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CM सम्राट चौधरी का सख्त संदेश: ‘महिला सुरक्षा से समझौता नहीं’, गांधी मैदान से चेतावनी

पटना. महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा गांधी मैदान में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को केवल अपने परिवार की चिंता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन महागठबंधन के नेता अपने परिवार को सत्ता तक पहुंचाने में लगे हैं। मह‍िलाओं को दिया आश्‍वासन मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, 'आपका भाई सम्राट चौधरी यहां खड़ा है। यदि कोई असुरक्षा की स्थिति पैदा करेगा तो उसे पाताल से भी खोज निकालेंगे, छोड़ेंगे नहीं।' उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि यदि यह बिल लागू होता, तो बिहार में 122 महिलाएं विधायक होतीं। सम्राट चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद और तमिलनाडु के नेता स्टालिन पर भी हमला क‍िया।  विपक्ष के लोग परिवार को बढ़ाने में लगे कहा कि ये सभी अपने-अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने में लगे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं। मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार का अभिभावक भी बताया।इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद विपक्ष जश्न मना रहा है, जो महिलाओं का अपमान है। कार्यक्रम में विधायक ज्योति मांझी ने गीत प्रस्तुत कर आरक्षण का समर्थन किया। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्यसभा सदस्य धर्मशीला गुप्ता, विधायक बेबी कुमारी, गायत्री देवी, छोटी कुमारी, निशा सिंह और कविता पासवान सहित कई नेता उपस्थित थे।

Punjab Update: बेअदबी पर नया कानून और जांच सिस्टम लागू, अब साजिशकर्ताओं पर कसेगा शिकंजा?

अमृतसर. पंजाब में बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जहां ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को मंजूरी दी है, वहीं अब जांच प्रक्रिया को भी और मजबूत बना दिया गया है। कानून लागू होने के बाद पंजाब पुलिस ने इन मामलों की जांच के लिए नई मानक कार्य प्रणाली (SOP) जारी की है, जिसे पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने तैयार किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बेअदबी मामलों में पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस को अब हर मामले में वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी होगी और डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जांच 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी कर अदालत में चालान पेश किया जाए। नई व्यवस्था के तहत सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचना होगा। वहां सबूतों की सुरक्षा के लिए दो स्तर का घेरा बनाया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ न कर सके। धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंगों या अन्य धार्मिक प्रतीकों को केवल अधिकृत धार्मिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही संभाला जाएगा। हर घटना स्थल की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, साथ ही उसका नक्शा भी तैयार किया जाएगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को तुरंत बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। पुलिस केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे की साजिश और मुख्य आरोपी तक पहुंचगी। डिजिटल माध्यमों पर होगी कड़ी नजर डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। भ्रामक संदेश, डीपफेक वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री की जांच के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन और संदिग्ध फंडिंग की भी जांच होगी। यदि आरोपी की मानसिक स्थिति संदिग्ध पाई जाती है, तो विशेषज्ञों के बोर्ड द्वारा उसका परीक्षण कराया जाएगा। इन मामलों की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा सीधे की जाएगी। नए कानून में उम्र कैद तक की सजा का प्रवधान नए कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे मामलों को गैर-जमानती रखा गया है, जिससे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य धार्मिक आस्था और मर्यादा की रक्षा करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Korba Breaking: अधूरे मकान की दीवार ढही, मलबे में दबे दंपति और बच्चा- तीनों घायल

कोरबा. शहर के कपाटमुडा रोड स्थित देर रात एक परिवार पर उस वक्त आफत आ गई, जब मौसम का रुख बदलने से पड़ोस की निर्माणधीन बिल्डिंग की दीवार उनके घर पर गिर गई. हादसे में सो रहे पति-पत्नी और बच्चा मलबे में दब गए. सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं घर में रखे दोपहिया और सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. बीती रात शहर में मौसम का मिजाज बदला, भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत तो मिली, लेकिन एक परिवार पर आफत टूट पड़ी. कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रेम नगर के कपाटमुडा रोड की पूरी घटना है. निर्माणधीन तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक भरभराकर पड़ोस के अजय धनवार के घर पर जा गिरी. जानकारी के मुताबिक, संतोष वर्मा द्वारा बनवाए जा रहे मकान की दीवार गिरने से अजय धनवार, उनकी पत्नी और उनका छोटा बच्चा घर के अंदर सो रहे थे. हादसे के दौरान ईंटों के मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकल और अस्पताल के लिए भेजा. घर के अंदर रखा दोपहिया स्कूटर, बर्तन, बिस्तर और अन्य सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. मकान के भीतर अभी भी ईंटों का मलबा बिखरा पड़ा है.

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, पारा 44°C के पार, भोपाल-रायसेन में बादल और रतलाम में बूंदाबांदी

भोपाल  मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इस बीच छतरपुर के नौगांव में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ, जहां पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं जबलपुर में पिछले तीन वर्षों का तापमान रिकॉर्ड टूट गया है। नौगांव बना सबसे गर्म शहर छतरपुर जिले के नौगांव में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक है। इससे पहले शनिवार को रतलाम में पारा 44 डिग्री तक पहुंचा था। प्रदेश के कई शहरों में 40°C से ऊपर तापमान मंडला में 43.9 डिग्री, खजुराहो में 43.4 डिग्री, उमरिया और सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी और सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, दतिया और रीवा में 42.4 डिग्री तथा धार में 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, रायसेन और बैतूल में आज सोमवार सुबह से बादल छाए हैं। रायसेन में रात में बूंदाबांदी भी हुई। धार जिले में तेज धूप निकली है। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। इससे पहले रतलाम में रविवार रात 12 बजे बूंदाबांदी हुई। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकी। खरगोन में भी रविवार रात 12 बजे तेज बिजली कड़की। 15 मिनट तक बारिश का दौर चला। बड़वानी जिले के मंडवाड़ी निहाली गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरी। इससे किसान सलु बरडे के दो बैलों की मौत हो गई। जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा प्रदेश के बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अप्रैल महीने में पिछले तीन वर्षों का सबसे अधिक तापमान है। इसके अलावा ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, उज्जैन में 41.4 डिग्री और इंदौर में 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में पहली बार 44°C के पार पहुंचा पारा शनिवार को इस सीजन में पहली बार मध्यप्रदेश में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। रतलाम में अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि उमरिया, मंडला, गुना और अन्य कई जिलों में भी तेज गर्मी का असर रहा। 20 अप्रैल का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 20 अप्रैल को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर यह 42 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है। अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। जनजीवन पर असर तेज गर्मी के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लू के कारण पशुधन और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। आगे क्या मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। तापमान ऊंचा बना रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने से हल्की राहत मिल सकती है। एमपी मौसम अपडेट के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम में बदलाव की वजह क्या है? मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से बादल बन रहे हैं। इसी कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादल देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा 23 अप्रैल के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहने की संभावना है। प्रदेश में छतरपुर जिला सबसे गर्म इससे पहले रविवार को पूरा प्रदेश गर्म रहा। छतरपुर के नौगांव में पारा सबसे ज्यादा 44.3 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी के इस सीजन में पहली बार पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा। मंडला प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 43.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह छतरपुर के खजुराहो में 43.4 डिग्री, दतिया, उमरिया-सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी-सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, रीवा में 42.4 डिग्री, धार में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़ और श्योपुर में तापमान 42 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा।  

रायपुर में ट्रैफिक सिग्नल पर शेड का निर्माण, अब धूप और बारिश में प्रतीक्षा करना होगा आरामदायक

रायपुर : ट्रेफिक सिंग्नल में प्रतीक्षा करने वालों को अब तेज धूप व बारिश में नहीं होगी परेशानी चौक.चौराहों में बनेंगे प्रतीक्षा शेड उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन सुभाष ब्लाक सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन विविध 02 स्थानों पर भवनों के निर्माण का किया गया भूमिपूजन     रायपुर  शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रेफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।       कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रेफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।  उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन आमजन को गर्मी, बरसात में नही होगी परेशानी      इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।   उद्योग मंत्री की प्रेरणा से बन रहे प्रतीक्षा शेड  महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।  सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन      उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।      भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

बीजेपी अध्यक्ष ने शोकाकुल मां की मदद की, 1800 किमी दूर नेपाल तक पहुंचाई बेटे की पार्थिव देह

बैतूल मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक मार्मिक घटना घटी। यहां नेपाल के एक युवक की ट्रेन से गिरने से मौत हो गई। युवा बेटे के यूं अचानक दम तोड़ देने से मां का तो कलेजा फट पड़ा। वे मृत बेटे को नेपाल ले जाकर वहीं अंतिम संस्कार करना चाहती थीं पर इतने पैसे ही नहीं थे। स्थानीय विधायक और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को जब यह जानकारी मिली तो उन्होंने शोकाकुल मां की यह इच्छा तुरंत पूरी कर दी। बीजेपी अध्यक्ष ने एंबुलैंस से युवक की पार्थिव देह नेपाल भेजने की व्यवस्था की ​और इसका पूरा खर्च खुद वहन किया। नेपाल के परिवार के साथ 16 अप्रैल को यह दुखद हादसा हुआ था। वहां के रमेश दमाई दुर्घटना का शिकार हो गए। नेपाल के कंचनपुर जिले के भीमदत्त के रहनेवाले रमेश अपने परिवार सहित यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान बैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र में वे चलती ट्रेन से गिर गए। बाजपुर- मलकापुर के पास गिरे रमेश दमाई की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ से टूट पड़ा। परिवार के पास इतने पैसे ही नहीं थे कि वे युवक का शव नेपाल ले जा सकें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 29 वर्षीय रमेश दमाई के अंतिम संस्कार का सवाल उठा। दुखद घटना के बाद परिवार पहले से ही शोकग्रस्त था, ऐसे में स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार बैतूल में ही करने का सुझाव दिया लेकिन मृतक की मां इसपर सहमत नहीं थीं। वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने देश यानि नेपाल में ही करना चाहती थीं। हालांकि इसमें बड़ी अड़चन थी। परिवार के पास इतने पैसे ही नहीं थे कि वे युवक का शव नेपाल ले जा सकें। आर्थिक तंगी के कारण रमेश दमाई के पार्थिव शरीर को उनके देश ले जाना संभव नहीं हो पा रहा था। एक सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल को इसकी सूचना मिली। शोकाकुल मां की सहायता के लिए वे तुरंत आगे आए। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल ने मां की अंतिम इच्छा पूरी करते हुए उनके बेटे की पार्थिव देह को बैतूल से नेपाल तक पहुंचाने की व्यवस्था कर दी। कंचननगर तक पार्थिव देह को सुरक्षित पहुंचाने का पूरा खर्च बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल ने ही उठाया स्वर्गीय रमेश दमाई की पार्थिव देह को एंबुलेंस से नेपाल पहुंचाने का निर्णय लिया गया। शनिवार शाम एंबुलेंस शव लेकर नेपाल के लिए रवाना हुई। बैतूल से लगभग 1800 किलोमीटर दूर नेपाल के कंचननगर तक पार्थिव देह को सुरक्षित पहुंचाने का पूरा खर्च बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल ने ही उठाया। उनकी इस पहल को मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का अनुपम उदाहरण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है विधायक हेमंत खंडेलवाल द्वारा विजय सेवा न्यास के माध्यम से बैतूल में 'शांति वाहन' सेवा का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत जरूरतमंद परिवारों को पार्थिव देह घर तक पहुंचाने की नि:शुल्क सुविधा दी जाती है। जिले में यह सेवा लंबे समय से निरंतर जारी है।

Humanity in Uniform: भिवानी पुलिस ने पेश की मिसाल, सहयोगी की बेटी की शादी में दिए 7 लाख रुपए

चरखी दादरी. अक्सर अनुशासन और सख्त ड्यूटी के लिए पहचाने जाने वाले पुलिसकर्मियों ने मानवता और अटूट दोस्ती का एक ऐसा संदेश दिया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। चरखी दादरी जिले के गांव सांवड़ में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय भावुक और गौरवान्वित क्षणों का गवाह बना। खाकी वर्दी धारी साथियों ने अपने साथी कर्मचारी के घर पहुंचकर उसकी बेटी को अपनी बेटी मानकर सात लाख रुपये से अधिक की राशि कन्यादान स्वरूप भेंट की। वर्ष 1998 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए भिवानी और दादरी जिले के कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने साथी रविंद्र मिंटू शर्मा की पुत्री के विवाह में 7 लाख एक हजार 111 रुपये की राशि कन्यादान स्वरूप भेंट की। इसे क्षेत्र का अब तक का बड़ा और सामूहिक कन्यादान माना जा रहा है। इस अनूठी पहल और सामाजिक कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे कबड्डी खिलाड़ी इंस्पेक्टर रमेश कुमार को सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। रमेश कुमार के कुशल नेतृत्व और इस नेक कार्य के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। इस मुहिम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि उनकी यह एकजुटता केवल ड्यूटी तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 बैच के सभी कर्मचारी, जो भिवानी और दादरी जिले से संबंध रखते हैं, पिछले कई वर्षों से एक परिवार की तरह रह रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि अपने साथियों के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना भी है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि समाज में यह संदेश जाए कि एकजुटता और भाईचारा ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। इस मौके पर इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग व्यक्तिगत स्वार्थों में सिमटते जा रहे हैं, वहीं पुलिसकर्मियों की यह सामूहिक भागीदारी समाज को एकजुटता का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि यह कन्यादान केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उन यादों और उस संघर्ष का सम्मान है जो इन कर्मचारियों ने 1998 से एक साथ साझा किया है।

Cyber Fraud Alert: फगवाड़ा में ठगों का नया जाल, निवेश का झांसा देकर 35 लाख उड़ाए

फगवाड़ा. जिला कपूरथला में मासूम लोगों के साथ इन्वेस्टमेंट के नाम पर शातिर साइबर ठगों द्वारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले निरंतर जारी हैं। जानकारी अनुसार जिला कपूरथला की साइबर क्राइम की पुलिस टीम को अज्ञात साईबर ठगों द्वारा अब एक और लाखों रूपए की बड़ी साईबर ठगी करने की सूचना मिली है। ललित कुमार वासी जिला कपूरथला ने पुलिस को दी शिकायत में खुलासा किया हैं कि उसे इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर अज्ञात साइबर ठगों ने करीब 35,08,931 रुपए की ऑनलाइन साइबर ठगी की हैं। पुलिस ने ललित कुमार की शिकायत पर साइबर क्राईम सेल में बी.एन.एस. की धारा 318(4),319(2) और 66 डी आईटी एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वर्णनयोग्य है कि इससे पूर्व भी फगवाड़ा सहित जिला कपूरथला में बीते 5 दिनों के अंदर करीब 26,82,727 की 2 ऑनलाइन ठगियां होने की सूचना साइबर क्राईम सैल जिला कपूरथला की पुलिस को दी गई है। अभी उक्त मामलों की जहां साईबर सैल की पुलिस द्वारा जांच की ही जा रही है वहीं साईबर ठगों ने एक और लाखों रुपए की बड़ी ठगी को सफलता पूर्वक अंजाम दे दिया है। ऐसे में अब जिला कपूरथला में एक सप्ताह के भीतर 61, 91,658 रुपए की साइबर ठगी के तीन मामले प्रकाश में आ चुके हैं। पुलिस का दावा है कि तीनों मामलों की पुलिस जांच का दौर जारी है।

Ajay Chandrakar Attack: नारी शक्ति वंदन बिल को रोकने के पीछे कांग्रेस-TMC की साजिश!

रायपुर. बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, परिसीमन और नक्सलवाद जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस और टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष ने “षड्यंत्रपूर्वक” लोकसभा में प्रभावित किया, जिससे देशभर की मातृशक्ति में आक्रोश है और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बीजेपी अभियान चलाएगी। अजय चंद्राकर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष ने “षड्यंत्रपूर्वक” लोकसभा में प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और टीएमसी ने मिलकर इस बिल को गिराने का काम किया, जिससे देशभर की मातृशक्ति में आक्रोश है। चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे को अब ग्रासरूट स्तर तक पहुंचाने के लिए बीजेपी अभियान चलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या संतुलन के लिए परिसीमन आवश्यक था, लेकिन इस पर भी राजनीति की जा रही है। बीजेपी चलाएगी व्यापक जनजागरण अभियान चंद्राकर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने के मुद्दे को लेकर बीजेपी व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी ताकि यह संदेश जनता तक पहुंच सके। नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस को घेरा नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 देश के इतिहास में ऐतिहासिक दिन होगा, क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी कार्रवाई हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और देश में नक्सलवाद की जड़ें कांग्रेस शासनकाल की नीतियों और “शोषण आधारित विकास मॉडल” से जुड़ी हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा और कम्युनिस्ट संगठन बने।

सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं को मिलेगा 20 हजार, लेकिन पूरी करनी होगी एक शर्त

पटना  बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब जमीन पर असर दिखाने लगी है. बड़ी संख्या में महिलाओं ने छोटे स्तर पर रोजगार शुरू कर अपनी आय के साधन विकसित किए हैं. हाल ही में किए गए सर्वे से यह संकेत मिला है कि योजना का लाभ धीरे-धीरे व्यापक रूप से सामने आ रहा है. इसको लेकर राज्य सरकार की सहयोगी संस्था जीविका (JEEViKA) की ओर से अब तक करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया जा चुका है. इन महिलाओं को योजना के तहत शुरुआती सहायता के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे. सर्वे के आधार पर यह पता लगाया गया कि कितनी महिलाओं ने इस राशि का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू किया और उनकी स्थिति क्या है।  70 प्रतिशत महिलाओं ने शुरू किया काम जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार उन महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिन्होंने पहले मिली राशि से अपना रोजगार शुरू कर उसे सही तरीके से आगे बढ़ाया है. इस बीच सर्वे के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत लाभुक महिलाओं ने किसी न किसी रूप में अपना काम शुरू कर लिया है. यह आंकड़ा योजना की सफलता को दर्शाता है. जिन महिलाओं का व्यवसाय बेहतर तरीके से चल रहा है, उन्हें जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये दिए जाने की तैयारी है।  किस्तों में मिलती है पूरी सहायता इस योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक मदद दी जाती है. पहली किस्त 10 हजार रुपये की दी जा चुकी है. दूसरी किस्त 20 हजार रुपये की होगी, जिसमें लाभुक को कुछ अंशदान भी करना होगा. इसके बाद तीसरी और चौथी किस्त में क्रमश: 40 हजार और 80 हजार रुपये दिए जाएंगे. अंतिम चरण में 60 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें लाभुक को कोई योगदान नहीं करना होगा. विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता देने का भी प्रावधान है।  किस तरह के रोजगार शुरू किए गए सर्वे में यह भी सामने आया है कि महिलाओं ने अपनी सुविधा और स्थानीय जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार के रोजगार शुरू किए हैं. सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन को अपनाया है, जिसमें गाय, बकरी और मुर्गी पालन प्रमुख हैं. इसके अलावा फल-सब्जी की दुकान, किराना, सिलाई-कढ़ाई, चाय-पकौड़े की दुकान और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय भी बड़ी संख्या में शुरू किए गए हैं।  महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आय में योगदान दें. सर्वे का कार्य पूरा होते ही योग्य लाभुकों को अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हो सके।  महिला सशक्तिकरण के लिए बड़ी पहल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है. बड़ी संख्या में महिलाओं का रोजगार शुरू करना इस योजना की सफलता का संकेत है. आने वाले समय में यदि यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रहती है, तो यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।