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भयानक बारिश की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट मोड में, स्कूलों में छुट्टी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में खराब मौसम और तेज बारिश के कारण जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी विद्यालयों पर लागू होगा। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। चित्रकूट जिला अधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं पूर्ववत जारी रहेंगी, लेकिन स्कूल प्रबंधन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में स्कूलों की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई विद्यालय आदेश की अवहेलना न करे। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने पर विचार करें और छुट्टी का सदुपयोग गृहकार्य या प्रोजेक्ट के माध्यम से कराएं। अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत स्कूल बंदी की खबर मिलते ही अभिभावकों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया। कई माता-पिता का कहना है कि मानसून के मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो जाता है। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी और सराहनीय है। मॉनसून से बिगड़ी व्यवस्था, प्रशासन अलर्ट मोड पर पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने नगर निगम, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज़ आंधी की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बच्चों को सुरक्षित रखें।  

बरसाती नदी में फंसी कार, गूगल मैप की गलती से हुआ हादसा, छात्रों को बचाया गया

सहारनपुर  उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के सरसावा इलाके में एक मामला बिलकुल चौंकाने वाला सामने आया, जहां 4 छात्र नेता मीडिया मैप के भरोसे एक ऐसे रास्ते पर निकल पड़े, जो अंततः जीते जागते बरसाती नदी में जा पहुंचा। गनीमत रही कि छात्रों ने चुस्ती दिखाई और नदी से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। जानिए,  क्या था पूरा मामला? छात्र नेता सूर्य अपने तीन दोस्तों आदित्य, वरुण और अंशुल के साथ अंबाला के शाहबाद स्थित महर्षि मारकंडेश्वर मंदिर दर्शन करने निकला था। जब वह सरसावा, सहारनपुर के पास पहुंचे, तो उन्होंने गूगल मैप के माध्यम से मंदिर का रास्ता देखा और उसे फॉलो करना शुरू कर दिया। मैप ने उन्हें 'सिरोही पैलेस' के पास एक संकरी-सी गलियारे जैसी सड़क दिखाई दी। उन्होंने उसी रास्ते पर मोटरकार मोड़ दी। रास्ता शुरुआत में सही लगने लगा, लेकिन अचानक सड़क नदी की ओर मुड़ गई और गाड़ी बरसाती नदी में जा गिरी। खतरा और हिम्मत का संगम कार तेज रफ्तार से नदी में धस गई थी। छात्रों में डर का माहौल बनने लगा और पानी तेजी से कार के अंदर भरने लगा। लेकिन चारों ने संयम दिखाया और शीशा नीचे करके एक-एक कर पानी से छलांग लगाई, तैरकर सुरक्षित बाहर आए। पुलिस और ग्रामीणों ने की सहायता घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। 112 पर कॉल करने पर थोड़ी देर में पुलिस टीम भी पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मेहनत से पूरी तरह पानी में डूबी कार को बाहर निकाला।   क्या कह रहे छात्र और ग्रामीण? छात्रों का कहना है कि उन्हें मंदिर का रास्ता गूगल मैप पर दिखा, जिसके चलते हम परेशान हुए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह मार्ग मोटरसाइकिल तक के लिए भी जोखिम वाला है, कारों के लिए बिल्कुल अनुचित है। ग्रामीणों ने उस 'गलत' नक्शे की ओर निराशा जताई और कहा कि वास्तव में यह सड़क तो अक्सर गूगल पर दिखता रहता है, लेकिन वहां चलकर फंसना ही होता है।  

रंगे हाथ रिश्वत लेते लेखपाल की एंटी करप्शन ने की गिरफ्तारी

संतकबीरनगर उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए लेखपाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बेलाल अहमद की शिकायत पर यह कार्रवाई कार्रवाई की गई है। जमीन पैमाइश के एवज में लेखपाल ने रिश्वत मांगी थी। खलीलाबाद तहसील परिसर का मामला यह पूरा मामला जिले के खलीलाबाद तहसील परिसर का है। जहां, लेखपाल राम अवध सिंह ने जमीन पैमाइश के एवज में पांच हजार की रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद पीड़ित बेलाल अहमद ने एंटी करप्शन टीम को शिकायत की। उसके बाद उन्होंने प्लान बनाकर बेलाल अहमद को बताए गए जगह पर पैसे लेकर भेज दिए। मगहर निवासी बेलाल अहमद ने जैसे ही लेखपाल को 5 हजार रूपए दिए। एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लेखपाल को अरेस्ट करके बखिरा थाना लाया गया है। जहां आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कुत्ते के साथ अत्याचार, रस्सी से बाइक के पीछे बांधकर कई किलोमीटर दौड़ाया गया

लखनऊ राजधानी लखनऊ से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां पर 3 नाबालिग लड़कों ने एक कुत्ते को अपनी बाइक के साथ बांध लिया और फिर उसे कई किलोमीटर तक दौड़ाया। लड़के काफी तेजी से बाइक दौड़ा रहे थे और पीछे-पीछे कुत्ता भाग रहा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को देखकर लोग गुस्से से भड़क गए और थाने में शिकायत दर्ज कराई है।  थाने में केस कराया दर्ज  बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। जिसमें तीन किशोर एक बाइक पर सवार हैं। उन्होंने एक कुत्ते को रस्सी से बाइक के पीछे बांधा है। उसे कई किलोमीटर तक दौड़ाते रहे। रास्ते में एक राहगीर ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने किसी की भी बात नहीं सुनी और बाइक को दौड़ाते चले गए। इंस्टाग्राम पर ये रील पोस्ट की गई है। जिसके बाद ‘AASRA- दी हेल्पिंग हैंड्स’ संस्था की संस्थापक ने हजरतगंज थाने में तहरीर देकर मामला दर्ज कराया है।  आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग  ये तीनों नाबालिग लड़के हेलमेट के बिना थे और एक बाइक पर सवार थे, जो ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे थे। AASRA संस्था की संस्थापक चारु खरे ने मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने उस अकाउंट के बारे में भी जानकारी दी, जिस पर ये वीडियो वायरल किया गया था।    यह घटना न केवल पशु क्रूरता अधिनियम, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट का भी गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएँ विकसित होंगी: मुख्यमंत्री

बेहतरीन नगरीय अवस्थापना का मानक बनेंगी जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाएँ: मुख्यमंत्री जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएँ विकसित होंगी: मुख्यमंत्री हब-एंड-स्पोक मॉडल से नगर पालिकाओं को जोड़कर मिलेगी आधुनिक निगरानी व सुरक्षा: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की नगर विकास विभाग की समीक्षा, कहा सभी नगरीय निकायों के हो अपना भवन मुख्यमंत्री का निर्देश, नगर निगम कर बकाये की विसंगतियों पर अभियान चलाकर कराएं त्वरित समाधान लखनऊ-कानपुर रुट पर शीघ्र बढ़ेंगी 200 इलेक्ट्रिक बसें, अन्य नगरों में 650 बसें खरीदने की योजना बोले मुख्यमंत्री, इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहन के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो नगर निगमों की वित्तीय स्वीकृति सीमा 20 साल बाद बढ़ाई जाएगी, मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल निर्णय के निर्देश लखनऊ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज व खेल परिसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला मुख्यालयों वाली नगर पालिकाओं को स्मार्ट और विकसित नगर पालिका के रूप में विकसित करने की योजना का क्रियान्वयन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट-विकसित नगर पालिका योजना का उद्देश्य जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को आधुनिक, आत्मनिर्भर और नागरिक-केंद्रित स्वरूप में विकसित करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस पर यथाशीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि योजना के अंतर्गत नगर पालिकाओं में गौरव पथ, पिंक टॉयलेट, शहरी सुविधा केंद्र, स्मार्ट क्लासरूम व आंगनबाड़ी, थीम आधारित पार्क, ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण, जलाशयों का पुनर्जीवन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, ग्रीन क्रेमेटोरियम और डिजिटल सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए उत्सव भवन, सामुदायिक केंद्र और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ आधारित ढाँचे भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को हब-एंड-स्पोक मॉडल पर लागू किया जा सकता है। उदाहरणस्वरूप, लखनऊ और गोरखपुर स्थित एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से समीपवर्ती जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को जोड़ा जा सकता है। इससे नगर पालिकाओं को सुरक्षा, निगरानी और शिकायत निवारण जैसी सेवाओं में आधुनिकता मिलेगी तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नगर पालिका में परियोजनाओं का चयन स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किया जाए और वित्तीय संसाधनों का आवंटन नगर निकायों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के अनुसार किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि नगर निकायों को 4 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव है, जो उनकी जनसंख्या और कार्यदक्षता पर आधारित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को विकसित-स्मार्ट स्वरूप देने से न केवल आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएँ भी मिलेंगी। बैठक में लखनऊ और कानपुर में 200 इलेक्ट्रिक बसों को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मोड पर संचालित करने तथा अन्य नगरों में 650 बसों की प्रत्यक्ष खरीद का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और इसके लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी शीघ्र तैयार किया जाए। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों में निवासियों के विविध कर बकाये में विसंगतियों के तत्काल समाधान पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभियान चलाकर लोगों से आपत्तियां आमंत्रित की जाएं और समाधान शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याओं का यथोचित व संतुष्टिपरक समाधान कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नगर निकायों के पास अपना भवन होना चाहिए। बैठक में नगर निकायों की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बीते लगभग 20 वर्षों से इन सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 74वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप नगर निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर आयुक्त, महापौर, कार्यकारिणी समिति तथा नगर निगम बोर्ड की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं का तत्काल विस्तार किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने लखनऊ में शहीद चंद्रशेखर आज़ाद अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज एवं बहुउद्देश्यीय खेल परिसर की स्थापना के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को पीपीपी मोड पर प्राथमिकता के साथ प्रारम्भ किया जाए, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हों।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई जुलाई माह की आईजीआरएस रिपोर्ट

गौतमबुद्धनगर और श्रावस्ती आईजीआरएस संतुष्ट फीडबैक में सबसे आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई जुलाई माह की आईजीआरएस रिपोर्ट जनसुनवाई में जनता की संतुष्टि पर योगी सरकार का फोकस, अफसरों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनसुनवाई प्रणाली (IGRS) को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जुलाई माह की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और एसपी स्तर पर गौतमबुद्धनगर ने सबसे अधिक संतुष्ट फीडबैक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिले ने बाजी मारी। पुलिस स्तर पर टॉप-5 गौतमबुद्धनगर 98.72 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद पीलीभीत (98.23%), बलिया (96.04%), बस्ती (95.43%) और श्रावस्ती (95.14%) का स्थान रहा। इन जिलों ने शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण में बेहतर कार्य किया है। जिलाधिकारी स्तर पर टॉप-5 जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिला 90.2 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद शाहजहांपुर (89.08%), बलरामपुर (83.44%), हमीरपुर (82.15%) और बरेली (80.11%) रहे। इन जिलों में डीएम स्तर पर की गई कार्यवाही से शिकायतकर्ताओं को संतुष्टि मिली है। मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत जिस अधिकारी से संबंधित हो, उसकी जांच उसी अधिकारी को न दी जाए। शिकायतों की जांच उच्चाधिकारियों से कराना अनिवार्य किया जाए ताकि न्याय और पारदर्शिता बनी रहे। सीएम योगी ने यह भी कहा कि यदि स्पेशल क्लोज अनुचित पाया जाता है तो प्रस्तावित करने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर विभागीय कार्यवाही की जाए। जिलास्तर पर एडीएम/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, एएसपी, डीसीपी या अन्य वरिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाए, जो स्पेशल क्लोज करने से पहले शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसे संतुष्ट करने का प्रयास करे। योगी सरकार की प्राथमिकता – पारदर्शी और जवाबदेह शासन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनसुनवाई प्रणाली को जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद बनाने के लिए सशक्त किया जा रहा है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जनता का भरोसा बढ़ा है।    

नौकरानी ने 10 साल तक घर में किया यह कुकर्म, रोज बर्तनों पर छिड़कती थी संदिग्ध पदार्थ

बिजनौर  यूपी के बिजनौर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसके बाद घर में काम करने वालीं घरेलू सहायकों के ऊपर से आपका विश्‍वास उठ सकता है। व्‍यापारी के घर में पिछले 10 सालों से काम कर रही नौकरानी ने ऐसा कारनामा किया जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। महिला ने गिलास में पेशाब किया और उसे किचन में धुले हुए बर्तनों पर छिड़क दिया। ऐसा वह कब से कर रही थी, इसका पता नहीं चल पाया। नौकरानी की सारी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर यूजर्स तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। बिजनौर जिले के नगीना में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. यहां एक बड़े व्यापारी परिवार के घर में काम करने वाली महिला की हरकत ने घरवालों को परेशानी में डाल दिया. यह घटना किसी आम चोरी या अनबन की नहीं है, बल्कि रसोई में रखे बर्तनों पर पेशाब छिड़कने जैसी अमानवीय हरकत की है. यह पूरी करतूत घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा का विषय बनी हुई है. दस वर्षों से काम कर रही थी महिला नगर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के घर पर यह महिला पिछले करीब दस वर्षों से घरेलू काम कर रही थी. इतने लंबे समय तक परिवार के साथ काम करने के कारण घर वालों का उस पर भरोसा बना हुआ था. घर की महिला सदस्यों को इधर कुछ महीनों से उसके व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दिया. लेकिन कभी ठोस सबूत न होने के कारण कोई कुछ कह नहीं सका. पिछले दिनों संदेह बढ़ने पर घर की महिला ने चुपचाप रसोई और आस-पास के हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए. इसका मकसद केवल यह पता लगाना था कि आखिर काम करने वाली महिला कुछ गड़बड़ तो नहीं कर रही. कैमरे में कैद हुई घिनौनी हरकत दोपहर में जब महिला घर पर काम करने पहुंची तो पहले वह हमेशा की तरह रसोई में बर्तन धोने लगी. इस दौरान कैमरे में जो दृश्य सामने आए, उन्हें देखकर परिवार के लोग सन्न रह गए. वीडियो में साफ दिखाई दिया कि महिला ने पहले एक गिलास में पेशाब किया और फिर उसी पेशाब को रसोई में रखे अन्य बर्तनों पर छिड़क दिया. यह घटना देखकर घरवालों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को देने का मन बना लिया. घरवालों को लंबे समय से नौकरानी पर था संदेह घरवालों का कहना है कि बहुत समय से उन्‍हें नौकरानी की हरकतों पर संदेह था पर उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं था। इसलिए उन्‍होंने नौकरानी को बगैर बताए किचन और आसपास के कमरों में सीसीटीवी लगवा दिया। नौकरानी 10 सालों से उनके यहां काम कर रही थी इसलिए उसके ऊपर पूरा विश्‍वास था पर वह ऐसा करेगी कभी सोचा नहीं था। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले गाजियाबाद से भी एक नौकरानी की ऐसी ही घिनौनी हरकत सामने आई थी। उस मामले ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो घर के ही एक सदस्य द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई इसे अमानवीय हरकत बता रहा है तो कोई इसे मानसिक विकृति से जोड़कर देख रहा है. पुलिस ने किया गिरफ्तार शाम के समय जब महिला फिर से घर पर काम करने आई तो परिवार के सदस्यों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने महिला को थाने लाकर पूछताछ की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला ने अपनी गलती स्वीकार की है, लेकिन उसने यह क्यों किया, इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया. पुलिस ने किया शांतिभंग में चालान इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से अब तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है. ऐसे में पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए महिला का शांतिभंग में चालान किया. पुलिस का कहना है कि अगर परिवार लिखित शिकायत देता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया घटना के बाद नगीना कस्बे में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। लोग अपने घरों में काम करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने की बात कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सबके लिए चेतावनी है कि घरेलू कर्मचारियों के व्यवहार और गतिविधियों की समय-समय पर निगरानी जरूरी है। विश्वास पर चोट और सबक इस घटना ने घरेलू कर्मचारियों और मालिकों के बीच विश्वास के संबंध पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी परिवार का कहना है कि वे सुमित्रा को परिवार के सदस्य की तरह मानते थे, लेकिन उसकी इस हरकत ने सभी को हिलाकर रख दिया। पुलिस की अपील और सतर्कता के सुझाव पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में काम करने वालों की गतिविधियों पर ध्यान दें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार को नजरअंदाज न करें। पुलिस का कहना है कि तकनीक की मदद से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है, जैसे सीसीटीवी कैमरे का प्रयोग। घटना की खास बातें      नौकरानी की पहचान: सुमित्रा, 52 वर्षीय महिला, जो 10 साल से व्यापारी के घर में काम कर रही थी।     घटना का विवरण: गिलास में पेशाब करके धुले हुए बर्तनों पर डालना, सीसीटीवी में कैद।     परिवार की प्रतिक्रिया: सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज।     पुलिस की कार्रवाई: आरोपी की गिरफ्तारी, शांतिभंग की धाराओं में मामला दर्ज। वरिष्ठों की राय  यह घटना न केवल व्यापारी परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सबक है। यह स्पष्ट करता है कि घरेलू कामकाज के दौरान भी सतर्कता बरतना कितना जरूरी है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

UP के एक्सप्रेसवे: FASTag Annual Pass पर रोक, टोल भुगतान जारी रहेगा सामान्य तरीके से

नई दिल्‍ली 15 अगस्त, 2025 को FASTag Annual Pass को शुरू कर दिया गया है। यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉस के लिए मान्य है। इस को केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों, जैसे निजी कारों, जीपों और वैन के लिए ही वैध है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुताबिक, 3,000 रुपये वाले इस एनुअल पास को यूजर्स से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। सरकारी NHAI के मुताबिक, पाल लागू होने के पहले दिन करीब 1.2 लाख यूजर्स ने इसे एक्टिव किया। हम यहां पर आपको बता रहे हैं कि यह FASTag एनुअल पास उत्तर प्रदेश के किन एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा। उत्तर प्रदेश के इन एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा FASTag Annual Pass FASTag एनुअल पास उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगा। ये चार एक्स्प्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे है। इन चारों एक्सप्रेसवे पर टोल का पैसा आपके रेगुलर FASTag अकाउंट से ही कटेगा। दरअसल उत्तर प्रदेश के ये चारों एक्सप्रेसवे राज्य सरकार के अधीन राज्य राजमार्ग है, जबकि FASTag एनुअल पास केवल केंद्र सरकार के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही लागू होता है। जब आप इन एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे, तो आपको टोल का पैसा आपके नियमित FASTag खाते से ही काटा जाएगा। FASTag एनुअल पास एक्टिवेट होने पर बनेंगे दो अकाउंट जब आप FASTag एनुअल पास को एक्टिव करने के लिए 3000 रुपये का भुगतान करेंगे, तो यह कुछ समय में ही एक्टिवेट हो जाएगा एक्टिवेट होने के बाद, आपके वाहन के FASTag में दो अकाउंट बन जाएंगे। इसमें से एक अकाउंट एनुअल पास के लिए होगा और दूसरा अकाउंट रेगुलर FASTag अकाउंट होगा, जो पहले से चालू है। सालाना कितनी होगी बचत? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, FASTag एनुअल पास के जरिए लोगों की काफी ज्यादा बचत होगी। जो लोग सालाना 10,000 रुपये टोल के रूप में देते थे, वे अब 7,000 रुपये तक बचा सकेंगे। इसका कारण यह है कि वे एक साल में सिर्फ 3,000 रुपये में 200 यात्राएं कर पाएंगे।  

विपक्ष पर योगी का निशाना, कहा—कांग्रेस और सपा ने परिवारवाद को बढ़ावा दिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एटा में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ता के लिये सबका साथ लिया मगर विकास सिफर् अपने अपने परिवारों का किया है। एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित  सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिफर् अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। उन्होने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी। यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में  सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिफर् सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोटर्, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता। योगी ने कहा कि भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ‘‘सबका साथ, सबका विकास'' का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कारर्वाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई उन्होंने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिफर् योग्यता के आधार पर दी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें।   

नई बस सेवा: यूपी से बिहार के लिए अब रोजाना सीधी यात्रा, जानें ठहराव वाले शहर

लखनऊ आलमबाग बस टर्मिनल से मुजफ्फरपुर की बस सेवा शुरू होने के बाद अब वाराणसी से गया के लिए विशेष बस सेवा का संचालन होगा। सरकार ने पितृपक्ष के दौरान पिंडदान व तर्पण के लिए गया बिहार जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस शुरू कर रही है। बस सप्ताह में सातों दिन चलेगी। इनमें यात्रियों की सुरक्षा व सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया, बस सेवा से पितृपक्ष में लोग गया आसानी से पहुंच सकेंगे। वाराणसी (कैंट) से संचालित बस चंदौली-सासाराम-औरंगाबाद-शेरघाटी-गया (बिहार) तक के लिए चलेगी। रूट के अन्य यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। वाराणसी स्टेशन से रात्रि आठ बजे चलकर बस गया, बिहार सुबह चार बजे पहुंचेगी। वाराणसी से बिहार तक का 465 रुपये निर्धारित किया गया है। परिवहन मंत्री ने बताया, इस बस के संचालन से निजी वाहनों पर श्रद्धालुओं की निर्भरता कम होगी, जो कि उनके खर्च और समय को भी बचाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितृपक्ष में गया जाते हैं। उनकी सुविधा को देखते हुए परिवहन निगम ने मंथन किया। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इस बस संचालन को नियमित करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने व श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रही है। हरियाणा के लिए भी अंतरराज्यीय बस सेवा अंतरराज्यीय बस संचालन के तहत सारनाथ वाराणसी से बोधगया बिहार के लिए भी बस सेवा संचालित होगी। लखनऊ से मुजफ्फरपुर के लिए व मेरठ से सोनीपत (हरियाणा) के लिए भी बसों का संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ (आलमबाग बस टर्मिनल) से मुजफ्फरपुर का किराया 862 रुपये निर्धारित किया गया है। बस सेवा लखनऊ से रात्रि दो बजे चलकर बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर, तुमकुही, गोपालगंज होते हुए अगले दिन सुबह चार बजे मुजफ्फरपुर पहुंचती है। मेरठ से सोनीपत के लिए चलने वाली बसें दिन में तीन फेरे लगाएंगी। यह बस बड़ौत डिपो से सुबह 06ः30 बजे, 10ः50 बजे व 15ः50 बजें चलकर सोनीपत जाएगी। यात्रियों को आवागमन में आ रही परेशानियों को देखते हुए परिवहन निगम ने सोनीपत (हरियाणा) के लिए बस संचालन शुरू करने का निर्णय लिया है।