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मध्यप्रदेश सरकार समग्र विकास के लिए संकल्पित

भोपाल आदर्श जिला बनाने के लिए सभी समन्वित रूप से प्रयास करें, जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण करें। प्रदेश सरकार समग्र विकास के लिए संकल्पित है। सागर रिंग रोड, बायपास का कार्य शीघ्रता से करें, साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू करें। उक्त विचार उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने सागर में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में व्यक्त किए। उप मुख्यमंत्री मंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि सागर को आदर्श जिला बनाने के लिए सभी समन्वयक रूप से कार्य करें। स्मार्ट सिटी के माध्यम से सागर में अन्य शहरों की अपेक्षा बहुत अच्छे कार्य हुए है। जिससे सागर अपनी नयी पहचान बनाने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि सागर शहर को जोड़ने वाले रिंग रोड एवं भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर को जोड़ने वाले वाईपास का कार्य शीघ्र गति से पूरा करें जिससे जिलेवासियों के साथ अन्य व्यक्तियों को इसका लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि बीना रिफाईनरी के परिक्षेत्र में सड़कों का निरीक्षण करें एवं मरम्मत के लिए डीपीआर तैयार कराएं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सड़क के प्रस्ताव विधानसभावार तैयार कर सूची उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की स्वीकृति भूमि-पूजन, लोकापर्ण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से सागर में विधायक  भूपेन्द्र सिंह, विधायक  शैलेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में बहुत अच्छे कार्य हुए हैं जिसके माध्यम प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की परिकल्पना पूरी हो रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सागर नगर की ट्राफिक व्यवस्था सुधारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्टिंग का कार्य एवं राजघाट चौराहे से धर्म तक सड़कों से खंभे हटाने का कार्य शीघ्र गति से करें। विधायक एवं पूर्व मंत्री  भूपेंद्र सिंह, विधायक  शैलेन्द्र जैन, विधायक  प्रदीप लारिया, बीना विधायक मती निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अक्ष्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत ने विभिन्न विषयों में विचार व्यक्त किये। बैठक में कलेक्टर मती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत सीईओ  विवेक केवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य एवं अधिकारी मौजूद थे।  

“उपयोगित जल प्रबंधन” कार्यशाला का हुआ आयोजन

भोपाल  आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा कि सीवरेज प्रबंधन के लिए एसबीआर और बायोनेस्ट जैसी अत्याधुनिक एवं सक्षम तकनीकों का समावेश उपयोगित जल प्रबंधन के लिए अत्यंत लाभदायक हैं। कम लागत वाली टिकाऊ प्रणालियों के माध्यम से मलजल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) से निकलने वाले उपचारित जल का अनिवार्य रूप से पुनरुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि नगरों की स्वच्छता और समग्र सौंदर्य के लिए नाला टैपिंग की भूमिका अत्यंत प्रासंगिक है, उच्च तकनीक और प्रकृति के सामंजस्य से इस क्षेत्र में प्रगति करना विभाग का प्राथमिक ध्येय है। उन्होंने संयंत्र परिसरों में वायु और पर्यावरण शुद्धि के लिए पीपल जैसे प्राकृतिक शोधक पौधों के रोपण तथा प्रकृति आधारित (नेचर-बेस्ड) तकनीकों को अपनाने पर भी विशेष बल दिया। आयुक्त  भोंडवे ने निर्देश दिए कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और इससे जुड़े विभिन्न तकनीकी घटकों की डिजाइन एवं ड्रॉइंग संबंधी विषयों का त्वरित और दक्षतापूर्ण समाधान किया जाए। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश के नगरों को पर्यावरण के अनुकूल और पूर्णतः स्वच्छ बनाने की दिशा में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा होटल पलाश में "उपयोगित जल प्रबंधन" विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपर आयुक्त  शिशिर गेमावत ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ भारत मिशन के विविध सोपानों पर सराहनीय और अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने उपयोगित जल प्रबंधन की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए निर्माण की डिजाइन और ड्रॉइंग की सटीकता को अत्यंत आवश्यक बताया। नगरीय निकायों की तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के ध्येय से ही इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसमें विषय-विशेषज्ञों के साथ एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर गहन विमर्श किया जा रहा है। प्रमुख अभियंता  प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मलजल शोधन संयंत्र से प्रवाहित होने वाले जल की शुद्धता एवं गुणवत्ता बनाए रखना अपरिहार्य है, जिससे उपयोगित जल प्रबंधन का मूल उद्देश्य अपनी सार्थकता को प्राप्त कर सके। तकनीकी सत्रों में वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर  राजेश विनिवाल ने उपयोगित जल प्रबंधन के सूक्ष्म पहलुओं पर अपना सारगर्भित प्रस्तुतीकरण दिया।  कार्तिकेय तिवारी ने "पॉल्यूटेड नाला टू क्लीन वॉटर" (प्रदूषित नाले से स्वच्छ जल तक) विषय पर नवीन तकनीकें साझा कीं। कार्यशाला में 136 नगरीय निकायों के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन से जुड़े विविध घटकों की रूपरेखा पर व्यापक मंथन किया गया। कार्यशाला में संभागीय कार्यपालन यंत्री, संभागीय संयुक्त संचालक, पीडीएमसी टीम के सदस्य, डिजाइनर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और विभिन्न तकनीकी प्रदाता उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन उप संचालक  नीलेश दुबे द्वारा किया गया।  

बांग्लादेश ले जाने की साजिश नाकाम, आरोपी ट्रेन से कोलकाता जा रहा था

 झालावाड़ राजस्थान में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में झालावाड़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग लड़की को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सुरक्षित बरामद कर लिया. मामले को लेकर SP अमित कुमार ने बताया कि 2 मई 2026 को परिजनों के जरिए थाना झालरापाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी(14) का बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां तलाशी शुरू की. ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा था आरोपी जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा है, जहां से उसे बांग्लादेश ले जाने की योजना थी. इस पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर 5 मई को बालिका को दस्तयाब कर आरोपी को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम आदित्य उर्फ बादल विश्वास बताया. उसने पहले झालावाड़ के सलोतिया क्षेत्र में रहने की जानकारी दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ के दौरान उसे सारी सच्चाई को आसानी से कबूल कर लिया. उसने पूछताछ में जानकारी दी की वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है. साल 2024 में टूरिस्ट वीजा पर आया था भारत पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रहा था। उसने पहचान छिपाने के लिए स्थानीय स्तर पर दस्तावेज तैयार करवा लिए थे और निवास भी बदल लिया था. नाबालिग को बहलाकर रच रहा था साजिश पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग से फोन पर संपर्क में था और कई बार उससे मिला भी था. उसने सुनियोजित तरीके से नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उसे लेकर भाग गया. उसकी योजना कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश ले जाने की थी. पकड़ने के लिए की थी 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा   इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. आगे की कार्रवाई जारी फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है.

4 मौतों के पीछे जहरीला सच, बिरयानी-तरबूज में मिला रैट पॉइजन

 नई दिल्ली साउथ मुंबई में पिछले महीने एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में इसे तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन अब फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि मौत जिंक फॉस्फाइड नाम के जहरीले रसायन से हुई। यह रसायन आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल किया जाता है। मृतकों में अब्दुल्ला दोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और उनकी दो बेटियां जैनब और आयशा शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक परिवार ने 25 अप्रैल को अपने घर पर रिश्तेदारों को खाने पर बुलाया था। सभी ने मटन पुलाव खाया था और रिश्तेदार रात करीब 10 से 10.30 बजे के बीच वहां से चले गए थे। इसके बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। सुबह 5 से 6 बजे के बीच सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों में चारों की मौत हो गई। फॉरेंसिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा शुरुआती जांच में पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया था। पोस्टमार्टम के दौरान शवों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। बाद में फॉरेंसिक जांच में चारों के शरीर में जिंक फॉस्फाइड के अंश मिले। जांच एजेंसियों को तरबूज के सैंपल में भी यही जहरीला रसायन मिला है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह जहर गलती से तरबूज में पहुंचा या फिर जानबूझकर उसमें मिलाया गया था। इससे पहले जे जे अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि मृतकों के शरीर में किसी तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं मिला। उनके खून में भी कोई बैक्टीरिया नहीं पाया गया था, जिससे फूड इंफेक्शन की आशंका कमजोर पड़ गई थी। शरीर के अंगों का रंग भी बदला मिला फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया कि मृतकों के कुछ अंगों जैसे दिमाग, दिल और आंतों का रंग हरा पड़ गया था। डॉक्टरों के मुताबिक यह जहरीले पदार्थ के असर का संकेत हो सकता है। जांच में अब्दुल्ला दोकाडिया के शरीर में मॉर्फिन के अंश भी मिले थे। मॉर्फिन एक तेज दर्द निवारक दवा होती है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर मेडिकल निगरानी में किया जाता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह दवा शरीर में कैसे पहुंची। पुलिस ने परिवार के उन रिश्तेदारों के बयान भी दर्ज किए हैं, जिन्होंने उसी रात मटन पुलाव खाया था। हालांकि उनकी तबीयत पर कोई असर नहीं पड़ा। अब अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की पूरी वजह साफ हो सकेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्योति कुलस्ते को दिया सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंडला जिले के विधानसभा निवास के ग्राम जेवरा में सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते की सुपुत्री ज्योति कुलस्ते के वैवाहिक समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की भी विशेष मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्योति कुलस्ते को सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने स्मृति स्वरूप उपहार भेंट कर उन्हें जीवन के नए अध्याय के लिए मंगलकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुलस्ते परिवार के सदस्यों से भी आत्मीय भेंट कर शुभकामनाएं व्यक्त कीं। समारोह में छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री  केदार कश्यप, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री  तोखन साहू, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती सम्पतिया उइके, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री मती प्रतिमा बागरी, सहित अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अमला गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर गरमाई सियासत, शिक्षा मंत्री बोले- सैनी सरकार अपराधियों पर करती है तुरंत कार्रवाई

पानीपत. हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने गुरुवार को पानीपत में जनता दरबार लगाकर आमजन की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने न केवल जन शिकायतों का मौके पर निपटारा किया, बल्कि मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखे राजनीतिक बाण भी छोड़े। ढांडा ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था और बंगाल चुनाव के परिणामों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। अगले 24 घंटे में सलाखों के पीछे होता है अपराधी हाल ही में कांग्रेसी नेता सचिन कुंडू को मिली रंगदारी की धमकी के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सरकार पर किए गए हमलों का जवाब देते हुए महिपाल ढांडा ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता यह कभी नहीं बताएंगे कि आज नायब सिंह सैनी की सरकार में अगर कोई अपराधी फोन पर धमकी देने का दुस्साहस करता है, तो वह अगले 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे होता है। विपक्ष पर जमकर साधा निशाना ढांडा ने कहा, कांग्रेस के लोगों को सिर्फ झूठ की राजनीति करनी आती है। वे गलत आंकड़ें पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि हरियाणा पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस और उसके गठबंधन के लोगों ने गुंडागर्दी और डरा-धमका कर सत्ता हथियाने का काम किया है, जिससे हमेशा जनता का ही नुकसान हुआ है। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, बंगाल में ममता सरकार ने हमेशा नृशंस हत्याएं करवाई हैं। वहां बहन-बेटियों की इज्जत को सड़कों पर नीलाम किया गया है। झूठे वादे कर जनता को छला गया और गैंग बनाकर लोगों को भय के साये में जीने पर मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर बेइंतहा अत्याचार किए गए, लेकिन अब वहां की जनता जागरूक हो रही है और बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राजनीतिक बयानों से इतर, महिपाल ढांडा ने जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने बिजली, पानी, सड़क और पुलिस प्रशासन से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। ढांडा ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम व्यक्ति का उदय है और किसी भी आम नागरिक को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर नहीं होने दिया जाएगा।

सरकारी कार्यालयों से शिक्षण संस्थानों तक लागू होंगे नए नियम, चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी किया आदेश

चंडीगढ़. गर्मियों के मौसम में बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की एयर-कंडीशंड इमारतों के लिए ए.सी. का आदर्श तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस निर्धारित करने संबंधी एडवाइजरी जारी की है। यह कदम ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। ये दिशा-निर्देश ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के मानकों के अनुसार जारी किए गए हैं। विभाग के मुताबिक ए.सी. का तापमान हर एक डिग्री बढ़ाने से करीब 6 फीसदी बिजली की बचत की जा सकती है। इसी तरह ए.सी. को 20-21 डिग्री की बजाय 24-25 डिग्री पर चलाने से लगभग 24 फीसदी ऊर्जा बचाई जा सकती है। प्रशासन ने सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, कॉलेजों, होटलों, मॉल और अन्य व्यावसायिक इमारतों को इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है। अधिकारियों को आरामदायक माहौल बनाए रखते हुए इन नियमों को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अस्पतालों, ऑपरेशन थिएटर और डेटा सेंटर जैसी जगहों को इस नियम से छूट दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से बिजली की मांग कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क हादसे में घायल हुए तीन लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल भोपाल रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक चंद्रपाल सिंह एवं पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।

भोपाल  रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक  चंद्रपाल सिंह एवं पायलट  मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।  

सार्थक ऐप पर आयुष चिकित्सकों की उपस्थिति होगी सुनिश्चित, स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा सुचारू संचालन

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  परमार के निर्देश पर, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुष चिकित्सकीय सुविधाओं को सुचारू रूप सें संचालित किये जाने के दृष्टिगत जिले में पदस्थ आयुष चिकित्सकों (शासकीय/संविदा/एनआरएचएम) की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही आयुष महाविद्यालयों के संकाय स्टॉफ की उपस्थिति, एनसीआइएसएम के मापदण्ड अनुसार, आधार बेस्ड सिस्टम से दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आयुष मंत्री  परमार ने कहा है कि आयुष चिकित्सकों के समयबद्ध चिकित्सालयों में उपस्थिति से, सुदूर अंचलों सहित शहरी क्षेत्रों में आयुष चिकित्सा सेवाएं और सुदृढ़ होंगी और आमजन को स्वास्थ्य सुविधाओं का सुलभता से लाभ मिल सकेगा। प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन ने बताया कि आयुष विभाग, विभिन्न रोगियों को उपचार सुविधा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में विभागीय चिकित्सकीय संस्थाओं में, आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। इन स्वास्थ्य सेवाओं से आमजन को लाभान्वित करने के लिए, संस्थान में पदस्थ अधिकारियों/चिकित्सकों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे विभिन्न रोगियों को शासकीय आयुष संस्थाओं से समय पर उपचार प्राप्त हो और शासन की महती योजनाओं का आमजन को प्रभावी रूप से लाभ मिल सके।  जैन ने बताया कि समस्त आयुष चिकित्सकों की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से मॉनिटर करने के लिए, जिला आयुष अधिकारियों को निर्देशित किया गया है एवं महाविद्यालयों में संकाय स्टॉफ की उपस्थिति, एनसीआइएसएम के मापदण्ड अनुसार, आधार बेस्ड सिस्टम से दर्ज कराए जाने को लेकर प्रधानाचार्य एवं अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है।  

सुशासन तिहार को लेकर पंचायतों में उत्साह, CM साय आज कई आयोजनों में होंगे शामिल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज विभिन्न आधिकारिक और निजी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनका दिन व्यस्त कार्यक्रमों से भरा रहेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश का दौरा भी शामिल है। सुबह महर्षि वाल्मीकि सभागृह में कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे मध्यप्रदेश के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री साय मंडला जिले के जेवरा रिपटा पहुंचेंगे, जहां वे पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के निवास पर आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री का मध्यप्रदेश दौरा पूरा होगा और वे वापस रायपुर लौट आएंगे। पंचायतों में बड़े पैमाने पर मेगा आयोजन प्रदेश में सुशासन तिहार के अंतर्गत आज ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर मेगा आयोजन किए जा रहे हैं। इस दौरान एक ही मंच पर चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन कर ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। कार्यक्रम में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। साथ ही 90 दिनों के भीतर स्वीकृत आवासों को पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। ‘मोर गांव-मोर पानी-मोर तरिया’ अभियान के तहत जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। योजनाओं की जानकारी को आसान बनाने के लिए QR कोड आधारित प्रणाली भी शुरू की गई है, जिससे ग्रामीण सीधे अपने मोबाइल पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ महिला समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।