ से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने वार्डों में जाकर उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय भेंट की। उनकी कुशलक्षेम और अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जमीनी हकीकत को जाना। साथ ही ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करने और मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता की सेवा और उनके स्वास्थ्य के प्रति हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बिरला नगर प्रसूति गृह से ऊर्जा मंत्री मनोरंजनालय पार्क पहुँचे यहाँ की विद्युत, लाइटिंग एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए रात्रिकालीन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क तथा शील नगर (बहोड़ापुर) स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पार्क का निरीक्षण कर रात्रिकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पार्क में प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते आपके इस सेवक का यह दायित्व है कि हमारे सार्वजनिक स्थल न केवल सुंदर हों, बल्कि सुरक्षित भी हों। शनिवार रात अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अधिकारी और कर्मचारियों की कार्य के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।