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नोएडा आंदोलन के बाद श्रमिकों को मिली 10 तक सैलरी, दोगुना ओवरटाइम और बोनस

 नोएडा नोएडा में पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रहे श्रमिकों की कई मांगों को उत्तर प्रदेश सरकार ने मान लिया है। एक तरफ जहां वेतन में वृद्धि का ऐलान कर दिया गया है तो दूसरी तरफ दोगुने ओवरटाइम से बोनस तक दिलाने का भरोसा दिया गया है। वेतन वृद्धि के अलावा श्रमिकों ने कई मांगें रखीं हैं, जिनमें से अधिकतर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है और काम पर लौटने की अपील की है। हालांकि, सोमवार को हिंसा के बाद लगातार दूसरे दिन नोएडा में अधिकतर फैक्ट्रियों में कामकाज बाधित रहा। कई फैक्ट्रियों के बाहर श्रमिक अब भी धरना-प्रदर्शन में जुटे हैं। नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार की उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने वेतन में वृद्धि की सिफारिश करने के लिए सीएम योगी और उच्च अधिकार समिति को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'श्रमिकों की जो सबसे प्रमुख मांग थी वेतन वृद्धि की, उसे मान लिया गया है। इसके साथ और भी निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों का वेतन 10 तारीख से पहले खाते में एकमुश्त पहुंचे। सालाना बोनस नवंबर से पहले मिले। ओवरटाइम के लिए डबल वेतन दिया जाएगा। साप्ताहिक छुट्टी पर काम के लिए भी डबल वेतन दिया जाएगा। यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए समितियां गठित की जाएंगी, जिनकी अध्यक्ष महिलाएं रहेंगी। नोटिस बोर्ड पर इनके नाम प्रदर्शित किए जाएंगे। शिकायत पेटियां और कंट्रोल रूम की व्यवस्था शिकायत पेटियां भी रहेंगी। कॉल सेंटर और कंट्रोल रूम की स्थापनी की गई है जिस पर श्रमिक शिकायत कर सकते हैं। डीएम ने कहा कि वह खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगी। उन्होंने कहा कि कोई शिकायत है तो हमेशा शासन-प्रशासन साथ है। लेकिन हिंसा कोई जवाब नहीं है। डीएम मेधा रूपम ने शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की और श्रमिकों की मांगों को स्वीकार करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। वेतन में कितना इजाफा आंदोलन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है और संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपये प्रति माह के बजाय 13,690 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। 20 हजार सैलरी वाली बात झूठी सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन खबरों को 'फर्जी और भ्रामक' करार दिया, जिनमें दावा किया गया था कि श्रमिकों के लिए 20,000 रुपये प्रतिमाह की समान न्यूनतम मजदूरी तय कर दी गई है। सरकार ने कहा कि नई श्रम संहिताओं के तहत राष्ट्रीय स्तर पर 'आधारभूत वेतन' तय करने की प्रक्रिया केंद्र के स्तर पर जारी है और इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। गौरतलब है कि प्रदर्शन के दौरान कई कर्मचारी यह कहते हुए सुने गए कि सरकार ने उनका न्यूनतम वेतन 20 हजार कर दिया है, लेकिन फैक्ट्री मालिक इजाफा नहीं कर रहे हैं।

हेल्पलाइन 1912 बनी विद्युत उपभोक्ताओं का संबल, 2025-26 में 99% शिकायतों का हुआ निस्तारण

हेल्पलाइन 1912 बनी विद्युत उपभोक्ताओं का संबल, 2025-26 में करीब 99% शिकायतों का निस्तारण उपभोक्ताओं की शिकायतें समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश लखनऊ  योगी सरकार उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। वहीं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (यूपीपीसीएल) हेल्पलाइन 1912 ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 98.88% शिकायतों का समाधान किया है। इसके साथ ही यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने जिम्मेदार अधिकारियों को 1912 की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। समाधान होने तक बंद नहीं होगी कोई शिकायत दरअसल उपभोक्ताओं की समस्याओं के तुरंत निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन प्रबंधन लगातार संवेदनशील है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया कि 1912 की निरंतर समीक्षा हर अधिकारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की जो भी शिकायतें आ रहीं हैं, उनको समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए। साथ ही कॉल को तब तक समाप्त न माना जाए जब तक उपभोक्ता संतुष्ट न हो जाए।  समस्याओं के निस्तारण के लिए 1912 पर सूचना दें उपभोक्ता इसी तरह स्मार्ट मीटर के संदर्भ में 1912 पर विशेष व्यवस्था बनाई गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रतिदिन वह मानीटिंग करें और स्मार्ट मीटर के संदर्भ में आने वाली शिकायतों का तत्काल निस्तारण करें। इस संबंध में डॉ. गोयल ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही डॉ. गोयल ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि अपनी समस्याओं के बारे में 1912 पर सूचना दें। उनकी समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। बिल रिवीजन की 8,68,690 शिकायतों का निस्तारण  हेल्पलाइन 1912 पर आने वाली शिकायतों पर नजर डाले तो 1 अप्रैल 2025 से 11 अप्रैल 2026 तक सभी डिस्कॉम में कुल 95,11,309 शिकायतें आई थी। जिसमें से 94,04,660 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। यह सभी शिकायतें डीवीवीएनएल, एमवीवीएनएल, पीयूवीवीएनएल, पीवीवीएनएल और केस्को डिस्कॉम में दर्ज की गई है। बिल रिवीजन को लेकर साल भर में कुल 8,87,131 शिकायतें आई, जिसमें से 8,68,690 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। अलग-अलग श्रेणी की शिकायतों का तेजी से समाधान इसी तरह मीटर से जुड़ी शिकायत भी काफी संख्या में आई थी। आंकड़ों की नजर से देखे तो 13,80,039 शिकायतें आई थी, जिसमें से 13,52,360 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर/प्री-पेड से जुड़ी कुल 2,32,424 शिकायतें दर्ज की गई थी, जिसमें से 2,28,943 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। इसमें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में स्मार्ट मीटर से जुड़ी 59,488 शिकायतें आई थी। जिसमें से 58,954 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। जबकि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) डिस्कॉम में कुल 56,463 शिकायतें आई थी। जिसमें से 54,832 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। ट्रांसफार्मर, भुगतान और नए कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान वहीं डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर से जुड़ी कुल 3,00,718 शिकायतें दर्ज की गई थी। जिसमें से 3,00,492 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। ऐसे ही भुगतान से जुड़ी कुल 1,94,926 शिकायतें आईं थीं, जिसमें से 1,78,637 शिकायतों का समाधान करके बंद कर दिया गया है। नए कनेक्शन से जुड़ी कुल 52,029 शिकायतें आईं थीं। इसमें से 49,591 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। इसी तरह विद्युत आपूर्ति से जुड़ी 54,88,834 शिकायतें आईं थीं, जिसमें से 54,82,015 शिकायतों का समाधान कर लिया गया है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयां बंद, हाई पावर कमेटी के फैसले लागू

नोएडा नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने कहा कि जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। कहीं भी कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस को सोशल मीडिया, मीडिया और यूपी-112 के जरिए लगातार इनपुट मिल रहे हैं। हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पहले ही एक हाई-पावर कमेटी का गठन किया था, जिसने मौके पर पहुंचकर सभी पक्षों से बातचीत की और अपनी घोषणाएं भी कर दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री श्रमिकों के प्रति संवेदनशील हैं और उनकी उचित वेतन से जुड़ी मांगों पर निर्णय लिया गया है। कुछ व्यक्तियों और समूहों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिनके खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक और CCTV सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। DGP राजीव कृष्ण ने श्रमिकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें, किसी के बहकावे में न आएं और प्रशासन का सहयोग करें। उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों पर बढ़ी न्यूनतम मजदूरी सरकार ने श्रमिकों व उद्यमियों से संवाद और औद्योगिक सौहार्द व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाई है। समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त हैं। अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन विभाग) और श्रमायुक्त कानपुर इसके सदस्य हैं। आज औद्योगिक इकाइयां बंद समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि एवं उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि भी सदस्य हैं। समिति ने नोएडा पहुंचते ही पहला निर्णय किया कि शांति व्यवस्था बनाने और स्थिति संभालने के मकसद से मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सभी औद्योगिक इकाइयां बंद रहेंगी।  

लखनऊ–कानपुर टेरर मॉड्यूल मामले में मिन्हाज समेत तीन को आजीवन कारावास

कानपुर स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों को दहलाने की साजिश रचने वाले तीन आतंकियों मिन्हाज अहमद, मुशीरुद्दीन और तौहीद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इनकी गिरफ्तारी लखनऊ से हुई थी, लेकिन बाद में यह दावा किया गया कि मिन्हाज और मुशीरुद्दीन ने कानपुर में भी आतंकी नर्सरी तैयार करने की योजना बनाई थी और इसके लिए एक बिल्डर की मदद से चमनगंज में इनके लिए ठिकाना तैयार किया जा रहा था। मिन्हाज और मुशीरुद्दीन के कानपुर कनेक्शन को लेकर कोई जांच रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई, लेकिन इस बार के पुख्ता सबूत बताए गए थे कि दोनों का कानपुर से गहरा नाता था। दावा था कि मिन्हाज ने बताया था कि उसने कानपुर में टेरर क्लास रूम प्लान किया था। इसके लिए जगह की जिम्मेदारी चमनगंज के एक बड़े बिल्डर को दी गई थी। उसने बताया था कि यहां नौजवानों को रेडिकलाइज करके आतंक का पाठ पढ़ाया जाना था। यह भी सामने आया था कि रहमानी मार्केट से मिन्हाज के लिए दो प्री-एक्टिवेटेड सिम और एक मोबाइल उपलब्ध कराया गया था। उस वक्त मीडिया में बिल्डर को उठाकर उनसे पूछताछ की खबर भी सामने आई थी, लेकिन उसकी कभी पुष्टि नहीं हो सकी। यह भी सामने आया था कि मिन्हाज ने चमनगंज के हिस्ट्रीशीटर से एक पिस्टल भी खरीदी थी। इसका फाइनेंसर नई सड़क का एक बिल्डर था। उस वक्त एटीएस व जांच एजेंसियों की चहलकदमी चमनगंज के अलावा पेंचबाग में भी सामने आई थीं। स्लीपर सेल की तरह किया काम जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ साल तक मिन्हाज ने स्लीपर सेल की तरह काम किया और फिर नौकरी जाने के बाद वह सक्रिय रूप से अलकायदा के साथ जुड़कर काम करने लगा। सूत्रों के मुताबिक वह इतना कट्टर हो चुका था कि वह खुद को मानव बम बनाने पर भी राजी हो गया था।  

ई-रिक्शा व ऑटो में जेवर चोरी करने वाला महिला गैंग पकड़ा गया

लखनऊ ऑटो, टेंपो और ई रिक्शा यात्रियों को उलझाकर जेवर चोरी व टप्पेबाजी करने वाले महिला गैंग का खुलासा करते हुए कृष्णानगर पुलिस ने तीन महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की गई सोने की चेन, एक अंगूठी और पायल बरामद की गई है। डीसीपी दक्षिणी अमित आनंद ने बताया कि कृष्णानगर इलाके में नवंबर 2025 से बीते मार्च माह के बीच टप्पेबाजी की तीन घटनाएं घटी थीं। इस मामले में कृष्णानगर पुलिस की एक टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था। पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे 600 से 700 सीसीटीवी कैमरों को चेक किया और वारदात को अंजाम देने वाले गैंग का पता लगाते हुए मंगलवार को डूडा कॉलोनी आशाराम बापू मार्ग मानसनगर से दुबग्गा सीतापुर बाईपास झुग्गी झोपड़ी निवासी शेषकला, उसके पति दयालाल, पूजा और गौरी देवी को गिरफ्तार किया। शेषकला, दयालाल और पूजा मूल रूप से नागपुर के रहने वाले हैं, जबकि आरोपी गौरी देवी बिहार के आरा की निवासी है। महिला दरोगा ने सादे कपड़े में एक हफ्ते तक रेकी की एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने बताया कि इस गैंग का पकड़ने में कृष्णानगर थाने पर तैनात महिला दरोगा सिद्धि मिश्रा की सबसे अहम भूमिका रही। फुटेज मिलने के बाद उन्होंने सादे कपड़े में कई दिनों में घूम-घूम कर गैंग के बारे में पता किया। इसके बाद उन्होंने गैंग के निवास स्थान की पूरी रेकी कर जानकारी जुटाई और फिर पुलिस ने इस गैंग पकड़ा। एसीपी ने बताया कि शेषकला इस गैंग की लीडर है और पहले से उनके खिलाफ बख्शी का ताला, मड़ियांव, हरदोई, नाका में चोरी के कई मामले दर्ज हैं। उल्टी करने के बहाने या पिन चुभोकर वारदात को देते थे अंजाम एसीपी ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह लोग ऑटो, टेंपो और ई रिक्शा में सफर करने वाले ऐसे वृद्धों को शिकार बनाते थे जो जेवर पहने होते थे। आरोपी महिलाएं उसी वाहन में सवार तो जाते थे, जिसमें पीड़ित बैठते थे। सफर के दौरान आरोपी महिलाएं उल्टी करने या पीड़ित को सेफ्टी पिन चुभोकर उनको उलझा कर जेवर चोरी कर लेते थे। आरोपी नागपुर से ट्रेन से लखनऊ व अन्य शहरों में जाकर इलाज के नाम पर या फेरी लगाने के बहाने से भीड़भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम देते थे। बार-बार पता बदले देते थे आरोपी पूछताछ में पुलिस को इस बात का पता चला है कि पुलिस से बचने के लिए आरोपी न सिर्फ अपना ठिकाना बदलते थे, बल्कि आधार कार्ड पर भी पता बदलवा लेते थे। ऐसे में इनको ट्रेस करना पुलिस के लिए मुश्किल होता था।  

योगी सरकार का बड़ा कदम, स्कूलों को नारी शक्ति के निर्माण केंद्र में बदला जाएगा

योगी सरकार का बड़ा कदम, स्कूल बनेंगे नारी शक्ति का निर्माण केंद्र – 16 से 20 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’, प्रदेशभर के स्कूलों में होंगे विशेष आयोजन – योग, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों से बालिकाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता पर फोकस लखनऊ उत्तर प्रदेश में नारी सशक्तीकरण को जमीनी स्तर पर नई दिशा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। अब स्कूलों को ही नारी शक्ति के निर्माण का केंद्र बनाते हुए प्रदेशभर में ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ को शुरू किया जा रहा है। 16 से 20 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के अंतर्गत परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।  अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अभियान को राज्यव्यापी स्तर पर लागू किया जा रहा है। ज्ञात हो कि ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना है, ताकि उन्हें प्रारंभिक स्तर से ही सशक्त बनाया जा सके। 16 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन दिवस’ जारी दिशा-निर्देश के अनुसार 16 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन दिवस’ के रूप में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाली बालिकाओं के अभिभावकों का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही केजीबीवी परिसर में बालिकाओं एवं महिला अध्यापकों द्वारा नारी शक्ति मानव श्रृंखला का निर्माण किया जायेगा और विकास खण्ड स्तर पर महिला वंदन के दृष्टिगत नारी सशक्तीकरण संबंधी कार्यक्रम का आयोजन होगा। 17 अप्रैल को छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर रहेगा फोकस 17 अप्रैल को छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए योगाभ्यास, खेलकूद एवं अनुशासन आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। 20 अप्रैल को निबंध, कविता, पोस्टर, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताएं 20 अप्रैल को छात्राओं की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए निबंध, कविता, पोस्टर, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत किया जाएगा। विभागीय स्तर पर सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि इन कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।  यह है कार्यक्रम 16 अप्रैल को नारी शक्ति सम्मान – सभी परिषदीय विद्यालयों में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाली बालिकाओं की अभिभावकों (माता/पिता) को सम्मान – कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में बालिकाओं एवं महिला अध्यापकों द्वारा नारी शक्ति मानव श्रृंखला निर्माण – विकासखण्ड स्तर पर महिला वंदन के दृष्टिगत नारी सशक्तीकरण संबंधी कार्यक्रम का आयोजन  17 अप्रैल को आत्मरक्षा प्रदर्शन, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियां – कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एनसीसी एवं स्काउट/गाइड की छात्राओं द्वारा अनुशासन एवं वीरता के प्रदर्शन हेतु ड्रिल प्रदर्शन – बालिकाओं द्वारा महिला विभूतियों के जीवन पर आधारित लघु नाटिका, लोकगीत, लोकनृत्य जैसे सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता – बालिकाओं हेतु विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन – रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के अन्तर्गत विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन 20 अप्रैल को वाद-विवाद एवं लेखन प्रतियोगिता – नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का भावी पीढ़ी पर प्रभाव अथवा विकसित भारत नारी की भूमिका विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता  – सशक्त नारी समृद्धि भारत विषय पर निबन्ध, स्वरचित कविता एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन

विरासत का सम्मान : विश्व धरोहर दिवस पर बागपत से शुरू होगी पहली हेरिटेज ट्रेल

'श्री कृष्ण की लीला और पांडवों के पराक्रम' की देखिए अमिट छाप विरासत का सम्मान : विश्व धरोहर दिवस पर बागपत से शुरू होगी पहली हेरिटेज ट्रेल चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता से परिचित होने का मिलेगा मौका प्रदेश को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत से वैश्विक पहचान दिलाने में योगी सरकार का बड़ा कदम द्वापर युग के ऐतिहासिक स्थलों को देख सकेंगे देश-विदेश के पर्यटक बरनावा, सिनौली, लाक्षागृह से लेकर प्राचीन धार्मिक स्थलों तक जोड़ी जाएगी ऐतिहासिक श्रृंखला युवाओं को गाइड, गांवों को होमस्टे और स्थानीय व्यंजनों को मिलेगा बढ़ावा लखनऊ ‘श्री कृष्ण की लीला और पांडवों के पराक्रम’ की कहानी आप सभी ने सुनी होगी। अब इसकी अमिट छाप भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर देश दुनिया के लिए विश्व धरोहर दिवस पर 18 अप्रैल को बागपत से हेरिटेज ट्रेल शुरू की जा रही है। यहां द्वापर युग के ऐतिहासिक स्थलों से देश-विदेश के पर्यटक परिचित हो सकेंगे। इसके अंतर्गत बरनावा, सिनौली, लाक्षागृह से लेकर प्राचीन धार्मिक स्थलों तक ऐतिहासिक श्रृंखला जोड़ी जा रही है। इसकी एक और खास बात है कि युवाओं को यहां गाइड, गांवों को होमस्टे और स्थानीय व्यंजनों को योगी सरकार बढ़ावा भी देने जा रही है। हेरिटेज ट्रेल के माध्यम से पर्यटक बरनावा स्थित लाक्षागृह और पांडवकाल की गुफाओं जैसे स्थलों का अवलोकन कर सकेंगे, जहां महाभारतकालीन इतिहास और उस दौरान के कई प्रसंगों की अमिट छाप देखी जा सकेगी। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटक 4000 वर्ष पुरानी सभ्यता के बारे में जान सकेंगे और इतिहास के अनदेखे पहलुओं को देखकर अभिभूत होंगे। महाभारत से जुड़ा है बागपत का गौरवशाली संबंध बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा मांगे गए पांच गांवों में से एक गांव वर्तमान बागपत जिले के बरनावा क्षेत्र में माना जाता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है तथा इसे हेरिटेज ट्रेल का प्रमुख केंद्र बनाया गया है। हेरिटेज ट्रेल में बरनावा का लाक्षागृह, सिनौली पुरातात्विक स्थल, खंडवारी के प्राचीन अवशेष, पुरा महादेव मंदिर, जोहड़ी मंदिर परिसर, बरौत का ऐतिहासिक क्षेत्र, त्रिलोक तीर्थ धाम तथा यमुना तट के प्राचीन अवशेषों को शामिल किया गया है। बागपत के सिनौली में प्राचीन रथ, तलवार और ढाल मिले हैं, जिनका विशेष पौराणिक महत्व है। युवाओं को मिलेगा रोजगार, गांवों में विकसित होंगे होमस्टे हेरिटेज ट्रेल के तहत स्थानीय युवाओं को पर्यटन गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही गांवों में होमस्टे विकसित कर स्थानीय भोजन, लोक संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पारंपरिक कलाओं को मिलेगा मंच इस पहल के अंतर्गत पॉटरी, पीतरा ड्यूरा, ब्लॉक प्रिंटिंग, इत्र निर्माण सहित पारंपरिक एवं लुप्तप्राय कलाओं की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिलेगा और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण भी होगा। विरासत बनेगी नई पहचान बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि हेरिटेज ट्रेल के माध्यम से बागपत को एक ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। हेरिटेज वॉक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के जरिए जिले की विरासत को नई पहचान दी जाएगी तथा लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना मजबूत होगी।

नोएडा विवाद साजिश का हिस्सा, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच शुरू: अनिल राजभर

साजिश के तहत नोएडा में भड़काया गया विवाद, पाकिस्तान कनेक्शन की भी हो रही जांच: अनिल राजभर नोएडा में हिंसा पर प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान मेरठ-नोएडा में पिछले दिनों 4 संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी से सरकार अलर्ट मंत्री ने की श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील सरकार बोली- श्रमिकों की हर मांग पर संवाद को तैयार, उग्र आंदोलन से बचें सीएम के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर, वार्ता से समाधान पर जोर लखनऊ  नोएडा में हिंसा को उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश के विकास और शांति व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से कराई गई प्रतीत होती है। पिछले दिनों मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े थे। ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की साजिश की आशंका को बल मिलता है। एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम को विफल करने के इरादे से भी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया गया हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर देश विरोधी ताकतें इस तरह के षड्यंत्र रच रही हैं। श्रम मंत्री ने श्रमिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या बहकावे में न आएं और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अराजकता और उग्र आंदोलन किसी समस्या का समाधान नहीं हैं। सरकार आपकी हर बात सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को नोएडा भेजा गया है, जो श्रमिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पहले से भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अनिल राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “श्रमेव जयते” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सरकार लगातार श्रमिक कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार श्रमिकों की मांगों को लेकर संवेदनशील है और हर स्तर पर समाधान के लिए प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने श्रमिकों से आग्रह किया कि वे संवाद का रास्ता अपनाएं और प्रदेश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाते रहें।

UP BJP में बड़े बदलाव के संकेत: योगी से तावड़े की मुलाकात के बाद हलचल तेज

लखनऊ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े ने सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। माना जा रहा है कि तावड़े ने सीएम से प्रदेश भाजपा की नई टीम, निगम-आयोग में खाली पदों पर नियुक्ति के साथ मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले संभावित चेहरों को लेकर चर्चा की है। इसके लिए वह वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा से भी मिले थे। तावड़े ने सबसे बातचीत करने के बाद अपनी रिपोर्ट लेकर दिल्ली चले गए हैं। अब वह इसे केंद्रीय नेतृत्व को सौपेंगे। मंत्रियों के कामकाज को लेकर फीडबैक सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने संगठन और सरकार के अलग-अलग चेहरों के साथ अलग-अलग बैठकर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। कई मंत्रियों के कामकाज से संगठन खुश नहीं है। माना जा रहा है कि जिनका काम खराब है, उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है। कुछ को केंद्रीय संगठन और कुछ को प्रदेश संगठन में मौका मिल सकता है। वहीं, संगठन में जिन्हें एमएलसी या विधायक बनाया जा चुका है, उन्हें संगठन के काम से मुक्त किया जा सकता है। भाजपा प्रदेश संगठन की योजना है कि सालों से काम कर रहे चेहरों की बजाए नए चेहरों को मौका दिया जाए। सूत्रों के मुताबिक 2027 की चुनावी तैयारी के लिए जातीय समीकरण के लिहाज से भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। युवा चेहरों को मिलेगा मौका सूत्रों के मुताबिक, अब तक जितना भी फीडबैक आया है, उसके हिसाब से आयोग और निगमों में पुराने कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा। संगठन के कुछ पुराने कार्यकर्ताओं को भी निगम और आयोग में भेजा जा सकता है। वहीं, संगठन और सरकार में अब नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। इनमें दलित और ओबीसी चेहरों को आगे किया जा सकता है। यह सारी रिपोर्ट और जमीनी फीडबैठक राष्ट्रीय महामंत्री ने तैयार किया है। जल्दी ही इसे लेकर दिल्‍ली में बैठक भी होगी। इसके बाद बदलाव किए जा सकते हैं।

रोजगार मेले में 27 हजार युवाओं का पंजीकरण, बड़ी संख्या में युवाओं को मिला रोजगार

रोजगार मेले में 27 हजार युवाओं का पंजीकरण, बड़ी संख्या में मिला रोजगार 200 से अधिक कंपनियों ने की भागीदारी, युवाओं को उद्योगों से सीधे जुड़ने का मिला अवसर मुजफ्फरनगर  मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में  आयोजित भव्य रोजगार मेला एवं विकास कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के समग्र विकास, युवाओं के सशक्तीकरण और किसानों के कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा तैयार “कौशल दर्शन” पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की सफलता की कहानियों का संकलन है। साथ ही मिशन द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। 200 से अधिक कंपनियों की भागीदारी रोजगार मेले में 200 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिससे युवाओं को सीधे उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिला। इस मेले में 27,000 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से बड़ी संख्या में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह मेला युवाओं के लिए एक सशक्त प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है, जहां उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिल रहा है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि जो युवा इस बार चयनित नहीं हो सके हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार समय-समय पर ऐसे अवसर उपलब्ध कराती रहेगी। बड़ी संख्या में युवाओं की रही मौजूदगी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार मेलों के जरिए न केवल नौकरी के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निवेश, उद्योग और तकनीकी विकास को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए और अधिक रोजगार सृजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन उत्साह और ऊर्जा से भरपूर नजर आया।