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उत्तर प्रदेश: मुख्तार अंसारी की जमीन पर फ्लैट्स का वितरण, 72 परिवारों को मिली चाबी

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई प्राइम लोकेशन की जमीन पर बने फ्लैटों का उद्घाटन किया और 72 गरीब परिवारों को इसकी चाबी सौंपी. सीएम योगी ने इस कार्यक्रम को केवल आवंटन नहीं, बल्कि माफियाओं के लिए एक कड़ा 'संदेश' बताया. उन्होंने कहा कि जो माफिया किसी गरीब या सरकारी जमीन पर कब्जा करेगा, उसका यही हाल होगा.  1 करोड़ के फ्लैट ₹10.70 लाख में सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान माफियाओं और उनके समर्थकों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "ये लखनऊ की सबसे प्राइम लोकेशन है. एक आवास एलडीए ने 10 लाख 70 हजार में उपलब्ध कराया है, जबकि मार्केट रेट यहां पर एक करोड़ तक है."  उन्होंने चेतावनी दी, "ये उनके लिए संदेश है जो माफिया को शागिर्द बनाते हैं. उनकी कब्र में जाकर फातिहा पढ़ते हैं. अब उत्तर प्रदेश में ये नहीं कर पाएंगे." सीएम ने स्पष्ट किया कि माफिया किसी के नहीं होते, वे हर गरीब और व्यापारी का शोषण करते हैं. 'माफिया जिस भाषा में समझते हैं, उन्हें उसी भाषा में समझाया' सीएम योगी ने पुरानी सरकारों को घेरते हुए कहा कि पहले माफिया और पेशेवर अपराधी भारत के संविधान का अपमान करते थे और अपराध से छाती ठोंककर सरकारों को झुकाते थे. पूरे प्रदेश में हर जगह ये माफिया हावी थे. उन्होंने आगे कहा- लेकिन अब यूपी में कानून व्यवस्था का मॉडल बदल गया है. सीएम ने जोर देकर कहा कि "अब ये माफिया जिस भाषा में समझते हैं, उन्हें इसी भाषा में समझाया गया." उन्होंने माफियाओं से सहानुभूति रखने वालों को 'अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने' वाला बताया.  कुकरैल नदी के किनारे, वीआईपी इलाके में हैं फ्लैट आपको बता दें कि एलडीए ने माफिया मुख्तार अंसारी की खाली करवाई जमीन पर 72 फ्लैट बनवाए हैं, जिनकी मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लॉटरी कराई गई. लॉटरी में चयनित आवंटियों को सीएम योगी ने आज यानी कि बुधवार को स्वयं चाबी सौंपी. इस दौरान उन्होंने माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर बने आवासों के आवंटन को एक कड़ा संदेश बताया. सीएम ने कहा, "यह संदेश है गरीब की जमीन पर अगर किसी माफिया ने कब्जा किया तो उसका यही हाल होगा जो यहां किया और जो प्रयागराज मे हमने किया." योगी का सख्त का संदेश सीएम योगी ने माफिया समर्थकों को चेतावनी देते हुए कहा, "उन लोगों को संदेश है जो कब्र में जाकर फातिहा पढ़ते हैं. माफिया अब यूपी में नहीं कर पाएंगे." उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने माफिया की गिरफ्त में यूपी को लाया, वही लोग हैं जो जाति में बांटते हैं, जातीय नरसंहार करते हैं और सत्ता से हटने के बाद माफिया के लिए फातिहा पढ़ते थे." सीएम ने कहा कि कुकरैल नदी के किनारे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों का कब्जा था, जिसे हटाकर अब उपवन (पार्क) बनाया गया है.  

ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले

समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ महाभियान: अब तक 73 लाख ने दिए सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले कृषि, ग्राम विकास और शिक्षा से संबंधित विषयों में मिले सर्वाधिक फीडबैक सुझाव देने में जौनपुर, संभल और गाजीपुर जनपद रहे टॉप तीन में अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न लखनऊ ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047-समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान प्रदेश की विकास यात्रा की जानकारी साझा कर भविष्य के रोडमैप पर फीडबैक प्राप्त किया गया। महाभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 73 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं। शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास पर सर्वाधिक फीडबैक आयु वर्ग के अनुसार देखें तो 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से 36 लाख से ज्यादा, 31–60 वर्ष से 33.54 लाख से ज्यादा और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से 3.42 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं। प्राप्त सुझावों में सबसे अधिक कृषि (19.30 लाख से ज्यादा), ग्रामीण विकास (14.16 लाख से ज्यादा) और शिक्षा (16.42 लाख से ज्यादा) से संबंधित रहे। इसके अलावा उद्योग, आईटी, पर्यटन, समाज कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक राय दी गई। फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (7.42 लाख से ज्यादा) पहले, संभल (6.89 लाख से ज्यादा) दूसरे और गाजीपुर (3.37 लाख से ज्यादा) तीसरे स्थान पर रहे।  रोजगार, शिक्षा, न्यायिक सुधार और औद्योगिक निवेश पर ज़ोर महोबा के योगेश नायक जी ने सुझाव दिया है कि कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई प्रणाली और सोलर पंपों का उपयोग बढ़ाया जाए। छोटे किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी की सुविधाएँ स्थापित की जाएँ तथा पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए बीमा योजनाएँ शुरू की जाएँ।  फतेहपुर के प्रशांत कुमार जी का मानना है कि 2047 तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और शोध आधारित अध्ययन से छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा सकता है।  कुशीनगर के आदित्य मिश्र जी ने न्यायिक, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, कृषि, कर, बिजली, शहरी, जल प्रबंधन, औद्योगिक, श्रम और पर्यावरण क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, एआई-आधारित केस प्रबंधन, पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड, स्मार्ट ग्रिड और हरित बुनियादी ढांचे जैसे सुझाव शामिल हैं।  वहीं फर्रुखाबाद के रजत गुप्ता जी ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हरियाणा, तमिलनाडु और गुजरात की तरह बड़ी कंपनियों को आमंत्रित किया जाए ताकि लखनऊ और कानपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के माध्यम से प्रदेश को नई ऊर्जा, युवाओं को रोजगार और विकास को नई दिशा मिल सके। 51,000 से अधिक ग्राम सभाओं में बैठकें सम्पन्न प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष बैठकें और गोष्ठियां आयोजित की गईं। अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह महाभियान जनता की सहभागिता और सुझावों के आधार पर “विजन उत्तर प्रदेश 2047” डॉक्यूमेंट तैयार करने की दिशा में अग्रसर है।

गंगा तट पर सजेगा दिव्य दीपमाल: काशी में जलेगा 25 लाख दीप, गूंजेगी आतिशबाजी

वाराणसी। काशी के अर्धचंद्राकार घाट, कुंड और तालाब आज दीपों की आभा से जगमगाएंगे। 84 घाट, 96 कुंड और तालाबों पर 25 लाख दीप जगमग होंगे। देव दीपावली पर बुधवार को घाट दीपों की पंक्तियों से सजेंगे। अस्सी से नमो घाट तक आयोजन होंगे और कहीं लेजर शो, ग्रीन आतिशबाजी और रंगोली आकर्षण का केंद्र होगी। देव दीपावली का शुभारंभ सभी घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन से शाम 5:15 से 5:50 बजे तक होगा। इसके बाद प्रमुख घाट नमो घाट, दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सी घाट पर विशेष गंगा आरती शाम छह बजे से 6:50 बजे तक संपन्न होगी। चेत सिंह घाट पर दर्शकों के लिए तीन चरणों में प्रोजेक्शन व लेजर शो होगा। पहला शो शाम 6:15 से 6:45 बजे, दूसरा 7:15 से 7:45 बजे और तीसरा शो 8:15 से 8:45 बजे तक चलेगा। ललिता घाट के सामने रेती पर रात आठ बजे से 8:15 बजे तक ग्रीन आतिशबाजी होगी। पूरे आयोजन को लेकर सुरक्षा, सफाई और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घाटों और गलियों को सजाने के लिए पर्यटन विभाग ने नगर निगम से समन्वय स्थापित कर आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की है। गंगा तटों पर इस दौरान दीपों की रोशनी और आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी का संगम एक अलौकिक दृश्य रचेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन पर सजेगी दिव्य और हरित काशी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक देव दीपावली काशी की आत्मा और आस्था का उत्सव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आज काशी अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी उदाहरण बन रही है। हमारा लक्ष्य है कि श्रद्धालु इस पावन पर्व पर न केवल दिव्यता का अनुभव करें, बल्कि ‘स्वच्छ, हरित और विश्व स्तर की काशी’ के संदेश को भी महसूस करें। देव दीपावली पर खास     दशाश्वमेध और राजघाट पर ऑपरेशन सिंदूर की विशेष झलक     घाटों पर नारी सशक्तीकरण थीम के तहत विशेष सजावट     बूंदी परकोटा पर भगवान बुद्ध, जैन घाट पर अहिंसा परमो धर्मः और गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव थीम पर सजावट     घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन के लिए 83 समितियां होंगी शामिल     गंगा पार रेत पर भी दीप प्रज्ज्वलन होगा     हेरिटेज स्टोरी टेलिंग सत्र का आयोजन     ग्रीन आतिशबाजी का भव्य आयोजन  

गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी

गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री योगी 556वें प्रकाश पर्व पर बोले योगी आदित्यनाथ- जब देश विदेशी आक्रांताओं से कांप रहा था, तब गुरु नानक देव जी ने समाज को आध्यात्मिक शक्ति और एकता का संदेश दिया गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी मुश्किल समय में भी उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया: मुख्यमंत्री भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा: सीएम जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सिख पंथ के संस्थापक एवं प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व पर राजधानी लखनऊ के डीएवी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के सम्मान में अपना शीश नवाया और दर्शन किए। समारोह में कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी भारत के एक उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष थे, जिन्होंने 500 वर्ष पहले समाज के संगठन, समानता और सेवा का जो संदेश दिया, वही आज भारत की सामाजिक व्यवस्था की नींव है। सीएम योगी ने कहा कि उस काल में जब देश बाबर जैसे विदेशी आक्रांताओं की बर्बरता झेल रहा था, जब मंदिर तोड़े जा रहे थे, आस्था पर प्रहार हो रहे थे, तब भी गुरु नानक देव जी बिना भय, बिना दबाव समाज को मार्गदर्शन दे रहे थे। उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया। भारत के संतों ने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी की आध्यात्मिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा। योगी ने कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया। यही भारत की संत परंपरा की शक्ति थी। समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जब कुछ क्षेत्रों में धर्मांतरण जैसी गतिविधियां दिखाई देती हैं, तो हमें सिख पंथ की मूल भावना — एकता, संगठन और सेवा — को और सशक्त करना होगा। योगी ने कहा कि अगर कहीं कोई कमी है, तो हमें उसे दूर करना होगा। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने जब खालसा पंथ की स्थापना की, तब उन्होंने समाज के हर वर्ग को जोड़ा। उसी भावना को हमें फिर से जीवंत करना होगा। मजबूत रहेंगे तो हर कोई आस्था का सम्मान करेगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हम मजबूत रहेंगे, तो हर कोई हमारी आस्था का सम्मान करेगा। सिख गुरुओं और महापुरुषों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई दी और कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमारे जीवन और समाज को दिशा देती रहें।

माफियाओं को सीएम योगी ने दी चेतावनी, कहा- अवैध कब्जा कर समाज को डराने-धमकाने का काम करोगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे

  सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को देना होगा हिसाब- सीएम योगी – माफियाओं को सीएम योगी ने दी चेतावनी, कहा- अवैध कब्जा कर समाज को डराने-धमकाने का काम करोगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे – सीएम योगी ने लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को दिए फ्लैट – मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से की मुलाकात, उन्हें गृह प्रवेश का सामान किया भेंट – सीएम योगी ने नन्हीं बच्चियों को गोद में लेकर दुलारा और बांटे चॉकलेट, आवास परिसर में किया वृक्षारोपण – वर्षों इंतजार के बाद लखनऊ में अपना आवास पाकर भावुक हुए लाभार्थी, जताया सीएम योगी का आभार – ग्राउंड प्लस थ्री स्ट्रक्चर के 3 ब्लॉक में 36.65 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाए गए 72 फ्लैट – माफिया को गले लगाने वाले विपक्षी गरीबों के हक पर डकैती डालती हैं- सीएम योगी – प्रदेश में जातीय नरसंहार कराने वाले व अपहरण उद्योग चलाने वाले अब माफिया की कब्र पर पढ़ते हैं फातिहा – सीएम योगी ने कहा- यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है, यहां विकास भी है और विरासत का सम्मान भी है – सभी 75 जिलों में खुलेगा ‘सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉयमेंट सेंटर’, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ेगी सरकार- सीएम योगी लखनऊ कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना का लोकार्पण किया। जियामऊ, डालीबाग स्थित एकता वन में आयोजित भव्य समारोह में सीएम ने दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को फ्लैट के आवंटन पत्र वितरित किए। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि यह केवल आवास वितरण नहीं, बल्कि संदेश है कि माफिया से छीनी गई भूमि पर गरीबों का आशियाना बनेगा। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो माफिया को शागिर्द बनाते हैं, उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं, वे गरीबों का शोषण करवाते हैं। अब यूपी में ऐसा नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर कोई गरीबों की जमीन पर कब्जा करेगा, अगर कोई सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करके समाज को डराने-धमकाने का काम करेगा, तो लेने के देने पड़ जाएंगे। यह सरकार जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यही नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, जहां विकास के साथ धर्म, संस्कृति और परंपरा का संगम है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से मुलाकात की, उन्हें गृह प्रवेश का सामान भेंट किया, नन्हीं बच्चियों को गोद में लेकर दुलार किया और चॉकलेट बांटी। इस दौरान आवास परिसर में सीएम योगी ने वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को कार्तिक पूर्णिमा की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज लाखों श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर, टिकरी, सुखतीर्थ, बदायूं, प्रयागराज, काशी, अयोध्या में स्नान कर पुण्य लाभ ले रहे हैं। काशी में सायं देव दीपावली पर देवता दीप जलाएंगे। इस पावन अवसर पर लखनऊ में माफिया से मुक्त भूमि पर लाभार्थियों को आवास देना सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि इस प्राइम लोकेशन पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 10.70 लाख में फ्लैट दिए, इसकी कीमत बाजार में करीब 1 करोड़ रुपये है। जिन पात्र लोगों को अभी आवास नहीं मिला है, उनके लिए नई आवासीय स्कीम लाएगी सरकार उन्होंने कहा कि 8000 आवेदनों में 5700 आवदेन योग्य लोगों का था, इसमें से 72 को पहले आवंटन मिला है। मुख्यमंत्री ने सभी 72 लाभार्थियों को आवास की सुविधा मिलने पर उन्हें और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि इन लोगों को अब अपना सिर उठाकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है। यह प्रधानमंत्री आवास योजना से कवर होगा तो यह और सस्ता व लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में कितना सुंदर वातावरण बना है, कितने अच्छे पार्क विकसित हो चुके हैं। सरकार चाहती है कि हर नागरिक खुशहाली से अपना जीवन व्यतीत करे और प्रदेश के विकास में भागीदार बने। सीएम योगी ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है अब यह अभियान पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा ताकि हर गरीब, हर जरूरतमंद को उसका सम्मानजनक आवास मिल सके। 2017 से तय किया था कि यूपी की नकारात्मक छवि बदलेंगे- सीएम योगी माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से तय किया था कि यूपी की नकारात्मक छवि बदलेंगे। अपराध-अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करेंगे। 8.5 वर्षों में बिना रुके, बिना झुके माफियाओं पर कार्रवाई की। माफिया संविधान का अपमान करते, कानून का मजाक उड़ाते, अधिकारी भी उनके सामने झुक जाते थे। यही नहीं पूर्व सरकारें भी ऐसे माफियाओं के सामने घुटने टेकती थीं। उन्होंने कहा कि पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण, बुंदेलखंड क्षेत्र और हर जगह माफिया हावी थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। माफियाओं को संरक्षण देने वालों को सीएम योगी ने चेताया सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जीरो टॉलरेंस की नीति ने इन माफियाओं की कमर तोड़ दी। सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो माफिया को सहानुभूति देते हैं, वे प्रदेश की क्षति कर रहे हैं। जालिम माफिया किसी के नहीं हैं इनसे गरीब, शोषित, व्यापारी, बहन-बेटियां सब असुरक्षित हैं। सरकार ऐसे माफियाओं और उन्हें प्रक्षय देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी। विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो लोग माफियाओं को शागिर्द बनाते थे और गरीबों का शोषण करवाते। आज उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज माफियाओं की कब्जे वाली संपत्ति जब्त कर गरीबों को घर बनवाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में अबतक 60 लाख गरीबों को आवास दिए हैं। इसके आलवा निवेश 15 लाख करोड़ जमीनी, 5 लाख पाइपलाइन, 45 लाख कुल। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश है। दंगे खत्म हुए और आज हर पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा है। दुनिया भर से उद्यमी निवेश को तैयार हैं। उन्होंने का कहा कि एकता वन सरदार पटेल को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि कुकरेल-गोमती तट से माफिया मॉल हटाए, सौमित्र वन बनाया गया। घुसपैठिए-रोहिंग्या को हटाए गया। सभी 75 … Read more

यूपी चुनार में बड़ा रेल हादसा, ट्रैक पार कर रहे श्रद्धालुओं पर चली ट्रेन

मिर्जापुर देव दीपावली के मौके पर वाराणसी में गंगा स्नान करने जा रहे श्रद्धालु चुनार रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पार करते वक्त ट्रैन की चपेट में आ गए. इस हादसे में 8 महिला यात्रियों की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक सभी चोपन से वाराणसी जा रही थीं. सभी पैसेंजर ट्रेन से चुनार पहुंचे थे. वहां से वाराणसी के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे ट्रैक क्रॉस कर रहे थे. फ़िलहाल RPF के जवानों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया है. जानकारी के मुताबिक चोपन से चुनार पहुंची पैसेंजर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़ी थी. जिससे उतरकर यात्री वाराणसी जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज की जगह ट्रैक क्रॉस करने लगे.  तभी ट्रैक से गुजर रही कालका एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गईं. बताया जा रहा है कि इस हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है. जबकि कई अन्य घायल हैं. सभी महिला श्रद्धालु देव दीपावली के मौके पर वाराणसी में गंगा स्नान के लिए जा रहे थे. शवों के चीथड़े उड़े कालका एक्सप्रेस के चपेट में आए श्रद्धालुओं के चीथड़े उड़ गए. जिसे देख मौके पर भगदड़ की स्थिति हो गई, मृत लोगों के परिजनों में कोहराम मच गया. चारों तरफ चीफ पुकार मच गई. जानकारी मिलते ही एसडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना का जायजा लिया. पैसेंजर ट्रेन से पहुंचे थे चुनार स्टेशन पर मिर्जापुर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के कमरिया गांव निवासी सविता (उम्र 28 वर्ष) पत्नी राजकुमार, साधना पुत्री विजय शंकर (उम्र 16 वर्ष), शिवकुमारी पुत्री विजय शंकर (उम्र 12 वर्ष), अंजू पुत्री श्याम प्रसाद (उम्र 20 वर्ष), पडरी निवासी सुशीला देवी (उम्र 60 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय मेवालाल और सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के बसवा गांव निवासी कलावती देवी (उम्र 21 वर्ष) पत्नी जनार्दन चोपन प्रयागराज पैसेंजर से चुनार स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर उतरे थे। फुट ओवरब्रिज की बजाए ऐसे की ट्रैक पार करने की कोशिश पुलिस के मुताबिक फुटओवर ब्रिज की बजाय सभी श्रद्धालु रेलवे ट्रैक पार कर तीन नंबर प्लेटफार्म पर जा रहे थे। इसी बीच पीडीडीयू जंक्शन की तरफ से मिर्जापुर जा रही तेज रफ्तार कालका मेल आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से सभी श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। परिवारीजनों के मुताबिक सभी गंगा स्नान करने चुनार घाट जा रहे थे। मौके पर पहुंचे परिवारीजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। CM योगी ने जताया दुख चुनार रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे का संज्ञा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर इलाज मुहैया करवाई जाए.

केशव मौर्य बोले: 2047 तक मोदी-योगी की जोड़ी अटूट, पीएम-सीएम की सीटें फुल!

मुजफ्फरपुर  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को महागठबंधन को निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि 2047 तक प्रधानमंत्री और बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम देश की सेवा कर रहे हैं और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। इसलिए महागठबंधन अब ख्वाब देखना छोड़ दे। आईएएनएस से बातचीत में यूपी के डिप्टी सीएम ने कहा कि 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आएंगे। एनडीए भारी बहुमत से फिर एक बार सरकार बनाएगा और नीतीश कुमार ही हमारे मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव के सीएम पद की शपथ लेने वाले बयान पर पलटवार किया और कहा कि सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन यह सपने पूरे नहीं होंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव यही कहते रहते हैं कि बिहार की जनता उन्हें सीएम बनाना चाहती है। लेकिन 2020 में जो माहौल था, वह 2025 में आधा भी नहीं है। किस बलबूते जीतेंगे? मौर्य ने दावा किया कि 14 नवंबर को परिणाम आएंगे और नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। पहले चरण के मतदान से पहले अंतिम दिन चुनावी प्रचार को लेकर मौर्य ने दावा किया कि 6 नवंबर को पहले चरण के मतदान में एनडीए भारी अंतर से जीतेगा। महागठबंधन, राजद, कांग्रेस और कंपनी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा, मुझे इसका पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग, चाहे गरीब हो या अमीर, किसान हो या नौजवान, महिला हो या पुरुष, गांव का निवासी हो या शहर का, सबका समर्थन एनडीए उम्मीदवारों के साथ है। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर बिहार की जनता का अटूट भरोसा है। यही भरोसा जीत में बदल जाएगा। विकसित बिहार के विजन पर बोलते हुए मौर्य ने कहा कि विकसित बिहार बनाने, पलायन रोकने, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एनडीए सरकार फिर से काम करेगी। बता दें कि पहले चरण की सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना है। 11 नवंबर को दूसरे चरण के लिए वोटिंग है और 14 नवंबर को चुनावी परिणाम घोषित किए जाएंगे।

ताजमहल में बाल विदुषी ने किया शिव तांडव पाठ, वायरल वीडियो पर मचा बवाल

आगरा विश्व धरोहर ताजमहल एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वायरल हो रहा है। जिसमें एक बाल विदुषी को ताजमहल के अंदर ‘शिव तांडव स्तोत्र’ का पाठ करते हुए नजर आ रही है। वहीं, वीडियो के वायरल होने के बाद ताजमहल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे असली इतिहास का संदेश बताते हुए समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे विरासत स्थल के नियमों की अनदेखी मान रहे हैं। बॉलीवुड फिल्म द ताज स्टोरी के समर्थन में बाल विदुषी लक्ष्मी ने यह वीडियो बनाया है। जिसमें वह कहते हुए नजर आ रही है, ‘ताजमहल नहीं, तेजोमहालय है।’ वीडियो के वायरल होने के बाद एएसआई (Archaeological Survey of India) के अधिकारियों में भी हलचल है। ताजमहल परिसर में धार्मिक गतिविधि को लेकर सुरक्षा और नियमों की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल एएसआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब और कैसे शूट किया गया। मेटा पर शेयर किया वीडियो बाल विदुषी लक्ष्मी ने युवती ने मेटा (फेसबुक) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘आप सभी लोग ज़्यादा से ज़्यादा फिल्म द ताज स्टोरी देखें और अपने इतिहास को जाने वर्तमान में जो ताजमहल है वो तेजोमहालय था, जिसकी सच्चाई सामने एक दिन ज़रूर आएगी बीते दिनों अपने जन्मदिन के अवसर पर जीवन में प्रथम बार मैं ताजमहल तेजोमहालय गई थी स्वास्थ्य खराब होने की वजह से ये वीडियो अपलोड नहीं कर पाई, अब मेरी आप सभी से यह अपील है कि इस फिल्म को ज़्यादा से ज्यादा देखें और हिट करवाएं!’ हिंदू संगठनों ने युवती का किया समर्थन ताजमहल के अंदर शिव तांडव पाठ को लेकर हिंदूवादी संगठनों, संत-साधु और धार्मिक नेताओं ने बाल विदुषी के समर्थन में किया है। वीडियो जारी करते हुए कई प्रमुख संतों ने इसे सनातन संस्कृति के जागरण की शुरुआत बताया है। महंत मोहिनी बिहारी शरण जी महाराज सहित कई संतों ने बाल विदुषी लक्ष्मी की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘एक नाबालिग बालिका ने भारत की असली पहचान को दुनिया के सामने रखा है।’ वहीं कुंवर अजय तोमर ने कहा, ‘बाल विदुषी ने सच्चाई का बिगुल बजाया है, अब इतिहास को छिपाया नहीं जा सकेगा।’

उत्तर प्रदेश में SIR सर्वे की शुरुआत! अधिकारी घर-घर जाकर करेंगे डेटा कलेक्शन

लखनऊ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत उत्तर प्रदेश में मंगलवार से अगले एक महीने तक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना पत्र उपलब्ध कराएंगे और मतदाताओं को ये प्रपत्र भरने में मदद करेंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ चार नवंबर से आगामी चार दिसंबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) उपलब्ध कराएंगे। बीएलओ गणना प्रपत्र की दो प्रतियां मतदाताओं को उपलब्ध कराएंगे और इसे भरने में भी मदद करेंगे। बीएलओ मतदाताओं द्वारा भरे हुए गणना प्रपत्र एकत्र करेंगे और उसकी रसीद देंगे। आयोग ने मतदाताओं से अनुरोध किया है कि वे गणना प्रपत्र भर कर और उस पर हस्ताक्षर करके जल्द से जल्द अपने बीएलओ को उपलब्ध कराएं। मतदाता गणना प्रपत्र की दोनों प्रतियों को भरें, अपनी नवीनतम तस्वीर लगाएं और हस्ताक्षर करें। आयोग के मुताबिक, मतदाता निर्वाचन आयोग पोर्टल से भी अपना गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आयोग के अनुसार, निर्वाचक नामावली का प्रकाशन आगामी नौ दिसंबर को होगा जिस पर अगले साल आठ जनवरी तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। नोटिस, सुनवाई और सत्यापन एवं निस्तारण का काम नौ दिसंबर से अगले साल 31 जनवरी तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन अगले साल सात फरवरी को किया जाएगा।  

UP में किसानों के लिए खुशखबरी: योगी सरकार ने दी 1% रिकवरी छूट, भारी फायदा राइस मिलों को भी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘नॉन-हाइब्रिड' (मोटे) धान पर एक प्रतिशत की ‘रिकवरी' छूट की मंगलवार को घोषणा की जो ‘हाइब्रिड' धान पर पहले से दी जा रही छूट के समान है। यह धान से चावल निकालने की प्रक्रिया में होने वाले अनाज की ‘रिकवरी' (उपज) पर सरकार द्वारा दी गई रियायत या छूट। इससे राज्य के करीब 15 लाख किसानों को फायदा होगा। वहीं राजकोष पर 166 करोड़ रुपये का भार बढ़ेगा।  प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यहां पत्रकारों से कहा कि जब ‘हाइब्रिड' धान से चावल निकाला जाता है तो केंद्र सरकार के मानदंडों के अनुसार ‘रिकवरी' दर 67 प्रतिशत होती है। उत्तर प्रदेश सरकार हालांकि पहले से ही ‘हाइब्रिड' धान की ‘रिकवरी' पर तीन प्रतिशत की छूट दे रही है और इस छूट पर सालाना लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च करती है। खन्ना ने कहा कि यही लाभ अब मोटे धान पर भी लागू किया जाएगा जिसमें एक प्रतिशत की ‘रिकवरी' छूट दी जाएगी।  खन्ना ने कहा, ‘‘ इस (छूट) पर 166 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे राज्य के लगभग 15 लाख चावल उत्पादक किसानों को लाभ होगा।'' उन्होंने कहा कि इससे मंडियों में किसानों को धान का बढ़ा हुआ भाव मिलेगा। इससे किसानों को सीधा-सीधा फायदा होगा। यह निर्णय किसान व मजदूर हित के साथ-साथ धान मिल संचालकों के भी हित में है। कुल मिलाकर इससे पूरे उद्योग को बल मिलेगा। उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद जारी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर से जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर से यह खरीद शुरू की गई थी।