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लुधियाना में अमरनाथ यात्रा मेडिकल के दौरान उमड़ी भीड़, सिविल अस्पताल में बुलानी पड़ी पुलिस

लुधियाना. लुधियाना सिविल अस्पताल में श्री अमरनाथ यात्रा जाने वाले श्रद्धालुओं के मेडिकल बुधवार से शुरू हो गए। पहले ही दिन एक हजार से अधिक शिव भक्त मेडिकल के लिए पहुंचे। बम बम भोले के जयघोष के बीच श्रद्धालु टोकन लेकर मेडिकल के लिए लाइनों में लगे हुए हैं। भारी भीड़ के चलते अस्पताल प्रबंधन को पुलिस तक मौके पर बुलानी पड़ीं। मेडिकल के दौरान बहुत से श्रद्धालूओ के बीच नोकझोक भी हो गई सुबह साढ़े 11 बजे तक 370 लोग मेडिकल टीम तक पहुँच चुके थे, जबकि भक्तो की लंबी कतार लगी हुई है। जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है, जिसमें मेडिकल स्पेशलिस्ट, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, इंटर्न और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, स्वास्थ्य जांच में विशेष रूप से हृदय, फेफड़ों और ब्लड प्रेशर से संबंधित परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके। मेडिकल जांच को चार चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें सबसे पहले टोकन काउंटर पर पंजीकरण के लिए नंबर दिया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर पर दस्तावेजों की जांच होगी। तीसरे चरण में इसीजी जांच की जाएगी और आखिर में डाक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर अंतिम सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

PM नरेंद्र मोदी का ऐलान: वेदांता हादसे में मृतकों को ₹2 लाख, घायलों को ₹50 हजार सहायता

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हुई है। वहीं 26 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताया है और पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में लगा हुआ है। पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपये सहायता राशि दी जाएगी। प्लांट के बाहर मजदूरों का हंगामा इधर हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया है। वे प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजनों का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। विधायक रामकुमार यादव परिजनों के साथ प्लांट के सामने बैठे हैं। मृतकों के परिजनों और घायलों को उचित मुआवजे की मांग की जा रही है। कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर घटना स्थल पर पहुंचे हैं। दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और टीमों का नेतृत्व करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। 

गोरखपुर ने एआई जागरूकता के क्षेत्र में गिनीज बुक में नाम किया दर्ज

एआई जागरूकता पर गिनीज बुक में दर्ज हुआ गोरखपुर का नाम सीएम योगी के मार्गदर्शन में रची गई ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम की रूपरेखा, 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन को सौंपा प्रमाण पत्र गोरखपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता पर गोरखपुर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में तैयार किए गए ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम ने एक सप्ताह की समय सीमा में 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। एमपीआईटी (महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) और अन्य संस्थानों के सहयोग से इस प्रोग्राम को शुरू किया है। बुधवार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को इस प्रोग्राम के तहत पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान रचे जाने का प्रमाण पत्र सौंपा। यह प्रमाण पत्र एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह के मंच पर सौंपा गया। एमपीआईटी ने ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था। इसके लिए निर्धारित तिथि, 9 अप्रैल तक 764187 पंजीकरण हुए। इसके अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा, बीआईटी गीडा आदि को भी साझा पहल में शामिल किया गया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को कड़े मानकों पर परखने के बाद प्रमाण पत्र सौंपा गया है।  पूर्णतः निशुल्क इस एआई अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में गेहूं की MSP और बोनस पर खरीद की शुरुआत, रजिस्ट्रेशन वाले किसानों को मिलेगा फायदा

शहडोल : MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है. गेहूं की कटाई, गहाई के बाद अब शासन किसानों का गेहूं खरीदने की तैयारी में है. जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल के मुताबिक, '' रबी सीजन में MSP पर गेहूं खरीदी का काम 2026-27 के तहत 15 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 12 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।  मध्य प्रदेश में गेहूं पर इतना MSP और बोनस जिला आपूर्ति नियंत्रक ने कहा, '' इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रु प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिस पर मध्यप्रदेश शासन 40 रु प्रति क्विंटल बोनस भी दे रहा है. इस तरह से किसानों को कुल 2625 रु प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी का भुगतान किया जाएगा और उनकी फसल इस नई दर पर खरीदी जाएगी।  शहडोल में इतने किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने जानकारी दी है कि MSP पर गेहूं की खरीदी सिर्फ पंजीकृत किसानों से ही की जाएगा, जिले में कुल 9,526 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जिनमें से 13 अप्रैल 2026 तक 418 किसानों की स्लॉट बुकिंग की जा चुकी है. यानी साफ है कि जिन किसानों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, शासन उनसे एमएसपी पर गेहूं की खरीद नहीं करेगा. यानी बिना पंजीकरण वाले किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।  स्लॉट बुकिंग का ध्यान रखें किसान जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने अपील करते हुए कहा है कि जिन किसानों का गेहूं एमएसपी पर बेचने के लिए तैयार हो चुका है, वे शीघ्र अतिशीघ्र स्लॉट बुक कर निर्धारित तिथि पर अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र पहुंच जाएं. स्लॉट के हिसाब से किसान पहुंचकर अपना गेहूं बेच सकते हैं. किसानों की सुविधा के लिए शनिवार एवं रविवार को भी पूरे दिन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।  पूरा फायदा लेने के लिए इस बात का रखें ध्यान साथ ही जिला आपूर्ति नियंत्रक ने कहा है कि किसान अगर एमएसपी का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो वे अपने साथ साफ-सुथरा, सूखा व अच्छी गुणवत्ता का गेहूं ही उपार्जन केंद्रों पर लाएं. इससे उनका अनाज अमानक या लो क्वालिटी का घोषित नहीं होगा और बिना किसी परेशानी के खरीदी प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। 

जेट फ्यूल महंगा होने से जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली की फ्लाइट्स के किराए बढ़ेंगे

हिसार जेट फ्यूल की कीमतों में भारी इजाफे के चलते हिसार एयरपोर्ट से जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली के हवाई किराए बढ़ने जा रहे हैं। नया किराया 1 मई 2026 से लागू होगा। साथ ही, विंटर सीजन में बंद की गई हिसार-दिल्ली हवाई सेवा 16 अप्रैल 2026 से दोबारा शुरू हो रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 16 दिसंबर 2025 को इस सेवा को बंद किया था। 16 अप्रैल से सप्ताह में शनिवार को छोड़कर छह दिन फ्लाइट्स उपलब्ध रहेंगी। चारों शहरों जयपुर, अयोध्या, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए दो-दो दिन उड़ानें संचालित की जाएंगी किराया बढ़ने का कारण वित्त मंत्रालय ने जेट फ्यूल की कीमत 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी है। इसके चलते एलायंस एयर ने अपने किराए में वृद्धि कर दी है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर नया किराया अपडेट कर दिया है, जो 1 मई और उसके बाद की यात्राओं पर लागू होगा। नाइट लैंडिंग की राह हिसार एयरपोर्ट को 24 फरवरी 2026 को नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल चुका है। हालांकि, अभी केवल एक शिफ्ट में काम चल रहा है, जिसके कारण शाम 6 बजे के बाद कोई फ्लाइट नहीं है। दूसरी शिफ्ट शुरू होते ही रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा। यात्री अब हिसार से आस-पास के प्रमुख शहरों के लिए हवाई यात्रा की सुविधा का फिर से लाभ उठा सकेंगे।  

11वीं के नतीजों में शानदार प्रदर्शन: झारखंड में 99.12% स्टूडेंट्स पास, गुमला-गिरिडीह अव्वल

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक बोर्ड) ने 11वीं परीक्षा 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए छात्र परिणाम आनलाइन माध्यम से चेक कर सकते हैं। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। बोर्ड द्वारा जारी किया गया रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्र अपने रोल नंबर और रोल कोड की मदद से आसानी से अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि जैक बोर्ड ने कक्षा 11वीं में इस वर्ष कुल 3,58,533 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 3,55,399 छात्र पास हो गए। जैक बोर्ड 11वीं कक्षा का पासिंग प्रतिशत 99.12 प्रतिशत रहा। झारखंड बोर्ड के अनुसार, कुल 3,61,683 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 3,58,533 परीक्षा में शामिल हुए। रिजल्ट जारी करते हुए जैक बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. नटवा हंसदा ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बधाई दी। आनलाइन जारी मार्कशीट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल अंक और पास फेल की स्थिति दी गई है। यह मार्कशीट अस्थायी होती है, जबकि मूल मार्कशीट बाद में स्कूल से प्राप्त होगी। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। रांची जिले से इस वर्ष 34,907 छात्र छात्राओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था जिसमें 34,642 परीक्षा में शामिल हुए 34,286 छात्र छात्राएं पास हुए। रांची जिले का पासिंग प्रतिशत 98.97 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.68 प्रतिशत था। वहीं, पासिंग प्रतिशत में पहले पायदान पर गुमला 99.60 और गिरिडीह 99.60 प्रतिशत रहे। बता दें कि रांची जिले में 15,809 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 15,660 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,474 छात्रों ने सफलता पाई। छात्रों का पासिंग प्रतिशत 98.81 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.26 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। वहीं, 19,098 छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 18,982 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं और 18,812 छात्राएं पास हुईं, छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.10 रहा जबकि पिछले वर्ष 99.04 प्रतिशत था। वहीं, पूरे राज्य की बात करें तो छात्राें का पासिंग प्रतिशत 99.08 जो कि पिछले वर्ष 98.62 था जबकि छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.16 प्रतिशत रहा जबकि पिछले वर्ष छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 98.79 था। शत प्रतिशत रहा रिजल्ट योगदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय, जगन्नाथपुर, धुर्वा के विद्यार्थियों का पासिंग प्रतिशत शत प्रतिशत रहा। आर्ट्स में कुल 128 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए जिनमें सभी उत्तीर्ण रहे। कॉमर्स में कुल 123 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और सभी उत्तीर्ण हुए। साइंस स्ट्रीम में कुल 125 विद्यार्थी शामिल हुए और इनमें सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे। इंटरमीडिएट महाविद्यालय के सचिव अरविंद कटियार, सहायक सचिव रवि प्रताप सिंह तथा प्राचार्य राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बताते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य, लाखों वाहन अभी भी बिना प्लेट

 लखनऊ बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) वाहनों की 15 अप्रैल से प्रदूषण जांच नहीं होगी। वाहनों में यह नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है, फिर भी प्रदेशभर में दो करोड़ वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगी है। प्रदूषण जांच न कराने पर वाहन मालिक का दस हजार रुपये और एचएसआरपी न होने पर पांच हजार रुपये यानी दोनों का कुल 15 हजार रुपये का चालान होगा। महानगरों में यह कार्रवाई यातायात विभाग, परिवहन व पुलिस तीनों करेंगे, जबकि अन्य जिलाें में परिवहन व पुलिस करेगी। प्रदेश में एक अप्रैल 2019 से पंजीकृत होने वाले सभी वाहनों में एचएसआरपी लग रही है। इसके पहले के पंजीकृत तीन करोड़ से अधिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया था, कई बार अभियान चलाकर लोगों को नंबर प्लेट लगवाने के लिए प्रेरित किया गया और बिना एचएसआरपी लगे वाहन मिलने पर चालान भी हुए उसके बाद भी करीब दो करोड़ वाहनों में अब तक विशेष नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश दोपहिया वाहनों में यह नंबर प्लेट नहीं लगी है। अपर परिवहन आयुक्त राजस्व राजेंद्र विश्वकर्मा ने बताया, परिवहन विभाग ने नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर यानी एनआइसी के माध्यम से पीयूसीसी यानी प्रदूषण जांच पोर्टल में ऐसी तकनीकी व्यवस्था की गई है ताकि 15 अप्रैल से पोर्टल इसका प्रमाणपत्र तभी जारी करेगा, जब वाहन में एचएसआरपी लगा होगा। क्या है एचएसआरपी यह प्लेट एल्युमीनियम से बनी होती है, जिसमें सुरक्षा के लिए अशोक चक्र होलोग्राम और 10 अंकों का पिन (लेजर कोड) होता है। इसमें वाहन की पूरी जानकारी जैसे इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि दी गई है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आ रहा जांच का ओटीपी फरवरी माह में ही वाहनों की प्रदूषण जांच में बदलाव हुआ। वाहन खरीदते समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आ रहा है। वाहन स्वामी ने पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया है या खो गया है तो नया नंबर अपडेट कराना होगा, उसके बाद ही प्रदूषण की जांच हो सकेगी। ऐसे लगवा सकते हैं एचएसआरपी वाहन में एचएसआरपी लगवाने के लिए सबसे पहले वेबसाइट bookmyhsrp.com पर जाएं और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट विद कलर स्टीकर का विकल्प चुनें। अपने राज्य का चयन करके वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर आदि दर्ज करें। प्लेट लगवाने के लिए नजदीकी डीलर या होम डिलीवरी का चयन करें। अपनी सुविधा के अनुसार, नंबर प्लेट लगवाने की तारीख व समय चुन सकते हैं। आवेदन फीस का आनलाइन भुगतान करना होगा। दोपहिया वाहनों के लिए लगभग 400 रुपये से और चार पहिया वाहनों के लिए 1100 रुपये तक का भुगतान करना होगा। इसमें वाहन स्वामी को अपने वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र यानी आरसी दस्तावेज के रूप में अपलोड करना होगा।

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त लखीमपुर खीरी में अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी आंबेडकर जयंती पर झड़प के बाद कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में, डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे लखीमपुर/लखनऊ लखीमपुर खीरी में आंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच हुए विवाद और झड़प के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हैं। क्षेत्र में शांति एवं सामान्य स्थिति बनी हुई है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। हालात पर लगातार सतर्क नजर रखी जा रही है। मूर्ति स्थापना के दौरान हुआ विवाद अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने बताया कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता एक स्थान पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे, जिसका उसी समाज के दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी और झड़प हो गई, जिसमें प्रतिमा को नुकसान पहुंचा। इसी दौरान कुछ लोगों ने अफवाहों से भ्रमित होकर पुलिस कर्मियों पर पथराव किया। मौके पर डटे वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पवन गौतम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अशांति फैलाने वालों पर सख्त नजर अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने बताया कि एक ही समाज के लोगों के बीच हुई इस घटना को लेकरकुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस मौके पर मौजूद है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।

महाराष्ट्र में मदरसों पर कटनी पुलिस की कार्रवाई, बिहार से मांगी गई सामाजिक जांच रिपोर्ट

कटनी महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में धार्मिक शिक्षा के लिए बिहार से बच्चों को ले जाने के मामले में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) भी सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर रविवार को ट्रेन में 163 बच्चों को ले जाते गिरफ्तार किए गए आठों आरोपितों के बारे में पड़ताल की जा रही है। उनके किसी कट्टर धार्मिक संगठन से जुड़े होने की आशंका है। ऐसे में, आईबी एवं जीआरपी के अधिकारियों ने सोमवार को देर रात तक आरोपितों और बिहार से बुलाए गए बच्चों के अभिभावकों से जानकारी जुटाई। वहीं, आठों आरोपितों बच्चों को लातूर और विदर्भ के जिन दो मदरसों में ले जा रहे थे, वहां की जानकारी जुटाने के लिए कटनी पुलिस की टीमें रवाना हो गई है। जांच में पता चलेगा किस तरह की शिक्षा दी जाती है पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लातूर के मदरसा जामिया अशरफिया अंजूमने इस्लामिया उद्गीर और विदर्भ के दारुल उलूम इमदादिया मदरसा के नाम बताए हैं। इनमें पड़ताल के बाद पता चलेगा कि वहां पर बच्चों को किस तरह की धार्मिक शिक्षा दी जाती है या कोई अन्य कारण से बच्चे भेजे जा रहे थे। वहीं, महिला बाल विकास विभाग ने बिहार के अररिया प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बच्चों को बिहार भेजा जाएगा। स्वयं को शिक्षक बता रहे हैं आरोपी बिहार के अररिया जिले से बच्चों को ले जाने वाले आठों लोग स्वयं को मदरसों में शिक्षक बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपने जिले के बच्चों को वर्ष 2016 से मदरसों में धार्मिक शिक्षा देने के लिए ले जा रहे हैं। इनकी भूमिका पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि बिहार में भी मदरसे संचालित हैं। फंडिंग की भी जांच की जा रही निश्शुल्क शिक्षा देने के लिए कौन सा संगठन फंडिंग कर रहा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही हैं। इस संबंध में आरोपितों में शामिल सद्दाम का कहना था कि मदरसों को समाज की ओर से चंदे के रूप में धार्मिक शिक्षा देने के लिए फंड मिलता है और इससे ही बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आरोपियों को समाज को किया सुपुर्द जीआरपी ने आरोपित बनाए गए अररिया क्षेत्र निवासी सद्दाम, अमान उल्ला, मो. जाहिर, आमिर खान, हाफिज अबू तालिम, मो. इस्लाम, नौसाद और राशिद को कटनी में मुस्लिम समुदाय के सुपुर्दगी कर दिया है। मामले की जांच तक आठों को पूछताछ के लिए जीआरपी में उपस्थित होना होगा। वहीं, मंगलवार को लगभग 54 बच्चों के अभिभावक कटनी पहुंचे और उनकी मुलाकात आश्रय गृह में बच्चों से कराई गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए।

बिहार में नई सियासी शुरुआत: सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, कैबिनेट विस्तार चुनाव के बाद

पटना. बिहार को 20 साल बाद आज नया सीएम मिल गया है। सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। उनके साथ बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सम्राट सरकार में विजय और बिजेंद्र डिप्टी सीएम होंगे इस लाइव ब्लॉग में पल-पल की अपडेट दी जा रही है।   नीतीश कुमार ने मुझे पहचान दी: जीतन राम मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने (नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जो जीतन मांझी आज है, वो नीतीश कुमार के द्वारा ही पहचानित है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते।" केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने(नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे…" नई सरकार पर लोगों का भरोसा: उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिए जाने पर कहा, "सरकार के ऊपर काफी लोगों का भरोसा भी है और लोगों की अपेक्षा भी है। मैं समझता हूं कि इन अपेक्षाओं पर सरकार निश्चित तौर…  नीतीश कुमार के विजन को आगे बढ़ाएंगे सम्राट: बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर, BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के प्रधानमंत्री के विज़न के तहत, नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार भी एक विकसित राज्य बनेगा। नीतीश कुमार द्वारा बिहार में स्थापित कानून का राज और उनके द्वारा तय किए गए विकास के रास्ते को सम्राट चौधरी आगे बढ़ाएंगे। बहुत-बहुत बधाई।” उपमुख्यमंत्री बनने के बाद विजेंद्र यादव का पहला बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में JDU नेता निशांत कुमार की अनुपस्थिति पर कहा, "…उनको खुद निर्णय लेना है कि वे राजनीति में आएंगे या नहीं…"