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अप्रवासी पंजाबियों की समस्याओं का हल: हर माह दो बैठकें करेंगे समाधान की कोशिश

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने विदेशों में बसे पंजाबियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए अहम कदम उठाया है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब हर महीने दो बैठकें आयोजित की जाएंगी।अप्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने चंडीगढ़ में बताया कि हर महीने के दूसरे बुधवार को ऑनलाइन बैठक होगी, जबकि महीने में एक बार डिवीजन स्तर पर बैठक होगी। उन्होंने कहा कि ये बैठकें मालवा-1, मालवा-2, माझा और दोआबा डिवीजनों के अनुसार आयोजित होंगी, जिससे हर क्षेत्र के अप्रवासी भारतीय पंजाबी अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज करवा सकें और उनका समाधान हो सके। ऑनलाइन बैठक के लिए आवेदन निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे और बैठक वाले दिन ही उनका निपटारा किया जाएगा।मंत्री ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अप्रवासी भारतीय पंजाबियों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना है। इस अवसर पर अप्रवासी भारतीय मामलों के सचिव वीएन जाडे, जालंधर के डिवीजनल कमिश्नर और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव रामवीर, विशेष सचिव अप्रवासी भारतीय मामलों की अधिकारी अमनदीप कौर, एडीजीपी अप्रवासी भारतीय मामलों के आरके जायसवाल और एआईजी अजींदर सिंह उपस्थित रहे।

Smart Waste Management: हरियाणा के शहरों में घरों पर लगेंगे RFID टैग, कचरा कलेक्शन ट्रैक होगा

चंडीगढ़. हरियाणा के सभी शहरों में घरों के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जाएंगे। इससे कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों की निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पोर्टल की समीक्षा बैठक में कहा कि रियल-टाइम डेटा लगातार अपडेट होना सुनिश्चित किया जाए ताकि हर स्तर पर निगरानी सुदृढ़ हो सके। पोर्टल के माध्यम से नगर निकायों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। जहां कहीं भी कमियां पाई जाएं, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इस प्रकार का मानिटरिंग सिस्टम विकसित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है जहां ऑनलाइन माध्यम से पूरे प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया। इस पोर्टल पर नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाले वाहनों की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की जाए कि वे अपने घरों के बाहर लगाए गए आरएफआईडी टैग की देखभाल करें। यदि किसी क्षेत्र में घरों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, तो नागरिक तुरंत इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। आरएफआईडी के माध्यम से बिल कैलकुलेशन होगी और कचरा प्रबंधन से जुड़े वेंडर्स द्वारा बिल प्रस्तुत करते ही इसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान होगा, जिससे वेंडर्स को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय म्युनिसिपल कमेटी स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए। कचरा उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और बेहतर प्रथाओं को अपनाकर हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।

Food Safety Action: तरनतारन में डेयरी और फूड आउटलेट्स पर रेड, 6 सैंपल कलेक्ट

तरनतारन. डिप्टी कमिश्नर तरनतारन राहुल और सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. सुखबीर कौर के गाइडेंस में फूड सेफ्टी टीम ‘फूड सेफ्टी फोर्टनाइट’ के तहत बड़े लेवल पर कैंपेन चला रही है। इसी कैंपेन के तहत फूड सेफ्टी टीम ने आज तरनतारन के लोकल और बॉर्डर एरिया-द्रजके, पहलवानके, चेला और दयालपुर में डेयरियों और अलग-अलग फूड आउटलेट्स का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। इस दौरान टीम ने दूध, लड्डू, चिकन और पनीर के 6 सैंपल इकट्ठा किए, जिन्हें टेस्टिंग के लिए खरड़ की लैब में भेज दिया गया है। इंस्पेक्शन के साथ-साथ टीम ने अवेयरनेस कैंपेन भी जारी रखा। इस दौरान सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को दुकानों और डेयरियों में पूरी सफाई रखने की हिदायत दी गई। खाने की चीजों में किसी भी तरह की मिलावट न की जाए। इस्तेमाल किया हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल न किया जाए और बर्तन सही टेम्परेचर पर रखे जाएं। सभी व्यापारियों को अपना फूड रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस पूरा रखना चाहिए। इसके अलावा, टीम ने दयालपुर में एक स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाया, जिसमें लोगों को शुद्ध खाने की चीजो और बाजरे के फायदों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। 

प्रमोशन का नया रास्ता: BSP में जूनियर मैनेजर पद के लिए एग्जाम और इंटरव्यू अनिवार्य

भिलाई नगर. भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) कर्मी जूनियर मैनेजर के पद पर प्रमोशन पाने के लिए 27 अप्रैल से 6 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए प्लांट पोर्टल पर एक लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से चयन होगा। लिखित परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा 2 घंटे की होगी। गैर कार्यपालक से कार्यपालक वर्ग में प्रमोशन के लिए ई जीरो संबंधी परिपत्र सेल मैनेजमेंट ने आज जारी कर दिया। तकनीकी और गैर तकनीकी दोनों कैटेगरी के कर्मियों को प्रमोशन का अवसर मिलेगा। एस 6 व इससे ऊपर ग्रेड के कर्मियों को आवेदन करने की पात्रता होगी। टेक्निकल स्ट्रीम में मिनिमम क्वालिफिकेशन की तीन कैटेगरी है- इंजीनियरिंग व इसके समकक्ष डिग्री, एस 6 या इससे ऊपर ग्रेड में तीन वर्ष की सर्विस पर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इसके समकक्ष या बीएससी, एस 6 या इससे ऊपर ग्रेड में 8 वर्ष की सर्विस पर मैट्रिक या मैट्रिक व आईटीआई या नैक (एनसीवीटी)। नान टेक्निकल स्ट्रीम में कोई भी स्पेसिफिक क्वालिफिकेशन, एस 6 ग्रेड या इससे ऊपर ग्रेड में 3 वर्ष की सर्विस होने पर ग्रेजुएट्स या इसके समकक्ष। आवेदन के बाद फार्म का प्रिंट निकालकर एचआर अधिकारी को जमा करना अनिवार्य है। न्यूनतम बी या इसके समकक्ष रेटिंग हो कर्मियों के पास पिछले तीन वर्षों में न्यूनतम बी या समकक्ष रेटिंग होनी चाहिए। पिछले तीन लगातार वर्षों में से किसी में बी या इसके समकक्ष रेटिंग वाले कर्मियों के आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। लिखित परीक्षा भिलाई इस्पात संयंत्र के आसपास के केन्द्रों में आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र आनलाइन उपलब्ध होगा। इसकी सूचना लिंक पर दी जाएगी। तीन-तीन पेपर देना होगा इंडस्ट्री एंड कम्पनी अवेयरनेस पर 20 प्रश्न, रीजनिंग, डाटा, इंटरप्रिटेशन एंड इंग्लिश काम्पेहेंसिव पर 40 प्रश्न, जनरल प्लांट आपरेशन इंजीनियरिंग में 100 प्रश्न, जनरल फंक्शनल मैनेजमेंट में 100 प्रश्न होंगे। तकनीकी व गैर तकनीकी वर्ग के कर्मियों को इनमें से तीन तीन पेपर देने होंगे। लिखित परीक्षा में प्राप्तांक की मेरिट सूची के आधार पर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। दोनों अंकों के आधार पर चयन सूची बनेगी।

‘आओ मुझे खरीदकर दिखाओ’: भगवंत मान का भाजपा को कड़ा जवाब, AAP में बगावत के बाद चुनौती

चंडीगढ़  राघव चड्ढा की अगुवाई में राज्यसभा के सात सांसदों के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में भगदड़ मच गई है। पूरी पार्टी सहम सी गई है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, 'क्या बीजेपी को पंजाब के बेटे भगवंत मान का चैलेंज स्वीकार है? आओ मुझे खरीदकर दिखाओ।' इससे पहले भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है और उसने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है।' भगवंत मान ने दावा किया कि 'बेअदबी' के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, क्योंकि उसे पंजाब की भावनाओं से गहराई से जुड़े एक मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बार-बार अस्वीकृति का सामना कर चुकी भाजपा ने राज्य और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है तथा धमकी, प्रलोभन और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अगले साल के आरंभ में पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टी छोड़ने वालों और ऐसा कराने वालों की निंदा करते हुए मान ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक आधार की कमी ने उसे ऐसी रणनीति अपनाने के लिए मजबूर किया है तथा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार में दिखाई देने वाले सुधारों ने उसे अस्थिर कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि किसी व्यक्ति से पार्टी बड़ी है, और आप छोड़ने वाले 6-7 लोग पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे गद्दार हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पार्टी के पांच अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले, दिल्ली में प्रेस वार्ता में आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने कहा कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हज यात्रियों को स्वागत, फर्स्ट एड किट के साथ दी सफल यात्रा की शुभकामनाएं

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।              मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की।                   सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।           कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे।

खजुराहो और नौगांव बने सबसे गर्म, ग्वालियर-उज्जैन में लू का अलर्ट, 20 शहरों में हीटवेव की चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों गर्मी का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। सुबह होते ही सूरज की किरणें तीखी हो जाती हैं और जैसे-जैसे दिन बढ़ता है, गर्मी और ज्यादा परेशान करने लगती है। दोपहर के समय हालात ऐसे हो जाते हैं कि बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। ज्यादातर जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। IMD ने ग्वालियर, उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। स्कूलों की छुट्‌टी नहीं, गर्मी से बच्चे परेशान तेज गर्मी के बावजूद भोपाल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित नहीं की गई हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर स्कूल का समय कम जरूर किया गया है, लेकिन बच्चे अब भी दोपहर में ही घर लौटते हैं। इस दौरान उन्हें तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, उज्जैन, रतलाम, धार और अलीराजपुर जैसे जिलों में लू का असर ज्यादा रहेगा। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेज गर्मी बनी रहेगी और तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने का अनुमान है। प्रदेश के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हीटवेव की स्थिति और गंभीर होगी. विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौर स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए. ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. लगातार बढ़ती गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकान के मामले बढ़ सकते हैं. अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।  कहां कितना तापमान, 20 जिलों लू चल रही राज्य के कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है. खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे, जहां तापमान 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया. ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में लू का अलर्ट है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन बेहद अहम हैं. अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो कई जिलों में गंभीर हीटवेव की स्थिति बन सकती है।  हीटवेव का बढ़ता खतरा, लू और तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में हीटवेव और तेज हो सकती है. उत्तर और पश्चिमी मध्य प्रदेश ज्यादा प्रभावित रहेंगे. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए लू चलने की चेतावनी जारी की है. कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।  दोपहर की गर्मी से बचें, ज्‍यादा पानी पीएं  विशेषज्ञों के अनुसार साफ आसमान, तेज धूप और शुष्क हवाएं तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. बारिश या बादलों की कमी से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें. ज्यादा पानी पिएं. हल्के कपड़े पहनें और धूप से बचाव करें।  खजुराहो और नौगांव बने सबसे गर्म शहर प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले में दर्ज की गई है। खजुराहो में तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो 44 डिग्री के करीब है। वहीं नौगांव में 43.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम, सतना, टीकमगढ़, दमोह और मंडला जैसे जिलों में भी पारा 42 डिग्री से ऊपर रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तेज गर्मी बनी हुई है। खजुराहो: 43.9°C नौगांव: 43.5°C रतलाम: 43.2°C बड़े शहरों में-     ग्वालियर: 42.1°C     भोपाल: 41.6°C     इंदौर: 41.2°C     जबलपुर: 42°C     उज्जैन: 41.5°C  

पटना में नीतीश कुमार की सम्राट चौधरी से मुलाकात, डिप्टी सीएम और मुख्य सचिव से भी भेंट

पटना जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके आवास 1-अणे मार्ग पर पहुंचकर मुलाकात की। सम्राट चौधरी के विश्वास मत हासिल करने के बाद नीतीश की उनसे यह पहली मुलाकात थी। राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने बिहार के उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से भी मुलाकात की। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक-अणे मार्ग आवास पर पहुंचे। उन दोनों की की मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। इस मौके पर जेडीयू के नेता राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) भी मौजूद थे। बताया जाता है कि नीतीश की सम्राट चौधरी से यह मुलाकात एक शिष्टाचार भेंट थी। डिप्टी सीएम और चीफ सेक्रेटरी से भी मिले नीतीश बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को बिहार के उप मुख्यमंत्री और जेडीयू के नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव से भी मुलाकात की। इसके अलावा वे बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के आवास भी पहुंचे और उनसे मुलाकात की। सम्राट ने हासिल किया विश्वास मत शुक्रवार को बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल कर लिया। चौधरी ने इस दौरान सदन को संबोधित भी किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सदन में वक्तव्य के बाद अपनी बात कही। सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में तेजस्वी यादव को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि वे किसी 'पाठशाला' से नहीं बल्कि बिहार के 14 करोड़ लोगों के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने हैं। तेजस्वी पर बरसे सम्राट उन्होंने तेजस्वी यादव के कुछ दिन पहले के उस बयान को लेकर यह बात कही जिसमें तेजस्वी ने कहा थी कि बीजेपी के पास योग्य नेता नहीं हैं इसलिए मुख्यमंत्री जो भी बनाएं लालू यादव की पाठशाला का ही निकला हुआ होगा। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी ने राजनीति की शुरुआत लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल से ही की थी। सीएम पद किसी की बपौती नहीं सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी की बपौती नहीं है। तेजस्वी यादव अपनी बपौती से बाहर निकलें। उन्होंने कहा एक व्यक्ति या परिवार की सत्ता नहीं होती। 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद से आज मैं यहां बैठा हूं। मैं नीतीश कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन और चिराग पासवान का आभारी हूं। मैं उपेंद्र कुशवाहा का आभारी हूं। मुझे मांझी जी का आशीर्वाद भी मिला है। तब यहां आकर बैठा हूं। कोई गलतफहमी में नहीं रहे। सम्राट चौधरी ने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती है। कोई पाठशाला से नहीं आता है। मैं तो यहां तक कहता हूं कि अगर लालू प्रसाद यादव का अत्याचार मुझ पर नहीं होता, तो मैं सीएम नहीं होता। नीतीश कुमार जी की इच्छा थी कि सम्राट चौधरी बिहार के सीएम हों, इससे इनकार नहीं करता हूं।  

लक्ष्मी नगर और शकूर बस्ती में आग का कहर, दमकल विभाग ने किया रेस्क्यू

नई दिल्ली दिल्ली में शुक्रवार रात को आगजनी की दो घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पहली घटना लक्ष्मी नगर में हुई, जहां ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग ने कई मकानों को चपेट में ले लिया। वहीं, शकूर बस्ती इलाके में भीषण आग लगने से 100 से अधिक झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में शुक्रवार देर रात को बिजली के एक ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग ने कई आवासीय इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में 14 लोगों को बचाया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, रमेश पार्क स्थित नानक मोटर के पास रात करीब साढ़े 12 बजे आग लगने की सूचना मिली। दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची लेकिन आग जल्द और भड़क गई। आग पर काबू पाने के लिए पानी के सात टैंकर और अन्य अग्निशमन वाहनों को तैनात किया गया। अधिकारी ने बताया कि ट्रांसफार्मर से आग आसपास की तीन इमारतों में फैल गई, जिससे 14 फ्लैट प्रभावित हुए। दमकलकर्मियों ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और प्रभावित फ्लैट में फंसे सभी 14 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। देर रात करीब दो बजे आग पर काबू पा लिया गया, जिसके बाद शीतलन अभियान चलाया गया। आग लगने का सटीक कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। उधर, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के शकूर बस्ती इलाके में भीषण आग लगने से 100 से अधिक झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, आग लगने की सूचना शुक्रवार रात 11 बजकर 14 मिनट पर मिली। उसने बताया कि शुरुआत में दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और करीब दो एकड़ क्षेत्र में फैली आग पर काबू पाने के लिए बाद में और गाड़ियों को भेजा गया। डीएफएस के एक अधिकारी ने कहा कि झुग्गियों में इस्तेमाल अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। आग पर देर रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर काबू पा लिया गया। यह सुनिश्चित करने के लिए शीतलन अभियान जारी है कि आग फिर न भड़के। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।

Higher Education Reform: बिहार में यूनिवर्सिटीज की ग्रेडिंग अब रिसर्च और इनोवेशन पर आधारित

पटना. सामाजिक दायित्व निभाने के लिए राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थान अब पांच-पांच गांव गोद लेंगे। इस संबंध में राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) Syed Ata Hasnain ने ‘उन्नत भारत अभियान’ के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार, 13 विश्वविद्यालय कुल 65 गांव गोद लेंगे, जबकि 250 अंगीभूत महाविद्यालय 1250 गांवों को अपनाएंगे। 1315 गांवों में होंगे विकास कार्य  इस तरह कुल 1315 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्द्धन से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके। 30 मार्च को कुलपतियों की बैठक के बाद राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा द्वारा सभी विश्वविद्यालयों को कार्यवाही रिपोर्ट भेजी गई है। इसके तहत हर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय अपने कार्यक्षेत्र के कम-से-कम पांच गांव गोद लेकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाएंगे। इससे छात्रों में समाज-सेवा की भावना विकसित होगी और शहरी विद्यार्थी ग्रामीण जीवन से परिचित हो सकेंगे। गांवों में छात्रों के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक छात्र गोद लिए गए गांव में एक पौधा लगाएगा।  उनकी देखभाल भी करेगा। इन गांवों की एंट्री ‘समर्थ पोर्टल’ पर दर्ज की जाएगी, जबकि किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग बिहार लोक भवन सचिवालय स्तर से होगी। प्रदर्शन के आधार पर होगी ग्रेडिंग रिपोर्ट में कहा गया है कि अब विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग उनके प्रदर्शन के आधार पर की जाएगी। इसके लिए ग्रेडिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख बनाया जाएगा। मूल्यांकन में प्रोफेसरों की रिसर्च, पेटेंट, प्रोजेक्ट्स, इनोवेशन, पाठ्यक्रम सुधार, टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस, परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक सुधार जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों में डिजिटल व्यवस्था पूरी तरह लागू की जाएगी। इसके तहत भौतिक डिग्रियों और अंकपत्रों को स्कैन कर डिजिटल लॉकर-नैड पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।