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अयोध्या योगी सरकार में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है

अयोध्या के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सीएम योगी की दूरदर्शी सोच का योगदान 2031 तक अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक शहर बनाने का प्लान  लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं। अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है।     अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए। शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा। ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है।  इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए। अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे।  अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है। इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है।  महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी। इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है। इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है। यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है।   अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है। रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है। इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है।  आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है। यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है। इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है।   राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है। इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है। इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं।  गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है। लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है। इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं।  होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं। इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है। इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है। इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है। 

श्रीराम मंदिर बनने से कारीगरों के हाथों को काम, कला को मिल रहा है सम्मान

 सीएम योगी के विजन से युवाओं के लिए रोजगार की ऊचाइयों के नये आयाम खुल रहे हैं अयोध्या के विकास से नौजवानों के लिए खुले रोजगार के असीमित दरवाजे सीएम योगी के अथक परिश्रम से युवाओं का रुका पलायन, घर लौट रही हैं उम्मीदें रिवर्स माइग्रेशन शहर की आर्थिक सेहत का सबसे मजबूत संकेत  अयोध्या के विकास से ODOP उत्पाद गुड़ और स्थानीय उत्पादों की विदेशों में धमक  लखनऊ अयोध्या सिर्फ परंपरा का प्रहरी मात्र नहीं बल्कि भविष्य के विकास का ध्वजवाहक भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डेडीकेशन और विजन का परिणाम है कि राम मंदिर निर्माण के बाद यह शहर केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का केंद्र बन चुका है। परिवर्तन की इस यात्रा में अयोध्या ध्वजारोहण समारोह एक ऐसा उत्सव बनकर उभर रहा है जो विकास की पूरी दास्तान को अपने भीतर समेटे हुए है। यह समारोह सिर्फ आस्था का पर्व नहीं, बल्कि एक ऐसा आयोजन है जिसने युवाओं, उद्योगों, कारीगरों और आम नागरिकों के लिए नये अवसरों का दरवाजा खोल दिया है। ध्वजारोहण उत्सव से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में वृद्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं बल्कि विकास की प्रयोगशाला बन चुका है। अयोध्या के ऐतिहासिक विकास ने युवाओं की ज़िंदगी में नई रोशनी, स्थानीय उद्योगों में नई सांसें और परंपरागत कला में एक नई दिशा दी है। अयोध्या में 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आएंगे। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टूर और ट्रेवेल्स, स्थानीय उत्पादों, ODOP के तहत गुड़ कारोबार जैसे अनेकों व्यवसाय में वृद्धि देखने को मिलेगी। अनुमान है कि अयोध्या में इस दौरान करोड़ों का कारोबार होगा।  युवाओं के लिए रोजगार की ऊँचाइयों का नया एजेण्डा अयोध्या के ध्वजारोहण समारोह से पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियां नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।  जब लाखों श्रद्धालु शहर की तरफ उमड़ते हैं, तो शहर की अर्थव्यवस्था भी उतनी ही तेजी से चलती है। होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियां, सुरक्षा सेवाएं, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियाँ और स्थानीय दुकानों के लए लाभ के दरवाजे खुल जाते हैं। उत्तर प्रदेश में धार्मिक केंद्रों के रूप में अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज के पर्यटन में बड़ी उछाल आई है। इस क्षेत्र में 2017 से अब तक पर्यटकों की संख्या में 361% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश का पर्यटन सेक्टर अगले कुछ वर्षों में 70,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। विकास परियोजनाएं अयोध्या को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही हैं। “राम वन गमन पथ” का निर्माण 4,403 करोड़ रुपये से हो रहा है। ग्रीनफील्ड टाउनशिप प्रोजेक्ट 2,182 करोड़ से बन रहा है। शहर की जनसंख्या और भूमि उपयोग की योजना भी स्पष्ट है। अयोध्या शहर की वर्तमान आबादी लगभग 11 लाख है, जो 2031 तक लगभग 24 लाख और 2047 तक लगभग 35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इन विकास परियोजनाओं का सीधा लाभ युवाओं को मिल रहा है। उनके लिए लिए रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।  युवाओं के लिए खुले रोजगार के असीमित दरवाजे युवाओं के लिए जहाँ पहले रोजगार सीमित थे, वही आज अवसरों की बाढ़ आ गई है। हजारों नौजवान गाइडिंग, फोटोग्राफी, सोशल मीडिया प्रबंधन, सांस्कृतिक आयोजन, परिवहन सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और होटल प्रबंधन में नए रोल निभा रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि रोजगार की संभावनाओं को नए पर लग रहे हैं।  युवाओं का रुका पलायन, घर लौटती उम्मीदें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि अयोध्या के युवा आज रोजगार के लिए शहर नहीं छोड़ रहे, बल्कि बाहरी कंपनिया अब अयोध्या में अपनी शाखाएं खोलने में रुचि दिखा रही हैं। इससे स्थानीय युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक नौकरी मिल रही है। 2017 से पहले युवाओं के बीच यह अवधारणा बन गई थी कि छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं को बड़े सपने देखने का हक नहीं। करियर के नाम पर उन्हें महानगरों की दौड़ धूप में जाना ही पड़ता था। लेकिन अयोध्या ने इस मिथक को तोड़ दिया है। राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के भव्य विकास के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि यहा से जाने वाले युवा अब वापस लौट रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन शहर की आर्थिक सेहत का सबसे मजबूत संकेत स्थानीय रोजगार में वृद्धि, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार और पर्यटन उद्योग के विस्तार ने युवाओं को यह भरोसा दिया है कि उनके सपने अब उनके अपने शहर में पूरे हो सकते हैं। आज अयोध्या के युवा अपने परिवारों के साथ रहकर वही कमा पा रहे हैं, जो पहले उन्हें मीलों दूर रहकर कमाना पड़ता था। यह बदलाव सिर्फ रोजगार का नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और परिवारिक मजबूती का भी प्रतीक है। अयोध्या के विकास से ODOP उत्पाद गुड़ की विदेशों में धमक  उत्तर प्रदेश का ODOP (एक जिला, एक उत्पाद) अभियान अयोध्या की वास्तविक ताकत बनकर उभरा है। अयोध्या की काष्ठकला, गुलाब उत्पाद, धार्मिक उपहार, मूर्तिकला, राम नाम से जुड़े स्मृति चिह्न सबको देश-विदेश के बाजारों में नई पहचान मिली है।  कारीगरों के हाथों को काम, कला को सम्मान राम मंदिर आने वाले लाखों पर्यटकों की वजह से स्थानीय उत्पादों की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। इससे स्थानीय कलाकारों, महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। ODOP ने न केवल रोजगार दिया, बल्कि कला को उसकी असली कीमत भी दिलाई है।

जिलाधिकारी एक्शन मोड में: आरोग्यम फेज 2.0 को लेकर मीटिंग में दिए अहम निर्देश

औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में आरोग्यम फेज 2.0 कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में शनिशार काे बैठक कर स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को दायित्व सौंपे।  उन्होंने बताया कि दूरस्थ ग्रामों को प्राथमिकता देते हुए माइक्रो प्लान के आधार पर न्याय पंचायतवार शिविर आयोजित किए जाएंगे। 18 नवंबर से 8 जनवरी तक प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से आरोग्यम शिविर लगेंगे। इसके लिए 75 नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी को कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है और उन्हें डिजिटल डायरी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आरबीएसके टीम की शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में गति लाने के निर्देश दिए। एनआरसी में कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई। ई-कवच पोर्टल और अन्य फीडिंग कार्यों में लापरवाही पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नवजात मृत्यु दर को गंभीरता से लेते हुए सभी एमओआईसी को प्रत्येक मृत्यु की वजह और रोकथाम संबंधी सुझाव ऑडिट रिपोर्ट के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

51 हजार से अधिक किसानों से किया गया धान क्रय

3.01 लाख मीट्रिक टन हुई धान खरीद  3.82 लाख किसानों ने धान खरीद सत्र में कराया पंजीकरण  धान (कॉमन)-2369 व (ग्रेड-ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही खरीद लखनऊ  पहली अक्टूबर से पश्चिम व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू हुई थी। योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल अन्नदाता किसान निरंतर इससे जुड़ रहे हैं। 14 नवंबर तक 51,361 किसानों से 3.01 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद हो चुकी है। धान (कॉमन)-2369 व (ग्रेड-ए) की खरीद 2389 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक धान खरीद सत्र के लिए शुक्रवार तक 3,82,997 किसानों का पंजीकरण किया गया है। वहीं 51,361 किसानों से 3.01 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। अब तक प्रदेश में 4139 क्रय केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है।  सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे में किसानों को किया जा रहा भुगतान  सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जा रहा है।  किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। किसान अपनी समस्याएं टोल फ्री नंबर 18001800150 पर जानकारी ले सकते हैं या अपनी समस्या भी बता सकते हैं।   पहली अक्टूबर से पश्चिम उत्तर प्रदेश व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में हो रही खरीद  पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी व लखनऊ संभाग के जनपद (लखीमपुर खीरी, हरदोई व सीतापुर) में पहली अक्टूबर से धान खरीद हो रही है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी व लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली व लखनऊ में पहली नवंबर से धान खरीद हो रही है।

लखनऊ की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में दिखेगा लघु भारत का भव्य नजारा

लखनऊ में जुटने जा रहा 'मिनी इंडिया': विज्ञान, संचार और स्वास्थ्य की विशेष व्यवस्था 33,000 स्काउट्स एवं गाइड्स उठायंगे देशभर के खान-पान का स्वाद    जंबूरी में होगी अभेद्य सुरक्षा, कैंडिडेट्स के स्वास्थ्य के लिए बनेगा 100 बेड का अस्थायी अस्पताल  जंबूरी में होगा विविधता और तकनीक का संगम, अस्थाई तारामंडल और निर्बाध इन्टरनेट भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 75वीं वर्षगांठ: लखनऊ में होगा एशिया-पैसिफिक देशों के प्रतिनिधियों का जमावड़ा लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 61 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की डायमंड जुबली 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का भव्य आयोजन 23 से 29 नवंबर तक वृंदावन योजना स्थित रक्षा एक्सपो ग्राउंड में होने जा रहा है। इस आयोजन में देश भर से लगभग 30,000 स्काउट-गाइड, यूनिट लीडर्स और 1500 विदेशी प्रतिभागियों समेत कुल 33,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, आयोजन स्थल को 'लघु भारत' का भव्य स्वरुप दिया जा रहा है। टेंट सिटी में विभिन्न राज्यों के लिए आवास तैयार किए जा रहे हैं, जबकि मुख्य आयोजन के लिए 'सेन्टर एरिना' का निर्माण अंतिम चरण में है। सांस्कृतिक विविधता का संगम लखनऊ में आयोजित हो रही 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी 'लघु भारत' का भव्य दर्शन कराएगी। यहाँ देश के सभी राज्यों की सांस्कृतिक विविधता एक मंच पर जुटेगी। विभिन्न राज्यों की परंपराओं और कलाओं का यह अद्वितीय संगम राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करेगा। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान समेत एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के 10 देशों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। यह अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता का एक अनूठा संगम होगा। नवाचार और तकनीक का समागम यह जम्बूरी परंपरा के साथ नवाचार का भी संगम होगी। टेंट सिटी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एक अस्थाई तारामंडल का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ बच्चों को अत्याधुनिक दूरबीनों के माध्यम से दिन में सूर्य और रात में तारों की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अस्थाई बाज़ार और फूड कोर्ट भी तैयार किया जा रहा है, जहाँ देशभर के खान-पान का स्वाद मिलेगा। निर्बाध संचार कनेक्टिविटी के लिए, दूर संचार मंत्रालय एक समर्पित टावर और उपकरण लगाने जा रहा है, ताकि 40,000 से अधिक कैंडिडेट्स बिना किसी रुकावट के अपने परिजनों से संपर्क स्थापित कर सकें। स्वास्थ्य सुरक्षा का अभेद्य चक्र इस बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 100 बेड का एक अस्थायी अस्पताल तैयार किया गया है, जिसमें 50 बेड पुरुषों और 50 बेड महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, पूरे दिन सक्रिय रहने वाली 15 डिस्पेंसरी भी बनाई जा रही हैं। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए 50 डॉक्टरों (फिजिशियन, सर्जन, आर्थोपैडिक) और लगभग 100 पैरामेडिकल स्टाफ (नर्स, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट) की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ-साथ, पास के अस्पतालों में आईसीयू और सामान्य बेड भी रिजर्व रखे गए हैं।

सौर ऊर्जा उत्पादन में यूपी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल

2.72 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, 48 हजार से अधिक रोजगार सृजित छतों पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 950 मेगावाट से भी अधिक पहुंची   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्यघर योजना ने रिकॉर्ड सफलता हासिल की है। प्रदेश में अब तक 2.72 लाख से अधिक रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब 40 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। छतों पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 950 मेगावाट से भी अधिक पहुंच गई है, जिसके साथ यूपी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। स्थापना के मामले में प्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में दूसरा स्थान प्राप्त है। वेंडर्स की संख्या 400 से बढ़कर 4,000, रोजगार के नए अवसर योजना की शुरुआत में जहां मात्र 400 वेंडर थे, वहीं यह संख्या अब बढ़कर करीब 4 हजार पहुंच गई है। इसके चलते प्रदेश में 48,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और सप्लाई चेन व मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। रूफटॉप सोलर मॉडल से अब तक 3,800 एकड़ कृषि भूमि की बचत भी संभव हुई है। यूपी की अर्थव्यवस्था को मिला नई ऊर्जा का संबल योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा ₹1,808 करोड़, जबकि राज्य सरकार द्वारा ₹584 करोड़ की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं को प्रदान की गई है। सोलर संयंत्रों के माध्यम से बिजली लागत में वार्षिक बचत प्रदेश के GDP में 0.2% से अधिक योगदान दे रही है, जो उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर गति प्रदान कर रही है। कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी रूफटॉप सौर संयंत्रों से हर वर्ष 11.3 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आ रही है, जो 2.3 करोड़ पेड़ों के अवशोषण के बराबर है। यह पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। युवाओं के लिए बड़ा अवसर प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में युवाओं को जोड़ने के लिए योजना को सीएम युवा से भी लिंक किया है। यूपीनेडा के माध्यम से इंपैनलमेंट होने के बाद युवाओं को सौर वेंडर फर्म स्थापित करने हेतु 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश को 'सोलर प्रदेश' बनाने का लक्ष्य राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक रूफटॉप सौर स्थापना में गुजरात को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को सोलर प्रदेश यूपी के रूप में स्थापित किया जाए। यह कदम ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की दिशा में यूपी को अग्रणी बनाएगा।

जबरन भूमि कब्जे का मामला: सपा विधायक राम अचल राजभर पर गंभीर आरोप

अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक पीड़ित ने अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक राम अचल राजभर पर जमीन कब्जाने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता राम भजन राजभर ने एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।   पीड़ित का आरोप है कि विधायक राम अचल राजभर अपने सहयोगियों के साथ उसके घर पहुंचे और उसे धमकाया। विवादित जमीन राम अचल राजभर के महाविद्यालय के पास स्थित है, जिस पर कब्जा कर जबरन बैनामा कराने का दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया गया है।   राम भजन राजभर का कहना है कि विधायक और उनके बेटे संजय राजभर मिलकर उसकी जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है। मामले के बढ़ने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है, जबकि पुलिस घटना की जांच में जुट गई है।  

विकास का महाकुंभ: योगी सरकार ने सोनभद्र में 548 करोड़ की योजनाओं को दी हरी झंडी

सोनभद्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और बिहार के संबंध की तुलना भगवान राम और देवी सीता के पवित्र संबंध से करते हुए शनिवार को कहा कि दोनों राज्यों का रिश्ता भी ‘‘अटूट और सुदृढ़'' है। सोनभद्र में आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 548 करोड़ रुपये की 432 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।  बिहार में ऐतिहासिक जीत पर सीएम योगी ने जताई प्रसन्नता  बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ऐतिहासिक जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योगी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और बिहार साझा संस्कृति, साझा विरासत और साझा संकल्प के प्रतीक हैं। प्रभु राम और माता जानकी के पवित्र संबंध की तरह दोनों राज्यों का रिश्ता भी अटूट और सुदृढ़ है। डबल इंजन की सरकार पर लोगों का बढ़ रहा विश्वास उन्होंने कहा, ‘‘वहां की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर यह संदेश दिया है कि विकास, सुशासन और स्थिरता के लिए डबल इंजन की सरकार पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित व विकास की नीतियों को जनता का सशक्त समर्थन मिल रहा है।'' मुख्यमंत्री ने सोनभद्र की धरती को उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के अनोखे संगम की संज्ञा दी।  बिहार में सीएम योगी ने की 30 रैलियां और एक रोड शो उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित जनजातीय बहनों–भाइयों की भागीदारी बदलाव की आकांक्षा और विश्वास का प्रतीक है। योगी की टिप्पणी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह बिहार में राजग द्वारा महागठबंधन को हराकर सत्ता बरकरार रखने के एक दिन बाद आई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने 10 दिन के चुनाव अभियान में 30 रैलियां और एक रोड शो किया। उनका अभियान 16 अक्टूबर को शुरू हुआ था। अपने भाषणों में योगी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में राजग सरकारों के विकास कार्यों को प्रमुखता से रखा, जबकि कांग्रेस-राजद गठबंधन पर ‘‘जंगल राज'', अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर हमला बोला।   

ATS को मिले अहम सुराग: विश्वविद्यालय के शिक्षक पर आतंकी साजिश में शामिल होने का शक

लखनऊ राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित इंटीग्रल विश्वविद्यालय में शाहीन सईद का छोटा भाई डॉक्टर परवेज सईद असिस्टेंट प्रवक्ता था और एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की क्लास लिया करता था. हालांकि, दिल्ली ब्लास्ट से ठीक पहले उसने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जबकि, डॉक्टर परवेज से जुड़ी हर फाइल तथ्य और उसकी पुरानी सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर परवेज के बारे में जानकारी जुटा रही है. मिली जानकारी के मुताबिक परवेज एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को पढ़ाता था. जबकि, वो खुद को बहुत रिजर्व रखता था, लेकिन इंटिगरल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों से उसकी नजदीकियां थी. उनके साथ रात में डॉक्टर परवेज घंटों शाम और रात को बैठकर चर्चा करता और उनका ब्रेनवाश करने की कोशिश करता था. वहीं डॉक्टर परवेज की सीसीटीवी फुटेज में दिख रही हरकतों पर एटीएस को संदेह है कि शायद डॉक्टर परवेज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में स्लीपर सेल की फौज तैयार कर रहा था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जांच के बाद और कई तथ्य सामने आ सकते हैं.

टूरिज्म पर बड़ा असर: दिल्ली हमले के बाद वाराणसी में होटल बुकिंग में 20% की गिरावट

वाराणसी दिल्ली में 10 नवंबर को हुए आतंकी हमले का असर अब पर्यटन नगरी वाराणसी (बनारस) पर भी दिखने लगा है। बीते 48 घंटों में जिले के होटलों में लगभग 20 प्रतिशत बुकिंग कैंसिल कर दी गई हैं। इनमें अधिकतर रद्दीकरण विदेशी पर्यटकों के हैं, जो हर साल नवंबर-दिसंबर में काशी का रुख करते हैं। होटल एसोसिएशन के अनुसार, स्पेन, न्यूयॉर्क, फ्रांस, इटली और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आने वाले यात्रियों की संख्या में सीजन की शुरुआत में ही 30–40% तक गिरावट दर्ज की गई है। गंगा घाटों के पास स्थित होटलों से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर बने बजट और लक्जरी होटलों तक, अधिकांश बुकिंग्स में कमी दिखाई दे रही है। होटल इंडस्ट्री पर बड़ा प्रभाव होटल व्यवसायियों का कहना है कि नवंबर और दिसंबर हर साल पर्यटन गतिविधियों का पीक सीजन होता है, लेकिन इस बार हालात बदले हुए हैं। देव दीपावली में जहां होटलों की ऑक्युपेंसी लगभग फुल थी, वहीं दिल्ली धमाके के बाद माहौल अचानक बदल गया। शहर के कई होटलों में इस महीने की ऑक्युपेंसी 15–20% तक गिर गई है। कई बड़े होटलों ने सुरक्षा कारणों और पर्यटकों की अरुचि को देखते हुए पहले से तय इवेंट बुकिंग्स भी रद्द कर दी हैं। एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ने और लगातार जारी अलर्ट ने भी विदेशी यात्रियों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित किया है। कई पर्यटक अपनी यात्रा फिलहाल टाल रहे हैं। सर्दियों में बढ़ता है विदेशी पर्यटकों का दबदबा वाराणसी होटल एसोसिएशन का कहना है कि नवंबर-दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना समेत कई देशों के यात्री काशी में सर्दियों का आनंद लेने आते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत से आने वाले यात्रियों की संख्या भी इसी अवधि में काफी अधिक रहती है। क्या बोले पर्यटन संगठनों के पदाधिकारी? गोकुल शर्मा, अध्यक्ष—वाराणसी होटल एसोसिएशन “दिल्ली की घटना का असर काशी में दिख रहा है। कुछ होटलों में बुकिंग घटी है, हालांकि कई होटलों में बुकिंग्स सामान्य रूप से जारी हैं। राहुल मेहता, अध्यक्ष—टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि “प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह एक्टिव है। नवंबर के मध्य से बनारस का पर्यटन फिर से रफ्तार पकड़ेगा। आतंकी घटनाओं का स्थायी प्रभाव काशी पर नहीं पड़ेगा।