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डिप्रेशन से जूझता युवा मुजाहिद शेख बना आत्मनिर्भर उद्यमी

लखनऊ जब हालात इंसान को चारों तरफ से घेर लेते हैं और रास्ते बंद नजर आने लगते हैं तब या तो व्यक्ति टूट जाता है या फिर इतिहास रचता है। लखीमपुर खीरी के मुजाहिद शेख ने दूसरा रास्ता चुना। डिप्रेशन, आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा से गुजरते हुए उन्होंने न केवल खुद को संभाला बल्कि एक ऐसी पहचान बनाई जो आज उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की मिसाल बन चुकी है। यह कहानी केवल एक युवक की नहीं, बल्कि उस सोच की है जिसमें योगी आदित्यनाथ सरकार के विजन से जीवन, संघर्ष से सफलता में बदल जाता है ।  खेती की गिरती आय और जिम्मेदारियों का दबाव लखीमपुर खीरी जैसे कृषि प्रधान जिले में पले-बढ़े मुजाहिद का परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर था। समय के साथ खेती की लागत बढ़ती गई लेकिन आमदनी घटती चली गई। परिवार की जरूरतें बढ़ीं। बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता ने आर्थिक दबाव को और गहरा कर दिया। मेहनत के बावजूद जब हालात नहीं बदले तो निराशा मन में घर करने लगी। डिप्रेशन के साथ समाज की बेरुखी भी झेलनी पड़ी लगातार तनाव ने मुजाहिद को डिप्रेशन की स्थिति में पहुंचा दिया। मानसिक संघर्ष के इस दौर में उन्हें सहयोग की जगह ताने मिले। लोग मजाक बनाने लगे। आत्मविश्वास टूटने लगा और भविष्य धुंधला नजर आने लगा। लखीमपुर खीरी में ही उन्हें समय पर इलाज और काउंसलिंग मिली जिससे उन्हें दोबारा सकारात्मक सोचने और खड़े होने की ताकत दी। उनके जीवन का तीन साल डिप्रेशन में बीत गए थे। योगी सरकार के विजन से मिली नई राह स्वास्थ्य में सुधार के बाद मुजाहिद के सामने सबसे बड़ा सवाल आजीविका का था। इसी मोड़ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उनके जीवन में निर्णायक साबित हुई। बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा ने उस डर को खत्म कर दिया, जो वर्षों से उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहा था। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने प्रक्रिया में सहयोग किया और भरोसा दिया कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। डिजिटल सोच से गांव में बदलाव ला रहे है मुजाहिद  ऋण मिलने के बाद मुजाहिद ने सबसे पहले डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोली और उन्होंने उन लोगों की सहायता की जो केवल ऑफलाइन व्यापार कर रहे थे। धीरे-धीरे छोटे दुकानदार और सेवा प्रदाता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने लगे। गांव में डिजिटल सेवाओं का एक नया केंद्र तैयार हो गया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन का जमीनी रूप था। इसके बाद उन्होंने थायरोकेयर की फ्रेंचाइजी ली और सलबोटॉमिस्ट का कोर्स किया। इस कोर्स के जरिए उन्होंने ब्लड सैंपल कलेक्शन की पूरी प्रक्रिया सीखी। फिर अपने गांव से ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजना शुरू किया। इससे ग्रामीणों को घर के पास जांच सुविधा मिलने लगी। संघर्ष से सफलता की नींव होती जा रही है मजबूत आज मुजाहिद का व्यवसाय मजबूती से चल रहा है। वे हर माह आसानी से 5000 रुपये की किश्त जमा कर रहे हैं। 400 से अधिक सेवाएं प्रदान कर वे गांव के लिए भरोसे का नाम बन चुके हैं। उन्होंने अपनी फर्म एमएसओ इंटरप्राइजेज बनाकर फ्रेंचाइजी देना भी शुरू कर दिया है, जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल भी शुरू किया जिसके माध्यम से वे लोगों को डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय मिलने के साथ गाँव में पहचान भी मिलने लगी है। नेतृत्व को श्रेय और आत्मनिर्भरता की भावना मुजाहिद अपनी सफलता का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हैं। वह कहते है कि "यदि सरकार ने युवाओं पर भरोसा न किया होता तो वे आज भी संघर्ष में फंसे रहते। डिजिटल इंडिया को लेकर सरकार की पहल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों तक रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।  योगी सरकार का आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना मेरे जीवन में साकार हुआ है।" परिवार के सपनों को मिली नई उड़ान जीवन में आर्थिक स्थिरता आने के बाद मुजाहिद का पारिवारिक जीवन पूरी तरह बदल गया। अब वे अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ संतोष और सम्मान का जीवन जी रहे हैं। अपने तीनों बच्चों का दाखिला उन्होंने निजी स्कूल में कराया जिससे कि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके। दुकान के पीछे एक कमरा बनवाकर अपने परिवार को वहीं शिफ्ट कर लिया।  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के प्रति लोगों को कर रहे जागरूक सफलता मिलने के बाद मुजाहिद का सपना केवल स्वयं तक सीमित नहीं है। वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में लोगों को जागरूक करने का भी काम कर रहे हैं, जिससे कि जरूरतमंद युवा इसका लाभ ले सकें। उन्होंने अपने गांव की लड़कियों के लिए एक सप्ताह का निशुल्क कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे वे डिजिटल रूप से सशक्त बन सकें और आत्मनिर्भर हो सकें। युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही मुजाहिद शेख की कहानी मुजाहिद शेख की कहानी बताती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों लेकिन सही नेतृत्व, सही नीति और मजबूत इच्छाशक्ति से जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। यह कहानी हर उस युवा को प्रेरित करने का काम कर रही है जो आज संघर्ष की राह पर अग्रसर है। योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन आज युवाओं को बड़ा अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुजाहिद शेख उसी विजन का एक जीवंत उदाहरण बनकर सामने आये हैं।

जो भी अपराध का हिस्सा होगा उसे बचा नहीं पाएगी अखिलेश यादव एंड कंपनी: केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री बोले, कोडीन कफ सिरप मामले से जुड़े दोषियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई, दोषियों को उल्टा लटकाकर करेंगे सीधा लखनऊ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के खिलाफ करारा प्रहार किया। शनिवार को उन्होंने कहा कि माफिया और समाजवादी पार्टी एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कोई भी हो, उसे उल्टा लटकाकर सीधा किया जाएगा और उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौर्य के अनुसार इस मामले में पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है। जो भी इस अपराध का हिस्सा होगा, उसे अखिलेश यादव एंड कंपनी नहीं बचा पाएगी। एक-एक दोषी को खोज निकाला जाएगा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव चोरी और सीनाजोरी के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मामले का जो भी दोषी है, चाहे वे हों जिनका नाम अखिलेश यादव ले रहे हैं या फिर जिनका नाम जांच में सामने आ रहा है, एक-एक दोषी को खोज निकाला जाएगा। उन सभी को पकड़कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समाज के साथ द्रोह है अपराध उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस प्रकार का अपराध समाज के साथ द्रोह है। ऐसे समाज-द्रोहियों, सिरप के नाम पर जहर पिलाने वालों को बख्शा नहीं जा सकता है। मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अखिलेश यादव पर प्रहार मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए मौर्य ने कहा कि बिहार चुनाव में उन्होंने सोचा था कि उनके रिश्तेदार तेजस्वी यादव जीत जाएंगे और मुख्यमंत्री बन जाएंगे, फिर उनका भी नंबर लग जाएगा। जब से बिहार का चुनाव हारकर आए हैं, तब से उनका मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है। मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर यदि अखिलेश यादव के पुराने ट्वीट उठा लिए जाएं तो वे हर दिन किसी न किसी नए शब्द का प्रयोग करते हैं। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम है बहुत जरूरी उप मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम बहुत आवश्यक था। चुनाव आयोग को हम इसके लिए आभार प्रकट करते हैं कि एक बहुत बड़ा काम हो रहा है। यह प्रक्रिया पहले भी नियमित अंतराल पर होती रही है। उन्होंने कहा कि इस समय जो कार्य हो रहा है, वह आने वाले समय के लिए, मतदाताओं की सत्यता के लिए और विदेशी घुसपैठियों से मुक्त मतदाता सूची के लिए बहुत आवश्यक है। जो स्वर्गीय हो चुके हैं, जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत है उनके नामों को हटाने और 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ने के लिए यह अभियान चल रहा है। मौर्य ने कहा कि फॉर्म-6 को लेकर भाजपा का कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मेहनत कर रहा है। समाजवादी पार्टी के पास कार्यकर्ता नहीं हैं, इनके पास तो गुंडे, माफिया और अपराधी हैं। इनकी यही दशा होगी। कार्यकर्ताओं के कारण ही हमारा बूथ सबसे मजबूत है। आरक्षण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा। ओबीसी, एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के गरीबों का जितना भी आरक्षण है, वह निश्चित तौर पर उन्हें दिया जाएगा। लेखपाल भर्ती को लेकर उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और यदि कोई भी अधिकारी गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया है। साथ ही, मुख्य सचिव को भी लिखा गया है कि तत्काल गलतियों को सुधारकर कार्रवाई की जाए।

फोटो विवाद पर अखिलेश यादव का पलटवार: कफ सिरप आरोपियों के साथ दिखने वालों पर चले बुलडोजर

लखनऊ  सपा प्रमुख के साथ दिख रहे व्यक्ति को कफ सिरप का वांछित बताए जाने पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, कई तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। अगर तस्वीर में जो दिख रहा है, उसमें सपाई हैं तो उन सभी के यहां बुलडोर चलवाएं। कालीन भैया, कोडीन भैया सभी के यहाँ बुलडोजर चले। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, मेरे साथ खड़ा होने वाला अगर माफिया है तो मेरी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ भी है। उन्होंने कहा, भाजपा दूसरों पर आरोप लगाती रहती है। भाजपा झूठ बोलती है। अखिलेश ने शेरो-शायरी के जरिए भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, अपना चेहरा न पोछा गया आपसे आइना बेवजह तोड़ कर रख दिया। यही कसूर है कि अपनों को बचाते रहे और दूसरों पर लगाते है।   पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा पर हमलावर हुए अखिलेश ने कहा, कोडीन मामले में स्टोरी को फालो करे तो पता चल जाएगा। 136 जिलों में एक से अधिक एफआईआर है। पूर्व आईपीएस मामले पर अखिलेश बोले, अमिताभ ठाकुर पुलिस के सामने पत्रकारों से कुछ कहना चाहते थे तो सारी पुलिस सीटी बजाने लगी। आजम खां के ऊपर कितने मुक़दमे लगा दिए गए। ऐसे न जाने कितने मुक़दमे लगा दिए गए। सपा प्रमुख बोले, भाजपा सरकार पर्यावरण को लेकर बिलकुल चिंतित नहीं है। ये सरकार उधोगपतियों के लिए कुछ भी कर सकती है इसीलिए पर्यावरण का अधिक खतरा है। फसल बीमा योजना में किसानो से ज्यादा बीमा कम्पनियो को फायदा है। ये सरकार स्वजातीय लोगो पर कार्रवाई नहीं करती। अखिलेश ने सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाने की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि यह समुदाय के सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के लिए एक सही श्रद्धांजलि होगी। यादव ने केंद्र से देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में और मिलिट्री स्कूल स्थापित करने का भी आग्रह किया। पूर्व सैनिकों और 1962 के भारत-चीन युद्ध के दिग्गजों को सम्मानित करने के बाद यादव ने कहा कि अहीर रेजिमेंट की मांग नई नहीं है, और इसे पहले भी समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, "आज, जब हम इन बहादुर सैनिकों का सम्मान करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ाई लड़ी, तो हम उनके सम्मान और रेजिमेंट के सम्मान के लिए सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग को भी दोहराते हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अन्य रेजिमेंट बनाने की मांगें हैं, तो उन्हें भी आगे लाया जाना चाहिए।  

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बनाई गईं जिला स्तरीय सत्यापन समितियां, अवैध ईंट भट्टे के संचालन और वायु प्रदूषण के मामले में कमी दर्ज

ईंट भट्टों के विनियमन से प्राप्त हुई 193.5 करोड़ की आय, प्रदूषण नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सफलता मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बनाई गईं जिला स्तरीय सत्यापन समितियां, अवैध ईंट भट्टे के संचालन और वायु प्रदूषण के मामले में कमी दर्ज एनजीटी के मानकों के अनुरूप हो रहा यूपी में ईंट भट्टों का संचालन, लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी में वायु प्रदूषण के मामलों में आयी कमी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ईंट भट्टों के विनियमन के लिए जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिससे एक ओर प्रदेश में ईंट भट्टों के संचालन का नियमितीकरण हुआ है, साथ ही एनजीटी के मानकों के अनुरूप प्रदूषण स्तर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण उपाय लागू किये जा सके हैं। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईंट भट्टों से लगभग 193.5 करोड़ रुपये विनियमन शुल्क के रूप में आय की प्राप्ति हुई है। जो न केवल प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रदेश में ईंट भट्टों के नियमित संचालन और एनजीटी के मानकों के अनुपालन के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिनके माध्यम से प्रदेश में ईंट भट्टों के सत्यापन अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन समितियों ने भट्टा मालिकों से विनियमन शुल्क का शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की, जिसके फलस्वरूप राज्य को लगभग 193.5 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है, जो पिछले वर्षों में प्राप्त विनियम शुल्क की तुलना में अधिक है। साथ ही उन्होंने बताया कि सत्यापन अभियान के तहत प्रदेश में चल रहे हजारों की संख्या में अवैध ईंट भट्टों को बंद कराया गया, साथ ही कई भट्टों में मानक के अनुरूप प्रबंधन करा कर उन्हें मानकीकृत किया गया है। इन समितियों का संचालन जिला अधिकारी, अपर जिला अधिकारी, एसडीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, स्थानीय पुलिस और पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है ।  ईंट भट्टों के जनपद स्तरीय सत्यापन से न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि अवैध ईंट भट्टों के संचालन में 70 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। साथ ही ईंट भट्टों का संचालन में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के कड़ाई से अनुपालन ने वायु प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों के तहत सभी वैध भट्टों को जिग-जैग तकनीक, ऊंची चिमनियां और कम प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग अनिवार्य किया गया। समितियों ने सत्यापन के दौरान 80 प्रतिशत भट्टों को एनजीटी अनुपालन प्रमाणित किया गया, जबकि बाकी को सुधार के लिए समय दिया गया है। वायु प्रदूषण के मामले में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा के साथ राज्य के दिल्ली एनसीआर के जिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। ईंट भट्टों के सत्यापन के लिए बनाई गईं जनपद स्तरीय समितियों के सफल संचालन से न केवल प्रदेश को आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपल्ब्धि हासिल की है।

कफ सिरप कांड पर यूपी सरकार सख्त: मंत्री सुरेश खन्ना बोले– किसी कीमत पर नहीं बचेंगे दोषी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कोडिंग युक्त कफ सिरप मामले को लेकर सरकार की गंभीरता के बारे में बात की उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा… साथ ही उन्होंने कफ़ सिरप मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आरोपियों को बचाना चाहते हैं और जिस तरह से अखिलेश यादव का फोटो आरोपी के साथ सामने आया है उस पर अखिलेश यादव को देश को यह बताना चाहिए कि उनका इनके साथ क्या संबंध है देश यह जवाब चाहता है। अखिलेश यादव लगातार सरकार के ऊपर इसलिए हमला बोलते हैं कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है सरकार ने कफ सिरप मामले में गंभीर धाराओं में आरोपियों के साथ-साथ 140 फर्म के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

तेजस्वी यादव की सीट पर आग का तांडव, शॉर्ट सर्किट से मची अफरातफरी, 20 घर जले

वैशाली वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके में भीषण आग लगने से करीब 20 घर जलकर राख हो गए। यह घटना देर रात जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के जुड़ावनपुर करारी पंचायत अंतर्गत माली टोला में हुई। जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। सबसे पहले दिनेश भगत के घर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसके बाद तेज पछुआ हवा के चलते आग ने देखते ही देखते आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही कई अग्निशामक वाहन मौके पर पहुंचे और दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 20 घर पूरी तरह जल चुके थे। इस हादसे में गोरख भगत, कृष्ण भगत, रंजीत कुमार मालाकार, नीतीश कुमार, नमेधारी राय, चनारीक राय, दिलीप राय, मुन्नी देवी, कन्हैया कुमार, सन्नी कुमार, मनीष कुमार, पुतुल कुमारी, सिमरन कुमारी, अंजली कुमारी समेत कई परिवारों के घर जलकर राख हो गए। आगजनी में लगभग 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। सभी अग्नि पीड़ित परिवार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, ऐसे में इस घटना ने उनकी रोजी-रोटी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो महीने पहले भी इसी गांव में भीषण आग लगी थी, लेकिन अब तक पीड़ितों को कोई ठोस सहायता नहीं मिल पाई है, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की खिचड़ी मेला, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों तथा जिले में जारी विकास कार्यों की समीक्षा की। खिचड़ी मेले की तैयारियों को लगभग पूर्ण जानकर उन्होंने संतोष जताया। साथ ही कहा कि नववर्ष के पहले दिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ प्रशासन के लिए खिचड़ी मेला के प्रबंध के रिहर्सल के रूप में होगी। इस दिन के प्रबंध से खिचड़ी मेला की तैयारियों को भी भौतिक रूप से परखने का अवसर मिल जाएगा।  समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने खिचड़ी मेला के प्रबंध को लेकर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनकी तैयारी की जानकारी ली। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में तय की गई समय सीमा 20 दिसंबर के पूर्व ही सभी तैयारियां संतोषजनक मिलीं। उन्होंने तैयारियों पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि खिचड़ी मेला से पहले नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी को भी मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन को भारी भीड़ उमड़ेगी। यह मेला की तैयारियों के रिहर्सल का अच्छा मौका होगा। खिचड़ी मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। गोरखपुर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को मिले भरपूर मौका 11 से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, प्रतिभाओं को भरपूर मौका दिया जाए। पारंपरिक वाद्य, गायन व नृत्य कलाओं को महोत्सव के जरिये प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जाएं। कहा कि महोत्सव को लेकर जो भी कार्य शेष रह गए हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर महोत्सव में हरेक सेक्टर के विकास, योजनाओं और उपलब्धियों पर गोष्ठी कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।  नववर्ष के पहले दिन रामगढ़ताल क्षेत्र में हों सुरक्षा और सुविधा के पर्याप्त इंतजाम मुख्यमंत्री ने नववर्ष के पहले दिन शहर के खास पर्यटन केंद्र रामगढ़ताल क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद को देखते हुए लोगों की सुविधा और सहूलियत के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर आए नववर्ष के पहले दिन इस क्षेत्र में सीसी कैमरों से निगरानी की जाए ताकि कोई अराजकता न फैलाने पाए। उन्होंने इस अवसर विशेष पर रामगढ़ताल क्षेत्र में पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था करने और इसका समय रहते प्रचार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कहीं भी सड़क पर वाहन न खड़े होने पाएं।  सड़क निर्माण की परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराएं जनपद में जारी विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि सड़क निर्माण की जितनी भी परियोजनाएं जारी हैं, उनको गुणवत्तापूर्ण तरीके से तेजी से पूर्ण कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा सुगम यातयात व्यवस्था देना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विरासत गलियारा की भी समीक्षा की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि विरासत गलियारा के दायरे में आने से जो दुकान पूरी तरह प्रभावित हुईं हों, उनके स्वामियों को दुकान उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम और जीडीए की तरफ से पहल की जाए। प्रभावित दुकानदारों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने शीतलहर में आमजन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाने के भी निर्देश दिए। बैठक में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह सहित प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनता दर्शन में आई शिकायत पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए निर्देश

कड़ाके की ठंड में भी सीएम योगी ने किया जनता दर्शन, 250 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम ने  गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि लोगों को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाय। ऐसे एजेंटों से पीड़ितों का पूरा पैसा भी वापस कराया जाय। उन्होंने विदेश भेजने के नाम पर फ्राॅड करने वालों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार सुबह कड़ाके की ठंड में आयोजित जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए दिए। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने करीब 250 लोगों से मुलाकात की। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी निराकरण कराया जाएगा। जनता दर्शन में आई एक महिला ने परिवार के एक सदस्य को विदेश भेजने के नाम पर एजेंट द्वारा ठगी किए जाने का मामला मुख्यमंत्री को बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित का पैसा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला को भी समझाते हुए कहा, विदेश जाने के नाम पर एजेंटों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। गलत तरीके से जाने पर लोगों को वहां जेल में रहना पड़ जाता है।  जनता दर्शन में आए पुलिस से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पीड़ितों की मदद में विलंब और लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में  किसी तरह की लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार-दुलारकर सीएम योगी ने उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दिया।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और स्पष्ट निर्देशों के बाद जागा राजस्व परिषद, आयोग को भेजा जाएगा संशोधित अधियाचन

सभी विभागों को मुख्यमंत्री को दो टूक चेतावनी, भर्तियों में लंबवत और क्षैतिज हर तरह के आरक्षण प्रावधानों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री लखनऊ राजस्व लेखपाल भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व परिषद को कड़ी चेतावनी दी है और साफ निर्देश दिए हैं कि आरक्षण प्रावधानों में किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद अब श्रेणीवार रिक्तियों के आंकड़ों की दोबारा समीक्षा कर रहा है और संशोधित अधियाचन तैयार कर उसे एक सप्ताह के भीतर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि भर्ती पूर्णतः नियमसम्मत और आरक्षण प्रावधानों के शत-प्रतिशत अनुपालन के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। लंबवत और क्षैतिज दोनों तरह के आरक्षण का सम्मान न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना भी है। उन्होंने सभी विभागों को दो टूक संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि आरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और ऐसी त्रुटियाँ शासन के स्तर पर कदापि स्वीकार नहीं होंगी। बता दें कि राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों के लिए 16 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन के बाद यह तथ्य सामने आया कि जनपदों से भेजे गए श्रेणीवार आंकड़ों में स्पष्ट विसंगतियाँ थीं। मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद अब राजस्व परिषद श्रेणीवार कार्यरत एवं रिक्त पदों की गणना को पुनः सत्यापित कर रहा है, ताकि संशोधित अधियाचन पूरी तरह त्रुटिरहित स्वरूप में आयोग को भेजा जा सके। राजस्व परिषद की सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद परिषद ने प्राथमिकता से सभी आंकड़ों की समीक्षा प्रारंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि संशोधित अधियाचन आयोग को भेजे जाने के उपरांत लेखपाल भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, विवाद-मुक्त और आरक्षण प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन के साथ आगे बढ़ेगी। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी, विसंगतियों पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है, और युवाओं के भविष्य से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून सम्मत आचरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेखपाल भर्ती में हुआ यह हस्तक्षेप न केवल वर्तमान प्रक्रिया को सुधारने वाला कदम है, बल्कि आने वाली सभी भर्तियों के लिए भी सख्त संदेश है कि आरक्षण संबंधी नियमों के पालन में जरा भी ढिलाई नहीं चलेगी।

एसआईआर अभियान को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने की पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में अपना शत प्रतिशत योगदान दें। एसआई आर में लगने वाली आपकी मेहनत लोकतंत्र के लिए है इसलिए घर-घर संपर्क करें। एक-एक नाम जुड़वाने का काम करें। मतदाता सूची में कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए। कार्यकर्ता घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने का कार्य करें। सीएम योगी शुक्रवार दोपहर बाद योगिराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में एसआईआर अभियान को लेकर  भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। बैठक में भाजपा महानगर के सात मंडलों के पदाधिकारी-कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत के लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं, वही लोग एसआईआर पर अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं। वह जीते तो उनका पुरुषार्थ और अगर वह हारते हैं तो इवीएम को दोषी ठहराते हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का यही एकमात्र मुद्दा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र मजबूत होगा देश मजबूत होगा। विपक्षी पार्टियां नहीं चाहतीं कि लोकतंत्र मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने एसआईआर अभियान को एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में सभी को अपना योगदान देना होगा। उन्होंने मंडल अध्यक्षों से एसआईआर के तहत अब तक किए गए कार्यों का वृत्त लिया और प्रारूप 6, 7 और 8 का बैग भी कार्यकर्ताओं को दिया।  बैठक को सांसद रविकिशन शुक्ल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ.धर्मेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। विषय प्रस्तावना, स्वागत भाषण व आभार ज्ञापन महानगर संयोजक राजेश गुप्ता ने तथा संचालन महामंत्री अच्युतानंद शाही ने किया। बैठक में विधायक विपिन सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष  विश्वजितांशु सिंह आशु, डॉ. सत्येन्द्र सिन्हा, महानगर महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा, इन्द्रमणि उपाध्याय, महानगर इकाई के अन्य पदाधिकारी, राप्ती नगर, मालवीय नगर, दीनदयाल नगर, गोरक्ष नगर, आर्य नगर, बिस्मिल नगर व गीता नगर मंडलों के अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक आदि उपस्थित रहे।