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यूपी बना आयुष्मान भारत योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य, एनएचए ने किया सम्मान

आयुष्मान भारत का लाभ देने में यूपी देश में अव्वल, एनएचए ने किया सम्मानित   नेशनल हेल्थ ऑथॉरिटी ने पुणे में आयोजित दो दिवसीय शिविर में किया सम्मानित   प्रदेश को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के उत्कृष्ट संचालन को मिला पुरस्कार   प्रदेश में डिजिटलीकरण और व्यापक नेटवर्क से मरीजों को मिल रही बेहतर सुविधा लखनऊ  योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ शत-प्रतिशत लाभार्थियों को देने एवं धरातल पर उतारने में पूरे देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए नेशनल हेल्थ ऑथॉरिटी (एनएचए) द्वारा पुणे में 17 और 18 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में प्रदेश को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के उत्कृष्ट संचालन के लिए सम्मानित किया गया। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी और साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डिजिटलीकरण की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का नतीजा है। आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों में मिल रही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की सुविधा साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 6,433 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध हैं, जिनमें 3,521 निजी और 2,912 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योगी  ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि इन अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे संस्थान शामिल हैं, जहां एबीडीएम-इनेबेल्ड एचएमआईएस(हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) की सुविधा उपलब्ध है, जिससे मरीजों को डिजिटल और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं। पिछले एक वर्ष में प्रदेश ने उच्च गुणवत्ता वाले अस्पतालों को प्राथमिकता देते हुए सूचीबद्ध करने की नीति अपनाई है।  गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधा हुई बेहतर स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि हाल ही में 100 या उससे अधिक बेड वाले 55 बड़े अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है। इन अस्पतालों के शामिल होने से प्रदेश में द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है, जिससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधा और बेहतर हुई है। योगी सरकार ने केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया है। न्यूरोसर्जरी, नियोनेटल केयर, ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और बर्न मैनेजमेंट जैसी विशेष सेवाओं को प्राथमिकता देकर प्रदेश ने स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ऊंचाई दी है। इन सुविधाओं के विस्तार से उन मरीजों को भी राहत मिली है, जिन्हें पहले इलाज के लिए बड़े शहरों या अन्य प्रदेश का रुख करना पड़ता था। इसका सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है। पहले जहां इन क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब आयुष्मान भारत योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है, बल्कि गरीब और कमजोर वर्गों के लिए इलाज का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

NDPS व भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई करें: हाईकोर्ट का पंजाब सरकार को आदेश

चंडीगढ़. पंजाब सरकार में भ्रष्टाचार और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसे कर्मचारियों और अधिकारियों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाया है। चीफ जस्टिस शील नागू व जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार द्वारा जवाब दाखिल न करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने जुर्माना राशि पीजीआई के पुअर पेशेंट रिलीफ फंड में जमा कराने का आदेश दिया है। साथ ही तीन सप्ताह का समय जवाब दाखिल करने के लिए दिया है। खंडपीठ ने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंता का विषय है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और दोषी करार देकर सजा भी सुनाई जा चुकी है, वे अब भी सरकारी नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया कि ऐसे कर्मचारियों को नौकरी से बाहर क्यों नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि उन उच्च अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है, जिन्होंने दोष सिद्ध होने के बावजूद ऐसे कर्मचारियों को नौकरी में बनाए रखने की सिफारिश की। कोर्ट ने कहा कि उन अधिकारियों की जानकारी दी जाए ताकि उन पर भी कार्रवाई की जा सके। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में ही ऐसे 20 अधिकारी और कर्मचारी हैं जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार और एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं और फिर भी वे सेवा में बने हुए हैं। इनमें से कुछ पर वर्ष 2019 से केस दर्ज हैं लेकिन अब तक उन्हें निलंबित करने पर भी विचार नहीं हुआ। एक क्लर्क को तो एनडीपीएस एक्ट में दोषी करार दिया जा चुका है। बावजूद इसके उसे दोबारा बहाल कर विभाग में नियुक्त कर दिया गया। वह स्वास्थ्य निदेशक के कार्यालय में काम कर रहा है। हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक यह जानकारी पेश करें कि कितने ऐसे अधिकारी और कर्मचारी अब भी सेवा में हैं। उनके खिलाफ कौन कौन से मामले दर्ज हैं और किसकी सिफारिश पर वे नौकरी में बने हुए हैं।

फील्ड ड्यूटी पर खास इंतजाम: प्रगणकों को पहले प्याज और टॉवेल, बाद में नींबू शरबत का इंतजार

गरियाबंद. 43 डिग्री तापमान में फील्ड प्रैक्टिकल पर निकलने से पहले प्रगणकों को लू से बचाने तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने प्याज और टॉवेल भेंट किए. वहीं लौटने पर डिहाइड्रेशन से बचाने नींबू शरबत की भी व्यवस्था की गई. तहसीलदार ने कहा कि बोले यह अभियान जितना महत्वपूर्ण उससे जुड़े एक एक कर्मी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. जनगणना 2027 से पूर्व 1 मई से 30 मई तक होने वाले मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता लाने प्रगणकों को आज देवभोग तहसील में दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल को कराया गया. घोघर और लाटापारा ग्राम में 50-50 प्रगणक इस अभ्यास के लिए पहुंचे थे. गांव में जाने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने अपने टीम में शामिल जनगणना प्रभारी विजय कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुशील अवस्थी, गिरीश चंद्र बेहेरा के साथ मिलकर लाटापारा में प्रगणकों को सफेद टॉवेल और प्याज भेंट किया. निकलने से पहले नाश्ता और लौटने पर निबू शरबत भी पिलाया ताकि कोई भी प्रगणक डिहाइड्रेशन का शिकार न हो. इस नवाचार के जरिए जनगणना अभियान के जिम्मेदार अफसर ने स्वास्थ्य का ख्याल रख प्रगणकों का दिल जीत लिया. इंतजमात देख प्रगणकों के चेहरे खिल गए. प्रगणकों ने इस व्यवस्था के लिए अभियान प्रमुख के प्रति कृतज्ञता जाहिर किया और फील्ड में दोगुने उत्साह के साथ काम करते नजर आए. तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि अभियान के साथ-साथ इससे जुड़े प्रत्येक कर्मी महत्वपूर्ण हैं. 43 डिग्री से ज्यादा तापमान में प्रगणकों को गणना का अभ्यास करना था. तपती दोपहरी में काम के दौरान सेहत न बिगड़े इसका ख्याल हमें रखना है. इसके लिए हमने छोटा सा प्रयास किया है. मई महीने भर चलने वाले इस अभियान में भी पूरी तैयारी के साथ प्रगणकों को मैदान में उतारा जाएगा. पूरे अभियान में मिलेंगे अतरिक्त 25 हजार, एंड्रॉयड 12 वर्जन जरूरी तय गाइडलाइन के मुताबिक, प्रगणकों को पूरे अभियान के लिए 25 हजार का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा ट्रेनिंग अवधि का भी प्रतिदिन 400 रूपये का भुगतान होगा. प्रत्येक प्रगणकों को मोबाइल के जरिए पेपर लेस वर्क करना है. जिसके लिए एंड्रॉयड 12 वर्जन की अनिवार्यता किया गया है. ग्रामीण अंचल में सेवा देने वाले कई प्रगणकों के पास यह वर्जन उपलब्ध नहीं था, ऐसे में उन्हें नए वर्जन का मोबाइल खरीदी करना पड़ रहा है. जारी आदेश के मुताबिक नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रगणकों को 1 हजार जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल कारावास सजा का भी प्रावधान किया गया है.

जशपुर पहुंचे CM साय, आज रात बगिया में ठहरेंगे; दौरे को लेकर बढ़ी हलचल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर दौरे पर रहेंगे. निर्धारित समय के मुताबिक, सीएम दोपहर 12 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और स्टेट प्लेन से जशपुर के लिए रवाना होंगे. दोपहर 1 बजे जशपुर के आगडीह एयर स्ट्रीप में लैंड करेंगे. दोपहर 1:30 करमगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे एक निजी कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद करीब 3 बजे ग्राम ढ़ोढ़ीबाहर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. शाम 6 बजे ग्राम बंदरचुआ में एक शोक कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद बन्दरचूआ से अपने निजी निवास बगिया के लिए होंगे रवाना। आज रात सीएम जशपुर में ही विश्राम करेंगे. नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक का दूसरा दिन प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की उपमुख्यमंत्री अरुण साव समीक्षा कर रहे हैं. आज बैठक का दूसरा दिन है. आज राजधानी में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव मैराथन बैठकें करेंगे. इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की  प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की लेंगे जानकारी। मानसून से पहले निकायों में तैयारी को लेकर समीक्षा की जाएगी. 

सीएम योगी बोले- नौजवान परेशान, किसान हताश, लेकिन टीएमसी तुष्टिकरण में व्यस्त

सीएम योगी की पहली जनसभा नौजवान परेशान, किसान हताश और उद्योग-धंधे चौपट, लेकिन टीएमसी सिर्फ तुष्टिकरण में लगी: सीएम योगी सैंड-कोल-लैंड-कैटल माफिया चूस रहे बंगाल, पर ममता दीदी को सिर्फ जय श्रीराम के नारे से चिढ़: मुख्यमंत्री पिंगला की माटी पर गरजे ‘सनातन के ध्वजवाहक’, भाजपा प्रत्याशियों स्वागता मन्ना व सुवेंदु सामंत को जिताने की अपील पश्चिम मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिलचिलाती धूप में सोमवार को भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। पिंगला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में जनजातीय समुदाय के लोगों समेत सभी का अभिवादन करने के बाद सीएम योगी ने कहा कि बंगाल में नौजवान परेशान, किसान हताश और उद्योग धंधे चौपट हैं,  लेकिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार सिर्फ तुष्टिकरण में लगी है। सैंड, कोल, लैंड व कैटल माफिया बंगाल को चूस रहे हैं, लेकिन ममता दीदी को सिर्फ जय श्रीराम के नारे से चिढ़ है। वह दुर्गा पूजा नहीं करने देतीं, मूर्ति विसर्जन जुलूस को प्रतिबंधित करती हैं। यहां उत्सव से पहले उपद्रव और शोभायात्रा पर पथराव होता है। सीएम ने 2017 के पहले यूपी की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि तब जय श्रीराम कहने पर लाठी-गोली चलती थी,  लेकिन अब रामभक्तों का अभिनंदन होता है। यूपी में अब ‘नो कर्फ्यू-नो दंगा’ है। यूपी माफिया व गुंडा मुक्त है। माफिया की हड्डी-पसली तोड़ने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल होता है।  भगवा माटी पर बोले सीएम- इंडी गठबंधन ने एससी-एसटी के बारे में कभी नहीं सोचा  सीएम योगी ने कहा कि पिंगला का अर्थ है- गेरुआ। यहां की माटी भगवा होने के कारण पिंगला विधानसभा क्षेत्र आध्यात्मिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। बंगाल के किसानों के परिश्रम से यहां की माटी ने सोना उगला है। यह भूमि अपनी उर्वरता से देश का पेट भर रही है। यहां की परंपरा ने भारत की जनजातीय संस्कृति को नई ऊंचाई दी है। पहली बार एक जनजाति की महिला को राष्ट्रपति पद पर बैठने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। कांग्रेस, तृणमूल समेत इंडी गठबंधन ने 60 वर्ष से अधिक तक शासन किया, लेकिन अनुसूचित जाति-जनजाति की उन्नति को लेकर कभी नहीं सोचा। यह लोग बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान करते हैं। बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर उनका अपमान करते हैं। भारत की जनता यह स्वीकार नहीं करेगी।  भ्रष्टाचार व कदाचार में लिप्त सरकार को नहीं स्वीकार करेगी जनता सीएम ने कहा कि इन लोगों का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति जो व्यवहार था, संसद सत्र के दौरान वही व्यवहार तृणमूल, कांग्रेस, डीएमके व सपा का रहा। पीएम मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 में लागू करना चाहते थे, लेकिन इन दलों ने संशोधन को पारित नहीं होने दिया। आधी आबादी, नौजवानों, किसानों, गरीबों का अपमान इनकी फितरत बन चुका है। जनता भ्रष्टाचार व कदाचार में लिप्त ऐसी सरकार को कतई स्वीकार नहीं करेगी।  बंगाल अब तृणमूल की अराजकता से होगा मुक्त  मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरकपुर से निकली चिंगारी ने प्रथम स्वातंत्र्य समर की लौ जलाई थी। राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान इसी धरा से रचे गए। सीएम ने गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आदि राष्ट्रनायकों का नाम लेकर कहा कि बंगाल की धरा ने देश को नेतृत्व दिया, यह आध्यात्मिक भूमि अब तृणमूल की अराजकता से मुक्त होनी चाहिए। बंगाल के लाल नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अपमान कांग्रेस ने किया। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि उन्हें सम्मान मिले। जीतने के बाद भी उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया गया। स्वर्णभूमि बंगाल को कांग्रेस, वामपंथियों और टीएमसी ने बनाया कंगाल  पिंगला से भाजपा प्रत्याशी स्वागता मन्ना व केशपुर से सुवेंदु सामंत के लिए वोट मांगते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल कभी भारत की स्वर्णभूमि कहा जाता था। यह उर्वर धरती है, यहां सब सामर्थ्य था। उद्योग-धंधे थे, प्रतिभाशाली नौजवान, किसानों का परिश्रम, कला-संस्कृति में महिलाओं का नेतृत्व था, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों व टीएमसी ने बंगाल को कंगाल कर दिया। अब बंगाल बेहाल है। 15 वर्ष में 7000 से अधिक बड़े उद्योग, 18000 से अधिक एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं। 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हो गए। आलू, धान, मछली उत्पादन में लगातार गिरावट है। किसानों को उपज का दाम नहीं मिल रहा। अत्याचारियों का उपचार केवल भाजपा सरकार सीएम ने कहा कि 2017 से पहले यूपी की यही हालत थी। किसान, नौजवान सब हताश थे। बहन-बेटी असुरक्षित थीं। त्योहारों से पहले उपद्रव होते थे, जयश्री राम बोलने पर लाठी-गोली चलती थी। लेकिन, 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में अब सड़क पर नमाज नहीं होती। अब वहां जनजातीय समुदाय के लोगों के पास आवास, जमीन है। वनवासी, अनुसूचित जाति व गरीबों को बिना भेदभाव राशन, आवास, जमीन, पेंशन के अलावा उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त हो रही है। यूपी में जाति, पंथ, संप्रदाय, भाषा का भेदभाव नहीं है। यूपी में आइए और ‘सबका साथ-सबका विकास’ का मॉडल देखिए। दंगा, गोकशी करने वाले, वनवासी व जनजातियों की संपत्तियों को हड़पने और अनुसूचित जाति पर अत्याचार करने वाले गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार है।  तुष्टिकरण के कारण गोहत्या, तस्करी व माफिया पर लगाम नहीं कस सकती टीएमसी  सीएम योगी ने कहा कि टीएमसी सरकार बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग की कार्रवाई रोक रही है, लेकिन तुष्टिकरण के कारण गोहत्या, तस्करी, माफिया पर लगाम नहीं कस सकती। 2022 में टीएमसी के गुडों ने जनजातीय समुदाय पर अत्याचार किए थे। 15 साल से ममता दीदी के नेतृत्व में बंगाल की धरती पर अराजकता, गुंडागर्दी, माफियागिरी है। डबल इंजन सरकार बंगाल की धऱती पर गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देगी।

मुख्यमंत्री बोले- जनसेवा सरकार का कर्तव्य, यही रास्ता अपना रही है सरकार

जनसेवा सरकार का कर्तव्य, इसी पथ पर चल रही सरकारः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' में एक-एक फरियादी से मिलकर सुनीं समस्याएं हर जरूरतमंद को योजनाओं के तहत लाभ दिला रही सरकारः सीएम योगी  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में प्रदेश भर से आए फरियादियों से मुलाकात की, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के अंदर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा सरकार का कर्तव्य है और सरकार अपने कर्तव्य पथ पर चलकर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा कर रही है। हर उचित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संकल्पित है।  दर्द लेकर आईं, दुआ देकर गईं  बरेली की रहने वालीं दीप्ति 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना दर्द बयां किया। बताया कि वह किराए के मकान में रहती हैं और ठेला लगाकर जीवनयापन कर रही हैं। आर्थिक विपन्नता के कारण बच्चों के लालन-पालन में काफी परेशानी हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बरेली के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि महिला की समस्या सुनकर पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाते हुए स्थानीय स्तर पर समस्या का त्वरित समाधान कराएं। सीएम की संवेदनशीलता को देखकर दीप्ति की आंखें भर आईं। चेहरे पर खुशी का भाव लिए हुए उन्होंने जाते-जाते मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और उन्हें ढेर सारी दुआएं भी दीं।  आवास की मांग को लेकर पहुंचे लोगों को सीएम ने किया आश्वस्त  'जनता दर्शन' में कुछ लोगों ने आवास की मांग से संबंधित प्रार्थना पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें सुनते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर पात्र व्यक्ति को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध करा रही है। सीएम ने संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को आवेदकों का पत्र भेजते हुए उन्हें निर्देशित किया कि पात्रता के आधार पर इन्हें भी आवास योजना का लाभ दिलाएं। इन लोगों ने भी मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।   अवैध कब्जे, पुलिस से जुड़े मामलों में निर्देश  मुख्यमंत्री के पास कुछ लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर सीएम योगी ने तत्काल एस्टिमेट बनवाकर शासन को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि आप परिजन की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार करेगी। वहीं कुछ अभिभावकों ने आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए बच्चों की पढ़ाई पर चिंता जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी बच्चे का स्कूल नहीं छूटना चाहिए। बच्चे जहां पढ़ रहे हैं, वहीं उनकी शिक्षा जारी रहे, इसके लिए प्रबंधन से वार्ता कर बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए। सीएम ने अवैध कब्जे और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही का संज्ञान लेते हुए इन प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई कराने का निर्देश दिया और कहा कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन समस्या का समाधान कराकर पीड़ितों को संतुष्ट करे।

वाराणसी के मंदिरों और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वालों को अब नहीं होगी सामान खोने की चिंता

वाराणसी के मंदिरों में दर्शन और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वालों को अब अपने सामान के खोने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी  योगी सरकार विश्वनाथ मंदिर और घाट के आसपास लगाएगी डिजिटल लगेज लॉकर  चार साइज़ के 225 डिजिटल लॉकर की होगी सुविधा, मोबाइल से लेकर सूटकेस तक रखा जा सकेगा सुरक्षित  दशाश्वमेध प्लाजा ,गोदौलिया ,टाउन हॉल,और बेनियाबाग पार्किंग में डिजिटल लॉकर लगाया जाना प्रस्तावित है वाराणसी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का दर्शन और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वालों को अब अपने सामान की  चिंता नहीं करनी पड़ेगी, कपड़े हों या मंहगे सामान, इन सबको सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार विश्वनाथ मंदिर और घाट के आसपास डिजिटल लगेज लॉकर लगवाने जा रही है। डिजिटल लॉकर में मोबाइल से लेकर सूटकेस तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। डिजिटल लॉकर के इस्तमाल के लिए डिजटल पेमेंट की सुविधा रहेगी।  डिजिटल भारत की बानगी देखना हो तो इतिहास से भी प्राचीन शहर काशी में आइये। काशी में अब आपको डिजिटल लगेज लॉकर की सुविधा मिलेगी। जहां अपने कीमती सामानों और कपड़ों को रख कर आप बेफिक्र घाटों पर घूम सकेंगे और गंगा स्नान कर काशीपुराधिपति समेत अन्य मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आस-पास और दशाश्वमेध घाट के पास भी डिजिटल लगेज लॉकर की सुविधा जल्द मिलेगी।  नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल लगेज लॉकर की व्यवस्था दशाश्वमेध घाट के पास दशाश्वमेध प्लाजा ,गोदौलिया, टाउन हॉल और बेनियाबाग पार्किंग में डिजिटल लॉकर लगाया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने जानकारी दी कि 225 डिजिटल लॉकर की सुविधा रहेगी जिसमे छोटे, मध्यम ,बड़े और एक्स्ट्रा लार्ज चार तरह के डिजिटल लॉकर उपलब्ध होंगे। इसमें  मोबाइल,छोटे बैग, बड़े और सबसे बड़े लॉकर में दो सूटकेस रखे जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद में किसानों को दी महत्वपूर्ण राहत

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद में किसानों को दी बड़ी राहत फार्मर रजिस्ट्री के बिना भी सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकेंगे किसान सभी जिलाधिकारियों को तत्काल व्यवस्था लागू करने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद में किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने किसानों को हो रही असुविधा के दृष्टिगत बड़ा फ़ैसला लेते हुए घोषणा की कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना भी किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे।  तत्काल व्यवस्था लागू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पूर्व की भांति ही अपना गेहूं बेच सकेंगे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बेतहाशा गर्मी को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, पंखा, छाजन समेत सभी मूलभूत आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।  42 हजार से अधिक किसानों से अब तक 2.38 लाख मीट्रिक टन खरीद खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक, 20 अप्रैल दोपहर 11 बजे तक 42 हजार से अधिक किसानों से 2.38 लाख मीट्रिक टन से गेहूं खरीद की जा चुकी है। गेहूं बिक्री के लिए अब तक 4.77 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी कर लिया है। अब तक प्रदेश में 5400 से अधिक क्रय केंद्र स्थापित कर लिए गए हैं।

आधी आबादी के हक की लड़ाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे भागीदारी

आधी आबादी’के हक की लड़ाई में शामिल होंगे सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रदेशभर में चलेगा अभियान, विपक्ष के रुख पर होगा सीधा प्रहार  ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी लखनऊ 'आधी आबादी' को उसका अधिकार दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मोर्चा संभालेंगे। विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी में प्रस्तावित प्रदर्शन की अगुवाई सीएम योगी करेंगे। उनके निर्देश पर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत राजधानी लखनऊ से हो रही है। इसके जरिए विपक्ष को सीधे जनता के बीच घेरा जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल शामिल रहेगा। इसके साथ ही तय किया गया है कि महिला आरक्षण को “आधी आबादी का अधिकार” के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी। महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़कर इस अभियान को जनांदोलन का रूप दिया जाएगा। ‘आधी आबादी से अन्याय’ को लेकर विपक्ष पर सीधा हमला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्पष्ट संदेश देंगे कि महिला सशक्तीकरण डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है। रैलियों, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से विपक्ष का असली चेहरा जनता के बीच लाया जाएगा। जिन राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध या टालमटोल का रवैया अपनाया, वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं। इसी मुद्दे को लेकर घर-घर संपर्क अभियान भी चलाएंगे। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए समूहों को प्रमुखता से जोड़ा जाएगा अभियान में महिला समूहों को प्रमुखता से जोड़ा जाएगा, ताकि गांव से शहर तक इस मुद्दे को व्यापक समर्थन मिल सके और महिलाओं की भागीदारी बढ़े। यह अभियान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और सशक्तीकरण को केंद्र में रखा जाएगा।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को योगी सरकार से मिली राहत, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत जीरो बैलेंस होने की स्थिति में भी अधिकतम 3 दिन या 200 रुपये तक (2 किलोवाट भार तक) विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगीः एके शर्मा स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला: तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटर पर रोक 5-स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली से उपभोक्ताओं को किया जाएगा सूचित- मंत्री एके शर्मा रविवार और अवकाश में नहीं कटेगा कनेक्शन, मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश- मंत्री एके शर्मा लखनऊ उत्तर प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऊर्जा विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन युद्धस्तर पर प्रयास कर रहा है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है कि जीरो बैलेंस होने की स्थिति में भी अधिकतम 3 दिन या 200 रुपये तक (2 किलोवाट भार तक) विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। ऊर्जा मंत्री ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता हितैषी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये। 45 दिन तक बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कहा कि जहां स्मार्ट मीटर अभी हाल में लगे हैं, वहां लगभग 15 दिन की कन्वर्जन अवधि और उसके बाद 30 दिन यानी कुल 45 दिन तक किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।  रिपोर्ट आने तक पुराने मीटर बदलने की प्रक्रिया पर रोक ऊर्जा मंत्री ने विशेष रूप से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा में निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गठित तकनीकी समिति जब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती और उसकी जांच नहीं हो जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 5-स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके तहत बैलेंस 30 प्रतिशत होने पर पहला, 10 प्रतिशत पर दूसरा, बैलेंस समाप्त होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पूर्व चौथा और डिस्कनेक्शन के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा।  स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित इसके अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में बैलेंस नेगेटिव होने पर भी किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। वहीं ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के ही प्रोफेसर प्रबोध बाजपेयी, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एवं डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और यूपी पावर कारपोरेशन लि. के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को शामिल किया गया है। समिति 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप रिपोर्ट आने तक प्रदेश में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। आगे का निर्णय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। वहीं उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता मार्गदर्शिका (FAQ) जारी की गई है, जिसमें स्मार्ट मीटर से जुड़े लाभ और भ्रांतियों का तथ्यात्मक विवरण दिया गया है। इसके साथ ही सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इन नम्बरों पर शिकायत के लिए कर सकते हैं संपर्क ऊर्जा विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा www.uppcl.org⁠ वेबसाइट और व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मध्यांचल-766-900-3409/पश्चिमांचल-785-980-4803/पूर्वांचल-801-096-8292/दक्षिणांचल-801-095-7826/केस्को-828-783-5233 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों की दैनिक मॉनिटरिंग कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।