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Cyber Fraud Alert: फगवाड़ा में ठगों का नया जाल, निवेश का झांसा देकर 35 लाख उड़ाए

फगवाड़ा. जिला कपूरथला में मासूम लोगों के साथ इन्वेस्टमेंट के नाम पर शातिर साइबर ठगों द्वारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले निरंतर जारी हैं। जानकारी अनुसार जिला कपूरथला की साइबर क्राइम की पुलिस टीम को अज्ञात साईबर ठगों द्वारा अब एक और लाखों रूपए की बड़ी साईबर ठगी करने की सूचना मिली है। ललित कुमार वासी जिला कपूरथला ने पुलिस को दी शिकायत में खुलासा किया हैं कि उसे इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर अज्ञात साइबर ठगों ने करीब 35,08,931 रुपए की ऑनलाइन साइबर ठगी की हैं। पुलिस ने ललित कुमार की शिकायत पर साइबर क्राईम सेल में बी.एन.एस. की धारा 318(4),319(2) और 66 डी आईटी एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वर्णनयोग्य है कि इससे पूर्व भी फगवाड़ा सहित जिला कपूरथला में बीते 5 दिनों के अंदर करीब 26,82,727 की 2 ऑनलाइन ठगियां होने की सूचना साइबर क्राईम सैल जिला कपूरथला की पुलिस को दी गई है। अभी उक्त मामलों की जहां साईबर सैल की पुलिस द्वारा जांच की ही जा रही है वहीं साईबर ठगों ने एक और लाखों रुपए की बड़ी ठगी को सफलता पूर्वक अंजाम दे दिया है। ऐसे में अब जिला कपूरथला में एक सप्ताह के भीतर 61, 91,658 रुपए की साइबर ठगी के तीन मामले प्रकाश में आ चुके हैं। पुलिस का दावा है कि तीनों मामलों की पुलिस जांच का दौर जारी है।

Ajay Chandrakar Attack: नारी शक्ति वंदन बिल को रोकने के पीछे कांग्रेस-TMC की साजिश!

रायपुर. बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, परिसीमन और नक्सलवाद जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस और टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष ने “षड्यंत्रपूर्वक” लोकसभा में प्रभावित किया, जिससे देशभर की मातृशक्ति में आक्रोश है और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बीजेपी अभियान चलाएगी। अजय चंद्राकर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष ने “षड्यंत्रपूर्वक” लोकसभा में प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और टीएमसी ने मिलकर इस बिल को गिराने का काम किया, जिससे देशभर की मातृशक्ति में आक्रोश है। चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे को अब ग्रासरूट स्तर तक पहुंचाने के लिए बीजेपी अभियान चलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या संतुलन के लिए परिसीमन आवश्यक था, लेकिन इस पर भी राजनीति की जा रही है। बीजेपी चलाएगी व्यापक जनजागरण अभियान चंद्राकर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने के मुद्दे को लेकर बीजेपी व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी ताकि यह संदेश जनता तक पहुंच सके। नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस को घेरा नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 देश के इतिहास में ऐतिहासिक दिन होगा, क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी कार्रवाई हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और देश में नक्सलवाद की जड़ें कांग्रेस शासनकाल की नीतियों और “शोषण आधारित विकास मॉडल” से जुड़ी हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा और कम्युनिस्ट संगठन बने।

सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं को मिलेगा 20 हजार, लेकिन पूरी करनी होगी एक शर्त

पटना  बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब जमीन पर असर दिखाने लगी है. बड़ी संख्या में महिलाओं ने छोटे स्तर पर रोजगार शुरू कर अपनी आय के साधन विकसित किए हैं. हाल ही में किए गए सर्वे से यह संकेत मिला है कि योजना का लाभ धीरे-धीरे व्यापक रूप से सामने आ रहा है. इसको लेकर राज्य सरकार की सहयोगी संस्था जीविका (JEEViKA) की ओर से अब तक करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया जा चुका है. इन महिलाओं को योजना के तहत शुरुआती सहायता के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे. सर्वे के आधार पर यह पता लगाया गया कि कितनी महिलाओं ने इस राशि का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू किया और उनकी स्थिति क्या है।  70 प्रतिशत महिलाओं ने शुरू किया काम जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार उन महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिन्होंने पहले मिली राशि से अपना रोजगार शुरू कर उसे सही तरीके से आगे बढ़ाया है. इस बीच सर्वे के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत लाभुक महिलाओं ने किसी न किसी रूप में अपना काम शुरू कर लिया है. यह आंकड़ा योजना की सफलता को दर्शाता है. जिन महिलाओं का व्यवसाय बेहतर तरीके से चल रहा है, उन्हें जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये दिए जाने की तैयारी है।  किस्तों में मिलती है पूरी सहायता इस योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक मदद दी जाती है. पहली किस्त 10 हजार रुपये की दी जा चुकी है. दूसरी किस्त 20 हजार रुपये की होगी, जिसमें लाभुक को कुछ अंशदान भी करना होगा. इसके बाद तीसरी और चौथी किस्त में क्रमश: 40 हजार और 80 हजार रुपये दिए जाएंगे. अंतिम चरण में 60 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें लाभुक को कोई योगदान नहीं करना होगा. विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता देने का भी प्रावधान है।  किस तरह के रोजगार शुरू किए गए सर्वे में यह भी सामने आया है कि महिलाओं ने अपनी सुविधा और स्थानीय जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार के रोजगार शुरू किए हैं. सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन को अपनाया है, जिसमें गाय, बकरी और मुर्गी पालन प्रमुख हैं. इसके अलावा फल-सब्जी की दुकान, किराना, सिलाई-कढ़ाई, चाय-पकौड़े की दुकान और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय भी बड़ी संख्या में शुरू किए गए हैं।  महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आय में योगदान दें. सर्वे का कार्य पूरा होते ही योग्य लाभुकों को अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हो सके।  महिला सशक्तिकरण के लिए बड़ी पहल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है. बड़ी संख्या में महिलाओं का रोजगार शुरू करना इस योजना की सफलता का संकेत है. आने वाले समय में यदि यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रहती है, तो यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। 

बाइक स्टंट के दौरान हुई त्रासदी, ट्रेलर से टकराकर 3 युवकों की मौत

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में रील बनाने का खतरनाक शौक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ. मऊगंज के नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में रील बनाते समय यह हादसा हुआ. घटना का खौफनाक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तीन युवक तेज रफ्तार बाइक पर नजर आ रहे हैं।  दरअसल, मऊगंज थाना क्षेत्र के पन्नी पथरिया स्थित नेशनल हाईवे पर यह हादसा हुआ. दो बाइकों में सवार कुल पांच लोग इसकी चपेट में आ गए. जानकारी के अनुसार, एक पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक तेज रफ्तार में चलते हुए मोबाइल से रील बना रहे थे. इसी दौरान उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े ईंट से लोड ट्रेलर से जा टकराई।  टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक उछलकर दूर जा गिरे और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई. इसी बीच पीछे से आ रही दूसरी बाइक भी उसी खड़े ट्रेलर से भिड़ गई, जिससे उसमें सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।  पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया. सची पाठक ने बताया कि सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।  डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  मृतकों और घायलों की पहचान पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 17 वर्षीय उपलक्ष कोल, 22 वर्षीय अमरीश कोल और 17 वर्षीय हेमराज कोल के रूप में हुई है. तीनों बेला गांव के निवासी थे और लौर थाना क्षेत्र से संबंधित थे।  वहीं, हादसे में घायल हुए दो सगे भाइयों की पहचान प्रशांत द्विवेदी और प्रदीप द्विवेदी के रूप में हुई है, जो चितपुरवा गांव के रहने वाले हैं. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट के कारण तीन लोगों की मौत और दो के घायल होने की पुष्टि हुई है। 

यूपी में 40 आईएएस अफसरों के तबादले, 15 जिलों के डीएम भी बदले गए

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा हेरफेर किया है। सीएम योगी के निर्देश पर देर रात 40 आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। इनमें 15 जिलों के डीएम और 5 जिलों के सीडीओ का भी ट्रांसफर हुआ है। वहीं, परिवहन आयुक्त समेत दो कमिश्नर और 1 प्रमुख सचिव और 4 विशेष सचिव के स्तर पर भी तबादला हुआ है। उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी को झांसी का डीएम, विशेष सचिव ऊर्जा इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का डीएम नियुक्त किया गया है, जबकि सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर भेजा गया है। विशेष सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती का डीएम बनाया गया है।  झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आलोक यादव को शामली का डीएम तथा शामली के डीएम अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। हापुड़ पिलखुआ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नितिन गौड़ को अमरोहा का डीएम बनाया गया है। इसी तरह विशेष सचिव खाद्य एवं रसद अभिषेक गोयल को हमीरपुर का डीएम, निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली का डीएम और अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर का डीएम बनाया गया है। हमीरपुर के डीएम घनश्याम मीणा को उन्नाव, मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी और औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी का डीएम नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव बृजेश कुमार को औरैया का डीएम बनाया गया है।  सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा भेजा गया है, जबकि आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है। प्रबंध निदेशक दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, आगरा नीतीश कुमार को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, आगरा का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। प्रतीक्षारत आईएएस आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त और परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को सचिव माध्यमिक शिक्षा नियुक्त किया गया है। लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार द्वितीय को एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। फतेहपुर के जिलाधिकारी रविंदर सिंह को विशेष सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, निदेशक यूपीनेडा तथा प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बनाया गया है। झांसी के जिलाधिकारी मृदुल चौधरी को विशेष सचिव पर्यटन एवं निदेशक पर्यटन नियुक्त किया गया है। श्रावस्ती के डीएम अश्वनी कुमार पांडे को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर को निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन का निदेशक बनाया गया है। डॉ. राममनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलसचिव अनीता वर्मा सिंह को विशेष सचिव खाद्य एवं रसद विभाग तथा नियंत्रक विधिक बाट-माप नियुक्त किया गया है। सचिन कुमार सिंह (सीडीओ, अमेठी) को अपर निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद बनाया गया है। बसंत अग्रवाल (एडीएम वित्त एवं राजस्व, हाथरस) को निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना (श्रम चिकित्सा सेवाएं) नियुक्त किया गया है। सौम्या पांडे को उक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा, जुनैद अहमद (सीडीओ, झांसी) को अपर श्रमायुक्त, कानपुर नगर, हिमांशु गौतम (सीडीओ, हापुड़) को उपाध्यक्ष झांसी विकास प्राधिकरण और मुकेश चंद्र (सीडीओ, बहराइच) को उपाध्यक्ष हापुड़ पिलखुआ विकास प्राधिकरण बनाया गया है। केशव कुमार (सीडीओ, बदायूं) को डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय का कुलसचिव नियुक्त किया गया है। श्रुति शर्मा संयुक्त मजिस्ट्रेट देवरिया को मुख्य विकास अधिकारी हापुड़, गामिनी सिंगला संयुक्त मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर को मुख्य विकास अधिकारी बदायूं, सुनील कुमार धनवंता संयुक्त मजिस्ट्रेट आजमगढ़ को मुख्य विकास अधिकारी बहराइच, पूजा साहू संयुक्त मजिस्ट्रेट चित्रकूट को मुख्य विकास अधिकारी अमेठी, रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड संयुक्त मजिस्ट्रेट गाजीपुर को मुख्य विकास अधिकारी झांसी की जिम्मेदारी दी गई है।

Urban Transformation: 1 लाख करोड़ की योजना से टियर-2/3 शहरों की बदलेगी तस्वीर

चंडीगढ़. हरियाणा समेत देश के समस्त राज्यों में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने शहरी चुनौती कोष (अर्बन चैलेंज फंड) और क्रेडिट रिपमेंट गारंटी सब-स्कीम (सीआरजीएसएस) की शुरुआत की है। एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष के साथ चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें विशेष फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है। केंद्रीय शहरी, ऊर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल द्वारा लांच किए गए शहरी चुनौती कोष को शहरों के बुनियादी ढांचे के वित्त पोषण में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कोष के जरिये नगर निकायों को म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पीपीपी के माध्यम से संसाधन जुटाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, सीआरजीएसएस के माध्यम से छोटे शहरों को क्रेडिट गारंटी का सहारा मिलेगा, जिससे वे भी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भागीदारी कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि जुड़े। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता वाले इस फंड के माध्यम से केंद्र सरकार चार लाख करोड़ तक के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह फंड पारंपरिक अनुदान प्रणाली से आगे बढ़कर निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण होगा। अब शहरों को केवल फंड देने की बजाय उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत, जवाबदेह और निवेश के लिए तैयार बनाना केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार ‘विकसित भारत 2047’ का सपना इन्हीं शहरों की मजबूती पर निर्भर करता है। कोष की खास बात यह है कि इसमें केंद्रीय सहायता परियोजना लागत के अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित रहेगी, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत फंड म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए जुटाया जाएगा। इससे न केवल वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित होगा बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल आवंटन में से 90 हजार करोड़ रुपये परियोजनाओं के लिए, पांच हजार करोड़ रुपये परियोजना की तैयारी और क्षमता निर्माण के लिए और पांच हजार करोड़ रुपये क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी उप-योजना के लिए निर्धारित किए गए हैं। शहरी चुनौती कोष शहरों में परिवर्तनकारी परियोजनाओं को बढ़ावा देगा, जिनमें पुराने शहरों और बाजारों का पुनर्विकास, शहरी परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, गैर-मोटर चालित परिवहन, जल और स्वच्छता ढांचा तथा जलवायु-लचीला विकास शामिल हैं। इस योजना के तहत केवल वही परियोजनाएं प्राथमिकता में होंगी जो स्केलेबल, प्रभावशाली और वित्तीय रूप से व्यवहार्य (बैंक योग्य) हों, ताकि उनका दीर्घकालिक असर दिखाई दे। इस योजना का प्रमुख स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि निकायों को अपनी वित्तीय क्षमता मजबूत करने, सुधार लागू करने और बाजार आधारित फंडिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी ‘शहरी चुनौती कोष’ वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य भारत के शहरों को नए आर्थिक विकास केंद्रों और भविष्य के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करना है।

पाकिस्तान यात्रा से लौटे श्रद्धालु: बैसाखी पर्व पर गुरुधामों के दर्शन, सकुशल पूरी हुई यात्रा

अमृतसर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से बैसाखी और खालसा साजना दिवस पर पाकिस्तान गए सिख श्रद्धालुओं का जत्था वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत लौट आया है। पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन करके लौटे इस जत्थे में कुल 2238 श्रद्धालु शामिल थे। पाकिस्तान से लौटे श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि उनकी यात्रा बेहद सुखद और शांतिपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि उनको वहां किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई, बल्कि पाकिस्तान सरकार और प्रशासन की ओर से रहने, सुरक्षा और लंगर सहित सभी आवश्यक सुविधाओं का अच्छा प्रबंध किया गया था। श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री डेरा साहिब और श्री करतारपुर साहिब सहित कई पवित्र स्थलों पर माथा टेका। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों सरकारों का धन्यवाद करते हुए अपील की कि धार्मिक यात्राओं के लिए अन्य कॉरिडोर और सुविधाएं बढ़ाई जाएं।

वन भूमि पर कब्जे की कोशिश विफल: जगदलपुर में 14 ग्रामीणों को पुलिस ने दबोचा

जगदलपुर. बस्तर जिले के माचकोट वन परिक्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश को वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाकाम कर दिया है। दो अलग-अलग वन अपराध मामलों में कुल 14 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपी सुकमा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से अंदरूनी जंगल क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई कर जमीन पर कब्जा करने की तैयारी चल रही थी। वन विभाग को लगातार बाहरी लोगों के कुल्हाड़ी लेकर जंगल में घूमने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद विभागीय टीम ने गुप्त निगरानी और रेकी शुरू की। जांच में सामने आया कि एक गिरोह सुनियोजित तरीके से जंगल की भूमि खाली कर कब्जा जमाने की योजना बना रहा था। वन अमले ने मौके पर दबिश देकर 14 लोगों को धर दबोचा। अधिकारियों के मुताबिक गिरोह का सरगना नागेश पहले भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। रिहाई के बाद भी वह ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर फिर अतिक्रमण के लिए ला रहा था। वन विभाग ने पिछले एक वर्ष में 28 से 30 बाहरी लोगों को पकड़कर चेतावनी दी थी। इस बार आरोपियों पर भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग ने साफ किया है कि जंगल की जमीन पर कब्जे की हर कोशिश पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Haryana Police Recruitment Update: प्रेग्नेंट कैंडिडेट्स को राहत नहीं, अब चश्मा पहनने वालों के लिए खुला मौका

चंडीगढ़. हरियाणा में साढ़े पांच हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। पुलिस कॉन्स्टेबल बनने के लिए 3.24 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। सोमवार से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शारीरिक मापदंड परीक्षा (पीएमटी) की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों में भर्ती के नियमों को लेकर कुछ संशय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने गूगल फार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों से सवाल पूछे हैं, जिनमें से कुछ ऐसे चुनींदा सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो समस्त अभ्यर्थियों को दिशा देने का काम करेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सिरसा की सुनीता व लक्ष्मी, भिवानी की मालती देवी, कुरुक्षेत्र की काजल, महेंद्रगढ़ की पिंकी और जींद की मीना के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड परीक्षा में किसी भी गर्भवती महिला को कोई छूट नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में केवल पीएसटी (फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट-शारीरिक जांच परीक्षा) में ही छूट दी जा सकती है। गर्भवती महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ एक अलग सार्वजनिक सूचना पीएसटी से पहले जारी कर दी जाएगी। पीएमटी में उम्मीदवार की लंबाई व छाती (पुरुषों के लिए) समेत विभिन्न शारीरिक मापदंड चेक किए जाते हैं। पीएसटी में उम्मीदवार की दौड़ और शारीरिक क्षमता (फिटनेस टेस्ट) लिया जाता है। पीएमटी की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी हो सकेगी, जबकि पीएसटी की प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े के भीतर किसी भी समय आरंभ हो सकती है। पीएसटी की विस्तृत समय सारणी जल्द होगी जारी रेवाड़ी की प्रियांशु यादव, नूंह के लक्षित व ओमप्रकाश, सोनीपत की एकता, कैथल के विशाल और चुलियाना के अक्षत ने कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से पूछा है कि क्या पीएमटी और पीएसटी एक साथ होंगे। यदि नहीं तो इनके बीच में कितने समय का अंतर होगा। क्या 85 दिनों की अवधि में पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इस सवाल के जवाब में हिम्मत सिंह ने बताया कि पीएमटी का नोटिस जारी किया जा चुका है। पीएसटी इसके बाद आयोजित होगा, जिसकी विस्तृत समय सारणी अलग से जारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि पीएमटी खत्म होने के बाद ही पीएसटी आरंभ होगा। पीएसटी की प्रक्रिया पीएमटी के चलते-चलते भी शुरू की जा सकेगी। एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र जरूरी नूंह के ओमप्रकाश, महेंद्रगढ़ की पूजा और जहांगीरपुर की रेणु ने सवाल पूछा है कि पीएमटी और पीएसटी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इस सवाल के जवाब में आयोग ने कहा है कि पीएमटी-पीएसटी का एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ लाने होंगे। इन दस्तावेजों के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दौड़ के दौरान नहीं मिलेगी स्टाप वाच, स्क्रीन लगेगी हिसार के सुनील, बोलन (हिसार) की दिक्षा, कापड़ो के प्रवीण, महेंद्रगढ़ के रविंद्र और बहादुरगढ़ के प्रदीप कुमार ने सवाल किया कि क्या दौड़ के दौरान स्टाप वाच उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जवाब में कर्मचारी चयन आयोग के चेयमरैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएसटी के दौरान समय रिकॉर्ड आरएफआईडी आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जो कि जर्मन की मशीनों से होगा। अलग से स्टॉप वाच उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी चयन आयोग डिस्पले स्क्रीन लगवाने की कोशिश कर रहा है, जिस पर दौड़ के समय को लाइव देखा जा सकेगा। कोई शिकायत है तो मौके पर मौजूद मिलेगी समिति नरवाना के दर्शन और रेवाड़ी के हरिपाल ने तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या होगा यानी पीएमटी मशीनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास क्या फार्मूला है। इस सवाल के जवाब में चेयरमैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर पूरी तकनीकी व्यवस्था रहेगी। किसी भी समस्या के लिए मौके पर शिकायत समिति मौजूद रहेगी, जिसके पास अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि कोई तकनीकी समस्या नहीं आने वाली है। मेडिकल प्रक्रिया में पास होना जरूरी नूंह के मोहम्मद कैफ और सोनीपत के सरोहा ने पूछा कि क्या चश्मा पहनने वाले अभ्यर्थी दौड़ में भाग ले सकते हैं। इस सवाल पर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएमटी-पीएसटी में चश्मे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु पुलिस के भर्ती नियमों के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा। यदि मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या आती है तो अलग बात है। पीएमटी-पीएसटी के लिए जारी हो चुके निर्देश रोहतक की प्रीति व नितेश, भिवानी के राहुल तंवर व कपिल, नरवाना के मनकीत, कालां के अंकित और हांसी के मनु ने पीएमटी-पीएसटी के लिए ऊंचाई एवं छाती की माप के संबंध में आयोग से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस पर आयोग ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश अलग से जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुरुष कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 170 सेंटीमीटर (आरक्षित 168) और छाती 83 से 87 सेंटीमीटर का प्रविधान है। महिला कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 158 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्ग के लिए 156 सेंटीमीटर है। अब उम्मीदवारों के लिए अगला फोकस पीएमटी पास कर पीएसटी की तैयारी करना है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरी की जाएगी। सिख अभ्यर्थियों के लिए धार्मिक मर्यादाओं का अनुपालन लंबाई, वजन और छाती के मापन से यदि कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होगा तो वह अपील काउंटर पर आवेदन कर दोबारा माप करा सकता है।अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने और विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। जीरकपुर से सुबह पांच बजे से 10 बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी अभ्यर्थी को एनर्जी बूस्टर का सेवन नहीं करना चाहिए। सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उनके मापन के लिए धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था और सिख कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

Weather Update: पंजाब में छाए बादल, गर्मी से मिली राहत, तापमान लुढ़का

पठानकोट. शहर में मौसम ने अचानक करवट ली है। दिनभर तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 18.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कल के मुकाबले अधिकतम तापमान में करीब 1.2 डिग्री की कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे और हवाएं चलने से वातावरण सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका प्रभाव पठानकोट और आसपास के इलाकों पर भी देखा जा रहा है। आने वाले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम के फिर से शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह तेज धूप के बाद दोपहर तक बादलों और सूरज के बीच आंख-मिचौली चलती रही। हल्की हवाओं के कारण लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन उमस बरकरार रही। गर्मी से बचने के लिए लोग दुपट्टे और कपड़ों से मुंह ढककर निकलते नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव ने फिलहाल लोगों को राहत दी है और अब सभी की नजरें संभावित बारिश पर टिकी हैं।