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OYO होटल में छापेमारी, वाराणसी में वेश्यावृत्ति गिरोह का खुलासा

वाराणसी  वाराणसी पुलिस ने कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित होटल टाउन हाउस में बुधवार की दोपहर छापेमारी कर सेक्स रैकेट का खुलासा किया। देह व्यापार की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने पांच युवतियों को अलग-अलग कमरों से आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। छापेमारी के दौरान होटल का मैनेजर और कुछ अन्य कर्मचारी मौके से भाग निकले। हालांकि पुलिस ने होटल के एक अन्य मैनेजर अमन राय को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई युवतियों में एक रशियन युवती भी शामिल थी। पुलिस के पहुंचते ही उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब युवती ने बात नहीं मानी तो टीम ने दरवाजे का लॉक तोड़ दिया। कमरा खुलने पर पता चला कि युवती मौके का फायदा उठाकर फरार हो गई। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में पूरे होटल की छानबीन कर रही है। OYO फ्रेंचाइजी के तहत चल रहा था होटल जानकारी के मुताबिक, वाराणसी निवासी पीयूष जायसवाल के पास शहर में OYO के तहत चार होटल हैं, जिनमें होटल टाउन हाउस भी शामिल है। यहां गाजीपुर निवासी उमेश यादव को मैनेजर बनाया गया था, जो पुलिस की कार्रवाई से पहले ही भाग गया। पुलिस को शक है कि इन होटलों में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था। इस मामले पर एडीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि होटल में मानकों के विपरीत गतिविधियां हो रही थीं। यहां देह व्यापार जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। उन्होंने बताया, होटल से चार युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया है। होटल का मालिक, संचालक और स्टाफ फिलहाल फरार हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। होटल को किया गया सील फिलहाल पुलिस ने होटल को सील कर दिया है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमों को लगाया गया है। साथ ही शहर के अन्य होटलों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।  

विशेष आर्टिकल :गांव से ग्लोबल तक: विकसित भारत 2047 में उत्तर प्रदेश की प्रेरक कहानी

लखनऊ 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान केवल कागजी योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर कोने में बदलाव की जीवंत कहानी है। 57 लाख से अधिक सुझावों से तैयार यह विजन डॉक्यूमेंट अब ग्रामीण स्मार्ट गांव, सोलर सिटी, डिजिटल कृषि, और महिला उद्यमिता के रूप में जमीन पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान आर्थिक शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति के तीन स्तंभों पर खड़ा है। आइए, उत्तर प्रदेश के वास्तविक उदाहरणों से जानें कैसे यह अभियान लोगों की किस्मत बदल रहा है, और कैसे भाजपा सरकार का यह कदम लाखों को लाभ पहुंचा रहा है। 1. अयोध्या: सोलर सिटी का मॉडल – धार्मिक पर्यटन + हरित ऊर्जा • उदाहरण: अयोध्या को भारत की पहली सोलर सिटी बनाने का लक्ष्य। • क्या हुआ? o 2025 तक 10,000 सोलर रूफटॉप लगाए गए। o राम मंदिर परिसर 100% सोलर पावर्ड। o नॉन-टैक्स रेवेन्यू दोगुना – ₹500 करोड़+ वार्षिक। o पर्यटक संख्या: 2017 में 50 लाख → 2025 में 5 करोड़+। • लोगों की किस्मत बदली: मेयर गिरीश पति त्रिपाठी कहते हैं, "अभियान ने हमें सुझाव दिया – सोलर + साफ-सफाई। अब स्थानीय युवा सोलर टेक्नीशियन बन रहे हैं, 5,000+ नौकरियां पैदा हुईं।" • विकसित यूपी कनेक्शन: सृजन शक्ति (हरित ऊर्जा) + आर्थिक शक्ति (पर्यटन)। 2. मथुरा (महावन): ग्रामीण स्मार्ट गांव – डिजिटल क्रांति गांव में • उदाहरण: महावन नगर पंचायत को स्मार्ट विलेज मॉडल बनाया। • क्या हुआ? o Wi-Fi हॉटस्पॉट 50 गांवों में। o डिजिटल हेल्थ कार्ड हर परिवार को। o ऑनलाइन कृषि बाजार – किसान सीधे दिल्ली को बेच रहे। o प्रति व्यक्ति आय: 2017 में ₹8,000/माह → 2025 में ₹25,000/माह। • लोगों की किस्मत बदली: नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू देवी कहती हैं, "अभियान के सुझाव से हमने डिजिटल कियोस्क लगाए। अब बेटियां ऑनलाइन पढ़ रही हैं, किसान ऐप से मौसम जान रहे हैं।" किसान रामू (28): पहले मजदूरी, अब ड्रोन से खेती, मासिक ₹40,000 कमाई। • विकसित यूपी कनेक्शन: जीवन शक्ति (स्वास्थ्य + शिक्षा) + सृजन शक्ति (डिजिटल इंफ्रा)। 3. गोरखपुर: ODOP + मुद्रा + विकसित यूपी = टेराकोटा निर्यातक • उदाहरण: गोरखपुर का टेराकोटा ODOP उत्पाद अब अमेरिका-जापान जा रहा। • क्या हुआ? o मुद्रा ऋण: ₹3 लाख → मशीनरी। o विकसित यूपी सुझाव: डिजाइन ट्रेनिंग + ई-कॉमर्स लिंक। o निर्यात: 2017 में शून्य → 2025 में ₹50 करोड़। o रोजगार: 2,000+ महिलाएं जुड़ीं। • लोगों की किस्मत बदली: सीता देवी (42): पहले मिट्टी के बर्तन बनाती थीं, अब 'गोरखपुर क्राफ्ट' ब्रांड की मालकिन। मासिक आय ₹1 लाख। "अभियान ने कहा – लोकल को ग्लोबल बनाओ। आज मेरा उत्पाद टोक्यो में बिकता है।" • विकसित यूपी कनेक्शन: आर्थिक शक्ति (ODOP + निर्यात)। 4. वाराणसी: डिजिटल स्वास्थ्य + काशी विश्वनाथ कॉरिडोर • उदाहरण: काशी मॉडल – स्वास्थ्य + पर्यटन। • क्या हुआ? o डिजिटल हेल्थ कार्ड: 25 लाख लोगों को। o काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: 3 करोड़+ यात्री/वर्ष। o मेडिकल टूरिज्म: आयुर्वेदिक सेंटर शुरू। • लोगों की किस्मत बदली: डॉक्टर अनीता शर्मा: पहले छोटा क्लिनिक, अब आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर, 50 स्टाफ। युवा गाइड राहुल: पहले बेरोजगार, अब डिजिटल टूर गाइड ऐप, मासिक ₹30,000। • विकसित यूपी कनेक्शन: जीवन शक्ति (स्वास्थ्य) + आर्थिक शक्ति (पर्यटन)। 5. नोएडा: ग्लोबल निवेश हब – सेमीकंडक्टर + डेटा सेंटर • उदाहरण: नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी। • क्या हुआ? o 2025 में 10 डेटा सेंटर शुरू। o ₹50,000 करोड़ निवेश, 1 लाख नौकरियां। o सेमीकंडक्टर यूनिवर्सिटी की नींव। • लोगों की किस्मत बदली: इंजीनियर प्रिया (24): ग्रामीण पृष्ठभूमि, अब डेटा सेंटर में जॉब, सैलरी ₹80,000/माह। "अभियान ने कहा – स्किल इंडिया। मुझे मुफ्त AI ट्रेनिंग मिली।" • विकसित यूपी कनेक्शन: सृजन शक्ति (टेक्नोलॉजी) + आर्थिक शक्ति (निवेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्गार • 3 सितंबर 2025 (लॉन्च): "अयोध्या सोलर सिटी बनेगी, मथुरा डिजिटल विलेज बनेगा, गोरखपुर टेराकोटा का ग्लोबल हब बनेगा – यही विकसित यूपी है।" • 14 अगस्त 2025 (विधानसभा): "2047 तक उत्तर प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेगा। हर गांव में स्मार्ट स्कूल, हर घर में सोलर लाइट – यह हमारा संकल्प है।" • 26 सितंबर 2025 (ग्राम प्रधान सम्मेलन): "57 लाख सुझाव आए। यह जनता का विजन है। ग्रामोदय से राष्ट्रोदय तक – हर गांव अब विकसित यूपी का हिस्सा है।" भाजपा सरकार का ऐतिहासिक कदम: लाखों लाभार्थी लाभ संख्या सुझाव 57 लाख+ स्मार्ट गांव 5,000+ सोलर रूफटॉप 1 लाख+ डिजिटल हेल्थ कार्ड 2 करोड़+ रोजगार 40 लाख+ यह अभियान भ्रष्टाचार मुक्त, डिजिटल और जन-केंद्रित है – भाजपा की समावेशी नीति का प्रमाण। निष्कर्ष: विकसित यूपी @2047 – हर गांव, हर शहर, हर सपना अयोध्या की सोलर लाइट से मथुरा का डिजिटल कियोस्क, गोरखपुर की टेराकोटा से नोएडा का डेटा सेंटर तक – विकसित भारत @2047 उत्तर प्रदेश में साकार हो रहा है। योगी सरकार ने साबित किया: जब जनता साझेदार बने, तो 22 साल में क्रांति संभव है। आप भी सुझाव दें: viksitup2047.up.gov.in #ViksitUP2047 #YogiHaiToVikasHai #SamriddhiKaShatabdi

अब बिना रुकावट पहुंचे दूसरे देश! यूपी में बनेगा 102 KM लंबा फोर लेन हाईवे

लखनऊ जल्द ही लखनऊ से बाराबंकी-बहराइच होते हुए नेपाल तक का सफर आसान हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने बाराबंकी से जरवल होते हुए बहराइच तक बनने जा रहे फोर लेन हाईवे को नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा तक विस्तार देने की तैयारी की है। इस प्रस्ताव को शीघ्र ही मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। एनएचएआइ द्वारा बाराबंकी-जरवल-बहराइच तक 102 किमी. लंबे फोर लेन हाईवे के निर्माण का काम मार्च तक शुरू किया जाएगा। एनएचएआइ सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना की लागत करीब 3600 करोड़ रुपये है। काम शुरू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। हाईवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। बाराबंकी-जरवल-बहराइच तक की फोर लेन हाईवे परियोजना का काम शुरू कराने के साथ ही बहराइच से रूपईडीहा तक हाईवे को विस्तारित किए जाने के मुद्दे पर एनएचएआइ कई बैठकें कर चुका है। नेपाल से जुड़ने के कारण इस हाईवे का महत्व बहुत अधिक होगा। अभी यह मार्ग दो लेन का है। परियोजना का उद्देश्य भारत व नेपाल के बीच होने वाली व्यापारिक गतिविधियों को सुगम करना है। परियोजना का काम पूरा होने पर लखनऊ के साथ ही मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से नेपाल तक की यात्रा सुगम हो जाएगी।  

विशेष आर्टिकल : बेटियों को सशक्त बनाने की राह: कन्या सुमंगला योजना की अनोखी कहानी

विशेष आर्टिकल : कन्या सुमंगला योजना: बेटियों के सपनों को पंख लगाने वाली क्रांतिकारी पहल लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति फेज-5.0 एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस अभियान का अभिन्न हिस्सा है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, जो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को साकार करने वाली एक ऐसी योजना है। इस योजना ने न केवल कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगाया है, बल्कि लाखों बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 26 लाख से अधिक बेटियों को लाभ पहुंचाया गया है, जो उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। योजना का उद्देश्य और संरचना: एक विस्तृत नजर मिशन शक्ति के स्वावलंबन स्तंभ के तहत संचालित कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो और बेटियां बिना रुकावट पढ़ सकें। योजना को छह चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 25,000 रुपये की धनराशि दी जाती है: • प्रथम चरण: बेटी के जन्म पर 5,000 रुपये (1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी बेटियों के लिए)। • द्वितीय चरण: पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये। • तृतीय चरण: कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये। • चतुर्थ चरण: कक्षा-6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये। • पंचम चरण: कक्षा-9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये। • षष्ठम चरण: कक्षा-10/12 उत्तीर्ण करने पर 7,000 रुपये (स्नातक या 2 वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश के लिए)। पात्रता के मानदंड सरल हैं: लाभार्थी परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो, वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम हो, और परिवार में अधिकतम दो बेटियां लाभार्थी हो सकें। आवेदन ऑनलाइन (mksy.up.gov.in) या ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। योजना ने लिंगानुपात में सुधार लाया है और बाल विवाह जैसी प्रथाओं को कम किया है, जिससे उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर हो गया है। प्रेरणादायक कहानी: वाराणसी की प्रिया – योजना की जीवंत मिसाल कन्या सुमंगला योजना की सच्ची ताकत तो उसके लाभार्थियों की सफलता कहानियों में झलकती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है वाराणसी की प्रिया सिंह की, जो एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। प्रिया का जन्म 2020 में हुआ, जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल था। लेकिन मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी। प्रिया को योजना के पहले चरण में जन्म पर 5,000 रुपये मिले, जिससे परिवार ने टीकाकरण और पोषण पर खर्च किया। कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये से स्कूल फीस और किताबें खरीदी गईं। कक्षा-6 में 3,000 रुपये ने यूनिफॉर्म और स्टेशनरी का इंतजाम किया, जबकि कक्षा-9 में 5,000 रुपये ने अतिरिक्त ट्यूशन की सुविधा प्रदान की। अब कक्षा-10 उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें 7,000 रुपये मिल चुके हैं, जिसका उपयोग आईएएस की तैयारी के लिए कोचिंग में किया जा रहा है। प्रिया बताती हैं, "यह पैसा मेरे लिए सिर्फ धन नहीं, बल्कि सपनों का ईंधन है। योजना ने मुझे साबित किया कि बेटी भी परिवार का सहारा बन सकती है।" आज प्रिया न केवल अपनी कक्षा में टॉपर हैं, बल्कि गांव की अन्य लड़कियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। उनकी कहानी मिशन शक्ति के उस विजन को दर्शाती है, जहां हर बेटी एक भविष्य की नारी शक्ति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूरदर्शी नेतृत्व: तारीफ के काबिल योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि के बिना कन्या सुमंगला योजना इतनी सफल न होती। उन्होंने 25 अक्टूबर 2019 को योजना का उद्घाटन किया और इसे मिशन शक्ति का मजबूत स्तंभ बनाया। हाल ही में मिशन शक्ति 5.0 के लॉन्च पर लखनऊ में दिए गए अपने भाषण में सीएम योगी ने कहा, "बेटी के जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये का पैकेज देकर हम नारी शक्ति को मजबूत कर रहे हैं। यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएगी और समाज की कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।" उनके नेतृत्व में योजना ने 26 लाख बेटियों को जोड़ा, जो एक रिकॉर्ड है। योगी जी का यह प्रयास न केवल प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक है, बल्कि संवेदनशील शासन का भी उदाहरण। उन्होंने नवरात्रि के कन्या पूजन के दौरान भी जोर दिया कि "कन्या पूजन से हम भविष्य की नारियों को सम्मान दे रहे हैं, और कन्या सुमंगला जैसी योजनाएं इसे साकार कर रही हैं।" योगी आदित्यनाथ का यह समर्पण उत्तर प्रदेश को 'बेटी-रक्षक' राज्य बनाने में मीलों आगे ले गया है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल भाजपा सरकार के इस कदम की सराहना किए बिना न्याय नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को मजबूत करने वाली यह योजना उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन की प्राथमिकता को दर्शाती है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हुई कन्या सुमंगला ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि सामाजिक परिवर्तन भी लाया। सरकार ने योजना को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की, जिससे भ्रष्टाचार मुक्त वितरण संभव हुआ। यह कदम नारी सम्मान और समानता की दिशा में भाजपा की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। निष्कर्ष: योगी सरकार की दूरदर्शी सोच से सशक्त बेटियां, समृद्ध उत्तर प्रदेश मिशन शक्ति और कन्या सुमंगला योजना मिलकर उत्तर प्रदेश को एक ऐसा राज्य बना रही हैं, जहां हर बेटी सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हो। प्रिया जैसी लाखों कहानियां साबित करती हैं कि यह योजना सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाली है। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि ऐतिहासिक भी है। • 2017 से पहले की अराजकता को याद करें, जब बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं। आज योगी सरकार ने महिला पुलिस बीट ऑफिसर, पिंक पेट्रोलिंग, महिला हेल्प डेस्क और 1090 हेल्पलाइन जैसे ठोस कदम उठाकर सुरक्षा का मजबूत कवच तैयार किया है। • कन्या सुमंगला योजना ने 26 लाख बेटियों को सीधे वित्तीय सहायता दी, जिससे लिंगानुपात में 50 अंकों का सुधार हुआ। • डिजिटल पारदर्शिता के जरिए हर पैसा सही हाथों तक पहुंच रहा है … Read more

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक तरक्की की रीढ़ हैं एक्सप्रेसवे: मुख्यमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने की यूपीडा के परियोजनाओं की समीक्षा, कहा समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो मेरठ-हरिद्वार, नोएडा-जेवर, चित्रकूट-रीवा और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के रूट पर हुई गहन चर्चा, मुख्यमंत्री ने एनएचएआई के साथ रूट समन्वय पर दिया बल डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सभी नोड्स पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित होंगे: मुख्यमंत्री भूमि आवंटन के तीन वर्ष में निवेश न होने पर आवंटन रद्द किया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि एक्सप्रेसवे केवल सड़कों का जाल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक भविष्य की रीढ़ हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसम्बर तक हर हाल में पूरा कराने के लक्ष्य के साथ तेज गति से आगे बढ़ाया जाए, ताकि राज्य के पश्चिमी और पूर्वी अंचलों के बीच सहज कनेक्टिविटी स्थापित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा हो और कार्य की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता न हो। बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार स्वरूप प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे तथा प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे व विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के रूट पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए एक्सप्रेसवे की योजना बनाते समय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और हाइवे नेटवर्क का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि दोहराव से बचते हुए राज्य में एकीकृत और समन्वित सड़क तंत्र विकसित हो सके। मुख्यमंत्री ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े सभी नोड्स (लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट) में स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रक्षा उद्योग से जोड़ना चाहिए, जिससे रोजगार सृजन के साथ ही क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। बैठक में बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक लगभग 30,819 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। 5039 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। विभिन्न कंपनियों द्वारा कार्य प्रारंभ भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने भूमि आवंटन नीति पर विशेष बल देते हुए कहा कि भूमि आवंटन के तीन वर्ष के भीतर यदि निवेशक द्वारा यथोचित उपयोग नहीं किया जाता है तो ऐसा आवंटन स्वतः निरस्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि उपयोग की निगरानी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए और निवेशक को केवल वास्तविक प्रगति की स्थिति में ही आगे की सुविधाएँ दी जाएँ। बैठक में यह भी बताया गया कि एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्कों में निवेश आकर्षित करने के लिए यूपीडा ने बिजली, जलापूर्ति, ट्रक टर्मिनल और हेल्थ-इमरजेंसी सुविधाओं की व्यवस्था हेतु समयबद्ध योजना बनाई है।

चुनाव से पहले मायावती की अपील: मुस्लिम वोट बसपा को दें, तभी बीजेपी को रोका जा सकता है

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि मुस्लिम समाज को एकजुटता के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बजाय सीधे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का समर्थन करना चाहिये ताकि भाजपा की घातक राजनीति को चुनाव में हराया जा सके। उन्होंने कहा कि सपा के समर्थन में मुस्लिम समाज के एकतरफा वोट देने के बावजूद वह (सपा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने में विफल रही। बसपा नेता मायावती ने पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिये बुधवार को यहां ‘बसपा मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन’ की विशेष बैठक की अध्यक्षता की तथा मुस्लिम समाज को बसपा में जोड़ने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मायावती ने कहा,‘‘वर्ष 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव तथा उससे पहले के चुनाव से यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि उप्र में मुस्लिम समाज का पूरे तन, मन, धन से जबरदस्त समर्थन मिलने के बावजूद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी भाजपा को हराने में विफल रहीं। इसके विपरीत बसपा ने मुस्लिम समाज का काफी कम समर्थन पाकर भी भाजपा को परास्त करने में सफल रही और वर्ष 2007 में बसपा की बहुमत के साथ सरकार बनी।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस, दोनों ने ऐतिहासिक रूप से ‘दलित-विरोधी, पिछड़ा-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी’ राजनीति की है। उन्होंने कहा कि उनकी ‘गलत नीतियों और गतिविधियों’ के कारण ही उत्तर प्रदेश में भाजपा मजबूत हुई है। मायावती ने कहा, ‘‘न केवल 2022 के विधानसभा चुनाव में, बल्कि लगभग हर चुनाव में, इन पार्टियों – सपा और कांग्रेस – ने भाजपा को हराने के लिए नहीं, बल्कि बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए छल-कपट समेत हर संभव हथकंडा अपनाया। एकतरफा मुस्लिम वोट पाने के बावजूद, वे भाजपा को रोकने में नाकाम रहे। मुस्लिम समुदाय को इस सच्चाई को जल्द से जल्द समझ लेना चाहिए।’’ मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मायावती ने कहा, ‘‘एक पार्टी और एक सरकार के रूप में, बसपा ने मुसलमानों को हर स्तर पर सुरक्षा, संरक्षा और उचित प्रतिनिधित्व की गारंटी देकर उनका वास्तविक कल्याण सुनिश्चित किया। हमने उनके जीवन, संपत्ति और आस्था की रक्षा के लिए उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था प्रदान की और जातिवाद और सांप्रदायिकता पर काफी हद तक अंकुश लगाने का काम किया।’’ उन्होंने आगे कहा कि बसपा सरकार ऐसी पहली सरकार थी जिसने अन्याय, अराजकता और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हमने उत्तर प्रदेश को दंगों, शोषण, अन्याय और भय से मुक्त बनाया, जबकि अन्य दलों के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए क्योंकि उनकी कथनी और करनी में बहुत फर्क है।’’ मायावती ने कहा, ‘‘दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों लोग बसपा के ‘बहुजन समाज’ के अभिन्न अंग हैं। पार्टी का मिशन राजनीतिक सशक्तिकरण के माध्यम से इन वंचित और उपेक्षित समुदायों का उत्थान करना है, ताकि वे संविधान के मानवीय और कल्याणकारी सिद्धांतों के अनुसार सम्मान और आत्मसम्मान का जीवन जी सकें, जो भारत को वास्तव में महान बनाने के लिए आवश्यक है।’’ बैठक में मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं सभी जिलाध्यक्ष व मंडल प्रभारी भी उपस्थित थे, जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों के संबंध में भी अवगत कराया गया। बसपा अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को बूथ स्तर पर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर ना रहे। उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि वे उन लोगों की मदद करें जिनके नाम सूची में नहीं हैं और उनके निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें ताकि उनका नाम सूची में शामिल हो सके। मायावती ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुसलमानों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों का भी विवरण दिया।  

बिहार में राजद और कांग्रेस का कार्यकाल कलंक से कम नहींः सीएम योगी

बिहार विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शाहपुर विधानसभा में की जनसभा, भाजपा प्रत्याशी राकेश रंजन ओझा के पक्ष में कमल खिलाने की अपील  2005 से पहले बिहार अराजकता, गुंडागर्दी व माफियाराज का शिकार हो गया था, 20 वर्ष में अथक परिश्रम कर नीतीश सरकार ने उससे उभाराः मुख्यमंत्री  सीएम योगी का कटाक्ष- यूपी में माफिया की छाती पर जब बुलडोजर दौड़ता है तो सपा वाले फातिहा पढ़ने चले जाते हैं भोजपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दूसरी रैली शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी राकेश रंजन ओझा के पक्ष में की। सीएम ने स्थानीय भाषा में संवाद की शुरुआत की और मतदाताओं से कमल खिलाने की अपील की। यहां उन्होंने विपक्षी दलों (राजद, कांग्रेस) को खूब धोया। सीएम ने कहा कि इंद्रदेव के आशीर्वाद से यह तय हो गया है कि फिर से एनडीए सरकार बिहार में बनेगी।  योगी के निशाने पर रही कांग्रेस व राजद   सीएम योगी ने कांग्रेस व राजद को निशाने पर रखा। बोले कि इन लोगों ने विकास कार्यों को पूरा नहीं किया, क्योंकि जो पशुओं का चारा खा जाए, वह मनुष्य का हक भी डकार जाता है। आज मोदी जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के भाव के साथ हर नौजवान, गरीब, किसान, माता-बहन को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मोदी जी के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से उबरकर स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़े हैं। अब बिहार से पलायन नहीं होता, बल्कि यहां से निकले इंजीनियर बिहार को प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम ने बिहार की प्रतिभा की सराहना की।बोले कि यहां के नौजवानों में ईश्वर प्रदत्त बुद्धि है। थोड़ा सा प्लेटफॉर्म मिले तो बिहार का नौजवान दुनिया को अपनी बुद्धि से आकर्षित रखने का सामर्थ्य रखता है। देश में जहां भी बिहार के युवाओं ने कार्य किया, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।  राजद व कांग्रेस के समय भगवान भरोसे हो गई थी बेटी-बहन की सुरक्षा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार पर भारत का हर नागरिक गौरव की अनुभूति करता है। सीएम ने बिहार की धरती के महापुरुषों, लोकतंत्र सेनानियों का जिक्र किया और कहा कि यहां का अतीत गौरवशाली रहा, लेकिन राजद का 15 वर्ष और उससे पहले कांग्रेस का कार्यकाल कलंक से कम नहीं है। इस दौरान बिहार के नागरिकों को पहचान के संकट से गुजरना पड़ता था। नौजवान पलायन,  किसान आत्महत्या,  व्यापारी डरा-सहमा रहता था और बेटी-बहन की सुरक्षा भगवान भरोसे हो गई थी। बिहार ने जब 2005 में अंगड़ाई ली और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनी तो माफिया की उल्टी गिनती शुरू हो गई। बिहार नई दिशा की ओर आगे बढ़ा। बिहार में आज वह सब कुछ है, जो 50 वर्ष पहले हो जाना चाहिए। यहां कनेक्टिविटी, बाढ़ प्रबंधन, स्कूली शिक्षा, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज समेत गरीबों के लिए अनेक योजनाएं हैं।  2005 से पहले अराजकता व गुंडागर्दी की चपेट में आकर माफियाराज का शिकार हो गया था बिहार  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के पहले परिवारवाद का दंश झेल रहा बिहार अराजकता व गुंडागर्दी की चपेट में आकर माफियाराज का शिकार हो गया था, लेकिन 20 वर्ष में अथक परिश्रम कर नीतीश सरकार ने उसे उभारने में बड़ी मदद की। आज बिहार पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा करता। जो बिहार के नागरिकों की आकांक्षा है, आज यहां वह सब कुछ है। उन्होंने अपील की कि बिहार के विकास में चल रही रफ्तार थमनी नहीं चाहिए। डबल इंजन सरकार बुलेट ट्रेन की स्पीड से बिहार की प्रगति को बढ़ा सके, इसके लिए आपका आह्वान करता हूं।  राम मंदिर का विरोध करती थी कांग्रेस, राजद व सपा  सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज विकास व विरासत भी है। राम-कृष्ण-शिव, बाबा महेंद्र नाथ, महर्षि विश्वामित्र,  महात्मा बुद्ध, बाबू जगजीवन राम, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की परंपरा ही हमारी विरासत है। सीएम ने बिहारवासियों से पूछा कि राम मंदिर बनने से आप खुश हैं, जवाब आया हां। सीएम ने कहा कि कांग्रेस, राजद व यूपी में इनका पार्टनर समाजवादी पार्टी राम मंदिर का विरोध कर रहे थे। यह लोग अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं करा पाते। कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं, राजद ने कहा कि हम मंदिर नहीं बनने देंगे। सपा रामभक्तों पर गोली चलाती थी। हम तब भी कहते थे कि गोली चले या डंडा, रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। आज मंदिर बन गया।  जनसभा स्थल पर बुलडोजर देख बोले योगी- यूपी में यह माफिया की छाती पर दौड़ता है जनसभा स्थल पर बुलडोजर देख सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनडीए की भाजपा सरकार जो कहती है, करके दिखाती है। हमने कहा था कि माफिया राज का अंत करेंगे और किया भी। यूपी में माफिया की छाती पर बुलडोजर दौड़ता है तो सपा व उसके पार्टनर्स को सिर्फ फातिहा पढ़ने का अवसर मिलता है। बिहार भी जंगलराज से उभरकर प्रगति के नए प्रतिमान को स्थापित कर रहा है। योगी ने अपील की कि बिहार जिस दिशा में बढ़ा है, वह गति रूकनी, थमनी, झुकनी नहीं चाहिए।

‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ लक्ष्य की दिशा में बढ़ रहे कौशल मिशन के कदम

‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर हुई चर्चा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठा रही है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर युवा अपने कौशल के बल पर रोजगार या स्वरोजगार से जुड़कर विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत के संकल्प को साकार करे। सरकार के प्रयासों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और स्किल इंडिया मिशन को राज्य स्तर पर नई गति मिल रही है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय, अलीगंज, लखनऊ में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिक से अधिक युवा आईटीआई से जोड़े जाएं मंत्री अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से आईटीआई से पासआउट छात्रों को देश की अग्रणी कंपनियों में बेहतर प्लेसमेंट मिल रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं में कौशल शिक्षा को लेकर उत्साह बढ़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन सफलताओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवा आईटीआई संस्थानों में प्रवेश लेकर अपनी रुचि के अनुसार कोर्स पूरा करें और रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ सकें। छात्रों को औद्योगिक भ्रमण कराया जाए उन्होंने कहा कि हर जिले में विभिन्न उद्योगों से समन्वय स्थापित कर छात्रों का औद्योगिक भ्रमण (इंडस्ट्री विजिट) कराया जाए और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए मिशन द्वारा एक इंडस्ट्री विजिट कैलेंडर और टाइम-टेबल तैयार किया जाएगा। मंत्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार उद्योगों को कौशल विकास मिशन और आईटीआई संस्थानों से जोड़ने के लिए ठोस पहल कर रही है, ताकि छात्रों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके और रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न हों। उन्होंने स्किल मित्र पोर्टल पर छात्रों की प्लेसमेंट स्थिति अद्यतन रखने और कोर्स को इंडस्ट्री डिमांड बेस्ड बनाने के निर्देश दिए। प्रत्येक माह की 21 तारीख को प्लेसमेंट ड्राइव सरकार के निर्देशानुसार सभी नोडल आईटीआई संस्थान प्रत्येक माह की 21 तारीख को प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करेंगे। इन ड्राइव्स में डेलॉइट इंडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। अब तक Subros Ltd., Creature Industries, Dixon Technologies, Havells, Pepsico और Sona BLW जैसी प्रमुख कंपनियों में आईटीआई छात्रों का चयन और प्लेसमेंट हुआ है। इसके अलावा Gyan Dairy, Alpha Engineers (TATA Motors Ancillary), Mohannah Enterprises, Kashi Industries और Avionics Sparrow जैसी इकाइयों में औद्योगिक भ्रमण कराए गए, जिससे छात्रों को प्रत्यक्ष औद्योगिक अनुभव प्राप्त हुआ। विभिन्न संस्थाओं के साथ योगी सरकार लगातार कर रही साझेदारी  बैठक में यह भी बताया गया कि ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलेपमेंट काउंसिल (ASDC), फर्नीचर एंड फिटिंग सेक्टर स्किल काउंसिल (FFSC) तथा ज्ञान डेयरी जैसी संस्थाओं के साथ योगी सरकार लगातार साझेदारी कर रही है। नोएडा, गोरखपुर और सहारनपुर में फर्नीचर सेक्टर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने की दिशा में कार्य तेजी से प्रगति पर है। बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम, मिशन निदेशक पुलकित खरे, अपर निदेशक प्रिया सिंह, विभागीय अधिकारीगण तथा डेलॉइट इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

20 साल जेल काटने के बाद लौटा था घर, नीतीश कटारा केस का दोषी सुखदेव सड़क दुर्घटना में मरा

कुशीनगर करीब 23 साल पहले देश की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में से एक नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी सुखदेव यादव उर्फ पहलवान की एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। यह हादसा, मंगलवार की रात दस बजे के आसपास यूपी के कुशीनगर के बघौचघाट मोड़ पर हुआ। एक तेज रफ्तार स्कार्पियो की चपेट में आकर एक बाइक पर सवार तीन लोगों में से एक की मौके पर मौत हो गई। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्कार्पियो को कब्जे में लेते हुए दोनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में पता चला कि हादसे में जिस शख्स की मौत हुई है वह 1992 के देश के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल की सजा काटकर आया सुखदेव यादव था। सुखदेव कुछ महीने पहले ही घर आया था। कुशीनगर के चौराखास थाना क्षेत्र के तरुवनवा के कुम्भिया टोला का रहने वाला सुखदेव यादव पुत्र विश्वनाथ यादव (उम्र-55 साल) अपने ही गांव के विजय गुप्ता (उम्र-45 साल) और भागवत सिंह (उम्र-50 साल) के साथ मंगलवार को किसी रिश्तेदारी में गया थे। वहां से तीनों एक ही बाइक पर देर रात वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ पर तेज गति आ रहे स्कार्पियो की चपेट में आ गए। इस हादसे में सुखदेव यादव की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सीएचसी फाजिलनगर पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद ठोकर मारने वाला वाहन डिवाइडर से टकरा गया। मृतक सुखदेव यादव देश के चर्चित कांड नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में 20 साल की सजा काटने के बाद चार महीने पहले रिहा होकर घर आया था। बता दें कि इस मामले को लेकर लंबी कानूनी प्रक्रिया चली और जब कोर्ट ने हत्या में सजा काट चुके दोषियों की रिहाई का आदेश दिया तो नितीश कटारा की मां ने इसके विरोध भी किया था। इस सम्बन्ध में चौकी प्रभारी मधुरिया ब्रह्मा उपाध्याय ने बताया कि ठोकर मारने वाला वाहन पुलिस के कब्जे में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। विकास यादव के साथ सह दोषी था सुखदेव नीतीश कटारा हत्याकांड में पूर्व मंत्री डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उनके चचेरे भाई विशाल यादव को 25 साल की जेल की सजा मिली थी। जबकि सह-दोषी सुखदेव यादव को इस मामले में 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। तीनों पर एक विवाह समारोह से नीतीश कटारा का अपहरण करने और फिर विकास की बहन भारती यादव के साथ उसके कथित संबंधों के कारण उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया गया था ।  

एथेनॉल उत्पादन व गन्ना क्षेत्रफल में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, किसान हित में सरकार के ठोस कदम

गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा पेराई सत्र 2025-26 में अगेती गन्ना ₹400, सामान्य ₹390 प्रति कुन्तल निर्धारित गन्ना मूल्य वृद्धि से किसानों को होगा ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान गन्ना किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ हैं : लक्ष्मी नारायण चौधरी योगी सरकार में अब तक ₹2.90 लाख करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान, पिछली सरकारों से ₹1.42 लाख करोड़ अधिक प्रदेश में संचालित 122 चीनी मिलें, पारदर्शी नीतियों से उद्योग में आया ₹12,000 करोड़ निवेश 8 वर्षों में 4 नई चीनी मिलें स्थापित, 6 पुनः शुरू, 42 में क्षमता विस्तार ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली ने खत्म किया बिचौलियों का राज, भुगतान सीधे किसानों के खातों में एथेनॉल उत्पादन व गन्ना क्षेत्रफल में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, किसान हित में सरकार के ठोस कदम लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति कुन्तल की वृद्धि की गई है। उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के अनुसार अब अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य ₹400 प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹390 प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भी भरेगा।  मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि किसानों के परिश्रम का सम्मान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गन्ना किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ हैं। गन्ना हमारे ग्रामीण जीवन और अर्थव्यवस्था का आधार है और हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य सही समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों को अब तक ₹2,90,225 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो वर्ष 2007 से 2017 के बीच सपा और बसपा सरकारों में किसानों को कुल मात्र ₹1,47,346 करोड़ का भुगतान हुआ था। इस प्रकार सरकार ने मात्र साढ़े आठ वर्षों में पिछली सरकारों के मुकाबले ₹1,42,879 करोड़ अधिक भुगतान कर नया इतिहास रचा है। मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में जहां 21 मिलें औने-पौने दामों पर बेची गई थीं, वहीं सरकार के पारदर्शी प्रबंधन और निवेशोन्मुख नीतियों से इस उद्योग में ₹12,000 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ है। पिछले आठ वर्षों में 4 नई चीनी मिलें स्थापित की गईं, 6 बंद मिलें पुनः शुरू की गईं और 42 मिलों की उत्पादन क्षमता में विस्तार हुआ। इससे प्रदेश में 8 नई बड़ी मिलों के बराबर उत्पादन क्षमता में वृद्धि दर्ज हुई है। साथ ही, 2 मिलों में सीबीजी संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे गन्ना क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन को भी बल मिला है। प्रदेश सरकार की अभिनव पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है। इस प्रणाली को भारत सरकार ने 'मॉडल सिस्टम' घोषित किया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है। एथेनॉल उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि सरकार के प्रयासों से राज्य में एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है और आसवनियों की संख्या 61 से बढ़कर 97 हो गई है। गन्ना क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में गन्ना क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर आ गया है।