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योगी सरकार का बड़ा फैसला: अब 6000 वर्गमीटर तक जमीन का Land Use बदलना आसान, शुल्क में भी भारी राहत

लखनऊ यूपी में लैंड यूज बदलवाना अब आसान और सस्ता हो गया है। अगर आप 6000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्रफल का भू-उपयोग परिवर्तन कराना चाहते हैं तो आपको लखनऊ का चक्कर नहीं लगाना होगा। योगी सरकार ने 6000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल सीमा तक के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार विकास प्राधिकरणों के बोर्ड को दे दिया है। शासन ने एक और बड़ी राहत यह दी है कि अब भू-उपयोग परिवर्तन का शुल्क भी काफी कम कर दिया है। ये दरें पांच प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक की गईं हैं। हालांकि इस बड़ी राहत के साथ यह भी शर्त रखी है कि किसी भी मौजूदा भू-उपयोग का सिर्फ एक प्रतिशत तक ही परिवर्तन बोर्ड कर सकता है। अभी तक भू-उपयोग परिवर्तन कराने के लिए सारी फाइलों को शासन को ही भेजना पड़ता था। केडीए बोर्ड बस इसकी संस्तुति करता था। जब तक भू-उपयोग परिवर्तन होता था या इसके आवेदनों की फाइलों को निरस्त कर दिया जाता था तब तक विकास कार्यों से संबंधित सामग्रियों की दरें भी काफी बढ़ चुकी होती थीं। शासन ने 6000 वर्ग मीटर तक की जमीनों के आवेदकों को प्राधिकरण बोर्ड स्तर से ही हरी झंडी देने का अधिकार दे दिया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद का आदेश कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) में भी पहुंच गया है। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। परिवर्तन शुल्क की किस्तों में भी राहत अब भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क की किश्तों में भी राहत दी गई है। पहले इस शुल्क को चार तिमाही किस्तों में 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से साधारण ब्याज के साथ एक वर्ष में दिया जा सकता था मगर अब चार तिमाही किश्तों में एमसीएलआर प्लस वन प्रति वर्ष की दर से भुगतान किया जा सकेगा। उपाध्यक्ष को आवेदन करने पर यह अवधि एक वर्ष और बढ़ सकती है। ग्रीन वर्ज और सार्वजनिक सुविधाओं में बदलाव नहीं शासन ने यह भी शर्त रख दी है कि ग्रीन वर्ज और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निर्धारित की गई जमीन का उपयोग नहीं बदला जाएगा। मसलन जो जमीन एसटीपी, पावर स्टेशन, बिजली घर, बस अड्डा, बस स्टॉप और पार्क आदि के लिए मास्टर प्लान में निर्धारित की गई है उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यह भी देखा जाएगा कि जिस भू-उपयोग के मद की जमीन का भू-उपयोग परिवर्तित किया जाना है उसमें भी मास्टर प्लान में उस मद में दी गई कुल जमीन का एक प्रतिशत से ज्यादा आवेदन न हो। लैड यूज बदलने के लिए इस तरह से देना होगा चार्ज केडीए के सचिव अभय कुमार पांडेय के अनुसार शासन का आदेश आ चुका है। नोटिफिकेशन में दिए गए नियमों और संशोधित किए नियमों का पालन कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। केडीए बोर्ड को 6000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्रफल का भू उपयोग बदलने का अधिकार मिल गया है। इसके अनुपालन की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।

राज्यसभा चुनाव के लिए BJP की बड़ी घोषणा, UP से 8 उम्मीदवारों के नाम जारी; हरदीप पुरी बाहर

लखनऊ  भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें कुल आठ उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। हालांकि इसमें हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल नहीं है। इस लिस्ट में दो ब्राह्मण चेहरे हैं, जबकि एक राजपूत चेहरा भी है। वहीं, दो महिलाओं को भी जगह दी गई है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. पार्टी ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रत्याशियों को जीत की अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।  बीजेपी की ओर से जारी सूची में 3 OBC, 2 SC और 3 सामान्य वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं. इनमें 2 महिलाएं भी हैं. वहीं, उम्मीदवारों में 2 ब्राह्मण और 1 राजपूत शामिल हैं. OBC वर्ग में 1 लोधी, 1 पाल और 1 कुर्मी उम्मीदवार हैं।  भाजपा के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में इन आठ नामों की घोषणा की गई। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक अनुभव के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश की है। भाजपा की ओर से घोषित उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह का नाम प्रमुख है। इसके अलावा राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यसागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है। धर्मपाल सिंह लोधी बिरादरी से आते हैं. वह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. प्रकाश पाल संगठन में क्षेत्रीय मंत्री हैं और पाल बिरादरी से आते हैं. ओबीसी समुदाय में पाल को गडेरिया बिरादरी माना जाता है. विद्यासागर सोनकर दलित बिरादरी से हैं और पार्टी के अहम पदों पर रह चुके हैं. वह पूर्व MLC और मछलीशहर से पूर्व सांसद रह चुके हैं. इसके अलावा वह पार्टी के पूर्व महामंत्री भी हैं. इस लिस्ट में  मंत्री हरदीप पुरी-बीएल वर्मा का नाम नहीं का नाम नहीं आया है।  16 अक्टूबर को वोटिंग उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में पूरा हो रहा है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तिथि छह अक्टूबर है। 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत है। चुनाव में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए करीब 37 विधायकों के मतों की जरूरत है। भाजपा गठबंधन के पास आठ सीटों पर जीत की स्थिति बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल है, हालांकि मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में आठवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। धर्मपाल सिंह धर्मपाल सिंह बरेली के आंवला से बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं. वह कई बार विधायक रह चुके हैं और फिलहाल यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास पशुपालन और डेयरी विकास विभाग की जिम्मेदारी है।  विद्यासागर सोनकर विद्यासागर सोनकर जौनपुर और पूर्वी यूपी के वरिष्ठ बीजेपी नेता हैं. वह 1996 में 11वीं लोकसभा के लिए सैदपुर (SC) से सांसद चुने गए थे।  प्रियंका सिंह रावत प्रियंका सिंह रावत बीजेपी की पूर्व लोकसभा सांसद हैं. उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव बाराबंकी से जीता था. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया को हराया था।  राम प्रताप सिंह चौहान राम प्रताप सिंह चौहान यूपी बीजेपी के वरिष्ठ संगठन नेता हैं. जून 2026 में यूपी बीजेपी में हुए बदलाव के दौरान उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाया गया था. अगस्त 2026 में उन्हें पश्चिमी यूपी के संगठनात्मक क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई।  प्रकाश पाल प्रकाश पाल बीजेपी के वरिष्ठ संगठन नेता और यूपी बीजेपी OBC मोर्चा के अध्यक्ष हैं. वह पहले बीजेपी के कानपुर-बुंदेलखंड संगठनात्मक क्षेत्र की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।  इस बार नए चेहरों को मिला मौका इस बार बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए सभी नए चेहरों को मौका दिया है. पुराने चेहरों को इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया गया है. इनमें अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, बीएल वर्मा, हरदीप सिंह पुरी, नीरज शेखर, बृजलाल, दिनेश शर्मा और गीता शाक्य शामिल हैं. दिनेश शर्मा अब अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल हैं।  सपा का तीसरी सीट पर जोर समाजवादी पार्टी ने पहले ही प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है। सपा के पास अपने संख्या बल के आधार पर दो सीटें जीतने की स्थिति है। हालांकि पार्टी तीसरी सीट के लिए भी प्रयास कर सकती है, जिससे चुनाव में राजनीतिक जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। राज्यसभा चुनाव को अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों दलों की नजर अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ दूसरे खेमे में सेंध लगाने पर भी है। मजबूत संख्याबल का संकेत भाजपा ने आठ उम्मीदवार उतारकर जहां अपने मजबूत संख्या बल का संकेत दिया है, वहीं उम्मीदवारों के चयन में अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। अब निगाहें नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और सपा की आगे की रणनीति पर हैं। राज्यसभा चुनाव में यदि सभी 10 सीटों पर मुकाबला होता है तो 16 अक्टूबर को मतदान के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। फिलहाल भाजपा ने अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुनावी मैदान को औपचारिक रूप से सजा दिया है।

अलीगढ़ में बस स्टेशनों के नाम बदलने की तैयारी, शासन को भेजे गए 8 प्रस्ताव

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ के आठ प्रमुख बस स्टेशनों को अब नई पहचान मिलने जा रही है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शहीदों और महापुरुषों के नाम पर बस स्टेशनों के नामकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। चार साल बाद एक बार फिर बस स्टेशनों के नाम बदलने की कवायद तेज हुई है। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) रोडवेज की ओर से आठ बस स्टेशनों के नए नामों की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नाम से होगी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय इतिहास के उन नायकों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, जिनका योगदान महत्वपूर्ण होने के बावजूद समय के साथ लोगों की स्मृतियों से दूर होता गया। बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों के नामकरण के माध्यम से इनके संघर्ष और योगदान को आम लोगों के बीच पहुंचाने की योजना है। इससे रोजाना हजारों यात्रियों को इन महापुरुषों और शहीदों के नामों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। प्रस्ताव के मुताबिक इगलास बस स्टेशन का नाम राजा अमानी जी बस स्टेशन रखा जाएगा। इसी तरह अकराबाद बस स्टेशन का नाम अमर शहीद ठाकुर मंगल सिंह-महताब सिंह बस स्टेशन करने की संस्तुति की गई है। मसूदाबाद बस स्टेशन का नाम नारायण पंडित जी बस स्टेशन प्रस्तावित है। शहर के महत्वपूर्ण सैटेलाइट बस स्टेशन, सूतमील चौराहा का नाम मोहनलाल गौतम बस स्टेशन रखने का प्रस्ताव है। वहीं गभाना बस स्टेशन का नाम छोटे लाल गौतम बस स्टेशन किया जाना प्रस्तावित है। शहर के गांधीपार्क बस स्टेशन को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बस स्टेशन के नाम से पहचान देने की संस्तुति भेजी गई है। इसी क्रम में खैर बस स्टेशन का नाम ठाकुर टोडर सिंह बस स्टेशन और अतरौली बस स्टेशन का नाम बनारसी दास बस स्टेशन किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन नामों के जरिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सार्वजनिक पहचान देने का प्रयास किया गया है। चार साल बाद फिर बदलेगी पहचान बस स्टेशनों के नाम बदलने की प्रक्रिया जिले में करीब चार साल बाद फिर सामने आई है। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाने के बाद अब निगाहें स्वीकृति पर टिकी हैं। शासन की मंजूरी मिलने के बाद रोडवेज स्तर पर नए नामों को रिकॉर्ड, साइन बोर्ड और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं में दर्ज किया जाएगा। यात्रियों के साथ नई पीढ़ी को भी मिलेगा संदेश बस स्टेशनों पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में इन स्थानों का नाम महापुरुष व शहीदों के नाम पर रखने से उनके योगदान की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। खासतौर पर स्थानीय इतिहास से जुड़े व्यक्तित्वों को सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से पहचान मिलने से नई पीढ़ी में उनके बारे में जानने की रुचि बढ़ सकती है। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अलीगढ़ के आठ बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नामों के साथ इतिहास व वर्तमान को जोड़ने वाली नजर आएगी।

कारखियाव इंटीग्रेटेड पैक हाउस का निरीक्षण, जितेन्द्र प्रताप सिंह बोले- संचालन में न हो अनावश्यक देरी

राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक इंटीग्रेटेड पैक हाउस, कारखियाव का किया स्थलीय निरीक्षण इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में किसी प्रकार की न हो अनावश्यक देरीः जितेन्द्र प्रताप सिंह  लखनऊ             राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक  जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज इंटीग्रेटेड पैक हाउस, कारखियाव, वाराणसी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में उपलब्ध सुविधाओं, निर्माण कार्यों की स्थिति एवं संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।             निरीक्षण के दौरान निदेशक  सिंह ने इंटीग्रेटेड पैक हाउस को तत्काल संचालित किए जाने के निर्देश दिए, ताकि स्थापित सुविधा का निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैक हाउस का संचालन शीघ्र प्रारंभ होने से संबंधित गतिविधियों को गति मिलेगी तथा उपलब्ध अवस्थापना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।             निरीक्षण के दौरान परिसर में स्थापित सेनेटरी वेयर की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर निदेशक ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।             परिसर की आंतरिक सड़कों की सतह निरीक्षण के दौरान संतोषजनक पाई गई। हालांकि, यह तथ्य संज्ञान में आया कि सड़क के माध्यम से वर्षा का पानी परिसर में आने की समस्या उत्पन्न हो रही है। निदेशक ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में परिसर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।             निदेशक  जितेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य अभियंता को निर्देशित किया कि निरीक्षण में सामने आई समस्याओं के संबंध में आवश्यक परीक्षण एवं तकनीकी निरीक्षण कराते हुए उनके निराकरण के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही, समस्त बिंदुओं पर की गई कार्यवाही एवं प्रस्तावित समाधान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट 10 दिवस के भीतर निदेशालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।             निरीक्षण के दौरान निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इंटीग्रेटेड पैक हाउस से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करते हुए इसके संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने गुणवत्ता, उपयोगिता एवं स्थायी समाधान को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया।  

प्रेमानंद के शिष्य दीपक की मौत का नया CCTV, कथित तौर पर खुद को घायल करने के बाद चौथी मंजिल पहुंचा

मथुरा मथुरा के वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के गुरु कृपा कुंज आश्रम में रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. अब घटना से जुड़ा एक और CCTV वीडियो सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो में दीपक लोधी अपना प्राइवेट पार्ट काटने के बाद सीढ़ियों से ऊपर की ओर जाता दिखाई दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि इसके तुरंत बाद उसने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी।  हालांकि, CCTV फुटेज सामने आने के बाद लगाए जा रहे इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. पूरे घटनाक्रम की तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर दीपक लोधी ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया।  प्राइवेट पार्ट काटने के बाद कहां गया दीपक? सामने आए CCTV फुटेज में दीपक लोधी सीढ़ियों से ऊपर की ओर जाता नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि यह फुटेज उस घटना के बाद का है, जिसमें उसने कथित तौर पर अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया था. इसके बाद उसके चौथी मंजिल तक पहुंचने और वहां से नीचे गिरने की बात कही जा रही है. अगर यह घटनाक्रम जांच में सही पाया जाता है तो यह वीडियो उसकी मौत से पहले के आखिरी पलों की अहम कड़ी साबित हो सकता है।  मौत के पीछे की वजह अब भी रहस्य दीपक लोधी ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है. परिवार और उसके करीबियों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. उसकी मौत के बाद से ही आश्रम के बाहर लोगों का आक्रोश भी देखने को मिल रहा है. लोग मामले की निष्पक्ष जांच और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।  9 दिन बाद आया ट्रस्ट का बयान इस बीच राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से सोशल मीडिया पर एक अपील जारी की गई है. आश्रम प्रबंधन ने पुष्टि की है कि यह अपील उसी की ओर से जारी की गई है. बयान में कहा गया है कि हाल में हुई घटना से पूज्य महाराज जी और समस्त परिकर अत्यंत आहत हैं. ट्रस्ट ने मृतक के परिवार के प्रति सहानुभूति जताई है और पुलिस प्रशासन के साथ घटना की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच में पूर्ण सहयोग देने की बात कही है।  ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से अपुष्ट जानकारी, अफवाह और अनुमान के आधार पर आश्रम या पूज्य महाराज जी की छवि को धूमिल करने वाला प्रचार नहीं करने की अपील की है. ट्रस्ट ने भरोसा जताया है कि पुलिस की निष्पक्ष जांच के बाद घटना के वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।  पुलिस जांच पर भी उठ रहे सवाल घटना के करीब 9 दिन बाद ट्रस्ट की ओर से बयान आने को लेकर भी चर्चा तेज है. सवाल उठ रहा है कि अगर घटना के तुरंत बाद स्थिति स्पष्ट की जाती तो क्या विवाद इतना बढ़ता? दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि आत्महत्या के मामले में अब तक मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया।  फिलहाल नया CCTV फुटेज सामने आने के बाद दीपक लोधी की मौत का रहस्य और गहरा गया है. उसने अपना प्राइवेट पार्ट क्यों काटा, चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचा और मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ, इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। 

राज्यसभा की 10 सीटों पर सियासी घमासान, BJP के 8वें उम्मीदवार को लेकर बढ़ा सस्पेंस

 लखनऊ  भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव की दस सीटों के लिए होने वाले मतदान के लिए सोमवार को अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर सकती है। राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन है और भाजपा ने पर्याप्त संख्या में नामांकन पत्र खरीदकर तैयारी कर ली है। अपने प्रत्याशियों के चयन के जरिए भाजपा वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव के लिए जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों का संदेश भी देने की कोशिश कर सकती है। भाजपा के संभावित प्रत्याशियों को लेकर स्मृति इरानी, हरीश द्विवेदी, हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, वरुण गांधी, संजीव बालियान सहित कई नाम चर्चा में हैं। भाजपा विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए इस चुनाव में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को भी साधेगी। माना जा रहा है कि पार्टी युवा और महिला उम्मीदवारों को टिकट देगी। पार्टी ब्राह्मण, राजपूत, ओबीसी और अनुसूचित जाति के साथ अल्पसंख्यक को भी टिकट दे सकती है। माना जा रहा है कि भाजपा इस बार आठ प्रत्याशियों में से एक पासी, एक जाटव, दो ब्राह्मण, एक गुर्जर, एक जाट, एक कूर्मि प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। एक पूर्व मंत्री भी राज्य सभा जा सकते हैं। इस बार पूर्व पुलिस अधिकारी के साथ ही  किसी राजपूत को राज्य सभा नहीं भेजा जाएगाष उनको विधान परिषद में एडजस्ट किया जाएगा। जिन्हें नामांकन करना है उन्हें तैयारी का संकेत दे दिया गया है। उम्मीदवारों में राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम की चर्चा है। इनके साथ ही कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बी एल वर्मा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में है। पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राजवीर सिंह उर्फ राजू भैय्या, प्रकाश पाल या पूजा पाल में से एक, दुर्विजय शाक्य या गीता शाक्य या ममतेश शाक्य में से कोई एक भी टिकट की दौर में हैं। सुब्रत पाठक या त्र्यंबक त्रिपाठी, सुरेश राणा आदि के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिए जा रहे हैं। इसी तरह आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी का भी नाम लिया जा रहा है, जिन्हें भाजपा अपना समर्थन दे सकती है। विधायकों के संख्या बल के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी सात सीट आसानी से जीत लेगी। समाजवादी पार्टी ने भी दो प्रत्याशियों का नाम घोषित किया, जिनको वो आसानी से जीत दिला सकती है। अब सभी की निगाहें भाजपा के आठवें और समाजवादी पार्टी के तीसरे प्रत्याशी पर भी है। माना जा रहा है की भाजपा मैदान में आठवां प्रत्याशी भी उतारेगी। आठवीं सीट पर जीत के लिए उसे कुछ ही और विधायकों के वोटों की जरूरत है। विधायकों का संख्या बल उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 255 विधायक हैं, जबकि सपा के 101 सदस्य हैं। भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो तथा कांग्रेस के दो विधायक हैं, जबकि सात विधानसभा सीट रिक्त हैं। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख छह अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच सात अक्टूबर को होगी और उम्मीदवार नौ अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी।

पीड़ित की संतुष्टि सरकार का ध्येय, प्रशासन हर उचित समस्या का कराए समयबद्ध निस्तारण: सीएम योगी

जनता दर्शन उचित समस्या को लेकर दूसरी बार फरियादी आए तो जवाबदेही तय: मुख्यमंत्री पीड़ित की संतुष्टि सरकार का ध्येय, प्रशासन हर उचित समस्या का कराए समयबद्ध निस्तारण: सीएम योगी कब्जामुक्त कराएं जमीन, पीड़ित को न्याय और दोषियों को दिलाएं सजा: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में दूरदराज से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों को समाधान का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन हर उचित समस्या का समयबद्ध निस्तारण कराए, यदि पीड़ित एक ही समस्या को लेकर दूसरी बार आया और वह समस्या वास्तविक रही तो जवाबदेही तय होगी। पीड़ित की संतुष्टि सरकार का ध्येय है। यदि पीड़ित की समस्या वास्तविक है और समय से उसका निस्तारण नहीं हो पाया, तो यह अक्षम्य है।  हर व्यक्ति से मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और समयबद्ध/पारदर्शी निस्तारण कराएं।  पीड़ित को न्याय और दोषियों को सजा दिलाएं इस दौरान कुछ लोगों ने जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए। पीड़ित को न्याय और दोषियों को सजा दिलाएं।

29,334 शिक्षक भर्ती: नौकरी की उम्मीद जगी, सुप्रीम कोर्ट ने 355 अभ्यर्थियों के मामलों पर लिया बड़ा फैसला

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित एवं विज्ञान विषय की 29334 भर्ती से सैकड़ों अभ्यर्थियों को नौकरी की उम्मीद जगी है। इस भर्ती से जुड़े अवमानना मामले में उच्चतम न्यायालय ने 28 सितंबर को एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा है कि 29 जनवरी 2025 के आदेश के बावजूद जिन 355 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया गया, उनके मामलों पर 12 सप्ताह के अंदर विचार किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि और अभ्यर्थी योग्य और उपयुक्त पाए जाते हैं तो उन्हें भी बिना देरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएं। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की खंडपीठ के समक्ष तीन अलग-अलग आवेदन पेश किए गए थे, जिनमें क्रमशः 163, 190 और 2 अभ्यर्थियों ने पक्षकार बनाए जाने की मांग की थी। कुल 355 अभ्यर्थियों का आरोप है कि 29 जनवरी 2025 के आदेश के बावजूद उनकी उम्मीदवारी पर अभी तक विचार नहीं किया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इन 355 अभ्यर्थियों के मामलों पर 12 सप्ताह के अंदर विचार किया जाए। इसके अलावा यदि और अभ्यर्थी 29 जनवरी 2025 के आदेश के अनुसार योग्य पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत नियुक्ति की पेशकश की जाए। यदि किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी जाती है, तो तर्कपूर्ण आदेश पारित कर उसे सूचित किया जाए। इस मामले को छह सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

UP राज्यसभा चुनाव में बढ़ी सियासी हलचल, BJP-सपा के उम्मीदवारों का आज हो सकता है ऐलान

  लखनऊ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है और इससे पहले आज बीजेपी और एनडीए अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकते हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी भी अपने तीसरे उम्मीदवार को लेकर पत्ते खोल सकती है।  राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों खेमों की तैयारियों का अंदाजा नामांकन पत्रों की खरीद से भी लगाया जा सकता है. समाजवादी पार्टी ने चार नामांकन पत्र खरीदे हैं, जबकि बीजेपी की तरफ से नौ पर्चे खरीदे गए हैं. ऐसे में अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने की स्थिति में राज्यसभा चुनाव में मुकाबला देखने को मिल सकता है।  तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं समाजवादी पार्टी पहले ही रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है और दोनों अपना नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं. हालांकि, तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हुई है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले कह चुके हैं कि अगर पार्टी पर्याप्त संख्या का इंतजाम कर लेती है तो तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतारा जाएगा।  तीसरे उम्मीदवार के लिए सपा को अपने मौजूदा संख्याबल से करीब आधा दर्जन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है. ताजा रिपोर्टों में भी तीसरे उम्मीदवार को लेकर सपा की तैयारियों का जिक्र है।  दूसरी तरफ बीजेपी ने भी उत्तर प्रदेश से अपने उम्मीदवारों के नामों का अभी ऐलान नहीं किया है. पार्टी की तरफ से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है. पुरी का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है. उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है।  9 अक्टूबर तक नाम लिए जा सकेंगे वापस नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. ऐसे में आज बीजेपी के उम्मीदवारों और सपा के संभावित तीसरे प्रत्याशी के नाम सामने आने के बाद यह तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है कि राज्यसभा की अतिरिक्त सीट के लिए सीधा मुकाबला होगा या नहीं।  बता दें कि विधानसभा में विधायकों के मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी सात सीटें आसानी से जीत लेगी और सपा की दो सीटों पर जीत तय मानी जा रही है. असली मुकाबला 10वीं राज्यसभा सीट को लेकर है, जिस पर काबिज होने के लिए सपा और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल शुरू हो गया है।  क्या है सीटों का गुणा-गणित? यूपी विधानसभा के कुल 403 सदस्यों में से वर्तमान में 397 विधायक हैं. ऐसे में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 38 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत है. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास कुल 292 विधायक हैं, जबकि सपा गठबंधन के पास 103 विधायक हैं. एनडीए में बीजेपी के 256, अपना दल (एस) के 13, आरएलडी के 9, सुभासपा के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं. दो विधायक राजा भैया की पार्टी के हैं. इन्हें मिलाकर यह आंकड़ा 291 विधायकों का होता है।  वहीं, सपा और कांग्रेस को मिलाकर कुल 103 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट के लिए 38 विधायकों की जरूरत के आधार पर बीजेपी को सात सीटें जीतने के लिए 266 विधायक चाहिए होंगे, जिसके बाद उसके पास 26 सरप्लस (अतिरिक्त) वोट बचेंगे. इसके बाद बीजेपी को आठवीं सीट जीतने के लिए 12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।  वहीं, राज्यसभा की 2 सीटों को जिताने के लिए सपा को 76 वोटों की जरूरत है, जिसके बाद सपा के पास भी करीब 27 सरप्लस वोट बचते हैं. सपा को तीसरी सीट जीतने के लिए 11 एक्स्ट्रा वोटों की जरूरत है. यही 11-12 वोटों का अंतर इस चुनाव को बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर बना रहा है।  

सुल्तानपुर हादसे में मृतकों के परिवारों को राहत, मुख्यमंत्री ने ₹2 लाख मुआवजे की घोषणा की

सुल्तानपुर हादसा: मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान मृतकों के परिजनों को दी जाएगी 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुख्यमंत्री ने सुल्तानपुर/देवरिया के अधिकारियों को दिया निर्देश- मृतकों के परिवारों से बात कर उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराएं  लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस पर हुए एम्बुलेंस हादसे में शोक जताया। इस दुःखद घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन/पुलिस के आलाधिकारियों से समुचित जानकारी भी हासिल की। उन्होंने ईश्वर से चारों मृतकों के परिजनों के संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।  सड़क हादसे के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। सीएम ने सुल्तानपुर/देवरिया के अधिकारियों से मृतकों के परिवारों से बात कर उन्हें हरसंभव मदद देने के भी निर्देश दिए हैं।  बता दें कि एम्बुलेंस चंडीगढ़ से शहीद सूबेदार का शव लेकर देवरिया जा रहा था। इसमें शहीद के परिजन भी मौजूद थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस पर एम्बुलेंस की एक वाहन से टक्कर हो गई, जिसमें ड्राइवर समेत चार लोगों के मौत की सूचना प्राप्त हुई है।