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ज्ञानवापी मस्जिद में ‘गेरुआ’ पेंटिंग का विवाद, मुस्लिम पक्ष ने जताया विरोध, सुरक्षा बढ़ी

वाराणसी ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर भगवा पेंटिंग पर शहर मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने नाराजगी जताई है। इस नाराजगी के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज अदा कराई गई। पेंटिंग को हटाने के लिए उन्होंने डीसीपी काशी और एसीपी ज्ञानवापी/सुरक्षा को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि यदि यह पेंटिंग नहीं हटाई गई तो हम विरोध जारी रखेंगे। इस दौरान शहर मुफ्ती ने लोगों से शांति से काम लेने की अपील भी किया। मामला अतिसंवेदनशील होने और जुमे की नमाज को देखते हुए क्यूआरटी, पीएसी और आसपास के थानों की फोर्स तैनात की गई थी। नमाज को तय समय पर शान्तीपूर्वक तरीके से कराया गया। ज्ञानवापी की दीवार पर की गयी भगवा पेंटिंग शहर मुफ्ती ने बताया- ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ रंग लगाया गया और आपत्तिजनक चित्र बनाए गए। हमने एक सप्ताह तक बड़े अधिकारियों से बात किया और हटवाने के लिए कहा लेकिन उसपर कोई सुनवाई नहीं हुई। तो आज दोबारा हमने यहां के बड़े अधिकारी से मुलाकात की और लिखित रूप से उन्हें ज्ञापन देते हुए उसे हटवाने के लिए कहा है। जिसपर हमें आश्वासन दिया गया है। बिना इजाजत के किया गया रंग शहर मुफ्ती ने बताया- हमारे कैंपस के अंदर इस तरह से रंग करना बिना हमारी इजाजत के गलत है। मस्जिद के दरवाजे के पास इसे लगाया गया जो की हमारी जगह पर है ऐसे में हमने अधिकारियों को सूचित किया था। आज हमने विरोध किया है। आगे भी इसका विरोध जारी रहेगा। क्योंकि यह हमारी जगह और यह इस्लाम के अनुसार रंग भी नहीं है। यह धार्मिक मर्यादाओं और परंपरा के अनुसार नहीं है। 1 मई को जुमे की नमाज पढ़ने आए सैकड़ों मुसलमानों के साथ ज्ञानवापी मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने इस घटना को लेकर विरोध व्यक्त किया. मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि हमारी परिसर में किसी भी तरह के पेंट का पुरजोर विरोध करेंगे. मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि पत्र लिखकर पेंटिंग को हटाने के लिए प्रशासन से गुजारिश की है. उन्होंने आगे कहा कि अगर मस्जिद के दीवारों से भगवा पेंट नहीं हटाए गए तो हम इस मामले को हैंडल करने के लिए दूसरा तरीका अपनाएँगे।  वहीं, जुमे की नमाज के बाद भारी विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी, ताकि कानून व्यवस्था बिगड़ न जाए और शांति बनी रहे. 500 से ज्यादा की संख्या में पुलिस बल तैनाती की गई थी और काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग किया गया था. मंदिर के रास्तों पर भारी पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के बीच ड्रोन कैमरों से निगरानी भी की गई।  रेड जोन में आती है मस्जिद वाराणसी के श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद रेड जोन में आती है। इसे अतिसंवेदनशील इलाका माना जाता है। श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद के वाद में ASI के सर्वे के बाद मस्जिद के वजूखाने को कोर्ट ने सील किया है। ऐसे में यह और संवेदनशील बन गयी है। यहां हर वक्त सुरक्षा में सीआरपीएफ मौजूद रहती है। भारी फोर्स के बीच अदा हुई नमाज विरोध के एलान के बाद डीसीपी काशी जोन के नेतृत्व में शुक्रवार को भारी फोर्स तैनात की गई थी। एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी, पीएसी, क्यूआरटी और पुलिस फ़ोर्स के साथ मौके पर नमाज खत्म होने तक मौजूद रहे। एसीपी ने बताया शांतिपूर्वक तरीके से नमाज अदा करा ली गई है। .

श्याम स्वीट्स दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने उड़ाए लाखों रुपये

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने चावड़ी बाजार में दुकान से 3.85 लाख रुपए की चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आरोपी दुकान में ही काम करता था। उसे घटना के 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। क्या था पूरा मामला? दिल्ली के हौज काजी पुलिस थाने में 29 अप्रैल को चोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह चावड़ी बाज़ार इलाके में 'श्याम स्वीट्स' नाम से एक दुकान चलाता है। 28 अप्रैल को रात करीब 9 बजे, उसने अपने मैनेजर और हेल्पर (जिसकी पहचान संजय के रूप में हुई है) को रात 10 बजे तक दुकान बंद करने का निर्देश देकर दुकान छोड़ दी। हालांकि, उसी रात हेल्पर ने कथित तौर पर दुकान की चाबियां लीं, दुकान को फिर से खोला और कैश बॉक्स में रखे 3.85 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी से हुई आरोपी की पहचान दिल्ली पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फरार है और उसके पास केवल उसका मोबाइल नंबर ही एक अहम सुराग के तौर पर उपलब्ध था। जांच में आया सामने अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निगरानी शुरू की गई, जिससे लोकेशन का पता चला। छानबीन के दौरान सामने आया कि आरोपी मध्य प्रदेश के मुरैना और ग्वालियर के बीच घूम रहा है। पुलिस ने कहा, "गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इसके बावजूद टीम ने लगातार उसका पीछा किया और उसके सुरागों पर नजर रखी। दृढ़ संकल्प और आपसी तालमेल का प्रदर्शन करते हुए टीम ने सफलतापूर्वक आरोपी को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया।" मध्य प्रदेश का रहने वाला है आरोपी आरोपी की पहचान संजय शर्मा के रूप में हुई है, जो ग्वालियर का रहने वाला है। पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी 8वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है और पिछले 12 से 13 सालों से दिल्ली में मिठाइयों की दुकानों पर रुक-रुककर काम कर रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि दीपावली के दौरान उसने कुछ समय के लिए उसी दुकान पर भी काम किया था।  

उज्जैन एवं भोपाल पुलिस ने ट्रैक्टर एवं चारपहिया वाहन धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों का किया भंडाफोड़

भोपाल प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश पुलिस को दो अलग-अलग प्रकरणों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। उज्जैन एवं भोपाल पुलिस द्वारा संगठित धोखाधड़ी गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 ट्रैक्टर, 1 एक्सयूव्ही , 02 बोलेरो एवं 02 इनोवा कार सहित लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जप्त की गई है। उज्जैन-ट्रैक्टर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश, 20 ट्रैक्टर (कीमत 1 करोड़ 80 लाख रुपए) जप्त जिले के थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा किसानों के साथ ट्रैक्टर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये मूल्य के 20 ट्रैक्टर जप्त किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना भाटपचलाना क्षेत्र में किसानों द्वारा ट्रैक्टर धोखाधड़ी एवं ट्रैक्टर वापस न करने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विशेष टीम गठित कर विवेचना प्रारंभ की गई। 30 अप्रैल को तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी रफीक पिता गनी मोहम्मद निवासी ग्राम माधीपुरा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने उज्जैन, इंदौर, धार एवं रतलाम जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से 1 करोड़ 80 लाख रुपये मूल्य के 20 ट्रैक्टर जप्त किए हैं। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले किसानों को निशाना बनाकर उन्हें ट्रैक्टर पर अधिक मासिक किराया देने का लालच देता था। इस प्रलोभन में आकर किसान अपने ट्रैक्टर आरोपी को सौंप देते थे। आरोपी ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें अन्य जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों में बेच देता या गिरवी रख देता था। वह न तो किसानों को कोई किराया देता था और न ही ट्रैक्टर वापस करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर बदलता रहता था तथा अपने निवास स्थान से भी फरार रहता था। भोपाल- चार पहिया वाहन धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, 05 वाहन (कीमत 80 लाख) जप्त जिले के थाना अयोध्यानगर पुलिस ने किराए पर वाहन लगवाने का झांसा देकर चार पहिया वाहन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। प्रकरण में 01 आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 महिन्द्रा एक्सयूव्ही , 02 बुलेरो एवं 02 इनोवा कार सहित कुल 05 चार पहिया वाहन (कीमत लगभग 80 लाख रुपये) जप्त किए। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी द्वारा वाहन को एयरपोर्ट पर किराए से लगवाने का झांसा देकर अनुबंध के माध्यम से वाहन लिया गया तथा प्रारंभिक अवधि में किराया देने के बाद वाहन को भोपाल लाकर अन्य व्यक्तियों को सस्ते दामों पर बेच दिया गया। शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर टीकमगढ़, सागर एवं दमोह जैसे जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन मालिकों को सरकारी विभाग में वाहन लगवाकर अधिक किराया देने का लालच देते थे। उसके बाद वाहनो को भोपाल लाकर गिरोह उन्हें मजबूरी बताकर कम कीमत में अन्य व्यक्तियों को बेच देते थे। गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है तथा प्रकरण में और भी वाहनों की बरामदगी की संभावना है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन, विशेषकर किसानों एवं वाहन मालिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के लालच या प्रलोभन में आकर अपनी संपत्ति अज्ञात व्यक्तियों को न सौंपें। वाहन किराए पर देने से पूर्व संबंधित व्यक्ति की पूर्ण जानकारी एवं सत्यापन अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

घर बैठे भर सकेंगे जनगणना फॉर्म, 21 मई तक मिलेगा ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन का मौका

लखनऊ यूपी में जगणना की तैयारियां पूरी हो गई हैं। सात मई से स्व गणना (सेल्फ एन्युमिरेशन) कोई भी व्यक्ति कर सकता है। 21 मई तक अवसर मिलेगा। इसमें एक आईडी जनरेट होगी जिसे प्रगणक को देना होगा। इससे दोनों का काम आसान हो जाएगा। प्रगणक 22 मई से दरवाजे पर दस्तक देंगे। जनगणना में सेल्फ एन्युमिरेशन पोर्टल (एसई) नागरिकों को जनगणना 2027 के लिए घर बैठे खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा देगा। यह 16 भाषाओं में उपलब्ध है। जिला जगणना अधिकारी ममता मालवीय ने बताया कि जनगणना के लिए घर बैठे स्व-जनगणना (सेल्फ एन्युमिरेशन) करने के लिए आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाना होगा। इसके लिए परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर डालना होगा। आधार और मकान से जुड़ी जानकारी इसमें भरनी होगी। एक मोबाइल नंबर से एक ही घर का लॉगिन किया जा सकेगा। सबसे पहले पोर्टल खोलें फिर अपना राज्य और कैप्चा भरें। इसके बाद स्वागत स्क्रीन आगे का मार्गदर्शन करेगी। परिवार का मुखिया अपना नाम मोबाइल नंबर भर कर अपनी भाषा चुनेगा। ओटीपी से कन्फरमेशन होने के बाद जिला भरेंगे। लैंडमार्क मैप के साथ हाईलाइट होगा उसे चुना जाएगा। इसके बाद अपने घर का डिटेल भरेंगे। कोई गलती होने पर पोर्टल पर विकल्प मिलेगा और कोई चीज छूटेगी तो उसका भी संकेत मिलेगा। इसके बाद ड्राफ्ट सहेजें, संशोधन भी कर सकते हैं अंत में सबमिट कर दें। इसके बाद एच के साथ 11 अंकों का एसईआईडी नंबर दिखेगा। एसएमएस से भी यह नंबर आएगा। जब प्रगणक आपके घर आए तो उसे यह एसईआईडी नंबर दे दें तो समय बचेगा और सूचना भी सही से भरी जा सकेंगी। जनगणना कार्यों की लगातार होगी मानीटरिंग जनगणना प्रबंधन डिजिटली होगा। इस पोर्टल का नाम सीएमएसएस है। लखनऊ से सहायक निदेशक जनगणना राजेंद्र कुमार व सांख्यिकी अन्वेषक संस्कृति तिवारी भी इस कार्य में मुरादाबाद में मानीटरिंग कर रहे हैं। साथ ही मुरादाबाद स्तर से एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी, माधव उपाध्याय पर्यवेक्षक अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। जिले में आठ हजार से ज्यादा कर्मचारी जनगणना कार्य में लगेंगे। घर की स्थिति से इस्तेमाल होने वाले अनाज तक सवाल घर का नंबर, जनगणना का नंबर, घर की छत, फर्श कैसी, परिवार का क्रमांक, मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व, उपलब्ध कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल के मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता कितने निकट, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की स्थिति, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी किससे जुड़ी, परिसर के अंदर स्नान की सुविधा है या नहीं, रसोई घर में एलपीजी, पीएनजी अथवा अन्य सुविधा, रेडियो, मोबाइल, स्मार्ट फोन की स्थिति, टेलिविजन में मुफ्त दूरदर्शन, डिश, केबिल कनेक्शन या अन्य व्यवस्था, इंटरनेट की सुविधा का इस्तेमाल, लैपटॉप डेस्कटॉप या मोबाइल यूज में होता, साइकिल, मोटर साइकिल, मोपेड है अथवा कार व अन्य 4 पहिया वाहन है अंतिम सवाल परिवार में उपभोग किए जाने वाला अनाज कौन सा है होगा। जिला जनगणना अधिकारी, ममता मालवीय ने कहा कि जनगणना की हमारी तैयारी पूरी है। समय से सभी कार्य संपन्न करवाएंगे। 7 से 21 मई तक स्व गणना के बाद 22 मई से प्रगणक जाएंगे। अगर स्व गणना से आईडी बनाएंगे तो सहूलियत मिलेगी। प्रगणकों की ट्रेनिंग हो चुकी है।

राजधानी में सनसनी: जज अमन कुमार शर्मा का शव फंदे से लटका मिला

दिल्ली दिल्ली के जज अमन कुमार शर्मा ने आत्महत्या कर ली है। शनिवार को सफदरजंग इलाके में उनका शव फंदे से लटका मिला। जानकारी के मुताबिक थाना सफदरजंग एन्क्लेव को आज एक पीसीआर कॉल मिली जिसमें आत्महत्या के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान पुलिस को जानकारी दी गई कि 30 साल के अमन कुमार शर्मा ने अपने आवास पर सुसाइड कर लिया है। वह दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में डीएलएसए (DLSA) के पद पर तैनात थे। घटना की जानकारी अमन के जीजा शिवम ने दी। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, अभी तक किसी भी प्रकार की संलिप्तता साबित नहीं हुई है। हालांकि, जांच प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पूरी की पढ़ाई आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, जज ने 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में कार्यभार संभाला था। उन्होंने 2018 में पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पढ़ाई पूरी की। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई तरह के आपराधिक और दीवानी (सिविल) मामलों की सुनवाई की। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) और सिविल जज के रूप में अपनी सेवाएं दीं। पिछले महीने वकील ने की आत्महत्या पिछले महीने ही दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में स्थित एक होटल की 15वीं मंजिल से कूद कर 26 साल के वकील ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को रॉयल प्लाजा होटल में हुई इस घटना की सूचना रविवार रात करीब सवा नौ बजे दी गई। मृतक की पहचान दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजेश सिंह के रूप में हुई है, जो उसी दिन शाम में होटल में ठहरने आया था। पुलिस के एक बयान के मुताबिक, पुलिस दल ने होटल पहुंच कर पाया कि महावीर एनक्लेव निवासी सिंह ने इमारत की 15वीं मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा दी थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक कमरे में अकेला ठहरा हुआ था। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद उसे तुरंत लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल की जांच के लिए अपराध दल और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के दल बुलाए गए। साक्ष्य इकट्ठा किए गए तथा होटल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें वकील ने किसी को दोषी नहीं ठहराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित कुछ मुद्दों को लेकर डिप्रेशन में था।  

ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में अब लग सकेंगे उद्योग, सरकार का नया फैसला

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पालिसी में बड़ा बदलाव किया है। इसके अंतर्गत ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में 25 प्रतिशत तक इंडस्ट्रियल कालोनियों को विकसित करने की मंजूरी दी जाएगी। एग्रीकल्चर जोन में लाइसेंस पर इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत का नया नियम लागू होगा। यदि कोई इंडस्ट्रियल लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर से बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है तो वहां आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की लागत संबंधित डेवलपर से वसूल की जाएगी। निवेशकों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने ईडीसी (बाह्य विकास शुल्क) में भी राहत प्रदान की है। हरियाणा सरकार ने साल 2015 में इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पालिसी तैयार की थी, जिसमें 24 मार्च को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधन करने पर सहमति बनी थी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने संशोधित पालिसी का परिपत्र जारी कर दिया है। हरियाणा में औद्योगिक विकास पर जोर नई व्यवस्था के तहत अब प्रकाशित डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत इंडस्ट्रियल जोन के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में भी औद्योगिक कालोनियां स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति कुल नियोजित क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। हरियाणा सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राज्य में उद्योगों के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा। आसान नियम, लागत में पारदर्शिता और राहत के प्रविधानों के चलते अधिक से अधिक निवेशक नये उद्योग लगाने के लिए आगे आएंगे तथा पुराने उद्योगपतियों को राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए लगातार बैठकें कर रही है। राज्य सरकार का यह निर्णय हरियाणा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने में सहयोग प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार के संशोधित फैसले के मुताबिक अब शहरी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक आसान हो जाएगा। पहले केवल सीमित क्षेत्रों में ही उद्योग करने की अनुमति मिलती थी, मगर अब ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन को भी शामिल करने से औद्योगिक विस्तार के नये रास्ते खुलेंगे। एग्रीकल्चर जोन में ढांचागत विकास का खर्च निवेशक से वसूलेगी सरकार हरियाणा सरकार ने पालिसी में एक बड़ा बदलाव एग्रीकल्चर जोन को लेकर किया है। यदि कोई इंडस्ट्रियल लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर से बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है, तो वहां आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत संबंधित डेवलपर को वहन करनी होगी यानी सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं का खर्च सीधे निवेशक से लिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े और विकास जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े। एग्रीकल्चर जोन में लिए इंडस्ट्रियल लाइसेंस के शहरी क्षेत्र में शामिल होने पर ईडीसी माफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल की ओर से जारी संशोधित पालिसी के अऩुसार यदि पहले से एग्रीकल्चर जोन में लिया गया इंडस्ट्रियल लाइसेंस बाद में शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाता है और उस पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, तो उस हिस्से पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी-बाह्य विकास शुल्क) नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जो हिस्सा अभी अधूरा है, उस पर लागू नियमों के अनुसार ईडीसी देना होगा। इससे पुराने निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी और नये निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, सीनियर IPS पर FIR से हड़कंप

जयपुर राजस्थान पुलिस के एक सीनियर आईपीएस अफसर के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ है। जयपुर शहर के मालवीय नगर थाने 29 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर एक महिला के पत्र के आधार पर दर्ज की गई है। महिला ने डाक के जरिए पुलिस थाने पत्र भेजा था। इस पत्र में आरोप लगाया कि आईपीएस किशन सहाय मीणा ने शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया। जयपुर आयुक्तालय की एडिशनल डीसीपी जिज्ञासा इस मामले की जांच कर रही है। मारपीट और धमकी का भी लगया आरोप पीड़िता महिला की उम्र करीब 53 वर्ष है। उसका आरोप है कि आईपीएस किशन सहाय मीणा ने शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। कई दिनों तक शारीरिक संबंध बनाए। बाद में मिलना कम कर दिया। जब शादी के लिए कहा तो मारपीट करने लगा। साथ ही यह धमकी भी देता रहा कि अगर किसी से शिकायत की तो वे उसे जान से मरवा देंगे। मारपीट, धमकी और दुष्कर्म के गंभीर आरोपों के बाद मालवीय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सफाई में यह कहा आईपीएस ने दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद सीनियर आईपीएस किशन सहाय मीणा का कहना है कि एक साजिश के तहत उन्हें फंसाने के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया है। मीणा का कहना है कि वे पिछले दस साल से विज्ञानवाद का प्रचार करते हैं। ऐसे में अंध विश्वास में डूबे लोग विज्ञानवाद को हजम नहीं कर पा रहे। उन्हें बदनाम करने के लिए षड़यंत्र पूर्वक एफआईआर दर्ज कराई है। मीणा ने यह भी कहा कि महिला ने उन्हें कई बार मैसेज किए। चैट से स्पष्ट है कि उसने ब्लैकमेल करने के लिहाज से मुकदमा दर्ज कराया है। कौन हैं आईपीएस किशन सहाय मीणा आईपीएस किशन सहाय मीणा अलवर जिले के रहने वाले हैं। वे राजस्थान पुलिस सेवा में अधिकारी के तौर पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2013 में पदोन्नत होकर आईपीएस बन गए। आईपीएस बनने के बाद वे टोंक जिले के एसपी रहे। जीआरपी और क्राइम ब्रांच में भी एसपी के तौर पर कार्य किया। वर्तमान में वे पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी मानवाधिकार प्रकोष्ठ के पद पर पुलिस मुख्यालय में कार्यरत हैं। लोकसभा चुनाव में बिना सूचना के ड्यूटी छोड़ी, सस्पेंड हुए वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान झारखंड में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। वे झारखंड गए लेकिन बिना सूचना के वापस जयपुर लौट आए। बिना किसी सूचना के ड्यूटी छोड़ने पर चुनाव आयोग ने इसे बड़ी गंभीर लापरवाही माना। चुनाव आयोग की शिकायत के बाद राज्य सरकार ने आईपीएस किशन सहाय मीणा को सस्पेंड कर दिया था। भगवान और धर्म को लेकर उठाए थे सवाल आईपीएस किशन सहाय मीणा पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। अपने फेसबुक पेज पर वे आए दिन पोस्ट करते रहते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने धर्म और भगवान के अस्तित्व को लेकर पोस्ट किया जिससे काफी विवाद हो गया था। उन्होंने लिखा है कि 'धार्मिक अंधविश्वास' जैसे भगवान, अल्लाह, गॉड, वाहेगुरु, फरिश्ते, देवी-देवता, स्वर्ग-नरक, जन्नत-जहन्नुम आदि का सिर्फ एक प्रकार से नहीं बल्कि, बहुत प्रकार से खंडन किया जा सकता है, क्योंकि ये हैं ही नहीं। उनके मुताबिक, 'ये सिर्फ कल्पना मात्र और मनगढ़ंत हैं।' विज्ञान को बताया था तरक्की का रास्ता आईपीएस किशन सहाय मीणा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विज्ञानवाद का प्रचार करते रहे हैं। साथ ही ढोंगी बाबाओं के झांसों से दूर रहने की सलाह भी देते रहते हैं। उनका कहना है कि धर्म और भगवान के भरोसे तरक्की संभव नहीं है। विज्ञान ही तरक्की का सही रास्ता है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि लगभग सभी भारतीयों की प्रबल इच्छा है कि भारत सुपर पावर बने लेकिन यह केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विज्ञानवाद से ही संभव है। धार्मिक-महजबी अंधविश्वास भटकने का मार्ग है जिसे समाज और देश को त्यागना होगा।

सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक विकसित होगा एकीकृत इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मई को इन्दौर में इस परियोजना के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह पहल प्रदेश में अधोसंरचना, उद्योग और शहरी विकास को एकीकृत रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है। मध्यप्रदेश को सुदृढ़ औद्योगिक आधार और आदर्श निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) महत्वपूर्ण साबित होगा। कार्यक्रम में शॉर्ट फिल्म के माध्यम से कॉरिडोर के स्वरूप, संभावनाओं और क्षेत्रीय प्रभावों को दिखाया जाएगा। यह कॉरिडोर इन्दौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच भी अधिक प्रभावी बनेगी। यह परियोजना इन्दौर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स को एकीकृत कर निवेश के लिए एक संगठित और सक्षम वातावरण तैयार करेगी। इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे उत्पादन और वितरण तंत्र अधिक प्रभावी बनेगा और उद्योगों के लिए संचालन की प्रक्रिया सरल होगी। यह परियोजना प्रदेश में निवेश प्रवाह को सुदृढ़ करने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी। परियोजना की प्रमुख विशेषताएं परियोजना के अंतर्गत सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20.28 किलोमीटर लंबाई का मार्ग विकसित किया जा रहा है। लगभग 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में नियोजित विकास का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए कुल 2360 करोड़ रु. की लागत निर्धारित की गई है। अधोसंरचना के तहत 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क तथा उसके दोनों ओर विकसित होने वाला बफर ज़ोन इस कॉरिडोर को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार योग्य बनाएगा। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के बीच प्रभावी कनेक्टिविटी स्थापित करते हुए औद्योगिक परिवहन को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाएगा। साथ ही, यह परियोजना इन्दौर क्षेत्र में संतुलित शहरीकरण और अधोसंरचना आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।  

बिहार म्यूजियम की लोकप्रियता बढ़ी, 10 साल में पहली बार टूटा विज़िटर्स का रिकॉर्ड

पटना राजधानी पटना में स्थित बिहार म्यूजियम ने इस साल पर्यटकों की संख्या के मामले में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। म्यूजियम के उद्घाटन के बाद बीते 10 सालों में यह पहला मौका है, जब महज एक साल के भीतर 5 लाख से अधिक पर्यटकों ने यहां का भ्रमण किया है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अपनी आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन प्रदर्शनी के कारण यह म्यूजियम लोगों की पसंद बनता जा रहा है। पर्यटकों की इस बढ़ती संख्या से राज्य में पर्यटन को भी सकारात्मक बढ़ावा मिल रहा है। कुल आंकड़ा 7 लाख के करीब पहुंचा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 5 लाख से अधिक आम लोगों ने टिकट लेकर बिहार म्यूजियम का दौरा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इस 5 लाख की संख्या में वीआईपी (VIP) मेहमानों के विशेष दौरे और म्यूजियम परिसर में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की भीड़ को भी शामिल कर लिया जाए, तो कुल पर्यटकों का यह आंकड़ा 5 लाख से 7 लाख के बीच पहुंच जाता है। यह पर्यटकों की संख्या पिछले सभी सालों के मुकाबले सबसे अधिक है। प्राचीन कलाकृतियां बनीं मुख्य आकर्षण बिहार राज्य हमेशा से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध रहा है। देश के अन्य राज्यों और विदेश से आने वाले पर्यटक यहां की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को करीब से समझने की इच्छा रखते हैं। बिहार म्यूजियम में बौद्ध धर्म, जैन धर्म, हिंदू धर्म और सिख धर्म से जुड़ी कई प्राचीन और दुर्लभ कलाकृतियां बड़े पैमाने पर मौजूद हैं। आधुनिक तरीके से सुरक्षित रखी गई इन ऐतिहासिक धरोहरों को देखने और अपने इतिहास को जानने के लिए ही पर्यटक इतनी बड़ी संख्या में पटना आ रहे हैं। अपर निदेशक ने बताया बड़ी उपलब्धि इस नई उपलब्धि पर बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि यह बिहार म्यूजियम के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है कि 10 सालों में पहली बार 5 लाख का आंकड़ा पार हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार ऐतिहासिक दृष्टिकोण से हमेशा से समृद्ध रहा है और यहां मौजूद प्राचीन कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि इस साल पर्यटकों का आंकड़ा 5 लाख के पार हो गया है। आधुनिक सुविधाओं ने आम लोगों की दिलचस्पी को काफी बढ़ा दिया है।

बिहार कैबिनेट विस्तार पर मंथन: सम्राट चौधरी की अमित शाह से अहम बैठक आज

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके इस दौरे को लेकर बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। दिल्ली में अमित शाह से होगी मुलाकात दिल्ली पहुंचकर मुख्यमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार कैबिनेट विस्तार को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। रवाना होने से पहले नीतीश से मुलाकात दिल्ली जाने से पहले सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सात सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। कैबिनेट विस्तार पर बनी सहमति के संकेत सूत्रों के मुताबिक, जदयू कोटे के मंत्रियों के नाम पर इस मुलाकात में सहमति बन चुकी है। अब भाजपा कोटे के नामों पर दिल्ली में अंतिम चर्चा होने की संभावना है। दो-तीन दिनों में हो सकता है विस्तार राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री के पटना लौटने के बाद दो से तीन दिनों के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। इसको लेकर तैयारियां लगभग पूरी मानी जा रही हैं। जदयू और भाजपा से नए चेहरे संभव बताया जा रहा है कि जदयू कोटे से तीन नए मंत्री शामिल हो सकते हैं, जबकि कई पुराने चेहरों की वापसी भी संभव है। भाजपा की ओर से भी कुछ नए नामों को मौका मिलने की चर्चा है। सहयोगी दलों की भूमिका भी अहम एनडीए के अन्य घटक दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलेगा। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के कोटे से मंत्री के नाम पर भी जल्द फैसला हो सकता है। राजनीतिक पारा चढ़ा, सबकी नजर फैसले पर मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नई कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलती है।