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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में बढ़ाई सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में की सहभागिता पारणोत्सव में मुख्यमंत्री का उपवास, संस्कार और सेवा का संगम का संदेश मोहनखेड़ा महातीर्थ पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, किए दर्शन धार  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अनेक योनियों के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है, जो पंचतत्वों से निर्मित है। इस शरीर को संस्कारित करने के लिए उपवास एक श्रेष्ठ माध्यम है। आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पारणोत्सव के माध्यम से इस जीवन को पुण्य संचयन से जोड़ने का यह अवसर अत्यंत पावन और कल्याणकारी है। ऐसे उत्सवों में सहभागिता से मानव जीवन धन्य हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मोहनखेड़ा महातीर्थ में आयोजित आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) में यह बात कही। आदिराज पारणा महोत्सव (वर्षीतप पारणा महोत्सव) का  भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान 550 से अधिक तपस्वियों का पारणा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे चराचर जगत में सूर्य ऊर्जा का संचार करता है, उसी प्रकार मानव जीवन में गुरुदेव सूर्य के समान मार्गदर्शक होते हैं। जीवन में अनेक प्रकार के भटकाव आते हैं, किन्तु अच्छे और बुरे का अंतर समझाने का कार्य गुरुदेव ही करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव आचार्य राजेन्द्र सूरी जी महाराज के आशीर्वाद से ही सरकार भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मानव अपने संस्कारों को न भूले और आदिकाल से चली आ रही सनातन संस्कृति से जुड़ा रहे। जीवन में पाने से अधिक आनंद देने में है, इसी उद्देश्य के साथ सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचल में गुरुदेव के आगमन से नई चेतना का संचार हो रहा है। गुरुदेव के इंदौर में चातुर्मास आगमन पर राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उनके आशीर्वाद से शासन के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर सामाजिक चेतना के विकास के लिये अनेक कार्य किए जा रहे हैं। गौशालाओं में प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये की गई है। दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गरीबों के जीवन स्तर में सुधार और उनके उत्थान के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध मोहनखेड़ा महातीर्थ में पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन कर दर्शन किए। गच्छाधिपति पूज्य श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब मानव के मन में धर्म का अंश जागृत होता है, तभी वह इस प्रकार के पुण्य आयोजनों में सहभागी बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे प्रदेश सेवा के लक्ष्य को लेकर निरंतर आगे बढ़ें, उनका आशीर्वाद सदैव साथ है। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विरासत के गौरव को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ किसान, महिला, युवा और गरीब वर्ग के कल्याण हेतु सतत कार्य कर रही है। आदिराज पारणा महोत्सव आदिराज पारणा महोत्सव जैन धर्म का एक प्रमुख एवं पवित्र आध्यात्मिक आयोजन है, जो प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की तपस्या की स्मृति में मनाया जाता है। जैन परंपरा के अनुसार, भगवान ऋषभदेव ने 400 दिन की कठोर वर्षीतप साधना पूर्ण करने के उपरांत अक्षय तृतीया के दिन हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस कुमार के हाथ से गन्ने के रस (इक्षुरस) से पारणा किया था। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के निर्वहन में प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का पारणा कराया जाता है, जो आत्मसंयम, त्याग और तपस्या की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, ट्रस्ट अध्यक्ष सूर्य प्रकाश  भंडारी, जैन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश तांतेड, जैन संघ के प्रमुख महेंद्र व्होरा, ट्रस्ट सचिव मुकेश  जैन, नवयुवक परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड़ उपस्थित रहे।  

केजरीवाल दिल्ली HC में फिर होंगे पेश, जज को हटाने की उठाई थी मांग

  नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक बार फिर वर्चुअल रूप से पेश होंगे. केजरीवाल दिल्ली आबकारी नीति मामले में निचली अदालत द्वारा उन्हें और अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज करने के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के दौरान हितों के टकराव (conflict of interest) का मुद्दा एक बार फिर उठाएंगे।  केजरीवाल ने सीबीआई के हलफनामे पर अपना जवाबी हलफनामा पहले ही दाखिल कर दिया है. इसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के साथ हितों के टकराव के मुद्दा फिर से उठाया है।  केजरीवाल का तर्क है कि इस मामले की सुनवाई कर रहीं जज के बच्चे (बेटा ईशान शर्मा और बेटी शंभवी शर्मा) केंद्र सरकार के वकीलों के पैनल में शामिल हैं और उन्हें सरकारी काम मिलता है. उन्होंने इसे हितों का टकराव बताया है।  'जजों को बदनाम करने की कोशिश' वहीं, सीबीआई ने केजरीवाल के इस अतिरिक्त हलफनामे का तीखा विरोध किया है. CBI ने इसे अनावश्यक, जजों को बदनाम करने का प्रयास और न्यायिक इतिहास तथा भविष्य के लिए खतरनाक मिसाल (Dangerous Precedent) करार दिया है।  सीबीआई का कहना है कि अगर केजरीवाल की इस दलील को स्वीकार कर लिया गया तो केंद्र सरकार से जुड़े किसी भी मामले में लगभग कोई भी जज सुनवाई नहीं कर पाएगा, क्योंकि जजों के रिश्तेदार अक्सर सरकारी पैनल में वकील होते हैं. CBI ने इसे न्यायपालिका पर अनुचित हमला बताया है।  हालांकि, कोर्ट ने पिछला जवाब रिकॉर्ड लेने से इनकार किया था. अब केजरीवाल सोमवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के इजलास में पेश होकर अपना जवाब रिकॉर्ड पर लेने के लिए अपील करेंगे।  दरअसल, केजरीवाल ने 14 अप्रैल के अपने अतिरिक्त हलफनामे में दावा किया है कि जस्टिस शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में वकील हैं. आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जज के बेटे को साल 2023 में 2487, साल 2024 में 1784 और साल 2025 में 1633 केस आवंटित किए गए. केजरीवाल का तर्क है कि ये सीधा हितों का टकराव है, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल इस मामले में सीबीआई की ओर से पेश हो रहे हैं।  AAP ने किया विरोध वहीं, अदालत के बाहर आम आदमी पार्टी ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी ने सवाल उठाया है कि आखिर उनके नेता का जवाब बार-बार रिकॉर्ड पर क्यों नहीं लिया जा रहा है. केजरीवाल ने 13 अप्रैल को भी जज के सुनवाई करने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि जस्टिस शर्मा ने पहले उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका और मनीष सिसोदिया व के कविता की जमानत अर्जियां खारिज कर दी थीं।  क्या है मामला आपको बता दें कि ये पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में केजरीवाल और सिसोदिया को डिस्चार्ज कर दिया था. निचली अदालत ने कहा था कि सीबीआई का मामला न्यायिक जांच में टिकने के लायक नहीं है और पूरी तरह से बदनाम हो चुका है. इसी आदेश के खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। 

रायपुर : माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब

रायपुर : माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब रिसॉर्ट और ओपन रेस्टोरेंट से बढ़ेगा पर्यटन और आजीविका के साधन : मंत्री केदार कश्यप रायपुर कोण्डागांव जिले के पुसपाल क्षेत्र से माओवाद खत्म होने के बाद अब विकास की नई तस्वीर उभर रही है। वर्षों तक प्रभावित रहने के कारण जहां पर्यटन गतिविधियां ठप थीं, वहीं अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है और पर्यटन की संभावनाएं फिर से जीवंत हो गई हैं। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राम परौदा में लगभग एक करोड़ 45 लाख 96 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ईको-टूरिज्म रिसॉर्ट का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही पुसपाल क्षेत्र में ही एक करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से नदी तट पर बनने वाले ओपन रेस्टोरेंट का भी भूमिपूजन किया। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि पुसपाल को विकसित करने का उद्देश्य कोण्डागांव–बस्तर ईको-टूरिज्म सर्किट को मजबूत बनाना है। अभी तक पर्यटक टाटामारी और चित्रकूट तक ही सीमित रहते थे, लेकिन अब पुसपाल में नई गतिविधियां शुरू होने से पर्यटन का दायरा भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि यहां भंवरडीह नदी में एटीवी राइड, एडवेंचर स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग और बांस राफ्टिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। साथ ही पुसपाल वैली में व्यू पॉइंट से सूर्यास्त का अद्भुत नजारा देखने के साथ पर्यटक ईको-कॉटेज में रात्रि में सितारों से भरे आकाश का आनंद लेते हुए विश्राम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ईको-टूरिज्म के विकास से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र की संस्कृति को देश-विदेश में पहचान मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों को संग्रहण कार्ड भी वितरित किए गए। मंत्री कश्यप ने संग्राहकों से अपील की कि वे अधिक मात्रा में और अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता संग्रह करें, ताकि उन्हें बेहतर मूल्य और बोनस का लाभ मिल सके। अंत में वन विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने, उनकी सुरक्षा करने और अवैध अतिक्रमण रोकने में सहयोग की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

बटाला में सेफ प्लांट के तहत फायर सेफ्टी एक्सरसाइज कैंप लगाया गया

बटाला.  नेशनल फायर सेफ्टी वीक के दौरान, फायर ब्रिगेड बटाला ने चड्ढा शुगर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड: कीड़ी अफगाना और वेरका कैटल फीड प्लांट घनीये के बांगर में प्लांट फायर सेफ्टी और मोल ड्रिल की। ​​इन एक्सरसाइज कैंप में फायर स्टेशन इंचार्ज नीरज शर्मा की लीडरशिप में फायर ऑफिसर राकेश शर्मा, हरबख्श सिंह सिविल डिफेंस, फायर टेंडर/फाइटर समेत सभी स्टाफ और वर्कर मौजूद थे। फायर ऑफिसर राकेश शर्मा और हरबख्श सिंह सिविल डिफेंस ने बताया कि इन कैंप में मॉक फायर ड्रिल के दौरान इमरजेंसी अलार्म बजाकर सभी को अलर्ट किया गया और सभी लोग सुरक्षित जगह पर इकट्ठा हुए। इसी बीच, एक फायर टेंडर बुलाया गया और फायर फाइटर्स ने आग पर काबू पाया। जो वर्कर किसी वजह से अंदर फंस गए थे, उन्हें वर्करों द्वारा तैयार की गई फर्स्ट एड, रेस्क्यू और एम्बुलेंस टीमों ने सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद बताया गया कि अपनी सेफ्टी के लिए काम करते समय कभी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक्सीडेंट की वजह छोटी से बड़ी हो सकती है। वर्कर्स को फायर एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल करने की प्रैक्टिस भी कराई गई। अगर कोई अनहोनी होती है, तो बटाला कंट्रोल रूम नंबर 91157-96801 पर लोकल फायर ब्रिगेड को इन्फॉर्म करें। प्लांट फायर सेफ्टी (या सेफ्टी ऑफिसर) को इंडस्ट्रियल नियमों का पालन पक्का करना चाहिए, जिससे खतरों से बचा जा सके।

कृषि विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल को अक्ती तिहार, मंत्री नेताम करेंगे मिट्टी और बीजों की पूजा

कृषि विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल को मनाया जाएगा अक्ती तिहार, मंत्री नेताम करेंगे मिट्टी और बीजों की पूजा किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा  सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं अनुदेशन प्रक्षेत्रों में भी होगा अक्ती तिहार का आयोजन  रायपुर  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अक्षय तृतीया के अवसर पर कल ‘‘अक्ती तिहार’’ का आयोजन किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के पास स्थित प्रक्षेत्र में प्रातः 10ः30 बजे से आयोजित राज्य स्तरीय अक्ती तिहार समारोह के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम होंगे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। अक्षय तृतीया के अवसर पर धरती माता एवं बीजों की पूजा-अर्चना कर बीज बुआई का कार्य प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा। कृषि मंत्री नेताम द्वारा प्रगतिशील कृषकों को कृषि आदान सामग्री का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर किसानों के लिए नवीन बीज बुआई तकनीकी एवं कृषि में ड्रोन का उपयोग तकनीक का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंन्द्र रायपुर द्वारा इस अवसर पर “रासायनिक उर्वरकों का विकल्प” विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। अक्ती तिहार का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रां एवं अनुसंधान केन्द्रों में भी किया जाएगा।  उल्लेखनीय है कि अक्ती तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और कृषि संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो अक्षय तृतीया के शुभ दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि हमारे कृषक जीवन की नई शुरूआत का प्रतीक है। इस दिन से खेती के नए कार्यों का शुभारंभ होता है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अच्छी फसल की कामना करने का अवसर प्रदान करता है। अक्ती तिहार के अवसर पर गांवों में सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। ग्राम बैगा द्वारा ठाकुर देव की पूजा कर धान चढ़ाया जाता है जो हमारी पारंपरिक आस्था और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। किसान भाई अपने घरों से धान लाकर उसका एक भाग अपनी कोठी में मिलाते हैं और शेष भाग खेतों में पूजन के साथ बुआई की शुरूआत के रूप में अर्पित करते हैं। यह परंपरा कृषि कार्य की शुभ शुरूआत का संकेत देती है।

राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बेटियों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार जिले के सिरसोदिया में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 400 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने नव-दंपत्तियों पर पुष्पवर्षा कर दिया आशीर्वाद धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की बेटियों के सशक्तिकरण और उनके उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह संकल्पित है। सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल और सहयोग के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धार जिले के ग्राम सिरसोदिया में 'मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना' के अंतर्गत आयोजित भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक आधार  मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले की यह पावन धरा भगवान कृष्ण एवं माता रुक्मणी की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ी है, जिससे इस मांगलिक आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि विवाह हमारी गौरवशाली संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी और समाज का आधार है। प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ एक सच्चे मित्र की तरह हमेशा खड़ी है। अभिभावक के रूप में निभाई भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं अभिभावक का दायित्व निभाते हुए सभी 400 नव-विवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें सुखद एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।         मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेरा यह सौभाग्य है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के विवाह में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। भारतीय संस्कृति में विवाह एक श्रेष्ठ और पवित्र संस्कार है यह 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है जिसे "पाणिग्रहण संस्कार"भी कहा जाता है। सरकार की इस योजना के माध्यम से उन सभी गरीब अभिभावकों की इस चिंता को खत्म किया है।जिससे वे बेटियों की शादी को बोझ नहीं वरदान समझे।  इस योजना के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों को उनकी बेटियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता की जाती है। नवविवाहित जोड़ों को 49 हजार रूपए की राशि का अर्थिक सहयोग दिया जाता है। क्षेत्रीय विधायक कालुसिंह ठाकुर, प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि,वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।  

श्री अकाल तख्त ही अकाली दल की नई शुरुआत का केंद्र — करनैल सिंह पीरमोहम्मद का बड़ा बयान

तरनतारन. शिरोमणि अकाली दल की मौजूदा हालत और पार्टी के लगातार गिरते पॉलिटिकल ग्राफ पर गहरी चिंता जताते हुए शिरोमणि अकाली दल (पुनर् सुरजीत) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट करनैल सिंह पीरमोहम्मद ने शिरोमणि अकाली दल बादल पार्टी के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल को कड़ी सलाह दी है। उन्होंने साफ किया कि गलत सलाहकारों के बहकावे में आकर स्वर्गीय जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा जैसे दिग्गज टकसाली नेताओं के परिवारों को नजरअंदाज करना पार्टी के लिए पॉलिटिकल सुसाइड साबित होगा। पीरमोहम्मद ने कहा कि अकाली गुटों की एकता को मजबूत करने और पंथिक एकता को फिर से कायम करने का एकमात्र तरीका श्री अकाल तख्त साहिब की सुप्रीमेसी के लिए खुद को समर्पित करना है। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल को अच्छी सलाह देते हुए कहा कि पार्टी के आगे के फैसले श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पण के साथ लिए जाने चाहिए और पोस्ट बांटते समय 2 दिसंबर के हुक्मनामे को मुख्य आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने साफ इशारा किया कि सिर्फ राजनीतिक जोड़-तोड़ और पोस्ट बांटने से पार्टी मजबूत नहीं होगी, बल्कि हर वर्कर और टकसाली लीडर को यह एहसास कराना होगा कि पार्टी में उनका मान-सम्मान सुरक्षित है।  गलत सलाहकारों की चालों में फंसकर लिए गए फैसलों ने हमारी ताकत बिखेर दी है और पंथक रैंकों में भारी निराशा पैदा कर दी है। अपनी लीडरशिप को आत्मचिंतन की सलाह देते हुए पीरमोहम्मद ने कहा कि आज समय आ गया है कि हम निजी फायदे छोड़कर श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मों को सबसे ऊपर मानें। इसी में पंथ के उत्थान और अकाली दल के फिर से खड़े होने का राज छिपा है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (पुनर् सुरजीत) ने पहल करते हुए आठ सदस्यों वाली 'एकता कमेटी' बनाई है, जो श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित पंथिक संगठनों के साथ तालमेल करके पंथिक एकता के विचार को पूरा करेगी।

बाल आयोग का बड़ा कदम, ‘सार्थक अभियान’ से बच्चों के भविष्य को मिलेगा नया बल

सार्थक अभियान’ को मिला बल, बच्चों के भविष्य के लिए बाल आयोग का बड़ा कदम अरुण साव जी की मानवीय संवेदनशीलता पर आभार उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी के सहयोग से जूडो खिलाड़ी रंजीता को मिलेगी मदद आयोग अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा की "सार्थक" पहल रंग लाई  रायपुर माननीय उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी से छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने भेंट की । उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा कु रंजीता कुरैठी के बारे में बताया कि उसने जूडो में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीते हैं और भारतीय दल में शामिल रही है । डॉ वर्णिका शर्मा ने माननीय अरुण साव जी को बताया कि इस बच्ची को प्रशिक्षण हेतु जापान भेजने और मासिक रूप से अतिरिक्त पोषक आहार के लिए राशि की जरूरत है । माननीय अरुण साव उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने फौरन अपनी संवेदनशीलता दिखाई और बच्ची से तुरंत वीडियो कॉल पर बात की । उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था के निर्देश दिए । डॉ वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आरम्भ किए गए सार्थक अभियान के तहत पिछले बाल देखरेख संस्थाओं को छोड़कर जाने वाले अट्ठारह वर्ष की आयु के बालक बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए आयोग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इसी कड़ी में ये प्रयास भी शामिल है । डॉ वर्णिका शर्मा ने आयोग की ओर से माननीय उपमुख्यमंत्री जी की इस सार्थक और संवेदनशील  पहल के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है । इस अवसर पर डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्चों के खेल मैदानों को सुरक्षित करने ,आवारा कुत्तों से बच्चों के बचाव और नगरीय क्षेत्र में खुले गड्ढे के चारों ओर बाड़ी लगाकर बच्चों को बचाने के संबंध में भी बातचीत की । उपमुख्यमंत्री जी ने इन विषयों को तत्काल आगामी विभागीय बैठक में शामिल करते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत उज्जैन शहर में निरंतर किए जा रहे हैं विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 18 करोड़ रुपए की लागत की सड़क का किया लोकार्पण उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत उज्जैन शहर में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में आज एक और सौगात शहरवासियों को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी नागरिकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान 18 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित कोठी रोड संकुल से देवास रोड और विक्रम नगर तक मार्ग चौडीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोकार्पण के बाद मार्ग पर चलकर यहां किए गए विकास कार्यों का अवलोकन किया तथा स्थानीय जनता से भी भेंट की। लोकार्पण के दौरान वेद पाठी बटुकों के द्वारा मंत्रोच्चार और स्वस्ती वाचन किया गया। साथ ही कलापथक दल द्वारा आकर्षक प्रस्तुति और झांझ मंजिरे और डमरु वादन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी इस अवसर पर डमरु वादन किया गया। इस अवसर पर महापौर मुकेश टटवाल, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संजय अग्रवाल, एमआईसी सदस्य शिवेन्द्र तिवारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि उक्त विकास कार्य नगर निगम के द्वारा किया गया है। लगभग 02 कि.मी. लंबा यह मार्ग देवास रोड़ से कोठी लिंक रोड़ होता हुआ विक्रम नगर की तरफ मिलेगा। यहां पर मार्ग के बीच में और दोनों तरफ पौधारोपण और आकर्षक विद्युत साज सज्जा की गई है। साथ ही मार्ग के दोनों तरफ सुबह और शाम की पैदल सैर करने के लिए पेवर ब्लाक भी बनाए गए हैं। इससे सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यातायात भी सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। इस मार्ग से जिला न्यायालय परिसर और अन्य प्रमुख कार्यालयों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। जिससे आमजन को सुविधा होगी। मार्ग में प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था भी की गई है। कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र व्यास स्वामी मुस्कुराके ने किया।  

रायपुर: ग्राम माकड़ी में आयोजित हुआ जनसमस्या निवारण शिविर, 13 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत

रायपुर : ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन विधायक सुउसेण्डी ने 13 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों की दी सौगात शासकीय महाविद्यालय सहित 18 निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन रायपुर  राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को  कोंडागांव जिले के ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक सुलता उसेंडी उपस्थित रहीं।  विधायक सुउसेंडी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकास कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों को व्यक्तिगत योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है। महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव के सर्वांगीण विकास हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से क्षेत्र स्वस्थ बस्तर की दिशा में अग्रसर है, जिसके तहत विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जब घर-घर पहुंचे, तो उन्हें सही जानकारी प्रदान करें, ताकि सभी के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त समाज के निर्माण के लिए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया। साथ ही युवाओं सहित सभी नागरिकों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। कलेक्टर ने कहा कि माओवादमुक्त होने के पश्चात शासन द्वारा बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से सघन स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु बस्तर मुन्ने अभियान के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, योजनाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ की भी शुरुआत की जा रही है। विधायक ने प्री. मेट्रिक आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19 लाख रूपए, कन्या आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19.39 लाख रूपए, प्री. मे. बालक छात्रावास में क्लासरूम निर्माण लागत 19.39 लाख रूपए, लैब निर्माण कार्य लागत 22.89 लाख रूपए, नीति आयोग द्वारा लाइब्रेरी निर्माण कार्य 42 लाख रूपए, हीरावण्डी से बालेंग तक पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 6.50 किलोमीटर लागत 685.29 लाख रूपए और शासकीय महाविद्यालय माकड़ी निर्माण कार्य लागत 465.84 लाख रूपए सहित कुल लागत 13 करोड़ 79 लाख रूपए के 18 विकास कार्यो का भूमिपूजन किया   27 हितग्राहियों को मिली आवास की चाबी शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 27 हितग्राहियों को आवास निर्माण पूर्ण होने पर प्रतीकात्मक चाबी वितरित, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 07 छड़ी और 10 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति, शिक्षा विभाग द्वारा 12 जाति प्रमाण पत्र और गणवेश वितरण, श्रम विभाग द्वारा 07 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 46 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा  वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा  किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा  05 हितग्राहियों को उड़द बीज वितरण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 04 हितग्राहियों को पोषण किट और 02 गोद भराई कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसी प्रकार पशुधन विभाग द्वारा श्रीमती योगश्वरी प्रधान को राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता योजना से 70 हजार, उन्नत मादा वत्स पालन योजना अंतर्गत दीपेन्द्र साहू को 14 हजार 625 रूपए और श्रीमती सुपोती मरकाम को 17 हजार 550 रूपए, त्रयी सुकर योजना अंतर्गत मंगलु मरकाम और मुकेश नेताम 09-09 हजार रूपए की अनुदान राशि दी गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, सहकारी समिति द्वारा 06 नवीन केसीसी धारक किसानों को ऋण स्वीकृति और राजस्व विभाग द्वारा 09 किसानों को डिजिटल किसान किताब का वितरण किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, दीपेश अरोरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जुगबती पोयाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रदमा बघेल एवं श्रीमती भगवती नेताम, जनपद उपाध्यक्ष बैसाखु कोर्राम, दीपेश अरोरा, जनपद सदस्य पन्नालाल नेताम, पूजा शर्मा, विरेन्द्र प्रधान, श्रीमती रूखमणी पोयाम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, जनपद पंचायत सीईओ गजेंद्र धुरडे, सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।