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‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में बतौर अध्यक्षता बोले मुख्यमंत्री

युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में हो रहा आयोजन सुरक्षा के माहौल में ही प्राप्त किया जा सकता है समृद्धि का लक्ष्य गोरखपुर, मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों के संरक्षण और दुष्टों का संहार करके ही कोई राष्ट्र सुरक्षित रह सकता है।सुरक्षा के माहौल में ही स्मृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। सीएम योगी शुक्रवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में समसामयिक विषयों पर आयोजित संगोष्ठी श्रृंखला के पहले दिन ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार्य चाणक्य के एक उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा कि," कोई राष्ट्र वाह्य रूप से सुरक्षित हो और आंतिरक रूप से सुरक्षित न हो तो उसे अराजक राष्ट्र माना जाता है। ऐसा अराजक राष्ट्र शीघ्र समाप्त होने के कगार पर होता है"। पाकिस्तान इसी तरह के अराजक राष्ट्र का उदाहरण है। आंतरिक अराजकता से वह पूरी तरह खोखला हो चुका है। उन्होंने कहा कि अराजकता किसी भी राष्ट्र को दुर्गति की ओर ले जाती है। दुर्गति से अस्तित्व पर संकट होता है। भारत प्राचीनकाल से ही इस पर सजग और सतर्क रहा है। भारत मां के प्रति दुस्साहस बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदिककाल से ही भारत में यह शिक्षा दी गई है कि धरती हमारी माता है। कोई भी सुयोग्य पुत्र मां के साथ अराजकता बर्दाश्त नहीं कर सकता। भारत मां की आन, बान, शान के प्रति किसी ने दुस्साहस किया तो उसके खिलाफ हर भारतीय खड़ा होगा। सीएम योगी ने रामायणकाल में उपद्रवियों के नाश के लिए प्रभु श्रीराम के ‘निसिचर हीन करहुं महि…’ संकल्प को रामराज की आधारशिला बताया। इसी परिप्रेक्ष्य में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के ‘परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्’ के उद्घोष को संदर्भित करते हुए कहा कि नागरिकों का संरक्षण और दुष्टों का संहार राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपरिहार्य है। सेना के जवानों के कठिन परिश्रम से नागरिक सोते हैं चैन की नींद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिए गए पंचप्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सेना के जवानों के प्रति सम्मान का भाव रखने का भी एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि नागरिक चैन की नींद इसलिए सो पाते हैं कि हमारे सैनिक देश के मोर्चे पर माइनस 50 डिग्री तापमान में भी देश की सुरक्षा के लिए जागते रहते हैं। भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि भारतीय सेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध के तौर तरीके बदले हैं। बदली परिस्थितियों में भी हमारी सेना ने दुश्मन को उसकी सीमाओं का एहसास कराया है। राष्ट्र के लिए समर्पित रहा गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय का जीवन गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ जी महाराज और अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन स्मृति को नमन करते हुए मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के साथ ब्रह्मलीन महंतद्वय का पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। पांथिक संकीर्णता में बंधे रहने की बजाय महंतद्वय ने भारत और भारतीयता के लिए किए गए हर आह्वान में बढ़चढ़कर भाग लिया। महंतद्वय की स्मृति में राष्ट्र से जुड़े विषयों पर संगोष्ठी का यह आयोजन गुरु परंपरा के प्रति गौरव की अनुभूति और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर होता है। डॉ. राधाकृष्णन को याद कर सीएम ने दी शिक्षक दिवस की बधाई संगोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर याद किया और इस अवसर पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस की बधाई सभी शिक्षकों को दी। सीएम ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक दार्शनिक शिक्षक थे। उन्होंने समाज के मुद्दों को दार्शनिक अंदाज में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। युद्ध में सफलता के लिए सरप्राइज फैक्टर महत्वपूर्ण : सीडीएस ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध में सफलता हासिल करने के लिए सरप्राइज (अचरज) एक महत्वपूर्ण फैक्टर होता है। उरी सर्जिकल स्ट्राइक में भारत ने जमीन के रास्ते जाकर आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया, बालाकोट में एयर स्ट्राइक का सहारा लिया गया। जबकि पहलगाम हमले के बाद लो एयर स्पेस, ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेनाओं ने हर बार दुश्मन को सरप्राइज कर अपना टारगेट पूरा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भारतीय सेनाएं 365 दिन, 24×7 के फार्मूले पर हमेशा तैयार हैं। आतंकवादी कहीं भी हो, उसे ढूढ़कर मारा जाएगा। सीडीएस जनरल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक व्यापक और महत्वपूर्ण विषय है। हर वर्ग और व्यक्ति इसे अपने नजरिए से देखता है। किसी देश के राजदूत इसे द्विपक्षीय या बहुपक्षीय दृष्टि से देखते हैं तो अर्थशास्त्री इसे आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से। सैनिक का दृष्टिकोण भिन्न होता है। उन्होंने बताया कि आचार्य चाणक्य ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चार तथ्य बताए हैं, राष्ट्र के आंतरिक खतरे, वाह्य खतरे, बाहरी सहयोग से आंतरिक खतरे और आंतरिक सहयोग से बाहरी खतरे। सीडीएस ने कहा कि समग्र रूप से राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तीन घटक महत्वपूर्ण होते हैं। भूमि की सुरक्षा, विचारधारा की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए इन तीनों की सुरक्षा अनिवार्य है। इस संदर्भ में उन्होंने तीन घेरों सैन्य सुरक्षा, राष्ट्र की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की विस्तार से चर्चा की। कहा कि सैन्य तत्परता के लिए रक्षा संसाधनों, अनुसंधान एवं विकास के साथ रणनीतिक संस्कृति अहम होती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी भी जरूरी है। युद्ध व अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता सीडीएस जनरल चौहान ने एक जर्मन विद्वान के उद्धरण के हवाले से कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में युद्ध, राजनीति का ही विस्तार है। युद्ध और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अलग अलग नहीं देखा जा सकता है। उन्होंने कहा … Read more

केतकी सिंह के विवादित बयान पर सपा की सख्त कार्रवाई, बीजेपी विधायक को नोटिस जारी

लखनऊ बांसडीह से भाजपा की विधायक केतकी सिंह की सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर टोंटी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद बलिया से लखनऊ तक की सियासत गरमा गई है। भाजपा विधायक के बयान के खिलाफ सपा ने केतकी सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। जहां, लखनऊ में विधायक के आवास पर प्रदर्शन भी किया गया। वहीं, सपा की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एडवोकेट कृष्ण कन्हैया पाल ने केतकी सिंह को अब मानहानि का नोटिस भेजा है। हाल ही में केतकी सिंह ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुख्यमंत्री आवास से गायब टोंटियों का हिसाब मांगा था। नोटिस में केतकी के इस बयान को लेकर कहा गया है कि यह स्पष्ट हो गया कि आपने दुर्भावनापूर्ण रूप से आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब अखिलेश यादव और सपा ने मुख्यमंत्री आवास से टोटियों की चोरी की थी। आपने जानबूझकर सपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में कन्नौज से संसद सदस्य (लोकसभा) अखिलेश यादव को बदनाम करने के गुप्त इरादे से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था की और उसमें बयान दिया। टोटियां चोरी कीं बयान के खिलाफ नोटिस नोटिस में बयान को लेकर लिखा है, केतकी से एक सवाल किया गया। सवाल था कि अखिलेश कल बिहार चुनाव प्रचार में गए थे, लेकिन इनका एक भी उम्मीदवार वहां खड़ा नहीं था, फिर भी गए हैं चुनाव प्रचार में, आप कैसे देखते हैं? इस सवाल के जवाब में केतकी ने कहा कि अच्छा बहुत दिन से हो गया होगा अपने एसी कमरे में रहते हुए साहब को लगा होगा कि मैं भी घूम कर आता हूं। चुनाव चुनाव खेलकर आता हूं। पर अभी उनके एक ऑफिसिलय ट्विटर से और समाजवादी ट्विटर से भी मैंने देखा कि मेरे खिलाफ उन्होंने कोई ट्वीट वगैरह किया था। तो मैं तो यह कहना चाहूंगी कि ठीक है, आप वहां जाकर जो वोट मांगना है वो लीजिए, परंतु पहले यूपी की जनता को वो टोटियां लौटाइए जो आप मुख्यमंत्री आवास खाली करते हुए ले गए वे। अब मुझे नहीं लगता अखिलेश यादव जी जैसे बड़े नेता ऐसी हरकत कर सकते हैं, परंतु उन्हें पता जरूर करवाना चाहिए कि समाजवादी पार्टी में ऐसे कौन लोग थे जो टोटियां उखाड़ कर ले गए थे। पहले यूपी की जनता को, जिसने उन्हें चार बार मुख्यमंत्री बनाया, उनकी टोटिया वापस कीजिए, उसके बाद आगे की बात होगी। केतकी बिना शर्त मांगें माफी नोटिस में लिखा गया है कि उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, आपसे अनुरोध है कि आप अखिलेश यादव और सपा के पक्ष में बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक रूप से माफीनामा जारी करें, जिसे इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाए। ऐसा न करने पर, मैं आपके विरुद्ध सक्षम न्यायालय में मानहानि के लिए उचित दीवानी और आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के लिए बाध्य हो जाऊंगा, जिसमें आपके संपूर्ण जोखिम, लागत और परिणामों पर कम से कम 5 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा जाएगा।

यात्रियों के लिए राहत! जम्मू के लिए 19 सितंबर से छह प्रमुख ट्रेनें फिर से शुरू

मुरादाबाद भारी बारिश के बाद एक बार फिर जम्मू रेल मार्ग जल्द बहाल होने लगेगा। रेलवे ने बारिश से आई बाधा को दूर किया है। वाराणसी से जम्मू जाने वाली बेगमपुरा समेत छह ट्रेनें 19 सितंबर से पटरी पर दौड़ने लगेगी। रेलवे ने यात्री सुविधा को देखते हुए बारह ट्रेनों को भी बीच रास्ते तक चलाएगा। इनमें अमरनाथ, लोहित प्रमुख गाड़ियां है। हालांकि करीब डेढ़ दर्जन ट्रेनों को 15 अक्तूबर तक के लिए रद्द कर दिया गया है। जम्मू व श्रीमाता वैष्णोदेवी मार्ग पर आठ दिनों से रेल यातायात बाधित है। 27 अगस्त को भूस्खलन के बाद बाढ़ व भारी बारिश से रेल संचालन बंद करना पड़ा। कठुआ-जम्मू व जम्मू से वैष्णोदेवी के बीच सड़क व रेल पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से रेल व सड़क मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई। कुछ दिन पहले रेलवे ने हालात बहाल न होने पर जम्मू जाने वाली करीब 36 ट्रेनों को 30 सितंबर तक के लिए रद्द कर दिया। अब निर्माण कार्य दुरुस्त होने से जम्मू डिवीजन ने रेल संचालन को भी बहाल किया है। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि क्षतिग्रस्त रेल कार्य को सुधरने से ट्रेन संचालन को हरी झंडी दी गई है। वाराणसी-जम्मू बेगमपुरा, हावड़ा-जम्मू हिमगिरी एक्सप्रेस और पटना-जम्मू अर्चना एक्सप्रेस का संचालन शुरु होगा। 19 सितंबर से हिमगिरी एक्सप्रेस से ट्रेनें चलने लगेगी। हालांकि जम्मू तक रेल यातायात अभी पूरी तरह से सामान्य न होने से अन्य प्रमुख ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट किया गया है। ये ट्रेनें बहाल – 12237-38 बेगमपुरा एक्सप्रेस 20-21 सितंबर को बहाल होगी – 12331-32 हिमगिरी एक्सप्रेस 19 और 21 सितंबर को बहाल होगी – 12355-56 अर्चना एक्सप्रेस 20-21 सितंबर को बहाल होगी शार्ट टर्मिनेट-बीच रास्ते चलने वाली ट्रेनें 12587-88 अमरनाथ एक्स सहारनपुर 13 अक्तूबर तक 15097-98 अमरनाथ एक्स अंबाला 25 सितंबर 15651-52 लोहित एक्सप्रेस सहारनपुर 13 अक्तूबर 15653-54 लोहित एक्सप्रेस सहारनपुर 12 अक्तूबर 15655-56 कामाख्या-श्रीमाता वैष्णोदेवी सहारनपुर 15 अक्तूबर 22317-18 सियालदह-जम्मू हमसफर लुधियाना 15 अक्तूबर 15 अक्तूबर तक रद्द रहने वाली ट्रेनों पर नजर राजगीर-शहीद कैप्टन तुषार महाजन 03221-32 छपरा-शहीद कैप्टन तुषार महाजन 05193-94 गरीब रथ एक्सप्रेस 12208-07 कानपुर-जम्मूतवी 12469-70 योगनगरी ऋषिकेश-जम्मू 14605-06 योगनगरी-श्रीमाता वैष्णोदेवी 14609-10 गाजीपुर से श्रीमाता वैष्णोदेवी 14611-12 बरौनी-जम्मू 14691-92 सूबेदार गंज से शहीद कैप्टन तुषार महाजन 22431-32 कोविड काल में बंद स्टेशनों पर फिर रुकेंगी सत्याग्रह समेत 22 ट्रेनें मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल के रोजा, चंदक समेत कई स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव शुरू होगा। सत्याग्रह समेत बाईस ट्रेनों को कोविड काल में बंद हुए स्टॉपेज को शुरू करने के आदेश दिए। 8 सितंबर से ट्रेनों का ठहराव होने लगेगा। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार रक्सौल एक्सप्रेस का बिल्पुर, सियालदह का कांठ, चंदक व मलिहाबाद, बरेली-दिल्ली पैसेंजर का गढ़ मुक्तेश्वर ब्रिज, देहरादून-वाराणसी एक्सप्रेस का एथल आदि स्टेशनों पर ठहराव होने लगेगा।  

नई सेवा नियमावली लागू: अब काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी पाएंगे तीन गुना वेतन और सरकारी सुविधा

वाराण्सी  काशी विश्वनाथ मंदिर में 40 वर्ष बाद कर्मचारी सेवा नियमावाली को न्यास ने हरी झंडी दे दी है। नई नियमावली के तहत न्यास के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा प्राप्त होगा। इससे मंदिर के कर्मचारियों और अर्चकों का वेतन तीन गुना बढ़ जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की 108वीं बैठक में लिया गया। आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारी सेवा नियमावली सहित करीब दो दर्जन प्रस्तावों पर मुहर लग गई। मंडलायुक्त ने बताया कि पुजारियों को अभी 30 हजार रुपये दिया जाता था। अब उन्हें 80 से 90 हजार रुपये मिलने लगेगा। अधिकारियों के मुताबिक नियमावली लागू होने के बाद वेतन भत्ते में इजाफा होने के साथ पदोन्नति, अवकाश सहित अन्य सुविधाएं भी मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक पुजारियों, कर्मचारियों और सेवादारों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित नियमावली में चार श्रेणी तय की गई हैं। राज्यकर्मियों की तरह पुजारियों को ग्रेड और मैट्रिक्स दिया जाएगा। बता दें कि श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का प्रदेश सरकार की ओर से 1983 में अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद से अब तक सेवा नियमावली नहीं बन सकी। कई बार इसे लेकर कोशिश की गई, लेकिन मामला किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा। संविधान के अनुच्छेद 201 के तहत 13 अक्तूबर 1983 को काशी विश्वनाथ टेंपल एक्ट लागू किया गया। परिषद के कार्मचारी का मानदेय बढ़ेगा श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद एवं कार्यपालक समिति की बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष के बजट को अनुमोदित किया गया। वहीं परिषद के अंतर्गत तैनात विभिन्न श्रेणी के कार्मिकों का मानदेय 30 फीसदी बढ़ाया जाएगा। पूर्णकालिक कार्मिकों का गत वर्ष की भांति महंगाई भत्ता बढ़ेगा। धाम में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय स्थापित होगा। व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने के लिए इम्पोरियम सहित अन्य संपत्तियों के संचालन का नया किराया दर तय किया जाएगा। परिषद एक नया कंसल्टेंसी को तैनात करेगा, जो आयवृद्धि के नए विकल्प सुझाएगी। विशालाक्षी कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण होगा श्रद्धालुओं के आवागमन की सुगमता के लिए विशालाक्षी माता मंदिर तक कॉरिडोर बनेगा। इसके लिए भवन क्रय पर सहमति ली गई। वैकल्पिक प्रसाद योजना सुगम दर्शन व्यवस्था के साथ वैकल्पिक रूप में लड्डू प्रसाद एवं रुद्राक्ष माला प्रदान किया जाए। संगम तीर्थ जल आदान-प्रदान योजना को भी हरी झंडी दी गई, जिसमें सभी ज्योतिर्लिंगों को योजना से जोड़ा जाएगा। वहीं मंदिर न्यास मिर्जापुर में स्थित अपनी भूमि वैदिक शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए राज्य सरकार को देगा। दैनिक दर्शनार्थियों के परिचय पत्रों का नवीनीकरण काशी विश्वनाथ मंदिर में दैनिक दर्शनार्थियों के परिचय पत्रों का नवीनीकरण एक बार फिर शुरू होगा। मंदिर न्यास ने इसकी अनुमति दे दी है। इसके साथ ही धाम की सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम एवं कैमरों का आधुनिकीकरण एवं अपग्रेडेशन होगा। बेनीपुर-सारनाथ स्थित संकटहरण हनुमान मंदिर परिसर में गौशाला का आधुनिकीकरण किया जाएगा। नगर के समस्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों को वस्त्र, पुस्तकें, कंबल, स्वेटर, यूनिफार्म आदि की खरीद के लिए अब डीबीटी के जरिए धनराशि दी जाएगी। दंडी सन्यासियों को प्रतिदिन प्रसाद भोजन एवं 101 रुपये दक्षिणा दी जाएगी। बैठक में ये रहे मौजूद न्यास के सदस्य सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, प्रमुख सचिव न्याय के प्रतिनिधि बालाकृष्ण एन. रंजन, विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्श, वित्त विभाग शासन के प्रतिनिधि मुख्य कोषाधिकारी, भारतीतीर्थ महास्वामीजी के प्रतिनिधि जगद्गुरू शंकराचार्य महासंस्थानम् दक्षिणाम्नाय, सिटी मजिस्ट्रेट रविशंकर सिंह आदि।  

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

गोरखपुर  गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, आपकी समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएंगे। सरकार सबकी समस्या दूर करने को संकल्पित है।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने अफसरों से कहा कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए जिससे उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

बाढ़ में डूबा ऐतिहासिक घाट, जहां कंस वध के बाद भगवान कृष्ण ने किया था विश्राम

मथुरा  मथुरा में यमुना नदी में आई बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है. विश्राम घाट भी इस बाढ़ की चपेट में है. यमुना के पानी ने पूरे घाट को अपनी आगोश में ले लिया. घाट के गुम्बद और पिलर पानी में डूब गए हैं. ये वही घाट है जहां भगवान कृष्ण ने कंस का वध करने के बाद विश्राम किया था. तब इसे विश्राम घाट के नाम से जाना जाता है. लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण हालत खराब है. हालांकि, श्रद्धालु अभी भी पूजा करने के लिए इस घाट पर आ रहे हैं.  विश्राम घाट की स्थिति स्थानीय लोगों के अनुसार, यमुना का जलस्तर बढ़ने से मथुरा के हालात बिगड़ गए हैं. ऐतिहासिक विश्राम घाट पानी में समा गया है. घाट पर बने मंदिर और उनके पिलर भी पानी में डूबे हुए हैं. पानी घाट के गुम्बद के करीब पहुंच गया है. घाट के बीच से बहता पानी लोगों को बाढ़ की भयावहता दिखा रहा है.  आस्था और हिम्मत का संगम बाढ़ की इस स्थिति के बावजूद, लोगों की आस्था और हिम्मत बरकरार है. श्रद्धालु घुटनों तक पानी में खड़े होकर भी पूजा-पाठ कर रहे हैं. इस दृश्य से पता चलता है कि बाढ़ भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पाई है. घाट पर मौजूद लोग इस गंभीर स्थिति में भी अपनी धार्मिक परंपराओं को निभा रहे हैं. बाढ़ से ब्रज बेहाल आपको बता दें कि ब्रज में कालिंदी रौद्र रूप दिखा रही हैं. ताजेवाला और ओखला से पाने छोड़े जाने के बाद मथुरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी खतरे से 50 सेमी ऊपर बह रही है. दर्जनों गांव टापू बन गए हैं. प्रशासन लगातार राहत बचाव कार्य में लगा हुआ है. यमुना में डूबे हुए घर और मंदिर दूर से ही नजर आ रहे हैं.  गौरतलब है कि लगातार बढ़ रहे जलस्तर से कई कॉलोनियों और सैकड़ों घरों में यमुना के पानी प्रवेश कर जाने से स्थिति भयावह होती जा रही है. जयसिंहपुरा इलाके में एक नहीं सैकड़ों घरों में यमुना का पानी प्रवेश कर गया है और पूरा इलाका जलमग्न हो गया है. जिसके कारण लोग पलायन को मजबूर हैं. कई घरों में ताले पड़े हुए हैं. जिला प्रशासन बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए पूरी तरह सजग और सतर्क है. बाढ़ ग्रस्त इलाकों से लोगों को रेस्क्यू कर स्टीमर और नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. मथुरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर ने वृंदावन से लेकर गोकुल तक कोहराम मचा दिया है. प्रशासन 5 बाढ़ राहत केंद्रों की स्थापना करके लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है. 

सरकारी मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग पर रोक, आरक्षण के खिलाफ आदेश को समर्थन मिला

लखनऊ  इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच की दो सदस्य खंडपीठ ने चार सरकारी मेडिकल कॉलेज में नए सिरे से काउंसलिंग के निर्णय पर रोक लगा दी है। दो सदस्य खंडपीठ ने एकल पीठ के आरक्षण के खिलाफ के फैसले पर सहमति जताई है। न्यायमूर्ति राजन राय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने दो सितंबर को राज्य सरकार की ओर से दाखिल विशेष अपील पर सुनवाई पूरी करने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया था। मेडिकल कॉलेजों में 79 प्रतिशत से अधिक सीटें आरक्षित हो गई थीं, इसके खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने नए सिरे से काउंसलिंग कराने का फैसला सुनाया था। अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन व सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कालेजों में आरक्षण के संबंध में पारित शासनादेशों को रद करने के एकल पीठ के निर्णय के विरुद्ध राज्य सरकार की ओर से दाखिल विशेष अपील पर हाई कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया था।   उत्तर प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेज में नए सिरे से काउंसलिंग कराने के एकल पीठ के निर्णय पर दो सदस्य खंडपीठ ने रोक लगा दी है, हालांकि न्यायालय ने कहा है कि 50% से अधिक आरक्षण देने के विरुद्ध एकल पीठ का निर्णय सही है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह में इस बात का शपथ पत्र दे कि अगले सत्र से 50% की आरक्षण सीमा को लांघा नहीं जाएगा। न्यायालय ने आदेश दिया है कि एससी-एसटी वर्ग के जिन छात्रों को आरक्षण की सीमा से बाहर जाकर अम्बेडकर नगर, कन्नौज, जालौन व सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले दिए गए हैं, उन्हें इस वर्ग के लिए दूसरे सरकारी मेडिकल कोलेजों में अभी तक रिक्त चल रहे, 82 सीटों पर समायोजित किया जाएगा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सरकार अगले सत्र से 50% की आरक्षण सीमा को न पार करने सम्बन्धी शपथ पत्र नहीं देती, तो यह अंतरिम आदेश लागू नहीं होगा। अपीलार्थी की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता जे एन माथुर ने न्यायालय को बताया कि एकल पीठ के आदेश के बाद चारों जिलों के मेडिकल कालेजों में फिर से काउंसलिंग करनी पड़ेगी तथा इसका असर बाकी राज्यों के जिलों पर भी पड़ सकता है। पुनः काउंसलिंग से शीट पाए हुए अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे तथा उनका रास्ता और भी कालेजों में बंद हो जाएगा, क्योंकि बाकी जगह प्रवेश लगभग हो चुका है। एकल पीठ ने यह पाते हुए कि दिनांक 20 जनवरी 2010, 21 फरवरी 2011, 13 जुलाई 2011, 19 जुलाई 2012, 17 जुलाई 2013 व 13 जून 2015 के शासनादेशों के जरिए आरक्षित वर्ग के लिए 79 प्रतिशत से अधिक सीटें सुरक्षित की गई हैं, उक्त शासनादेशों को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने साथ ही उक्त कालेजों में आरक्षण अधिनियम, 2006 का सख्ती से अनुपालन करते हुए नए सिरे से सीटें भरने का आदेश दिया है। याची के अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने दलील दी थी कि उक्त मेडिकल कालेजों में राज्य सरकार के कोटे की कुल 85-85 सीटें हैं जबकि सिर्फ सात-सात सीटें अनारक्षित श्रेणी के लिए रखी गई हैं। वहीं, महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा व ट्रेनिंग की ओर से दलील दी गई थी कि इंदिरा साहनी मामले में शीर्ष अदालत यह स्पष्ट कर चुकी है कि 50 प्रतिशत की सीमा अंतिम नहीं है, इससे अधिक आरक्षण दिया जा सकता है। हालांकि, एकल पीठ इस दलील से सहमत नहीं हुई व कहा कि उक्त सीमा सिर्फ नियमों का पालन करते हुए ही बढ़ाई जा सकती है।

जीएसटी सुधार से स्वदेशी और स्वावलंबन की ओर बढ़ेगा भारत: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर सुधारों के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री का जताया आभार दूरदर्शी नेतृत्व में कर व्यवस्था का नया लिखा जा रहा अध्याय: सीएम दो स्लैब प्रणाली से आमजन को सीधी राहत, किसान, महिला और युवा को मिलेगा सशक्तिकरण: योगी MSME और स्टार्टअप्स के लिए सहारा बनेगा नया जीएसटी, उपभोग बढ़ेगा, रोजगार के लाखों अवसर बनेंगे: सीएम स्वदेशी से स्वावलंबन की ओर मजबूत कदम, सरल अनुपालन और तेज रिफंड से व्यापारियों को राहत: मुख्यमंत्री महंगाई नियंत्रण और विकास दर को मिलेगी नई रफ्तार, पारदर्शी कर व्यवस्था से बढ़ेगा निवेशकों का विश्वास: सीएम गोरखपुर जीएसटी सुधार के निर्णय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की कर व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा घोषित नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म अब धरातल पर उतरता दिख रहा है। यह केवल कर सुधार नहीं बल्कि भारत को उच्च विकास दर वाली वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि इन सुधारों से स्वदेशी से स्वावलंबन की भावना को नई ऊर्जा मिलेगी। उपभोग व्यय में वृद्धि से ऑटोमोबाइल, टिकाऊ उपभोग वस्तुओं और निर्माण क्षेत्र में मांग बढ़ेगी तथा लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दो स्लैब से आमजन को मिलेगी राहत मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सुधारों के तहत अब जीएसटी में केवल दो प्रमुख स्लैब — 5% और 18% — रहेंगे। अधिकांश आवश्यक वस्तुएं 5% स्लैब में रखी गई हैं, जबकि बहुत कम संख्या में आने वाली विलासिता की वस्तुओं पर 40% तक कर लगेगा। खाना, दवाइयां और शिक्षा सामग्री पर कर जीरो से पांच प्रतिशत तक रखने से घरेलू खर्च में बड़ी राहत मिलेगी। मध्यम एवं निम्न आय वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी और रोजमर्रा की वस्तुओं में कर कटौती से उपभोग को प्रोत्साहन मिलेगा। किसानों, युवाओं और छोटे व्यापारियों को नई ताकत सीएम योगी ने कहा कि यह नया अध्याय किसानों, महिलाओं, युवाओं, एमएसएमई सेक्टर और छोटे व्यापारियों को नई शक्ति प्रदान करेगा। तेज रिफंड और आसान रजिस्ट्रेशन जैसी व्यवस्थाएं छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए सहारा बनेंगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई ऊंचाई मिलेगी। पारदर्शी और विश्वासपूर्ण कर व्यवस्था उन्होंने कहा कि उल्टे शुल्क ढांचे का समाधान, वर्गीकरण विवाद का निपटारा और पारदर्शी कर प्रणाली व्यवसायों में विश्वास को और मजबूत करेगी। केंद्र और राज्यों की सामूहिक सहमति से यह सुधार और व्यापक व स्वीकार्य बनता है। महंगाई नियंत्रण और मजबूत अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में बीते वर्षों में थोक महंगाई दर 2% से नीचे लाने में सफलता मिली है। नए जीएसटी सुधार खपत और मांग को गति देंगे, जिससे अर्थव्यवस्था और मजबूत, स्थिर तथा समावेशी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस अभूतपूर्व, युगांतरकारी निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को हृदय से धन्यवाद दिया। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती से अवैध कारोबारियों में हड़कंप

यूपी में अवैध शराब कारोबारियों पर कसा शिकंजा, अगस्त में 1,995 लोग गिरफ्तार योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर – एक माह में 2.69 लाख लीटर अवैध शराब बरामद – अगस्त में 1,995 लोग गिरफ्तार, 351 भेजे गए जेल, तस्करी में प्रयुक्त 23 वाहन जब्त – 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक जारी – अभियान में अब तक 1,587 अभियोग दर्ज, 38,099 लीटर शराब जब्त – अगस्त तक 22,337.62 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त – पिछले वर्ष की तुलना में 3021 करोड़ रुपये अधिक राजस्व अर्जित – अगस्त माह में 3754 करोड़ रुपये का राजस्व, 4.86% की वृद्धि लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। 1 से 31 अगस्त 2025 के बीच प्रदेश में 10,503 अभियोग दर्ज किए गए। इस दौरान लगभग 2.69 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई, 1,995 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 351 लोगों को जेल भेजा गया। साथ ही, अवैध शराब की तस्करी में प्रयुक्त 23 वाहनों को जब्त किया गया। अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान की जानकारी देते हुए आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 31 अगस्त तक 1,587 अभियोग दर्ज हुए, 38,099 लीटर अवैध शराब जब्त की गई और 340 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 83 को जेल भेजा गया है। अवैध शराब की ढुलाई में प्रयुक्त तीन वाहन भी जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि इसी नीति के परिणामस्वरूप आबकारी विभाग की आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह अगस्त तक प्रदेश को 22,337.62 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ है, जो गत वर्ष की तुलना में 15.64 प्रतिशत अर्थात 3021.41 करोड़ रुपये अधिक है। अगस्त माह में ही 3754.43 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की कड़ी कार्रवाई और निगरानी के चलते अवैध शराब के कारोबारियों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति ही इस सफलता की सबसे बड़ी वजह है, जबकि विभागीय स्तर पर प्रवर्तन अभियानों ने इसे गति दी है।

ब्रिटिश भी नहीं कर पाए थे गोरखा सैनिकों का सामना, संधि के लिए होना पड़ा था मजबूर: सीएम योगी

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया गोरखा युद्ध स्मारक और संग्रहालय का शिलान्यास – वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ संग्रहालय का भूमिपूजन व शिलान्यास – भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा यह स्मारक- सीएम योगी – सेना के शौर्य की चर्चा में गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर- मुख्यमंत्री – सीएम योगी ने शहीद सैनिकों की वीर महिलाओं को किया सम्मानित – अग्निवीर योजना के तहत लौटने वाले जवानों के लिए यूपी पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण- सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखा रेजीमेंट के वीर सपूतों की अदम्य साहस और शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनाने के उद्देश्य से गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण कार्य और संग्रहालय का शिलान्यास किया। यह परियोजना 45 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी, जो न केवल गोरखा सैनिकों के बलिदान को सम्मान देगी बल्कि भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी उपस्थित रहे। इस दौरान सीएम योगी ने गोरखा सैनिकों की वीरता को याद करते हुए कहा कि गौरवशाली विरासत की नींव आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। भारतीय सेना का लोहा आज पूरी दुनिया ने माना है। ब्रिटिश भी गोरखा सैनिकों का सामना नहीं कर पाए और उन्हें संधि के लिए मजबूर होना पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ संग्रहालय का भूमिपूजन व शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संग्रहालय का भूमिपूजन किया और परिसर में स्थित मां काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान गोरखा रिक्रूटिंग डिपो (जीआरडी) की कार्यशैली पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें गोरखा रेजीमेंट के बहादुर जवानों की कहानियां जीवंत रूप से प्रस्तुत की गईं। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जवानों ने अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुरूप नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गए। मुख्यमंत्री ने गोरखा रेजीमेंट के शहीदों के परिवारों की वीर महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियां उद्धृत की, "जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो मर गए मातृभूमि के लिए बिना किसी कीमत के मोल… कलम आज उनकी जय बोल।" सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रण गुलामी के अंशों को समाप्त करना, अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति, वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और कर्तव्यों का निर्वहन का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखा सैनिकों ने अलग-अलग मोर्चों पर काम किया है सभी वीर सैनिकों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। सेना के शौर्य की चर्चा में गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर आता है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि जब हम भारत की सेना के शौर्य की चर्चा करते हैं, तो गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर आता है। 'जय महाकाली, आयो गोरखाली' के उद्घोष के साथ जब ये शत्रु पर टूट पड़ते हैं, तो दुश्मन पीछे हटने को मजबूर हो जाता है। 1816 के ब्रिटिश-गोरखा युद्ध में ब्रिटिश सेना को संधि के लिए बाध्य होना पड़ा। उसके बाद गोरखा सैनिकों ने ब्रिटिश आर्मी में भी अपनी बहादुरी दिखाई। स्वतंत्र भारत में भी उन्होंने विभिन्न मोर्चों पर दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर किया। सीएम योगी ने महायोगी गुरु गोरखनाथ की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां गोरखनाथ मंदिर हैं, वहां मां काली की पूजा अनिवार्य है, जो शिव और शक्ति के समन्वय का प्रतीक है। यह समन्वय ही गोरखा सैनिकों की मौत से बेखौफ होकर लड़ने की शक्ति का स्रोत है। अग्निवीरों को यूपी पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण- सीएम योगी सीएम योगी ने इस स्मारक को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि यह 100 वर्ष पुराना स्मारक अब भव्य रूप लेगा। यहां म्यूजियम में गोरखा रेजीमेंट के पुराने यूनिफॉर्म, हथियार, अस्त्र-शस्त्र और युद्ध कला के परिवर्तनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे युवा पीढ़ी को इतिहास से सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी व्यस्तता के बावजूद इस कार्यक्रम में शामिल होना गोरखा रेजीमेंट के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की पहलों का जिक्र किया, जैसे पुलिस बल में स्मारकों का निर्माण, शहीदों के परिवारों को 50 लाख रुपये की सहायता, नौकरी और स्मारकों का नामकरण। उन्होंने अग्निवीर योजना के तहत लौटने वाले जवानों के लिए पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा भी दोहराई। युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ाएगा यह युद्ध स्मारक- सीएम मुख्यमंत्री ने युद्ध स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर वीर जवानों को सलामी दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल गोरखपुर के कूनराघाट क्षेत्र में रहने वाले हजारों पूर्व गोरखा सैनिकों के परिवारों को गौरव की अनुभूति कराएगी, बल्कि युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ाएगी। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में नया सैनिक स्कूल स्थापित किया गया है, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने 'नेशन फर्स्ट' के भाव पर जोर देते हुए कहा कि हर नागरिक के कर्तव्य निर्वहन से ही लक्ष्य प्राप्त होंगे। सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का प्रतीक बनेगा यह स्मारक- सीडीएस कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने गोरखा सैनिकों की वीरता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। 1886 में कुनराघाट में गोरखा रिक्रूटिंग डिपो की स्थापना हुई थी। प्रथम विश्व युद्ध में गोरखा सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाया और कम से कम 20 हजार शहीद हुए। 1925 में इस युद्ध स्मारक की स्थापना हुई। आज इसका नवीनीकरण हमारी दूरदर्शिता का प्रमाण है। सीडीएस चौहान ने योगी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह स्मारक सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का प्रतीक बनेगा। उन्होंने तीन कारणों से इसे महत्वपूर्ण बताया, पहला, गोरखा सैनिकों और भारतीय सेना के करीबी रिश्तों की पहचान, दूसरा, उनकी सदियों पुरानी निस्वार्थ सेवा और बहादुरी और तीसरा, भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता। सीडीएस ने कहा कि आज परिवर्तन का समय है। हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, लेकिन अतीत को भूलना नहीं चाहिए। गोरखा सैनिकों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणास्रोत है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगा।  संग्रहालय में क्या होगा खास यह संग्रहालय गोरखा रेजीमेंट की गौरवगाथा को डिजिटल रूप से प्रस्तुत करेगा। इसमें डिजिटल … Read more