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5 राज्यों में विधानसभा चुनाव परिणामों पर मुख्यमंत्री ने कहा, यह जनादेश ‘नए भारत’ के संकल्प की शक्ति

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के ऐतिहासिक परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पीएम मोदी के प्रति देशवासियों के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और लोक-कल्याणकारी नीतियों पर जनता का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बधाई अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व एवं लोक-कल्याणकारी नीतियों पर देशवासियों का अटूट विश्वास है, जो आज विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक परिणामों के रूप में पुनः परिलक्षित हुआ है। पश्चिम बंगाल में पहली बार, असम में लगातार तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार भाजपा गठबंधन की सरकार बनना इसी अगाध विश्वास का सुफल है। जन-जन का यह अभूतपूर्व जनादेश प्रधानमंत्री जी के 'नए भारत-विकसित भारत' के विराट संकल्प की सिद्धि को एक नई गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक विजय के लिए बंगाल, असम एवं पुडुचेरी के भाजपा संगठन से जुड़े सभी समर्पित पदाधिकारियों, कर्मठ कार्यकर्ताओं व विजयी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने आगे लिखा कि सुशासन व राष्ट्रवाद को अपना बहुमूल्य आशीर्वाद प्रदान करने वाली जनता-जनार्दन का हृदय से आभार एवं अभिनंदन।    

बंगाल चुनाव में प्रचंड जीत पर भाजपा नेताओं ने सीएम योगी को दी बधाई

गोरखपुर  पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत पर भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में सीएम योगी की रैलियों ने भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में जबरदस्त माहौल बनाया और सोमवार को चुनाव परिणाम आने के बाद गोरखपुर के भाजपाई खुशी से झूम उठे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लखनऊ से महराजगंज होते हुए देर शाम गोरखपुर पहुंचे। एमपी पॉलिटेक्निक ग्राउंड के हेलीपैड पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि ने मुख्यमंत्री की अगवानी करते हुए पुष्पगुच्छ देकर उनका भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी नेताओं ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली शानदार जीत के लिए उल्लास और उमंग के साथ सीएम योगी को बधाई दी।  हेलीपैड पर भाजपा नेताओं की बधाई स्वीकार करने के बाद मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गोरखनाथ का विधि विधान से दर्शन पूजन किया। तत्पश्चात वह अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की समाधि स्थल पर गए और उनकी प्रतिमा का दर्शन, पूजन कर आशीर्वाद लिया।

कैबिनेट के निर्णय के तहत टावर बेस पर 200% और लाइन कॉरिडोर पर 30% का होगा भुगतान

लखनऊ  योगी सरकार ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों (765, 400, 220 और 132 केवी) से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब टावर (खंभे) के नीचे आने वाली जमीन पर किसानों को 200% यानी जमीन की कीमत का दोगुना मुआवजा मिलेगा। इसके साथ ही जिन खेतों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरती हैं (राइट ऑफ वे/कॉरिडोर), वहां जमीन की कीमत का 30% मुआवजा दिया जाएगा। योगी कैबिनेट का इस निर्णय से किसानों को कुल मिलाकर 21% से 33% तक अधिक लाभ मिलने का अनुमान है। पहले यह थी व्यवस्था ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने बताया कि 2018 से पहले टावर के नीचे या लाइन के कॉरिडोर में आने वाली जमीन पर प्रायः कोई मुआवजा नहीं मिलता था। 2018 में कुछ सुधार हुआ और टावर बेस के नीचे जमीन की कीमत का करीब 85% मुआवजा देने का प्रावधान किया गया, लेकिन लाइन के नीचे (कॉरिडोर) आने वाली जमीन के लिए तब भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इससे किसानों में असंतोष रहता था और परियोजनाओं को पूरा करने में भी बाधाएं आती थीं। अब यह किया गया बदलाव नई व्यवस्था में टावर (खंभे) के नीचे की जमीन पर 200% (दोगुना) मुआवजा निर्धारित किया गया है। तारों के नीचे आने वाले क्षेत्र (रो कॉरिडोर) पर 30% मुआवजा प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है। मुआवजा जिलाधिकारी द्वारा तय सर्किल रेट के आधार पर दिया जाएगा। किसानों को होगा आर्थिक लाभ इस फैसले से अब किसानों को पहले की तुलना में काफी ज्यादा और न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा। जहां पहले या तो मुआवजा नहीं मिलता था या कम मिलता था, वहीं अब जमीन के उपयोग पर सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि बिजली परियोजनाओं में उनकी सहमति और सहयोग भी बढ़ेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में एक बड़ा कदम है। इससे उन्हें उचित मुआवजा मिलेगा और विकास कार्यों के साथ किसान हितों का संतुलन भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे भविष्य में पारेषण परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।

स्थानीय स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान, पारंपरिक व्यंजनों को चिह्नित कर उनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग व मार्केटिंग को दिया जाएगा बढ़ावा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सोमवार को कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने, किसानों को राहत, युवाओं के कौशल विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर रहा। इनमें एक महत्वपूर्ण निर्णय ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना का रहा, जिसे प्रदेश की नई पहचान के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी है।  ‘एक जनपद एक व्यंजन’: हर जिले का स्वाद बनेगा ब्रांड एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ की तर्ज पर ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत हर जिले के पारंपरिक व्यंजन को चिह्नित कर उसकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना में गुणवत्ता सुधार, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और निर्यात अवसर विकसित करने पर विशेष फोकस रहेगा। खाद्य कारोबार से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को 25% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹20 लाख) दी जाएगी। इसके लिए ₹150 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा व जौनपुर की इमरती जैसे व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27: 31 मई तक होंगे स्थानांतरण कैबिनेट बैठक में अधिकारियों/कर्मचारियों की नई स्थानांतरण नीति 2026-27 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत, सभी ट्रांसफर 31 मई 2026 तक किए जाएंगे। नीति के तहत समूह ‘क’ व ‘ख’ के ऐसे अधिकारी, जिन्होंने किसी जनपद में 3 वर्ष या मंडल में 7 वर्ष पूरे कर लिए हैं, उनका स्थानांतरण अनिवार्य होगा, जबकि विभागाध्यक्ष/मंडलीय कार्यालय में तैनाती की अवधि इसमें शामिल नहीं होगी। मंडलीय कार्यालय में तैनाती की अधिकतम अवधि 3 वर्ष होगी। समूह ‘क’ व ‘ख’ के स्थानांतरण संवर्गवार कार्यरत अधिकारियों की संख्या के अधिकतम 20% और समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कार्मिकों के स्थानांतरण संवर्गवार कार्यरत कुल कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10% की सीमा तक किए जा सकेंगे। समूह ‘ख’ व ‘ग’ के ट्रांसफर यथासंभव मेरिट आधारित ऑनलाइन प्रणाली से होंगे तथा समूह ‘ग’ में पटल/क्षेत्र परिवर्तन के नियमों का कड़ाई से पालन होगा। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को सुविधा अनुसार तैनाती, आकांक्षी जनपदों में प्राथमिकता पोस्टिंग और स्थानांतरण सत्र के बाद समूह ‘क’ व ‘ख’ के ट्रांसफर हेतु मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री की स्वीकृति अनिवार्य जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। पीडब्ल्यूडी में सख्ती: गुणवत्ता से समझौता नहीं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यों की गुणवत्ता सुधारने और अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर रोक लगाने के लिए कैबिनेट ने निविदा निस्तारण की नई प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹5 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए एसबीडी और ₹5 करोड़ से कम के कार्यों के लिए टी-1 व टी-2 प्रणाली लागू होगी। कम दर पर टेंडर लेने वाले निविदादाताओं से अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी अनिवार्य की गई है। 15% से अधिक कम दर वाले ठेकेदारों के चयन से पहले उनके निर्माणाधीन और पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता की जांच होगी, जबकि 15% से कम दर पर बोली लगाने वाले ऐसे ठेकेदार जिनका प्रदेश में कोई कार्य नहीं चल रहा या पिछले दो वर्षों में कोई कार्य पूरा नहीं किया है, उनसे भी अतिरिक्त सिक्योरिटी ली जाएगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित होगा। किसानों को राहत: हाईटेंशन लाइनों पर बढ़ा मुआवजा कैबिनेट ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टावर के नीचे आने वाली जमीन पर अब 200% मुआवजा मिलेगा, जबकि लाइन के नीचे आने वाली जमीन पर 30% मुआवजा दिया जाएगा। इससे किसानों को कुल मिलाकर 21% से 33% तक अधिक लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल पार्क से औद्योगिक विकास को रफ्तार संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के तहत प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्कों का विकास किया जाना है। इसके लिए बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन का उपयोग किया जाएगा। कैबिनेट ने 4 कताई मिलों की 251.8 एकड़ भूमि का हस्तकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरण की मंजूरी दी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। लखनऊ में 546 करोड़ की सड़क परियोजना राजधानी लखनऊ में आउटर रिंग रोड के रैथा अंडरपास से पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क तक 6 लेन के निर्माण तथा आईआईएम से रैथा अंडरपास मार्ग का 2 लेन में चौड़ाकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹546.51 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे टेक्सटाइल पार्क की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ ही औद्योगिक विकास एवं परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी। अन्य अहम फैसले कैबिनेट ने 35 करोड़ पौधरोपण अभियान (₹147 करोड़ बजट), प्रत्येक जिले में वन ट्रिलियन डॉलर सीएम फेलोशिप कार्यक्रम के तहत एक ओटीडी फेलो (आर्थिक विकास) एवं एक ओटीडी फेलो (डेटा विश्लेषण) की तैनाती,  नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 का प्रवर्तन, फिरोजाबाद में निजी अमरदीप विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी और हाईकोर्ट रिसर्च एसोसिएट का कार्यकाल 2 से बढ़ाकर अधिकतम 3 वर्ष करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं।

सुहागनगरी में महिला मार्केट का काम तेज, कोटला रोड पर बनेगा आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स

 फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद सुहागनगरी में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक खरीदारी का माहौल तैयार करने की दिशा में नगर निगम ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महिलाओं के लिए एक अलग महिला मार्केट बनाने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस मार्केट के लिए स्थल का चयन कर लिया गया है और अब टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस मार्केट का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में खरीदारी के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस विशेष मार्केट में महिलाओं से जुड़े उत्पादों की दुकानें होंगी और यहां सुरक्षा, स्वच्छता व अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह मार्केट न सिर्फ स्थानीय महिलाओं के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि शहर के विकास में भी योगदान देगा। नगर निगम का निर्माण विभाग पिछले काफी समय से योजना के क्रियान्वयन को लेकर मंथन कर रहा है। नवनिर्मित प्रोजेक्ट के अनुसार महिला मार्केट में आधी आबादी के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विभागीय जानकारी के अनुसार वित्तीय निविदाएं खुलने खुलने के साथ ही अगली कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। महिला मार्केट के निर्माण का कार्य नगर निगम के निर्माण विभाग की देखरेख में किया जाएगा। महिला मार्केट को लेकर सहायक अभियंता द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों के बीच काफी देर तक विचार विमर्श किया गया। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद योजना के क्रियान्वयन की तैयारी तेज कर दी गई है। फिलहाल महिला मार्केट के लिए कोटला रोड स्थित पीडी जैन इंटर कॉलेज के सामने खाली पड़ी जमीन को चयनित किया गया है। धनराशि बढ़ाने के लिए शासन को लिखेंगे पत्र विभागीय जानकारी के अनुसार महिला मार्केट के लिए निर्माण विभाग द्वारा शासन के समक्ष जो डीपीआर भेजा गया था। उसमें निर्माण लागत की धनराशि छह करोड़ निर्धारित की गई थी। शासन ने इसमें कटौती करते हुए यह धनराशि पांच करोड़ कर दी। ऐसा समझा जाता है कि निर्माण पर अधिक धनराशि खर्च होने के कारण विभाग फिर से इस संबंध में शासन को पत्र लिखेगा। जल्द करेगी आर्किटेक्ट टीम सर्वे नगर निगम का निर्माण विभाग महिला मार्केट के निर्माण को लेकर आर्किटेक्ट टीम का सहयोग लिया जाएगा। विभागीय अधिकारी इस संबंध में जल्द ही आगरा की एक आर्किटेक्ट टीम से संपर्क स्थापित करेंगे। आर्किटेक्ट टीम द्वारा जल्द ही निर्माण स्थल का सर्वे किया जाएगा। प्रस्ताव को सदन में भी पारित किया मेयर कामिनी राठौर ने बताया कि शहर की महिलाओं को सुरक्षित खरीदारी स्थल मुहैया कराने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा महिला मार्केट का निर्माण कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रस्ताव को सदन में भी पारित किया गया है।  

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेज के बगल में निशुल्क भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

लखनऊ  तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना का मार्ग सोमवार को प्रशस्त हो गया। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए कुशीनगर के मेडिकल कॉलेज (स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय) के बगल में स्थित सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने को मंजूरी मिल गई है।  केंद्र सहायतित योजना के तहत भारत सरकार ने प्रदेश को 27 नर्सिंग कॉलेज आवंटित किए हैं। इन नर्सिंग कॉलेजों में जनपद कुशीनगर भी शामिल है। केंद्र सरकार की तरफ से प्रति नर्सिंग कॉलेज की लागत 10 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 60 प्रतिशत केंद्र का अंश होगा जबकि 40 प्रतिशत राज्यांश है।  कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए पडरौना तहसील के मौजा रामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के बगल में 1.054 हेक्टेयर सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि का निशुल्क हस्तांतरण होना था। यह भूमि पडरौना-कुबेरस्थान मुख्य मार्ग से 500 मीटर दक्षिण में स्थित है। राजकीय नर्सिंग कॉलेज को निशुल्क भूमि हस्तांतरण के लिए प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी दे दी। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से उच्च स्तरीय चिकित्सा में सहायता तो मिलेगी ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन होगा।

सीएम योगी बोले: यूपी अब वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के नव चयनित लेखा परीक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव वित्त संदीप कौर, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि उपस्थित थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते भारत के साथ उत्तर प्रदेश ने भी नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश का अंतर किसी से छिपा नहीं है और यह परिवर्तन हर क्षेत्र में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की प्राथमिकता कानून का राज और सुरक्षा होती है, लेकिन इसके साथ ही बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। यदि वित्तीय अनुशासन नहीं होता और बिना बजट के खर्च होते, तो उत्तर प्रदेश आज बीमारू राज्य की छवि से बाहर नहीं निकल पाता। योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित करीब 500 नव चयनित युवाओं के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन का उदाहरण जेपीएनआइसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) है। जिसकी प्रारंभिक लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 860 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना आज भी अधूरी है। मुख्यमंत्री ने 2017 के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कोई बैंक उत्तर प्रदेश को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया कि बिना कर्ज लिए वित्तीय अनुशासन के साथ विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है। उदाहरण देते हुए उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख किया, जो करीब 600 किलोमीटर लंबा है और जिस पर 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। इसके साथ ही नौ इंडस्ट्रियल और लाजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए 7000 एकड़ भूमि ली गई है। कुल मिलाकर इस परियोजना पर लगभग 42 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बड़े प्रोजेक्ट के लिए बैंक स्वयं निवेश की पेशकश करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर वित्तीय प्रबंधन के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के कई घोटाले हुए, लेकिन वर्तमान सरकार ने वित्तीय कुप्रबंधन को सुधारते हुए प्रदेश को अनुशासित वित्तीय ढांचे में आगे बढ़ाया है, जिसके परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वित्तमंत्री के जिले में किसका चयन हुआ उन्हें भी नहीं पता मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले हर पेपर लीक हो जाता था लेकिन अब इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई है। उन्होंने वित्त मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि शाहजहांपुर से कई कैंडिडेट चयनित हुए हैं। वित्त मंत्री वहीं के हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि किसका चयन हो रहा है। पहले पेपर लीक होता था तो जो बचा रहता था वह चाचा भतीजे पूरा कर देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ की मुस्लिम बेटी का चयन हुआ है। यह सबूत है कि कहीं किसी भी तरह का भेदभाव नहीं हुआ है। इसके लिए बोर्ड को बधाई। जो भी युवा योग्य होगा उसे नौकरी मिलेगी और अयोग्य लोगों की दाल नहीं गलेगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वालों में बड़ी संख्या में बेटियां है। यह साबित करता है कि बेटियां किसी से पीछे नहीं हैं और उन्हें हर हाल में अधिकार देना पड़ेगा। कोई कितना भी विरोध कर ले, लेकिन बेटियों को कोई पीछे नहीं कर सकता है।  

मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा शिक्षामित्र सम्मान समारोह का प्रदेशस्तरीय आयोजन

गोरखपुर  शिक्षामित्रों के मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि का उपहार देकर मान बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसिक शिक्षा की सुदृढ़ता में उनके योगदान के लिए सम्मान भी देने जा रहे हैं। शिक्षामित्रों को सम्मानित करने के लिए प्रदेशस्तरीय भव्य आयोजन मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। इस अवसर पर सीएम योगी शिक्षामित्रों को वृद्धि के बाद नियत मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी शिक्षामित्रों को सौंपेंगे।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात 1.43 लाख शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा को सराहते हुए इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। नया मानदेय अप्रैल माह से लागू हो गया है। मानदेय वृद्धि को सम्मान के साथ वितरित करने का शुभारंभ मंगलवार को समारोहपूर्वक गोरखपुर में सीएम योगी के सानिध्य में होगा। पहले मानदेय वृद्धि और अब सेवा के सम्मान की योगी सरकार की पहल से शिक्षामित्रों में उत्साह का जबरदस्त संचार देखा जा रहा है। शिक्षमित्रों के सम्मान समारोह को भव्य बनाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने जोरदार तैयारी की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में पूर्वाह्न 11 बजे से होने वाले समारोह में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, 10 शिक्षामित्रों को नए मानदेय (18 हजार रुपये) की धनराशि का प्रतीकात्मक चेक वितरित करेंगे।  ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का सीएम करेंगे विमोचन   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के उपलब्धिपरक स्टालों का अवलोकन करने के साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा की गतिविधियों पर आधारित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन भी करेंगे। मुख्यमंत्री की सहभागिता वाले भव्य समारोह के समानांतर राज्य के सभी जिलों में भी आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम को लेकर शिक्षामित्रों में भारी उत्साह  गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने के लिए शिक्षामित्रों में खासा उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के जरिये मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा का मान बढ़ाया है। उनकी पहचान और प्रतिष्ठित हुई है और वे अब आर्थिक रूप से मजबूत भी होंगे। सरकार की तरफ से पहले मानदेय वृद्धि और अब सम्मान की पहल से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा और इससे शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाई मिलेगी।

निष्पक्ष भर्ती से बढ़ा विश्वास, बिना सिफारिश नौकरी मिलने पर युवाओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग तथा स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए चयनित कुल 500 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवाओं के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था। योगी सरकार में सिफारिश या दबाव की नहीं पड़ती जरूरत नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चयन होना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक गर्व की बात यह है कि उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी ने कहा कि यह उनके जीवन का ऐतिहासिक क्षण है। योगी सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है, जहां किसी सिफारिश या दबाव की जरूरत नहीं पड़ती। आयुषी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करें, सफलता अवश्य मिलेगी।  महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही योगी सरकार शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही है। सुनेहा ने विश्वास दिलाया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया सरल, सुगम और पारदर्शी रही। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल रहा है। कम शुल्क और बिना किसी बाधा के पूरी प्रक्रिया संपन्न होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है। यूपी में महिलाएं बना रहीं अलग पहचान  झांसी की वंदना कुशवाहा और मयंक कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना अत्यंत ही गर्व का विषय है। योगी सरकार की नीतियों के कारण महिलाओं को अधिक अवसर मिल रहे हैं और वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रदेश के सुल्तानपुर, झांसी, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या समेत कई जिलों से आए अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता ने उनके विश्वास को मजबूत किया है। इनको मिला सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र  सहकारी समिति एवं पंचायत लेखा परीक्षा के पद पर चयनित सुल्तानपुर के राम कुमार चौरसिया, झांसी की वंदना कुशवाहा, आजमगढ़ के देवव्रत यादव व विवेक सिंह, लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी, मऊ के सौरभ कुमार गोंड, शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा, वाराणसी के राम कुमार गुप्ता तथा गोरखपुर की पूर्णिमा सिंह को सीएम योगी ने स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपे। इसी प्रकार स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए लेखा परीक्षकों में पीलीभीत के वकार हुसैन अंसारी, सोनभद्र की कुमारी प्रांशु सिंह, हमीरपुर के सुधीर यादव, झांसी की तनु प्रजापति, शाहजहांपुर के अमित कुमार, प्रयागराज की बबीता, अयोध्या के सुधीर कुमार शुक्ला, लखनऊ की अना अली, गोरखपुर के सर्वजीत सिंह कोहली, बलिया की श्वेता को सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने का अवसर मिला।

लखनऊ में जनता दर्शन,सीएम योगी ने सुनीं शिकायतें, शिक्षा और भर्ती पर दिया बड़ा संदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश भर से आए सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सीएम का एक अलग और संवेदनशील रूप देखने को मिला, जब उन्होंने वहां मौजूद बच्चों और उनके माता-पिता से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से दो-टूक कहा कि बच्चों को हर हाल में स्कूल भेजें, क्योंकि एक शिक्षित बच्चा ही सशक्त और समृद्ध भारत की नींव रखेगा। "सरकार सब दे रही है, आप बस स्कूल भेजें" जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री की नजर अभिभावकों के साथ आए कुछ छोटे बच्चों पर पड़ी। जब सीएम ने उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और यह जानकारी मिली कि कतिपय बच्चों का अभी स्कूल में दाखिला ही नहीं हुआ है, तो उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताई। अभिभावकों को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में शिक्षा की तस्वीर बदली है। उन्होंने सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए कहा, "बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अब बच्चों को सिर्फ मुफ्त शिक्षा ही नहीं, बल्कि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और कॉपी-किताबों के लिए अभिभावकों के खातों में सीधे 1200 रुपये भेजे जा रहे हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन (मिड-डे मील) भी मिल रहा है। ऐसे में माता-पिता की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे बच्चों का एडमिशन कराएं और उन्हें नियमित स्कूल भेजें।" युवाओं को मंत्र: "सिफारिश नहीं, योग्यता दिलाएगी नौकरी" जनता दर्शन में पहुंचे बेरोजगार युवाओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें 'पारदर्शिता' का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बीते वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी हैं। सीएम ने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस साल भी लाखों रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी शॉर्टकट या सिफारिश के चक्कर में न पड़ें, बल्कि अपनी पूरी ऊर्जा मेहनत और तैयारी में लगाएं। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से युवाओं में नया आत्मविश्वास देखने को मिला। अवैध कब्जे की शिकायतों पर 'जीरो टॉलरेंस' प्रशासनिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने 'अवैध कब्जे' की शिकायतों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। कई फरियादियों ने भूमि विवाद और दबंगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायतें उनके समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस और राजस्व अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी शिकायतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिया कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर तत्काल जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई कर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाए।