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JPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी से हड़कंप, जिम्मेदारी तय करने के निर्देश

 रांची  राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा हाल में आयोजित परीक्षाओं में व्यापक त्रुटियों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक नियुक्ति मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों में व्यापक त्रुटियों पर चिंता प्रकट करते हुए इसकी जांच का आदेश आयोग को दिया है। साथ ही उक्त प्रकरणों की समुचित जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित करने तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। राज्यपाल के निर्देश पर इस संबंध में लोक भवन द्वारा आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है, जिसमें उक्त परीक्षाओं में हुई त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सहायक वन संरक्षक की मुख्य परीक्षा तथा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्रों में त्रुटियों एवं प्रारंभिक रूप से जारी उत्तर-कुंजी में गलत उत्तरों के संबंध में विभिन्न माध्यमों से तथ्य प्रकाश में आए हैं। इस प्रकार की त्रुटियां न केवल अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। ऐसे मामले आयोग की साख पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हैं, जो कि अत्यंत ही चिंताजनक है। न हो ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति राज्यपाल ने निदेशित किया है कि उक्त प्रकरणों की समुचित जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधारात्मक एवं सतर्कतापूर्ण उपाय अपनाए जाने पर भी बल दिया है। राज्यपाल ने अपेक्षा व्यक्त की है कि आयोग पारदर्शिता, शुचिता एवं उच्च मानकों को बनाए रखते हुए परीक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करे, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास सुदृढ़ हो सके। क्या है मामला पिछले माह संपन्न सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में शाब्दिक और भाषाई अशुद्धियों की भरमार थी। गलतियां ऐसी थीं, जैसे ऐसा लग रहा था कि प्रश्न तैयार करनेवालों ने आंखें मूंदकर प्रश्नों को तैयार किया हो। प्रश्न तैयार करने में ऐसी-ऐसी अशुद्धियां हुईं, जितनी तीसरी और चौथी कक्षा के छात्र भी नहीं करते। महापुरुषों के नाम भी गलत लिखे गए थे। इसी तरह, 19 अप्रैल को संपन्न सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कई शाब्दिक त्रुटियां तो थी हीं, उपस्थिति पत्रक में भी त्रुटि थी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र के बुकलेट नंबर और ओएमआर शीट के नंबर सात अंक में दिए गए थे। दूसरी तरफ उपस्थिति पत्रक में इन नंबरों को दर्ज करने के लिए छह ही बाक्स बने थे। परीक्षा में अभ्यर्थियों ने स्वयं एक अतिरिक्त बाक्स बनाकर उन नंबरों को दर्ज किया। वहीं, झारखंड पात्रता परीक्षा में रांची के जिला स्कूल स्थित केंद्र पर उड़िया विषय के प्रश्नपत्र पठनीय ही नहीं थे। इसी तरह, तथा बोकारो के सरदार पटेल उच्च विद्यालय स्थित केंद्र पर शिक्षा विषय के प्रश्नपत्र पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचे। इस कारण आयोग को दोनों विषयों की परीक्षा रद करनी पड़ी।

51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027श् के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं। पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना            इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे। प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई          प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है। उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण          दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी          जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा। नागरिकों से अपील प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।

तेज आंधी से शिवपुरी में अफरा-तफरी, दीवार ढही, पांच घायल, छत पर खड़ी दो महिलाएं गिरीं

शिवपुरी शिवपुरी में शनिवार की दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में रौद्र रूप दिखा रहा सूरज काले बादलों के बीच छिप गया। इसके बाद जिले भर में आई तेज आंधी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चली तेज आंधी ने शहर भर में आफत मचा दी। प्ले ग्राउंड पर पेड और पत्थर की बाउंड्री गिरने से पांच लोग मलबे में दब कर घायल हो गए। वहीं शहर के दो अलग-अलग हिस्सों में अपने मकानों की छत पर खड़े होकर तेज हवा का आनंद उठा रही एक महिला और एक युवती हवा के तेज झोंके के साथ उड़ते हुए छत से नीचे जमीन पर आकर गिरीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सभी को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इसके अलावा शहर सहित अंचल में कई पेड़ टूट कर गिर गए, अंचल भर में दर्जनों स्थानों पर बिजली की लाईनें टूट गईं, जिससे ब्लैक शहर में दिन भर ब्लैक आउट के हालात बने रहे। प्ले ग्राउंड की बाउंड्री के नीचे ये दबे      बाउंड्री के यहां मोबाइल कंपनी की नई सिम बेचने व सिम पोर्ट करने वाले युवक पवन पुत्र चरण सिंह रजक उम्र 25 साल निवासी कोठी नंबर 27 व बृजेंद्र उर्फ गोलू पुत्र रामहेत रावत उम्र 27 साल निवासी खुड़ा। दोनों को अंदरूनी चोटें आई हैं, पवन जहां बेहोशी की हालत में आईसीयू में आक्सीजन पर उपचाररत है, वहीं बृजेंद्र की कमर व रीढ़ की हड्डी में चोट बताई जा रही है। वह भी अद्ध बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती है। रन्नौद से उपचार कराने के लिए शिवपुरी आए गिरजेश चंद्र आचार्य आंधी और पानी से बचने के लिए बाउंड्री के किनारे खड़े हुए थे, पेड़ के साथ जमींदोज हुई बाउंड्री के मलवे के नीचे वह दब गए। उनके पैर में कई फ्रैक्चर बताए जा रहे हैं। देवरी राजस्थान से अपनी पत्नी के साथ शिवपुरी घूमने के लिए आया बादल आदिवासी भी प्ले ग्राउंड से पास से गुजर रहा था। इसी दौरान बाउंड्री का एक पत्थर उसके सिर में आकर लगा, जिससे उसके सिर में चोट लग गई और वह मौके पर ही गिरकर बेहोश हो गया। उसके सिर में चोट आई है। एक अन्य युवक की मलवे में गिरकर घायल हो गया, हालांकि उसे बहुत अधिक चोट नहीं आई तो वह प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से चला गया। मौसम का लुत्फ उठाते हुए हवा में उड़ गईं गौशाला निवासी रामदेवी पत्नी अखिलेश लोधी उम्र 23 साल आंधी के दौरान छत पर जाकर खड़ी हो गई और मौसम का लुत्फ लेने लगी। इसी दौरान एक तेज हवा का झोंका आया और रामदेवी को अपने साथ हवा में उड़ता ले गया।      कुछ दूर जाने के बाद वह जमीन पर जा गिरी, जिससे उसके पैर में चोट आई है। अस्पताल में उसके पैर में टांके लगाने के बाद खूब के बहाव को रोका जा सका। पैर में फेक्चर की संभावना बताई जा रही है। यही हाल फतेहपुर क्षेत्र में विद्यापीठ स्कूल के पास रहने वाली अनुरति पुत्री संतोष जाटव उम्र 16 साल के साथ हुआ। वह छत पर से हवा के झोंके साथ उड़ती हुई सीधा जमीन पर आकर गिरी, उसके पैर व कमर में गंभीर चोट बताई जा रही है। कुछ सेकेंड के फेर से टला बड़ा हादसा ग्राम जाफरपुर से कुछ ग्रामीण शनिवार को ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर उनके घर में आयोजित होने वाले किसी समारोह के आयोजन की खरीददारी करने के लिए शिवपुरी आए थे। ग्रामीणों ने अपने ट्रैक्टर-ट्राली पीएम हाउस के परिसर में लगाए और ट्राली से उतरे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पास लगा एक पेड़ आंधी के झोंकों से टूट कर ट्राली पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अगर कुछ सेेकेंड और ट्राली में सवार लोग नीचे नहीं उतरते तो यह पेड़ उनके ऊपर ही गिरता। लोगों का कहना है कि कुछ सेकेंड के फेर से बड़ा हादसा टल गया। होटल पर गिरा हाईमास्ट, हादसा टला कोलारस में पूरनखेड़ी टोल टैक्स के पास लगा एक हाईमास्ट का पोल आंधी के कारण उखड़ कर जमींदोज हो गया। यह पोल टोल टैक्स के पास बने एक ढाबे पर जाकर गिरा, जिससे ढाबा भी जमींदोज हो गया। इस घटना का सुखद पहलू यह रहा कि हादसे के समय होटल में कोई नहीं था, जिसके चलते काेई भी पोल व ढाबे के मलबे की चपेट में नहीं आया। नरवर के ईमलिया, सिमरिया में लगी आग नरवर क्षेत्र के गांव ईमलिया, सिमरिया और पारागढ़ में तेज आंधी के बीच आग लग गई, जिससे सैंकड़ों बीघा के खेतों में आग लग गई। टीआई नरवर विनय यादव का कहना है कि कुछ किसान खेत में नरवाई जला रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी चल गई और आग आंधी के साथ उड़ती चली गई, जिससे इमलिया, सिमरिया, पारागढ़ तीन गांवों में दर्जनों किसानों के खेतों में भीषण आग गई। कई किसानों के खेतों में रखे भूसे के ढेर धूं-धूं कर जलने लगे। इस आग पर घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड, स्थानीय किसानों के प्रयास आदि से काबू पाया जा सका।  

साहिबगंज फायरिंग केस में दो गिरफ्तार, तीन देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

 साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले के जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के अंबाडिया पंचायत के पोलमा गांव में युवक को गोली मारने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मामला सुलझने के बाद डीएसपी हेडक्वार्टर विजय कुमार कुशवाहा ने थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना और गिरफ्तारी की पूरी जानकारी दी. कैसे हुई घटना ? डीएसपी ने बताया कि 27 अप्रैल की रात करीब 7:30 बजे अनिल बेसरा (26 वर्ष), पिता स्व. नाबू बेसरा, पोलमा गांव निवासी, किसी काम से लौट रहा था. इसी दौरान पहले से घात लगाए तीन-चार अपराधियों ने पीछे से उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में उसकी पीठ में दो गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. वारदात के बाद अपराधी उसका सामान और मोबाइल लेकर फरार हो गए. इलाज जारी, हालत गंभीर घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल अनिल को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. एसआईटी का गठन और त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई. इस टीम में पुलिस निरीक्षक सह नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, सब-इंस्पेक्टर पंकज वर्मा और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी शुरू कर दी. दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने इस मामले में शामिल किशुन हांसदा (55 वर्ष) और भीम हांसदा (लगभग 30 वर्ष), दोनों पोलमा गांव के निवासी को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन देसी कट्टा, नौ जिंदा गोली और दो खोखा भी बरामद किए हैं. जमीनी विवाद में रिश्तेदारों ने ही रची साजिश पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह हमला जमीनी विवाद को लेकर किया गया था. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित के अपने ही रिश्तेदार निकले. पुलिस अब इस पारिवारिक रंजिश के पूरे पहलू को खंगाल रही है. हथियार सप्लाई और मास्टरमाइंड की जांच जारी डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को हथियार कहां से मिला और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में कोई और साजिशकर्ता या मास्टरमाइंड तो नहीं है. अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है. बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है. डीएसपी ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा. जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.

12 याचिकाओं पर बहस के बाद कोर्ट ने रखा आदेश सुरक्षित, पक्षकार तय होंगे

अजमेर अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे पर जिला कोर्ट में लंबी सुनवाई हुई. दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर दायर याचिका पर शनिवार (2 मई) को जिला न्यायालय में सुनवाई हुई. इस दौरान सभी पक्षों ने अपने-अपने दावे के समर्थन में कानूनी तर्क और दस्तावेज पेश किए. हिंदू सेना और महाराणा प्रताप सेना के पदाधिकारियों द्वारा याचिका दायर की गई है. सुनवाई के दौरान करीब 12 अलग-अलग याचिकाओं पर बहस हुई, जिनमें कई पक्षकारों ने खुद को इस मामले में शामिल करने की मांग की. मामले से जुड़ी 12 याचिकाओं पर बहस के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है. अब तय होगा- केस में पक्षकार कौन? हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने बताया, "अदालत ने सभी नई अर्जियों पर सुनवाई की और सभी पक्षों को विस्तार से सुना. अब देखते हैं कौन पक्षकार बनता है और किसे खारिज कर दिया जाता है." मामले में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि कई याचिकाओं का विरोध किया गया है, क्योंकि उनमें पर्याप्त तथ्य और आधार नहीं हैं. अजमेर दरगाह में शिव मंदिर के दावे को लेकर दायर याचिका पर शनिवार को जिला न्यायालय में विस्तृत सुनवाई हुई। याचिका हिंदू सेना और महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्षों द्वारा दायर की गई है। सुनवाई के दौरान दरगाह के दीवान और खादिमों ने भी पक्षकार बनने की मांग की। महाराणा प्रताप सेना ने भी पेश की याचिका विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि 2 मई का दिन बहुत महत्वपूर्ण रहा और हमारे पक्ष के लिए खासा अहम रहा. अधिवक्ता के मुताबिक, एक याचिकाकर्ता फरार है और उसके खिलाफ नॉन-बिलेबल वारंट जारी है. एक याचिकाकर्ता ऐसे भी थे जो वादी पक्ष का सहयोग करना चाहते थे- जैसे महाराणा प्रताप सेना के राजवर्धन सिंह, लेकिन वे तथ्यों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत नहीं कर सके. दरगाह की ओर से भी आवेदन पेश दरगाह के दीवान और खादिमों की ओर से भी पक्षकार बनने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया. अधिवक्ता सिद्धार्थ ने कहा, "मैंने दरगाह दीवान साहब की ओर से पक्षकार बनाए जाने के प्रार्थना पत्र की पैरवी की थी. सभी अर्ज़ियों को सुनकर कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा है. उम्मीद है कि आगामी तारीख पर सुनाया जाएगा." अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने सभी आवेदनों पर विचार करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है और अगली सुनवाई में फैसला सुनाया जा सकता है. वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप सेना की ओर से राजवर्धन सिंह परिहार मुख्य याचिकाकर्ता हैं. इस मामले में अन्य लोगों ने भी आवेदन लगाए थे.

मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ रुपए स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान

रायपुर  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की मांग एवं लंबित देनदारियों को ध्यान में रखते हुए कुल 1333 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। स्वीकृत राशि में से 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मजदूरी भुगतान हेतु जारी की गई है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता के साथ श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में राज्य के श्रमिकों के खातों में 212 करोड़ रुपए की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि भी शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से श्रमिकों के खातों में अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ श्रमिकों की आजीविका को स्थायित्व प्राप्त होगा। राज्य में संचालित “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के माध्यम से आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों को व्यापक स्तर पर स्वीकृत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़े, भू-जल स्तर में सुधार हो तथा किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।           भारत सरकार से प्राप्त यह वित्तीय स्वीकृति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

नगर निगम की सख्ती: पानीपत में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

 पानीपत  नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। यह वीडियो भी देखें कॉलोनियों में की गई कार्रवाई     पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई।     जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया।     कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।  

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री  साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने  निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

पुलिस घेराबंदी के दौरान बड़ा हादसा: तस्करों की गोलीबारी में युवक की जान गई

अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के पंजोखरा थाना क्षेत्र में टुंडला के पास देर रात करीब दो बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गौ-तस्करों ने पुलिस से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में गरनाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (25) की आंख पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। पुलिस द्वारा गौ-तस्करी की सूचना के बाद घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में सवार तस्कर पुलिस से बचने के लिए तेजी से भाग रहे थे। घबराहट में उन्होंने रास्ते में आ रहे दो युवकों को पुलिसकर्मी समझ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे गुरप्रीत सिंह को जा लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, दूसरा युवक इस हमले में सुरक्षित बच निकला और उसने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि तस्कर थोड़ी दूरी पर गाय और भैंस से लदी पिकअप को छोड़कर मौके से फरार हो गए। वाहन में करीब तीन तस्कर सवार थे। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिन-रात सक्रिय रहने वाले तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।  

3 मई को नीट छात्रों के लिए दो स्पेशल ट्रेनें, हजारों परीक्षार्थियों को राहत

चूरू  देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर रेलवे ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनजऱ उत्तर पश्चिम रेलवे ने खास तौर पर दो अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, जिससे हजारों छात्रों को आवागमन में राहत मिलेगी। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, ये ट्रेनें खास तौर पर उन छात्रों के लिए चलाई जा रही हैं जो परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने में दिक्कत महसूस करते हैं। नीट छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन दरअसल, तीन मई को होने वाली नीट छात्रों के लिए रेलवे की ओर से सौगात दी गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे मंडल सीपीआरओं अमित सुदर्शन ने बताया कि नीट परीक्षा को देखते हुए फिलहाल छात्रों की सुविधा के लिए राजाधानी जयपुर से अलवर और शेखावाटी अंचल के चूरू से जयपुर अनारक्षित नीट एग्जाम स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन करने का ऐलान किया गया है। दो ट्रेनें परीक्षा वाले दिन तीन मई को संचालित होगी जिससे नीट छात्रों को आवगमन में बड़ी राहत मिलेगी। बताया जा रहा है कि शनिवार को दिन में नीट छात्रों के मद्देनजर राजस्थान के अन्य इलाकों के बीच भी परीक्षा एग्जाम स्पेशल चलाने की घोषणा की जा सकती है। एग्जाम स्पेशल ट्रेनों का संचालन और रूट     3 मई, रविवार को चलेगी चूरू से वाया सीकर होकर जयपुर स्पेशल ट्रेन (09717) यह ट्रेन शेखावाटी क्षेत्र के छात्रों के लिए खुशखबरी के रुप में है। यह ट्रेन चूरू से सुबह 06:10 बजे चलेगी जो सीकर सुबह 08:15 बजे बजे पहुंचेगी और दस मिनट के ठहराव के बाद 08:20 बजे आगे के स्टेशनों के लिए प्रस्थान कर जाएगी। यह ट्रेन रास्ते में विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव करती हुई रेलवे स्टेशन जयपुर सुबह 11:00 बजे पहुंचेगी इन स्टेशनों पर करेगी ठहराव यह ट्रेन बिसाऊ, रामगढ़ शेखावाटी, फतेहपुर शेखावाटी, लक्ष्मणगढ़, सीकर, पलसाना, रींगस, गोविंदगढ़, चौमूं सामोद, ढेहर का बालाजी जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। 12 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 10 साधारण कोच होंगे, जिससे अधिक से अधिक छात्र सफर कर सकेंगे। परीक्षा देकर लौटने वाले छात्रों के लिए को भी राहत तीन मई को ही चलने वाली यह ट्रेन राजधानी जयपुर, दौसा सहित मत्स्य क्षेत्र के उन छात्रों के लिए राहतवाली साबित होगी जो दिन में एग्जाम देकर वापस अपने गंतव्य की ओर रेल सेवा मार्ग का लाभ उठाना चाहेंगे। जानकारी के अनुसार यह ट्रेन राजधानी जयपुर जंक्शन से शाम 07:10 बजे रवाना होगी जो दौसा रात 08:22 बजे पहुंचेगी। यहा चार मिनट का ठहराव 08:24 बजे आगे के स्टेशनों के प्रस्थान कर जाएगी। रास्ते में तय स्टेशनों पर ठहराव करते हुए रात 10:55 बजे अलवर स्टेशन पहुंचेगी।     इन स्टेशनों से होकर चलेगी यह ट्रेन     यह ट्रेन जयपुर जंक्शन से चलकर रास्ते में गांधीनगर जयपुर, जगतपुरा, खातीपुरा, बस्सी, दौसा, बांदीकुई, बसवा, राजगढ़, मालाखेड़ा स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें भी 12 कोच (10 साधारण + 2 गार्ड) होंगे। रोडवेज बसों में तो फ्री यात्रा यहा आपको बताते चले कि राजस्थान सरकार ने तो तमाम प्रतियोगी छात्रों को बजट में प्रावधान रखकर Rajasthan State Road Transport Corporation यानि रोडेवज की बसों में पहले से परीक्षा से 1 दिन पहले और 1 दिन बाद तक सिर्फ एडमिट कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का नियम बना रखा है। ऐसे में नीट छात्रों को घोषित समय अवधि में लाभ मिलने की बात कही जा रही हैं। जबकि परीक्षा स्पेशल ट्रेनों में परीक्षार्थी को टिकट लेकर सफर करना होगा।