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महिला शक्ति का परचम: पुलिस ट्रेनिंग में बेटियों ने दिखाई तत्परता और मजबूती, सीएम योगी का बयान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरक्षी प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस मजबूती, तत्परता, समर्पण व अनुशासन का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। अनुशासन व टीमवर्क का उत्कृष्ट भाव सबसे बड़ी ताकत है। इन सबको समाहित करते हुए देश के लिए सर्वोत्कृष्ट योगदान देने की भावना वर्दीधारी बल का सबसे महत्वपूर्ण अंग होती है। प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद के जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आती है। सीएम योगी रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। रिजर्व पुलिस लाइन में हुए आयोजन में सीएम ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी भी ली।  कानून अपराधी के लिए कठोर और नागरिकों के लिए संवेदनशील होना चाहिए सीएम ने प्रशिक्षण पूर्ण कर दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने वाली महिला आरक्षियों को बधाई दी और कहा कि सभी ने लगन व अनुशासन के साथ कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अब आप सबको जनपदों की फील्ड ड्यूटी में जाना है। याद रखिए, कानून अपराधी के लिए जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आरक्षी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल व मूल्यों का उपयोग करते हुए निष्ठा, ईमानदारी व कर्तव्य परायणता से यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।  कई प्रशिक्षण केंद्रों में जाकर देखा, अब बेहतर प्रशिक्षण व सुविधाएं सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों, 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड आयोजित की जा रही है। 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। इस दौरान मैं भी विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में गया और देखा कि प्रशिक्षण व सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं।  हमने यूपी को देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पुलिस के सामने चुनौती व संकट था, लेकिन हमने इसे देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया। हमने 2.18 लाख से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती और 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का प्रमोशन किया। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता महज 3 हजार थी, लेकिन हमने 60244 पुलिस आरक्षियों का प्रशिक्षण यूपी के केंद्रों में ही एक साथ संपन्न किया है, जो 9 वर्ष में अर्जित की गई प्रगति को दर्शाता है।  2017 में टूटे-फूटे बैरक थे, अब 55 जनपदों में हाईराइज भवन सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले पुलिस के बैरक टूटे-फूटे, खपड़ैल व टीनशेड के होते थे, लेकिन अब 55 जनपदों में पुलिस कार्मिकों के बैरक व आवासीय सुविधा के हाईराइज भवन दिखाई देते हैं। प्रशिक्षण केंद्र उत्कृष्ट हो रहे हैं। हर प्रशिक्षु को आधारभूत प्रशिक्षण देने के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया गया। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल भी लांच किया गया। शारीरिक प्रशिक्षण को वैज्ञानिक व आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू किया गया। आउटडोर प्रशिक्षण में पुरानी 303 नॉट राइफल के स्थान पर आधुनिक इंसास व एसएलआर राइफल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।  मिशन कर्मयोगी में यूपी का उत्कृष्ट प्रदर्शन सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी पोर्टल पर 5 विशेष मॉडयूल तैयार किए गए। 32 विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हाल में संचालित साधना सप्ताह में शासकीय कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूर्ण कर यूपी को देश में पहला स्थान दिलवाया है। यूपी पुलिस ने इसमें 28 लाख कोर्स पूरे किए। यूपी पुलिस देश भर के सभी राज्यों-विभागों में चौथे स्थान पर रही है।  यूपी एटीएस को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप दिया जा रहा प्रशिक्षण सीएम योगी ने कहा कि यूपी एटीएस के अधिकारियों व जवानों को एनआईए और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। पुलिस बल को व्यावहारिक दक्षता व सॉफ्ट स्किल पर आधारित विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना के साथ ही पुलिस कर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस की स्थापना की गई है। यहां पुलिस बल को वैज्ञानिक जांच की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  अब अपराधियों में भय, पुलिस का मनोबल ऊंचा सीएम योगी ने कहा कि यूपी पुलिस देश में मॉडल व ‘स्मार्ट’ है। यूपी पुलिस आमजन को सुरक्षा, सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान दे रही है। अब यूपी में दंगे नहीं होते, सत्ता के समानांतर कोई राज नहीं चलता, गुंडा टैक्स व अवैध वसूली भी नहीं होती। अब यूपी में अपराधियों के मन में भय और पुलिस का मनोबल ऊपर है। पहले प्रदेश की छवि अराजकता-अस्थिरता का पर्याय बनी था, लेकिन अब स्पष्ट नीति व साफ नीयत का परिणाम साफ दिखाई देता है। 2017 के पहले की स्थिति बयां करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में दंगे और महीनों कर्फ्यू लगता था। कोई खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता था, लेकिन यूपी पुलिस अब दंगे से पहले ही उसे रोकने में सफल है। अब यूपी में महिला कार्यबल 13 से बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हुआ है। यूपी पुलिस ने खुद को आर्थिक प्रगति की रीढ़ के रूप में भी तैयार किया है। इस कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।  2019-20 से चल रहा ‘मिशन शक्ति’ सीएम योगी ने कहा कि 2019-20 से अनवरत मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए कार्यक्रम बढ़ रहे हैं। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बने हैं। तीन महिला पीएसी बटालियनों (लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी व बदायूं में अवंती बाई लोधी) का गठन किया गया है। तीन अन्य नई बटालियन के गठन की प्रक्रिया को बढ़ाया गया है। 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी परियोजना को लागू किया है।  यूपी पुलिस की बेहतरी के लिए लगातार कार्य … Read more

वैशाली टॉप पर, मधुबनी दूसरे स्थान पर; टॉप-10 जिलों की सूची जारी

पटना बिहार में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। 17 अप्रैल से शुरू हुई जनगणना की प्रक्रिया में अब तक 24 लाख 35 हजार 105 लोगों ने स्व-गणना किया है। भारतीय जनगणना निदेशालय की ओर से टॉप 10 जिलों की सूची भी जारी कर दी है। इसके अनुसार, वैशाली जिला 4,12,716 स्व-गणना के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि मधुबनी 3,97,059 के साथ दूसरे स्थान पर है। सूची में तीसरे स्थान पर खगड़िया (1,28,813), चौथे पर गोपालगंज (1,26,194), पांचवें पर भोजपुर (1,26,113) और छठे स्थान पर पटना (1,25,944) शामिल हैं। औरंगाबाद में 97383, पश्चिम चंपारण में 79722, दरभंगा में 77223 और रोहतास में लोगों ने 66311 स्व-गणना करवाया। सभी 38 जिलों को मिलाकर कुल 24,35,105 लोगों ने स्व-गणना पूरी की है। नगणना निदेशालय की ओर से कहा गया कि 17 अप्रैल से एक मई तक स्व-गणना का काम चलेगा। बिहारवासी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP सत्यापन करके खुद अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। बिहारवासी घर बैठे ही स्व-गणना कर सकते हैं। स्व-गणना करने की अंतिम तिथि एक मई रात 12 बजे तक है। यह प्रक्रिया आसान और पूरी तरह से सुरक्षित है। परिवार के मुखिया के नाम से पंजीकरण करना होगा जनगणना निदेशालय की डायरेक्टर रंजिता ने कहा कि स्व-गणना के लिए परिवार के मुखिया के नाम और किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना होगा। स्व-गणना पूरी होने के बाद नागरिकों को एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा और गणनाकर्मी के घर आने पर उसे दिखाना होगा। यह प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग मोबाइल से अपनी गणना नहीं कर सकते हैं, वह घबराएं नहीं। दो मई से प्रगणक आपके घर आएंगे, वह गणना का काम कर कसते हैं। साथ ही जो लोग बिहार से बाहर रहते हैं वह भी नहीं घबराएं। आपके जिस राज्य में रह रहे हैं वहां जब जनगणना की प्रकिया शुरू होगी तब आप इसमें शामिल हो सकते हैं। आपकी गणना मान्य वैद्य मानी जाएगी। आपके डाटा को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और डिजिटल माध्यम में एन्क्रिप्टेड सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस बार पूरी तरह अलग है जनगणना 2027 जनगणना 2027 के लिए कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाएगा। ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी करेगा। हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग भी किया जाएगा

मुख्यमंत्री सैनी का दावा,81 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद पूरी

चंडीगड़ हरियाणा के किसानों को अगले सीजन से अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार जल्द ही किसान ई-खरीद एप लॉन्च करेगी। इस एप की मदद से किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति व सभी सूचनाएं किसान ई-खरीद एप पर ही उपलब्ध होंगी। इससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। वहीं, अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजा जाएगा ताकि उन्हें ऋण या अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। यह एलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्योरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। पहले ढाई महीने का सीजन होता था, अब 15 दिन का मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई और फसल बेचने का सीजन ढाई महीने का होता था। अब यह सीजन सिमटकर 15 दिन में आ गया है। इससे थोड़ी बहुत परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। अब प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। किसानों को नहीं, सिर्फ विपक्ष को दिक्कत विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय न डिजिटल व्यवस्था थी, न पारदर्शिता थी, न समय पर भुगतान होता था। किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कागजी टोकन बनते थे और भुगतान के लिए हफ्तों, कभी-कभी महीनों का इंतजार करना पड़ता था। बोले-मंडियों में सब व्यवस्थाएं ठीक हैं। किसी भी किसान को दिक्कत नहीं है, सिवाय विपक्ष को।  

स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई ताकत: केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत के 7.19 करोड़ रुपये के सीएसआर कार्यों का किया लोकार्पण

बिलासपुर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत लगभग 7.19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस पहल के तहत एनटीपीसी की सीपत इकाई द्वारा बिलासपुर के दो प्रमुख संस्थानों कुमार साहब स्व श्री दिलीप सिंह जूदेव सुपरस्पेशलिटी एवं सिम्स अस्पताल को अत्याधुनिक उपकरणों एवं सुदृढ़ अधोसंरचना की सौगात प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान लगभग 4.27 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में स्थापित अत्याधुनिक रक्त कोष (ब्लड बैंक), सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशाला, हार्मोन परीक्षण प्रयोगशाला तथा एआई पॉवर्ड माइक्रोस्कोपी का उद्घाटन किया गया। यह रक्त केंद्र छत्तीसगढ़ का अपनी तरह का पहला आधुनिक ब्लड बैंक है, जिसमें विश्वस्तरीय मशीनें स्थापित की गई हैं। इससे जांच और उपचार सेवाएं अधिक सटीक, त्वरित एवं पारदर्शी होंगी। वहीं, सिम्स बिलासपुर में लगभग 2.92 करोड़ रुपये की सीएसआर राशि से क्रय की गई मशीनों का भी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी सीपत और सिम्स के मध्य मशीनों के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान भी हुआ। इस सहायता से सिम्स के लगभग 8 विभागों के लिए 26 आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें उच्च स्तरीय रंगीन डॉप्लर, स्वचालित केमिल्यूमिनेसेंस प्रणाली, उच्च दक्षता तरल क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी), सी-आर्म मशीन, ऑपरेशन टेबल, दंत चिकित्सा कुर्सी, शवगृह फ्रीजर, एमओ2 फ्रैक्शनल लेजर प्रणाली तथा एसीटी मशीन शामिल हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किया गया यह सहयोग छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक ब्लड बैंक और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं से मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा तथा यह पहल जनसेवा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगी। उन्होंने स्व श्री दिलीप कुमार जूदेव को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा से समाज के लिए काम किया,लोगों की सेवा की।  इस अवसर पर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ब्लड बैंक पूर्णतः कंप्यूटरीकृत एवं ऑनलाइन प्रणाली से संचालित होगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों सुनिश्चित होंगी। यहां एकल दाता प्लेटलेट (एसडीपी) की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे कैंसर, डेंगू जैसे गंभीर रोगों के मरीजों को एक ही दाता से प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि एफेरेसिस मशीन, उन्नत सूक्ष्मजीव विज्ञान उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सूक्ष्मदर्शी के माध्यम से ब्लड कैंसर जैसी जटिल बीमारियों की त्वरित और सटीक जांच संभव होगी। यह सुविधा देश के चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध है। सिम्स के डीन श्री रमणेश मूर्ति ने कहा कि एनटीपीसी सीपत के सहयोग से अस्पताल में आधुनिक मशीनों की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे जटिल बीमारियों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा और मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक, बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एनटीपीसी सीपत से परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल, सिम्स अधीक्षक डॉ लखन सिंह, एनटीपीसी के श्री जयप्रकाश सत्यकाम,सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने एनटीपीसी सीपत के सीएसआर कार्यों की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी सीपत द्वारा किया गया यह प्रयास क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

ताराचंडी धाम तक पहुंच रही फूलों की खुशबू, सरकारी मदद की उठी मांग

 गढ़वा जहां भीषण गर्मी और 43 डिग्री के टॉर्चर से आम जनजीवन बेहाल है और खेतों में फसलें दम तोड़ रही हैं, वहीं झारखंड के गढ़वा जिले के एक किसान ने अपनी मेहनत से गुल खिला दिए हैं. मझिआंव नगर पंचायत के पृथ्वी चक्र गढ़ौटा गांव के रहने वाले रमाशंकर माली फूलों की खेती के जरिए न केवल अपनी किस्मत बदल रहे हैं, बल्कि आज पूरे इलाके के लिए मिसाल बन गए हैं. ताराचंडी धाम तक पहुंच रही खुशबू रमाशंकर के खेतों की खुशबू सात समंदर पार तो नहीं, लेकिन पड़ोसी राज्य बिहार के प्रसिद्ध मां ताराचंडी धाम (सासाराम) तक जरूर पहुंच रही है. रमाशंकर ने बताया कि हर दूसरे दिन करीब 400 से 500 गेंदे के फूलों की मालाएं बिहार के सासाराम भेजी जाती हैं. साधन न होने पर रमाशंकर खुद बाइक से सासाराम तक फूल पहुंचाने जाते हैं जिससे कि भक्तों को ताजे फूल मिल सकें. पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई नई राह पारंपरिक खेती छोड़ फूलों की राह चुनने वाले रमाशंकर ने बताते हैं  कि यह मुनाफे का सौदा है. एक बीघा खेत में बीज, खाद और सिंचाई मिलाकर करीब 25,000 रुपये खर्च होते हैं. सीजन के अंत तक करीब 2 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है. गर्मी में फूलों को बचाना बड़ी चुनौती रमाशंकर कहते हैं कि 43 डिग्री तापमान में फूलों को बचाना आसान नहीं है. पौधों को हर दो दिन में सींचना पड़ता है जिससे कि वे मुरझाएं नहीं. सरकारी सहायता की कमी रमाशंकर अपने तीन बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च इसी खेती से चला रहे हैं. हालांकि, उन्हें मलाल है कि इतनी मेहनत के बाद भी अब तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली. इधर क्षेत्र के अन्य किसान और करुआ कला के फूल उत्पादक बृजेश तिवारी भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि गढ़वा को ‘बागवानी मिशन’ से जोड़ा जाए. किसानों का कहना है कि गढ़वा की भौगोलिक स्थिति (बिहार, यूपी और छत्तीसगढ़ की सीमा) इसे फूलों के व्यापार का बड़ा केंद्र बना सकती है, बस जरूरत है तो सरकार के थोड़े से सहयोग की. रामाशंकर का कहना है कि अगर सरकार आर्थिक या तकनीकी मदद दे, तो हम इस काम को और बड़े स्तर पर ले जा सकते हैं. पारंपरिक खेती के मुकाबले फूलों की खेती ने मुझे पहचान और बेहतर आजीविका दी है. 

आबादी के बीच प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भयंकर आग, लोग घर छोड़ने को मजबूर

खन्ना. खन्ना के कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित रिहायशी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के काम में जुट गईं। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं मोहल्ला निवासी शशि वर्धन ने बताया कि आग सुबह करीब 7 से 7:30 बजे के बीच लगी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ है और आसपास घनी आबादी होने के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्थानीय निवासी अवतार मोरिया ने आरोप लगाया कि इलाके में कई फैक्ट्रियां अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मोहल्ला वासियों ने इस संबंध में कई बार नगर काउंसिल को शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी तरफ टेक चंदन एंड सांस फैक्ट्री के मालिक संजय ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड मौके पर काफी देर से पहुंची, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। साथ ही उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्री चलाने के लिए उनके पास सभी जरूरी एनओसी मौजूद हैं। वहीं फायर अफसर दमनप्रीत ने बताया कि उन्हें टेलीफोन के जरिए सूचना मिली थी कि कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित एक फैक्ट्री में आग लगी है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी बनती कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और प्रशासन जांच में जुट गया है।

Durg से चल रहा ऑनलाइन सट्टा गिरोह बेनकाब, 5 आरोपियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भिलाई नगर/दुर्ग. दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गोवा, रायपुर, दुर्ग और अन्य राज्यों से मिलकर संगठित तरीके से काम कर रहा था। खास बात यह है कि पूरा नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किया जा रहा था। सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में एएसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रवार्ता में बताया कि इस कार्रवाई में भिलाई के अमन अली और हुसैन अली को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम गोवा पहुंची और वहां पांच दिनों तक रहकर अन्य मुख्य आरोपियों को पकड़ा गया। राठौर ने बताया कि राहुल रंगवानी (26 वर्ष) जो देवपुरी रायपुर का रहने वाला है, इस गिरोह का मुख्य संचालक था। वह गोवा में बैठकर क्रिक प्लस गेमिंग नाम के ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाता था। वहीं सोविंद यादव उर्फ राजू यादव (26 वर्ष) निवासी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भी गोवा में रहकर इस नेटवर्क को संभालने का काम करता था। गिरोह में हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी थी। संदीप कापसे (25 वर्ष) निवासी गोंदिया (महाराष्ट्र) का काम लोगों से संपर्क बनाना और नेटवर्क को जोड़कर रखना था। वहीं अमन अली (23 वर्ष) निवासी गौतम नगर खुर्सीपार और हुसैन अली (21 वर्ष) निवासी गौतमनगर खुर्सीपार म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल सट्टे के पैसे को इधर-उधर करने में किया जाता था। हर दिन लाखों रुपए का लेनदेन करते थे। शुरुआती जांच में ही रोजाना करीब 10 से 15 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है, जबकि महीने में यह आंकड़ा 4 से 5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता था। 45 बैंक और 76 पासबुक एटीएम कार्ड किया जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान भी जब्त किया है। इसमें 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 1 वाई-फाई राउटर, 5 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड और 2 लाख 70 हजार रुपए नकद शामिल हैं। एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस का कहना है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल सट्टा संचालन में किया जा रहा था।

Swachh Survekshan को लेकर तैयारी तेज, फीडबैक प्रक्रिया शुरू; मई में Delhi से पहुंचेगी केंद्रीय टीम

भोपाल. स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत सिटीजन फीडबैक की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। ऑनलाइन पोर्टल खुलते ही भोपाल को नंबर वन बनाने के लिए नागरिकों ने फीडबैक देना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया शहर की स्वच्छता रैंकिंग निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी, क्योंकि इसी फीडबैक के आधार पर अगले महीने केंद्र सरकार की टीमें भोपाल की जमीनी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने आएंगी। दरअसल, राजधानी में स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सर्वेक्षण के अंतिम चरण मई माह में दिल्ली की टीमें भोपाल आएंगी और सिटीजन फीडबैक के आधार पर शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद देशभर के शहरों का रिजल्ट जारी होगा। हर बार की तरह इस बार भी भोपाल नगर निगम ने नंबर वन का दावा किया है। इसके लिए पब्लिक फीडबैक ज्यादा से ज्यादा चाहिए। फीडबैक के दौरान सफाई व्यवस्था से जुड़े 13 सवालों के जवाब देने होंगे। शनिवार को पब्लिक फीडबैक की साइट खुलते ही महापौर मालती राय, सांसद आलोक शर्मा सहित विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने मोबाइल से फीडबैक दिया। अब शहरवासियों की जिम्मेदारी है कि वह भी अपने भोपाल के लिए वोट करें। सफाई देखने अधिकारी फील्ड में उतरे शहर की सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नगर निगम अधिकारी फील्ड में उतर आए हैं। शनिवार को निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने जोन 19 के इलाकों का जायजा लिया। कमिश्नर ने 106 अधिकारी-कर्मचारियों को नोडल नियक्ति किया है, लेकिन इनमें से 40 ही फील्ड में उतरे। सर्वे में पूछे जा रहे ये प्रश्न क्या आपके घर और दुकान से रोजाना कचरा उठाया जा रहा है? क्या आप कचरा फेंकने से पहले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करते हैं? क्या कचरा उठाने वाला कर्मचारी अलग-अलग तरीके से गाड़ी में डालता है या उठाने-लोड करने के दौरान उसे मिला देता है? क्या आपके इलाके में रोजाना झाडू या फिर सफाई की जाती है? आप अपने इलाके की साफ-सफाई को कैसे रेट करेंगे? इलाके के आसपास कितनी बार लावारिस कूड़े-कचरे के ढेर देखते हैं? स्थानीय प्रशासन मार्केट, बाजार, पार्क, गार्डन या दूसरी जगहों जैसी सार्वजनिक जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखने में कितनी असरदार है? क्या आप लोगों को खुलेआम सार्वजनिक जगहों पर या आसपास शौच करते देखते हैं? आप अपने इलाके के सार्वजनिक शौचालय की सफाई और रख-रखाव से कितने संतुष्ट हैं? क्या आप शहर में वेस्ट मैनेजमेंट के लिए रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल सेंटर के बारे में जानते हैं? जब आपके सीवर या सेप्टिक टैंक को सफाई की जरूरत होती है, तो आप किससे संपर्क करते हैं? स्थानीय अधिकारियों को सफाई से जुड़ीं समस्याएं (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना, साफ-सफाई की कमी) को कैसे बताते हैं? आप शहर की सफाई से संबंधित शिकायतों (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना) पर प्रतिक्रिया को कैसे रेट करेंगे? नागरिकों का फीडबैक जरूरी – भोपाल को स्वच्छता में शीर्ष स्थान दिलाने नागरिकों का फीडबैक जरूरी है। सर्वेक्षण में पूछे जा रहे सवालों के जवाब देकर शहर को नंबर वन बनाने में योगदान दें। यह प्रक्रिया स्वच्छता साख को मजबूती देगी। – मालती राय, महापौर

Burhanpur में कार्रवाई के दौरान बवाल, टीम पर हमला; 4 लोग गंभीर रूप से जख्मी

बुरहानपुर. नेपा नगर रेंज के अंतर्गत कबीर नल से झांझर तक वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने रविवार को वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग का संयुक्त अमला मौके पर पहुंचा। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस बड़े अभियान में निमाड़ अंचल के चारों जिलों से करीब 500 वनकर्मी और पुलिस बल शामिल थे। अतिक्रमण हटाने के लिए 70 से अधिक जेसीबी मशीनों को भी तैनात किया गया था। कार्रवाई की शुरुआत पहले दिन झांझर गांव के पास से की गई। टीम ने जैसे ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों ने विरोध करते हुए अचानक पथराव शुरू कर दिया। स्थिति तेजी से बिगड़ने पर प्रशासनिक अमले को पीछे हटना पड़ा। पथराव की इस घटना में चार लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें दो जेसीबी ऑपरेटर बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए भेजा गया, जिनमें से एक ऑपरेटर को गंभीर चोट आने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पहले दिन बाधित हुआ अभियान अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। हालांकि, विरोध और हिंसक स्थिति के चलते पहले दिन का अभियान बाधित हो गया। चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएंगे अभियान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, साथ ही उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

भामाशाह जयंती पर नीतीश ने दिया संदेश, ‘काम बोलता है’ पर दिया जोर

पटना मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 12 दिन बाद जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अपनी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। नीतीश कुमार के समर्थकों ने जमकर उनके समर्थन में नारेबाजी की। इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार पर बनाए गए गीतों को बजाया। इन गीतों को सुनकर नीतीश कुमार ताली बजाने लगे और मंच पर बैठे लोगों से ताली बजवाई। नीतीश कुमार के साथ दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद थे। भामाशाह जयंती पर नीतीश कुमार के पांच संदेश बताया जा रहा कि रविवार यानी 26 अप्रैल को भामाशाह जयंती पर जदयू दफ्तर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें ही नीतीश कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान जदयू कार्यालय में एक पंपलेट भी बांटा गया। इसमें भामाशाह के परिचय के अलावा नीतीश कुमार का संदेश भी लिखा था। इसमें नीतीश कुमार के हवाले से लिखा गया था कि मैं काम करता हूं, मेरा काम ही बोलता है। राजनीति सेवा के लिए है, मेवा के लिए नहीं। न्याय के साथ विकास यानी हर क्षेत्र और हर तबके का विकास। आधे मन से कोई बड़ा काम नहीं होता है। बिहार को मैं उस ऊंचाई पर ले जाना चाहता हूं, जहां से चाहकर कोई भी नीचे नहीं जा सकता है। निशांत कुमार और मंत्रिमंडल विस्तार पर विजय चौधरी ने क्या कहा? इधर, नीतीश कुमार और अन्य नेताओं की भी जदयू समर्थक निशांत कुमार को भी खोज रहे थे। वह निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग कर रहे थे। कुछ कार्यकर्ता तो उन्हें बिहार का अगला मुख्यमंत्री तक बता रहे थे। इसी बीच डिप्टी सीएम विजय चौधरी से कुछ पत्रकारों और निशांत कुमार और मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल पूछ लिया। उन्होंने कहा कि निशांत पार्टी में आ चुके हैं। वह काफी सक्रिय भी हैं। जदयू की पूरी टीम उन्हें पसंद करती है। मंत्रिमंडल विस्तार पर उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है। एनडीए में सबकुछ ठीक है। जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा।